सेक्सी रोमांस बीएफ

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लगभग 5 मिनट तक चूत के आस पास मसाज करता रहा क्योंकि चूत के आस-पास मसाज करने से औरतों को बहुत सुकून मिलता है और उन्हें मजा भी आता है. हेअर कट फोटोनिशा- क्या तुम उनसे चुदवाती भी हो?मैंने कहा- हां, मेरी चूत की खुजली तो उन्हीं मस्त लड़कों के लंड से मिटती है.

वो सोच रहा था कि अगर लोग सोचते हैं कि वह पद्मिनी को चोदता है, तो उसको चोदना ही चाहिए. चोदा चोदी खेलने वाला वीडियोतब उन्होंने मुझसे कहा- आरव जी, मैं आज अपना सब कुछ तुम्हें दे रही हूँ, इसके बदले में मुझे एक चीज़ दे देना.

फिर शाजिया अप्पी को ब्लैकमेल करूँगा कि वह चच्ची को ले के कहीं बाहर टहल आयें रिश्तेदारी में। या सुहैल समेत तुम्हारे ननिहाल ही हो आयें.सेक्सी रोमांस बीएफ: मैंने निशाना लगाया, पर उनकी चूत छोटी होने की वजह से मेरा लंड फ़िसल गया.

इस तरह से 10-15 मिनट के बाद जब उसका वीर्य लंड से निकलने वाला था, तो लंड और ज्यादा अकड़ गया.इसी घमासान में आख़िर लंड का पसीना छूट गया और वो ढीला होकर बाहर आ गया.

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मुझे उसने बताया कि वो मुझसे सेक्स करना चाहता है और वो मुझसे मिलने के लिए बोलने लगा.खैर चाची तो यह भी नहीं जानती थीं की ये है कौन और ना मैडम को पता कि इतनी भीड़ में चाची कौन?लेकिन जब मैं सुकून से कहीं बैठा होता तो अगल बगल से किसी खजैले कुत्ते की तरह देखतीं.

पूजा को छिपा कर मैंने भाभी को बोला- मैं नहा रहा हूँ भाभी, पूजा यहाँ नहीं है. सेक्सी रोमांस बीएफ वह उसको रोकना चाहता था, उसका दिल कर रहा था कि आज वो उसको स्कूल नहीं जाने दे और पूरा दिन उसके साथ कमरे में बिस्तर पर बिताए.

इस तरह से वे दोनों अपनी चुदास की मस्ती में न जाने क्या क्या बड़बड़ाते हुए एक दूसरे को चूमते चाटते रहे और न ज़ाने क्या क्या बोले जा रहे थे.

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मैं- मतलब आपको रफ़ सेक्स पसंद है?सुकन्या- केवल पसंद होने से क्या होता है?मैं- तो जल्दी समय निकालिये न, प्रैक्टिकल भी हो जायेगा. जब वो थोड़ी नार्मल हुई तो और एक झटके के साथ पूरा लन्ड उसकी चुत में उतार दिया, उसकी चीख अंदर ही रह गई और वो रोने लगी, उसकी चुत से खून आ रहा था तो मैं थोड़ा देर रुक गया, और जब वो नार्मल हुई तो फिर अपना लन्ड अंदर बाहर करने लगा. तब मैंने अगला शब्द ‘आई लव’ लिखा और इस शब्द के बाद उसने चुप्पी साध ली और ना समझने का नाटक करने लगी.

मैंने कभी किसी को फ्रिन्च किस तो किया नहीं था पर धूम-2 में देखा जरूर था तो मैंने ठीक वैसे ही करने की कोशिश की और लगभग 15 से 20 मिनट या शायद उससे भी ज्यादा देर तक हमने किस किया. उस दिन सुबह जब पापा दादाजी को दुकान छोड़ने गए और दादी नीचे काम कर रही थीं. मैंने कहा- अरे क्या हुआ?उन्हें मैंने अपने से अलग किया और गोद में उठा कर बिस्तर के शुरुआती वाले सिरे पे बिठा दिया.

आज उसने जो पैंट पहनी थी वह इतनी टाइट थी कि उसमें से उसकी जांघों के बीच उसकी चूत साफ उभरी हुई दिखाई दे रही थी. मम्मों को पकड़ कर इतना दबाओ की लड़की के मम्मों पर दबाने वाले का हाथ छाप जाए. फिर मैंने धीरे से व्यवस्था बनाकर अपना हाथ उनकी मैक्सी के अन्दर डाल दिया और चाची की चूचियाँ दबाते हुए उनके निप्पल खोजने लगा.

चुदाई की कहानियां पढ़कर मुझे लगा कि मैं भी अपना अनुभव आप लोगों से शेयर करूँ. एक दिन मैं ऑफिस जा रहा था, तभी मैंने मौका देखा और उनके कमरे में घुस गया.

आरुषि भी अब गांड चुदाई का मज़ा लेने लगी थी, क्यूंकि अब उसके मुख से दर्द से कराहने की बजाए मस्ती और चुदाई के मज़े की ‘आह ओह… आह… ओह…’ निकल रही थी और कोई फिर 10 मिनट के बाद मैं भी उसकी गांड में ही झड़ गया.

मैं बोला- रीनू, ये क्या कर रही हो?तब रीनू ने पुरानी बात बतानी शुरू करी:भैया, हमारे घर में सिर्फ एक ही कमरा हुआ करता था.

मैं उसको हाथ लगा कर पकड़ने लगी, मगर मेरे हाथ लगाते ही उसमें बिजली का करंट दौड़ने लगा और उसका लंड एकदम से खड़ा होने कर झटके मारने लगा. यह नजारा फिल्मों की वजह से मेरा देखा भाला था और उस वक्त मेरे लिये बाकी नजारे से ज्यादा खतरनाक था।रगों में खून चटकने लगा. मैं आपको एक बार करने के लिए 3000 की फीस दूँगा और अगर पूरी रात रहोगी तो 7000 दूँगा.

वह बोला- एक बार और!मैं बोली- अभी नहीं, आज ही सारी कसर निकालनी है क्या? अब तो रोज ही चुदाई करनी है, अब मैं बहुत थक गई हूं और मेरी चूत में जलन भी हो रही है, इतना लंबा और मोटा पहली बार लिया है मेरे पति का तो बहुत छोटा और पतला है. उधर वो इस कदर तड़फ रही थी कि मुझे समझ ही नहीं आ रहा था कि साली लंड चूसने में तो माहिर लग रही थी, लेकिन अभी तक सील पैक निकली. और अचानक एक जोर का झटका लगाया और लंड का टोपा उसकी चूत में पेल दिया.

दोनों ही वीर्य को अन्दर गटक गईं और बड़े मजे से आपस में किस करते हुए शरीर पर गिरी हुई एक एक बूंद वीर्य को पूरा चाट गईं.

अभी उनकी जवानी को सोच ही रहा था, कि वो बता रही थी- हम दोनों माँ बेटी साथ में योगा करने जाती हैं. फिर दो मिनट बाद मॉम ने कहा- बेटा अब तो तू खुश है?मैंने कहा- नहीं मॉम अभी मन नहीं भरा. मनोहर बोला- दिनेश, तू वन्द्या के मुँह में अपना लौड़ा डाल के मुँह की जबरदस्त चुदाई कर.

अन्तर्वासना सेक्स स्टोरीज पढ़ने वाले मेरे सभी दोस्तों को मेरा नमस्कार. मैंने कहा- मुँह से मत चूसो, मुझे पेशाब करनी है, वीर्य नहीं निकालना है. वह देखना चाहता था कि पद्मिनी कैसे गुसलखाने से बाहर निकलेगी, क्या पहनकर आएगी और उसको कौन सा हिस्सा उसके जिस्म का दिखेगा.

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इधर मेरा लंड उन तीनों हसीनाओं को देखकर मेरे पजामे में ऐंठ ऐंठ कर टेंट बना रहा था. इस कारण मुझे उस टाइम ऐसा लगता था कि शायद मेरे लंड के नसीब में कोई छेद ही नहीं लिखा है.

सेक्सी रोमांस बीएफ मैंने इस बार थोड़ा ज़ोर लगाकर उसका टॉप उपर किया, उसके बूब्स अपने मुँह में ले लिए. मेरी मौसी की चुत चुदाई कहानी के पहले भाग में आपने पढ़ा कि मौसी हमारे घर रहने आई थी एक सप्ताह के लिए क्योंकि मेरे घर में कोई नहीं था.

सेक्सी रोमांस बीएफ कुछ देर बाद उसको अपने आप पर कंट्रोल किया और अपने आपको मुझसे अलग करके दूर हो गई. दीदी ने अपनी जीभ को जीजा के लंड के सुपारे पर फेरी और तभी जीजा ने अपने मुँह में भरी दारू अपने लंड पर गिरा दी, जिससे दीदी को लंड के साथ दारू का मजा भी मिलने लगा.

कई बार ऐसे समय में मेरा मूत भी निकल जाता था मगर वो मुझे उठने नहीं देता था और मेरा मूत भी हजम कर लेता था.

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फिर अपनी जीभ से उसकी दोनों जांघों के दरमियान वाला नाज़ुक हिस्से को हल्के हल्के चाटना शुरू किया. मैंने दीदी के मम्मों को दबाना शुरू किया तो उन्होंने मेरे लंड को पकड़ लिया. वैसे ये उत्कर्ष भी ज्यादा देर नहीं चला, क्योंकि जल्दी ही मैं उसकी गांड मारने लगा, दोनों हमारे मेहमान मेरी पत्नी का मुंह चोदने लगे.

होली वाले दिन उसने अपनी तीन सहेलियों के साथ मिल कर अपने युवा नौकर से भांग बनवा कर पी ली और सबको चढ़ गयी. फिलहाल तो तुम इनसे निपटो।तो मैंने उन दोनों से हाथ मिलाया और दोनों का परिचय पूछा. फिर मैं उसकी चुत को धीरे धीरे टच करने लगा और मम्मों को भी चूसने लगा.

दीदी मुझे मुक्का मारते हुए बोली- साले, मेरी चूत में बहुत दर्द हो रहा था.

मेरे ऐसा करने से वो तड़प रही थी और मुँह से आवाजें निकाल रही थी- आआह. मैं पलंग पे बैठ कर सोचने लगा कि आज मैं ख़ुशी दीदी को अपने दिल की बात कह दूंगा. मुझे बाद में बिंदु ने बताया कि उसको उसने अपने कमरे में बुला कर कहा कि तुम ज़रा टीवी देखो, मैं अभी आती हूँ.

उसके कंधे तक काले बाल और उनमें से पानी की टपकती बूंदें, गुलाबी होंठ, उन पर चमकता हुआ पानी. यह कहकर मॉम ने अपना एक दूध का थन पकड़ कर और एक हाथ से नवीन का सर पकड़ कर अपना चूचा उसके मुँह में ठूंस दिया और जैसे ही नवीन ने मॉम का निप्पल चूसना शुरू किया, मॉम आह. ”उसने लिफ्ट रोक दी और वो भी पूरा जोर लगा लगा कर मुझे जी भर कर आधा घंटा पेलता रहा.

तभी काजल दीदी और कविता ने मेरे लंड और पोते लपक लिए और बड़े मजे से चूसने लगीं. इस तरह से उसे पूरा सेक्स चढ़ गया तब उसने कहा- मैं तुझे सब दूंगी लेकिन मुझसे शादी करनी होगी!मैंने भी पूरे सेक्स में होने की वजह से कहा- ठीक है!उसके बाद वो तो पागलों की तरह मुझे पकड़ कर किस करने लगी.

उस रात को मैं ये देख कर अपने कमरे में आया और सोचा कि बहन को लौड़े की ज़रूरत है, मुझे घर पर हो रहे रोज़ के कलेश को भी खत्म करना था, तो मैंने सोचा कि बहन की चुत की खुजली मिटानी पड़ेगी. अब उससे कंट्रोल नहीं हो रहा था, वो अपनी चुत को सलवार के ऊपर से ही मेरे लंड के ऊपर मसल रही थी. तब जाके पता चला कि वहाँ की लड़कियाँ पैसे लेकर चुत चुदाई करने के लिए तैयार रहती हैं.

मुझे ख़ुशी हुई, मैंने खड़े होकर दीदी को इशारा किया कि यहां जगह खाली है, आ जाओ.

उसने उसी दिन मुझे अपने घर बुला लिया, मैं भी घर से रेडी होकर, लंड चिकना करके गया था कि शायद दोनों चुत आज मिलेंगी. बापू उसके आँसू पोंछते हुए उसकी चूचियाँ दबाता रहा और होंठ चूसता रहा. कभी वो हमारे सीने पे चढ़ के चूसने चाटने लगती, कहीं हम उसके दूध पीने चाटने लगते।कहीं वह नीचे जाकर आर हमारे लिंग चाटने लगती तो कहीं मैं उसकी योनि में मुंह डाल कर उसकी कलिकायें खींचता तो कहीं उसके भगान्कुर को तो कभी नितिन उसकी योनि में मुंह डाल देता।और यूँ ही हम तीनों आग हो कर सुलगने लगे।अब डालो.

फिर आरुषि ने मेरी बनियान उतारी और मेरी छाती को चूमते हुए नीचे लंड पर हाथ फिराने लगी, फिर उसने मेरे अंडरवीयर को खोलते हुए लंड को हाथ में पकड़ा और टोपे को नंगा करके उस पर जीभ फिराने लगी. आप आकर कह देना कि मैं वन्द्या को ड्रेस दिलवाने ले जा रहा हूं फिर घर पहुंचा दूंगा।सुरेन्द्र जीजा बोले- अब आप के लिए कल का पूरा कार्यक्रम रद्द करना पड़ेगा, चलो ठीक है परसों तैयार रहना अपनी मनपसंद ड्रेस के लिए… मैं सुबह नौ से दस के बीच आ जाऊंगा।मैं सच में खुश हो गई कि परसों मुझे मेरे पसंद की ड्रेस मिलेगी.

क्या अपने पिता का प्यार स्वीकार करेगी? क्या एक पढ़ने जाने वाली लड़की पढ़ी लिखी ऐसे बेहूदा बात को मानेगी? बग़ावत कर बैठी तो?? क्या करेगा बापू तब? उसको हमेशा के लिए खो देगा. जब दीदी पेशाब करने के लिए बैठी, तो पहली बार मैंने दीदी की नंगी चुत को देखा. इसके कुछ देर बाद मैंने थोड़ी देर तक भाभी से अपना लंड चुसवाया और जब मेरा लंड वापस तन गया तो मैंने फिर से भाभी को चोदा.

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इस बीच मैंने सोचा क्यों न कुछ मजे किये जायें!हमारे ऊपर कम्बल तो था ही इस बात का फायदा उठाते हुये मैंने अपना एक हाथ उसके पीछे से घुमा कर उसकी कमर पर रख दिया.

जब वो जा रही थीं तो तेरा सारा ध्यान उनकी ऊपर नीचे होती हुई गांड पर था. मैंने जैसे अपने दोस्त की गर्लफ्रेंड की तरफ देखा तो वो बोली- चलो अब तुम भी मुझे एक बार कर दो!तब मैंने कहा- जान रात बहुत हो चुकी है, घर भी जाना है. फिर उसके चूत के दोनों लिप्स को पकड़ कर, उसे ऊपर करके उस पर अपनी जीभ को फेरने लगा.

मैंने अब तक कई लड़कियों को चोदा है, पर जो मज़ा अपनी बहन के साथ आ रहा है, ऐसा अब तक किसी के साथ नहीं आया. मेरी पहली कहानीबीवी की चुदाई मोटे लंड से करवाईआप सबने बहुत पसंद की और अभी तक मुझे मेल आ रहे हैं. मेहंदी कैसे बनाते हैं दिखाइएउनके मम्मे ब्लाउज में इस कदर कसे हुए थे, मानो एकदम से बाहर आने को मचल रहे हों.

अब हम कभी कभी मिलने लगे, वो अपने बारे में बताती, अपनी पढ़ाई के बारे में कहती. पर मैं बहुत परेशान थी क्योंकि मैंने अपने पति के अलावा किसी को अपने पास भी नहीं आने दिया.

मगर जबसे बाप ने टीचर वाली बात सुनी और लोगों की बातें सुनी तो गौर से पद्मिनी को देखने के बाद, उसके प्यार ने किसी और प्यार का रुख ले लिया. मैंने कहा- तुम ही इसे बाँध कर मुझे आज चोदना, मैं तुम्हें कल चोदूँगी. मैं पूरी नंगी तो पहले ही हो जाती थी, और वो भी शरीर का कोई भी अंग बिना किस किए हुए नहीं छोड़ता था.

मैंने धीरे धीरे लंड बाहर निकालने का नाटक किया और जैसे ही लंड 3 इंच बाहर आया, मैंने एक और धक्का मार कर पूरा लंड उसकी चुत में पेल दिया. जीजा अब मेरी चूत चाटने भी लगे, जिसकी वजह से अब मुझसे खड़े रह पाना मुश्किल हो गया, मैं बोली- अंकल. फूफा जी का हाथ भी मेरी कमर पर आ गया और वो भी मेरे चुम्बन का साथ देने लगे और मेरी जीभ को अपने मुँह में लेकर चूसने लगे.

हम दोनों लोग चुदाई करते करते बीच बीच में एक दूसरे को किस कर रहे थे और एक दूसरे के होंठों को चूस रहे थे.

दीदी ने कुछ भी नहीं कहा बल्कि वो और भी कामुक तरीके से किस करती जा रही थीं. कैसी उम्मीद?” मैं उलझन में पड़ गया।आप के परिवार में कौन-कौन है?” उसने बात काट दी।दो भाई बहन हैं पर यहां कोई नहीं, सब भोपाल में रहते हैं। मैं अकेला रहता हूँ यहां.

उसने मुझे नीचे लेटा दिया और ख़ुद मेरे ऊपर 69 की तरह आ गयी, जिसके कारण उसकी चूत जो कि बिना बाल की थी, ठीक मेरे मुँह के पास थी. इसके बाद मनोहर ने अपनी जीभ से पहले चूत के पास जो बाल थे, उन्हें चाटा और फिर मेरी दोनों टांगों को चौड़ा किया. वो नीचे बनियान नहीं पहने था तो लालजी सिर्फ अब अंडरवियर में मेरे सामने हो गया.

फिर 4 दिन बाद भाबी ने पूछा- मेरा सामान तैयार हो गया हो, तो घर पर भिजवा दो. तो उन्होंने रोकते हुए कहा- अरे मुझे केवल आम चाहिए, गुठली (पैकेट) अपने पास रखो. सुकन्या रानी भी पूरी मस्ती में चीख चीख कर लण्ड का रसास्वादन अपनी चूत में कर रही थी.

सेक्सी रोमांस बीएफ रोज मेरे पास आना इसी तरह मेरे लोड़े से अपनी चूत को चुदवाने! आंटी रोज मेरे पास आ जाना, मैं आपको बहुत चोदूंगा, आपकी चूत का भोसड़ा बना दूंगा…आंटी बोली- हां प्रशांत, चोद मुझे, और जोर से चोद… आह्ह्ह्ह प्रशांत, अपनी आंटी की चूत का भोसड़ा बना! उम्म्म आह्ह ऊईई आह्हह प्रशांत और चोद… बना दे मेरी चूत का भोसड़ा… चोद दे आह्ह आह्ह!मैंने आंटी से कहा- आंटी, घोड़ी बनो, मुझे तुम्हें घोड़ी बनाकर चोदना है. कुछ ही देर में राज ने मधु को नीचे लिटा लिया, मधु की सलवार खोल कर उतार दी, मधु ने पैंटी नहीं पहन रखी थी तो मधु की चूत मोबाइल की रोशनी में चमक रही थी , उसकी चूत एकदम चिकनी क्लीन शेव थी.

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क्या ज़बरदस्त चुदक्कड़ थी मेरी ये हरामज़ादी साली! क्या धक्के लगाती थी!! क्या सीत्कारें भरती थी!!! सुभानअल्लाह!!!!मित्रो, मुझे आशा है कि मेरी साली की चूत चुदाई का यह वृतांत आपको अच्छा लग रहा होगा. कोमल भाभी ने मुझसे अपनी सहेलियों को भी चुदवाया, जिन्हें चोद चोद कर मैं जिगोलो (प्लेबाय) बन गया. इतना कह कर वो मेरे पास रखी कुर्सी पर बैठ गईं और हम दोनों हंसी मजाक करने लगे.

मैंने पूछा- उसने आपको क्या बताया था?अशोक- मुझे तो उसने बताया था कि तुम उसकी कज़िन हो मगर इस मामले के लिए बहुत जिद्दी हो. मैंने रूम अंदर से बंद कर लिया और दोनों साथ में सो गये चादर डाल के!सुबह किसी ने दरवाज़ा नॉक किया. नंगी हीरोइनइसलिए उसका भाई ने मेरे हाथ को पकड़ लिया और अपने हाथों से उसे सहलाने लगा.

मैं निश्चित टाइम पर पहुँच गई और जैसे ही गाड़ी आई तो उसमें वो ही आदमी बैठा था, जिसने कल मेरी चुदाई की थी.

उसके बाद सब लड़कों और लड़कियों ने अपने अपने कपड़े निकाल कर ऐसे फैंक दिए, जैसे वो सब फालतू हों. जब मैं वापिस आई तो उसने दरवाजा बंद किया हुआ था और उसे दरवाजा खोलने में कुछ देर लग गई.

अब मैंने भी दोस्ती के नाते हां कह दिया और उसके बताए पते पर चला गया. खैर कॉफ़ी ख़त्म हुई तो अलका ने दोनों मग लिए और किचन में उनको रखने चल दी. मेरी कहानी के पहले भाग में अब तक आपने पढ़ा कि मेरी सहेली तबस्सुम मुझे खुल कर जीने के लिए अपनी चूत का इस्तेमाल करने के बारे में बता रही थी.

भाबी 5 मिनट में ही मेरे मुँह में झड़ गईं, लेकिन मेरा लंड चूसती रहीं.

चिंगारियां उड़ने लगीं और दिल धाड़-धाड़ पसलियों में बजने लगा। होंठ खुश्क हो गये और गले में भी कांटे पड़ने लगे।एक अजीब सी बेचैनी भरी ऐंठन नस-नस में होने लगी।हां अब देखो।” सहसा राशिद की आवाज ने मेरी निमग्नता तोड़ दी और मैं जैसे चौंक कर होश में आ गयी और उसे देखने लगी, जो अब मुझे देखता सीधा हो रहा था।उसने पहले की तरह अहाना की दोनों टांगें फैलायीं और अपना लिंग उसकी योनि पर रखते हुए दबाया. तो वो आम को किचन की सेल्फ पे रखके मेरे तरफ मुड़ते हुए बोलीं- अरे अम्मी अब्बू अभी रूम से बाहर आ जाएंगे तो?मैंने कहा- आने दो…और दो कदम मैं उनकी तरफ आगे बढ़ गया, जिससे वो पीछे हो गईं और सेल्फ से उनकी मखमली गांड चिपक गई. यह बात मैंने इसलिए सोची थी क्योंकि मैं एक टीचर था और मेरे टच में बहुत सी लौंडियाँ आती रहती थीं.

कंडोम लगाने का तरीकाबस फिर क्या था मेरा दोस्त उस लड़की की चूत में जोर जोर से लंड अन्दर बाहर करने लगा. पहले बापू के कहने पर अपनी जीभ को लंड के ऊपर वाले हिस्से पर फेरा, फिर और एक बार फिर से.

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अगर हुआ तो मैं अपने खर्चे से पूरा इलाज़ करवा दूँगी, तुम्हें कोई चिंता करने की ज़रूरत नहीं है. सुकन्या की चूत से काम रस बह निकला और उसे चाटने को मेरी जीभ लालायित हो उठी … मैं उसकी चौड़ी हुई टांगों के बीच बैठ गया और अपनी जीभ चूत के मुहाने पर रख कर सड़प सड़प सड़प करके चूत चाटने लगा … चूत की मादक गंध ने मेरे अंग अंग को उत्तेजित कर दिया. अगर हुआ तो मैं अपने खर्चे से पूरा इलाज़ करवा दूँगी, तुम्हें कोई चिंता करने की ज़रूरत नहीं है.

सामने हॉल में अंकल-आंटी बैठे चाय पी रहे थे तो मुझे देखते ही अंकल बोले- अरे रोहण बेटा, बाहर क्यों खड़े हो, अन्दर आओ. झड़ने के बाद मैंने उसके चेहरे को देखा, उसके चेहरे पर एक अजीब तरह की सुकून भरी मुस्कान थी. जो मैंने देखा तो नहीं था लेकिन जब घर में हो-हल्ला मचा तो सुना सब मैंने ज़रूर था।बड़े अब्बू के तीन बेटे थे.

डॉली भी उठ कर एकता को किस करने लगी और एकता के हिप्स पकड़ कर ऊपर नीचे करने लगी. जैसा कि मैंने बताया कि मेरा उनके घर आना जाना था, लेकिन एक साल तक मेरी उनसे कभी बात नहीं हुई. कुछ देर तक ऐसे ही हमारी सामान्य सी बातचीत होने लगी और हम पार्क के एक किनारे पर रखी बेंच पर बैठ गए.

उसने आवाज़ दी- कहाँ खो गये?मैंने कहा- आपकी खूबसूरती में!उसने कहा- आप मज़ाक कर रहे हैं!मैंने कहा- नहीं… आप वाकयी बहुत खूबसूरत हैं. मैंने ओके कहा और वो मेरे पैरों के बीच में आ कर जोर से लंड चूसने लगी.

एक दिन मेरे एक दोस्त का जन्मदिन था तो उसकी पार्टी में मैंने भी शराब पी ली.

मैं अलग रूम में सोने जाने लगा तो नेहा दीदी ने बोला- शुभ तुम भी यहीं सो जाओ. आज सेक्सीदेवेश ने पूछा भी- कोई परेशानी तो नहीं हो रही?तो उसने धीरे से इन्कार में सिर हिला दिया और अपने चूतड़ हिला कर जवाब दिया. ब्लू पिक्चर करने वालीमुझे बहुत अजीब लग रहा था कि मुझे पहली बार दो के साथ सेक्स करना पड़ रहा है. उसकी चूत मुझे गीली महसूस हुई, पर मुझे लगा मेरे मुँह की लार से ये गीली हो गई है.

वे मरवाने के उतने ही उत्सुक थे जितने मारने के… शायद मेरा अहसान चुकाना चाहते थे।मैंने भी घुटने के बल होकर उनकी गांड में लंड पेला, उनकी वैसे भी ढीली थी, उनकी कमर पकड़ कर अंदर बाहर अंदर बाहर करता रहा। वे अपनी गांड जोर जोर से हिला रहे थे, ढीली कसती… ढीली कसती… कर रहे थे।गोरे सुन्दर थे, कभी नमकीन चीज रहे होंगे.

साली इतनी छोटी उम्र में न जाने कितने बड़े बड़े लंड से चुदवा चुकी है कि मेरा लंड आराम से घुस रहा है. वो न्यू ईयर के बहाने अपने भइया के घर यानि मेरे जीजा के घर आ गई और इधर मैं अपने घर पर कालेज टूर का बहाना करके दीदी के घर पर अचानक पहुँच गया. क्या किया जा सकता था। मैंने वहां पड़े प्लास्टिक के ड्रम को देखा जो टांड़ पर चढ़ने के लिये वहां रखा रहता था.

लालजी बोला- वन्द्या, चल हम दोनों का लौड़ा चूस, जैसे फिल्मों में अंग्रेजों के लंड लड़की चूसती हैं. फिर जीजा ने उसी गिलास से दारू का घूँट भरा और दीदी के मुँह से मुँह लगा दिया. कई बार मैंने उसकी सीढ़ियों में भी चुत को चाट कर खड़े खड़े भी चुदाई की.

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मैंने उसकी दोनों टांगों को हवा में उठाया और हल्के से लंड को चुत पर रख कर धक्का दिया तो लंड अन्दर नहीं गया. लेकिन तभी मैंने सोचा कि किसी दूसरे का मज़ा क्यूँ खराब करूँ तो इसीलिए मैं वापिस से नीचे आ गया. उन दोनों को दीन दुनिया का कोई होश नहीं था और वे दोनों घर में मेरी उपस्थिति को भी भूल चुके थे.

तू अपनी चूत की सील इस लड़के से ही तुड़वा ले क्योंकि बड़े और मोटे लंड से सील तुड़वाने का जो मजा है, वो पतले और छोटे लंड से नहीं आता.

फिर उसने बोला- क्या आप कभी मुझसे मिलने आ सकते हो?यह सुनकर मैं तो खुशी से झूम उठा और उसको हाँ बोल दिया.

वो मुझे चूमे जा रही थी और इधर मैं उसके चूचे दबाते हुए मजा ले रहा था. कैसे हो?मेरा नाम लेकर पुकारा।वे अब लगभग सत्ताइस अट्ठाइस के होंगे, बोले- अब यही वर्कशॉप डाल ली है, अल्लाह का करम है चल निकली. डाउनलोड वीडियो 2020मैंने अपनी चूत मसलते हुए कहा- जल्दी मार लो मेरी चूत!वो हँसता हुआ बोला- चूत तो मार चुका हूँ, अब गांड की बारी है.

उम्म्ह… अहह… हय… याह… मैं मर गई… साले भोंसड़ी के… आराम से नहीं घुसा सकता था…इस तरह से अब मेरी पुत्रवधू मुझे खुल कर गालियाँ दे दे कर चुद रही थी. बहुत बड़ा घर था और बहुत ही अच्छा घर था उसका।उसने कहा- आप नहा लीजिये, मैं नाश्ता लगाती हूँ. तबस्सुम ने उनको देख कर कहा- नहीं, यह आज हमारी मेहमान है और सिर्फ़ हम सबको देखेगी और फिर यह किसी खास आदमी की अमानत है.

उनके मम्मे दबाते दबाते मैंने अपना लंड बाहर निकल लिया और एक हाथ उनकी शर्ट के अन्दर घुसा दिया और चूची दबाने लगा. भाभी बोलीं- क्यों, मेरे हाथ का स्वाद अच्छा नहीं लगता क्या?मैंने तुरंत जवाब दिया- जब चुत का स्वाद अच्छा लगता है.

ये कहते हुए उसने अपनी कमर को उठाकर अपना आधा लंड बाहर किया और फिर अन्दर ज़ोर से अन्दर जड़ तक पेल दिया.

मुझे देखते ही वो बोली- तुम पूनम ही हो ना?मैंने कहा- हाँ अच्छा हुआ जल्दी ही पहचान लिया. अब पद्मिनी साधारण परिवार की लड़की थी, तो रात को नाइटी नहीं पहनती थी बल्कि वैसी ही सो जाती थी, जिस ड्रेस में रहती थी, यानि वही छोटा स्कर्ट और छोटी सी तंग चोली में सो जाती थी. काजल दीदी मुझे देखकर खुश हो गईं, क्योंकि उन्होंने तो सुबह मेरा लंड चूसा था लेकिन ज्योति शर्मा रही थी.

राजस्थानी सकसी विडियो अलका चिहुंक उठी… मेरी गर्दन छोड़ के मुंह अलग किया और ज़ोर से सीत्कार भरी. दरवाजा खोला तो देखा भाभी के पति के फ्रेंड की वाइफ थीं, जिनको भाभी, भाभी जी कहकर बुलाती थीं.

शायद मेरी इस बिंदास स्वीकारोक्ति से मॉम को भी कुछ लगा था और इसी बीच मैंने नोटिस किया कि वो मेरे खड़े लंड को बार बार देख रही थीं. तभी बड़ी चाची बाथरूम से निकलीं, मैंने उन्हें देखा, वो मुझे देख रही थीं. उसका अपने ब्वॉयफ्रेंड से झगड़ा हो गया है और वो किसी लंड से चुदने के लिए मुझसे कह रही थी.

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मैं सब समझती हूँ कि तुम ऐसा क्यों कर रहे थे?उसकी बात पर मैं हंसने लगा. इस घटना के बाद मैं चुप हो गई और अपने पासपोर्ट बन कर आने की राह देखने लगी. फिर मैंने कहा- आज तो चुदवा कर देख लो, फिर कल से मेरे इस लंड के लिए पागल हो जाएगी!वो किसी तरह मान गई, मैं उसके दूधों को बड़े प्यार से सहला कर चूस कर उसे मजा देने लगा, उसे पूरा गर्म किया तो वो खुश हो गयी, वो फटाक से मेरे लंड को अपने मुख में लेकर लोलीपोप की तरह चूसने लगी.

यह सब देख कर मेरा मन करता कि मैं अभी दीदी के दूध पी जाऊं लेकिन हिम्मत नहीं होती. वो देखने में इतनी गोरी थीं कि उनके लाल रंग के निप्पल बड़े मस्त लग रहे थे.

बिंदु ने उससे कहा कि अगर वो तुमको मिल जाए तो क्या उसके साथ ये सब करोगे या नहीं.

मुझे बहुत अजीब लग रहा था कि मुझे पहली बार दो के साथ सेक्स करना पड़ रहा है. इतने में काजल की फ्रेंड माधुरी आ गई और हमें चूमाचाटी करते देख कर बोली- अभी रुक जाओ यार. फिर मैंने कहा- ला मेरी जान पिला मुझे तेरा गरम पानी…ये कहते हुए मैंने भाभी के पेटीकोट का नाड़ा खोल दिया, पेटीकोट ‘सररर.

मेरी हाइट 6 फुट है, दिखने में हैंडसम हूँ औऱ पर्सनालिटी भी अच्छी है. मैंने काजल को सॉरी बोला, किस किया तो काजल जोर से बोली- माधुरी डार्लिंग, मैं ठीक हूँ. मैं भी उसकी खुशी में शामिल हो कर उसको चूमने लगा और धक्के तो लगा ही रहा था.

मैं जानता था कि सोनिया मुझे रात को क्यों बुला रही है, मगर मैंने अनजान बनते हुए सोनिया से कहा- क्यों कोई काम है क्या आपा?तो उसने बताया कि वो रात को ही बताएगी.

सेक्सी रोमांस बीएफ: इस तरह मैंने भरपूर आनंद उठाया अपनी चूत चुदाई का… मैं बहुत खुश थी क्योंकि बहुत दिनों बाद मेरी चुत में लण्ड गया तो भी मोटा और लम्बा। मेरे पति का तो इनका आधा लण्ड ही है. चाची ने बड़ी चाची की चुत को मुँह से चोद कर एक गहरी कराह भरी और बोलीं- अरे ये ताला बहुत दिन से बन्द पड़ा है जरा प्यार से कर मादरचोद.

एक स्पेशल बात ये पर्सनली मुझे बहुत पसंद है और हमारी क्लास टीचर भी यही हैं।मैं घर में अंदर गया उन्होंने मेरा स्वागत किया कुछ थोड़ी बहुत बात हुई. मैंने कहा- अच्छा आंटी, क्या आपने आज से पहले कभी सेक्स वीडियो देखी है?आंटी थोड़ा सा गुस्सा हुई और उन्होंने कहा- तुम्हें इससे क्या मतलब? मैं जा रही हूं…मैंने कहा- अरे नहीं नहीं आंटी, ऐसे जाइए मत… ठीक है कोई बात नहीं मैं नहीं पूछूंगा सॉरी. मैं बोला- रीनू, ये क्या कर रही हो?तब रीनू ने पुरानी बात बतानी शुरू करी:भैया, हमारे घर में सिर्फ एक ही कमरा हुआ करता था.

इधर मेरा लंड भी खड़ा हो गया था, पर मैंने अपने आप पर कंट्रोल किया हुआ था.

जब मेरे मम्मे थप्पड़ों की मार से से लाल हो गए तो वो ज़ोर जोर से दबा दबा कर चूसने लगा और दांतों से काटने भी लगा. फिर फूफा जी बोले- कोमल, तुम कब आई थी मेरे कमरे में? और यह सब तुमने कैसे किया मेरे साथ? मुझे नंगा करते हुए तुमको शरम नहीं आई?मैंनें कहा- फूफा जी, शरम तो आपको आनी चाहिए, जो पूरी रात अपनी बहू को ज़बरदस्ती चोदते रहे. मैं बैठ गया, भाबी मुझसे चिपक कर बैठ गईं और मैंने अपने हाथ भाबी के ब्लाउज पर फेरने शुरू कर दिए.