दिव्या भारती का बीएफ

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हिंदी कहानियां सेक्सी: दिव्या भारती का बीएफ, उसके बाद सबसे पहले आकाश ने मेरे बालों में से हेयर पिन निकाल दी और मेरे बाल खोल दिए.

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यह हिंदी सेक्सी स्टोरी कुछ साल पूर्व की तब की बात है, जब मैं गाजियाबाद के एक कॉलेज से इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा था. এসডি বিএফशुरुआत में उनके होंठ घबराहट के थरथरा रहे थे; शायद वो थोड़ा नर्वस थीं.

अभी चाय वाले से चाभी लेकर मैंने ऑफिस का गेट खोला और अन्दर आकर बंद कर दिया. सेक्स चुदाई फिल्मऔर मेरी दूसरी चूची उसके हाथ में थी, वो उसे मसल रहा था, जोर से हाथ में दबा रहा था।फिर मैंने अपनी चूची अपने बेटे के मुंह से निकाली, उसके हाथ से अपनी दूसरी चूची छुड़वाई और फ्रेश होने बाथरूम में चली गयी।और जब मैं बाथरूम से बाहर आई तब तक रोहण भी उठ कर बैठ गया था.

मेरी इच्छा है कि मैं अपनी जीभ बाहर निकालूं और मेरी भाभी मेरी जीभ को ऐसी चूस रही हों जैसे वो मेरा लंड चूस रही हों, और उसका मुंह आगे पीछे होता रहे.दिव्या भारती का बीएफ: उससे लग रहा था कि वो अपने सेक्स के इस अनुभव को पूरी तरह से एन्जॉय करना चाह रही थी.

कुछ ही पलों में वो फिर से जोश में आ गई और बोली- आजा मेरे राजा चोद दे आज मेरी चुत को.हालाँकि सामने उसकी अपनी पत्नी खड़ी थी, जिसके सामने वो कई बार नंगा हुआ था, उसको अपना लंड चुसवाया था, उसकी चूचियों के साथ खेला था, उसकी चूत चाटी थी, गांड भी मारी थी और कई बार उसकी घनघोर चुदाई भी की थी.

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इरफान- क्या हुआ? अब भी नाराज हो जो कुछ बोल नहीं रही हो?मैं- नहीं नहीं किचन में थोड़ा काम कर रही हूँ.एक दिन मैं यहाँ के एक मेट्रो स्टेशन के बाहर खड़ी थी कि अचानक मेरे पास एक कार आकर रुकी और उसका गेट खुला.

मेरी सेक्स स्टोरी हिंदी के पिछले भागमुझे किस किस ने चोदा-2में अभी तक आपने पढ़ा कि मेरे ही घर में मेरी भाभी के पापा और उनके दो दोस्त मेरी चूत चोदन की तैयारी कर रहे थे. दिव्या भारती का बीएफ मैं ताश के पत्ते लेकर आई और मीना से बोली- मैं सबको एक एक कार्ड दूँगी.

मैं समझ रही थी कि सर मेरे जैसी सेक्सी लड़की की बगल में बैठ कर गर्म होने लगे हैं.

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उसने कसमसाते हुए कहा- मुझे बाहर तो निकलने दो, आप तो सीखने के लिए बहुत उतावले हो रहे हो. पीछे से मैंने मॉम को पकड़ कर बेड पे उल्टा गिरा दिया और पीछे से ही उनकी गांड के ऊपर चढ़ गया. तभी 2 मिनट बाद ही मुझे लगा कि मेरा काम होने वाला है और मैंने जल्दी से लंड को चूत से निकाला और लंड ने चूत से निकलते ही दीदी की पीठ पर पानी की तेज-2 पिचकारियाँ मारना शुरू कर दिया और दीदी की पूरी पीठ मेरे स्पर्म से भर गई, मैं साइड पर गिर गया और तेज तेज साँसें लेने लगा.

इधर रमेश ने अपनी बहन काजल को सोफे पर लिटा दिया और उसके बगल में बैठ कर उसके होंठों पर अपने होंठ रख दिए. एक दिन मैं कॉलेज नहीं गया और रूम में ही था और मैंने मन बना लिया था कि आज भाभी जी को चोद कर ही रहूँगा. मेरी इच्छा है कि मेरी भाभी लाल या काले रंग की फिशनेट स्टाकिंग्स पहनें… गार्टर बेल्ट के साथ बिना अंडरवियर के!9.

तभी अचानक इंतजार करते करते कब मुझे नींद लग गई मुझे पता ही नहीं चला।करीब 1:00 बजे रात को ऐसा लगा जैसे मेरे ऊपर कोई चढ़ा है पर मैंने आँखें बंद रखी, मैंने पाया कि कोई मेरी पैंटी उतार रहा है पर मैंने आँखें अपनी बंद रखी और सोच लिया कि अब मैं आँख नहीं खोलूंगी, मैं जान गयी ये वही अंकल लोग हैं जो मुझे चोदने आये हैं, पर मैं पूरी सोती बनी रहूंगी. मेरी प्रेमिका का नाम शालिनी है जो मुरादाबाद में ही रहती है, मेरे घर से एक किलोमीटर की दूरी पर ही उसका घर है. उधर मेघा ने संजय को पार्क में बुलाया और उससे मिलने गई उसने टाइट टॉप और स्कर्ट पहना था.

अन्तर्वासना हिंदी सेक्स स्टोरीज डॉट काम पर मेरी पहली कहानीमेरी पहली बार गांड चुदाईप्रकाशित होने पर मुझे काफी सारे प्रोत्साहित करने वाले ईमेल मिले। मुझे अपने विचार भेजने के लिए मैं उन सभी पाठकों का धन्यवाद करता हूँ. अब मेरी साइड से चूचियां दिख रही थीं और मेरी पीठ पेट भी साफ़ दिख रहा था.

पर फिर सोचा कि कोई तो ऐसा बंदा मिलेगा जो मुझे समझे, उसे ही मैं अपनी पसंद नापसंद बताऊँगी.

वो ऐसे बोलते हुए मेरे मुँह में ही झड़ गई और मैं उसका सारा यौवन रस पी गया.

कामुकता से भरी लंड को खड़ा करने वाली और चूत में उंगली करने को विवश कर देने वाली कामुक चोदन कहानियां इस साईट पर पढ़ने और लिखने को मिल जाती हैं. अब उसकी चूत अपना मुंह बाये हुये मेरे सामने थी और चूत का दाना फूल कर बाहर की ओर निकल आया था. उसकी चूत पर हल्के हल्के बाल नज़र आ रहे थे, जैसे उसने अभी कुछ दिन पहले ही चूत की झांटें साफ़ की हों.

रमेश ने अपनी लंड का पानी काजल के मुँह में ही निकाल दिया और काजल ने वो सारा वीर्य गटागट करके पी लिया. मीना- नहीं भैया मैंने बहुत इन्जॉय किया, भैया एक बात पूछू आपसे, अगर आप बुरा ना माने तो?सागर- अरे डरो नहीं, खुल के कुछ भी पूछो. मैं उनके घर आता जाता रहता और मेरे मम्मी और पापा की भैया भाभी से अच्छी बनती थी.

कुछ देर के किस के बाद उन्होंने मेरे भी कपड़े उतार दिए और मुझे नंगा कर दिया.

उसकी सेक्सी जवानी इतनी कातिलाना है कि उसे देखते ही लंड खड़ा होकर सलामी देने लगे और बिना कुछ किए लंड का पानी निकल आए, उसका चेहरा एकदम गोल भरा हुआ, आँखें झील सी गहरी एकदम नशीली. आपको मेरी कहानी कैसी लग रही है, आप मुझे अपने विचार मेल से भेज सकते हैं. जैसे जैसे चुदाई होती जा रही थी, मेरी गांड खुलने लगी थी और दर्द थोड़ा कम हो गया था.

अगले दिन कोई साढ़े ग्यारह बजे श्रीमती जी ने मुझे फिर याद दिलाया कि अदिति से बात करनी है. मैंने एक बार में ही अपना पूरा लंड उसकी चूत में पीछे से पेल दिया, उसे दर्द हुआ, लेकिन कुछ ही पल बाद वो भी मजे लेने लगी. अगले दिन वो दिन आ गया, मैं मम्मी पापा को स्टेशन छोड़ कर आ गया, साथ ही आते वक़्त अपनी जीएफ को अपने साथ अपने घर लेता आया.

उसके दूसरे दिन कि बात है कि मैंने एक लड़के को टीवी सही करने के लिए घर बुलाया तो उसने आने से मना कर दिया.

चपरासी बोला- साहब 7:30 बज गए और मुझे जाना है!तो मैंने उसको बोल दिया- तू चला जा, हमको थोड़ा टाइम लगेगा. उसका शरीर धीरे धीरे अकड़ने लगा और उसने काजल की चूत में अपने प्यार की धारा को खोल दिया.

दिव्या भारती का बीएफ आदाब अर्ज़ है दोस्तो, मैं महबूब अहमद खान 29 वर्षीय युवक हूँ और मैं लखनऊ, उत्तर प्रदेश से हूँ. मेरी हिंदी सेक्स स्टोरीपहले प्यार का चुदारम्भ-1में आपने पढ़ा कि मेरे पड़ोस की एक लड़की बड़ी खूबसूरत, सेक्सी थी, उसका जिस्म कुछ ज्यादा ही खिला हुआ था। लम्बे बाल, मटकती हुई गांड, मोहल्ले के सारे लड़के उसकी गांड के ही दीवाने थे, लेकिन वो लड़की शायद मुझे चाहती थी तो एक दिन उसके दिल की बात मेरे सामने आ गई और हम दोनों एक दूसरे को प्यार करने लगे.

दिव्या भारती का बीएफ ओहहह…” मैं पागल हो रही थी, मैं सिर्फ अभी 22 साल की कच्ची उम्र की लड़की हूं अब नहीं बर्दाश्त हो रहा था कि तभी भाभी के पापा बोले- आरती के एक एक अंग को अपनी जीभ से चाटो, अपनी अपनी साइड… मैं गर्दन के ऊपर चाटूंगा. मैंने कहा- सुनो अभी मुझे जम के चोदो, मुझे पागल कर दो! ऊं हहह आहह!तभी जो बड़े अधिकारी थे, बोले- तीनों एक साथ लंड डालेंगे, सोच ले आरती!मैंने कहा- कुछ भी करो, बस घुसा दो सर!तभी जवान लड़के को बोले- बलवीर, तू आरती की चूत में डाल, मुझे इसकी गांड पसंद है, मैं इसकी गांड को चोदूंगा.

मॉम की चुदाई की इस कहानी के पिछले भागसेक्सी विधवा मॉम की चुदाई का मजामें आपने पढ़ा कि मेरी मॉम विधवा है, बहुत सेक्सी है.

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ये महेश तुझे क्या बोल रहा था और इतनी जल्दी में दिव्या के साथ कहां गया है?सुदेश- वो यार महेश बोला कि दिव्या को अपना घर दिखाने जा रहा हूँ, तुम सब मत आना. उसने कसके मुझे चिपका लिया, अब उसका लंड मेरे पेट में घुसा जा रहा था और जैसे वो लगातार बड़ा होता जा रहा था. जब वो किसी काम से मेरे बगल से निकलती थी, तो मैं अपने कान पर झूठ मूठ का फ़ोन लगा कर उससे बोल देता कि कल ब्लैक सूट पहनना.

पाठको, आपको मेरी हिन्दी सेक्सी कहानी कैसी लगी, मेरी स्टोरी पर अपने कमेंट्स जरूर कीजिएगा. दाहिनी तरफ कमर पर एक बहुत पतली पट्टी नीचे आई थी और जहां से पैंटी स्टार्ट होती है, वहीं पर नीचे मिली थी. उसी दिन रात को साढ़े नौ बजे के करीब मेरे फ़ोन पर कॉल आई तो मैंने फोन उठाया, उधर से एक लड़की बोली- हैलो.

मैंने कहा- मेरा वीर्य तुम्हारे अंदर है, तुम प्रग्नेंट हो सकती हो!तो वो डर गयी, फिर मैंने समझाया कि मैं तुम्हें कॉन्ट्रासेप्टिव पिल ला दूंगा और नेक्स्ट टाइम से कंडोम यूज़ करेंगे।फिर वो मुझसे कुछ देर तक लिपटी रही और मौक़ा मिलते ही बुर की चुदाई का वादा कर के चली गयी.

तब मीना ने मुझसे पूछा- भाभी, तुमने रात में मस्ती की या नहीं?मैंने कहा- बिना मस्ती के तेरे भैया सोने देते हैं क्या मुझे? यह तो रोज का काम है. हाँ रानी, मैं भी तड़प रहा था तुम्हारे लिए!” यह कहते हुए रोहण ने गाउन नीचे गिरा दिया, साड़ी के पतले कपड़े से मौसी का भरा हुआ बदन दिखलाई दे रहा था. चलो जो तुमने दिया उसी में, तब तो मैं क्या बताऊँ तुमको सब मालूम ही है कि कैसे करना है.

दोस्तो, उस समय का सीन ही कुछ अलग था जो मैंने कभी सोचा ही नहीं था।रीना मौसी तो पूरा प्लान करके ही आयी थी, वो सिर्फ़ ब्रा और पैंटी में थी, पता नहीं उनके दिमाग़ में क्या चल रहा था। वो भी रेड कलर की ब्रा और पैंटी।जब तक मैं कुछ बोल पाता, उन्होंने मेरी पैंट को नीचे करके मेरे लंड को बाहर निकाल दिया और बिना देर किये अपने चूचियों से लंड को रगड़ने लगी। जबकि मुझे लगा था मौसी मरे लंड को मुँह में लेंगी. पर तुम्हारे यहाँ ये सब शुरू कैसे हुआ? मेरा मतलब है तुमने सबसे पहले किसका लंड लिया?मयूरी- ये एक लम्बी कहानी है, मैं तुमको बाद में बताऊँगी. अब अगला दिन शुरू हुआ, सुबह जब मैं सोकर उठा, तब तक मॉम शायद नहा कर तैयार हो चुकी थीं, उन्होंने नीले रंग का सूट पहना था जो मम्मों और पेट पर थोड़ा टाइट था.

उसे दीवार से लगा कर मैंने उसे बोला- और तू क्या कर रही थी, मैंने देख लिया था तुझे… साली अपने कजिन का लंड चूस रही थी?फिर मैंने उसे शांति से समझाया- देखो ये बात अपने तक रखो. भाभी दिखने में तो किसी हिन्दी फिल्म की नायिका से कम नहीं लगती थीं, मैं हमेशा से उन पर नज़र रखता था.

वो थोड़ा चीखी और बोलीं- अबे भोसड़ी के, थोड़ा धीरे से डाल, थोड़ा थोड़ा घुसा… मादरचोद, एक साथ ही पूरा मत घुसेड़… दर्द होता है. चोदन कहानी का पहला भाग :रिश्तेदारी में आई लड़की को पटा कर चोदा-1कहानी का दूसरा भाग :रिश्तेदारी में आई लड़की को पटा कर चोदा-2अब तक की चोदन कहानी में आपने पढ़ा कि मैंने नेहा की चुदाई के लिए उसकी चूत पर अपना लंड टिका दिया था और अपने लंड को उसकी चूत से बार बार टच कर रहा था, ताकि वो उतावली हो जाए. अब वे दोनों दूसरे कोने की तरफ गए, जहाँ एक लकड़ी का लम्बा कुर्सी नुमा बेंच पड़ा था जैसा रेलवे स्टेशनों पर होता है.

बहुत प्यारी है रे तू… तेरी जैसी कच्ची गांड मारने में बहुत मज़ा आता है.

पहले तो उसने मुझे ऐसा करने मना किया… लेकिन मुझे पता था कि एक बार मेरी जीभ उसकी चूत को छू गई तो वो आनन्द से पागल हो जाएगी. उधर से मेरी एक क्लाइंट जो मेरी सर्विस लेती रहती थी, बोली- वीशु जी आप कहाँ हो?मैंने बताया- मैं इस समय एक इंगलिश स्पीकिंग इंस्टीट्यूट में हूँ, मैं यहाँ कोर्स जॉइन करने के एडमीशन की बात करने के लिये आया हूँ. मैं उसकी चूत के दाने को चाट ही रहा था कि वो झड़ गयी, उसकी चूत गीली हो गई, जिसे मैंने चाट लिया… मुझे बहुत मस्त लग रहा था, एक अलग सा नशा हो गया था मुझे!फिर मैंने अपने मुंह उसकी साड़ी से बाहर निकाला और खुद टेबल पर बैठ गया तो वो समझ गयी कि उसको क्या करना है और वो मेरे लण्ड को हाथ में पकड़ कर आगे पीछे करने लगी.

कुछ ही पलों में वो थक गई, क्योंकि हम एक एक बार हो लिए थे, तो भी टाइम लगना था. वो अन्दर आकर अपनी बहू को नंगी चुदाई करवाते देख कर एकदम शॉक हो गया क्योंकि मेरा लंड शिवानी की चूत में था और उनका एक दूध मेरे मुँह में था.

उन्होंने सांकेतिक शब्दों में अपनी बात कही थी। लेकिन आंटी ने अपने साथ उस दिन हुए दुष्कर्म की बात और ज्यादा विस्तार से मुझे बताई थी, जिसे मैंने सिर्फ एक पंक्ति में अप पाठकों का समझा दिया. मैंने उससे कहा- तुम बहुत सुंदर लग रही हो!पर असल में तो वो मुझे किसी रंडी जैसी दिख रही थी उसके इतने ज्यादा मेकअप के कारण!फिर मैंने उसे पानी पिलाया और नीचे से कॉफी मंगवाई. मगर वैसे मेरी पीठ के नाखूनों के काफ़ी निशान थे तो उसकी मुझे परवाह नहीं थी, क्योंकि मेरी बीवी जब झड़ती है तब नाख़ून गड़ा देती है.

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वो बाथरूम में आयी और दरवाज़ा खोला तो मैंने उसे अपनी तरफ खींचा और उसके मुंह पे हाथ रख कर बोला- मैं हूं.

कुछ देर बाद मैं दीदी के ऊपर से उतर गया लेकिन दीदी नहीं चाहती थी मैं ऊपर से हट जाऊँ, दीदी ने मुझे मेरी पीठ से कस के पकड़ लिया और ऊपर से हटने नहीं दिया. इतना बड़ा लंड देख कर मैं खुश भी हुई और दुखी भी कि अब आज फिर दर्द होगा. मैंने उसका कुर्ता उतारा लेकिन वो उतर नहीं रहा था, शायद अटक गया था तो मैंने कुर्ता जैसे कैसे कर उसको हटा दिया.

भाभी को काफी दर्द हो रहा था, इसलिए मेरे रुकने से पहले ही भाभी कराहते हुए बोलीं- अब यहीं रूक कर धीरे धीरे अपने लंड को मेरी चूत में अन्दर बाहर कर. मैं घर आ गया और मैंने सोचा कि इसकी थप्पड़ वाली बात का बदला लेना है और कैसे भी हो, अब इसे फंसाना ही है. राजस्थानी एक्स एक्स वीडियो एचडीमोहन लाल ने आगे बोला- तुम्हारे नाना और मैं तुम्हारी माँ को इतना चोदते थे कि हमें आज तक नहीं पता कि तुम दोनों मेरे बेटे हो कि अपने नाना के हो.

फिर मैंने उसको टेबल से उतार कर टेबल को ही सटा कर घोड़ी बनाया और चोदा. इसलिए!भाभी ने कहा- क्यों तुम्हारी गर्लफ्रेंड अच्छी नहीं है क्या? उसे तुम किस नहीं करते?मैंने भाभी को खुश करने के लिए कहा- भाभी, मेरी कोई गर्लफ्रेंड ही नहीं है.

इन दो जोड़ों में एक भाई-बहन थे और दूसरा देवर-भाभी लंड चूत के खेल में लगे थे. महेश- अगर तुम ने मुझे बीच में रोक दिया तो मेरी कोई भी बात माननी पड़ेगी. ”उस दिन मैं तुम्हारे हॉस्टल की फीस घर का रेंट और बाकी सब खर्चों को लेकर काफी परेशान थी.

उसने पुलकित की ओर देखा- तुमने तो मुझे मार ही दिया था, मुझे नहीं पता था कि सेक्स करने में इतना मज़ा आता है, मेरे तो सारा बदन झनझना उठा है. उसने मुझे अपने बॉयफ्रेंड की दगाबाजी की पूरी कहानी बताई और मैंने देखा कि उसकी आँखों में आँसू थे. मैंने हिम्मत करके भाभी से कहा- भाभी एक बात कहूँ?भाभी- बोल!‘पहले वायदा करो कि आप किसी को नहीं बोलोगी.

रीनू मामी भी पूरी पक्की थी, वो ऐसे ही सो रही थी जबकि उनके सामने एक नंगी औरत रंडियों की तरह चुद रही थी.

उसने पहले बहुत विरोध किया, पर मैंने उसे छोड़ा नहीं और लंड पेल कर चोदता रहा. मुझे भी भैया के सामने अपने घुटने टेकने पड़े और भाभी ने खुद मेरा बैग मुझसे लिया और वादा लिया कि कभी आप ये कभी नहीं महसूस करोगे कि हम दोनों ही आपके बारे में ऐसी कोई बात रखते हैं.

जब से मैंने उसके मम्मों को देखा था तो मेरा तो मन ही डोल गया था, मैं उसे अगली बार पढ़ने के लिए कह कर निकल आया. मुझे हटाने का प्रयास करते हुए ममता जी अब धीरे धीरे फुसफुसाने लगी- छोड़… छोड़ मुझे… ओय… ये क्या कर रहा है… महेश… छोड़ मुझे…मेरे दिल की धड़कन अब तेज़ हो गई थी और डर के मारे पूरा बदन कंपकपां भी रहा था फिर भी मैं ममता जी से लिपटा रहा… ममता जी भी डर व घबराहट से कांप रही थी और कंपकपांती सी आवाज में वो अब बुदबुदा भी रही थी- च. वो रमेश की तरफ देखते हुए पूछने लगी- भैया?रमेश- हाँ…काजल- भाभी ने ये क्यों कहा कि उनको ख़ुशी है कि हमारे ‘इस घर में भी…’ इतना खुलापन आ गया है? क्या उनका ‘इस घर में भी…’ का मतलब ये तो नहीं कि उनके पुराने घर यानि कि मायके में भी ये सब होता है?रमेश को काजल की ये बात एकदम सही लगी, पर मयूरी ने कभी अपने मायके के बारे में ऐसा कुछ बताया तो नहीं था.

मैं सिर्फ पिंक पैंटी में थी जो सिर्फ मेरी चूत को ही छिपा पा रही थी. मैं जानती थी कि मम्मी बहुत ज्यादा किसी कॉफ़ी शॉप या रेस्टोरेंट तक ही जाएँगी. मौसा जी पूरे गर्म होकर मेरे से चिपक गये और उनके सांसें तेज होकर चलने लगी, मुझसे चिपके होने से मुझे मौसा के गर्म होने का अहसास हो रहा था इसी लिए मैं उनके सीने से अपने पीठ को सटा लिया और अंकल का हाथ मेरे बगल से होता हुआ मेरे मम्मों को टच करने लगा.

दिव्या भारती का बीएफ कुछ देर बाद सुभाष उठा और ना जाने कैसे उसका पैर फिसल गया, जिससे वो गिर गया, भाभी उसे संभालते हुए एकदम से घबरा गईं और रोने लगीं. आंटी की चुत भोसड़ा बन चुकी थी, अब तक हजारों बार चुदाई हो चुकी थी और तीन बच्चे भी चूत से निकल चुके थे.

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हाथ मुँह धोकर आया फिर से एक एक कप चाय पी और रात ज़्यादा हो गई तो भाभी ने मेरे घर फोन करके बोल दिया कि राजेश अब कल सुबह आएगा क्योंकि रात हो गई है और अकेले में कार से परेशानी होगी. मामी के दो बच्चे हैं और उनके पति यानि की मेरे मामा की 5 साल पहले डेथ हो चुकी है. मेरे मेल आईडी पर मेल भेज कर अपने विचार मुझे बताइये।आपकी आरती[emailprotected].

माया मन में सोचने लगी कि साले का लंड मतलब का हुआ तो ही इसको घास डालूंगी वरना इसने मुझसे पंगा लिया तो इस हरामी को ऐसा सबक सिखाऊंगी कि साला अपनी बीवी को भी आँख उठा के नहीं देख पाएगा. उसी वक्त ड्राइवर ने जैसे ही ब्रेक मारे, मेरा लंड उनकी गांड में और अन्दर तक घुस गया. लड़की को सेक्स करते दिखाएदीदी- हो गई तेरे मन को शांति, कर ली अपनी मनमानी तूने, चल अब जल्दी से मेरी वीडियो डेलीट कर और दफ़ा हो जा यहाँ से!मैं- अरे दीदी, इतनी भी क्या जल्दी है, अभी तो एक बार ही हुआ है.

अब तक की चुदाई, कॉल और फ़ेसबुक और व्हाटसएप पर ही होती थी लेकिन अब रियल चुदाई का टाइम आ गया.

फिर कुछ देर बाद मैंने दीदी की ज़ुबान को छोड़ दिया और अपनी ज़ुबान को दीदी के मुँह में घुसा दिया और दीदी एक मुँह में अपनी ज़ुबान को हर तरफ हर कोने में घुमाने लगा मेरी ज़ुबान दीदी के मुँह के अंदर दीदी की ज़ुबान से हल्की हल्की नोक झोंक करने लगी. ” दिनेश ने विक्रान्त के कान में फुसफुसा के कहा।यार वैसे तू कुछ ज्यादा ही ठरकी है पर इसने तो मेरा भी बम्बू बना दिया है.

मैं शर्म से बोलने लगी- नहीं नहीं रोहण… ना करो ना!रोहण बोला- मेरी प्यारी मधु रानी, इन्होंने सब बता दिया मुझे तुम्हारे बारे में!यह कहते हुए रोहण ने अपने बनियान और पैन्ट निकाल दी. बोलो?”उसने बताया- मेरा पहले एक बॉयफ्रेंड था जिसने मुझे धोखा दिया था इसलिए मैंने तुमको मना क़र दिया था और फिर तुमसे बात बंद क़र दी क्योंकि मैं दुबारा धोखा नहीं खाना चाहती थी. ट्रांसपेरेंट साड़ी की तरह ब्लाउज भी थोड़ा झीना था और ध्यान से देखने पर माया के काले निप्पल देखे जा सकते थे.

फिर मैं उसके हाथ पकड़ कर उसको किस करने लगा और एक ज़ोर का शॉट दे मारा, मेरा आधा लंड उसकी चुत को फाड़ते हुए अन्दर चला गया.

एक दिन मैंने भाभी जी से पूछ ही लिया कि भाभी जी आपकी भी सुहागरात मनी होगी?वो मुझे अजीब सी निगाहों से देखने लगीं और हंस कर बोलीं- हां. रूपाली दीदी की यह आदत मुझ में भी है। कभी कभी मैं भी सोचती हूँ कि तुम्हें किसी और के साथ सेक्स करते देखना कितना रोमांचक होगा।विक्रांत ने अकीरा को बाँहों में भर लिया और अपने होंठ उसके होंठों पे रख उस के फूलों से मीठे होंठों को चूसना शुरू कर दिया. आपको मेरी कहानी कैसी लग रही है, आप मुझे अपने विचार मेल से भेज सकते हैं.

ಬಿಎಫ್ ತ್ರಿಬಲ್ ಎಕ್ಸ್ ಸೆಕ್ಸ್वो बार बार वो अंगड़ाई ले रही थी, मैं भी उसके मम्मों को बार बार देख रहा था. फिर मैंने उसके होंठों पर अपने होंठ रख दिये जिससे वो हिल गयी, उसकी आँखें खुल गयी और मेरी आँखों से मिल गयी.

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मेरे प्यारे दोस्तो, मैंने अपनी मदमस्त नौकरानी की चूत का चोदन किया… किस तरह मैंने उसे चोदा, आइए जानते हैं. आकाश ने यहाँ मेरे साथ धोखा किया और मेरी कोल्ड ड्रिंक में कुछ मिला दिया. अब तुम क्या कहने आये थे वो तो कहो? और आज तुम नहीं रुकोगे तो मैं दिन भर चाय भी नहीं पी पाऊंगी।मैंने थोड़ा चिढ़ते हुए कहा- यार, अब मेरे रुकने से चाय का क्या संबंध है?तब उन्होंने कहा- आपको पता भी है हम पहले चाय पीते ही नहीं थे.

यह बात 2013 की है, मैं किसी काम से कपूरथला (पंजाब का ही एक शहर) गया था. मैंने अपनी जेब से रंग निकाला और भाभी की चुत में उंगली से डाल कर चोदने लगा. जैसे ही यहाँ पहुंची तो रिया की बड़बड़ चालू हुई- ये कहा सुनसान जगह पे ले आई तू कम्बख्त? मुझे लगा किसी पब पे ले चलेगी। अब क्या आगरा जा कर इतनी रात में ताज महल दिखाएगी? कामिनी, तेरे चक्कर में रात ख़राब हुई.

मैंने जैसे ही एक झटका मारा, मेरा आगे का टोपा उसकी गांड में चला गया और वो चीखने लगी- ओह्ह मम्मी मर गई मयंक बाहर निकालो यार नहीं तो मर जाऊँगी आह्ह. वो बोलीं- ये क्या कर रहा है?मैंने कहा- चुप रहो नहीं तो हल्ला मचा दूँगा कि तुम मुझसे गांड मारने के लिए कह रही हो. उसने कंडोम हटा कर मेरा लंड अपने मुँह में ले लिया और मैंने भी दो-चार धक्कों में ही सारा अमृत उसके मुँह में छोड़ दिया.

पापा को ऑफिस से छुट्टी न मिलने की वजह से वो हमारे साथ नहीं जा पाये थे. अब मैंने उसे कमोड पर झुकाया और पानी की बौछारों के बीच हमारी चुदाई एक बार फिर से शुरू हो गई.

)मैंने अब शॉट नहीं मारा, मैं रुका रहा, उसका दर्द जब कुछ कम हुआ तो मैंने धक्का मार कर लंड पूरा अंदर डाल दिया.

अब मुझ में और बुलेट ट्रेन में कोई ज्यादा फर्क नहीं था, बहुत तेज चोदने लगा अपनी बहन की चूत को, पूरा बेड ऐसे हिल रहा था कि मानो बहुत तेज वाला भूकंप आया गया हो!अब वो बेड भी डांसिंग बेड बन गया था. देहाती हिंदी पोर्न वीडियोमेरे पेरेंट्स रोज ऑफिस जाते हैं इसलिए कई बार तो मैं घर में बिल्कुल अकेला ही होता था. ब्लू फिल्म बीपी ब्लू फिल्मउसने मंजरी की दोनों टाँगें पूरी तरह से खोल दी और अपना पूरा मुँह उसकी चूत से सटा दिया कि उसके होंठों और मंजरी की चूत के होंठों में से हवा भी न गुज़र सके. पहले तो मैंने ज़्यादा ध्यान नहीं दिया था, लेकिन पता नहीं एक दिन क्या हुआ कि मैंने उससे बोला कि खुशबू मेरी एक बात मानेगी, मुझे कुछ कहना है.

भाभी को अत्याधिक पीड़ा हो रही थी तो भाभी ने मुझे थोड़ा रुकने को कहा तो मैं थोड़ी देर के लिए रुक गया.

अंजलि ने मेरे आधे लंड को हाथ से पकड़ा हुआ था और बाक़ी का आधा लंड अपने मुंह में लेकर जोर जोर से चूस रही थी. बाहर चलेंगे। और हां, कपड़े इतने ही पहनना कि बस निप्पल और चुत ढक जाए, समझी?रिया ने उल्टा सवाल दागा- पागल है? रात के 11 बज रहे हैं. कभी मम्मों को दबाना तो कभी मुँह में लेकर उसके चने के समान, जो भूरे ब्राउन रंग के निप्पल थे, उन्हें मुँह में लेकर चूसने लगा था.

मैंने गीतांजलि से पूछा- कैसी हो और यहाँ कैसे खड़ी हो?उसने कहा- मैं सिमरन के घर जा रही हूँ। क्या आप भी उसके घर जा रहे हो?मैंने बताया कि मैंने उसके इंस्टीट्यूट में इंगलिश बोलने का कोर्स करना था जिसके लिये एडमीशन फॉर्म फिल करना है, इसलिये उसने मुझे आज अपने घर बुलाया है, मैं वहीं जा रहा हूँ. दिमाग में बस दो तीन प्रश्न घूम रहे थे जैसे- आखिर मुझमें ऐसा क्या है? और मैं इतनी अच्छी क्या सच में हूँ कि लड़कों की नींद गायब कर सकती हूँ? अगर इतनी अच्छी हूँ तो मैं क्या करूँ और अमित क्यों चाहता है मुझे गले से लगना? उसे आखिर मुझसे केवल गले लग कर क्या मिल जाएगा?ये सब सोचते सोचते मैं कब सो गई, पता नहीं चला और जब मेरी आँख खुली तो सुबह के 9 बज रहे थे. इतना कह कर मैंने शावर चालू कर दिया और उसे अपने पास खींचते हुए साथ में नहाने लगा.

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कुछ देर बाद आंटी ने बैग से खाना निकाला और पेपर प्लेट में परोसने लगीं. जब सर ने देखा कि मेरी कामुकता भी अपनी चरम पर है तो उन्होंने अपने लंड को मेरी चूत के द्वार पर टिका कर एक झटका दिया तो सारा लंड एक बार में मेरी चूत में चला गया, मेरे मुंह से जोर की अहहह हहह निकली. अंकित ने झुक कर माया का एक निप्पल मुँह में ले लिया और दूसरे को मरोड़ने लगा.

फिर उसने अपने लंड को मेरे मुख से निकाल लिया, मैं बाथरूम के फर्श पर लेट गयी, फर्श मुझे बहुत ठंडा लगा लेकिन चूत की कमुकतावश सब सह गई.

उसके शरीर की खुशबू से और उसके छूने से मेरा मन उछल रहा था, मैं उत्तेजित हो रहा था.

लगभग 5 मिनट की चुत चुसाई के बाद मॉम मचलने लगी, उनका बदन काम्पने लगा, उनके मुंह से आनन्द भारी सिस्कारियां निकलने लगी जो मैं रात की नीरवता में साफ साफ़ सुन पा रही थी. मैंने उसकी चूत को किस किया और फिर उसे घोड़ी बना कर वहीं पर बहुत बुरी तरह चोदने लगा, मैंने उसके दोनों हाथ मामी वाली सीट पर लगवा दिए और फिर पीछे से उसे चोदने लगा. ब्लू सेक्सी हिंदी बीपीमाया ने पहले अपने पेट पर से, फिर अपनी सेमीट्रांसपेरेंट साड़ी पर से कॉफी साफ़ की.

शुरुआत में उनके होंठ घबराहट के थरथरा रहे थे; शायद वो थोड़ा नर्वस थीं. मैं हर साल गर्मियों की छुट्टी में अपने मामा के घर घूमने जाता था, उस बार तो बात नहीं बनी, फिर दीवाली आई, खुशबू मामा के साथ भाई दूज पर हमारे घर आई. हम सभी लड़की वालों के घर गए और वहां हमारा बड़ा अच्छा स्वागत आदि हुआ.

विनीत उठा और उसने हमें देखा लेकिन कुछ नहीं बोला और ऐसे ही नीचे आ गया. मैं जोर जोर से एक हाथ से उसके चूचे दबाता रहा और मुँह से दूसरे चूचे को काटता रहा.

मैं अपने रूम में लेटा हुआ अन्तर्वासना सेक्स स्टोरी पढ़ कर मुठ मार रहा था, बहन स्कूल चली गई थी, नानी अपने कमरे में थीं, वो काफ़ी ओल्ड हैं तो बेड पर लेटी रहती थीं.

मैं सुबह 7 बजे दिल्ली पहुँच गई, उस दिन कॉलेज था तो दिव्या कमरे पर आ चुकी थी. तुमने बोला कि तुमने कभी सेक्स नहीं किया पर मुझे लगता है कि तुम ने सेक्स किया हुआ है?तो वह बोली- नहीं, कसम से… मैंने कभी नहीं किया सर!वो मुझे सर बोली… पता नहीं क्यों? पर मुझे क्या मतलब था, मुझे तो उसकी चूत को अच्छे से चोदना था. उसकी जिद ने उस दिन हद कर दी, सारी रात कॉल कर करके मोनिका को सोने नहीं दिया.

फिल्म दे बीएफ हां पर ये सारी बातें जैसे भूल जाओगे कभी मुझसे भी जिक्र मत करना, जब तक मैं खुद न करूँ. फिर एक दिन मेरे क्लास का सबसे अमीर और दिखने में भी अच्छे लड़के ने मुझसे दोस्ती करने को कहा.

उसने मुझे जो अमित ने पहली बार ड्रेस दी थी, वही मांगी तो मैंने दे दी. और मेरे साथ भी यही हुआ, कोई भी भाई अगर वो जवान है तो कभी मना नहीं करेगा. हम सभी लड़की वालों के घर गए और वहां हमारा बड़ा अच्छा स्वागत आदि हुआ.

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उस लड़के के घर जाकर पूछा कि वो कहाँ है?उसके घर वालों ने कहा कि कहीं बाहर गया है. मुझे लगा कि भाभी शायद नाराज़ हो जाएँगी पर उन्होंने बिना कुछ कहे अपना ब्लाउज निकाल दिया. मैं बड़े आहिस्ता से उसके पहलु से निकला और अपनी टी शर्ट और लोअर पहन लिया.

उस ने इधर उधर देखा और झट से मेरे सर को पकड़ कर एक जोरदार किस कर दिया. 10 मिनट बाद रिया ने मेरा सर पकड़ लिया और अपने लंड को मेरे गले तक पेल दिया और चिल्लाई- रण्डी साली, मैं झड़ने वाली हूँ.

फिर मैंने उस के पेटिकोट का नाड़ा पकड़ कर खींच दिया तो उसका पेटीकोट उसकी जांघों से सरकता हुआ नीचे उस के पैरों में गिर गया.

फिर वो मेरी पीठ पर एक हाथ ले गया और दूसरे हाथ को पट्टी के पास ले गया. मैंने कहा- टैलिपैथी से तुम्हारा संदेश मुझे पहले ही मिल गया था!अब प्रेरणा और फफक कर रो पड़ी और मुझसे लिपट कर कहने लगी- ओह संदीप, तुम नहीं होते तो मेरी जिन्दगी का मकसद पूरा नहीं हो पाता और मैं भी जिंदा नहीं होती।उस वक्त माहौल भावुक हो उठा था, फिर धीरे धीरे सभी सामान्य होने लगे. सागर नशे में आ गया था बोला- ब्लाउज भी उतार दो ना दीदी तो और आराम लगेगा.

इसी कारण से सेक्स को अनैतिक और धर्मविरुद्ध कृत्य माना जाने लगा है।धर्म, राज्य और समाज ने स्त्री पुरुष के मध्य संबंधों, सम्पर्क को नियंत्रित और सीमित करने की कोशिश की।इस नियन्त्रण के कारण लोग सेक्स पर बात करने और किसी भी प्रकार की यौन सामग्री पढ़ने, देखने से कतराते हैं. मैंने देखा कि बातें करते हुए बार बार उसकी नजर मेरे फूले हुए लौड़े पर जा रही थी. फिर उसने एकदम से पलट कर मुझे गले से लगा लिया, मुझे चिपक गया और मेरे चूचे दबाने लगा.

मैं धीरे धीरे उनकी नाभि को चूमता हुआ उनकी चूत के सामने आया और उनकी पैंटी को निकाल कर उनकी चिकनी, गुलाबी, बिना बालों वाली चूत को किस करने और चाटने लगा.

दिव्या भारती का बीएफ: मैंने गीतांजलि से पूछा- कैसी हो और यहाँ कैसे खड़ी हो?उसने कहा- मैं सिमरन के घर जा रही हूँ। क्या आप भी उसके घर जा रहे हो?मैंने बताया कि मैंने उसके इंस्टीट्यूट में इंगलिश बोलने का कोर्स करना था जिसके लिये एडमीशन फॉर्म फिल करना है, इसलिये उसने मुझे आज अपने घर बुलाया है, मैं वहीं जा रहा हूँ. इस वीडियो में लड़की लड़के के कपड़े उतारती है तो मैंने कहा- जयसे ये कर रहे हैं ना, वैसा ही हम करेंगे, बहुत मजा आएगा.

मैं- तो क्या सोचा है क्या करोगे? सैटिंग करवाओगे कि नहीं?अमित- मैं क्या बताऊँ तुम जो भी कहो, जैसे बताओ. दस मिनट तक इसी तरह से चुदाई करने के बाद हम दोनों ने पोज़िशन बदल ली. अब मैं फिर आंटी के पीछे था और इस बार मैं अपना लंड आंटी की गांड के ठीक छेद में लगा रहा था और उनकी गांड पे धीरे धीरे लंड फेर रहा था.

भाभी- आह… राजा… धीरे मसलो… उम्म्ह… अहह… हय… याह… प्लीज़ धीरे करो!वो सीत्कार करती ही रह गईं.

यह कह कर उसने मेरी कमर पर किस कर लिया, फिर पेट पर कर लिया और आगे मेरी क्लीवेज में तो जुबान ही लगा दी. मैं भी थक चुका था और करीब 10-15 धक्कों के बाद मैं टूट गया और भाभी की चूत में फव्वारा चला कर आँखें बंद करके उनके मम्मों में मुँह देकर लेट गया. वो- मेरा नाम शीतल है, एक्चुयली मुझे आपसे कुछ काम था?मैं- हाँ जी, बोलिए… मैं अर्जुन हूँ, मैं आपकी क्या मदद कर सकता हूँ?वो- वो क्या है… मुझे अपनी कुतिया की क्रासिंग करवानी है और मुझे यहाँ की किसी ‘पैट शॉप’ का पता नहीं है जो मेरी हेल्प कर दे, क्या आप मेरी मदद करोगे? आपको तो पता होगा, आपके पास भी डोग्गी है!मैं- जी जरूर, जरूर मदद करूंगा.