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?यही होता है एक परिपक्व और मंजे हुए खिलाड़ी और नौसिखिए में अंतर…! हम दोनों को पता था कि चुदाई करनी है, मिले भी थे इसीलिए लेकिन फिर भी एक झिझक थी, एक अनुभव हीनता थी।वो रातें सोच कर मैं आज भी रोमांचित हो जाता हूँ।उसने बोला- कैसे?‘आँखे मूंदो.!उसे देखते ही मेरा लंड टाइट हो गया था। बस उस दिन से उसे चोदने का मन बना लिया था, पर बदनसीबी से कोई मौका ही नहीं मिल रहा था।एक दिन मैं टीवी देख रहा था, तभी मेरी मम्मी ने आवाज़ लगाई कि काली (उसका नाम) को खेत में से चारा लाने के लिए उसकी मदद करो। मैं उसके पीछे-पीछे चलने लगा उसकी मटकती गाण्ड देख कर मेरा लंड टाइट हो गया और चलते-चलते मेरे पैर से ना जाने क्या टकराया.

घुस जाएगा!उसने मेरा लंड पकड़ कर अपनी बुर में लगा दिया और मुझसे बोली- अब लगाओ धक्का।मैंने धक्का मार दिया, मेरा लवड़ा उसकी चूत में घुस गया और वो अपने मुँह से आवाज़ निकालने लगी।‘आहह हहाह्वोव अहहहाआआआहा. पंजाबी लड़की का बीएफ वीडियो यार साहिल आराम से डाल ना देख कैसे आँखों में आँसू आ गए बेचारी के…!नीचे से सचिन धका-धक चोदने में बिज़ी था।सचिन- उह उह आ.

!सारी दुनिया का मजा इसी काम है जैसे ऐसा लग रहा था, मन कर रहा था कि पूरा लन्ड घूसेड़ दूँ। उसकी चूत काफ़ी टाईट थी क्योंकि मेरा औसत मोटाई का लन्ड उसकी चूत में फ़िट हो रहा था और मुझे ताकत लगानी पड़ रही थी।मैंने जो सोचा था वो नहीं हुआ, मेरा वीर्य 5 मिनट के बाद ही निकल गया। जैसे ही मेरा वीर्य निकला, मुझे लगा कि सारा वीर्य इसमें ही निकाल दूँ और यह वीर्य निकलता ही रहे।‘उफ़… ओह… ओह.

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फिर वो रुकी और शांत हो कर बोली- मैं यह सब क्या बोल रही हूँ… आप तो मेरे भगवान है… हमारी शादी हो न हुई हो पर मैं आपको पति मानकर आज आपके साथ सुहागरात मनाऊँगी।फिर हम एक-दूसरे में खो गए।दोस्तो, आप बताइएगा कि मेरी यह पहली कहानी कैसी लगी?आप मुझे ईमेल कीजियेगा।[emailprotected]. चूंकि वो मेरा सबसे अच्छा दोस्त था, हम लोग एक दूसरे के घर बहुत अच्छे से आते जाते थे, मेरे घर पर सिर्फ दादा और दादी थे और उसके घर पर बड़ी भाभी, मम्मी, पापा थे उसके भैया बम्बई में थे जो 6-8 महीने के बीच में 5-7 दिन के लिए आते थे. आज तुम मेरे बेबी हो, पी लो!और मैं उनका दूध पीने लगा। मेरा लिंग उनके हाथ में था और मेरा मुँह उनके मम्मे में था।वो बोली- अबे एक मम्मे से क्या दुश्मनी है दोनों को पियो.

!तब मैं तौलिया लेकर कमरे में गया तो गुसलखाने के बाहर दरवाजे से उनका नंगा हाथ बाहर आया हुआ था। मैंने तौलिया पकड़ाया और साथ में उनके हाथ तो फिर छू कर वहीं खड़ा हो गया और उन्होंने थोड़ी देर बाद जैसे ही अपना हाथ पीछे खींचा, मैंने दरवाज़े को धक्का दिया और गुसलखाने में अन्दर घुस गया।मामी बोलीं- यह तुम क्या कर रहे हो. मैंने सोचा कि इससे पूछ लेता हूँ कि फिर कब मिलोगी?लेकिन जो उसने बोला उसे सुनकर तो मुझे यकीन ही नहीं हुआ. अगर फट गई तो फिर क्या चुदवाओगी?’‘हटिए भी आप तो, आपको सचमुच ये इतनी अच्छी लगती है?’‘तुम्हारी कसम मेरी जान… इतनी फूली हुई चूत को छोड़ कर तो मैं धन्य हो गया हूँ और फिर इसकी मालकिन चुदवाती भी तो कितने प्यार से है।’‘जब चोदने वाले का लंड इतना मोटा तगड़ा हो तो चुदवाने वाली तो प्यार से चुदवाएगी ही.

बाद में भाभी ने भेद खोल दिया था कि उन्होंने तीनों पर्चियाँ मेरे नाम की डाली थी!बुआ की चुदाई की इंडियन सेक्स स्टोरीज कैसी लगी?[emailprotected]. यार साहिल आराम से डाल ना देख कैसे आँखों में आँसू आ गए बेचारी के…!नीचे से सचिन धका-धक चोदने में बिज़ी था।सचिन- उह उह आ. दीदी कैसे बात की आपने?दीदी ने बताया- उसका पति फ़ौज में है और शादी को आठ या नौ महीने हुए हैं। इन महीनों में वो सिर्फ़ दो बार ही घर आया है। जब बातों-बातों में मैंने उससे पूछा कि सेक्स का दिल नहीं करता.

मैं- ठीक है आंटी जी…मैं रसोई की तरफ़ जाते हुए (अपने आप से)- अबे कमीने…या तो माँ को पटा ले या बेटी को, किसी एक की तरफ ध्यान दे. उसके कामरस में इतना उबाल था कि मैं भी पिंघल गया और पूरी तेज़ी के साथ चोदते हुए उसकी चूत में ही झड़ने लगा.

बोल कर, गीता को ‘बाय’ किया। गीता की बस चल दी और मैं अपने घर आ गया और फिर रात में हमने बहुत बातें की।दूसरे दिन मैं कैसे गीता को चोदा और फिर उसकी स्कूल की अकाउंट डिपार्टमेंट की मेमों को चोदा, यह मैं आपको अवश्य ही लिखूँगा।मुझे अपने विचार और संपर्क के लिये नीचे दिए मेल पर संपर्क करें।आपका प्रेम प्रकाश[emailprotected].

तभी उन्हें अपने नंगे होने का अहसास हुआ और फुर्ती से अपनी लुंगी उठा के पहन ली एवं मेरा गाउन मुझे पकड़ा दिया और बोले- यह क्या कर रही थी? जाओ कपड़े पहनो.

मैं माफ़ी चाहता हूँ ऐसी गलती दुबारा कभी नहीं होगी, पर आप उस दिन इतनी खूबसूरत लग रही थीं कि खुद को रोक न सका।मैं अपनी तारीफ़ सुन कर खुश हुई और फिर सोचा कि ठीक ही तो कह रहा है इसमें गलती उसकी क्या थी. फिर उसकी रानों को चूमने लगा।फिर मैंने उसकी टी-शर्ट ऊपर की और उसकी चूचियों को मुँह से चचोरने लगा, अपना दूसरा हाथ मैंने उसके लोअर में डाल दिया।फिर क्या था उसने कहा- आराम से. पता नहीं भाभी क्या क्या बड़बड़ा रही थी, मैं लगातार धक्के पे धक्के पेले जा रहा था और भाभी आह्ह उह औछ्ह् करते हुए झड़ गई, उनकी चूत से पानी निकलने लगा, फिर मैं और स्पीड से चोदने लगा.

फ़िर मैंने धक्के लगाने शुरू किए और वो बोलने लगी- आह्ह अम्म्म उह्ह्ह और जोर से चोद राजाआआ… फ़ाड़ दे आज मेरी चूत. बाथरूम में अन्दर घुस गया और बोला- आंटी मुझे भी नहाना है।आंटी डर गई और बोली- तुम्हें दरवाजा खटखटाना चाहिए था।मैंने कहा- मैंने ड्रिंक ज्यादा कर ली है मुझे अब कुछ भी नहीं सूझ रहा है. शायद उसको भी मुझसे प्यार नहीं था, बस वो अपनी चूत की खुजली मिटवाना चाहती थी।मैंने उसे खुश करने के लिए उसको वहीं चुम्मी ली और उसके मम्मे दबाना शुरू कर दिए।वो बोली- अभी हम स्कूल में हैं.

थोड़े पागल किस्म के लोग हैं वो लोग चुदाई की हर हद पार कर चुके हैं मगर पैसे भी खूब देंगे…पापा की बात सुनकर मैं एकदम सन्न रह गई क्योंकि चुदाई के चक्कर में अब ना जाने मेरे साथ क्या-क्या होने वाला था। पापा ने तो मुझे सचमुच की रंडी बना दिया था।कहानी जारी रहेगी।मुझे आप अपने विचार मेल करें।.

फिर मैंने कहा- भाभी, मुझे भी मूतना है!तभी भाभी मेरा लंड पकड़ कर अपने मुँह में लेकर बोली- आज तुम्हारा मूत पीना है मुझे. 5 इंच का मोटा है। मुझे चुदाई की कहानियाँ पढ़ना बहुत अच्छा लगता है और मैं अन्तर्वासना का नियमित पाठक हूँ।मैं मुरादाबाद उ. भाभी- और सुनाओ समीर, कोई मिली या नहीं?मैंने भाभी को अपने पेशे के बारे में कुछ भी नहीं बताया कि मैं एक जिगोलो बन गया हूँ, उनकी नज़रों में मैं अब भी एक सीधा-सादा इंजीनियरिंग का छात्र था.

बहुत गर्म लग रही हैं!वह बोलती है- तुम तो बिल्कुल ही चूतिया जैसी बातें कर रहे हो। इतना भी नहीं जानते कि लड़की गर्म क्यों होती है?और उन्होंने धीरे से अपना हाथ मेरे लंड पर रखा और मेरा हाथ उठा कर अपनी चूत पर रखकर बोली- अब देखो कितना गर्म है!तब मुझे न जाने कैसा लगने लगा और मैंने अपना एक हाथ अपने लंड पर रखा और दबाने लगा।तभी भाभी ने अपना हाथ मेरे लंड पर रखा और बोला- अब तो तुम भी गर्म लग रहे हो. चाची चिल्ला रही थी और बोल रही थी- विशाल! और जोर से चोदो… बहुत मजा आ रहा है, अओह… विशाल चोद दो मुझे! आज मत छोड़ना! आह…आ आह! की आवाज से पूरा कमरा गूंज रहा था. तब मैं आहिस्ता आहिस्ता हिलने लगा और अपने लंड को उसकी चूत के अन्दर बाहर करने लगा जिससे रिया को आनन्द आने लगा था.

बहुत मजा आता है!उसने कहा- क्या तुम्हें दर्द नहीं होता?मैंने कहा- होता है, पर मजा इतना आता है कि मैं उस दर्द को भूल जाती हूँ और वैसे भी दर्द में ही असली मजा है !यह बात सुन कर वो पागल सा हो गया, उसने करवट ली और मेरे ऊपर आ गया।अब उसने अपना खूंखार रूप ले लिया, उसने मुझे पूरा दम लगा कर चोदना शुरू कर दिया।मैं अब ‘हाय…हाय’ करने लगी.

उसने मुझे अपने साथ खींच लिया और स्लो डाँस करना शुरू कर दिया। अब उसके हाथ मेरी कमर पर थे, क्यूंकी इससे पहले उसके हाथ में बर्फ वाला विस्की का ग्लास था तो उसके हाथ से मेरी स्किन गीली और ठंडी हो गई. जल्दी से मुझे चोद दो।’मेरा आधा ही लंड घुसा था, तो उसने कहा- धक्का मारो लंड घुस जाएगा।मैंने धक्का मारा और देखा तो मेरा पूरा लंड उसकी बुर में घुस गया था और वो मजे में चिल्ला उठी- वाऊ.

पंजाबी लड़की का बीएफ वीडियो थोड़ी देर में लोग जाने लगे और अब वहाँ पर कुल तीन औरतें थी, भाभी, मैं और मेरी सहेली जिसका मेरे भाईजान से भी याराना है और दो ही मर्द थे भाईजान और आदिल. हम काफ़ी पास पास थे तो हमारी जांघें एक दूसरे को छू रही थी पर अनलाइक जॉय, राज के साथ ऐसे बैठने में मुझे अनकंफर्टबल नहीं लग रहा था।उस एक ही रात में मैं राज के काफ़ी करीब आ गई लेकिन उसके बारे में मैं तुमको बाद में बताऊंगी.

पंजाबी लड़की का बीएफ वीडियो दुबे और मामा ने एक साथ मिलकर नेहा से कैसे मजे लिये। इस कहानी पर अपनी प्रतिक्रिया मेरे ई-मेल आईडी[emailprotected]पर भेज सकते हैं।प्रकाशित : 15 अप्रैल 2013. पुरानी बीती बातों में उलझा कर मैं आपका अधिक समय बर्बाद नहीं करते हुए आपको उस घटना का विवरण बताना चाहूँगा जो मेरे साथ तीन वर्ष पहले घटी थी.

ओह…!सचिन ताबड़-तोड़ लौड़ा पेलता रहा और आरोही तड़पती रही। बीस मिनट की चुदाई के बाद दोनों झड़ गए।अन्ना- कट… मस्त एकदम हॉट… मज़ा आ गया… इसे कहते है पर्फेक्ट शॉट…!आरोही ने सचिन को धक्का दिया, हटो भी अब.

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मैंने देखा कि टीवी के पास में प्ले-स्टेशन (विडियो गेम) रखा हुआ था, तो मैंने उससे पूछ लिया- मोनू तुम्हें गेम्स पसंद हैं क्या?मोनू- हाँ… मुझे विडियो गेम्स खेलना बहुत अच्छा लगता है, क्या आप खेलेंगे मेरे साथ?मैं- नहीं मोनू, मैं तो बस यूँ ही पूछ रहा था. !उसने फिर स्माइल दी मैंने उसका नम्बर माँगा जो मुझे मिल गया और मैंने उसे अपना नम्बर दे दिया।एक हफ्ते के बाद उसने मुझे कॉल किया- मैं तुमसे मिलना चाहती हूँ, आज हमारे घर में कोई नहीं है!मैंने ‘हाँ’ कर दी और मैं ठीक समय पर पहुँच गया।उसने दरवाजा खोला।क्या कयामत लग रही थी. अच्छा बुलाता हूँ !’फिर उसने गले पर एक उंगली फेर कर मुझे इशारा किया कि यदि कुछ कहा तो… और मुझे फोन थमा दिया।मैंने मम्मी से इंग्लिश में बात तो क़ी, पर सारी घटना के बारे में कुछ भी नहीं बताया, फिर मैंने रामदीन को यह कहते हुए फोन थमा दिया कि मम्मी उससे कुछ बात करेंगी।कहानी जारी रहेगी।मुझे आप अपने विचार मेल करें।.

अब मैं नहीं छोडूँगी!फिर उसने मेरे लण्ड को अपने दुपट्टे से साफ़ किया और मुँह में लेने लगी।मैंने कहा- क्या कर रही हो?उसने कहा- चुप रहो. जो कुछ मैंने देखा और सुना था उसको जानकर कोई धर्मात्मा भी विश्वास नहीं करता कि यहाँ बंद कमरे में सलोनी और अमित अकेले हों… वो भी ऐसी स्थिति के बाद जिसमे सलोनी को पूरी नंगी देख लिया हो… ना केवल नंगी देखा बल्कि उसको लगभग नंगी ही अपनी गाड़ी में बिठाकर लाया हो… फिर भी कुछ ना हुआ हो. वो ऐसे तो कभी नहीं बोलते थे।में चिल्ला कर बोली- तो फिर जब आपको पता था, तो फिर उनकी शादी क्यों की मेरे साथ? उनके साथ ही कर देते जो उनकी सेटिंग हैं।ससुर जी- तू मेरी पसंद है बहू, अताउल्ला की नहीं.

क्या बला की खूबसूरत लग रही थी मेरी दीदी !दीदी गुलाबी रंग की साड़ी में थी, पेट के काफ़ी नीचे बाँधी हुई थी साड़ी ! ओह ! हल्का भूरा…एकदम पतला सा पेट, मुलायम, उस पर दीदी का कसा हुआ ब्लाऊज, बहुत सेक्सी लग रहा था.

कॉम पर पढ़ रहे हैं।मैं- तो अब क्या इरादा है?सुनीता- हे सुरभि, क्या बात करती है, मुझे शर्म आती है।सुनील सुनीता के हाथ पर हाथ हुए बोला- सच सुनीता जी, मैंने आपसे ज्यादा खूबसूरत औरत नहीं देखी।कहानी जारी रहेगी।आपके मेल के इन्तजार में[emailprotected]. !मैं भी हँस कर रह गया।उसने पूछा- भाभी जी कहाँ हैं?मैंने कहा- रसोई में है।मैं उसके लिए पानी लाने रसोई में गया और सोनू को बोला- चाय बना देना. थोड़ी देर के बाद पूजा ने मुझे संभलने तक का मौका ना देते हुए अपनी चूत का सारा पानी मेरे मुँह पर झाड़ दिया.

‘कोई भी मजेदार और मस्त खेल जो मुझे ना आता हो और आपको अच्छा लगता हो!’ रीटा भी अपनी शानदार फूले हुऐ गुब्बरों को राजू की छाती से रगड़ती आँखों में आँखों डाल कर बोली. अब चुदाई का मज़ा आएगा।’ मैं हौले-हौले धक्के लगाता रहा।कुछ ही देर बाद रूबी की चूत गीली होकर पानी छोड़ने लगी।मेरा लण्ड भी अब कुछ आराम से अन्दर बाहर होने लगा, हर धक्के के साथ ‘फक-फक’ की आवाज़ आनी शुरू हो गई।मुझे भी अब ज़्यादा मज़ा मिलने लगा था। रूबी भी मस्त हो कर मेरा सहयोग देने लगी थी।अब वो बोल रही थी- अब अच्छा लग रहा है जानू. एक देसी और एक विदेशी ! उसे देसी सीट पसंद थी, मैं विदेशी सीट पर बैठ गया और संडास करने लगा। वो मेरे सामने ही देसी सीट पर बैठ कर संडास करने लगी। मुझे उसकी संडास की खुशबू भी अच्छी लग रही थी।मैंने कहा- आरज़ू, तेरी गांड मैं धोऊंगा आज.

तब रीटा के हाथ अपने आप मोनिका की खोपड़ी पर कस गये और अब तो रीटा का दिल कर रहा था कि वह मोनिका को पूरा का पूरा अन्दर सटक ले. हम जरूर मिलते और चूत चुदाई खेलते।एक-दो बार मैंने उसे अपने दोस्त के साथ मिल कर भी चोदा।मेरी इस कहानी के बारे में मुझे ईमेल जरूर कीजिएगा.

मदहोश होने लगी थी मैं, फिर सर ने पैंटी खोल डाली… मैं बिल्कुल नंगी थी लेकिन झांटों में बाल थे…मोहित- ओह नो… बाल… डोंट वरी…मोहित सर ने मुझे लेटाया और खुद क्रीम लगा कर झांटें शेव की. प्रेषक : सुनील कश्यपमुझे महसूस हुआ कि वह अब झड़ने वाली है। अब वह बोलने लगी- सुनील, मैं झड़ रही हूँ, हे भगवान् ! आह. आज तुम मेघा पर छाए हुए हो।इसी तरह मेघा बोलती और सिसकारियाँ लेती रही।पूरे 3 मिनट की चुदाई के बाद मेघा आंटी ने ‘आह्ह्ह्ह लव.

फिर सोनिया मेरी तरफ देखकर हंसी और बोली- साली रंडी, इन दोनों लड़कों का हाथ पकड़ कर अपने जवां जिस्म के उस अंग पर लगा कि इन्हें जन्नत नजर आ जाये.

उन्होंने कहा- सुपारी का रस थूकना नहीं चाहिए बल्कि निगल जाना चाहिए, तुम मेरे मुँह में रस के साथ सुपारी को डाल दो. !यह कहानी आप अन्तर्वासना डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं !माँ ने कहा- अच्छा, अपनी टांगें फैला कर पीठ के बल लेट जाओ, मैं वैसलीन की शीशी लाती हूँ. तुम्हारी गाण्ड भी बहुत मस्त मुलायम है, इसको भी मारने में मज़ा आएगा, फिलहाल तो तेरी चूत का मज़ा ले लूँ।रेहान ने लौड़ा चूत में पेल दिया और जूही के बाल पकड़ कर सटा-सट शॉट मारने लगा।जूही- आआआआआ आआआआअ आआआअ एयाया आराम से आ उ आ उफ़फ्फ़ सस्सस्स आह धीरे आ आ…!रेहान- थोड़ा उहह उहह उहह.

अभी नहीं… यहाँ कोई भी आ सकता है। फिर ये भी तो सो रहे हैं, अभी ऐसे ही कर लेते हैं, बाद में होटल में जाकर आराम से. अब तक हम दोनों ने एक दूसरे के साथ भरपूर बात कर चुके थे, हमबिस्तर हो चुके थे और शायद एक दूसरे के शरीर का एक एक अंग देख चुके थे, छू चुके थे, चूम चुके थे.

कुछ तो करो भाभी प्लीज…भाभी ने थोड़ी देर सोचने के बाद कहा- मैंने सोच लिया देवर जी कि आपका पूजा के साथ मिलन करवा के रहूँगी वो भी आज रात ही. जोर लगाओ और चोदो मुझे…!उसने मेरी बात सुनते ही एक हाथ मेरे चूतड़ के नीचे रख कर पकड़ा और अपना लिंग थोड़ा बाहर खींच कर फिर से धक्का दिया और फिर. ”अब वहाँ रुकने का कोई अर्थ नहीं रह गया था।लिफ्ट से नीचे आते मैं सोच रहा था कि ये औरतें भी कितनी जल्दी आपस में खुल कर एक दूसरे से अपने अंतरंग क्षणों की सारी बातें बता देती हैं। मधु मेरे सामने तो लंड, चूत और चुदाई का नाम लेते भी कितना शर्माती है और इस जीत रानी (रूपल) को सब कुछ बता दिया। ओह … मधु मेरे मन की बात जानती तो है। चलो कोई अच्छा मौका देख कर इस बाबत बात करूंगा।कई भागों में समाप्य !.

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मैं आपका… ?मामी ने मेरे होंठों को अपने मुँह में लिया था… और थोड़ी देर के बाद बोली- मैं 38 की हूँ… तू 18 का… ये यूके है. आंटी- तो इतनी सी बात के लिए झिझक क्यों रहे हो बेटा, इसे अपना ही घर समझो, जाओ रसोई में फ़्रिज रखा है वहाँ से पी लो. थोड़ा ते हो रया है? पर तुस्सी चिंता ना करो कि पूरा अन्दर चला गिया?’मेरा आधा लण्ड ही अन्दर गया था पर मैं उसे यह बात नहीं बताना चाहता था। मैंने उसे गोल मोल जवाब दिया’ओह.

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मसल दो मुझे !” विनायक मेरे बदन के हर हिस्से को होंठों से चूम रहा था, हाथों से मसल रहा था और मैं आनन्द से उसकी बाँहों में सिसक रही थी, मचल रही थी. अपने सीने से दबाओ न।उसके मुख का रसपान के बाद मैंने उससे कहा- सेक्स के बारे में कितना जानती हो?उसने शरमा कर कहा- धत.

5 इंच का लण्ड तंबू बना हुआ था।मैंने प्यार से उसे देखा फिर हमारी नज़रें पहली बार मिलीं और मैंने आराम से उसे चुम्बन करना शुरू किया। पहले सिर पे, फिर आँखों पर, नाक पर मैंने चुम्बनों की झड़ी लगा दी करीब 25-30 चुम्बन ले लिए। हम लोग अपने प्यार की मस्ती मग्न थे और धीरे-धीरे ऐसे ही 10. पार्टी कोई ज्यदा बड़ी नहीं थी इसलिए वहाँ पर सिर्फ कॉलेज के हमारे कुछ साथी ही थे, पिंकी, स्वाति, सोनम, मोनिका, मोनिका का भाई अंकुर जो हमारे साथ ही कॉलेज में है, सोनिया का भाई दीपक, मनीषा और प्रिया. एक बार जब मेरे घर पर कोई नहीं था तो मैंने उसे अपने घर पे बुलाया और उसके अन्दर आते ही हम दोनों एकदूसरे में खो गये.

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तीसरे वर्ष में प्रवेश हुआ था। तब मैं 19 साल की थी। मेरी एक सहेली थी उसका नाम पूजा था। जो मेरे घर के कुछ ही दूरी पर रहती थी। पूजा और मैं कोई भी बात नहीं छुपाते थे। उसका एक भाई भी था जो एम.

वो तो चिल्ला पडी- अरे मार डालोगे क्या??मैंने उनके चूतड़ सहलाये और आगे हाथ बढ़ा कर उनकी चूचियाँ दोनों बगलों से दबाने लगा… करीब 3-4 मिनट में भाभी फ़िर पानी छोड़ने लगी. मैं उस पर बैठ गई फिर अपने चूतड़ों को थोड़ा ऊपर कर के उसका लंड अपनी चूत के मुँह पर रखा और बोली- धीरे से डालना!यह सुन कर वो खुश हो गया.

आह आआआअह” मैंने उन्हें चुम्बन करना शुरू कर दिया, मैं जीभ से उनकी गले और छाती की घुंडियों को चाटने लगी।उनका कामदेव अब पूरी तरह जग चुका था। हम दोनों एकदम खुल चुके थे।मुझे बिस्तर पर लिटा कर उन्होंने कहा- चल कुतिया का पोज़ बना. वो रोने लगी थी और कराह भी रही थी पर मैं थोड़ी देर ऐसे ही रहा और बाद में जब उसे थोड़ा ठीक लगने लगा तो मैं धीरे धीरे उसे झटके मारने लगा. !’ मैंने भी जवाब दिया।मैं वापस बेड पर लेट गया, भाभी बोलीं- तुम आराम करो, मैं नहाने जा रही हूँ।मैंने फ़िल्मी अंदाज़ में कहा- जान, हमें यूँ अकेला छोड़ के ना जाओ, तेरे बिना हम कैसे जियेंगे…!यह सुन कर वो मुस्कुराई, पास आई और मेरे लबों को चूम कर बोलीं- वादा करती हूँ ज्यादा इन्तजार नहीं करना होगा।भाभी ने बताया- बगल वाले कमरे में कम्पयूटर है, नेट कनेक्टीविटी के साथ… चाहो तो यूज कर लो….

मुझे बिल्कुल पता नहीं था कि वो चुम्मा ले चुके थे या केवल साड़ी ही ऊपर कर पाये थे !मैं एकदम से पीछे को हो गया !तभी मुझे सलोनी के बिस्तर से उठने की झलक भी दिखाई दी, दो सेकंड रूककर जब मुझे लगा कि अब दोनों सही हो गए होंगे, मैंने कमरे में प्रवेश किया …अंकल का चेहरा तो फ़क सफ़ेद था, मगर सलोनी सामान्य तरीके से अपनी साड़ी सही कर रही थी…सलोनी- ओह जानू आप आ गए. ’और उसे एक हाथ से खींच कर अपनी जाँघों पर बिठा लिया और एक चुम्बन करने के बाद कहा- तुम शराब पीती हो?उसने ‘नहीं’ कहा।‘कोई बात नहीं. और समय पर उनके घर चला गया। यह मैं लखनऊ की बात कर रहा हूँ। वहाँ उनके पति मुझे स्टेशन लेने आए थे। वहाँ से सीधे उनके घर गए। आपस में बातचीत के दौरान मुझे मालूम हुआ कि पति का नाम अवि था और पत्नी का नाम रेखा था। वहाँ अच्छा घर था, फ्रेश होने के बाद कमरे में आया और पूछा- क्या करना है?अवि बोला- आप रेखा की मालिश कर दो.

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मैंने खींच कर उसे हटा दिया।मैं थोड़ा पीछे खिसका और दीवार का सहारा लेकर बैठ गया और उसे अपनी तरफ़ खींच लिया।मैं उसे बांहों में इस कदर पकड़े बैठा था कि उसकी कमर के ऊपर का हिस्सा मेरी गोद में रहे और बाकी का बिस्तर पर।मेरा एक हाथ उसकी कमर पर लिपटा था और एक उसके सर को सहारा देकर अपनी ओर बनाए रखा था।उसने अपने बाँहें मेरी गर्दन से लिपटा रखी थीं और हम चुम्बन में मग्न थे।जब भी मैं उसके होंठों को अकेला छोड़ता. तभी भाभी से नहीं रहा गया और खुद मेरे लंड को हाथ में पकड़ा और अपने चूत के दाने पर रगड़ने लगी… मैं तो बेकाबू होने लगा, वहीं दीवार पर उनकी पीठ टिका दी और उनके पैर खुद ही फ़ैल गए लंड को रास्ता देने के लिये…ऊउफ़्फ़ कितना पानी निकाल रही थी भाभी. उसका रंग गोरा और चेहरा अंडाकार है तथा नैन नक्श बहुत ही तीखे हैं! ऐसा लगता है कि वह किसी प्रख्यात मूर्तिकार की एक उत्कृष्ट रचना है.

मैं भी अपने आपको नहीं पाई, पता नहीं क्यूँ पर मेरा भी एक बार तुम्हारे साथ सेक्स करने का मन है।मैंने बोला- तो फिर आज ही करते हैं!तो बोली- नहीं, आज मेरी ट्रेन है. तभी रोहित ने मेरी सोसाइटी के सामने वाली सोसाइटी में गाड़ी घुमाई और बोला- मैं यहाँ रहता हूँ!तो मैं हक्की-बक्की रह गई. भोजपुरी बीएफ सेक्सी दिखाएंउस समय मुझे ऐसा लगा मानो भैया स्वयं कामदेवता बन कर मेरी चूत को चाट रहा हो और वे मेरी नस-नस में कामसुधा-रस भर रहा था।मेरी चूत के होंठ चुदास की प्रबलता से कांपने लगे थे, मैं भैया से लगभग भीख माँगते हुए बोली- प्लीज़ भैया.

जल्दी से मुझे चोद दो।’मेरा आधा ही लंड घुसा था, तो उसने कहा- धक्का मारो लंड घुस जाएगा।मैंने धक्का मारा और देखा तो मेरा पूरा लंड उसकी बुर में घुस गया था और वो मजे में चिल्ला उठी- वाऊ.

!फिर हमने अपने आप को साफ किया और अपने अपने कपड़े पहने और वहाँ से आ गया।इसके बाद मैंने उन्हें कई बार चोदा उनकी गांड भी मारी। फिर उसके बाद मैं एक कम्प्यूटर कोर्स करने लगा, जिस कारण मैं बिजी हो गया। पर जब भी मुझे मौका मिलता है, मैं उन्हें जरूर चोदता हूँ।मेरी कहानी आपको कैसी लगी, मुझे जरूर मेल करें, अगर मुझे आपका समर्थन मिला, तो मैं अपनी और भी कहानियाँ लिखूँगा।[emailprotected]. अब मेरा नम्बर भी लगना है।वो अश्लील हँसी हँसने लगी और अब अनिल जोरों से धक्के लगाने लगा था।करीब 15-20 मिनट की पूरी धकापेल के बाद साँस रुक गई शरीर जैसे थम गया और बहुत जोरों से मेरा शरीर अकड़ गया। इसी के साथ मैं स्खलित हो गई और पसीने से लथपथ हो गई, पर अनिल तो अभी भी लगा हुआ था।मुझे लगने लगा कि वो मुझे छोड़ेगा नहीं.

जब मैंने हामी भर दी तब उन्होंने कस कर एक और धक्का मारा और अपना पूरा महाराज मेरी महारानी के बाग में पहुँचा दिया. कि बुराई का अंजाम बुरा ही होता है, पर रेहान जो कर रहा है वो भी सही नहीं है।अब आप सब समझ सकते हो कि मेरे कहने का मतलब क्या है? आप जल्दी से मेरी आईडी[emailprotected]पर मेल करके अपनी राय दें अब जल्दी ही कहानी का अंत आपके सामने पेश करूँगी, ओके बाय।. अब आ भी जाओ… कल रात को बहुत तड़पाया तुमने!और वो मुझसे लिपट गई। इतनी तड़प थी उसमें कि उसने मेरे होंठ चूस-चूस कर लाल कर दिए और मेरे हाथ अपने मम्मे पर खींच लिए और मुझ से लिपट कर मुझे चूमने लगी।मेरी पहली बार में तो समझ में ही नहीं आ रहा था कि क्या करूँ.

आखिर छबीली रीटा की रसीली चूत ने छोटे छोटे पाँच छः झझाकों के साथ मूतना बंद कर, टप टप हीरे सी जगमगाती बूंदे टपकाने लगी.

मज़ा आ जाएगा।मैंने अपनी जीभ उसकी चूत में डाल दी और जीभ से ही उसकी चूत को चोदने लगा।वो मस्ती में सिसियाए जा रही थी- चाट. मैंने कस कर उसकी चूत को मसल दिया तो ऋज़ू- अह्ह्हा…आआआ… मेरी चूत भी तेरे लौड़े को पूरा खा जाएगी।उसकी भाषा हर तरह की लगाम छोड़ती दिख रही थी. ओह… मुझे तो लग रहा है यह फट गई है प्लीज बाहर निकाल लो नहीं तो मेरी जान निकल जायेगी आया… ईईईई…!’मैं उसे बातों में उलझाए रखना चाहता था ताकि उसका दर्द कुछ कम हो जाए और मेरा लण्ड अन्दर समायोजित हो जाए। कहीं ऐसा ना हो कि वो बीच में ही मेरा काम खराब कर दे और मैं फिर से कच्चा भुन्ना रह जाऊँ। इस बार मैं बिना शतक लगाए आउट नहीं होना चाहता था।‘माया तुम बहुत खूबसूरत हो.

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बरसों बाद मेरी जीभ को चूत रस चखने को मिलेगा।पापा ने अपनी जीभ मेरी चूत में घुसा दी थी और जीभ से मुझे चोद रहे थे।दोस्तो, क्या बताऊँ वो पल ऐसा था जिसे मैं शब्दों में बयान नहीं कर सकती। मेरी चूत का फव्वारा फूट पड़ा।मैं गाण्ड उठा-उठा कर झड़ने लगी और पापा ने मेरा सारा रस पी लिया।मेरी आँखें बन्द थीं मैं दो मिनट तक झड़ती रही और फिर शान्त पड़ गई. आभार तुम्हारा (धन्यवाद) मेरी पलक !’ मैंने ‘मेरी पलक’ जानबूझ कर कहा था।अगले 3-4 दिन ना तो उसका कोई मेल आया ना ही उसने फोन पर संपर्क हो पाया। मैं तो उससे मिलने को इतना उतावला हो गया था कि बस अभी उड़ कर उसके पास पहुँच जाऊँ।फिर जब उसका फोन आया तो मैंने उलाहना देते हुए पूछा,’तुमने पिछले 3-4 दिनों में ना कोई मेल किया और ना ही फ़ोन पर बात की?’‘वो… वो. !और फिर एक सीडी निकाल कर टीवी चला दिया, पहले थोड़ी देर जो देखा तो मुझे यकीन ही नहीं हुआ कि क्या ये सच है।मेरे सामने ब्लू-फिल्म लगी थी। मैंने तब उनसे पूछा- क्या ये सच में हो रहा है.

दरवाजा खुला तो नौकरानी थी !मैंने कहा- तुम्हारी मैडम ने मुझे बुलाया है।उसकी नौकरानी को देखकर मेरे होश उड़ गए, मैंने सोचा कि नौकरानी इतनी सेक्सी है तो उसकी मालकिन कैसी होगी? उसका फिगर था 34″ 30″ 36″ क्या लग रही थी।उसने कहा- हाँ अन्दर आ जाओ. ससस्स हहाअ!भाई ने मेरी अन्दर की जाँघें बड़े प्यार से चूमी और सहलाते हुए मेरी जाँघों को फैला दिया।फिर भैया ने मेरी कमसिन कच्ची कली की खुशबू सूँघी- हमम्म हा. जाओ, मुझे भी काम है, यह घर पर ही रहेगा!मैं चली गई, उसकी नज़र अब तक मेरी कमीनी सोच में बसी थी। मेरा मन स्कूल में लग नहीं रहा था। उसका चेहरा, उसका बलशाली शरीर.

तो यहाँ क्या करोगे?वो बातें कर रही थी और मैं कमीना उनके वक्ष पर नज़र गड़ाए बैठा था !मैंने कहा- बस किसी कॉलेज मैं कुछ लेक्चरर बनने की सोच रहा हूँ. !अब मैंने और तेज़ी से उनकी चूचियों को चूसना शुरू कर दिया। उन्होंने अपने एक हाथ से मेरा लण्ड पकड़ लिया और दबाने लगी।मैं उनकी चूचियों को चूसते हुए नीचे की तरफ आया, देखा तो उनकी चूत पर हल्की-हल्की झाँटें थीं, शायद 2-3 दिन पहले ही साफ़ की होंगी।मैं उनकी चूत के चारों तरफ अपनी जीभ फेरने लगा तो वो और मस्त हो गई।अब मैंने अपनी ज़ुबान उनकी मक्खनी चूत पर फेरनी शुरू की… हाय. शाम को मेरा बेटा घर आया तब तक मेरी स्थिति कुछ सामान्य हुई।फिर शाम को मैं अमर से फोन पर बात की।मैंने उसे साफ़-साफ़ कड़े शब्दों में कह दिया- तुमने मेरी क्या हालत कर दी.

भाभी अपनी चूत को पहले ही मसल चुकी थीं, इसलिए ज्यादा देर तक नहीं टिक सकीं और मेरे सिर को पकड़ कर अपनी चूत पर दबाने लगीं. मुझे खुश पाकर…मैं सब भूल कर बेटी को चोद रहा था और मेरा लंड बहुत ही बढ़ा और मोटा है और अक्सर नोशबाह चुदाई के दौरान रुकने का कहती थी मैं उसकी नहीं सुनता था!मगर आज जब उसने कहा- आहिस्ता-आहिस्ता करो, तकलीफ हो रही है.

उ !’ की आवाजों से गून्ज उठा और वो झड़ गई, पर मेरा बाकी था।बोली- बस रहने दो !तो मैंने बोला- रुक साली कुतिया… ऐसे-कैसे रहने दूँ !और मैंने अपनी स्पीड बढ़ा दी।थोड़ी देर बाद मैं भी झड़ गया और वो मेरे सीने पर सिर रख कर लेट गई। मैं उसकी चूत सहलाने लगा था।तभी मेरी नज़र दरवाजे पर पड़ी और देख कर मेरे होश उड़ गए![emailprotected].

क्यूँ पूछ रहा है? खूब साबुन लगा-लगा कर धोई थी।यह सुनते ही अगले पल में उसकी गाण्ड का स्वाद ले रहा था। उसकी गाण्ड की गुफा को अपनी जीभ से चाट रहा था।वो बोली- लगता नहीं कि यह तेरा पहली बार है. बंगाली बीएफ सेक्सी चोदा चोदीपहले फर्स्ट गियर लगाया, फिर सेकंड गियर और इसके बाद थर्ड गियर में चलने लगे और मुझसे पूछने लगे- क्यों कोई तकलीफ तो नहीं हो रही?मैंने कहा- नहीं, मुझे तो अभी मज़े आने शुरू ही हुए है. इंडियन बीएफ बीएफ सेक्सीमेरा इससे क्या मतलब है !’उसने न तो मुझे खाने के लिए पूछा और धोती से अपना लंड निकाल कर मुझे दिखाते हुए कहा- चूस इसे. मैंने चोदते हुए उससे पूछा- मेरा लंड कैसा है?वो बोला- तुम्हारा लंड काफ़ी लम्बा है, मजा आ रहा है, प्लीज़ क्या तुम मेरी गाण्ड रोज़ मार सकती हो?मैंने कहा- हाँ!इतना सुनते ही वो और ज़ोर से गाण्ड उछाल उछाल कर अपनी मरवाने लगा और मेरे चूचों को मसलने लगा.

’ की आवाजें आने लगीं।कुछ देर बाद उन्हें भी मजा आने लगा और वो भी अपनी गांड को उछाल-उछाल कर मेरा साथ देने लगी।वो मस्ती में कह रही थी- और जोर से राजा.

मेरे ससुर बार बार मुझे कहते- बेटी, किसी तरह इसे सुधार दो!पर मैं क्या करती!किसी तरह जिन्दगी चल रही थी, आये दिन कर्ज मांगने वाले आने लगे, इस बीच मैं गर्भवती हो गई. और वो वेटर गलती से मुझे दे गया है!तो उसने मुझे बोला- देखो मिस्टर, इस तरह की सस्ती हरकतों से मुझ पर लाइन मारने की हरकत करके मुझे फंसाने की जरूरत नहीं है!तो मैंने बोला- देखो, तुम्हें शायद बात करने की तमीज़ नहीं है. फिर सोनिया मेरी तरफ देखकर हंसी और बोली- साली रंडी, इन दोनों लड़कों का हाथ पकड़ कर अपने जवां जिस्म के उस अंग पर लगा कि इन्हें जन्नत नजर आ जाये.

सील टूटने से मेरे लंड का अगला भाग सुन्न हो गया था।उसने मेरे लंड को अपने हाथ से पकड़ा और अपनी चूत में डाल लिया। मैं उसकी चूत में धक्का मारने में लग गया।वो गाली देती और आवाजें निकालती. अब मैं उसके पेट को चूमते हुये नीचे की तरफ़ बढ़ा, मैं उसके सामने अपने घुटनों पर बैठ गया, नीचे बैठते ही मैंने अपने हाथ आगे बढ़ा कर उसके पेटीकोट का नाड़ा खोला, नाड़ा खोलते ही उसका पेटीकोट खिसक कर नीचे आ गया, पेटीकोट नीचे आते ही उसका पूरा बदन मेरी आँखों के सामने था. इन्हें भी चूसो।उसने गोलियों को भी चूसना चालू कर दिया।मैंने उसे उठने को कहा, वो बैठ गई और मैं पलंग से नीचे उतर कर खड़ा हो गया। अब वो बैठे-बैठे ही मेरा लंड चूस रही थी और उसके दोनों हाथ मेरी गांड पर थे।तभी उसने भी मजाक करते हुए मेरी गांड के छेद पर उंगली रख दी। मेरे पूरे शरीर में करंट सा दौड़ गया और मैं भी ‘आहहह.

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!तो मैंने कॉलेज से बंक मारा और एक होटल में एक कमरा लिया। कुछ देर बाद उसे वहीं बुलाया।उससे मिलता तो हमेशा था लेकिन उस दिन वो अप्सरा से कम नहीं लग रही थी। लाल रंग का स्लीवलेस टॉप और उस पर काली जीन्स, बाल खुले हुए मानो कोई हीरोइन हो. जिसे मैं पी गया।उन्होंने मेरे लंड को अपने कोमल हाथों में लिया और प्यार से सहलाने लगी।फिर 8 इंच के लंड को मुँह में लेकर चाटने लगी।वो मेरा लंड लॉलीपॉप की तरह चूस रही थी. आप सभी के लिए आज मैं कुछ रोचक जानकारी लेकर आया हूँ, पढ़ें और जानें कि सुहागरात में क्या और कैसे करना चाहिए.

खोलने दो! तुम अपना कमीज उतारो!मेरे न मानने पर भाभी ने मेरे कमीज उतार दी तभी मेरी सलवार का नाड़ा आदिल ने तोड़ दिया, देखते ही देखते मैं नंगी हो गई.

मर गई… छोड़ दे राजू फट जाएगी… उई…धीरे राजा… अभी और कितना बाकी है? निकाल ले राजू, अपनी ही भाभी को चोद रहा है।’मैं भाभी की चूचियों को मसलते हुए बोला- अभी तो आधा ही गया है भाभी, एक बार पूरा डालने दो, फिर निकाल लूँगा।’‘हे राम.

बताओ ना प्लीज़ !विमला- यहाँ से 60 किलोमीटर दूर एक गाँव है सोनीपुर (बदला हुआ नाम) वहाँ एक छोटे से घर में बाबा जी रहते हैं। मुझे मेरी नौकरानी ने बताया था।उनके बारे में तब मैं शारदा को वहाँ लेकर गई। तीन दिन में उन्होंने शारदा के दिमाग़ को अच्छा कर दिया। अब भगवान का शुक्र है, सब अच्छा हो गया है !राधा- ओह ये तो अच्छी बात है, पर तुम ऐसे घबरा क्यों रही थी !विमला- व. रोहन बेटा कहेगी।यह दर्द में तड़फती हुई कैसी लगती होगी।इतने में जब मैं इसे चोद कर रूलाऊँगा तो कैसे यह मुझे रोकेगी।खैर क्लास खत्म हो चुकी थी, मैम क्लास से बाहर जा रही थीं, तब मैं मैम के पास गया।मैं- मैम. फिल्म बीएफ फिल्म बीएफ फिल्म बीएफ फिल्मतुम्हारी बेटी है!मैं यह सुनकर बड़ी मुश्किल से संभला और मुझे ऐसा लग रहा था कि मेरा हार्ट-फेल ना हो जाए। बहुत मुश्किल से खुद पर क़ाबू पाया। नोशबाह ने उन्हें पानी पिलाया और इसी दौरान सब लोग कमरे में आ गए।सबने पूछा कि क्या हुआ.

यह मेरे गाँव का लोक गीत है जब भी गाँव की याद आती है तो गुनगुना लेता हूँ।”मैंने पूछा, कौन कौन है घर में तुम्हारे?”तो विनायक बोला, माँ बाबा हैं बस !”मैंने पूछा, कोई भाई बहन नहीं है. भतीजे के लाड़ दुलार चल रहे हैं, उसे मलाई खिलाई जा रही है, चलो अच्छा हुआ, मैं भी कहूँ कि ये कहाँ का न्याय है कि बहू पे इतनी मुहब्बत जता रहे हो और बेचारे भतीजे को सूखा सूखा छोड़ दिया कल रात !’ चाची की आवाज आई।कहानी चलती रहेगी।2873. रिया की उम्र भी छोटी होने के कारण मैं उसे कहीं बाहर ले जाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था!कहते है कि किसी भी काम में देर हो सकती है परन्तु अंधेर नहीं हो सकता है, और यह भी कहते हैं कि जब मिलता है तो छप्पर फाड़ कर मिलता है.

उसमे उंगली डाल कर उसे फैलाया फिर अपना लंड को उसकी चूत के छेद पर रखा और और धीरे धीरे लंड को उसके चूत में घुसाना चालू कर दिया. पारो का पल्लू सीने से सरक गया और पारो की दिलकश चालीस डी छातियों ने पारो की चुस्त अंगियाँ की माँ को चोद के रखा हुआ था.

।मैंने उसकी चूत में अपना सारा का सारा माल उढ़ेल दिया।माल छोड़ने के बाद 5 मिनट तक मैं उसके ऊपर ही लेटा।फिर उसने कहा- चलो.

मैं जयपुर में था और वो जयपुर के पास एक कस्बे में थी तो बस फोन पर ही बातें होती थीं।मैं फोन पर उसे इस बात के लिए राजी करता कि मैं क्या चाहता हूँ। लेकिन लड़कियों की आदत होती है ना कि सब चाहते हुए भी जल्दी से ‘हाँ’ नहीं करती हैं।इसलिए वो भी मना करती थी- किसी को पता चल जाएगा तो क्या होगा जीजू!लेकिन मैंने उससे कहा- किसी को पता नहीं चलेगा. मैं नहा कर आ रही हूँ।मैं खुश हो गया और बैठ गया।वो नहा कर एक तौलिए से लिपट कर मेरे करीब से मुस्कुराते हुए गुज़री।उसने कहा- आती हूँ. संता सुपरमार्केट में घूम रहा था…इतने में एक खूबसूरत महिला उसके पास आई और बोली- हैलो !संता हैरान रह गया.

भोजपुरी में बीएफ सेक्सी हिंदी में कहानी का पहला भाग:अब दिल क्या करे-1मैं बिल्कुल नंगा बाथरूम में खड़ा अपना बदन पोंछ रहा था कि अचानक दरवाजा खुला और साथ ही मेरे कानों में रेशमा की आवाज सुनाई पड़ी।ओह. साली सब मोहल्ले की गाँव की औरतें तुझे सीधी समझती हैं और तू रंडी साली एक बहुत ही चुदासी औरत है। तू और तेरी चूत आह.

मैंने देखा तो कहने लगी- नाराज़ हो?मैंने कुछ नहीं बोला और पूछा- आपको क्या काम है?तो कहने लगी- क्या तुम मेरा एक काम कर सकते हो. मैं अपना लिंग उसकी योनि पर रगड़ रहा था और इशानी अपनी आँखें बंद किए हुए उन मादक क्षणों का पूरा आनन्द ले रही थी… उसकी योनि योनिरस से गीली हो चुकी थी और मेरे लिंग पर भी मुझे चिकनाई महसूस हो रही थी…मैंने अपनी आँखें बंद करके लिंग का दबाव योनि पर बनाया और धीरे धीरे लिंग को योनि में डालने की कोशिश करने लगा. यह देखते ही उस आदमी ने अपने पर्स में से एक एटीएम कार्ड निकाल कर दीदी को दे दिया और बोला- लो, आज से यह एटीएम तुम्हारा ! जो सामान खरीदना हो, खरीद लेना.

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मैंने तो सुना है बहुत दर्द होता है।मैं- वो तो बस पांच मिनट तक ही होता है, उसके बाद जो मज़ा आता है उसके आगे ये मज़ा कुछ नहीं है।मेघा ने एक शरारती अन्दाज में कहा- ऐसा क्या. दीदी बोली- आज भी कोई प्रोग्राम है क्या?तो मैंने ‘ना’ बोला और मैं मन ही मन में कहा कि ‘हाँ’ आज तुम्हें चोदने का प्रोग्राम है… मेरी जान. ठीक हो जाएगा।और वो चली गई। मगर मुझे पता था वो आएगी और मुझे अपने दस साल का अनुभव जो कुछ मैंने देखा था.

मेरे दिमाग में एक नया आसन आया! कमोद के ऊपर मैंने भाभी को झुकाया दोनों हाथ कमोड के ऊपर रखवाए…भाभी- यह क्या कर रहे हो?मैं- मैं तुम्हें और मजा दूंगा जानेमन. अगले पन्द्रह मिनट में उसने तीन बार अपना पानी छोड़ा और फिर मेरे नीचे आकर लेट गई और मुझे उसे चोदने के लिए कहा.

मैंने उसे समझाया कि पहले पढ़ाई करेंगे और उसके बाद मौज-मस्ती ! अगर पहले मौज-मस्ती करेंगे तो फिर थकान के कारण पढ़ाई में मन नहीं लगेगा और कुछ समझ भी नहीं आएगा.

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फर्स्ट-टाइम सबको पेन होता है, इट्स नॉर्मल, बट हमें इस पेन को पार करके ही आगे जाना है और ज़िंदगी के मज़े लेने हैं, सो दर्द को भूल जाओ और ट्राइ टू एंजाय. वो मुझसे बहुत खुश हो गई थी।हम दोनों साथ में ही सो गए।अगले दिन भी मैंने उनकी चुदाई की।वो मेरे लंड की दीवानी हो गई।उसके बाद भी मैंने कई बार उनको चोदा।उसके बाद मैंने उनकी सहेली के साथ भी मजे लिए. पर यह इतना आसान नहीं था, ये मेरे पुरुष मित्र भली भांती समझ सकते हैं कि खड़े लंड से पेशाब करना कितना मुश्किल होता है.

उफ अई आउच उफ़फ्फ़…!रेहान पाँच मिनट तक उसको चूसता रहता है, वो एकदम गर्म हो जाती है। रेहान- जानेमन देखो मेरा लौड़ा कैसे झटके खा रहा है… आ जाओ इसको चूसो न…उस समय तो नशे में थीं.

पंजाबी लड़की का बीएफ वीडियो: इस हालत में तो यह चिकनी चिड़िया की गाण्ड तो दे ही देगी, ये सोच राजू ने रीट की गाण्ड को ऊपर उठा कर चूतड़ों को दाँतों से कौंचने लगा. वो बहुत ही छोटा सा, एकदम साफ और गुलाबी छेद था।उसकी गांड भी उसकी बुर की तरह बिल्कुल गुलाबी थी। तभी मैंने अपनी जीभ से उसकी गांड भी चाटी.

मैंने चूत पर हाथ फिराया, तो मेरे हाथ में चिकना रस आया, मैंने भाभी से पूछा- आप चुदासी हो रही हो?वो बोलीं- बहुत, आज तो प्यारे देवर जी, मेरी जी भर के चुदाई कर दो. हम पहले कभी नहीं मिले, दरअसल आपकी पत्नी को मैंने अंगुल में बहुत बार देखा है। बच्चे को स्कूल से लेने जाती हैं तब. इसको चूसेगी? सुना है बहुत मजा आता है?अनु ने कहा- किसने कहा?मोनिका- दीदी ने!मैंने कहा- तुम्हारी दीदी तुम्हें ये सब बातें बताती है?मोनिका ने मेरे लंड को मुँह में लिया और थोड़ा चूसते हुए कहा- और नहीं तो क्या? वो मुझे अपनी चुदाई की सब बातें बताती है.

!मैंने अपना चोदन थोड़ा रोका और भाभी के मम्मों को अपने होंठों से चूसा। भाभी कुछ ही क्षणों में अपना दर्द भूल कर अपने चूतड़ उठाने लगीं।‘आ…आहह.

मेरा लंड जो एक चूत और दो चूची को देख कर जितना बड़ा होता है आज दो दो चूत और चार चूची को देख कर दुगना बड़ा हो रहा था. फ़िर शाम 4 बजे उसका मेसेज आया उसमे एक पता था जो मेरे घर से काफ़ी दूर था, मैंने अच्छी तरह से स्नान किया, शेव की और अपने लंड को भी अच्छी तरह से तैयार कर लिया, मुझे पता था कि आज इसकी जरूरत पड़ सकती है. सन्नी कुमारमेरा नाम सन्नी कुमार है। मैं हरियाणा से हूँ। मैं अन्तर्वासना का नियमित पाठक हूँ। आज मैं अपनी जिंदगी की सच्ची और पहली सेक्स घटना आपको बताने जा रहा हूँ। कोई ग़लती हो तो माफ़ करना।पहले मैं आपको अपने और मेरी सेक्सी मामी के बारे मे बता दूँ। मेरी मामी का फिगर 32-28-36 होगा जब वो चलती हैं तो उनके चूतड़ देखकर मेरा लण्ड खड़ा हो जाता था।यह बात आज से दो साल पहले की है, जब मैं अपनी बी.