बीएफ पंजाबी हिंदी

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मेरा दिल आ गया है उस पर… कुछ मदद कर ना…!‘अरे चाचा! क्या बात कर रहे हो? अभी तो वो छोटी है और तुम… तुम मरवाओगे एक दिन.‘रागिनी तुम बहुत खूबसूरत हो, तुम्हें पाने के लिए मैं बहुत बेताब हूँ!’कहते हुए उसके कान के लैब अपने होंठो में लिए.

दोनों का पानी निकल गया, मेरा पूरा पानी उसकी चूत में समां गया और उसके पानी से मेरा पूरा लण्ड भीग गया।5 मिनट तक हम आँखें बंद करके एक-दूसरे के ऊपर लेटे रहे, उसके बाद अलग हुए और हमने दो बार और चुदाई की।आगे आपको बताऊँगा कि कैसे कॉलेज के बाथरूम में मैंने रंजना को चोदा।2194. बीएफ पंजाबी हिंदी मेरा लंडा मस्त तन कर खड़ा था। मुझसे रहा नहीं गया और मैं उठ कर टॉयलेट में चला गया और वहाँ मुठ मारने लगा।इस बात का पता भाभी को चल गया तो उसने तुरंत दरवाजे पर दस्तक दी.

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पहले पापा मेरी मम्मी बनने के लिए तैयार हो रहे थे। उन्होंने पहले औरतों वाली चड्डी पहनी, उसके बाद साए को सर के ऊपर से डाला। इसके बाद पापा ब्रा की बारी आई. भाभी के स्तन सच में स्वाति दीदी से भी बड़े थे, प्रिया भाभी के स्तन 36′ से कम नहीं थे. मेरी दीदी की जब शादी हुई तब मैं 18 साल की थी पर 18 साल की उम्र में मेरे वक्ष पके आम की तरह हो गए थे, चूतड़ उभर गए थे और उनकी दरार क़यामत ढाने लगी थी.

मैं थोड़ी देर तक उनको मसलता रहा, फिर मैंने उसके चुचूक अपने मुँह में ले लिए और उनको पीने लगा. कुछ देर मैं हल्की सी नींद में था, तभी मुझे लगा कि मेरे बगल में कोई है जिसका पैर मेरे पैर से लग रहा था. ?पिंकी बोली- हाँ, मैं तैयार हूँ, मुझे क्या करना होगा?पिंकी तू कुछ नहीं करेगी ! करुंगा तो मैं, जब करना हो तो मैं बोलूँगा। बाद में तुम खुद ही करोगी, ऐसा ही यह खेल है….

‘ऐ चुप… ये क्या रण्डी की तरह बोलने लगी…’‘सच में जीजू… अब बस कर ना!’ मैं रुआंसी हो कर विनती करने लगी. तभी राहुल अंकल ने अपना काला लौड़ा बाजी के मुँह से निकाल कर कहा- अब ज़रा मेरी गोली को भी चूस! तुझे और भी मजा आएगा!बाजी झट से दोनों गोलियों को मुँह में लेकर चूसने लगी.

भाभी पहली बार गांड मरवा रही थी इसलिए मुझे थोड़ा ज्यादा जोर लगाना पड़ा।लंड को घुसने में थोड़ी तकलीफ हो रही थी लेकिन मैं हार मानने वाला कहाँ था … मैंने पूरा जोर लगा दिया.

वो मेरी गांड में जीभ फिरा फिरा कर इस तरह चूस रहा था कि मैं आपको भी सलाह देना पसंद करूँगी कि अपनी गांड में किसी मर्द की जीभ जरूर चटवाना! आपकी गांड मस्त हो जाएगी.

मुकेश अब नीचे झुका और उसने मेरी चूत के होंठों पर अपने होंठ लगा दिए, वो मेरी चूत को चाटने लगा, उसने अपनी जीभ मेरी चूत के अन्दर घुसा दी. मुझे उसकी टेंट के अन्दर से केवल परछाई नज़र आ रही थी लेकिन वो परछाई भी इतनी कातिल थी जिसकी कोई हद नहीं. नीना कहने लगी- वाह मेरे देवर! कहाँ थे अब तक? मैंने बहुत दिन बाद ऐसा लण्ड पाया और तुम थे मेरी आँखों के सामने ही.

वो अपनी गाण्ड उठाने लगी और मेरा सर पकड़ कर अपनी चूत पर दबाने लगी। मैं उसकी चूत चूसता रहा और थोड़ी देर मैं उसकी चूत ने अपना कामरस छोड़ दिया।मेरा पूरा चेहरा उसके काम रस से गीला हो गया।फिर हम दोनों कमरे में आ गए. ?” उसने शरमा कर अपनी नज़रें झुका लीं!मैं जानता था कि रश्मि तो अभी बिलकुल कोरी है। मैंने पूछा प्लीज बताओ न?”वो शरमाते हुए बोली,”किया तो नहीं पर………!”पर क्या………. उस वक्त उनको देख कर मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया और जब चाची बाल सुखा कर आई वो भी मेरे लंड को देख कर मेरे पास आकर मेरे गले लग गई और बड़े प्यार से बोली- बताओ ना ? क्या करूँ मैं तुम्हारे लिए ?मैंने कहा- ठीक है, बताता हूँ !आगे क्या हुआ जानने के लिए अगली कड़ी का इन्तजार करिये और आपने मेल मुझे भेजते रहिये।अभी आप मुझे मेल करिये आप को मेरी कहानी कैसी लगी ….

वो देख रहा था कि कैसे उसकी बहन मस्त होकर चुदवा रही है अपने बॉस से और फ़िर उसका लंड भी हिला रही है।मेरे बॉस का रस निकलने वाला था… उसने लंड बाहर निकाल कर उसे मेरे दोनों बूब्स पे गिरा दिया…।मेरे हाथो में अभी भी राहुल का लंड था…वो अभी भी पूरा तना हुआ था और अपनी रूबी दीदी की बुर में जाने को बेताब था….

मैंने ज्यादा ध्यान नहीं दिया…हमारे स्कूल में हरे रंग की स्कर्ट्स हुआ करती थी…लंच में जब हाल में हम दोनों मिले. ‘मैंने पूछा- कभी किया है गाण्ड में?उसने कहा- हाँ मेरे पति ने एक बार किया था, लेकिन बहुत दर्द की वजह से हमने फ़िर नहीं किया. जब मैंने भाभी से उस आदमी के बारे में पूछा तो भाभी ने बताया कि यह आदमी उनका बॉस है और भाभी ने जान बूझकर ही अपना ट्रान्सफर दिल्ली से जयपुर करवाया था.

फिर उसने मुझे बिस्तर पर चलने के लिए कहा, मैं कुछ नहीं बोला और उसके साथ बिस्तर पर चला गया. मैं अपनी पैंटी और ब्रा भी हटाई, मेरी फुद्दी और कांख के बाल देख वो नाराज़ हो गया !उसने तुरंत अपने बार्बर से शेव करवाया … और दो लोग अच्छे से मुझे मालिश कर रहे थे …. पहले ख़याल आया कि जल्दी से शादी हो जाए, लेकिन अभी दूर-दूर तक कोई मौका नहीं था। फिर सोचा किसी को बॉयफ्रेंड बना कर उससे अपने जिस्म की अनकही दास्तनां मुकमिल करवाऊँ और उसके जिस्म से अपनी प्यास बुझाऊँ.

वो सीधे मेरे कंधे पर सर टिका कर मेरे गालों को चूमने लगी… मेरे हाथ की उँगलियाँ उसकी चूचियों पर भ्रमण कर रही थी.

जब उसने अपना लण्ड बाहर खींचा तो चूत से पर र र र र्र र्र र्र की आवाज के साथ साथ ढेर सारा वीर्य निकल कर फ़र्श पर गिर गया. इतने दिनों से लण्ड की चाहत में तड़पती रही थी और अब अचानक ही जैसे मन चाही बात बन गई.

बीएफ पंजाबी हिंदी मैंने पूछा- मजा आया?तो वो बोली- हाँ!अब तो रोज की चुदाई पक्की थी पर मेरा शिकार तो और कोई थी. सभी के जाने के बाद मैंने अंदर से दरवाजा बंद कर दिया और सोनम की तरफ देखा तो सोनम के चेहरे पर एक शर्म थी जो मुझे बहुत अच्छी लगी.

बीएफ पंजाबी हिंदी अपनी स्पीड मैंने बढ़ा दी थी … उससे बहुत मज़ा आ रहा था … बीस मिनट के बाद वो झड़ी और उसके बाद मैं भी झड़ गया. मैंने फिर से उसके मुँह में अपना लण्ड दे दिया।मीना : नहीं निक बस अभी, ऐसे ही नंगे पड़े रहते है। अभी चुदाई नहीं, मैं बहुत थक गई हूँ।मैं : मीना, बहुत मजा आयेगा.

आगे क्या हुआ ???क्या उस दिन मैं पूरी तरह से औरत बन पाई?इसके बाद क्या हुआ जानने के लिए इंतज़ार करें अगले भाग का !!आपकी राय का इंतज़ार है !.

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इस कहानी का पहला भाग: सब्र का फ़ल-1तभी बॉबी ने मुझे गोदी में उठा कर बिस्तर पर पटक दिया. उनकी सिसकियाँ अब तेज़ होती जा रही थी!! उनकी आआआ आआआह्ह ह्ह्ह आआआ अह्ह्ह सुनकर मुझे एक अलग सी ताक़त मिल रही थी!!मेरे हाथ उनके पूरे बदन पर चल रहे थे. ”मेरा लौड़ा तो चिकना हो ही रखा था, मैंने जैसे ही लगाया, मुझे लगने लगा कि आज मेरा लौड़ा छिल जायेगा क्योंकि ६-७ इंच का बड़ा लौड़ा भी छिद्र तक नहीं पहुँच रहा था, बस इतनी मोटी दरार में ही फँस गया ……और पारुल जान ने सिर्फ 2-3 धक्के ही मारने के लिए गांड आगे पीछे की थी कि मेरी पिचकारी छुट गई……और पूरा माल गांड से बाहर बहने लगा।चाची ने फिर मुझसे वादा लिया,” बेटा, मुझे हमेशा चोदोगे न….

लेकिन अगर तुम यह बात गुप्त रखोगे तो मैं इसके बाद भी तुम्हारे साथ करने के लिए तैयार हूँ।’ कहकर उसने मेरे होंठो को चूम लिया. अलीशा! मुझे दे दो न अपनी हसीन सी चूत!ले मेरी जान! मेरे प्यार! और मैंने घूम कर अपनी चूत उसकी तरफ़ की तो कामिनी ने मेरे नरम चूतड़ पकड़ कर नीचे किये और मेरी चूत पर होंठ रखे तो मैं कांप गई- आह. मैं दिखने में स्मार्ट लगता हूँ और कोई भी जवान लड़का मुझे देखे तो मेरी गाण्ड मारने के लिए बेताब हो जाये।अब आप ही सोचो कि मै कैसा लगता हूंगा !यह बात उन दिनों की है जब मैं बारहवीं कक्षा में पढ़ता था। तब मेरी उम्र थी 18 साल और कद 5′.

मेरा लण्ड दुबारा खड़ा हो गया तो मैंने अपना लण्ड उसकी चूत के ऊपर रगड़ना चालू किया पर उसने मना कर दिया- कुछ भी कर लो पर मुझे मत चोदो! मैं नहीं चुदना चाहती.

अरे तुम तो घर गयी थी ना… ?” राहुल ने पूछा।हाँ पर भइया आ गए थे… वो ही मुझे अभी छोड़ कर गए हैं… ”तुम रात का खाना हमारे यहाँ खाना… बना लिया है… ”साहिल भी बाथरूम से आ गया था. मेरे खेल में उसकी रुचि देख कर फिर मैं पजामा पूरा उतार कर लंड हाथ में छुपा कर लेट गया. इसका कारण ये था कि मेरी माहवारी ख़तम हुए अभी एक ही दिन बीता था और जैसा कि आप सब लोग जानते हैं ऐसे दिनों में चूत की प्यास कितनी बढ़ जाती है.

मैं दिन भर या तो अन्तर्वासना पर सेक्सी कहानियाँ पढ़ता रहता था या फिर पोर्न साईट पर चुदाई के वीडियो देखता रहता था. मैं बार-बार उनके दाने को अपनी जीभ से सहला रहा था और हर बार वो मुँह से सेक्सी आवाज़ निकालती जो मुझको मस्त कर देती. जानने के लिए पढ़ेंका अगला भाग शीघ्र ही आपकी अपनी अन्तर्वासना डॉट कॉंम पर !अपनी बात इस कहानी की लेखिका वृंदा को कहने के लिए[emailprotected]पर मेल करें !.

मैं उसकी चूत को अपनी जीभ से चोदने लगा। उससे उत्तेजना बर्दाश्त नहीं हो रही थी- राहुल…. मैंने अपनी बहन को कहा- मैं तो तुझे एक ऐसी गश्ती बनाऊँगा कि तू साली तीन-तीन लौड़े एक साथ लेगी मेरी बहन! जो तेरी चूत, गांड और मुँह में होंगे! क्यों मेरी रांड बनेगी न गश्ती?तो बोली- सच भाई? मैं भी यही चाहती हूँ! और बाकी आपकी मर्जी! आप जो मर्जी बनाओ मुझे! मेरे दलाल भाई!फिर तो मैं रोज चोदने लगा कुतिया को! मेरे साथ ही जो सोती थी.

मैंने कहा- साली, आज न रोक! आज मैं जो करना चाहता हूँ, मुझे करने दे!फिर उसने मुझे कुछ नहीं कहा और अब मैंने उसे पूरी नंगी कर दिया. मेरी बड़ी बुआ के लड़के की शादी थी, मेरी सबसे छोटी बुआ की लड़की चित्रा भी आई थी, उम्र 18 साल, गोरा बदन, सेक्सी, लंबाई 5 फीट 6 इंच और उसके मम्में करीब 34 और गांड 36 की होगी. इससे मेरी हिम्मत बढ़ी तो मैं धीरे से अपना पजामा नीचे करके सिर्फ़ लौड़े के बालों तक करके लंड ऊपर से ही दबाने लगा.

आलोक का हाथ धीरे धीरे अब मेरी पूरे हाथ और कलाई पर रेंग रहा था।‘हाँ! मैं हफ्ते में दो बार ब्यूटी पार्लर जाती हूँ…’मुझे अब आलोक का सहलाना और अच्छा लग रहा था.

रास्ते में वो बोली- अभिषेक अन्दर क्या कर रहे थे?मैं डर गया और बोला,’तुमने सब देख लिया?’वो बोली- हाँ और आपका वो बड़ा सा लंड भी !मेरी आंखे फटी की फटी रह गई। मैंने डरते डरते बोला- आकृति को कुछ मत बताना !वो बोली- नहीं नहीं… बिल्कुल भी नहीं. मैंने उसको अन्दर बुला कर दवाजा बंद कर लिया, उसको अपनी बाहों में ले लिया और चूमने लगा पर वो अपने को मुझसे दूर करके बिस्तर पर बैठ गई. सुबह तो ट्रेन से उतर कर चले ही जाना है फ़िर ये लोग कौन सा कभी दुबारा मिलने वाले हैं.

रेशम सी मुलायम चूत तन्दूर सी गरम और दहक रही थी और पहली चुदाई के पानी से अभी भी पच्च पच्च गीली थी. D किया हुआ है। साले ने जरूर कहीं से कोई फर्जी डिग्री मार ली होगी या फिर हमारे मोहल्ले वाले घासीराम हलवाई की तरह ही इसने भी Ph.

आग जैसे गरम गोरे गुलाबी जिस्म पर पानी की नन्ही नन्ही बूंदें पड़ती तो मेरे तर बदन से जैसे जजबातों का धुआँ सा उठने लगता. ’मुझे आलोक का स्टाइल अच्छा लगा…मैंने भी एक सेक्सी स्माइल दी, अपनी एक टांग ऊपर करके दूसरे घुटने पर रख ली और कहा,’ओह. ’जो लोग अभी अभी अन्दर आए थे उनमें से एक ने कहा ‘नहीं मैडम हमें तो दीपक ने भेजा था अगर आप को बुरा लगता है तो हम लोग बाहर चले जाते हैं.

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मुझे पूरा विश्वास था कि इसकी चूत चोदने में किसी कुंवारी चूत से कम मजा नहीं आएगा…मैंने उसके पैर फैलाये और नीचे अपने पंजों पर बैठ कर उसके जांघ मेरे कंधे पर रखते हुए अपनी जीभ फ़िर से उसकी रसीली चूत में लगा दी.

श्यामलाल के ऑफिस पहुँचने के कुछ ही देर बाद श्यामलाल ने मुझे बुलाया और बोला- अभी तो मेरे पास कोई काम खाली नहीं है, मगर तुम्हारी बहन की सिफारिश के कारण मैं तुम्हें खाली हाथ भी नहीं भेज सकता. ‘भाभी, एक बात कहूँ, बुरा मत मानना और ना भी मत कहना!’‘क्…क्… कहो, पर दूर तो हटो!’‘भाभी आज चुदवा लो, प्लीज, मना मत करो, देखो मेरा लौड़ा कितना उतावला हो रहा है!’‘आ… आ… ये क्या बदतमीजी है भैया… हट जाओ!’ तभी मुझे गोमती नजर आ गई. कुछ कहानियाँ तो अच्छी होती हैं पर कुछ तो बिल्कुल ही बकवास होती हैं जिन्हें सिर्फ और सिर्फ समय की बर्बादी ही कहा जा सकता है.

फ़िर कुछ देर बाद मैंने सोनम की पेंटी उतार दी और उसकी चूत के दाने पर अपनी जीभ फिराने लगा. यह कहानी उस समय की है जब मैं सेक्स में अनाड़ी हुआ करता था, मेरी उम्र तब 18 साल की थी. एचडी बीएफ चालूजैसे ही मैं झड़ने वाला था मैंने अपना लंड निकाल और पूरा पानी उसके मुँह में डाल दिया.

मोना कहने लगी- हैरी, मुझे मालूम है कि तू उस समय भी जग रहा था जब मैं तेरा लण्ड चूस रही थी, फिर यह नखरा क्यों?मैंने कहा- पर आंटी!मोना ने कहा- पर-वर कुछ नहीं! मजे कर! मैंने भी बहुत दिनों से चुदवाया नहीं है, तुझे तो मालूम है तेरे अंकल इंडिया आते हैं, तभी वो चोदते हैं. ‘फिर आप साबुन लगाकर नहाई, नहाकर जैसे ही चुकी, आपके घर की घण्टी बजी, आपने जल्दी से कपड़े पहने और दरवाजा खोला तो सामने मैं खड़ा था!’इस समय मेरे होंठ उसके गालों पर रेंग रहे थे और हाथ वक्ष पर!मैंने पूछा- यह सच है या नहीं?अबकी बार उसने पूरी ताकत लगाकर अपने को छुड़ा लिया और…कहानी जारी रहेगी।[emailprotected].

जालिमों की तरह चोदै है, तेरी मां तांई तै खुस रेहवे है पर मन्ने कोई इसा मज़ा ना देवै ?मैं : छी. फटाक से अपनी टांगों के बीच को हाथ से दबाती बोली- हाय बहादुर, मुझे बड़ी जोर से पेशाब आया है, प्लीज़ जरा जल्दी से अपने घर ले लो, नहीं तो यहीं निकल जायेगा. ‘सच कहू दीदी, मैं कुंवारा हूँ… आपको देख कर मेरे मन में भी कुछ कुछ होता है!’ मैंने फिर अंधेरे में तीर मारा.

अगले दिन सुबह 7 बजे मेरे कमरे का दरवाजा बजा, मैंने जब उठ कर दरवाजा खोला तो देखा कि आयशा चाय ले कर आई हुई थी. एक दिन जब मैं उसके कमरे की सफाई कर रही थी तो पलंग के नीचे मुझे उसके सफ़ेद रंग का जांघिया दिखा. उस दिन मेरे मन में अपार संतुष्टि थी…!!!कुछ पलों के लिए इस प्रेम कथा को द्वितीय विराम देते हैं !आपको क्या लगता है.

हो चुका था, मैंने गाँव में स्कूल ज्वाइन कर लिया, टीचर बन गई वहाँ भी और टीचर मुझ पर लाईन मारते, पर मैंने किसी को घास नहीं डाली।फिर मेरे पति को वापिस चेन्नई बुला लिया तो चले गए तो मैंने भी स्कूल छोड़ दिया और पीहर आ गई !पर मेरी असली कहानी तो बाकी है।[emailprotected].

जैसे ही हम घर पहुँचे तो मम्मी और पापा ने हमें खाने के लिए बुलाया मगर मुझे भूख नहीं थी इसलिए मैंने मना कर दिया और मैं सीधा अपने कमरे की तरफ चल दिया. दस बारह मिनट चूसने के बाद मेरा लण्ड फिर से तैयार हो गया।वो बोली- अब नहीं रहा जा रहा है, प्लीज़ अपना लण्ड मेरी चूत में डाल कर मेरी छम्मो की प्यास बुझा दो।मैंने अपने लण्ड उसकी चूत के मुँह पर रखा और हल्का सा उस पर रगड़ने के बाद उसकी मुनिया में दबा दिया.

अचानक रीटा मुड़ी और अपनी मम्मे बहादुर के चौड़े चकले सीने से भिड़ा दिये और अपनी स्कर्ट हल्की सी ऊपर उठा कर बोली- जरा मेरी कच्छी तो उतार दो. ऐसा ना हो कल को मुझे तेरी गाण्ड फिर से बजानी पड़े…!!मैंने गुस्से से वेदांत को आवाज़ लगाई…: अब छोड़ेगा उसे…??वेदांत मेरे पास आया. छोटा भाई यानि देवर जी जिसे हम बॉबी कहते थे उसका काम अपनी जमीन जायदाद की देखरेख करना था.

मैंने अपना हाथ उसके मुंह से हटा लिया तो वो बोली सर अपने तो मेरी जान ही निकाल दी थी एक बार लगा कि यहाँ से मैं जिन्दा घर नहीं जा पाउंगी. तभी राहुल अंकल ने अपना काला लौड़ा बाजी के मुँह से निकाल कर कहा- अब ज़रा मेरी गोली को भी चूस! तुझे और भी मजा आएगा!बाजी झट से दोनों गोलियों को मुँह में लेकर चूसने लगी. उसके पूछने पर मैंने भी बताया कि मेरे पति सेक्स के मामले में हर तरह से सक्षम हैं… पूरी तरह सन्तुष्ट करते हैं लेकिन देवर की तरह चूत चाट कर, घोड़ी बनाकर अलग अलग तरह से नहीं करते हैं.

बीएफ पंजाबी हिंदी अब गालियाँ देने की बारी मेरी थी- ओ भाडू की औलाद, तेरी बहन की चूत में इतने लौड़े घुसें कि उसकी चूत में पूरा आगरा समा जाये! तेरी माँ को पूरा देश चोदे! तेरी माँ की चूत में गधे का लंड! तेरी बहनों की चूत में कुत्ते का लौड़ा! गांडू की औलाद, गांडू चूस! चूस इस चूत के रस को!मुकेश ने अपनी जीभ चूत के पूरे अन्दर तक घुसा दी थी. पहली बार आयशा को देख कर मेरे दिल में कुछ अजीब सा हुआ क्योंकि जिस आयशा को मैं अब तक बच्ची समझता था उसका शरीर भी अपनी उम्र के हिसाब से बड़ा था.

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फिर मैंने चित्रा को देखा और उसके होंठो पर अपने होंठ रख दिये और उसे बाहों में उठा कर योगी के कमरे में ले गया. भाभी बोली- आज तुझे हम तीनों को चोदना है…मैं बोला- फिर तो आज बहुत मजा आएगा !श्रुति बोली- यार विशाखा ! रोहित तो बहुत मस्त है ! लगता है कि बहुत मजा आने वाला है …मैं बोला- क्यों नहीं जानेमन ! बहुत मजा आएगा. मेरी पीठ को सहलाते हुए वो गीलेपन के उस एहसास को महसूस करने की कोशिश करने लगी जो बरसों के बाद उन्हें नसीब हुआ था।मैं झड़ रहा था.

‘अब राजू जरा घोड़ा बन, और मजा आयेगा!’‘सच चाची, क्या करोगी…?’‘बस देखते जाओ’मैं धीरे से घुटनो के बल हो कर घोड़ी जैसा बन गया और अपनी गाण्ड उभार दी. उसने ऊपर आते ही मेरी टाँगें खोल लीं और बीच में बैठ अपना लौड़ा मेरी सील बंद चूत पर रखते हुए झटका मारा. सेक्सी बीएफ जेंट्सइस बारे में और अपने बारे में ज्यादा बात ना करते हुए मैं अपनी कहानी को आगे बढ़ाता हूँ.

मगर मैं अंदर भी नहीं जा सकता था और मैं वहाँ खड़ा रह कर देख भी नहीं सकता था क्योंकि मेरी कार की चाभी अंदर थी.

वो एक साथ तीन तीन उँगलियाँ मेरी चूत में डालता और फ़िर चाटता रहता…मैं भी तेजी से बॉस के लंड को चूस रही थी… राहुल ने मुझे पूरी तरह से मस्त कर दिया था।अब मेरी बुर तरस रही थी चुदाने के लिए… मैं मन ही मन खुश हो रही थी. वो आधा सख्त रागिनी की चूत में फ़िर से चुदाई के लिए तैयार हो रहा था।मैंने अपना लंड बाहर निकाला.

‘सच कहू दीदी, मैं कुंवारा हूँ… आपको देख कर मेरे मन में भी कुछ कुछ होता है!’ मैंने फिर अंधेरे में तीर मारा. जैसे ही हम दोनों घर आये तो भाभी ने कहा कि वो सोनम से मिलना चाहती है इसलिए मैं भाभी को अपनी कार में बिठा कर सोनम के घर ले गया. उन की जीभ मेरे मुँह में घूमने लगी और उन के हाथ मेरे बालों में!मैंने उन की नाईटी निकलनी शुरु की, सारे बटन खोल दिये और नाईटी निकाल फेंकी.

पर यदि इसे ठीक ढंग से गर्म किया जाये तो यह 8-10 लड़कियों का मज़ा एक ही बार में दे सकती है… इसलिए मैं इसकी चूत, गाण्ड सिलने का आदेश वापिस लेता हूँ और लड़की पर छोड़ता हूँ कि वो मेरी सबसे प्यारी रखैल बनना चाहती है या गली मोहल्ले में नंगी घूमने वाली रंडी? या फिर किसी टुच्चे की रखैल बन कर अपनी जवानी बर्बाद करना चाहती है और नौकरानी बने रहना चाहती है सारी ज़िन्दगी.

बहुत देर ये खेल चला!मामी, क्या बस करूँ गांड की ठुकाई?”हाँ नयन, अब जरा मेरी चूत पर जोर लगाओ!”मैंने गांड से लंड बाहर निकाला और उनको घोड़ी बना कर उनकी चूत में डाल दिया और पूरी गति से कमर हिलाने लगा. वो मेरी जीभ को चूसता जा रहा था…फ़िर थोड़ी देर बाद कहा- साली क्यूँ नहीं चुदवाएगी अब मुझसे…मैंने नाटक करते हुए कहा- आज कल आप मेरे वेतन बढ़ाने पे ध्यान नहीं दे रहे हैं…. किसी एक साथ मैं ज्यादा देर टिक नहीं पाती, जो भी लड़का या कोई भी मर्द मुझे सेक्स में खुश नहीं कर पाता या फिर जिस के साथ मुझे बिस्तर में मजा नहीं मिलता, मैं उसे छोड़ देती हूँ.

सेक्सी बीएफ सुहागरात बीएफउसकी गाण्ड से खून छलक गया… उसकी गाण्ड का छेद फ़ट चुका था… रानी इतनी थक गई थी कि चिल्ला भी नहीं सकती थी. थोड़ी देर तक तो मैं अपने कमरे में ही रहा, फिर उठ कर बाहर हॉल में आया तो देखा मेरी बहन अपने कमरे में सोने जा रही थी, मैंने उसे आवाज़ लगाई- नेहा, मैंने यहाँ तीन किताबें रखी थीं, एक तो मुझे मिल गई लेकिन बाकी दो और कहाँ हैं?”मेरे पास हैं, पढ़कर लौटा दूंगी मेरे भैया!” और उसने बड़ी ही सेक्सी सी मुस्कान दी.

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तभी मुझे उसके हाथ पर एक काला दाग दिखा, मैंने उसका झट से हाथ पकड़ कर पूछा- यह दाग कैसा है?वो उसके बारे में बताने लगी और मैंने उसका हाथ पकड़े रखा, और मैं हल्का हल्का मसल रहा था, बातों-बातों में मैं उसके करीब जा रहा था धीरे धीरे. मैं जाते ही प्रिया भाभी के कूल्हों पर हाथ फेरने लगा तो प्रिया भाभी ने उसका जवाब हँसते हुए दिया और सीधा होकर मुझसे बातें करने लगी. आज शादी के इतने साल बाद भी नीना कहती है क़ि अगर किसी को चुदाई का असली मजा लेना हो तो किसी जाट का लंड खाना चाहिए.

मैंने तो बस उसकाया था ताकि इनके अन्दर का शैतान बाहर आ जाये… पता तो पहले से था।सर और पीयू दोनों नंगे मेज पर चोदम-चुदाई खेल रहे थे… निशा बगल में खड़ी थी चुदने के लिए…सर : श्रेया, तू दूर क्यूँ खड़ी है. चूँकि भैया के आने का समय हो गया था इसलिए कुछ देर अपना लण्ड चुसवाने के बाद मैं वापिस अपने कमरे में लौट आया. अचानक हम दोनों को पता नहीं क्या हुआ, हमने बातों में ही फोन सेक्स शुरु कर दिया।जो इस प्रकार था…शशांक : मैं तुम्हें हग करना चाहता हूँ….

और मैं अक्सर छोटी मेम का छुप छुप कर दीदार किया करता था…छोटी मेम जूस पी लो…ओह्ह हो! राजू सोने दे ना…छोटी मेम हमेशा बड़ी बेखबर होकर सोती थी…उस दिन भी… उनकी नायटी थोड़ी ऊपर थी और उनकी लातों के बीच गांड के दरार बिल्कुल साफ़ नज़र आ रही थी, शायद अन्दर पैंटी नहीं पहनी है… उनकी गोरी गोरी. फिर मैंने चित्रा को देखा और उसके होंठो पर अपने होंठ रख दिये और उसे बाहों में उठा कर योगी के कमरे में ले गया. गया…क्या?’दीपू ने मेरी बात का कोई जवाब नहीं दिया और मुझे चोद रहे राजू के कान में आ कर कुछ बोला और कूपे से बाहर निकल गया.

आंटी बोली- रुको मुझे मूतना है !तो मूतिये आंटी जी ! यह तो मेरे लिए प्रसाद है, चूतामृत यानि बुर का अमृत !”आंटी खड़ी हो कर मूतने लगी, मैं झुक कर उनका मूत पीने लगा। मूत से मेरा चेहरा भीग गया था। उसके बाद आंटी की आज्ञा से मैंने उनकी योनि का स्वाद चखा। उनकी चिकनी चूत को पहले चाटने लगा और फिर जीभ से अंदर का नमकीन पानी पीने लगा. ? जो परेंट्स हम पे इतना भरोसा करते हैं… वो हमें एक दूसरे से बात भी नहीं करने देंगे.

‘तेरी मां की चूत… अब तो लण्ड का पानी तो निकाल के रहूँगा…’उसने अपना लण्ड मेरी गाण्ड में दबा दिया.

अगली रात को मैंने उससे कहा- चल कुछ सेक्स हो जाये!तो वो बोली- नहीं!मैं- क्यों? तू तो मुझसे प्यार करती है फिर क्यों नहीं?शालू- मैं गन्दा काम नहीं कर सकती. विदेशी लड़की का सेक्सी बीएफमैं सेंटर टेबल पर इस तरह झुकी थी कि वो मेरी चुंचियां अच्छी तरह देख सके… ऐसा ही हुआ… उसकी नजरें मेरी चुन्चियों पर गड़ गयी. बीएफ बीएफ बांग्ला वीडियो‘ओह यह क्या बला है?’‘अब नहीं… छैला… बस करो!’उसने अपनी चूत ऊपर उठाई तो खून के कतरे टपकने लगे. फिर मैंने सोनम से कहा- मैं उसके साथ शादी से पहले सुहागरात की प्रेक्टिस करना चाहता हूँ!यह सुनकर सोनम हंस दी, कुछ नहीं बोली और आकर मेरे पैर छूने लगी.

जब अंकल राणा मेरी गाण्ड में अपना लण्ड पेलने के लिए धक्का मारते तो सामने खड़े अंकल राठौड़ का लण्ड मेरे मुँह के अन्दर तक घुस जाता।मेरी आह आह की आवाजें कमरे में गूंजने लगी.

कोई भी परेशानी हो तो आप मुझे आवाज़ लगाइएगा, मैं तुरंत आ जाऊँगा।ज़ाहिरा हँसते हुए बोली- हैं. मैंने उस लड़की को कई बार कालोनी में शाम को घूमते देखा था और कई बार उसको याद करके मुठ भी मारी थी. तब चित्रा ने स्थिति को संभालते हुए कहा- मैंने कहा था! हम आगे से ऐसा कुछ दोबारा नहीं करेंगे.

मैंने पूछा- निधि क्या छुपा रहो हो?वो हकलाते हए बोली क्क्कुछ नही सर!मैंने कहा- झूठ मत बोलो, मैंने तुम्हे एक लैटर पढ़ते हुए देखा है, क्या लिखा है उस में मुझे दिखाओ. मुकेश ने मुझे बैग तो दिया लेकिन इस तरीके से कि जब तक में बैग संभालूं वो मेरे दोनों बोबों को पकड़ चुका था. रात को साढ़े ग्यारह बज रहे होंगे, मुझे जोर की प्यास लगी तो नींद टूट गई, सोचा, चलो नीचे पानी पी आते हैं.

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मैं सिर्फ चाहती थी कि वो अपने दिल की बात बस कह दे ताकि उसके दिल में चुभती सी हुई कोई भी बात उसे और परेशान न करे…वो बस में मेरे साथ ही बैठा था. कहानी शुरू करने से पहले बता दूँ कि यह अन्तर्वासना पर मेरी पहली और सच्ची कहानी हैं. जल्दी से आ आकर ले लो, वरना मैं कभी खुद को माफ़ नहीं कर पाऊँगा…!!!”इतना पढ़ते पढ़ते ही मेरी आँखों की नींद उड़ चुकी थी.

देखो ऑफ़िस के बाद जरूर आना, मैं इन्तज़ार करूंगी!” राधा ने अपनी विशिष्ठ शैली से इतरा कर कहा.

क्योंकि मैं गुस्से में था इसलिए भाभी ने मुझे अकेले नहीं जाने दिया और मेरे साथ चल दी.

मजबूरन मैंने एक कंप्यूटर कोचिंग जॉयन की, वहाँ ही मैंने इंटरनेट की दुनिया से थोड़ी-बहुत वाक़फ़ियत हासिल की।मुझे याद है उन दिनों इंटरनेट पर चैट ज्यादा की जाती थी. मेरा लण्ड भी एकदम खड़ा हो गया था, अब शायद आंटी को भी अंदाजा लग गया था कि मैं झूठ मूठ सो रहा हूँ. हिंदी बीएफ चोदीक्या मस्त कूल्हे थे…फिर मैंने उसको बिस्तर पर लेटा दिया… उसके सारे कपड़े उतारे और मैं भी नंगा हो गया… मैं उसके चूचे चाटने लगा… उसके चुचूक एकदम कड़क हो चुके थे.

मैं मुकेश से बार बार विनती करती रही- चोद चोद मादरचोद! एक बार तो चूत को पानी पिला एक बार तो इसकी अग्नि ठंडी कर!लेकिन वो तो जैसे मेरी पूरी परीक्षा लेना चाहता था, उसने अपने लौड़े का पानी चूत में छोड़े बगैर ही बाहर निकाल लिया. मैं समझ गई थी कि वो क्या कहना चाहता है।उसने अपना हाथ बढ़ाया और मेरे हाथ पर रख दिया और बोला- भाभी अब काफी सर्दी लग रही है, अब क्या करूँ?उसका हाथ पड़ते ही मैं शरमा गई और बोली- क क. तो उसने कहा- नहीं। तुम अन्दर कर दोगे !मैंने कहा- नहीं, मैंने तुमसे वादा किया है ! जब तुम नहीं चाहोगी मै नहीं चोदूंगा…क्योंकि मै तो यह चाहता था कि वो मेरे लंड की आग से इतना जल जाए कि खुद ही बोले कि डाल दो इस लंड को मेरे अन्दर….

अब मेरा भांडा फ़ूटने वाला है, मैं बहुत घबरा गया क्योंकि मैंने अंडरवीअर नहीं पहना था, सिर्फ बरमुडा पहना था।तभी पिंकी ने मेरा बरमुडा खींचना शुरु किया। मैं हलचल करने लगा पर आखिर में पिंकी ने मेरा बरमुडा खींच ही लिया। बरमुडा नीचे आते ही मेरा सात इंच का लंड तीनों को सलामी देने खड़ा हुआ था। तीनों दंग रह गई। रेशमा चिल्लाई- बाप रे ! कितना बड़ा है सुहास तेरा लंड…. पर मेरी उससे पूछने की हिम्मत नहीं हो रही थी… मैंने बात बदलते हुए कहा,” अच्छा सुन, तूने मैथ का होमवर्क किया है…???, कल वो चोट लग गई थी ना कोहनी और घुटने में, तो मैं ना स्टाडी टेबल पे बैठ पाई न मैं होमवर्क कर सकी.

उसके मुँह से एक भी शब्द नहीं निकला। अब मैंने उसके चेहरे की तरफ़ अपना चेहरा किया और उसके थरथराते लाल रसीले लरज़ते होंठो पर अपने होंठ रख दिए। मैंने बहुत हल्के से उसके होंठों पर ‘चु.

नेहा बाहर आई… थोड़ी दूर जाकर उसने इशारा किया… मैंने पूरे फेफड़े भरकर गोता लगाया… जैसे ही एक जोड़ी गदराई टांगों के पास पहुंचा…उसने अपनी अंडरवीयर नीचे सरका दी… क्लीन शेव्ड चिकने. आंटी बोली- रुको मुझे मूतना है !तो मूतिये आंटी जी ! यह तो मेरे लिए प्रसाद है, चूतामृत यानि बुर का अमृत !”आंटी खड़ी हो कर मूतने लगी, मैं झुक कर उनका मूत पीने लगा। मूत से मेरा चेहरा भीग गया था। उसके बाद आंटी की आज्ञा से मैंने उनकी योनि का स्वाद चखा। उनकी चिकनी चूत को पहले चाटने लगा और फिर जीभ से अंदर का नमकीन पानी पीने लगा. मेरा बड़बड़ाना सुन के सोमा भी मस्तिया गई और जोर जोर से अपनी चूत में ऊँगली चलने लगी…… स हा.

बीएफ सेक्सी वाली चुदाई मैं वहाँ प्यार करना चाहता हूँ।’‘मुझे पूरी नंगी कर के सब कुछ तो देख लिया तुमने!’‘रागिनी तुम्हारे चूतड़ सच में किसी भी मर्द का लंड खड़ा कर देंगे। शायद तुम्हारे पीछे चलने वाले मर्द तो अपने पैंट में ही झड़ जाते होंगे!’ मैंने उसका हाथ पकड़ कर पास खींचा और उसका मुँह घुमा दिया और उसके चूतड़ पर हाथ फेरते हुए कहा।‘अच्छा. वो बेचारा मेरी ब्रा में हाथ डालने में डर रहा था इसलिए मैंने उसको इशारा किया और बोली ‘हाँ.

अनिरुद्ध : वृंदा आओ, तुम भी खेलो हमारे साथ… !!मैं : नहीं ! मुझे रीवा मैडम ने बुलाया है… बाद में आती हूँ…!!!अनिरुद्ध ने बास्केट बाल मेरे पीछे मारते हुए कहा : क्यों हिम्मत नहीं है क्या…. वो मेरे पूरे कपड़े उतार कर मेरे बराबर में लेट गई और अपने हाथों से मेरे पूरे बदन को सहलाने लगी. खुले गले में से उफनते उरोजों की छोटी छोटी गुलाबी चुचकियाँ बहादुर की आँखों से लुका छिप्पी खेल रही थी.

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राजू रीटा के घुटने मोड़ कर रीटा को कंधों से मिला दिये और बोला- जाती कहाँ है साली! माँ की लौड़ी, अभी तो तेरी मां की चूत भी मारनी है. कौन है वो?अजय ने रहस्य बढ़ाते हुए कहा- यार है कोई… पर वो शादीशुदा है तो हिम्मत नहीं होती उसको अपने दिल की बात कहने की. अब मैंने सोचा कि चुदाई तो होनी ही होनी है! तो फिर मज़े से ही क्यों नहीं करवाऊँ! मैंने मुकेश से कहा- मेरे हाथ खोल दो! तुम जैसा कहोगे, मैं वैसा ही करूँगी!मुकेश ने मेरी आँखों में देखा, शायद उसने मेरी आँखों के वासना के डोरे पढ़ लिए और उसने मेरे हाथ खोल दिए.

मुस्तफ़ा अपने बिल से खुद बाहर निकल कर भी सोनिया से मुक़ाबला कर चुका था … पर नतीजा उसको बुरी तरह मुँह की खानी पड़ी … उसको अब कोई भी रास्ता नहीं सूझ रहा था कि कैसे वो इन कानून के रखवालों से खुद को और अपने गैंग को बचाए. भाभी ने कहा- यह क्या?और मेरे लण्ड को गौर से देखा। इतना बड़ा नौ इंच लब्बा और दो इंच मोटा? हैं?मेरा लण्ड देख कर कोई भी यही कहेगा जो भाभी ने कहा….

तभी चित्रा ने योगी के होंठों पर अपने होंठ रख दिए और थेंक-यू कहा और फिर हम दोनों वापिस घर आ गए.

और बोलकर आकृति और मैं हँसने लगे…फिर आकृति ने बात को संभालते हुए बोला- चंडीगढ़ दिखाने गया था…तो मैंने भी बोला- हाँ. ?’‘जी…वो…वो हम वॉल-पेंटिंग करते हैं।’‘तो…?’ उसने बेहद रूखे लहजे में जवाब दिया।‘आपके घर की यह दीवार पर हम लोग अपनी कम्पनी की पेंटिंग करना चाहते है अगर आपकी इजाज़त हो तो. राज अंकल ने कहा- बड़ा मीठा दूध है तेरा!उधर राहुल अंकल बाजी की गांड को सहला रहे थे.

इसके चुदाई के बाद मैं मौका देख कर रोज़ भाभी की चुदाई करता हूँ और हम दोनों बहुत खुश हैं. प्रेषिका : श्रेया अहूजामैं और मधु बचपन में घर-घर, लुक्का-छिप्पी, डॉक्टर-डॉक्टर खेलते थे …बचपन ने जवानी का कब रुख लिया पता ही नहीं चला …अब मैं इंटर में हूँ और मधु भी. और रीना के मुँह से चीख निकल गई- ऊई माँ … मर गई … मेरी चूत फट गई … बाहर निकालो अपना लौड़ा!मगर अब मैंने उसका मुँह अपने होठों में बंद कर लिया और कमर को ऊपर कर के फिर से ठोक दिया.

थोड़ी देर में मेरी चूत ने पानी छोड़ दिया और मुकेश सारे पानी को चाट गया जैसे कुत्ता हड्डी को चूसता है.

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दीपू मेरी एक एक चूची को बारी बारी से दबा और मसल रहा था साथ में मेरे मुंह में अपनी स्वादिष्ट जीभ भी डाल चुका था. रीटा को अब समझ आया कि हर महीने मतवाली मोनिका नये आशिक से चूत क्यों मरवाया करती थी. मैंने चुपचाप अपने कदम लड़कियों वाले बाथरूम की तरफ बढ़ाये, बाथरूम में से हमारे स्कूल की एक मैडम की आवाज आई.

उसने झट से तकिया अपनी गोद में रख लिया और फिर बोली- ओह जीजू, आख़िर तुम अपनी औक़ात पर आ ही गए… मुझे तुमसे कोई बात नहीं करनी। अकेली मज़बूर लड़की जानकर उसे तंग कर रहे हो। मुझे नींद आ रही है।’ वो नाराज़ सी हो गई।प्यार पाठकों और पाठिकाओं, मेरे कार्यक्रम का दूसरा चरण पूरा हो गया था.

अब मैं अपनी कहानी पर आता हूँ!पहले मेरे मन में एसा कोई विचार नहीं था अपनी बहन को चोदने का! लेकिन वो दिन पर दिन निखरती जा रही थी. ’मुझे आलोक का स्टाइल अच्छा लगा…मैंने भी एक सेक्सी स्माइल दी, अपनी एक टांग ऊपर करके दूसरे घुटने पर रख ली और कहा,’ओह. ?मैं अपना हाथ छुडाने की कोशिश करते हुए बोली- मैं बुरा नहीं मानूंगी… लेकिन मेरा हाथ तो छोड़ो!इस तरह यह पहला वाकया था जब किसी लड़के ने मेरा हाथ पकड़ने की कोशिश की थी, कोशिश क्या पकड़ ही लिया था…वो: नहीं पहले आप वचन दो कि बुरा नहीं मानोगी…मैंने परेशान होकर कहा- हाँ बाबा, मैं बुरा नहीं मानूंगी, तुम मुझसे जो कहना चाहते हो वो कह सकते हो लेकिन मेरा हाथ छोडो.