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मैं पास में बैठ गया।आंटी बोली- राज, कुछ खाएगा?मैं बोला- बहुत कुछ खाऊंगा।इस बात पर आंटी ने मेरी ओर अजीब सी निगाहों से देखा और फिर हल्के से मुस्करा दी. ഇംഗ്ലീഷ് സെക്സ്സ്मेरे होंठों में ताई जी के मम्मों के निप्पल बारी बारी से मसले जाने लगे.

दोस्तो, मैं नींद से जाग गया था और एक बार फिर से अपनी मां की चुदाई करने की तैयारी करने लगा था. ट्रिपल सेक्सी वीडियो डॉट कॉमउस दिन मैं ऑफिस से जल्दी घर जाने के लिए निकला क्योंकि मुझे आगरा जाना था फैमिली के साथ.

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वो भी थोड़ी सहज होती जा रही थी और मेरी बातों के सही तरीके से बिना हिचके जवाब देती थी.इतने में चाची जी कॉफी लेकर आ गईं और कॉफी देने के लिए वो जैसे ही झुकीं, मेरी नजर फिर से उनके बाहर को झांकते हुए मोटे मोटे चूचों पर पड़ गई.

सभी दोस्त एक ही क्लास में पढ़ते हैं और उन चारों की बहनें भी एक ही क्लास में हैं. ब्लू पिक्चर बीएफ देखने वाला वो अपने बड़े बड़े मम्मों और गांड को ऊपर नीचे करते हुए मस्ती से चुद रही थी.

मैं दो मिनट के लिए उसी के जिस्म पर ही लेट गया और उसके एक गोलमटोल मम्मे को चूसने लगा.

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जैसे ही दरवाजा खुला और सामने साक्षात रतिरूपी उस अप्सरा को साड़ी में देखा तो जैसे कामदेव ने बाणों की बरसात कर दी।दरवाजे से ही देख कर जाना है क्या?” उसने हँसते हुए कहा और धीरे से हाथ पकड़ कर मुझे अन्दर बुला लिया।उस दिन पहली बार उसने मेरे शरीर को छुआ था. मैंने कुछ नहीं सुना और घुटनों के बल बैठ गया और उसके नितंबों को चूमने लगा और एक हाथ से उसकी योनि को सहलाने लगा।उसकी योनि फिर से गीली हो गयी थी. थोड़ी देर में पूरा लंड चूत के अंदर चला गया और वह मेरे जिस्म का जमकर मजा लेने लगा।और आपकी भाभी हॉट सेक्स का मजा लेने लगी.

मैंने कभी भी नहीं सोचा था कि सोनी इतने बड़े मर्द को सह लेगी।अब सुरेश का लण्ड सोनी की चूत को रौंद रहा था. मुझे कमरे में देख कर वो थोड़ा सकपका गई और बोलने लगी- तुम यहां क्या कर रहे हो?मैंने भी बोल दिया- मुझे आंटी ने तुम्हारे रूम में घास चरने भेजा है. बस में हमें अब कोई के आने का डर नहीं था और ललिता भाभी भी अब खुल चुकी थी.

गुलजान ने एक लम्बी बिना आस्तीन वाली ड्रेस पहनी थी, जिसमें उसकी 38 साइज़ की चुचियां छोटी पहाड़ियों जैसी लग रही थीं. ट्रेनिंग के बाद जब वो काम करने लगी तो उसको थोड़ी दिक्कतें आने लगीं. लंड अन्दर पेलते ही वो जोर जोर से धक्के लगाने लगा और मेरी चूचियों को चूमने लगा.

जैसे ही लंड अन्दर जा रहा था तो स्लॉप स्लॉप स्लॉप फच फच की आवाज़ आ रही थी. उसकी बुर बहुत टाइट थी, आधा लण्ड अन्दर गया लेकिन सोनल कराहने लगी थी.

एक दूसरे की बांहों में खड़े हम वासना के पंछी अपना सामान भी ठीक से नहीं रख सके थे.

क्योंकि यह लॉलीपॉप रोशनी में खराब हो जाती है इसीलिए अंधेरे में चूसनी पड़ेगी.

उसकी हालत ख़राब होने लगी और मुँह से बस यही निकला- भैया इस्स्स्स आई लव यू …मैंने फिर से उसके होंठों को चूसना शुरू किया और उसकी ब्रा को उतार कर फेंक दिया. इसको अपने बच्चे की मम्मी बना दे मादरचोद को।फिर झटके देते हुए रवि भी मेरी गांड में झड़ गया और मेरी गांड में अब दोनों लौड़ों का वीर्य भर गया था. दोनों खूब एक दूसरे को चूमने चाटने लगे। नीचे उसका लौड़ा मस्त हो चुका था जो मुझे उसकी पैंट में से अपनी जांघ पर चुभने लगा था.

फिर मैंने भाभी का चेहरा देखा, उनकी आंखों का काजल फैल गया था और उनकी आंखों में आंसू थे. तुम हो गयी हो पहलवान!ज़ारा- क्या बात कर रहे हो? मेरा फिगर देखो कितना सेक्सी है!मैं- तुम सिर्फ बदन से लड़की हो वैसे तो पूरी गुंडी हो गयी हो!वो खिलखिलाकर मुझसे लिपट गयी काफी देर तक हम लेटे हुये बातें करते रहे. कुछ देर बाद जब उनका ज्वार उतर गया और उन्होंने मुझे छोड़ा तो मुझे राहत मिली.

मैंने अपनी नाक चूत से हटा कर उनकी पैंटी को उनके जिस्म से अलग कर दिया.

अब मैंने रचना को बेड पर लिटाया- रचना जान, मेरा सांप तेरे बिल में जाने वाला है. उसकी नीले फूलों वाली कुर्ती बड़ी मस्त लग रही थी मगर इस वक्त वो मेरे लिए एक अड़चन थी. मेरे चुच्चे देखकर उन्होंने अपने लंड को पकड़ लिया और बोले- मैं अभी आ रहा हूँ तुझे चोदने के लिए!तो मैंने अपनी टीशर्ट नीचे करके उन्हें मना कर दिया और बोली- अब आप अंदर जाओ.

कुछ ही देर में बुआ ने अपनी दोनों टांगों को कुछ इस तरह से फैला दिया, जिससे मुझे उनकी चूत की दरार साफ दिखने लगी थी. मैंने एक बार थोड़ा पीछे हट कर झट से एक हाथ से अपना लोअर का इलास्टिक नीचे किया और मोटे लण्ड को निकाल कर सीधा आँटी की जांघों में स्कर्ट के ऊपर से ही चूत के ऊपर अड़ा दिया. दिखा दी ना अपनी औकात … आज साबित कर ही दिया कि सब मर्द एक जैसे होते हैं.

आवाज तक नहीं निकल पा रही थी मेरी।करीब 10 मिनट बाद मेरा दर्द कुछ कम हुआ और मेरी बुर ने भी पानी छोड़ना शुरू कर दिया.

अब मैंने भाभी को छेड़ने के लिए लंड को उनकी चूत पर घुमाया पर अन्दर नहीं डाला. मैंने उसकी चूत को ऊपर से ही पकड़ लिया और फिर जोर से अपनी हथेली से रगड़ दिया.

ब्लू पिक्चर बीएफ देखने वाला दोस्तो, मैं कान्हा साहू आपको अपने दोस्त की मदमस्त बहन पीहू की चुदाई की कहानी सुना रहा था. हंसी मजाक करते हुए दोनों बहनें नीचे आ गईं, जिसे देख कर मनीष बोला- कौन ज्यादा ब्यूटीफुल लग रही है, कह नहीं सकता.

ब्लू पिक्चर बीएफ देखने वाला मैं भी थोड़ी सी आंखों को खोल कर देख रहा था कि मेरी बीवी ने ऐसा आनन्द कभी नहीं उठाया था. उसने एक मिनट बाद अपना सारा वीर्य संजू के मुँह में उड़ेल दिया, जिसे संजू मजे से पी गई.

वो खुद मदहोश सी होने लगी थी और मेरे जिस्म को अपने बाहुपाश में कसे हुए थी.

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ममता जी को‌ लेकर मैं शायरा के घर आ तो गया … पर हाय रे मेरी फूटी किस्मत. मैं भी जानबूझकर आगे हो जाती थी ताकि उसको मेरे बूब्स का पूरा स्पर्श मिल सके. बीस झटकों के बाद जब मेरा रस आने वाला हुआ तो मैंने लंड बाहर निकाल लिया.

ममता की उस गहरी गुफा की गर्मी अपने लंड पर पाकर मैं तो जैसे पागल ही हो गया था. नीता मेरा लंड अपनी गांड की दरार में लेकर रगड़ती हुई बोली- तुम बहुत बदमाश हो हर्षद …. जब घर में हम दोनों के अलावा कोई नहीं होगा, तब मेरे काले सांप का तुम्हारे छेद में प्रवेश होगा.

रूबी- अब और कुछ न कर … कोई आ गया … तो क्या होगा!मैं- चोद तो लेने दे … अभी तक पता नहीं कितने लोल्ले लिए होंगे तूने इस चूत में … आज मेरा लौड़ा भी घुस जाएगा तो क्या फर्क पड़ने वाला.

विपिन वहां से चला गया और अपने पापा को जा कर बोल दिया कि सुहानी दीदी को बाज़ार से कुछ लाना है, तो वो भी चलने को कह रही हैं. मैंने धीरे से उसकी पैंटी को किनारे किया और उसकी मस्त साफ़ फुद्दी देखकर तो मैं जैसे आंखों से ही बुर का रस पीने लगा. वो हंस कर बोली- चलो फिर देखती हूँ, लेकिन आज बारिश बहुत हो रही है, तो मैं भीग भी सकती हूँ.

मैंने उनको शांत किया और कहा- आप शांत हो जाओ … और वो डॉक्टर का क्या हुआ?वो बोले- वो साला बहुत हरामी आदमी है. और मेरी चाची रश्मि का रेफेरेंस देते हुए मैंने बताया कि मुझे सरिता जी से मिलना है. हम दोनों समझ गए कि लंड चूत के पास उगा जंगल साफ़ करने की बात चल रही है.

फिर उसकी चूत पर उछल उछल कर लंड के धक्के देने लगा; पूरे जोर के साथ मैं उसकी चूत का मर्दन करने लगा. उसके बाद मनीष ऑफिस से घर आया और आते ही उसने हुक्म सुना दिया- चलो दोनों बहन जल्दी तैयार हो जाओ … सब घूमने चलते हैं और हां, डिनर भी बाहर ही कर लेंगे.

पत्नी के रोने की आवाज सुनकर मेरी आंखें खुलीं तो मुझे भी इस दुखद खबर का पता चला।आनन-फानन में पत्नी के मायके जाने की तैयारियां शुरू हुईं और 1 घंटे के भीतर ही हम दोनों अपनी कार से निकल भी गए।मेरठ से लुधियाना के सफर में मेरी पत्नी शशि के कई बार आंसू ढलक आये क्योंकि उसके मायके में संयुक्त परिवार है तो आपस में लगाव होना स्वाभाविक ही है. मैंने अपने पैंट के बटन और चैन खोली और अपने मोटा लंड निकाल कर उसके हाथ में दे दिया जिसे वो बहुत प्यार से सहलाने लगी. उसने मेरे होंठों को अपने होंठों में लेकर काफी देर तक चूसा।अब उसके हाथ भी अमर्यादित होने लगे थे.

मैंने पीहू को देख कर मुस्कुराते हुए कहा- मैंने जिस काम को करने का मन बना लिया, तो समझो मैं उसे पूरा करके ही रहता हूँ.

मैंने कभी ऐसा पहले किया नहीं था लेकिन आप मुझे इतना ज्यादा अच्छा लग रहा था कि मैंने सोचा कि यह जो भी कहेंगे, मैं करूंगा. मेरी गांड में अब खुजली होने लगी और मुझे लड़कों के लंड की जरूरत लगने लगी. आज भाभी झीनी काली नाईटी में थी और अन्दर की ब्रा और पैंटी साफ दिखाई दे रही थी.

मैंने रात की 9 की बस में स्लीपर की पीछे तरफ की एक पूरी सीट बुक कर ली. जानू हम दोनों ने इस पल के लिए बहुत लंबा इंतजार किया है और आज जब मिले हैं तो इस तरह मिले हैं कि हमें इस पल को जीने से रोकने वाला कोई नहीं है.

मेरी वाइफ, चाची से सात साल छोटी है लेकिन फिर भी वो चाची जी के साथ ऐसे रहती है, जैसे की वो उनकी सहेली हो. उसकी समझ में आ गया था कि अकेले में रहने को मिलेगा तो चुदाई का खेल भी खेला जा सकता है. तो ये थी मेरी पहली चुदाई की कहानी। आगे भी मेरी चुदाई की कहानियां बताती रहूंगी।ये क्रॉसड्रेसर सेक्स स्टोरी कैसी लगी और मेरी क्रॉसड्रेसिंग को लेकर आपके क्या खयाल हैं, ये बताने के लिए मुझे नीचे दी गयी ईमेल पर मैसेज करें.

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भावेश- आओ आओ मनीष, आज बहुत दिन के बाद मेरी याद आई? नमस्ते भाभी … कैसी हो?नेहा- नमस्ते भावेश भाई नमस्ते.

सुरेश बार बार अपने लम्बे, मोटे, काले, सख्त लण्ड को सोनी की चूत पर नीचे से ऊपर की तरफ हल्के हल्के घिस रहा था और सोनी के मुंह से सी … सी … की आवाजें आ रही थीं. मेरी सच में गांड फट गई थी क्योंकि मैं अपनी गांड बहुत दिनों बाद चुदवा रही थी. फिर सुरेश ने अपने दोनों चूतड़ भींच लिए और बिल्कुल नीचे करके सोनी के चूतड़ों पर चिपक गया.

स्नेहा नहा कर नीचे गई और दोनों बहनों ने खाना खाया और इधर उधर की बात करते हुए कब शाम हो गई, पता ही नहीं चला. उस दिन काम निपटाते निपटाते रात के 11 बज गए थे, समय का पता ही नहीं चला था. ब्लू सेक्स मूवी हिंदीरचना सातवें आसमान पर थी- बेबी रुको न … मेरा बदन इतनी कामुकता सहन नहीं कर पा रहा है.

मैं अनामिका की चुत के अन्दर पड़ा बर्फ के टुकड़ा को मुँह में भरकर खेलने लगा. वाइफ की चुदाई स्टोरी में पढ़ें कि मैंने अपनी बीवी को अपने बड़े लंड वाले दोस्त से अपने सामने चुदवा दिया.

भाभी- हम्म … लेकिन इतना दम तुम में रियल में है … या मेरे सामने सिर्फ फेंक ही रहे हो. नेहा किचन से चाय लेकर आते हुए- बोल क्यों चिल्ला रही है?स्नेहा की नजर जैसे ही नेहा पर पड़ी, उसे देखती रह गई. इस दौरान उसके हाथ मेरे लिंग को सहलाते रहे।मैंने उसको उल्टा लिटा कर उसकी पीठ, क़मर और नितंबों की शिलाओं को सहलाते हुए होंठों से बहुत प्यार किया।वो पलट गई और अपने चूचक को मेरे मुँह में दे दिया.

असली सेक्स वही होता है, जिसमें दोनों पार्टनर को चरम सुख की प्राप्ति हो. मैंने दोनों चूचियों को पकड़कर दबाना शुरू किया और उसे कुतिया समझ कर चोदने लगा. मेरी महिला दोस्त अक्सर मेरे नैन-नक्श और डील-डौल की तारीफ करती रहती हैं.

उनका रंग गोरा है और देखने में ताई का फिगर 36-30-38 का तो पक्का होगा.

हां, अगर तुम नहीं चाहती तो मैं दिव्या की तरफ आंख उठाकर भी नहीं देखूंगा!मेरी इसी बात ने शायद शशि का दिल जीत लिया. मैंने उन्हें गिरते देखा, तो मैंने भी मदद की और आंटी को वहां लाकर बैंच पर बैठा दिया.

दोनों का ही पहली बार वाला मामला था, पर थोड़ी ही देर में हम एक दूसरे के होंठों को बेताबी से चूसने लगे. मैं रुका और कहा- अभी भी दर्द है क्या?उसने बस अपना सिर हा में हिला दिया और मैं 2 मिनट के लिए रुक गया. मैं समझ चुकी थी कि अब मेरी गांड की चुदाई होने वाली है और मैं इसके लिए तैयार भी थी.

ऐसे दिन में खुले में अपनी टीशर्ट उतारने का अनुभव मैंने पहली बार किया था. मैं चुदाई का इतना शौकीन रहा हूं कि कभी कभी तो लगता है कि मैं प्लेबॉय बन जाऊं. मैंने वैसे ही किया और स्पीड बढ़ाते हुए उनकी चूत को अपने माल से भर दिया.

ब्लू पिक्चर बीएफ देखने वाला जब मुझे लगा मेरे लंड से माल निकलने वाला है तो मैं तुरंत बाथरूम में जाकर मुठ मार कर ठंडा हो गया. फिर मेरे फनफनाते लंड पर शॉर्ट्स के ऊपर से ही सहलाते हुए उसने कहा- कहीं तुम ये पिलाने की बात तो नहीं कर रहे?बदले में मैंने उसकी चूचियों को दबाते हुए कहा- अगर आप मेरा पीना चाहती हैं तो फिर आपको भी अपना कुछ पिलाना पड़ेगा.

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फिर तो बस उसने घुटनों के बल आगे पीछे सरकते हुए मेरी चुदाई शुरू कर दी. तो क्या करूं? तुम … तुम ये पहले कपड़े तो निकालो?” ममता ने खीजते हुए कहा. हेलीमा गुलजान की चूत चूस रही थी और गुलजान बहुत ज़ोर से अपना सिर इधर उधर पटक रही थी.

उधर ममता जी के घर पर भी हम‌ नहीं मिले सकते थे, क्योंकि वहां उनके सास ससुर रहते थे. एक तो दिव्या एक बहुत ही अच्छी धाविका थी और उसके साथ साथ एक ख़ूबसूरत शरीर की मालकिन भी थी. எக்ஸ் வீடியோ தமிழ் ஆன்ட்டிमैंने कहा- अब तक आपने जो भी किया, उसका मुझे कुछ भी लेना देना नहीं है, मगर आजके बाद आप पूरी तरह से मेरे प्रति सिन्सियर रहेंगे और वैसे ही मैं भी आपके साथ करूंगी.

कहानी के पहले भागदोस्त की छोटी बहन की कुंवारी बुरमें अब तक आपने पढ़ा था कि रात में मैंने पीहू की चूत में उंगली करके उसे भी ठंडी कर दिया था और खुद भी मुठ मार कर सो गया था.

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फिर वो मेरे साथ आने लगा तो मैंने पूछा- क्या बात हो गयी थी?वह बोला- यह एक लड़की को जबरदस्ती चोदना चाहता था. विजय बोल उठा- शालू, नहाने जा रही हो! पहले जब में नहाया तब नहा लेती तो साथ में नहा लेते!मैं विजय के पास गई अपने दोनों हाथ उसके गले में डाल कर ऐसे खड़ी हो गई जैसे मैं उसकी प्रेमिका हूँ. वो लाल रंग की नाइटी थी, वो ऊपर से पूरी खुली थी और उसमें से मेरे आधे से ज़्यादा दूध दिख रहे थे.

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सेक्सी ब्लू पिक्चर दिखाओ वीडियो मेंथोड़ी ही देर में मेरा लंड खड़ा हो गया था, जिसका अहसास अनामिका को भी हो गया था. [emailprotected]पार्क सेक्स कहानी का अगला भाग:चढ़ती जवानी में सेक्स की चाह- 5.

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वाह क्या आनन्द था वो!फिर वो डॉक्टर झड़ कर मेरे ऊपर ही लेट गया और उसने मुझे कसके पकड़ लिया. मुझे अपना गदराया हुआ जिस्म बड़ी सनसनी दे रहा था, तो मैं अपनी नंगी फोटो खींचने लगी. अनामिका को निप्पल काटे जाने से मीठा दर्द हुआ तो वो सिसयायी- आह कमीनी … प्यार से चूस वैसे चूस ना जैसे अंगूर चूसे जाते हैं.

इस जोरदार आक्रमण से रेनू चीख पड़ी और मुझे कसकर दबोच लिया।मैंने उसके खड़े हो चुके चूचकों को चूसना शुरू कर दिया. अब मेरा गीला लंड फच्च … फच्च … करके चोदने लगा।मैंने और तेज़ तेज़ झटके मारने शुरू कर दिए. अब मैं रुक नहीं सकता था और मैंने सीधे अपने होंठ भाभी के होंठों पर रख दिये और उसके सिर के पीछे हाथ ले जाकर उसको किस करने लगा.

भाभी- धत्त पागल … बताओ न क्या देख रहे थे?मैंने भाभी से बोला- यार भाभी आपका ब्लाउज थोड़ा गीला हो गया है, वही देख रहा था. राज ने आगे से मेरी कमर को पकड़ लिया और जय ने पीछे से हाथ डालकर मेरे बूब्स को पकड़ लिया. मेरा ईमेल आईडी है[emailprotected]देसी लड़की चुदाई कहानी अगले भाग में जारी रहेगी.

मेरा मामना है कि चूत में हमें जन्नत दिखती है तो हमें इसकी इज्जत करनी चाहिए. साँय 6 बजे ही कमरे की बेल बजी, मैंने दरवाजा खोला तो बाहर यामिना खड़ी थी.

और पहली बार सरिता ने मुझे ऊपर से नीचे तक बड़ी गूढ़ नजरों से देखा और उनके चेहरे पर एक रहस्यमयी मुस्कान दौड़ गई.

उसकी चूचियां, जो 40 साइज की ही थी इस कसी हुई टी-शर्ट में एकदम तनी हुई लग रही थीं. बिपि विडियोमुझे देर हो रही थी इसलिए मैं मरे मन से वापस लौट आया और कपड़े पहन कर घर चला गया. गुजराती सेक्सी ब्लूउसने मुझे महीने का दस हजार बताया।मेरी सैलरी के हिसाब से ये किराया मुझे ज्यादा लग रहा था।वो कहने लगा कि मेरे पास आकर बात कर लेना. उसने मॉम को 5 मिनट और चोदा और कहा कि मैं झड़ने वाला हूँ, कहां लेगी माल?मॉम ने कहा- मुँह में.

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ललिता भाभी और अम्मा कुछ बातें कर रही थीं तो मैं दिव्या के साथ खेलने लगा.

उसे इसकी उम्मीद नहीं थी कि सुरेश अंकल के पास ऐसा भारी भरकम सामान होगा।खैर सोनी इतनी गर्म हो गयी कि मुझे भी अंदाजा नहीं लगा कि वो अपना मुंह खोल कर उसके लंड को मुंह में लेने की कोशिश करेगी!सोनी की आँखें आनंद में बंद थीं और वो सुरेश के लौड़े का गुलाबी टोपा चूसने के लिए जैसे मरी जा रही थी.

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कहानी के पिछले भागपड़ोसी भैया से गांड भी मरवा ली मैंनेमें अब तक आपने पढ़ा था कि मैं रोहण के साथ एक बंद पड़े पार्क में आ गई थी और उसके साथ मस्ती करने लगी थी. अब ललिता भाभी भी धीरे धीरे अपनी कमर आगे पीछे करने लगी और थप थप की आवाज़ आने लगी. नीचे मेरा लंड पूरा तन गया था और भाभी की चूत में जाने के लिए बेताब था.

पड़ोसन की चुदाई हिंदी में जवानी से चरमराई अर्चना चुदाई से इतना मगरूर हो गई थी कि पांच मिनट में ऐंठने हुए गांड उठाने लगी और झड़ गई. मैंने अंकल से कहा- मुझे अब फार्म हाउस में रह कर ही सारे इंतजाम करने होंगे.

न्यू ईयर पार्टी के मस्त माहौल को रीना दीदी, मस्त रंजू और अनु दीदी के साथ बाईस साल की अर्चना अपनी मस्त जवानी से शाम रंगीन कर रही थी. मैंने धीरे से उसकी पैंटी को किनारे किया और उसकी मस्त साफ़ फुद्दी देखकर तो मैं जैसे आंखों से ही बुर का रस पीने लगा. मैं टीवी देख रहा था, उतने में वसुंधरा भाभी केवल ब्रा और पैंटी में आकर मेरे बगल में बैठ गईं.

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गुलजान ने एक लम्बी बिना आस्तीन वाली ड्रेस पहनी थी, जिसमें उसकी 38 साइज़ की चुचियां छोटी पहाड़ियों जैसी लग रही थीं. भाई बोला- तो आप पापा को भी साथ मिला लो न!मां बोली- तुम्हारे पापा जान गए तो जानते भी हो कि क्या होगा, कुछ पता भी है तुमको! कितनी आसानी से कह दिया कि पापा को भी मिला लो. मेरी सौतेली मम्मी अपनी चूत मुझे दिखाकर बोली- देखो कितनी सूज गयी है मेरी चूत.

ये सब देख कर विक्रम भी संजू की पीठ की तरफ नीचे बैठ गया और अपना मुँह संजू की गांड पर लगा कर गांड को चूमने लगा. उसकी गांड की खुशबू ने मुझे पागल से बना दिया और मैं उसकी गांड को कुत्ते की तरह चाटने लगा.

”मैंने लुंगी लपेटी और मामी के कमरे में गया, नाइट लैम्प की रोशनी में ड्रेसिंग टेबल से कोल्ड क्रीम की शीशी निकाली और वापस मुड़ा.

थोड़ी ही देर में भाभी अचानक से अकड़ने लगीं और एक ‘आह …’ के साथ झड़ गईं. मोटाई का पता नहीं, हां मगर इतना मोटा है कि किसी की भी चूत में जाने के लिए वो खुद ही चूत को चौड़ी करता हुआ जाता है. मैंने ऊपर नजर उठाकर देखा तो उसके दो पहाड़नुमा चूचों के पीछे उसके चेहरे पर मादकता आ गयी थी.

अगर आप इस सेक्स कहानी से जुड़ा और कोई किस्सा सुनना चाहते हैं तो मुझे अपने ईमेल या मैसेज के माध्यम से बतायें. वो सामने वाले ने जैसे ही अपना मुँह ऊपर किया, तो मैं उसके होंठों को चूमने लगी. काफी देर तक इस तरह वर्जिन गांड मारने के बाद अंकल ने अचानक से खुद को अलग किया और मेरे मुँह के सामने अपने लंड को लाकर रख दिया.

मैंने अंकल को फोन पर बता दिया- हम दोनों यहीं रुक रहे हैं, अभी भी काम चल रहे हैं और गाड़ी भी खराब है.

ब्लू पिक्चर बीएफ देखने वाला: मैंने हेलीमा और गुलजान से पूछा- भाभी की चुदाई कैसी लगी?वो दोनों बोलीं- शानदार. उसको इसका तनिक भी अन्दाज़ा नहीं हो पाया था कि मैं अचानक से लंड उसकी बुर की गहराई में उतार दूँगा.

तभी मीना के पति का दोबारा फोन आया और वो पूछने लगा कि कहा पहुँच गयी?मीना ने उसे बताया कि करनाल से निकल चुकी है और अपनी दीदी के घर पहुंचकर फोन कर देगी।फिर मीना मुझसे वहां से जल्दी निकलने के लिए बोलने लगी।मगर अभी मेरा काम पूरा नहीं हुआ था. कुछ देर में मैं भी झड़ने वाला था तो मैंने उसकी कमर पकड़ी और तेज-तेज झटके देने लगा. 45 बजे उसकी कॉल आयी और मैं उस रास्ते पर निकल पड़ा जिस पर पर मैंने कई बार कल्पनाओं का सफर किया था।दरवाजे पर पहुंचकर कांपते हाथों से डोरबेल बजाई.

इससे मेरा लंड उसके मुँह में फंस सा गया और उसको उल्टी आने को हो गयी.

मेरे लंड ने भी पानी छोड़ दिया और मैंने अपना माल दोनों बहनों की रसीली चुचियों पर निकाल दिया. उन्होंने मुझे फिर से गाल पर चुम्बन किया और मेरे होंठों से अपने होंठ चिपका दिए. मैंने नीचे आकर एक बार फिर से भाभी की चूत पर मुँह लगा दिया और उनकी चुत को चाटने लगा.