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मैंने बहुत दिनों से सेक्स नहीं किया था, इसलिए मेरा लंड बहुत जल्दी झड़ने वाला हो उठा था.एन टाइम पर के एल पी डी करने पर तुली है?”क्या क्या … मैं क्या के डी एल पी कर रही हूं?” उसने तुनक कर पूछा.

अंकल जी, कहां खोये हुए हो इतनी देर से?” कम्मो ने बोलते हुए मुझे कंधे से हिलाया. बीएफ देहाती गांव की मैं उसको बोली- तुम अपने ऑफिस क्यों नहीं गए?तो वो बोला- मुझे काम करने का मन नहीं करता है.

मैंने उनसे कहा- भाभी, यहां से मेरा हाथ ठीक तरह से वहां पर नहीं पहुँच रहा है.

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एक-डेढ़ घंटे की लगातार पढ़ाई के बाद सबने एक ब्रेक लेने की सोची और रिलैक्स करने लगी. ये गेस्ट हाउस बहुत पुराना था और इस तरफ काफी घना जंगल था, सो किसी के भी इधर आने की बहुत कम संभावना थी. यह सुन कर पापा ने मुझसे कहा- तो यही है वो … जिसके लिए तुम आज तक मेरा कहना नहीं मान रही थी?फिर उन्होंने मेरी मां को आवाज़ लगा कर कहा- सुनाती हो … जल्दी से आओ यहाँ पर!जब माँ आई तो पापा बोले- मुबारक हो, तुम्हाऱी इच्छा पूरी हो गई.

तभी मनोहर ने अपना लौड़ा मेरे मुँह के पास लाकर बोला- साली छिनाल वन्द्या, चल आज मेरे लंड को इतना चूस. तभी भाभी को कुछ महसूस हुआ और वो हिलने लगीं तो मैंने झट से उनकी साड़ी ठीक कर दी. अंकल आगे बोले- लंड तो देख लिया, सूंघ भी लिया और अब इसे चाटना और चूसना रह गया है … इसे भी सीख लो.

इसलिए मैं अपनी बॉडी को फिट रखने के लिए जिम जाता हूँ और रनिंग करता हूँ. मैंने मन ही मन में कहा कि अब भाभी तुमको मैं वीडियो दिखा कर चोदूँगा. कुछ देर में वो सो गया, लेकिन वो पिक्स देखने के बाद मुझे कहां नींद आने वाली थी.

फिर ऐसे ही एक दिन वो मुझसे मिलने आया और हम लोग उसी मूड में घूमने चले गए. बस दो तीन ही शॉट के बाद मेरे लंड के गाढ़े वीर्य से उसकी चूत लबालब भर गई.

मौसी के घर में जितने मर्द थे, सभी मेरी तरफ एकटक देखते रहते, कोई मेरा नाम पूछता, कोई मुझे बस घूरकर देखता ही रहता, वहां बूढ़े या जवान सब … पता नहीं क्यों मेरी तरफ एक अजीब सी नजर से मुझे देखते थे, मैं भी सोचूं कि पता नहीं ऐसी क्या बात है मुझमें जो सभी बस घूरे ही जाते हैं जैसे कभी लड़की ही ना देखी हो.

उनकी मक्खन जैसी कोमल मुलायम गांड में मेरा लंड बड़े प्यार से चल रहा था.

पर अब मुझे उसकी गांड में अपना लंड डालना था, तो मैंने लंड को बाहर निकाल दिया और उसे डॉगी स्टाइल पोज में होने को बोला. वहां खेत में काम करने चाचा चाची और भैया जाते थे और भाभी घर पर रहती थीं. सलवार ढीली पड़ते ही मेरी उंगली अब और आराम से उसकी चूत का जायजा लेने लगी.

शीतल ने मयूरी के गांड के छेद वाले जगह की गर्मी को महसूस किया और इस से उसकी काम वासना और भी बढ़ रही थी. अशोक ने अपने दोनों हाथों से मयूरी की कमर पीछे से पकड़ कर एक जोरदार झटका उसकी गांड पर मारा. भाभी की नशीली आँखें देख कर मैं जान गया था कि जो आग लगी है, वो बाल्टी के पानी से नहीं बुझेगी, उसके लिए भाभी के कुएं में मेरा हैंडपंप चलाना पड़ेगा.

और फिर उनको नायाब चूचियों को जो कि बड़ी-बड़ी और भारी-भारी होने के साथ-साथ उतनी ही कड़ी और टाइट थीं, को पहले तो दबाने और फिर जोर-जोर से मसलने में लगे.

चूंकि हमारा ही घर था, तो चाचा के पास कुछ सप्ताह रुकने के बारे में सोचा. मुझे बहुत दिन के बाद अच्छा लग रहा था चुदवाने के बाद और मेरी चूत की प्यास बुझ गयी थी. करीब एक घंटे बाद मैंने देखा कि सरिता पूरी तरह से सो चुकी है तो मैंने धीरे से उसकी दोनों टांगें खोलीं और डरते-डरते मैंने उसकी पजामी के फटे हुए हिस्से में अपनी उंगली डाल कर कांपते हुए हाथों से उसकी चूत को धीरे से सहलाया.

पहले ही दिन मैंने ऑफिस में एक लड़की से पूछा कि क्या कोई खाना बनाने वाली मिल सकती है, जो घर का सारा काम भी कर सके. उसकी बड़ी-बड़ी विशाल चूचियाँ एकदम खड़ी थी, निप्पल टाइट थे और गांड भी बिल्कुल शेप में थी. मैंने सत्यम सीरिज की दूसरी कहानीबन गई मैं सत्यम की दुल्हनलिखी जिसे अन्तर्वासना ने बहुत प्रतीक्षा के बाद 20 नवम्बर को प्रकाशित किया.

भाई इधर उधर घूमता रहता है कभी भी घर पर नहीं रहता। मुझसे बड़ी दो बहनें हैं जिनकी शादी हो चुकी है.

उन दोनों ने पायल को ले कर गंदे जोक शुरू कर दिए और मैं भी उनकी मस्ती में शामिल हो गया. आज डीके और जॉन की बदौलत मेरी यह दोनों इच्छाएं एक ही वक्त पर पूरी हो रही थीं, वो भी बड़े मजेदार तरीके से.

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बीएफ देहाती गांव की अगर मैंने कुछ पहल दिखाई और उसने मना कर दिया तो मैं उससे फिर नज़र नहीं मिला पा सकूँगी. मैंने दुबारा अपने लंड के टोपे पर थूक लगाकर उसकी चूत में लंड के टोपे को घुसा कर घुसाने लगा.

अगर पसंद आए तो ज़रूर मेल कीजिए, जिससे नई कहानी लिखने का दिल में उत्साह बढ़ता है.

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विक्रम गुस्से से- मतलब?मयूरी- मतलब कि मैं तुम दोनों पर एक-साथ अपनी जवानी लुटाना चाहती हूँ. थोड़ी देर के बाद उन्होंने मेरा सर अपनी जांघों के बीच अपनी टांगों से कसकर दबाया और पानी छोड़ दिया, जिसे मैंने पास रखे एक कपड़े से साफ कर दिया. फिर हम मॉल गए, उधर हमने 3-4 सैट फैंसी अंडरगारमेंट लिए, मेकअप का सामान वगैरह सब ले लिया.

com/hindi-sex-story/teacher-ki-lesbian-saheliyon-ki-chudai/पर जो आपने इतना प्यार दिया, उसके लिए धन्यवाद. मेरा लंड गांड में गड़ने से भी उसने कोई विरोध भी नहीं किया था, जिससे मुझे लंड को झटके देने का मजा मिलना शुरू हो गया था. मैं चुप था तो पूजा बोली- क्या बात है मेरे मजनूँ … क्या हुआ?मैंने भी मजाक में बोल दिया- कुछ नहीं पूजा … अब कौन है तेरे बिना मेरा दूजा?पूजा जोर से हंसी और मेरी पीठ पर मुक्का मार के बोली- जितनी मस्ती चढ़ी है ना … सारी निकाल दूंगी।मैं भी बोला- इसी का तो इन्तजार है।तभी रास्ता सुनसान देख कर मैंने बाइक रोक दी.

फिर अगली सुबह रमेश और सुरेश अपने ऑफिस चले गए और घर में मोहनलाल ने अपनी बहू मयूरी और बेटी काजल को अकेले में फिर से बहुत चोदा.

उसने सफेद रंग का सूट पहन रखा था, इसमें वो बहुत ही सेक्सी लग रही थी, उसे देख कर ऐसा लग रहा था, जैसे स्वर्ग से कोई अप्सरा उतर कर आ गई हो. दोस्ती तो थी लेकिन पूरी तरह पवित्र, किसी भी प्रकार का सेक्सुअल आकर्षण या शारीरिक संबंध कभी भी किसी के साथ नहीं रहा. मैं नंगी बेड पर अपनी बिना चुदी फ़ुद्दी लेकर रो रही थी पर कोई चोदने नहीं आया!फिर मैं अपनी बिना चुदी कुँवारी चूत लिए वापस कॉलेज आ गई.

समझे मेरे भोले राजा?तब मैंने पूजा की चूचियों को जोर से दबाते हुए कहा- तो ऐसे बोलो ना कि तुम्हें टॉयलेट जा कर अपनी चूत से सीटी बजानी है. तो मैंने सोचा कि आपसे ही इनका उद्घाटन करवा कर आपकी कीमत ही वसूल करवा दूं!” वो बड़े ही सेक्सी अंदाज में बोली और मुझे प्यार से चूम लिया. जो मैं अपनी कुंडली दिखाऊं?वो बोलीं- हाँ जिसके चक्कर में तुम यहाँ पहुंचे, वो तो मेल मिलाप वाला आदमी ही था.

उसकी स्थिति को देखते हुए मैं थोड़ी देर रूक गया और उसके सामान्य होने तक उसके चूचुकों और होंठों को चूसता रहा. तुम चुपचाप उसके लैटर मुझे दे दो वरना मुझे तुम्हारे पिता जी को स्कूल में बुलाना पड़ेगा और हो सकता है तुम्हारा नाम भी काटना पड़े.

मेरे प्रिय पाठको, आपने मेरी पिछली कहानीअधूरी ख्वाहिशेंपढ़ी और पसंद भी की, धन्यवाद. मेरी चाची गांव की देसी गोरी थी, गेहुंआ रंग … कसम से भगवान ने उनको बहुत फुरसत से बनाया होगा। मैं उनकी शादी से ही उनको चोदने की चाहत रखता था, उनके चक्कर में मुझे गौरी से बात करने का मौका नहीं मिला. राज अंकल अंकित के सगे फूफा हैं, अंकित राज अंकल से बोला- फूफा जी, किसी को मत बताना, मैं वन्द्या की चुदाई आप लोगों से अच्छे से करवा दूंगा, कोई दिक्कत नहीं है, यह बहुत सेक्सी लड़की है, बहुत चुदाती है और इसका कोई जवाब भी नहीं.

मयूरी- पर पापा… आप पर तो जैसे भूत सवार हो गया था… आपको मेरा दर्द दिखाई ही नहीं दे रहा था.

मैंने उससे कहा- जानेमन मेरा भी पानी निकलने वाला है … कहाँ निकालूं?तो उसने कहा- आज मैं सभी प्रकार से सभी सुख लेना चाहती हूँ … इसलिए अन्दर ही निकाल दो मेरी जान. चाचा ने अपने हाथ की स्पीड बढ़ाते हुए मादक स्वर में कहा- कसम से आज तेरी चूत को बहुत चोदूँगा. मुझे देखते ही चाचा ने मुझे बैठने को कहा, मैं चाचा के पास बैठ गया और इधर उधर की बातें करने लगा.

इतने में पायल ने दो बार पानी छोड़ा और फिर मैंने भी अपना वीर्यदान पायल को कर दिया और हम दोनों थक कर गिर गए. उसके बालों से ऐसी सुगंध आ रही थी जैसे मैं किसी गुलाब और जेस्मीन के बगीचे में आ गया होऊं.

उसके बूब्स मस्त लग रहे थे, एकदम कड़क मीडियम साइज के, न ही बड़े औऱ न ही छोटे …मैं तो उसको देखता ही रह गया. अभी भाभी कुछ समझ पातीं मैंने अपने लंड का सुपारा उनकी चूत की फांकों में फंसा दिया और रगड़ने लगा. दोनों अपने सपनों की दुनिया से बाहर आये, मयूरी और अशोक दोनों अपने कपड़े ठीक करके बिस्तर पर ठीक से बैठ गए.

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घर कैसे जाओगे?मेरे पास भी दूसरा कोई चारा नहीं था सो मैंने हामी भर दी.

मैं बाहर निकलने ही वाला था कि धर्मशाला का वृद्ध चौकीदार मेरे सामने हाथ फैलाये आ खड़ा हुआ. मैं- अब और कितना जोर से चोदूँ … अपनी पूरी ताकत लगा कर ही तो चोद रहा हूँ. मैं टैक्सी के बाहर देख जरूर रहा था पर मेरा ध्यान कम्मो पर ही था कि वो क्या क्या कर रही है.

तो अगले दिन सवेरे क़रीब नौ बजे मैं और कम्मो मार्केट जाने के लिए तैयार थे. मयूरी- करेंगे मेरे भाई… पर तू थोड़ा सब्र रख… मेरा जन्मदिन आ रहा है… तुझे ये तोहफा मैं उसी दिन दूंगी. अपराध सेक्सी वीडियोइस वक्त मेरा पूरा लंड दीदी की चुत के अन्दर उनकी बच्चेदानी तक जा रहा था.

मेरी चाची गांव की देसी गोरी थी, गेहुंआ रंग … कसम से भगवान ने उनको बहुत फुरसत से बनाया होगा। मैं उनकी शादी से ही उनको चोदने की चाहत रखता था, उनके चक्कर में मुझे गौरी से बात करने का मौका नहीं मिला. इस तरह उसका और मेरा, बातों का सिलसिला चल पड़ा और हमारी फ़ोन पे ही सेक्स की बात होने लगी.

इधर मेरी उंगलियां फड़क रहीं थीं कि मैं उसकी चूत को सलवार के ऊपर से थोड़ा सा छू कर ही देख लूं. पूरी कर दीजिये।” वह आंखें चमकाती हुई मुझे देखने लगी।क्या?”अपना लंड मेरी चूत में घुसा कर मेरे ऊपर लद जाइये और मुझे दबा लीजिये. फिर वो मेरे ऊपर आकर बोले- सीमा मेरा वजन झेल लोगी ना?मैंने बोला- हां.

उसी शाम को मिताली दीदी ने कहा कि आज कोई नहीं है तो बाहर से खाना लाते हैं. मैंने मौके का फायदा उठाने की पूछा, तो उसने बताया तो शादी एक हफ्ते बाद है. जैसे ही लंड डालने लगा तो पता नहीं क्या हुआ मैं ठीक से अन्दर नहीं डाल पा रहा था.

अशोक- जरूर मेरी जान… अब तो मैं तुम्हें रोज़ ही चोदूँगा… और कल तेरी गांड का दरवाजा भी खोल दूंगा.

मगर उसकी चुप्पी मुझे अंदर ही अंदर खाए जा रही थी। अब वो मेरे साथ रात को कुछ भी नहीं करता था। मैं भी कुछ नहीं बोल पाती। मैं शर्म के मारे उनसे कुछ नहीं कहती थी कि आओ, मुझे तुम्हारे लंड की ज़रूरत है, मेरी चूत इस का इंतजार कर रही है. थोड़ी देर ऐसे तेज़ी के साथ चोदने के बाद मैंने पूजा से पूछा- क्यों मेरी जानेमन, अच्छे लग रहे है मेरे लंड के धक्के.

क्या तुम मुझे चोदते चोदते थक गए क्या?मैं तब पूजा की चूची को अपने मुँह से निकालते हुए बोला- अरे यार समझती नहीं क्या? मुझे लगा कि मेरा लंड अपना पानी छोड़ने वाला है और इसीलिए मैंने तुम्हारी चूत की चुदाई थोड़ी देर के लिए रोक दी ताकि लंड का जोश थोड़ा ठंडा हो जाए और मैं तुम्हें देर तक चोद सकूँ. भाभी के बालों को एक तरफ हटा कर मैं पीठ को चूमने लगा और हल्के हल्के उंगलियां घुमाने लगा. थोड़ी देर तक ऐसे ही पड़े रहने के बाद उसने अपना चेहरा थोड़ा और अंदर डालने की कोशिश की और शीतल ने इसमें उसका पूरा साथ देते हुए अपनी टाँगें खोलकर उसकी पूरी सहायता की.

मैंने मजबूर होकर उनको किस किया और कपड़े पहन कर खुद को ठीक करके घर आ गया. मैं कमोड पर बैठा हुआ उसे देख रहा था और वो आकर मेरे पैरों पर बैठ गयी और प्यार से मुझे किस करने लगी. ये सुनते ही रशीद बोला- अरे तू ऐसी है कम से कम दस बार चोदने के बाद भी तेरा जादू बढ़ता ही रहेगा, तू डर मत.

बीएफ देहाती गांव की मैंने सुबह की ताज़ी ऊर्जा के साथ भाभी से सेक्स किया और इसके बाद मैं घर चला आया. क्लास ओवर हो गई, उसके बाद मैंने उनसे अपना मोबाइल लेने की बहुत रिक्वेस्ट की.

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शायद इसलिए मुझे चुदवाने का भी मौका मिल जाता था क्योंकि मेरे मम्मी मुझे किसी भी चीज के लिए ज्यादा डांटती नहीं हैं. अब हम लोगों की रोज बातें होने लगी और वो भी मेरे घर रोज आने जाने लगा. मैंने अपना लंड जूही की चुत में डाल दिया और उसकी गांड को पकड़ कर उसकी चुत चोदने लगा.

इतनी बेबाक पत्नी को देखकर मैं अवाक् रह गया था लेकिन फिर मैंने स्थिति की नाजुकता को समझते हुए दीमा के लंड के ऊपर से अपनी भार्या के छोटे से छेद को कुरेदना शुरू कर दिया. जब वो जाने के लिए मुड़ी तो उसका पिंक लोवर और वाइट टॉप में उसके चूचे देखने लायक थे. सेक्सी फिल्म मौसी वालीमौसी चुदासी सी बोलीं- बस कर रे लवड़ा हमी मन लवड़ो दे थारो मारे मुडा म.

हां फर्स्ट टाइम थोड़ा दर्द होगा, वो तो वैसे भी तुम्हारी रियल सुहागरात है, तो दर्द तो होगा ही.

इस सब से बहुत ही कम समय में हम दोनों जोश में आकर बहुत मज़े मस्ती करने लगे. ”जी!” पूजा ने इससे ज्यादा कुछ नहीं कहा।मैंने चलने को कहा तो और जैसे ही दरवाजे की तरफ चला तो पूजा की मीठी सी आवाज कानों में पड़ी- प्लीज आप थक गए होंगे … चाय पी कर जाइये.

उन्होंने भी मेरा लंड चूस कर कड़ा कर दिया और फिर से चुदाई शुरू हो गयी. मैं जोर की आवाज के साथ उनके मुंह में झड़ गया और वे घुटने के बल बैठ कर सारा पानी पी गई. बात ही खुशी की थी उन्नीस बरस की गांव की कड़क जवान हसीन लौंडिया राजी खुशी अपनी चूत देने को तैयार थी तो कौन खुशी से पागल न हो जाय.

कुछ देर बाद मैं रूम में आया और उसे अपनी बाहों में लेकर लेट गया और हम दोनों एक दूसरे के अंगों से खेलते रहे, फिर हमारा वापस मूड़ बन गया और इस तरह मैंने उस रात उसकी 4 बार दमदार चुदाई की.

पर रात को सोचते सोचते पता नहीं, अचानक मैंने निश्चय कर लिया कि मिलूंगी. पर मैंने इस तरह उसके कंधे पर अपना सिर रखा कि मेरी गर्म सांसें उसकी कान की लौ और गरदन को छूने लगीं. दोस्तो, यह कहानी है मेरी गर्लफ्रेंड के साथ सेक्स की … मेरा नाम राज है और मैं मन्दसौर सिटी का रहने वाला हूँ.

इंग्लिश डॉक्टर सेक्सीचाची- आई लव यू मेरे राजा … आई लव यू!हम दोनों निढाल हो कर कुछ देर यूं ही पड़े रहे. अब ये लोग तो ऐसे ही पैसे जोड़ के रखते हैं; जब कभी रुपये हाथ आये तो तह करके रूमाल में बांध लिए.

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मेरे ऐसा बोलते ही वह मेरे ऊपर आ गई और मुझे जोर जोर से चूमने लगी, मेरे होंठों को पूरा मुँह में भरकर चूस रही थी और काट भी रही थी. मैंने उसकी मनोस्थिति भांप ली थी, ऐसा शायद मेरे लंड के आकार के कारण था. मैंने ऊपर से पैंट खोलकर नीचे कर दी और उसने जैसे ही अंडरवियर को नीचे किया लण्ड एकदम झटके से बाहर निकल कर मेरे पेट पर लगा.

पहले वाले के लंड से चुदाई के कारण मेरी चूत का मुँह फैला हुआ था और अब तक मेरी चुत भी दो बार पानी छोड़ चुकी थी, तो रसीली हुई पड़ी थी. अब वो अजीब अजीब आवाज निकाल रही थी- आआह आआह हहह हहहह आआह सीईईई आआह और जोर जोर से चोद दे …वो गहरी सांसें ले रही थी. पर वो इस अंदाज मेरे होंठों को चूमने लगा कि मैं मनोहर से ना चाहते हुए लिपट गई और उसका साथ देने लगी.

उसने फोन पर जो कहा वो लिख सकती हूँ, पर उस तरफ से क्या कहा गया वो तो मुझे सुनाई ही पड़ा. उस दिन उन्होंने मुझे सारी सावधानियां बताईं और कसम खिलाई कि कभी किसी के साथ जबरदस्ती ये सब नहीं करेगा. उसकी गांड के होल पर बहुत सारा चिकनाई लगा कर लंड घुसाने की कोशिश करने लगा.

संपत जी ने मम्मी से बोला- रचना जी, जो खेल उस रात को नहीं हो पाया था, यहाँ पूरा कर लें?मम्मी इठला कर बोलीं- आपका क्या मतलब है जी. चाँदनी की हल्की सी रोशनी में हमारे बदन किसी छाया की तरह दिख रहे थे.

उस देहाती बाला के मुखरस का स्वाद बेमिसाल था जिसे उचित शब्द देना मेरे बस में नहीं है.

मैं भी उसके नीचे पड़ चुकी हूँ और मेरी रिपोर्ट भी वो ही बना कर देता है. सेक्सी शायरी गंदीपता नहीं किस जन्म के किए कर्मों का फल ईश्वर ने मुझे दिया है जो तुम जैसे बहू मिली है. भोजपुरी ब्लू सेक्सीमुस्कान मादक सिसकारियां लिए जा रही थी और मेरे सर को अपनी चूत पर दबाए जा रही थी. कंपकंपाती ठंड में, खाली घर के बंद कमरे में, बिस्तर पर मेरे हाथों में मेरे ख्वाबों की मल्लिका मेरी मामी का नग्न शरीर था और उनकी कोमल चूत में मेरा कठोर व सख्त लंड घुसा हुआ था.

कुछ देर हम दोनों ने बात की उसे मेरा व्यवहार अच्छा लगा और मुझे भी उसका स्वभाव पसंद आया.

वो मुझे कभी कभी ड्रेस भी लाकर देता था और मैं वो ड्रेस पहनकर उसके साथ घूमने जाती थी. भाई ने मुझे चोदते चोदते मेरे होंठों को इतनी देर तक चूसा था कि मेरे होंठ सूज गए थे और मेरी चूत में भी थोड़ी जलन हो रही थी जो अगले दिन ठीक हो गयी. मैंने उसके चुचे जैसे ही छुए मानो मेरे जिस्म में 11000 किलोवाल्ट का करेंट दौड़ गया.

मेरे लिए ये भी कम खुशी की बात नहीं थी कि पूर्वी मन ही मन में तैयार तो हैं एनल सेक्स के लिए …जब मैं पहली बार पूर्वी को कुतिया बना कर चोद रहा था, तभी उनकी गुलाबी गांड देख कर मन बना लिया था कि अगर मौका मिला तो मैडम की गांड भी मारूँगा … और आज वो दिन शायद आ गया था. मेरे यह पूछने पर कि ‘उनके पति’, वह बोली- अब आठ बजे से पहले नहीं उठेंगे, सो डोंट वरी. दोस्तो सॉरी, कहानी बहुत लंबी हो गई है, मगर सच लिखने में ऐसा ही होता है.

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इसकी कोई प्राब्लम है, जो यह खुद ही आपको बताएगी मगर आप इससे ज़बरदस्ती ना कुछ भी पूछना. फिर कुछ दिन हुए ही थे कि मुझे एक मौका मिला, उसमें रिस्क था, पर कहते हैं ना जब चुदाई करने का बहुत सर चढ़ जाता है, तो बस उसको चुदाई करने के सिवा और कुछ नहीं दिखता. मैंने उनकी चूत को उंगलियों से सहलाया और बीच के दाने को खींच दिया, जिससे उन्हें शायद अच्छा लगा.

एक दिन हमारी बातों ही बातों में शर्त लगी कि कल एक दूसरे से प्रश्न उत्तर करेंगे, बायो में जो ज्यादा सही उत्तर बताएगा, वो जीतेगा और हारने वाले को वही करना पड़ेगा, जो जीतने वाला कहेगा.

तो मृदुला बोली- रिलेशन ज़्यादा दिन स्टे नहीं कर सकता क्योंकि मेरे हज़्बेंड जैसे ही आएंगे मुझे ऑस्ट्रेलिया ले जाएंगे और मैं जितना तुम्हें समझी हूँ वो ये कि तुम मुझसे दिल लगा बैठोगे और फिर हर्ट हो जाओगे.

मैं 5 फुट 11 इंच की हाइट का एक बहुत ही गोरा और एथलीट बॉडी का मालिक हूँ. लेकिन वो बोल रही थी- मुझे छोड़ दो समीर, मैं तुम्हारी सगी मौसी हूँ!लेकिन मैंने मौसी की चूत में उंगली करना जारी रखा. कैटरीना कैफ के सेक्सी फिल्मइतने में रशीद ने बेरहमी से अपना पूरा लंड पायल की चुत के अन्दर डाल दिया.

कई बार सोते हुए मैं जानबूझ कर अपने हाथ उसके मम्मों पर रख देती थी और कई बार उसकी चूत पर भी. मैं बस चाहता था कि जैसे पॉर्न में थ्रीसम के वक्त तीसरा पार्टनर बिना सेक्स किए सपोर्ट करता है, वैसे आप भी सपोर्ट कीजिये न. जैसे ही वो स्खलित हुईं, मैंने अपना लंड तैयार किया और उनकी रस छोड़ती हुई योनि में लगभग तीन इंच तक घुसा दिया, जिससे वो एकदम फड़फड़ा उठीं, वो कराहते हुए बोलीं- अबे भोसड़ी के,मादरचोद.

वो बोलीं- फिर कहां है मन आपका?मैं कुछ बोलता, इससे पहले वो बाथरूम में जाकर कपड़े धोने लगीं. डियर दोस्तो, आप मुझे मेल के ज़रिए बता सकते हैं कि आपको मेरी आपको मेरी गांड चुदाई की कहानी कैसी लगी.

मुझे रात को दूध पीने की आदत है।साक्षी हंसी और फिर दूध ले आई। मैं दूध पी कर बैठ गया, साक्षी बाथरूम चली गई।जब वो वापिस आई तो उन्होंने सिर्फ पिंक कलर का तौलिया लिपटाया हुआ था। उनके गोरे रंग पर पिंक रंग बहुत ही सेक्सी लग रहा था।साक्षी- तुम भी नहा लो।मैंने जल्दी से शावर लिया.

तो मैं तब तक के लिए किसी होटल में चला जाऊंगा, जब तक वो यहाँ रहेंगे. मैंने उससे कहा कि क्या उसने सच में कभी भी पहले ऐसा नहीं किया है?उसने ‘न. जब हम बड़े हुए और प्यार का असली मतलब समझे, तो हम भी औरों की तरह बाहर अकेले मिलने के बहाने ढूँढने लगे.

हिंदी सेक्सी फिल्म कामसूत्र फिर उसने जैसे ही ये बात सुनी वैसे ही आधे से ज्यादा लंड अपने मुँह में लेकर चूसने लगी. ऐसा कह कर अंकित ने पूरी जीभ मेरी चूत में घुसा दी और इतना ज़ोर ज़ोर से मेरी चूत को चाटने लगा कि मैं अंकित का सर पकड़ के अपनी चूत में दबाने लगी और अब मैं जाने किस नशे में हो गई थी, मैं बोली- अगर हिम्मत है अंकित तो अभी बुलवा दे अपने दोनों अंकल को … अभी जो करना है कर ले! मेरी हालत बहुत खराब हो चुकी है, जल्दी बुला अपने अंकलों को!मैं ऊंहहह आहहहह करने लगी.

इस बीच मैंने उन्हें घुमा कर सीधे किया और सीधे उनके गुलाबी मुलायम रस भरे होंठों को चूसने लगा. आपको मेरी दीदी की चुत चुदाई की हिंदी सेक्स कहानी कैसी लगी, जरूर बताइएगा. इस पर वो बहुत खुश हो गई और बोली- यार दोस्त हो तो कोई तुम्हारे जैसा, वरना यहां तो सब साली हरामजादियां ही हैं.

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दोस्तो, मैं आपका दोस्त कुणाल सिंह कानपुर से! मेरी एक सेक्स कहानीमेरी जयपुर वाली मौसी की ज़बरदस्त चुदाईपहले भी तीन भागों में अन्तर्वासना पर आ चुकी है. मैंने कम्मो के सामने चाभियों का गुच्छा लहराया तो उसने प्रश्नवाचक दृष्टि से मुझे देखा. मयूरी जब बच्चों की तरह जिद करते हुए नाच रही थी तो उछलने की वजह से उसकी गोल-गोल भारी चूचियां जोर-जोर से ऊपर-नीचे हो रही थी.

मैंने बारी-बारी से उसकी दोनों चूचियों को निचोड़ निचोड़ कर सुर्ख लाल कर दिया. और वैसे भी तुम्हें मालूम है, मेरे लव का, वो अपने एरिया के कॉरपोरेटर हैं और यहां के डॉन हैं.

उसके होंठों पर जैसे ही अपने होंठों को रखा तो उसके नाजुक होंठ मुलायम मखमल की तरह लगने लगे.

अंकल ने मुझे बुलाया और मेरे जिस्म पे हाथ फेरा और मेरे होंठों को चूसा. ”नाटा- बलवंत भैया, जिस औरत को एक बार चोद लेते हैं उसकी तरफ दुबारा देखते भी नहीं. मेरी योनि तो खुद इतनी गीली हो चुकी थी कि माइक और मुनीर के संभोग के दौरान ही मुझे लगा कि मैं स्वयं झड़ जाऊंगी.

वो देख कर मेरे पहले सुनील ने ही उसकी ब्रा खींच कर निकाली और दूर फेंक दी. उनके हाथों के स्पर्श से मेरा लंड और तन गया, हालांकि मेरा लंड ज्यादा बड़ा नहीं है… ये लगभग 4 इंच लंबा एक इंच मोटा ही है. मैंने जोर से एक झटका मारा और मेरा 8 इंच का 3 इंच मोटा लंड उनकी चूत फाड़ते हुए अन्दर घुस गया, जिससे उनकी चीख़ निकलने को हुई.

आख़िर मैंने एक उपाय निकाला मैंने नेट पर से कई सेक्सी मूवी डाउनलोड करके उनको पेन ड्राइव में भर दिया.

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वो मुझे कई बार बोली कि पानी निकलने के बाद तुम रुक रुक के करते हो, इसमें बहुत मज़ा आ रहा है.

मैंने बात बदलते हुए कहा- वो सब छोड़, पढ़ाई नहीं करनी क्या?वो बोला- यार, तेरे आने से पहले मैंने मुट्ठ मार ली थी। थकान हो रही है, पढ़ने का मूड़ नहीं है, सिर भारी हो रहा है।मैंने कहा- दिखा, बुखार तो नहीं है?बहाने से मैंने उसके माथे पर हाथ रखा तो वो बोला- अंश यार, थोड़ा, सिर दबा दे ना. बस 5 मिनट लगातार किस के बाद हम अलग हुए और मैं सीधा उसके चुत पर टूट पड़ा. मुझे अंदाज़ा लग गया था कि वो लंड घुसते ही जरूर चीखने की कोशिश करेंगी.