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मैं बीच बीच में उसके मम्मों को अपने दांतों से काटता भी जा रहा था, जिससे उसे मीठा दर्द होने लगता था. बीपी हिंदी बीएफएक धक्के में मेरा आधा लंड माँ की गांड में घुस गया था और मुझे बहुत ज्यादा दर्द होने लगा.

उनके गदराए हुए शरीर को अपने हाथों से रगड़ने में मुझे बड़ा मजा आता था.बीएफ ब्लू फिल्म बीएफ बीएफ बीएफ बीएफ: मैं आपकी सगी मामी नहीं हूं इसलिए नहीं आते हो क्या मुझसे मिलने?मैंने कहा- नहीं मामी जी, ऐसी कोई बात नहीं है.

जब कभी हम दोनों रास्ते में मिल जाते थे, तो लोगों की नजरों से छुप कर एक दूसरे से बात कर लेते थे.अगले ही पल उसने पूछा- क्या काम है?मैंने कहा- आपके यहां रूम की बात करके गये थे हम लोग कुछ देर पहले.

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फिर जब उनको पता चला कि मैं भी उनको देख रहा हूं तो मामी ने नीचे फर्श पर देखना शुरू कर दिया.वो बोली- फिर इतनी रात को किसकी याद में खोए हुए हो?मैंने कहा- सच कह दूं.

वो नीची नजर से मेरे लंड के उभार को देख कर फिर से अपनी नोटबुक में देखने लगती थी. बीएफ ब्लू फिल्म बीएफ बीएफ बीएफ बीएफ इसके साथ तो समय कम था, इसे घर भी जाना था और बहुत मुश्किल से मानी भी थी.

हम लोग दुकान से वापस निकल कर कार की तरफ आये तो मैडम को एक आइसक्रीम वाला दिख गया.

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जबकि मैं पुराना खिलाड़ी था, मेरी गांड लंड पिलवाने को लपलपा रही थी, उसे वाकई बहुत दिन बाद कोई मारने वाला मिला था. फिर आंटी ने बोला- आप दिल्ली में कहां रहते हो?मैंने आंटी को जहां मैं रहता हूं, वहां का एड्रेस बताया कि मैं दिल्ली में यहां पर रहता हूं. चूंकि वो पूरी तरह से उत्तेजित हो चुकी थी और उसकी चूत भी पूरी तरह उसके चुत के रस से चिकनी थी, इसलिए मेरा लंड बिना कोई रुकावट के उसकी चूत को चीरता हुआ पूरा अन्दर चला गया.

उसने अपनी तारीफ़ सुनी, तो गर्व से जवाब दिया- इस जिम में मुझे 4 महीने हो गए हैं. कमरे में जाते ही मैंने उसको गले से लगा लिया और उसे किस करने लगा, उसके बूब्स दबाने लगा. मेरी रण्डी बहन मुझे खरीद चुकी थी उस वक़्त मुझे अपने भावों से …मैंने हौले से एक झटका दिया और रुक गया … शरारती अंदाज़ में उससे पूछा- कैसा लगा बहना … डालूँ या ज़ोर से डालूँ?तो बोली- हरामी कुत्ते … घुसेड़ दे अंदर और बन जा बहनचोद।मैंने फिर भी धीरे धीरे डालना शुरू किया तो उसका दर्द बढ़ता गया … उसने दोनों हाथों से चादर भींच ली और न रुकने का इशारा किया.

उसका चुम्बन करने का तरीका साफ़ बता रहा था कि ये सच बोल रही थी कि कोई बॉयफ्रैंड नहीं रहा होगा इसका. फिर मैंने पूछा- कहाँ गयी थी?तो बोली- भैया के दरवाजे पर देखने कि वो जाग रहे हैं या सो चुके हैं. लेकिन जो उसकी सबसे बेहतरीन चीज है, वह है … उसकी जबरदस्त 34 इंच की चूचियां और पतली कमर की है.

वो मेरी साड़ी मुझसे छीनने में सफल हो गया और मेरी बांहों को जकड़ कर मेरे गालों, गले और स्तनों के इर्द-गिर्द चूमने लगा. मैं उसके और करीब होकर लेट गया और उसका हाथ मेरे सिर के नीचे डाल दिया.

जब वो चादर बिछाने के लिए उसे फैला रही थी, तब उसके चूचे क्या मस्त हिल रहे थे.

मैं बोला- अरे यार कितनी डरपोक हो … अब तो तुम ठीक हो न?वो बोली- मुझसे उठा नहीं जा रहा है, प्लीज मेरी हेल्प करो न.

सुरेश अपने हाथ में फ़ोन पकड़ बिस्तर पर लेट गया और मैं उसके लिंग को चूसने लगी. उसकी चूत को ध्यान से देखा और अपने लंड का सुपारा उसकी चूत पर रख दिया. मुझे ये नहीं समझ आ रहा था कि इस लंगूर को अंगूर जैसी बीवी कैसे मिल गई.

वो बोली- गर्लफ्रेंड को याद कर रहे हो क्या?हंसते हुए मैंने कहा- नहीं मामी, अभी तो मैं सिंगल ही हूं. जब भी मैं उसके निप्पल को जीभ से हल्के से चाटता, तो वो एकदम से चिहुँक पड़ती. तो मैंने डर की वजह से जल्दी से अपने आप को छुड़ाया और दरवाजा खोलकर किसी तरह से वहाँ से निकल भागा।दोस्तो यह मेरी सच्ची कहानी है।फिर उस दिन के बाद मैं काफी उसके बारे में सोचता क्योंकि सुशी एक पीढ़ी लिखी और काफी सेक्सी लड़की है, उसने एम ए की पढ़ाई की है, उसके बूब्स लगभग 36″ के होंगे और मेरे दोस्त की बहन दिखने में भी बहुत सुंदर है.

मैंने कहा- ठीक है … लेकिन मेरी एक शर्त यह है कि मैं सुरेश से अपनी मॉम की चुदाई बंद करवाना चाहता हूं … तुम कुछ ऐसा करो कि वो दुबारा मेरे मॉम के पास नहीं आ सके.

एक बार मुंह में लो ना मैडम, बहुत मन कर रहा है आपके मुंह में देकर चुसवाने का. मैंने उसको लाल रंग की ब्रा पैंटी पहन कर आने का बोला था और वो सच में पहन कर आई थी. फिर एक दिन उसने मुझे बताया कि उससे एक गलती हुई है, वो अब किसी और के साथ भी है.

उसे शायद मेरी योनि का द्वार नहीं दिख रहा था, इसलिए उसने लिंग को पकड़ कर सुपारे से मेरे छेद को टटोलने सा किया और लिंग टिका दिया. जैसे अपने मालिक के स्वर में स्वर मिला रहा हो कि एक बार और … एक बार और. उस रात भाभी जब रसोई में खाना बना रही थीं, तो मैं रसोई में गया और पीछे पकड़कर अपना लंड उनकी गांड में दबाने लगा.

उसने मुझसे बात करके पूछा- केवल क्रॉस ड्रेस करते हो या कुछ और भी?मैंने कहा- किया तो कुछ नहीं … मगर मन है करने का!तब उसने कहा- ठीक है, संडे शाम को मिलो होटल में!फिर उसने मेरा मोबाइल नम्बर माँगा, मैंने दे दिया.

मैंने भाभी के कान में कहा कि मुझे आपकी चूची पीनी है … और मैं जानता हूं कि आप जाग रही हैं. अनिल तौलिया लपेटे खड़ा था, तौलिये में से उसका तना हथियार दिख रहा था।मैंने कहा- तू भी यार … कर ले।वह बोले- मैं रगड़ दूंगा तो छिल जाएगी।मैं बोला- करके देख!मामा जी ने उसका तौलिया निकाल दिया और कहा- अनिल बातें देता रहेगा या कुछ करेगा भी?उसका खड़ा लंड उत्तेजना से ऊपर नीचे हो रहा था.

बीएफ ब्लू फिल्म बीएफ बीएफ बीएफ बीएफ विभोर पहले से ज्यादा मुझे घूरता था और साथ में मेरी चूची को भी देखता था. भाभी एकदम से बोलीं- यह तुम क्या बोल रहे हो, होश में तो हो ना?मैं बोला- आपने ही तो बोला था, जो तू बोलेगा … मैं करूंगी, तो अब क्या हुआ?वो बोलीं- तू और कुछ मांग ले … मैं यह नहीं कर सकती … ये गलत है.

बीएफ ब्लू फिल्म बीएफ बीएफ बीएफ बीएफ जब मेरा ध्यान मेरे हिलते हुए चूचों पर गया तो मुझे ख्याल आया कि कहीं साहब की नजर न पड़ गई हो. कई दिनों तक मैं अन्तर्वासना सेक्स स्टोरी साइट पर सेक्सी कहानियां पढ़ कर लंड को हिलाता रहा लेकिन मुझे चुत चाहिए थी.

लेकिन शायद वो गर्म हो चुकी थी … इसीलिए उसने मेरा सर अपने सीने से चिपका लिया.

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उन्होंने फिर से मेरा मुंह दीवाल की ओर कर दिया और अपने लंड में थूक लगाने लगे. कुछ देर बाद क्या दिमाग में आया कि मैंने उसे एक संदेश भेज दिया और लिखा- तुम बहुत बदमाश हो. मूवी खत्म होने ही वाली थी कि मेरी मम्मी का फ़ोन आ गया कि वो लोग घर आ रहे हैं.

तुम सब के लिए 15 दिन के बाद की बुकिंग हो सकती है … करना हो तो बोलो … रंडी तुम्हारी हो जाएगी. वह फिर चिल्लाने लगा- आ…आ… ब…स! लग रही लग रही है, तेरा बहुत मोटा है।मैंने कहा- यार, बार बार गलत समय गांड टाइट करेगा तो लगेगी ही! मेरी तो बड़ी बेरहमी से मारी, अब बहाने बाजी कर रहे है?मामा जी मुस्कराए- यह बदमाशी करता है. साथ ही साथ वह मंगल की गांड पर चांटे भी मार रही थी और उसे गालियां भी दे रही थी, बोल रही थी- बहन के लंड … मां चोद दे इन सब की! आज भुर्ता बना दे इन रंडियों की चूत का!और मंगल भी पागल कुत्ते की तरह उनकी चूत की मां चोद रहा था.

उसके दोनों हाथ उसके चूचों को दबा रहे थे और मैं उसकी चूत में उंगली कर रहा था.

कोई 5-7 मिनट तक लगातार एक ही रफ्तार से धक्के मारने के बाद वो अपनी मर्दानी आवाज में कराह उठा और पूरी ताकत से एक जोर का धक्का दे मारा. एक दिन मैं स्कूल गया तो मैंने चौकीदार और माँ की चुदाई का नजारा देखा. मेरी जीभ के स्पर्श से भाभी की सिहरन ने मुझे बता दिया था कि भाभी कितनी अधिक चुदासी हो गई हैं.

चुदाई का मजेदार खेल हम दोनों को एक दूसरे से टकराने पर मजबूर कर रहा था. तो मैंने उसे पूछा- आप मुझको कब से पसन्द करती हो?तो सुशी बोली- पिछले दो साल से!फिर मैंने पूछा- मेरे लिए क्या कर सकती हो?तो सुशी शर्माती हुई बोली- आप जो बोलो?फिर मैंने परीक्षा लेते हुए उससे कहा- चलो कुछ करो!तो सुशी ने शर्माते हुए मुझे अपनी बांहों में लेकर हग कर दी. मैंने ये बात संजय को भी बता दी कि मेरे पति ऑफिस के काम से बाहर गए हैं.

दो मिनट बाद मैंने कूलर और पंखा दोनों लोग एक साथ में फुल पर कर दिए, जिससे हम दोनों की गर्मी शांत हो जाए. मेरा साढ़े सात इंची खीरा मेरी पैंट को फाड़ कर बाहर आने की जुगत में लगा हुआ था.

फिर उसने मुझे बताया कि मैंने पहले भी दो-तीन बार मेरेबॉयफ्रेंड के साथ सेक्सकिया हुआ है. दस्तूर भी शायद नशे में थी, उसने मेरे किस पर ज़्यादा ध्यान नहीं दिया … या शायद उसे मेरा किस करना पसंद आया था. उन्होंने मेरा लंड झट से अपने मुँह में ले लिया और लॉलीपॉप की तरह चूसने लगीं.

दो मिनट तक मैंने उसकी चूत को सहलाया और फिर उसके पेट को चूमते हुए मैं उसकी चूत के बालों तक पहुंच गया.

संजय के घर में उसकी बीवी के होने के कारण वो मेरे घर में आकर मुझे नहीं चोद पा रहा था. ”वह अपने तगड़े लंड को सहलाते हुए बोला- अभी शुरुआत की, तो भी एक घंटा लगने ही वाला है नीतू डार्लिंग. जब भाभी घोड़ी बनी, तो मैं उसके पीछे आकर उसके चूतड़ों को अपने हाथों से फैलाकर उसकी चूत के छेद में अपना लंड सैट करते हुए एक धक्का दे मारा.

उन्होंने अपने घुटनों से अपनी छाती और चुत को छिपा रखा था, लेकिन तब भी वो बड़ी कामुक लग रही थीं. देवर भाभी की चुदाई की इस हिंदी सेक्स कहानी में पढ़ें कि कैसे मेरी भाभी ने मुझे उत्तेजित करके अपनी वासना शांत की.

मैंने कहा- गर्लफ्रेंड को नहीं चोदेगा तो क्या अपनी अम्मा को चोदेगा?अब भी उसने कुछ नहीं किया तो मैंने उसके चेहरे पर एक तमाचा मार दिया. मेरी इस हिंदी सेक्स कहानी के अगले भाग में मैं आपको प्रीति के संग हुई अपनी मदमस्त हिंदी सेक्स स्टोरी को विस्तार से लिखूंगा. मैं अपनी जीभ निकाल कर बारी बारी से दोनों की चुत को जीभ से चोदने लगा.

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अपने लंड के टोपे को मेरी चूत में घुसा कर वो मेरे होंठों को पीने लगा तो मुझे आराम मिला.

कई तो चालीस पचास के बूढ़े मेरे पार्क या स्टेशन पर मेरा लंड पकड़ लेते हैं. कई दिनों बाद मुझे चुदाई का सुख मिल रहा था, इसलिए मुझे भी अपनी चूचियों के चूसे और मसले जाने से बड़ा मजा आ रहा था. वो मेरी नाभि के पास कुछ पल रुका और मेरी नाभि में अपनी जुबान की नोक चलाने लगा.

और वो दर्द की वजह से रोने लगी। थोड़ा सा लंड अंडर जाने लगता तो वो दर्द से कराह जाती और ‘रुको रुको …’ करके रोक देती. पर मैं जवानी और वासना के जोश में अपना लंड को उसकी चूत में डाले जा रहा था लेकिन वो घुस ही नहीं पा रहा था।इतने में सुशी दर्द की वज़ह से जोर जोर से रोने लगी थी।मैंने उसको समझाया कि थोड़ा दर्द को सहन करो तो ही कुछ हो पाएगा. चूत लंड की चुदाई बीएफसिर्फ एक टीका … रंग नहीं लगाऊंगा … नितिन भाई … आप बोलो ना भाबी को!”नितिन की तरफ देखते हुए वह बोला.

इतना सुनते ही उसने मुझे छोड़ा और अपनी पैंट उतार कर बिस्तर पर बैठ गया. थोड़ी देर ऐसे ही करने के बाद मैंने उसकी जीन्स भी उतार दी और उसकी ब्रा भी उतार दी.

अब मैदान खुला था, मेरा घोड़ा जोश में था … और कोई लगाम काबू करने वाली नहीं थी. थोड़ी देर बाद वो आई और वापिस उसी जगह पर सो गयी मेरे से चिपक कर … तब मेरी जान में जान आई. सच में किसी भी लड़की या औरत के साथ शॉवर सेक्स करो, तो अलग ही मजा आता है.

एक एक कड़ियां खुद जोड़ने लगी, क्यों मैं सरस्वती और सुरेश पर ज्यादा ध्यान देती थी, क्यों विमला से उनके बारे में सुनना चाहती थी, क्यों एक समय के बाद मुझे सरस्वती से जलन सी होने लगी थी. अगले साल उसकी लड़की हुई, तो उन्होंने मुझे अपने घर बुलाया और मेरा धन्यवाद किया. जब वो दूध निकालती थीं, तो अपनी नाईटी घुटनों तक उठा कर, बाल्टी को भैंस के नीचे रखतीं और उसके थन खींच खींच कर दूध निकालती थीं.

इतना बोलते ही उसने मेरा कंडोम चढ़ा लंड अपने मुँह में भर लिया और चूसने लगी.

बेशक मम्मी का कोई न कोई यार हर हफ्ते हमारे घर रात को छुप छुपा कर आता था, मगर लाला भी महीने में एक दो बार ज़रूर आता था. उसे एक हफ्ते से बोल रहा था, तब किसी तरह दोपहर को गाय वाले घर में हम मिले.

यह कहते हुए रेनू भाभी ने मेरे पैर पर हल्की सी चिमटी काटी और हंस कर रसोई में चली गयी. आपकी मर्दानगी देखकर मैंने सोच लिया था कि एक बार आपसे जरूर चुदवाऊंगी. मामी को मैंने वहीं किचन के स्लैब पर ही बिठा दिया और उसकी टांगों को फैला कर उसकी चूत को खोल कर देखने लगा.

मैंने बिना किसी रहम के एक ज़ोरदार झटका दिया और पूरे अंडकोष ठोक दिए उसकी चूत के दरवाज़े पर …रण्डी बहना ने चादर छोड़ मुझे जकड़ लिया तो मैं भी कुछ समय के लिए रुक गया. मेरी मम्मी और बहन की वासना की कहानी आपको कैसी लगी? मेल भेजने के लिए मेरी ईमेल आईडी लिख रहा हूँ. बस हम दोनों का मन अब सही हो चुका था, सो उसने दोबारा संभोग के लिए मुझसे पूछा.

बीएफ ब्लू फिल्म बीएफ बीएफ बीएफ बीएफ उसने हौले से अपने हैंडबैग से टिफिन निकाला और अपने हाथों से मुझे आलू का परांठा खिलाया. जब मैं अपने दोनों हाथों को कस देता, तो मेरा मुँह भाभी के सीने में दब जाता और भाभी भी मेरा सिर पकड़ कर अपने सीने में दबाने लगती.

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मैंने मामी की ब्रा के हुक खोल दिये और उसके चूचों को हाथ में भर लिया. जैसे जैसे मैं उसको लेकर रूम की ओर बढ़ता जा रहा था, वैसे वैसे मेरे हाथ कभी उसके चूतड़ों को दबाते, तो कभी उसकी पीठ को सहलाते. ज़रीना की काम वासना एकदम से भड़क उठी और कमरे में उसकी मादक सीत्कारें गूंजने लगीं.

उस टाइम संजय मोनिषा आंटी को अपने ऊपर बिठा कर नीचे से उनकी चूत में झटके दिए जा रहा था. कुछ ही मिनट की मसाज के बाद रिया बोली- अब दर्द कम है, यदि आपको बुरा ना लगे तो मेरे पैरों की भी मसाज कर दो।मैंने कहा- सेवा करने में बुरा क्या मानना।थोड़ी सी क्रीम ले कर मैंने उसकी जाँघों और पिंडलियों पर लगायी और हल्के हल्के मसलने लगा. बीएफ फिल्म चूत लंडहाय फ्रेंड्स, मेरा नाम नवीन है और मैं 25 साल का बड़ा ही हॉट और सेक्सी लड़का हूं.

कुछ देर चूचे मसलने के बाद मैं उसके एक चूचे को मुँह में लेकर चूसने लगा.

मैंने भी उसको गाली देते हुए कहा- हां रंडी, आज मैं तेरी बुर को चोद कर इसका भोसड़ा बना दूंगा. उनके चुचे इतने बड़े और रसीले थे, कमर सेक्सी और गांड तो महा सेक्सी थी.

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तो उसने अपने लंड पर तेल लगाया और उसके बाद उसने अपना लंड मेरी चूत में डाल दिया और मेरी चूत को चोदने लगा.

दो मिनट तक ऐसा ही करने के बाद उसने अपनी टांगें पूरी खोल दीं और मेरा लंड अब आसानी से उसकी कसी हुई चूत में अंदर बाहर होने लगा. मैं- क्यों आपकी शादी उससे हुई है, तो मैं क्यों करूं … आपको कोई परेशानी है क्या?वो- जी हां. वो कुछ नहीं बोली … मगर हम दोनों ही एक दूसरे के दिल की बात को समझ गए थे.

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जिस कुर्सी पर मेरा दोस्त मेरे पास बैठा हुआ था … उसके बाजार जाने के बाद ज्योति उस कुर्सी पर मेरे पास बैठ गयी. अब मेरे 12 वीं के एग्जाम भी हो गए हैं और मैंने रोनिता के कॉलेज में ही एड्मिशन ले लिया है. उन्होंने मेरा रिजल्ट देखा और अंग्रेजी में अच्छे नम्बर देख कर मुझे शाबाशी दी.

मैंने लंड उसके मुँह से निकाल लिया और आकर उसकी बुर पर मुँह रखकर उसे चाटने लगा. हम लोग गांव में जब रहते थे, तब मैंने सुना था कि सुरेश मॉम को चोदता था. यह कहानी सिर्फ मेरी ही नहीं बल्कि हॉस्टल में रहने वाली हर लड़की की है।आप मानें या ना मानें।मेरा नाम नीरू है, मैं गुजरात के वलसाढ़ में रहती हूं। आज मैं 24 साल की हूँ.

मैंने पूछा- फिर तुमने क्या किया?बीवी ने बताया- मैंने उससे कहा कि मैं तो तुम्हारी ही हूँ … तुम जब चाहे कोठे से उठवा लेना … प्लीज़ इस बार मुझे जाने दो. उस दिन मैंने उसे साफ साफ कह दिया था कि इस बारे में दोबारा न चर्चा करे और मैंने फ़ोन रख दिया. फिर धीरे से मैंने उनकी पेंटी पूरी तरह से निकाल दी और धीरे धीरे बुआ की चुत को सहलाने लगा.

आपने अब तक की मेरी इस सेक्स कहानी के पहले भागपुराने साथी के साथ सेक्स-1में पढ़ा कि मेरे बचपन के साथी सुरेश ने मुझसे अपने दिल की बात साझा करते हुए बताया था कि वो मुझसे प्यार करता था. मैंने शादी के एक दिन उससे बोला- चलो खेत पर चलते हैं, वहां कोई नहीं रहता है.

उस समय टीवी में वो लड़का उस औरत को बेड पर लेटा कर उसकी बुर में अपना लंड डाल कर ज़ोर ज़ोर से चोद रहा था.

सरस्वती- तो तू कौन सी अठारह साल की कुंवारी है, अब भी तो चुदने को बैठी है. हिंदी बीएफ सेक्सी फिल्म हिंदीऔर कैसे ना कैसे मैं उस दिन ऑफिस पहुंची और फिर ऑफिस से हॉस्टल।उस दिन मेरे को रात भर नींद नहीं आई क्योंकि अब मुझे चुदवाने की इच्छा बहुत हो रही थी. सेक्सी बीएफ बड़े लंड वालीउसकी आंखों में हवस का वो तूफान उठा कि उसने पैंटी के ऊपर से मेरी बीवी की योनि को प्यार से चूम लिया. सुबह तक भी मां को आराम नहीं मिला तो मां ने मुझे साहब के घर भेजने का फैसला कर लिया.

मैंने उसकी ब्रा को भी उतार दिया और उसके दोनों दूधों को अपने दोनों हाथों से दबाने लगा.

आपको मेरी इस जवानी की कहानी को लेकर कुछ भी कहना हो, तो आपका स्वागत है. उसकी गर्म चूत में वीर्य गिराने में जो आनंद आया उसको मैं शब्दों में बयां नहीं कर सकता. आह्ह … ओह्ह… ऊह्हह … उम्म्ह… अहह… हय… याह… ह्यया … करके वो दोनों चुदाई का मजा लेने लगे.

लेकिन कभी चूत चुदाई का मौका नहीं मिल पाया था क्योंकि हम लोग कहीं बाहर ही मिलते थे. मैं गांड से धक्के लगा रहा था तो वे बोले- थोड़ा ठहर जाओ!जबकि मेरे दोस्त मारते समय उत्साह दिलाते थे- हां और जोर से बहुत अच्छे।वे बोले- यार लेट जाओ!उन्होंने लंड निकाल लिया और अलग हो गए. मैंने कहा- तो फिर तुम ही बताओ न … कौन से रंग की ब्रा पैंटी पहन कर आएगी?वो खिलखिलाने लगी और बोली- अरे मेरे भोले बुद्धू सनम … मैं ब्रा पैंटी पहने बिना भी तो आ सकती हूँ.

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आह्ह … बहुत मजा आ रहा है सर … मेरी चूत में आपका लंड बहुत मजा दे रहा है. बुआ पहला सिप लेते ही बोलीं- ये तो बड़ी कड़वी है यार … लोग कैसे पी लेते हैं. मेरी कजिन सेक्स की आग से जल रही थी, अब और ज्यादा गर्म हो गयी थी और मेरी पीठ को सहलाते हुए अपने चूचों को चुसवाने का मजा ले रही थी.

मैं भी आपको पहले दिन से चोदने की फिराक में था लेकिन कभी कहने की हिम्मत नहीं हुई.

भाभी के फोन में उनके एक फ्रेंड के कुछ मैसेज और फोटो दिखे, जिनको देखकर मैं एकदम से चौंक गया.

दीदी न्यूज रिपोर्टर का काम करती हैं और बहुत खुले विचारों की लड़की हैं. हमारे बीच में दोस्ती सी बढ़ने लगी थी, जिसका हमें पता ही नहीं चल पाया था. हिंदी पिक्चर ब्लू बीएफमैं अन्तर्वासना पर प्रकाशित सेक्स स्टोरी पढ़ने का बहुत ही शौकीन हूँ और अक्सर सेक्स स्टोरी पढ़ कर लंड हिला लेता हूँ.

तभी मैं बाहर आया, तो मेरी बीवी ने मुझसे कहा- मुझे यहां 3 महीने के लिए रहना है … मुझे रंडी बनकर जीना है. लेकिन आप मेरे पक्के दोस्त हो और मैं आपको धोखा नहीं देना चाहता यार! इसलिए आज तक कुछ नहीं बोला आपकी बहन को।विक्की बोला- अबे, ये तू क्या कह रहा है?मैं- विक्की, मैं सच बोल रहा हूँ यार … प्लीज आप गुस्सा मत करना।विक्की बोला- ठीक है यार, लेकिन अंदर काम मत करना।इतना सुनकर मेरा दिमाग खराब हो गया. ज्योति मेरे इस अन्दाज से बहुत ही खुल सी गई और बोली- महेंद्र … तुम्हारा मस्ती करने का मन भी कर रहा है … और तुम डर भी रहे हो?मैंने उसकी बात समझ ली थी.

मैं तुम्हारी याद में अपने चूचों को दबाती और हस्तमैथुन करके सुकून लेती रही … कुछ उस वजह से भी मेरे बूब्स का साइज़ बढ़ गया है. मैं बोला- मैं निकालने में आपकी हेल्प कर देता हूँ … बस आप अपने दोनों पैर ऊपर कर दो.

अक्सर हम दोनों भाई बहन और माँ भी उसकी दुकान पर बहुत कुछ सामान लाने के लिए जाते ही रहते थे.

उसने पूछा- तुमने दुकान से क्या लिया है?मैंने उससे कहा- कंडोम लिए हैं … आज अपन खुल कर चुदाई करेंगे. फिर मैंने दूसरे चूचे को मुंह में भरा और पहले वाले को हाथ से दबाने लगा. वो लंड सहलाता हुआ बोला- आज खजाना मिलने वाला है इसलिए ख़ुशी दबाए नहीं दब रही है.

बीएफ भेजो वीडियो बीएफ मैं भी अब पूरी तरह से उत्तेजित हो गयी थी, जिसके वजह से उसे अपना दूध पिलाने में सहयोग करने लगी. मैंने मोनिषा आंटी के मम्मों को जोर जोर से मसलना शुरू कर दिया और उनकी आहें तेज़ हो गईं.

मैंने दिन में ही मोनिषा आंटी की दुल्हन की तरह तैयार होने को कह दिया था कि ऐसे सेक्सी तरीके से तैयार होना कि संजय आपको देखता ही रहे. हालांकि दस्तूर का खुद से पार्टी के लिए इतनी जल्दी बोलना थोड़ा अजीब सा था, लेकिन मैं काफ़ी खुश था कि चलो बात कुछ आगे तो बढ़ी. मैंने उसकी चुत के होंठों को उंगली से फैला दिया और कहा- मूतो मेरी रानी.

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मैम ने बेल बजायी, मैंने दरवाज़ा खोला और देखा कि कोई बुरके में औरत आई थी. फिर मैंने पूछा- कहाँ गयी थी?तो बोली- भैया के दरवाजे पर देखने कि वो जाग रहे हैं या सो चुके हैं. फिर उन्होंने बात को घुमाते हुए कहा- अच्छा, ये नम्बर किसका है?मैंने कहा- मेरा ही है.

मेरा मन तो कर रहा था कि भाभी को पकड़ कर वहीं जमीन पर लेटा दूँ और उसकी साड़ी उठाकर अपना लंड पूरा का पूरा उसकी चुत में पेल दूँ. फिर वो मेरे कान के पास आकर झिझकते हुए धीरे से बोले- डॉक्टर साहब, मेरे उधर सूजन है.

मैं जैसे आसमान मैं उड़ रही थी और उसके सर को अपनी चूत पर जोर से दबाने लगी.

मैं एकदम उसके ऊपर आ गया और उसकी चूचियों को चूसना और मसलना शुरू कर दिया. भाभी ने गांड हिलाते हुए कहा- चल मेरे कुत्ते … अपनी कुतिया की गांड चाट ले. मेरी चूत भी लंड मांग रही थी तो …मेरी चूत की कहानी के पहले भागचूत चुदाई की हवस-1में अब तक आपने पढ़ा कि मेरे पड़ोस में रहने वाला सुनील मेरी वासना को समझ कर मुझे अपनी बांहों में भर कर मेरी पीठ को सहलाने लगा था.

मैंने उसके मकान को देख लिया था, ये तो बिल्कुल मेरी दुकान के सामने से दिखती थी. ऑफ़िस जाकर मुझे पता चला कि मुझे चार दिन के लिए ऑफिस के काम से सिंगापुर जाना पड़ेगा. और फिर कुछ ही पल में अंडरवियर भी उसकी योनि और विशाल कूल्हों को उघाड़ा करते हुए नीचे गिरी और सीधी पंजों पर जाकर रुकी.

मैंने मामी की ब्रा के हुक खोल दिये और उसके चूचों को हाथ में भर लिया.

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मैंने दीदी से पूछा- यहां क्या कर रही हो?तो उसने मुझे डांट कर भगा दिया. एक बात और आपको बता दूं कि मैं घर पर भी कपड़ों के अंदर से ब्रा या अन्य प्रकार का कोई कपड़ा नहीं पहनती थी. पूजा और संध्या के मम्मी पापा ने मेरी मम्मी और मेरा काफी सत्कार किया.

मेरी बहन के गोरे चूचे इतने मोटे और सेक्सी होंगे, मैंने कभी इसकी कल्पना भी नहीं की थी.

मैंने खिड़की के काँच से आंख लगा कर देखा, अन्दर का तो नज़ारा ही कुछ और था. ये मेरी और मेरी छोटी बहन की चोदा चोदी कहानी है कि कैसे मैंने अपनी छोटी बहन को चोदा और साथ ही उसे भी उतना ही मज़ा आया जितना मुझे आया था. हम दोनों ही दर्द से कराह उठे लेकिन जब मेरा लंड मोनिषा आंटी की चूत की गहराई में पहुंचा तो मुझे और मोनिषा आंटी को आनन्द आने लगा.