एक्स एक्स एक्स एक्स एक्स बीएफ फिल्म

छवि स्रोत,बांग्ला सेक्स सेक्स वीडियो

तस्वीर का शीर्षक ,

सबसे पतला मोबाइल: एक्स एक्स एक्स एक्स एक्स बीएफ फिल्म, वो एकदम से गनगना उठी और उसने मेरा सिर अपने हाथों से पकड़ कर अपनी चुत पर सटा दिया.

মাছেলেচুদাচুদি ভিডিও

मैंने कहा- साली रंडी बनने का इतना शौक था, तो अब रंडी ही बना कर छोडूंगा … मादरचोदी … जा किसी से भी जा कर कह देना … जब तक लंड का पानी नहीं निकल जाता, तब तक लंड नहीं निकलेगा … भोसड़ी की … आज तेरी फाड़ कर ही तुझे छोडूँगा साली रंडी. इन्डियन सेक्स वीडियोमैंने उससे सामान्य बात की और …हैलो भोसड़ी पसंद करने वालो … मेरा नाम महेंद्र गांधी है … मैं हनुमानगढ़ के पास स्थित रावतसर का रहने वाला हूं.

फिर भी कन्फर्म करने के लिए मैंने उससे पूछा कि ये डैड क्या है?उसने कहा- ये कोड मुझे राजू ने बताया था कि आप लोग कोड से ही काम की बात करते हो. सेक्स वीडियो दिखाई जाएफिर भी मैंने उससे पूछा कि बीवी को गुजरे 2 साल हुए और 2 बार उसने संभोग किया, तो दूसरी औरत कौन थी.

मेरा मन तो कर रहा था कि भाभी को पकड़ कर वहीं जमीन पर लेटा दूँ और उसकी साड़ी उठाकर अपना लंड पूरा का पूरा उसकी चुत में पेल दूँ.एक्स एक्स एक्स एक्स एक्स बीएफ फिल्म: उसके गोरे चूचे उसकी ब्रा में ऐसे बंधे हुए थे जैसे उनको किसी ने कैद कर रखा है.

चाची ने मुझे बुला कर कहा- किसी तरह से अपने दोस्तों के साथ मेरी चूत की खुजली मिटवा दो.अब पूजा हर छोटी से छोटी बात मुझे बताने लगी थी कि उसके घर में आज क्या बना था.

बंगाली बफ - एक्स एक्स एक्स एक्स एक्स बीएफ फिल्म

उन्होंने धीरे से बुदबुदाते हुए कहा- मैं तुमसे कह ही नहीं पा रही थी लेकिन तुमने मेरा मन पढ़ लिया.भाभी अभी भी सिर्फ ब्रा और पैंटी में थीं … इसलिए वो पैर खोल कर अपनी चूत पसार कर लेट गईं.

मैं जब सो कर उठी तो मुझसे ठीक से चला नहीं जा रहा था और मुझे बहुत कमजोरी जैसा लग रहा था. एक्स एक्स एक्स एक्स एक्स बीएफ फिल्म उसकी ये बात सुनकर मैं तो खुशी के मारे उछल पड़ा और मैंने खड़े होकर ज्योति को कसकर गले लगा लिया.

जैसे अपने मालिक के स्वर में स्वर मिला रहा हो कि एक बार और … एक बार और.

एक्स एक्स एक्स एक्स एक्स बीएफ फिल्म?

मेरी दीदी ने उसके कंधे पर पैर रख लिया था और अपनी चूत को चटवा रही थी. मामी के मुंह से कामुक आवाजें निकलने लगीं -उम्म्ह … अहह … हय … ओह … बस करो … आराम से … मेरे राजा. मैं उसकी जांघों के बीच आ गया और उसके पैरों को फैलाकर लंड उसकी चूत के होंठों पर रगड़ने लगा.

फव्वारे से टपकता पानी उसके सर से होते हुए उसके होंठों से उतर रहा था. मैंने सोच लिया था कि मैं आज मोनिषा आंटी को चोद कर ही उनके घर से बाहर निकलूंगा, चाहे कुछ भी हो जाए. मैं पहली बार समलैंगिक चुम्बन कर रही थी हालांकि बहुत सी स्त्रियों ने पहले भी मेरे स्तन और योनि का स्वाद लिया था, पर आज ये पहली बार था, जिसमें मैं चुम्बन कर रही थी.

उसने अपना ब्लाउज़ भी निकाल दिया और पेटिकोट भी … अब वो मेरे सामने चड्डी और ब्रा में ग़ज़ब लग रही थी। वो गुलाबी रंग की सेट वाली चड्डी और ब्रा पहने थी. ‘आहहहह … उहहह … ह … उम्मम …’करीब दस मिनट बाद मेरे लंड से सफेद लावा बह निकला, जिसने मीरा की बुर को एकदम से भर दिया. जब मैं डॉक्टर बना था, तब मेरी उम्र लगभग चौबीस-पच्चीस साल की रही होगी.

सुरेश ने मुझे बहुत कुछ बताया, तब मैंने भी सोचा कि छोड़ो … सब तो अपने ही हैं. हल्के स्मूच से शुरू हुई किस … फिर मुख-लार और जीभ की अदल बदली में पैशनेट हो गयीं.

एक औपचारिक मुलाकात के बाद हमने अपने मोबाइल नम्बर एक दूसरे को दे दिए थे.

करीब 15-20 मिनट चूसने के बाद मैं उसे अपनी जांघों पर बैठा कर उसे बड़े आराम से चूसने लगा और साथ ही साथ एक हाथ से उसकी ड्रेस को उतारने लगा.

मेरे पति जब मुझे नहीं चोदते हैं, तो मैं अपने ब्वॉयफ्रेंड के साथ चुदने की बात करती हूँ. कुछ देर के बाद वो खुद ही गांड उठा उठा कर मेरे लंड को चूत में लेती हुई आराम से चुदने लगी. बुआ ने बोला- नहीं, आज हम एक साथ ही सोएंगे … रात में मुझे कुछ हो गया, तो में क्या करूंगी … तू साथ रहेगा, तो मुझे संभाल तो लेगा.

मैंने अपना लंड उसकी चूत पर रख दिया उसने फ्राक पहना था और शॉर्ट्स का हुक खोल दिया था. मैंने आपको बताया था कि मैं उस वक्त 19 साल की थी और वह लड़का 20 से 22 का था. फिर मैंने अपना लंड भाभी की चुत में रखा और एक ही धक्के में आधा लंड पेल दिया.

मैं पीछे उसकी चूत में लंड डाले हुए चुदाई में लगा था और आगे हाथ बढ़ा कर उसकी चुचियों को हाथों में भर कर ज़ोर ज़ोर से दबाने लगा.

संडे की शाम को मैं होटल के पास पहुंची तो मेरे पास उसका फ़ोन आया, बोले- अंदर जाकर रिसेप्शन पर रूम नम्बर 123 बोलो. मैंने पहली बार कैसे उसे नर्स को चोदा?नमस्ते दोस्तो, मेरा नाम समीर पठान है, मैं रतलाम मध्य प्रदेश से हूँ. आगे इस सेक्स कहानी में मैं आपको सुरेश की मस्ती और सेक्स को लेकर और भी ज्यादा खुल कर लिखूँगी.

इसी वजह से अगर कोई लड़की किसी से प्यार करती भी थी, तो संभोग से दूर रहती थी. फिर मैंने ही उससे पूछा- तुम मीरा हो न?वो बोली- हां … और आप अभिमन्यु?मैंने हां में सिर हिला दिया. मेरे लंड महाराज ने अपना शीश उठाना शुरू किया और उसकी दरार पे आके रुक गया.

मैं काफी बोल्ड किस्म की औरत हूं और गाली हमेशा मेरे मुंह पर रहती है.

जबरदस्ती ही सही, पर मुझे लगने लगा कि उसने मुझे अपने वश में कर लिया था. फिर उसने खुद बोला कि दोबारा करना है क्या … तो मैं कैसे मौका छोड़ देता.

एक्स एक्स एक्स एक्स एक्स बीएफ फिल्म भाभी की चुदाई के बाद मैं अपने कपड़े पहनकर बाहर आया और सोफे पर बैठ गया. प्यासी टीचर ने कहा- आह … मुझे अपनी रांड बना कर रखना … आह … और तेज कर …शायद वो झड़ रही थीं, मुझे गीला गीला लग रहा था और चिकना भी.

एक्स एक्स एक्स एक्स एक्स बीएफ फिल्म मैंने सोचा कि भाभी को अपनी रंडी बनाना ही पड़ेगा … नहीं तो वो मुझे जो चाहिए, वो मुझे नहीं मिल पाएगा. आंटी बहुत कामुक हो चुकी थीं, उन्होंने कहा- तू तो गांड में ही झड़ गया.

उसने मुझसे कहा- भाई मोनिषा आंटी बहुत ही ज्यादा हॉट और सेक्सी हो रही हैं.

इंग्लिश व्हिडिओ इंग्लिश

कभी कभी वह अपनी जीभ से मम्मी की चूत के दाने को छेड़ देता, तो मम्मी कसमसा जाती थीं. मैं नीचे से कच्छी नहीं पहनती थी तो उसने एकदम से मेरी चूत को मसलना शुरू कर दिया. आप भी पढ़ कर भाभी की चूत का मजा लें!नमस्ते दोस्तो, मेरा नाम अभि है, यह मेरी पहली हिंदी सेक्स कहानी है भाभी की चुदाई की.

फिर उसने खुद बोला कि दोबारा करना है क्या … तो मैं कैसे मौका छोड़ देता. चाची एक रंडी के जैसे मेरे लंड के पास आईं और मेरे खड़े लंड को पकड़ कर चूसने लगीं. उनकी 38 के साइज के चूचियां जब मेरे सीने से आकर सटीं तो पूरे बदन में एक करंट सा दौड़ गया था.

दोस्तो, कैसी लगी आपको गर्म भाभी की चुदाई की यह कहानी? मुझे जरूर मेल करके बतायें।[emailprotected].

मैं फौजिया दीदी के रिकॉर्ड वीडियो को किसी को भी अपने मोबाइल से ट्रांसफर नहीं करने देता था. उसने मेरी गर्दन पर अपनी टांगों को लपेट दिया और अपनी चूत को चुसवाने लगी. फिर उन्होंने फोन काटा और मेरे से बोलीं- कैसा लगा मेरी गांड का स्वाद?मैंने बताया- आंटी बहुत अच्छा लगा, मैं तो हमेशा आपकी गांड के नीचे रहना चाहता हूं.

हम दोनों को ये पता था कि बगल में ही बहन सो रही है इसलिए सब कुछ बहुत आराम से और सावधानी से कर रहे थे. मुझे सेक्स के टाइम लड़की का ऐसे मेरा नाम ले कर चिल्लाना, सिसकारियां लेना बहुत मज़े दे रहा था. दीदी के बूबू मैंने कई बार चूसे, जब वो हाथ से अपनी फुद्दी मसलती, तो मुझे बूबू चूसने को कहती और मेरी लुल्ली को पकड़ कर बहुत खींचती.

दोस्तो, आप सब जरूर बताना कि आपको मेरी ये चाची सेक्स की गंदी कहानी कैसी लगी. मैंने अब उसके लिंग के सुपारे को अपनी योनि के मुख पर रख कर उसे इशारा किया.

मंगल स्टॉपवॉच लेकर तैयार था और अच्छा ही हुआ कि पहला नंबर एकता का था. वे बोले- मेरी बात पूरी होने दें; रात को मैंने आपकी मारी … पूरा दम लगा दिया … अब सुबह आप ऐसे नहीं जा सकते. ये सुनकर मॉम बोलीं- मतलब अब तुम मुझे पैसों के लिए चुदवाओगे?मैंने कहा- नहीं … किसी से कोई काम निकलवाना होगा, तो उससे चुदवाऊंगा.

मैं ये सुनकर खुश हो गया कि अब मैं पक्का अपनी चालू मॉम की चौड़ी गांड पेलूँगा.

सरस्वती- अरे तुम लोग करो न मैं मना थोड़े कर रही, बस फ़ोन कहीं ऐसी जगह रख दो कि मैं तुम दोनों को देखती रहूं. उसने पूछा- क्या मैं कपड़ों में खूबसूरत नहीं लगती हूँ?मैं हंस दिया और अपनी बात को पलटते हुए बोला- यदि तुम कपड़ों में खूबसूरत नहीं दिखतीं तो हम दोनों में प्यार कैसे हो सकता था. कब से करते हो?मैंने कहा- जी चार पाँच साल से!वे बोले- तुम हेन्डसम भी बहुत हो! बॉडी भी बना रखी है लड़कियां मरती होंगी.

उसकी चूत को अपनी उंगली से चोदना शुरू किया तो वो अपने चूचों को मसलने लगी. मैं उसके सुपारे को मुँह से घर्षण प्रदान करने लगी और बीच बीच में जुबान से चाट चाट कर थूक से लिंग सुपारे से लेकर जड़ तक गीला करने लगी.

जिस रास्ते पर प्रकाश होता था मेरा रास्ता भी वहीं से होकर गुजरता था. दीदी के ऑफिस से आने के बाद पठान मेरी दीदी को पूरी नंगी करके तेल से मालिश करता, फिर उनको चोदता. उसका चुम्बन करने का तरीका साफ़ बता रहा था कि ये सच बोल रही थी कि कोई बॉयफ्रैंड नहीं रहा होगा इसका.

यूक्रेनी लड़कियां

आकार में ऐसे उठे हुए थे जैसे कह रहे हों कि आकर हमें दबा कर पूरा दूध बूंद बूंद करके निचोड़ दो.

सुरेश लगातार धक्के मारे जा रहा था और एकाएक मैंने टांगें बिस्तर पर पटक दीं. और अगर आगे को होता, तो उनके गोरे गोरे मम्मों का बड़ा सारा क्लीवेज दिखता था. उसकी चूत का पानी निकल गया और अब मैं भी तेजी के साथ धक्के लगाने लगा क्योंकि मेरा पानी भी निकलने वाला था.

अब उसको शायद समझ आ गया था कि मैं उसके चूचों को छेड़ने के लिए यह सब कर रहा हूं. वह सारा वाकया मैं आपको अपनी अगली स्टोरी में बताऊंगा कि कैसे मैंने दीदी की चूत को चोदा और दीदी ने मेरे लंड को कैसे मजा दिया. चूत की चुदाई सेक्समैं उतरा और उसके पास गया, अपना गेट बंद किया और उसको कसके कमर से पकड़ कर बांहों में भर लिया और उसके होंठों को चूमने लगा.

मैंने अपना साढ़े सात इंच का लंड मॉम की चूत की फांकों में रख कर धक्का लगा दिया और एक ही बार में अपना पूरा लंड चूत में घुसा दिया. इन सर्दियों में मैं अपने गाँव गया तो मैंने हमारे खेतों में काम कर रही गाँव की देसी भाभी की चुदाई कैसे की? मेरी देसी सेक्स की देसी कहानी पढ़ कर मजा लें.

मेरा हाथ ठीक से उसके कुर्ते की वजह से उसके मम्मों तक नहीं पहुंच रहा था. वो लेटी थी और कभी कभी मैं उसके मुँह में लंड जोर से दबा देता था, जिससे मेरा पूरा लौड़ा उसके गले तक चला जाता था. पर सुरेश धक्कों के साथ साथ बातें बहुत कर रहा था, जिससे संभोग में उतना मजा नहीं आ रहा था.

आख़िर में मेरे घर वालों ने मुझे भी उसके साथ जाने को बोला- उससे गाड़ी नहीं चल पाएगी. उसने मिहिर को पकड़ कर अपनी तरफ खींचा और उसकी छाती को अपने चूचों से सटा लिया और उसकी पीठ पर अपने कोमल हाथों से सहलाने लगी. सेक्सी आंटी की यह कहानी मेरे उसी पाठक ने मुझे भेजी है, जिसनेदोस्त की माँ के साथ चुदाई का मजाकहानी भेजी थी.

जब उनसे रहा न गया तो उसने मुझे पीछे धकेला और उठ कर मेरे कपड़े उतारने लगी.

फिर हमने जी भर कर प्यार किया और अगले दिन सुबह मैं सिंगापुर चला गया. मैंने एक हाथ हॉट आंटी की सलवार के अन्दर डाल कर पैंटी के ऊपर से चूत को छुआ, तो पूरी गीली हो चुकी थी.

नमस्ते दोस्तो … मैं आपका दोस्त अपनी नई सेक्स कहानी लेकर हाज़िर हूँ … क्योंकि इस अन्तर्वासना कहानी ने मेरी टीचर में मुझे ये सिखा दिया था कि सेक्स कितनी मजेदार चीज़ है. मैं थोड़ा शर्मिंदा भी हो रहा था क्योंकि मैंने अपनी बहू को कभी वासना की नजर से नहीं देखा था. बहन से सेक्स का ऐसा कामुक नजारा देख कर मेरा लंड भी बेकाबू होने लगा था.

कुछ देर वहीं रुकने के बाद वह स्पर्श मेरे सलवार के नाड़े की तरफ बढ़ा और अगले ही पल मेरा नाड़ा खोल कर वह स्पर्श और नीचे मेरी चूत के पास महसूस होने लगा. तब से मैं और विभोर हमें जब भी मौका मिलता है तो हम लोग सेक्स करते हैं. जब मैं अपनी पढ़ाई खत्म करके नौकरी की तलाश में था और बहुत परेशान भी था.

एक्स एक्स एक्स एक्स एक्स बीएफ फिल्म अब मेरे ब्वॉयफ्रेंड ने मुझसे पूछा- अब तो ठीक है?मैंने मुस्कुरा कर हां कर दी. अब क्या करता … एक तो मैं चूतिया और दूसरा मेरी कोई गर्लफ्रेंड नहीं थी.

इंद्रप्रस्थ पार्क

लेकिन जब कोई घर में नहीं रहता था, उस वक़्त मैं उसकी जमकर चुदाई करता था. अब मैं अपने दोस्त की जगह ले लेता हूं और बिना किसी देरी के कहानी को शुरू कर रहा हूं. लेकिन जब दूसरी बार उसने फोन उठाया, तो ये मेरी मेरी सहेली सरस्वती का फोन था.

मैंने जाकर उसको बांहों में भर लिया और उसको गालों पर किस करते हुए उसको ‘आइ लव यू’ कह दिया. मैंने रोनिता से कहा- मुझे नहीं पता है कि तुम इसके बाद क्या सोचोगी … लेकिन मैं तुम्हें लाइक करता हूँ. नई सेक्सी बफज्योति बार-बार बोल रही थी कि सॉरी फील मत करना … तुम्हारी तो कोई भी लड़की गर्लफ्रेंड बन जाएगी … बस थोड़ी कोशिश किया करो.

बड़ी बात तो ये थी कि मेरी दीदी भी ऐसे ग्रुप सेक्स वाले वीडियो को पसंद करती थी.

उसने मेरी टांगों को फैला कर अपना लंड मेरी चूत के ऊपर रख दिया और मेरे ऊपर लेट कर अपना लंड मेरी चूत में पेल दिया. मोनिषा आंटी की चूत को दस मिनट के भीतर ही मोनिषा आंटी जोर जोर से आहें लेने लगीं.

उसकी चूत काफी कसी हुई थी।और थोड़ा मुझे भी दर्द हो रहा था क्योंकि मेरा भी पहली बार था. मुझे नहीं पता कि मेरे दोस्त ने अंदर भी मेरी बहन से सेक्स किया या नहीं. एक बार भाई एक महीने के लिए बाहर गए तो …दोस्तो, मेरा नाम मनीष है … और मैं इंदौर से हूं.

मैंने कहा- अब तो मैंने देख भी लिए है … इसलिए समय ख़राब मत करो … आंटी के आने से पहले कर सब दर्द दूर कर देता हूँ.

करीब 20 मिनट बाद पूजा ने बोल ही दिया कि तुम दोनों के बीच क्या चल रहा?मैं कुछ बोलता, उससे पहले संध्या ने बोल दिया कि वही … जो आप दोनों के बीच चल रहा है. थोड़ी देर बाद जब वो होश में आई, तो उसने मुझे पकड़ लिया और धीरे से मेरी कान में थैंक्यू कहा. रात की पहली चुदाई से मेरे लंड पर सूजन आ गई थी और मुझे दर्द भी हो रहा था.

सेक्सी बीपी भेजिएमैंने उसके चेहरे को अपनी तरफ किया और उसके होंठों पर अपने होंठ रख दिये. रोनिता बोली- वाह … जनाब ने 5 मिनट में पूरा ऊपर से नीचे तक स्कैन भी कर लिया … खैर झूठी तारीफ के लिए थैंक्स.

पंजाबी चुत की फोटो

मैंने आंटी की चुत पर थोड़ी देर लंड रगड़ने के बाद कहा- आप मेरे लंड को अपने हाथ से पकड़ कर अपनी चुत पर रखो. जब तक भाभी का पानी नहीं निकल गया तब तक मैं उनकी चूत चूसता रहा।पानी निकलते ही भाभी निढाल होके बिस्तर पे गिर गईं।कुछ देर बाद भाभी ने मेरा लण्ड अपने मुंह में ले लिया और चूसने लगीं. उर्वशी बिस्तर पर लेट गई और मिहिर के बारे में सोचने लगी कि तभी मिहिर का मैसेज आ गया.

मेरी बीवी मौसी से बोली- ठीक है, पर मुझे अभी चुदवाओ … मैं न जाने कब से तड़प रही हूँ. भाभी बोलीं- ऐसे क्या देख रहा है … क्या पहली बार देख रहा है?मैं बोला- आपकी खूबसूरती देख रहा हूँ, रोज तो छुप छुप कर देखता था ना … आज खुलकर देख रहा हूँ. दोस्तो, मजा आ रहा है न? हॉट कहानी के अगले भाग में अपने रूम मेट की बहन मीरा की चुदाई की कहानी को पूरे विस्तार से लिखूँगा.

वो बहुत कुछ ऐसा वैसा बोल रही थी, पर मैंने उसकी एक न सुनी और करीब 20 मिनट के बाद मेरा रस उसकी चुत में ही निकल गया. फिर जॉयश ही बोली- कम ऑन बेबी! बी बोल्ड! कम ऑन … हम यहां एंजॉय करने के लिए आए हैं. फिर ऐसे ही एक बार मुझे पता लगा कि अपने कॉलेज के प्रिंसिपल से भी स्वरा दीदी सेक्स करती है.

उस महिला का ध्यान मेरे तने हुए लंड पर न पड़े इसके लिए मैंने धीरे से अपने लिंग महाराज को हाथ से एडजस्ट भी किया मगर सामने वाली की नजर भी तेज थी. उसके बदन की तेज मर्दाना गंध से मैं और भी उत्तेजित हो गयी और सर को ऊपर उठाते हुए उसके सीने को सूंघने और चूमने लगी.

उसको देख कर मेरा लंड तन गया और मैंने पीछे से जाकर उसको अपनी बांहों में भर लिया.

उसकी टाइट चूत को चोद कर मुझे भी आनंद आता है और हम दोनों खूब मस्ती करते हैं. मोटी सेक्सी फिल्ममैंने दस्तूर की टांगों को फैला कर उसमें थोड़ा थूक डाल कर गीला कर दिया. बीपी सेक्सी एचडी मेंउसका जवाब सुन कर मेरे मन को तसल्ली हो गई कि अब बात हम दोनों के बीच में ही रहने वाली थी. अभी कॉलेज शुरू होने में थोड़ा वक्त था लेकिन कोचिंग की क्लास शुरू हो गई थीं.

नेहा दीदी की चुदाई से मुझे भी कोई फर्क नहीं पड़ता था … क्योंकि दीदी सोमेश भैया की गर्लफ्रेंड बन गई थी.

उस दिन के बाद से मौका पाकर मैं देर सवेर मामी की चूत की आग को शांत करने लगा. लंड घुसते ही उसकी जोरदार चीख निकल गई … पर मैंने उसके होंठों पर अपने होंठ रख कर उसकी चीख दबा दी. वैसे भी ये मर्द क्या बाहर मुँह नहीं मारते? ये करें, तो सब चलता है … हम औरतें करें तो पाप!मैं- हां सही किया और सही कह भी रही हो.

विद्या ने अपनी आंखों पर काजल लगाया हुआ था, वो तो यूं समझो कि मुझ पर कहर ही ढा रहा था. मिहिर को एक मिनट भी नहीं हुआ था कि उर्वशी ने अपनी बेसब्री दिखाते हुए मिहिर के मुंह को अपने हाथों से उठाते हुए उसके होंठों को जोर से चूस डाला. दोपहर सुरेश ने फ़ोन किया और मुझसे माफी मांगी, मैंने भी पुरानी बात कह कर और अपना दोस्त समझ माफ कर दिया.

मीना बाजार आगरा

कुछ देर के बाद मैंने फिर से उसकी गांड पर हाथ रख दिये और वो दोबारा से मेरे लंड का नाप-तोल लेने लगी. मैंने कहा- खुल कर बोलो, क्या बात है?वो बोली- क्या मैं तुम्हारे ‘उसको’ देख सकती हूं. मेरी तो मानो सांसें ही रुक गई थीं क्योंकि इससे पहले मैंने ऐसा कुछ नहीं देखा था.

फिर विद्यालय में छुट्टियां शुरू हो चुकी थीं, इसीलिए वो एक दो दिन में अपनी बहन के साथ घर जाने वाली थी.

मैं सोच रहा था कि शायद किसी ने बदनाम करने के लिए दीदी सेक्स के किस्से बात चला रखे हैं कॉलेज में.

अगले ही पल उन्होंने अपने पजामे को नीचे गिरा दिया और उनका लम्बा-मोटा लंड मेरे सामने उछलने लगा. हम लोग सेक्स के लिए गर्म हो गए थे और विभोर बहुत अच्छे से मेरी चूत को चाट रहा था. ब्लू फिल्म दिखा दो सेक्सीमैं उसकी जांघों के बीच आ गया और उसके पैरों को फैलाकर लंड उसकी चूत के होंठों पर रगड़ने लगा.

काफी देर मेरे बदन से खेलने के बाद उसने कहा- निर्मला आओ तुम भी तैयार हो जाओ, तुम दोनों को मुझे बारी बारी से चोदना है. मैं सीधे बाथरूम में गया और मैंने भाभी की गांड के नाम की मुठ मारकर अपने आपको शांत किया. इसकी चुत तो देख एक बार … कैसे फूल गई … उभार तो देख चुत का, कोई छोटी पहाड़ी बन गई है.

रूम पर जाने के लिए मार्किट से होकर जाना पड़ता था, इसलिए मैंने सोचा कंडोम ले लूँ. जैसे ही कजरी वहां तक पहुंची, मैं वहां से दूर हट गया और देखने लगा कि वो फोटोज को देख कर क्या करती है.

ये सब मेरे दोस्त की माँ और मेरी हॉट, सेक्सी मोनिषा आंटी के कारण हुआ.

कुछ देर तक उसकी चूत में उंगली करने के बाद उसकी चूत को चोदने का समय आ गया था. ज्योति लंड शब्द सुनकर शर्माते हुए आश्चर्य भरी निगाहों से मेरी तरफ देखा. मेरी उत्तेजना को उसने दोगुना बढ़ा दिया था और मैं उसे उत्साहित करने लगी.

हिंदी में एक्स एक्स एक्स फिल्म वैसे हमारे बीच सारी बातें होती थी- मूवीज, कपल्स, चुम्बन, सेक्स, पॉर्न … सब कुछ … पर एक हद तक सिर्फ नॉलेज के उद्देश्य से।फिर दोस्तों ने अन्तर्वासना के बारे में बताया तो मेरा ध्यान सबसे पहले भाई बहन सेक्स की कहानियों पर ही गया. काम वाली कुछ देर के बाद मेरे घर काम करने आई तो वो काम करके चली गयी.

हालांकि खाना वगैरह हो गया था और मेरी चाची भी सोने के लिए बस जा ही रही थीं. भाभी ऑफिस से शाम को आने के वक्त मेरे घर अपने बच्चों को ले जाने के लिए आती थीं. वो कमर उठा-उठा कर गर्म गर्म सासें ले रही थी।अब भाभी से बरदाश्त नहीं हुआ और वो उठकर मुझे किस करने लगीं.

बीपी का मतलब

क्योंकि यदि उसकी शादी किसी और से हुई, तो उसके मर्द को पता चल जाएगा. मैंने कहा- हम्म डर तो लगेगा ही … क्योंकि तुम मेरे दोस्त की गर्लफ्रेंड हो … मेरी थोड़ी हो. लड़के ने कंप्यूटर संबंधित कुछ काम बताया, उन्हें कुछ प्रिंट निकलवाने थे.

मैं एक 35 वर्षीय पुरुष हूँ लेकिन फीमेल क्रॉस ड्रेसर हूँ मुझे लड़कियों के सभी कपड़े पहना पसंद हैं. मैं मस्ती में कुलान्चें भारती हिरनी की भांति तेजी से कमर चलाने लगी.

मैं 16 मार्च को दोस्त की गर्लफ्रेंड ज्योति को चोदने में असमर्थ रहा.

बातों से पता चला कि मेरी गर्लफ्रेंड सेक्स की प्यासी है, उसे अपने पति से पूरी संतुष्टि नहीं मिलती. अंततः दोनों ने अपने अपने रस की थैली खाली कर दी और आपस में ऐसे चिपक गए मानो एक दूसरे में घुस गए हों. तभी दीदी ने आगे कहा- मैं चाहती हूँ कि अपने परिवार में सब लोग एक दूसरे को चोदें, तो कितना अच्छा होगा.

उनकी सांसों की ध्वनि इतनी तेज थी कि कमरे में आसानी से सुनी जा सकती थीं क्योंकि कमरे में सामान नहीं था और कमरा लगभग खाली ही था. इस गांडू कहानी के अगले भाग में मैं आपको बताऊंगा कि क्या मास्टर साहब का लंड मेरी गांड में घुस पाया या नहीं. उसे हर दूसरे तीसरे दिन चुत में खुजली होने लगती थी और मैं उसे चोद देता था.

मुस्कुराते हुए मेरे गर्दन के दोनों तरफ हाथ डाल के वो मेरे इतनी करीब आ गयीं कि हम एक दूसरे की सांसें महसूस कर रहे थे.

एक्स एक्स एक्स एक्स एक्स बीएफ फिल्म: सुबह जब लाला दूध लेने आया, तो माँ से पूछने लगा- आपकी भैंस बहुत रंभा रही है, क्या बात है?माँ बोली- पता नहीं भाई साहब, कल से बहुत परेशान कर रही है. उस टाइम मेरी मौसी के घर में मेरे आने का पता नहीं था तो उन्होंने मेरे लिए बिस्तर नहीं करके रखा था.

उस टाइम तक उसकी चूत पूरी गीली हो चुकी थी और पच पच की आवाज़ भी आने लगी थी. वो भी मेरा लंड को आइसक्रीम समझ कर पूरा मुँह के अंदर तक लेकर चूस रही थी. इसलिए मैंने कह दिया था कि पहले मैं किसी काम से जाऊंगा और उसके बाद कॉलेज आऊंगा.

तो वो कहने लगी- अब फिर कभी कर लेना, अब तो यह तुम्हारी ही है।मैंने उसको अपने हाथों से कपड़े पहनाये और उसको भेज दिया।दोस्तो, यह थी मेरी गर्लफ्रैंड की सील तोड़ चुदाई! उम्मीद है आपको चुत की कहानी पसंद आई होगी.

और फिर बात आगे बढ़ी …नमस्कार दोस्तो, आप सब कैसे हैं … आपने मेरी सेक्स कहानी को सराहा, इसके लिए मैं सदा आपकी आभारी रहूंगी. आपने मुझे धमकाया भी नहीं; छूत का रोग बता कर उन लौंडों का भी इलाज कर दिया. मैं अपनी कुँवारी चुत उसे ही दूँगी, जो भले ही मुझसे शादी ना करे … पर मुझे एक इन्सान समझे, दोस्त माने … एक खिलौना न समझे.