कंडोम वाली बीएफ

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राजपूत बाईसा: कंडोम वाली बीएफ, आहना ने मुझसे कहा- अब अपना लिंग मेरी योनि में डालो … मैं कब से तड़प रही हूँ … मुझे और मत तड़पाओ.

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चूंकि पीठ का मसाज हो चुका था, तो मैंने उसे अब पीठ के बल लिटाया और फिर से पैरों से मसाज करना स्टार्ट किया जिससे उसके शरीर में करंट सा दौड़ गया और वो अपने दोनों हाथों से अपने चूचों को दबाने लगी. एक्स एक्स बीपी सेक्सी मराठीवह और ज़ोर से आवाज़ें निकालने लगी ‘आह्ह … ओह्ह्ह … कमॉन … आह्ह्ह … फक मी … आह्ह्ह …मैंने कुछ देर उसको इसी तरह दबाकर चोदा और फिर उससे कहा- मेरा निकलने वाला है.

मैंने शिखा की चूत को बड़े ही ध्यान से देखा और फिर उसकी चूत के पास अपने नाक को ले जा कर सूंघने लगा. सेक्सी मूवी एचडी फुल मूवीमुझे रहा नहीं गया, मैंने उसके अंडरआर्म्स को किस करने लगा, पागलों के जैसे उधर काटने लगा.

मैं बात समझ नहीं पा रही थी कि आखिर क्यों वो मुझे ऐसे देखता था और न ही मेरी हिम्मत होती थी कि उससे कोई सवाल पूछूं.कंडोम वाली बीएफ: मेरी बीवी ने जब से मेरे बारे में कमर दर्द का इलाज बताया था, तब से मेरी मामी का नजरिया मेरी ओर कुछ अलग ही नजर आने लगा था.

मुझे महसूस हुआ कि मेरे लिंग को सारा ने अपनी योनि रस ने भिगो दिया था, जिसकी वजह से लिंग आसानी से अन्दर और बाहर हो पा रहा था.दोनों ने साथ में शावर लिया। फिर साथ में खाना खाया। तब तक शाम के 4 बज चुके थे।भाभी- सुन मेरे राजा … मैं चलती हूँ, मेरी सास आने वाली होगी बाजार से.

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उसने बताया कि मामा हर रोज़ दारू पीकर आता है, मामी से ढंग से बात नहीं करता, बस अपने नशे में धुत रहता है। एक साल हो गया शादी किए हुए, प्यार का एक पल भी उन्होंने साथ में नहीं बिताया।पूनम ने मुझे उसके और मामा के रिश्ते के बारे में सब कुछ बताया।मामी बोली- मैं आप से एक बात बोलूँ?मैंने कहा- हाँ, जी बोलो.मैंने कहा- तो बताओ प्रोग्राम शुरू करें?वो बोली- हां चलो, कमरे में चलते हैं.

मैंने पूनम का टॉप ऊपर किया और ब्रा को पीछे से खोलकर उसके चूचों को ब्रा से बाहर निकाल लिया और दबाने लगा. कंडोम वाली बीएफ अपनी मौसी के घर आता तो उसकी देवरानी मीना पर चिन्टू का दिल आ गया था.

उन्होंने मुझसे लंड की साइज़ पूछी, तो मैंने उन्हें बताया कि ये 8 इंच+ का है और अब चार इंच गोलाई में मोटा हो गया है.

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मैंने अपना लंड बाहर निकालकर उसके मुँह में दे दिया, पहले तो धीरे धीरे चूम सी रही थी, लेकिन बाद में उसे मेरे लंड का स्वाद अच्छा लगने लगा, तो वो मजे से लंड को चाट रही थी. मैं- पर आप तो शादीशुदा हैं … फिर आप कुंवारी कैसे?इस वक़्त मुझे समझ में नहीं आ रहा था कि मैं खुश होऊं कि आज फिर से एक और कुंवारी बुर चोदने को मिल रही है या दुखी होऊं कि अभी थोड़ी देर पहले जो कुछ करने को सोचा था, अब वो नहीं कर पाऊंगा, अब मुझे जो कुछ भी करना है, संभल कर करना पड़ेगा. उसकी मुस्कराहट के तो क्या कहना; यारों कुल मिलाकर एक नपुंसक भी यदि उसके सामने आ जाए, तो वो भी मर्द बन जाए.

फिर मैंने अपने घुटनों के बल बैठ कर उसकी जींस के बटन को खोला और धीरे धीरे उसकी जींस उतार दी, जो बड़ी मुश्किल से उतरी. तो आप पतिव्रता ही रहेंगी और आपकी जवानी की प्यास भी बुझ जायेगी। मैं कोई पराया नहीं हूँ।इतना बोलते ही मैं उनके पास गया और उनके होठों को चूमने लगा और जोर से किस की … फ़िर मैं उनके बूब्स कस के दबाने लगा। वो सिसकारियां भरने लगी. मैंने उसकी सलवार उतारी, तो देखा उसने पिंक कलर की पैंटी पहनी हुई थी.

तेरे भैया से चुदाने के लिए कोरी बनी रही, पर यार अभी भी उनसे चुदने के लिए एक दिन का वेट मुझसे नहीं होगा. अनुष्का मैडम के हाथों की छुअन से मेरे लंड में बिजली सी दौड़ पड़ी और वह एकदम टाइट होकर किसी रॉड की तरह हो गया बिल्कुल सख्त. मैंने मामी जी को रात में अपना मोबाइल गाने देखने के लिए दे दिया और साथ में इयरफोन भी लगा दिया। तो मामी जी गाने देखने लगी.

हाल यह हुआ कि अगर कभी पति-पत्नी में झगड़ा हो गया, भाभी रूठ गई, या उदास हुई, तो मंसूर भाई मुझे बुलवाते थे ताकि मैं भाभी को हँसा सकूँ. अब मुझे समझ में आने लगा कि हितेश मुझसे दूर क्यों भागता है, उसने क्यों कभी मुझसे बात करने की कोशिश नहीं की.

पर मैंने सोचा कि ये तो कल रात ही गांव गया था ना … फिर इधर कैसे? मैंने उसे आवाज लगाई … तो वो मेरे पास आ गया.

उन्होंने मुझे अपने घर ही मिलने के लिए 4 दिन बाद बुलाया और मैं मान गया.

इतना कह कर वो जैसे ही किचन में गयी, तो मैं भी उसके पीछे चला गया और उसे पीछे से पकड़ लिया. पहले वाला एक लड़का बोला- अरे तुम दोनों इसे एक साथ चोदो … बड़ा मजा देती है … तुम दोनों को बड़ा मज़ा आएगा. मैंने उसके लिप्स को किस किया और उसे अपने बदन से चिपका कर रगड़ने लगा.

अजय का लंड मेरी चूत को फाड़ते हुए मेरी चूत की गहराई में टकराने लगा. क्योंकि यह बात तो केवल भाभी के माता पिता और उनके पति या फिर भाभी ने किसी और मर्द से चुदावाया हो वही जान सकता है। तुम्हारा शक सही है, मैंने अपनी भाभी के शरीर के एक एक हिस्से का जम कर मजा लिया है। मैंने मधु भाभी की जबरदस्त चुदाई की है।मैं यह सुनकर दंग रह गया. उसने जल्दी ही मेरी चूत से उंगली निकाल दी और अपने लिंग को मेरी चूत के मुंह पर लगा दिया.

मैंने उसे बताया कि जब पति की इच्छा हो, तो तुम अपनी इच्छा उसे बढ़कर दिखाना.

तभी दीदी ने घर जा कर मुझे मैसेज किया- क्या कल तुम फ्री हो?मंडे को कोई सरकारी छुट्टी थी, तो मैंने बोला- हां दीदी. दोस्तो, इस बार इस कहानी का नायक दिलदार सिंह है कहानी उसी की जुबानी सुनिये. वैसे यह कहानी मैंने आहना को बता कर ही लिखी है … और उसे बहुत पसंद भी आई है.

मैं जल्दी से नहाया और फटाक से कपड़े पहन कर उसको लेने के लिए चला गया. मैंने थोड़ा सा भाभी के घुटनों को मोड़ा तो चूत का बीच का हिस्सा दिखाई देने लगा. भाभी बोलीं- क्यों आदी, तुम क्या करते हो?मैंने कहा- भाभी पढ़ाई … ग्रेजुएशन अभी कम्प्लीट हुआ है.

दस मिनट की लंड चुसायी के बाद उसने फिर से किस करना शुरू कर दिया और मेरा होंठ काट लिया.

वो मेरे लंड को प्यार कर रही थी और मैं उसके पूरे जिस्म पे किस कर रहा था. तभी मेरे मन में ख्याल आया कि क्यों न उसे अपने पुराने घर ले जाऊं, वहां वैसे भी कोई नहीं था.

कंडोम वाली बीएफ मैं उनके स्तनों को चूसने लगा और एक उंगली मैंने उनकी चूत पर भी डाल दी. तभी सोनिया का फोन आया- तुम कहां हो?मैंने कहा- मैं चंडीगढ़ पहुँच गया हूं.

कंडोम वाली बीएफ तभी मुझको याद आया तो मैंने उससे पूछा- अमीषी तुम्हारे पापा? वो कहां रहेंगे?वो बोली- उनको होश ही नहीं रहता, वे दारू में टुन्न रहते हैं, उनकी कोई दिक्कत नहीं है. अनेक लोगों को मेरी आगे की कहानी की प्रतीक्षा थी और कुछ पायल से मिलना भी चाहते थे.

मगर धीरज पर कुछ असर नहीं हुआ और वो धक्के मारता रहा तब तक जब तक कि उसने अपना पूरा लंड मेरी बुर में ना घुसा दिया.

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एक दिन उस भाभी के पति यानि मेरी बुआ के लड़के ने मुझे बाहर अंडे खाते हुए देख लिया, तो वो मुझसे बोले- तू घर पर ही अंडे क्यों नहीं खाता?तो मैंने बताया- बुआ के घर अंडे नहीं खाते. मैं अभी यही सोच रही थी कि वो शायद दोबारा प्रयास करेंगे लेकिन मेरा इंतजार तो इंतजार ही रह गया. मैंने उसे बताया कि पहले अपनी वेशभूषा बदलो और रात में सोने के समय कुछ ऐसा पहनो, जिससे उसकी कामुकता झलके.

मैंने उससे कहा- साक्षी चाय क्यों ले आई … मुझे तो तुम्हारा दूध पीना है. वो छत का दरवाजा बंद ही करने वाली थीं, पर मैं भी वहां पहुंच गया और दरवाजे को जोर से धक्का दे कर छत पर पहुंच गया. मैंने बिस्तर के गद्दे के नीचे से कंडोम निकाल कर अपने लंड पर चढ़ा लिया.

कुछ पल बाद वो फिर से एक सिगरेट सुलगा कर मुझसे अपना लंड चूसने के लिए बोलने लगे.

मेरे मन की हालत को देख कर जीजा जी को पता चल गया कि मैं सेक्स के लिए तैयार नहीं हो पा रही हूँ. मुझे उस दिन पता नहीं क्यों सुखबीर ने ढेर सारे संदेश भेजे और मैंने भी खुशी से उत्तर दिए. मैं आशीष से बोली- आशीष मैं अब सिर्फ तुम्हारी हूं … तुम मुझे जो भी कहोगे मैं करूंगी … आई लव यू.

जब मैं कॉलेज गया तो बस रात दिन इसी गुना भाग में लगा रहता कि कोई तो मिले जिसे मैं चोद सकूँ. उस दिन तो कुछ खास अनुभव नहीं लगा, कुछ भी पर अगले दिन पता नहीं क्यों, मैं उसी की दुकान में चली गयी. वो मेरे मुँह में अपना मुँह लगा कर मेरी चूत में अपना पूरा लंड पेल कर मुझे चोद रहा था.

जैसे जैसे वो मेरे लंड को जोर जोर से चूसती, वैसे वैसे मैं भी उसकी चुत को जोर जोर चाटने और काटने लग जाता. उसके बाद मैंने उसके मुंह से हाथ हटा लिया तो देखा कि वह मुस्कराते हुए अपनी चुदाई करवा रही थी.

अब आगे:वहां से तो मैं अपने रूम में आ गयी, पर अभी भी समझ में नहीं आ रहा था कि अभी जो कुछ हुआ या मम्मी जी ने जो कुछ कहा, क्या वो सब सच था या मैं अभी कोई सपना देख रही हूँ. मगर मेरी मैडम का फेवरेट पोज डॉगी तो अभी बाकी ही रह गया था, उसके बिना नीना को अपनी चुदाई सूखी रोटी जैसी लगती है. इसके बाद मामी ने पीछे से अपनी गांड को थोड़ा सा बाहर निकाल लिया … जिससे मेरा लंड का सुपारा उनकी गांड के छेद में घुस गया.

उसके मुँह से मादक आवाजें आने लगी ‘ओओह … आह … आह …’मैं जड़ीबूटी वाला दूध पीकर कुछ एक्स्ट्रा ताकत महसूस कर रहा था.

आज पहली बार में ही दो बार मेरी चूत को दो अलग अलग मर्दों ने चाटा था. दो दिनों बाद वो मुझसे बोला- रात को अपने कमरे का दरवाजा खुला रखना, जब सब सो जायेंगे तब मैं आकर तुमको मस्त माल दिखाऊँगा. मैंने लंड को मम्मों में फंसा दिया, भाभी ने भी मेरे लंड को अपने मम्मों में दबा लिया और लंड बाहर न निकल सके, ऐसा कर लिया.

मीना सोचने लगी कि आखिर चिन्टू उसके यहां क्यों आता है, इतना ज्यादा आने जाने का क्या कारण हो सकता है?22 साल का चिन्टू दीखने में ठीक ही था, अभी तक उसकी शादी नहीं हुई थी. तो अब आशीष से मेरी हर दिन 2 घंटे कभी 4 घंटे कभी 6 घंटे फोन में बात होने लगी.

उस दिन भी वो खुले गले का टॉप पहन के आयी थी और मेकअप भी प्यारा किया हुआ था. अभी तक कि कहानी में आपने पढ़ा था कि मैं कल्पना जी की खूबसूरती देखकर अपना सुधबुध खो बैठा था. दो मिनट बाद जब उसका दर्द खत्म हो गया, तो उसने मुझे उसके ऊपर लेटा कर दबोच लिया.

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उस समय मेरी बीवी पेट से थी, तो मैंने कई दिनों से सेक्स नहीं किया था.

मुझे वह जगह मिली, रिस्ट्रिक्टेड एरिया में, वहां कोई नहीं आता जाता था. उनका गांव यहां से बहुत दूर है, पर अभी हमारे ही शहर के एक कॉलेज में इंग्लिश के प्राध्यापक है. वो मुझसे बोली- आराम से चलो यार अच्छा लग रहा है … ठंडी ठंडी हवा आ रही है.

मैंने पूछा कि जो आज समझाया था वो समझ आ गया था?तो उसने बतय- पूरा नहीं आया!और स्माइली भेज दी शर्माने वाली. मैंने उससे पूछा- क्या पहले भी ऐसे ही संभोग करते थे?मैंने प्रीति की दुखती रग तो समझ ली थी, पर वो मुझसे इसका समाधान पाना चाहती थी. दुल्हन की सुहागरात की सेक्सी पिक्चरमुझे भी ऑफिस में प्रमोशन पाने के लिए अपने सीनियर सर लोगों को पटाना पड़ता है.

इस पर बड़ी कातिल अदा के साथ नीना भी पूरी घरेलू चुदक्कड़ औरत की तरह प्रशांत को तड़पाने के मूड में आ गई और पलटकर प्रशांत के खूंटे जैसे लौड़े को अपने दोनों हाथों से जकड़ लिया. मैंने शरमाते हुए कहा- शायद वह अपने दोस्तों के साथ बातों में लगे होंगे.

फिर मैंने माँ की गांड के छेद में अपने लंड को ज़ोर से दबाकर घुसाया, तो मेरे लंड का सुपाड़ा वैसलीन की चिकनाई से अन्दर तक घुस गया. मेरा लंड तो बस फट रहा था कि अचानक ही उसने करवट ली और मेरा हाथ उसकी गांड को पकड़े नीचे दब गया. फिर मेरे मोबाइल ने 5 बजे के अलार्म ने मुझे जगा दिया, जो मेरे मोबाइल में सैट था.

भाभी कहने लगी- ठीक है, किसी दिन आएगी तो मैं तुम्हारी तारीफ कर दूंगी. उसको मेरी बात सही लगी लेकिन वो शंका जताते हुए बोली- अजनबियों से चुदाई में किसी किस्म का मार पिटाई का खतरा तो नहीं रहेगा?मैंने कहा- यार थ्रिल करने के लिए कुछ डिफरेंट करने में थोड़ी रिस्क तो उठानी हो पड़ेगी. क्या पता, उसे कैसे पता चल गया कि मैं झड़ने वाली हूँ? पर उसने अपनी उंगलियां मेरी शरीर से दूर कर दी थीं.

ट्रैक पैंट में खड़े हुए मेरे लंड पर शिखा का हाथ अच्छे तरीके से पकड़ बनाने लगा था.

उसके बाद मैं अपने लंड को हाथ में लेकर हिलाने लगा और घुटनों के बल रीना के सामने खड़ा हो गया. मेरी बात सुनकर उसके भीतर एक आत्मविश्वास सा जागृत हो गया और वो भीतर से प्रसन्न हो गयी.

अभी कुछ देर ही हुई थी कि प्रसंग मेरी चूत में लंड इधर उधर घुमा घुमा कर अंदर बाहर करने लगा. उसको दर्द हुआ तो मैंने थोड़ा सा लंड फिर से पीछे किया और कमर उठा कर फिर से धक्का मार दिया. उसके साथ सेक्स करते टाइम चुत में बच्चेदानी तक में बहुत दर्द होता है.

मैंने उससे कह रखा था कि मैं उसी लंड से चुदूँगी जिससे तुम चुदवा चुकी हो. आज वो स्कर्ट पहन कर आई थी, पता नहीं कैसे खेलते खेलते उसकी स्कर्ट जरा ऊंची हो गयी. अब मेरा मैडम के प्रति और अधिक लगांव हो गया और मैं सोचने लगा कि आज के मतलबी दौर में जहां सभी अपने नाते तोड़ जाते हैं, वहीं ये अनजान मेरे सपने को पूरा करने के लिए मेरी कितनी मदद कर रही है.

कंडोम वाली बीएफ हर बार मैं अपना मुँह उसकी योनि के पास ले जाता, लेकिन उसे छूता तक नहीं … और वो बस अपनी योनि रस छोड़े जा रही थी. अजय की हरकत से मैं डरने लगी, तभी दीदी ने मना किया।दीदी- अरे नहीं यार, रचना अभी तुम्हारा लन्ड नहीं झेल पायेगी।फिर दीदी जीजू से मुखातिब होकर बोली- साली पर पहला हक़ तो जीजू का है।तब जीजू मेरे पास सरक आये और मुझे बांहों में समेटने लगे.

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मैं जोर से चिल्लाई- उई मम्मी … मेरी चुत फट गयी पापा!उन्होंने अपना हाथ मेरी मुँह पे रखा और जोर से धक्के लगाने लगे. मैंने कहा- तू कहां चला गया था यार?उसने कहा- कम्पनी से फोन आ गया था. और निकालो?” सर ने ज़ोर देकर कहा।जी … और नहीं है एक भी अब मेरे पास!” मैंने जवाब दिया।तुम कुछ भी कहोगी और मैं विश्वास कर लूँगा? तलाशी तो देनी ही पड़ेगी तुम्हें!” उन्होंने बनावटी से गुस्से से मुझे घूरा.

उसके लंड के घर्षण से मेरी गांड में इतना आनंद आ रहा था कि गद्दे पर रगड़ लगते-लगते मेरे लंड ने नीचे पिचकारी मार दी और मैं उससे पहले ही झड़ गया. जैसे जैसे उसकी कमर नीचे आ रही थी, उसकी चुत की मादक खुशबू मेरे नथुनों में भर रही थी. हिंदी में बीपी सेक्सी ब्लूकिसी को कुछ बता तो नहीं देगी ना?” सर ने मेरी चूचियों को घूरते हुए पूछा.

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वो समझ गई कि मेरा काम तमाम होने वाला है, उसने कहा- पानी मेरे अन्दर ही निकालना. अब तक आपने पढ़ा था कि मैं सतना शहर में अपने प्रेमी आशीष के साथ उसकी बुआ के घर में उससे चुदाने की तैयारी में थी.

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मैं- मामी जी तो आप प्लीज़ कमरे जाकर थोड़ा सो जाएं, इससे आपको आराम मिलेगा. अब उसकी चूत में मेरे लंड ने प्रेवेश करना चालू किया और आधा ही लंड गया था और मेरा वीर्य निकल गया. अचानक 9 इंच लंबे और खूंटे जैसे मोटे लंड को चूत में डालने से उसे हिचकिचाहट हो रही थी.

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एहतियात मैं बरत रहा था क्योंकि मुझे ये भी ख्याल था कि हम ट्रेन में हैं और सब कुछ लिमिट के अंदर ही करना होगा. आंटी के मम्मों पर हाथ रखते वक्त मेरी डर के मारे हालत खराब हो रही थी. मैं बोली- सच बोल रही हूं आशीष मुझे तुम्हारे अलावा किसी ने नहीं छुआ.

अब मैं उसकी चुत को चाटते हुए उसकी गांड पे उंगली भी घुमा रहा था, जिससे वो और उत्तेजना में आ गयी. फिर जब वह मेरे ऊपर से उठी तो मैंने उसको अपनी गोद में उठाया और उसके बेडरूम में ले जाकर उसके बेड पर पटक दिया.

खैर बुआजी का व्यवहार और पापा व मम्मी की सूझ-बूझ से दीदी की सगाई विनय भैया के साथ कर दी गई। अब विनय भैया विनय जीजू बन गये थे.

जिस रूम में हम मिलने वाले थे, वो उसके भाई का था, उसको हमारे मिलन के लिए भी सजाना था. वीडियो दिखाना सेक्सीमैंने धीरे से अपना हाथ जो मामी की कमर पर था, उसे ऊपर बढ़ाना शुरू किया. सेक्सी आंध्र प्रदेशआदाब दोस्तो, आपने मेरी कहानीआपा के हलाला से पहले खाला को चोदापढ़ी, इस पर आप सबकी ढेर सारी ईमेल मिली आप सबका इस प्यार के लिए बहुत शुक्रिया. एक दिन मेरे ऑफिस में मेरा एक फ्रेंड, जो कि उसकी गर्लफ्रेंड के साथ में घूमने जाने का प्रोग्राम बना रहा था, उसने मुझसे भी जिद की कि मैं भी अपनी गर्लफ्रेंड को साथ लेकर चलूं.

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इस जगह, परपुरुष से इतनी देर बातें करने का कोई गलत अर्थ भी निकाला जा सकता था. अपने माल का तो खैर जो स्वाद था वो था ही लेकिन मुझे तो मैडम की उंगली के स्वाद ने पागल कर दिया था.

मगर कह कर गए हैं कि जब वापस लेने आयेंगे तो सप्ताह भर की छुट्टी लेकर ही आएंगे.

बस किसी तरह लंड लील कर मिसेज पाटिल लंड पर नीचे ऊपर होने लगीं और ऐसे करते करते उन्होंने पूरा लंड निगल कर पूरे जोश से स्पीड में आ गईं. एक बार की बात है, मैं अपने काम से आ रहा था, तो तोशी दीदी मुझे रास्ते में बस का वेट करती हुई मिलीं. मैं समझ गया कि ये मुझे ऐसे तड़पा के और मेरे खड़े लंड की हालत देख के (जब मैं उसे सैट कर रहा था) बहुत खुश हुई हो.

मामी बोली- थोड़ा साफ-साफ बताने का कष्ट करेंगे?सवाल से पीछा छुड़ाने की मंशा से उन्होंने तपाक से जवाब दिया- उसकी चूत पर मेरा लंड था! उसकी चूत की गर्मी की वजह से मेरा लंड खड़ा भी हो गया था. उसके कपड़े बिल्कुल बेतरतीब थे, वह बिल्कुल दीवानों की तरह किसी के होने न होने की परवाह करे बगैर मुझसे लिपट गयी. मामी अन्दर चली गईं, आज मैंने सोच लिया था कि चाहे कुछ भी हो जाए, मैं मामी को चोद कर रहूंगा.

मैं इन्हीं ख्यालों में ही बिजी था कि तभी कल्पना मेरी तरफ देखते हुए मुझे टहोका- ओ हैलो, कहां खो गए?मैं- हां, कहीं नहीं.

कंडोम वाली बीएफ: तभी रानी मेरे बिल्कुल नज़दीक आ गयी और मेरा हाथ पकड़ के चूत के मुंह से लगा दिया. पापा मेरे लिए लड़की खोजने लगे, बहुत लड़कियाँ देखी पर किसी को मैं पसंद नहीं आया तो कोई मुझे.

मैंने दो सिप लेकर उससे सिगरेट जलाने का कहा, तो उसने गोल्ड फ्लेक सिगरेट सुलगा ली. आख़िरकार उसने अपना लंड मेरी गांड में डाल ही दिया और उसे अंदर बाहर करने लगा. तो वो चुपचाप दूसरी और मुँह करके लेट गयी और पीछे से ५ मिनट और चूत मरवाई.

मैं अपने दोनों हाथों से उसके सिर को पकड़ कर उसके मुँह की चुदाई कर रहा था.

वो- पर आराम कहां करें इतनी धूप में?मैं- तू चिंता क्यों करती है … मैं हूँ न. कसम से कपड़े के अन्दर तो कुछ नहीं पता चल रहा था, ब्लाउज उतारने के बाद ब्रा में कैद उसकी चुचियां कहर ढा रही थीं. उसे पता था कि मेरा फ्लैटमेट बाहर लंच करने गया है और आधे घंटे बाद आएगा.