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ट्रेनर- ग्राहक का लंड कंडोम लगा कर और चूत डेंटल डॅम लगाकर ही चूसना है, इससे बीमारी का ख़तरा नहीं होता. सिंगापुर में ड्राइवर की नौकरीमैंने भाभी के होंठों को अपने होंठों की गिरफ्त में कर लिया और उन्हें हचक कर चोदने लगा.

मेरे मन में कामुक विचार आने लगे और तभी से मैं उनको चोदने की चाह रखने लगा था. सेक्सी वीडियो मराठी ओपनड्रिंक खत्म होने के बाद मैं 5 मिनट के लिए फ्रेश होने बाथरूम में गई.

सभी को सोने की जल्दी थी, बहुत सारी नर्स गांड मरवाने को बेकरार थीं और उन सबने अपना अपना लंड को सिलेक्ट कर लिया था.भोजपुरी बीएफ वीडियो ओपन: जैसे ही मैं अपनी बहन के घर पहुंचा, तो वो एक बेबीडॉल फ्रॉक पहने हुई थी और काफी हॉट लग रही थी.

दूसरे परीक्षक ने कंडोम पर के-वाइ जैल लगाया और निर्ममता से लड़की की गांड और चूत चोदने लगा.मेरा लंड भाभी की चूत को चीरता हुआ गहराई में चला गया और भाभी जोर से चिल्ला उठीं.

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आप भी मजा लें कहानी पढ़ कर!फ्रेंड्स, मैं शनाया राजपूत आपको अपने भाई से हुई चूत चुदाई की कहानी सुना रही थी.रात में अक्सर मेरे दोनों हाथ मेरी चूत को सहलाया करते क्योंकि कहीं न कहीं अब मुझे भी किसी साथी की जरूरत महसूस होने लगी थी.

इंतजार किसका कर रहे हो?मैं- ऐसे नहीं मेरी जान, अभी तो मजा शुरू हुआ है. भोजपुरी बीएफ वीडियो ओपन तो बोली- किधर आना होगा?मैंने उससे कहा- तुमने होटल देखा है, तुम इधर ही आ जाना और मुझे फोन कर लेना.

इसके लिए उसने मुझे थैंक्स कहा और मुझसे वादा लिया कि हमने जैसे एन्जॉय किया, उसको किसी को ना बताऊं, नहीं तो उसकी बदनामी होगी.

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दस मिनट की चुदाई के बाद दोनों एक साथ झड़ गए और दोनों नंगे ही एक दूसरे से लिपट कर सो गए. मैं अंकल के लंड पर बैठ कर ऊपर नीचे होने लगी जिससे अंकल का मोटा लंड मेरी चूत में पूरी तरह जड़ तक घुस गया था. उसने लड़ते हुए मेरे होंठों पर हल्का सा किस कर दिया और बोली- अब बोल … और कर मुआ मुआ!इस वक्त मुझे अज़ीब लगा क्यूँकि मैं उसको हमेशा बहन मानता था।और मैंने उसको हल्का सा गुस्सा करते हुए कहा- ये क्या था?तो उसको खराब लगा कि उसने ऐसा क्यों किया और चेहरा लटका लिया और कुछ नहीं बोली।वो थोड़ी देर चुप रही.

मुझे गुस्सा आया और मैंने सोचा- साला भैनचोद … चूत में आग लगा कर सो रहा है. जैसे जैसे वो मेरी चूत चाटता जा रहा था मेरी गांड अपने आप उछलने लगी थी. स्कूल के रास्ते में ही गांव से कुछ दूरी पर किशोर का खेत पड़ता था और वो रोज आते और जाते समय मुझे निहारने लगा.

कुछ देर बाद मेरा भाई भी मेरा साथ देने लगा और हम दोनों एक दूसरे को चूमने लगे. विक्रम ने कहा- तू मेरी कुतिया है और अब मैं तेरी गांड फाड़ने वाला हूं. मैं भी अपनी तारीफ सुनकर उनकी गांड सहलाने लगा और भाभी से उनकी गांड मारने के लिए कहा.

उसे गांड में उंगली चलवाने में मजा आने लगा और तभी उसका भोसड़ा एकदम गर्म हो गया, उसमें से सफ़ेद रस टपकने लगा था. मेरे लंड ने फिर से चूत के होंठों का जायजा लिया और चूत को रगड़ देने लगा.

इससे मुझे बहुत मजा आ रहा था और अंकल पागलों की तरह मेरी चूत को अपनी मोटी उंगली से चोदते रहे.

वो बोला- यार, तेरा लंड तो मस्त खड़ा होता है, फिर भी तुझे गांड मारने की इच्छा नहीं होती, कमाल है?मैं बोला- मेरा लंड गांड मराते समय झड़ता भी है.

मैंने कहा- भाभी, आप प्लीज़ किसी से ये सब मत कहना … आप जो बोलेंगी, जैसा बोलेंगी, मैं करूंगा. ये सुनकर मेरे कान खड़े हो गए और मैं और ज्यादा ध्यान से उसकी बातों को सुनने लगा. जैसे कि पुरुष को सेक्सी बीबी की चाह होती है या वो पड़ोस की भाभी, साली, दोस्त की बीवी इत्यादि को चोदना चाहता है.

उसने मेरे बदन तरल चॉकलेट लगानी शुरू की और जीभ से चाट कर मसाज करने लगी. दीदी कुछ भरे गले से बोलीं- तुम मेरे अलावा किसी और को नहीं देखोगे, भले शादी के बाद अपनी बीवी से कर लेना, पर अभी मुझे ही अपनी बीवी समझो. उसे मालूम था कि एक बार गांड मरवाने का मज़ा आने के कुछ दिनों बाद ही मेरी गांड फिर से लंड के लिए खुजलाने लगेगी.

गगन मेरे पास आया और बोला- मैडम, तुम तो यार मस्त माल हो, हमारे लंड तो हमेशा ही तुम्हारे जैसे मस्त माल के लिए तैयार रहते हैं.

सभी आर्ट ऑफ़ सेक्स सीखने वालों ने आपस में सलाह की और बिल्डिंग में रहने का फ़ैसला आंटी को बता दिया. फिर मैंने अपने होंठ उसकी रसीली चूत पर रख दिए और चूत को चाटने चूमने लगा. फिर मैंने उससे आज दोपहर के बारे में पूछा तो उसने बताया कि उसके दोनों बूब्स दर्द कर रहे हैं.

साली ने अपने हाउस कोट का ऊपर वाला हिस्सा थोड़ा ढीला कर दिया ताकि मैं उसके मम्मों को देख सकूँ. यह मेरा पहला स्खलन था, मगर कितना अद्भुत था … सच में ये मेरी कल्पना से परे सुख का अहसास था. मैंने उससे कहा- आका का हुक्म मानो और जो बोलता हूं … उसे फिर से बोलो कि हां मैं तुम्हारी रंडी हूं, बना दो मेरी चूत का भोसड़ा, मेरी गांड चूत सब तुम्हारी लंड की प्यासी है.

मैंने कोशिश की भी थी लेकिन लेकिन वहां ये शर्त आड़े आ गई थी कि मुझे अपने जिस्म को वहां के हेड के हवाले करना पड़ता, तभी मेरा शौक पूरा हो पाता.

मेरी गांड भी एकदम चौड़ी और उठी हुई थी जबकि मैंने कभी अपनी गांड नहीं मराई थी. फिर कुछ देर रूकने के बाद दीदी बोलीं- तू आज यहीं रुक जा!मैं सोचने लगा कि क्या दीदी भी कुछ मूड में हैं.

भोजपुरी बीएफ वीडियो ओपन उसने हंसते हुए मुझे लिटाया और डालना चाहा, लेकिन उससे नहीं बन रहा था. फिर हालात ऐसे बन गए कि मेरी बीवी को अपनी प्यास बुझाने के लिए मर्द मिल गए और मुझे जिल्लत के साथ ही सही … मगर काम मिलने लगा.

भोजपुरी बीएफ वीडियो ओपन उसने अपने मुँह से लंड निकाल कर कहा- जान कलाई छोड़ो ना!मैंने कलाई छोड़ दी और वो शमशुद्दीन जी की कमर पकड़ कर अच्छे से उनका लंड चूसने लगी. तभी गेट से अनुज कपड़े उतारकर धीरे से अन्दर आ गया और उसने पीछे से आंटी की गांड में लंड घुसेड़ दिया.

मेरे पूरे चेहरे को चूमने के बाद मेरे होंठों से उसने अपने होंठ लगा दिए और बड़े ही जोश से किस करने लगी.

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उसी के साथ मैंने ताबड़तोड़ चुदाई करके जीवन में पहला शारीरिक सुख हासिल किया था, यह उसी चुदाई की कहानी है. भाभी को आठवां महीना चल रहा था तो उनकी मदद और देखभाल के लिए उनकी बहन यानि मेरे भाई की साली मेघा आ गई थी।मैं बी कॉम में पढ़ता था. एक दिन उसने मुझे सेक्स चैट करने के लिए हल्का सा हिंट दिया लेकिन मैं समझ नहीं सका.

फिर हालात ऐसे बन गए कि मेरी बीवी को अपनी प्यास बुझाने के लिए मर्द मिल गए और मुझे जिल्लत के साथ ही सही … मगर काम मिलने लगा. लगभग चालीस मिनट के बाद सबका लंड तन गया था और चोदने के दूसरे राउंड का प्रोग्राम बन गया. विक्रम ने मेरी तरफ देखा और बोला- जाओ एक कटोरी में ओलिव ऑइल गर्म करके आंटी के बेडरूम में लेकर आ जाओ, हम लोग वहीं जा रहे हैं.

इस बार मैं जल्दी ही उनके पैरों को सहलाने लगा और जांघों में हाथ में चलाने लगा.

जो नहीं जानते हैं, उनके लिए बताना चाहूँगा कि जो गांड मराने के शौकीन होते हैं, वो बॉटम कहलाते हैं … और जो गांड मारने के शौकीन होते हैं, वो टॉप कहलाते हैं. फिर मेरी चूचियों को दबा दबा कर फुल स्पीड से मेरी चूत में लंड पेलना शुरू कर दिया. मैं बोला- नहीं, मैं अब तेरे साथ यह सब कैसे कर सकता हूँ?वो बोली- क्यों नहीं कर सकते? कल सुबह टैक्सी के इन्तजार के समय रोड पर तुम मुझे किस नजर से देख रहे थे … और अभी बाहर मेरी नाभि और बूब्स को तो तुम बहुत घूरकर देख रहे थे … क्या तब तुम्हारे मन में सेक्स की भावना नहीं आ रही थी?मैं चुप हो गया था.

मैं उस अहसास और तड़प को शायद शब्दों में ना बता पाऊँ … मैं अपने सिर को इधर उधर हिला रही थी. मैं आपको बताती हूँ कि कैसे मेरी यह गैंग बैंग सेक्स फंतासी एक पार्टी में पूरी हुई. फिर मैं भाभी को अपने कमरे में ले गया और अपने कमरे का दरवाजा बंद कर दिया.

कुछ देर तक बुआ के मम्मों को दबाने के बाद नीलिमा उठी और आकर मेरी गोद में बैठ गयी. मैंने भी अलमारी खोली और शायद मुझे जीता जागता खज़ाना मिलने वाला था।पता है मुझे!” बोलते ही आंटी ने अपने दोनों हाथ ऊपर कर दिए.

उन्होंने पीछे मुड़कर देखा और कहा- बेटा तुम?अनुज ने कहा- हां सेक्सी आंटी … मैं!आंटी ने मुझे घूरकर देखा और कहा- यह क्या है … मुझे रंडी समझा हुआ है क्या?मैंने कहा- आंटी, मैंने इससे डील की थी कि अगर मैं इसे आपकी चूत दिलवा दूँगा, तो यह कॉलेज के गुंडों से आपके बेटे की सेफ्टी करेगा. उसके एक बार झड़ने के काफी देर तक भी मैं उसकी गांड चाटता रहा और अब उसकी हालत बेकाबू होने लगी. तो मुझे दिव्या से फ़ोन पे बात करने का मौका मिल जाता थाएक रात फ़ोन पे बात करते हुए दिव्या बोली- आजकल तो हाथ से काम चलाना पड़ रहा होगा क्यूंकि बीवी तो मायके गयी है।मैं- बीवी यहाँ भी होती तो क्या होता, गर्भवती क्या हुई कुछ करने नहीं देती!दिव्या- आअह … बेचारा अर्जुन!मैंने भी फ़्लर्ट मारते हुए कह दिया- काश तुम यहाँ होती तो हाथों का सहारा ना लेना पड़ता.

भाभी- जैसे तेरा लंड इतना अच्छा है, वैसे ही इसका माल भी बहुत अच्छा है.

मैं कबसे चूमने के लिए बेकरार था तो मैं उसकी उंगली को ही मुंह में लेकर चूसने लगा. लेकिन एक शर्त पर ही खुश करूंगी कि तुम इसके बारे में किसी को नहीं बताओगे. कुछ देर यूं ही बात करने के बाद भाभी ने शाम को फोन करने का कहा और बातचीत में विराम लग गया.

मैं अपने हाथ उसकी नंगी पीठ पर फेरते हुए नीचे ले गया और उसकी लैंगिंग्स उतार दी. कुछ देर बाद मुझे लगा कि बहुत अजीब सा नमकीन पानी मेरे मुँह आने लगा है.

मैं जानती थी कि चूत की जितनी औकात होगी, उतना लौड़ा एक बार में ले लेगी. फिर वंदना ने बोलना शुरू किया- क्या हो गया … मैं पसंद नहीं हूं क्या? या मैं एक शादीशुदा औरत हूं, इसलिए तुम कुछ नहीं बोल रहे हो?मैंने कहा- आप तो बहुत ही सुंदर हो … दक्षिण भारत की अभिनेत्री की तरह लगती हो, पर आपको प्यार देने के लिए आपके पति तो है न!फिर वंदना ने कहा- तो क्या आप मेरे साथ टाइम पास करने के लिए बात करते हो?मैंने कहा- ऐसी बात नहीं है. किधर से सीखा?मैं- ये सब मैंने पोर्न मूवी में देखा था … लेकिन तुमको चोद कर मुझे बहुत मजा आया.

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रास्ते में चलते अपने साधनों से भी दूसरे लोग हमारी ओर ही देख रहे थे.

नमस्कार दोस्तो,कहानी के पिछले भागमेरे बेटे की साली मेरे साथ नंगीमें अभी तक आपने पढ़ा था कि किस तरह से मैं प्रिया को अपने फार्महाउस तक ले आया और अब मैं अपनी जिंदगी की सबसे यादगार चुदाई करने के बहुत करीब था. इतना सुनते ही मैंने भी अपनी सलवार का नाड़ा थोड़ा ढीला कर दिया जिसमें सिर्फ उसका हाथ आराम से जा सके. मैं उसे पहले से छोड़ता था पर लॉकडाउन की वजह से हम चुदाई नहीं कर पा रहे थे.

बाकी रही बात मेरी खूबसूरती की, तो आपको मेरे से भी खूबसूरत लड़की मिल जाएगी. मैं अपनी बहन की चिकनी चूत चूसने लगा और वो मेरे सर को अपने पैरों से चूत में दबाने लगी. खेसारी लाल का नगीना फिल्मचूंकि वो अपने घर में किसी भी तरह की ड्रेस पहन लेती थी तो मुझे कोई ख़ास हैरानी नहीं हुई.

पुरुष को उसके होंठ, गाल, गर्दन, कान के पीछे, छाती, कांख, जांघ, गोटी, लंड, चूमकर उत्तेजित किया जाता है. शमशुद्दीन जी उठ कर बाथरूम चले गए और अरुणिमा अपनी कमर नीचे करके पूरी तन्मयता से गुरबचन जी का लंड चूसने लगी.

मैं समझ तो पहले ही गया था कि अब संगीता भाभी चुदने की मूड में हैं, तो चुदाई कर ही देता हूँ. मेरी साली ने जल्दी से अपने गाउन का फीता खोल दिया और चूचे बाहर निकाल दिए. अपने गोरे रंग पर उस काली ब्रा और पैंटी में मैं किसी रंडी से कम नहीं लग रही थी, जो तीन-तीन मर्दों का एक साथ मनोरंजन करने वाली थी.

उसका एकदम लंबा लंड जो कि बहुत मोटा भी था, मुझे बहुत प्यारा लग रहा था. फिर जैसे ही लंड सैट हुआ, मैंने पूरा लौड़ा एक धक्के में गांड में पेल दिया. अब तो रोज रात मैं अपनी सास अंजलि से फोन सेक्स करके उन्हें हर दिन चोदने लगा था.

वो तेज तेज झटके मारने लगे और अपने पूरे लंड को मेरी नाजुक चूत पर घुसा कर ही माने.

मैं कुछ बोलने को हुआ तो विश्वेश्वर जी बोले- भड़वे! उठा कर नहीं ले जा रहे इस वेश्या को, बाहर जाकर पसर जा मादरचोद … बहरा हो गया है क्या?बिना कुछ बोले मैं बाहर आकर सोफे पर लेट गया. ये एक्स एक्स एक्स भाभी सेक्स कहानी पिछले ही महीने उस समय की है जब मैंने एक नया नया रूम लिया था.

वो आज मैं अपनी आँखों से देख रहा था।मैंने फिर कविता भाभी के बूब्स दबा दिये. जिन अधिकारियों से मुझे काम था, मैंने उनसे दस्तखत करवाना चालू किया और काम खत्म होते होते लगभग तीन बज गए. मेरे हर धक्के के साथ उसके मुँह से एक आवाज निकलती और वो भी नीचे से धक्के लगा देती थी.

तब भी भाभी को वो सन्तुष्टि नहीं मिल पा रही थी जो वो मुझमें खोज रही थीं. बीवी जब कसमसाने लगी तो मैंने उसके दोनों हाथ उसके सर के ऊपर करके अपने हाथों से पकड़ लिए. वो समझ गया और इस बार उसने मेरे कंधों को मजबूती से पकड़ कर धक्का मारा.

भोजपुरी बीएफ वीडियो ओपन इसी सुन्दरीकरण नीति के चलते अब नीतू के लिए अच्छे अच्छे रिश्ते आये और बहुत ही जल्दी उसकी शादी भी हो गई. जब नेहा दीदी चलती थीं तो उनकी गांड ऊपर नीचे देख कर मन यही करता था उनकी गांड में लंड पेल दूँ.

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वो मादक सिसकारियां भरने लगी थीं- आह विकास अब चोदो मुझे … मेरी चूत की आग को ठंडी कर दो. मैंने दोनों हाथों से भाभी की बड़े बड़े चूचों को हौले हौले दबाना शुरू कर दिया. ये एक ऐसा सॉफ्टवेयर होता है, जिसके फीचर साधारण व्हाट्सैप से कुछ अलग होता है.

ऐसे ही 3 दिन बाद में रूम में कपड़े बदल रहा था और उस वक्त मैं अंडरवियर में था. तब मैंने लंड पर और उसकी चूत में तेल लगाया और धीरे से लन्ड अन्दर करने लगा. জানবার সেক্সउधर एक मिनट से भी कम समय में हम दोनों पूरे नंगे हो गए और दोनों शॉवर के नीचे खड़े होकर एक दूसरे को चूमने लगे.

चाची की चूत के रस का स्वाद अच्छा था; मैंने चाची की जांघों को चाट कर रस साफ़ कर दिया.

साथ ही साथ उनको भईया से कोई लेना देना नहीं रहता था, उनको तो अब मुझसे लेना देना रहता था. या कॉल बॉय अथवा कॉल गर्ल को गुलाम बनाकर उसे तकलीफ़ देकर, पीटकर (बी डी एस एम) के बाद दर्द देकर चोदना चाहता है.

मैं समझ गया था कि अब ये पूरी तरह से गर्म हो चुकी है और अब इसे लंड की जरूरत है. पूरे 19 साल से इसके दर्शन किसी ने नहीं किए, तू ये मौका हाथ से मत जाने दे. गांड भी फूली फूली दिख रही थी, जिससे पता चल रहा था कि चूत सूज गई है.

भाभी ने कहा- यह तो बहुत नाइंसाफी है!और तुरंत उन्होंने एक झटके से मेरे अंडरवियर को उतार दिया और फिर कहा- हां अब हुई ना बराबर की बात!इस बात पर हम दोनों मुस्कुरा दिए.

उसी रात को कोमल का मेरे पास फोन आया तो हम दोनों आज के अनुभव को लेकर बात करने लगे. आप मुझे मेल कीजिए और बताएं कि आपको ये कहानी कैसी लगीजाते जाते एक ही बात कहूँगा कि औरतों कि इज्जत कीजिए, उनको प्यार और सम्मान दीजिए. उसके बाद उन्होंने अरुणिमा को टेबल पर पेट के बल लिटाया और उसी समय शमशुद्दीन जी ने अपना लंड अरुणिमा के मुँह में डाल दिया.

सट्टा किंग सट्टा गली दिसावर खबरप्रिय पाठको, आपको यह आंटी सेक्स डबल चुदाई कहानी पढ़ कर मजा आया? कमेंट्स में बताएं. मैंने तुरंत उससे पूछ लिया- ये सब मुझे क्यों बता रही हो कि तुम घर में 7-8 दिन के लिए अकेली हो?उसने अपनी बेबी डॉल का सामने का फीता खोलते हुए कहा- मेरे खसम के साले, मैं तुझे ये सब इसलिए बता रही हूँ कि जो तूने मेरी ननद प्रिया के साथ किया, वो सब मुझे मालूम है और अब वो सब तू मेरे साथ भी कर.

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मैं ऐसे में ही बहुत पैसे कमाने लगा था और सिर्फ कहने के लिए गार्ड की नौकरी करता था।लेकिन मैं था एक जिगोलो।कुछ समय बाद मैंने अपनी बहन की भी एक अच्छे घर में शादी कर दी और अब मैं भी एक अच्छा जीवन जी रहा था।आपको यह Xxx जिगोलो सेक्स स्टोरी कैसी लगी?[emailprotected]. उस दिन भाभी ने अपनी ब्रा पैंटी नहीं पहनी थी तो मुझे उनके गोल गोल रसीले स्तन और उन पर वो काले अंगूर से निप्पल दिखने लगे. वह इतनी गर्म हो गई और बोली- मालिक अब रहा नहीं जाता!फिर मैंने अपने लन्ड का सुपारा थोड़ा सा उसकी चूत में घुसा दिया.

ग्यारह बजे तक इंतज़ार करने के बाद मुझसे रहा नहीं गया, तो मैंने सोचा कुछ भी हो जाए, आज इस रंडी को अच्छे से चोदूंगा. वो अब गांड को पीछे करके धक्के लगाने लगी, मस्ताने लगी, आहें भरने लगी और बड़बड़ाने लगी- ओह समीर, चोदो … आज गांड मरवाने का पूरा मजा दो, अच्छा हुआ गांड का उद्घाटन तुम्हारे मोटे लौड़े से हुआ. आप चाहो तो अपनी सहेली को यहां आराम करने के लिए बोल दो, यहां शान्ति है और यहां कोई आता जाता भी नहीं है.

अचानक मेरी आवाज कुछ ज्यादा बाहर निकली और फोन पर सासु मां ने सुन ली. मैंने उसकी टांगें सीधी कर दीं और खुद उनके ऊपर बैठ कर उसके हाथों को साइड में करके पकड़ लिया ताकि वो ज्यादा छटपटा ना सके. मैं जब तक कुछ समझ पाता, उसने खुद ही मेरा लंड पकड़ कर अपनी चूत पर सैट कर लिया.

नैना ने पैकिंग कर ली और मैंने मामीजी से कहा- हम दोनों ऊपर हितेश भाई के साथ वाले रूम में शिफ्ट कर रहे हैं. आज भी मेरे घर और पड़ोस के लोग मुझे इतना शर्मीला समझते थे कि मैं तो किसी लड़की की तरफ आंख उठा कर भी नहीं देखता.

मुझे मजा आने लगा और मैंने अपने चूतड़ों को कुछ इस तरह से घुमाया कि उस आदमी का लंड मेरे चूतड़ों की दरार में चलने लगे.

उन्होंने भी मुझे बांहों में भर लिया और ऐसे ही चुत में लंड डाले, कब नींद आ गई, कुछ पता ही नहीं चला. बीटीएस अर्थमैंने पूछा- आपको क्यों जरूरत है भाभी जी, आपके पास तो गन है न!भाभी समझ गई और बोलीं- हुंह … वो टॉयगन है. आदिवासी गाने डाउनलोडBDSM सेक्स कोचिंग क्लास में मैंने क्या क्या सीखा, मुझसे क्या क्या करवाया गया, इस कहानी में पढ़ कर आपको सब पता चल जाएगा. इसके कुछ सेकंड बाद उसने मुझे सहलाना शुरू कर दिया और मेरी चूचियों को पीने लगा.

वहीं दूसरे हाथ से उसकी चूचि को एक एक करके दबाने लगा, जिससे उसमें चुदाई की प्यास बढ़ने लगी.

मैंने जमीन पर खड़े रहकर ही चाची की चूत के छेद के पास मेरे लंड को घिसा, फिर लंड को हाथ से पकड़ कर चूत के छेद पर ले गया और चूत पर ऊपर नीचे रगड़ने लगा. जैसे ही उसका पति दुकान निकलता, वो भी अपने सहेली के घर पहुंच जाती थी. फिर बातों बातों में उसने बताया- मेरे पति जनवरी में टूर पर जाने वाले हैं, तभी तुम घर आ जाना.

एक हाथ से उसके एक कंधे को पकड़ा और दूसरे हाथ से लंड को स्थिर रखने के लिए सहारा दिया. जब मैं वापस आया तो वो मेरी एक टीशर्ट पहनकर पेंटी में घूम रही थी, बहुत सेक्सी और माल लग रही थी।फिर हमने कई बार चुदायी की जब जब घर पर कोई था नहीं!अभी तो मैं वापस कॉलेज आया हुआ हूँ. उसके बाद मेरे दोस्त ने मुझसे कहा- रोनित, सबको अन्दर आने को बोल और तू मेरे साथ टिकट लेने चल!मैं उसके पीछे चल दिया और बाकी दोनों अन्दर आ गए.

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कुछ मिनट बाद हम दोनों लोग एक ही साथ ठंडे हो गए, मतलब लंड चूत का पानी निकल गया. मैंने भाभी की दोनों चुचियों के बीच में लंड लगा दिया और उनके चूचों को चोदने लगा. मैंने और वरूण ने शॉर्ट्स एंड शर्ट का मिलता जुलता पहन लिया और आंटी ने एक स्लीवलैस टॉप एंड कैपरी पहन रखी थी.

मैं बोला- तू मुझे संजीदा मत कर … मेरी गुलाम है तू … भूल गयी क्या!उसने अपने हाथ ऊपर कर दिए और 32 इंच के कड़क गोल आमों के दीदार हो गए.

मेरी साली सुप्रिया पूरे 7 दिन तक मेरी बीवी की सेवा करने के लिए मेरे घर रुकी रही और मैंने उन सात दिनों तक अपनी साली की चूत को चोद चोद कर भोसड़ा बना दिया.

यही भाभी मेरी पिछली कहानीअनजान प्यासी भाभी के घर जाकर चुत चुदाईकी नायिका थी तो मुझे दूसरी बार बताने की जरूरत नहीं है कि वो किस तरह के हुस्न की मालकिन है. सुनील- ठीक है … ठीक है … यह ड्राइवर की जॉब है, यह तो तुम जानते ही होगे असलम. तीन गर्ल सेक्स वीडियोऐसे संकट के समय श्रीमती जी अपनी सहेली को अकेले नहीं छोड़ सकती थीं तो मुझे हुक्म मिला कि मैं जाकर उनकी सहायता करूं.

करीब साढ़े छह बजे हमारी आंख खुली तो हमने एक दूसरे को किस किया और होंठों को भी चूसने लगे. मैंने कहा- आंटी, धन्यवाद तो मुझे आपका करना चाहिए कि आप जैसी इतनी सुंदर रांड मेरे दोस्त की मां है. ’‘अब मैं तुम्हारी चूत को अपनी जीभ से चाट रहा हूं, तुम्हारी चूत एकदम गीली हो गयी है.

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अब तू चिंता मत कर, आज के बाद तुझे किसी भी तरह का कोई डर नहीं लगेगा क्योंकि तेरी हसीन चूत में मैं अपना लंड डाल कर तुझे कली से फूल बना दूंगा. ओरल सेक्स खत्म होने के बाद वो बोला- आप कुछ ग़लत मत समझना, मैं पहले आपकी गांड मारना चाहता हूँ. दोस्तो, यूं तो मैं अच्छे घर से हूँ लेकिन चूत की सन्तुष्टि पाने और दिलाने के लिए सब जायज़ है.

आखरी रास्ता फुल मूवी यह सब खेला अलमारी से सटे सटे हो रहा था।उन्होंने अपनी एक टांग उठाकर मेरी कमर में लपेट ली. किस करते हुए मैंने उसे बिस्तर पर गिरा दिया और उसके ऊपर चढ़ कर किस करने लगा.

अबचाची मेरा लंड चूसने लगींको लॉलीपॉप की तरहको लॉलीपॉप की तरह … और अपने दोनों हाथों से जोर-जोर से आगे पीछे करने लगीं. [emailprotected]हॉट वाइफ वांट सेक्स कहानी का अगला भाग:गर्म चूत की चुदाई का चस्का- 3. कभी उन्हें भींचता, कभी उन्हें मुँह में रख कर चूसने लगता, कभी चाटने लगता.

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मैं झट से कुतिया बन गयी और जोगी सर पीछे से मेरी चूत पर लंड रगड़ने लगे. मैं- हां, कोमल क्या हुआ?कोमल- तुमने छोटी से क्या कहा?मैं- उसने तुमसे कुछ कहा क्या?कोमल- उसने मुझसे कुछ नहीं बोला है. हॉट हनीमून सेक्स स्टोरी में पढ़ें कि मेरे हट्टे-कट्टे पति ने मुझे सुहागरात में चोदा तो मैं अपने बॉयफ्रेंड का लंड भी भूल गयी.

उसका गर्म गर्म लावा मेरे गले में जाता हुआ मुझे ऐसा लग रहा था, जैसे मैं गर्म गर्म पानी पी रही हूँ. विश्वेश्वर जी ने मेरी बीवी के चूतड़ों को अलग अलग किया और उसकी गांड के छेद पर अपना लंड टिका दिया.

क्योंकि उस समय शराब मिल नहीं रही थी और मेरे पास चूंकि हर समय स्टॉक रहता था तो मैंने सोचा कि एक बोतल अपने फार्महाउस के केयरटेकर को भी दे दूंगा.

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वरूण को जैसे ही उन्होंने कपड़े दिए तो वरूण बोला- मां, मुझको इस ब्रांड के कपड़े ज़्यादा पसंद नहीं हैं, लेकिन आप लाई हैं, तो पहन लूंगा.

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सोनल से रहा नहीं जा रहा था, उसने अपनी गांड उठानी शुरू कर दी और मैंने धीरे धीरे करके अपना लंड उसकी चूत में पेल दिया. ऐसे बढ़िया मौके कब कब मिलते हैं, हम दोनों की जरूरत भी पूरी हो जाएगी. वो मुझसे कहने लगी- क्या बात करनी थी जो नम्बर देने के लिए मरे जा रहे थे.

आंटी की आंखें बंद थीं तो मैं आंटी के पीछे आया और उनकी चूचियों को पकड़ लिया.

वो सीन अभी भी मेरी आंखों के सामने चल रहा था कि आज जिन्दगी में पहली बार मुझे सेक्स में इतना मजा आया था. रास्ते में चलते अपने साधनों से भी दूसरे लोग हमारी ओर ही देख रहे थे. मैंने उसके होंठों को जी भर के चूसा और मम्मों को तो पता नहीं कितनी देर चूसा.