साले बीएफ

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హీరోయిన్ సెక్స్ ఫోటోలు: साले बीएफ, ’ की कामुक आवाजों के साथ हमारी ताबड़तोड़ चुदाई तेज और बहुत तेज होती चली गई.

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अचानक अंकल जी ने मुझे घास पर लिटा दिया और मेरे ऊपर आ गये और मेरी आँखों में झाँका तो मैंने आँखें झुका दीं. भोजपुरी सेक्सी रंडीउन्होंने मेरी चूत के छेद में उंगली फंसाने की कोशिश की तो मैंने उनके हाथ को पकड़ लिया.

दो मिनट बाद ही मेरे लंड से वीर्य की धार निकली और शुरू का कुछ वीर्य उसके मुंह में गिरा और बाकी का उसके बूब्स पर।मैरी के गोरे गोरे बूब्स पर मेरा सफेद वीर्य गिरा तो वो उसको दोनों चूचियों के बीच में रगड़ने और मसलने लगी. రమ్యకృష్ణ సెక్స్ వీడియోरानी के होंठ लौड़े की जड़ से चिपक गए थे और उसकी नाक मेरी झांटों से रगड़ खा रही थी.

अब मेरी बारी थी उसके लंड पे उछाल मारने की … मैं उसके लंड के ऊपर कूदने लगी.साले बीएफ: जैसे घनघोर बारिश के बाद सारी प्रकृति निखरी-निखरी सी दिखती है वैसे ही अब वसुन्धरा निखरी-निखरी सी दिख रही थी.

अब आगे देहाती सेक्स की कहानी:फिर मैंने ध्यान दिया कि उस गली में आगे जाने का रास्ता तो है ही नहीं.पर जब खेल खेल में मैं उससे हार जाती या वो मुझसे हार जाता तो हम दोनों धींगा मुश्ती करने लगते थे.

செஸ் தமிழ் கம - साले बीएफ

मगर मुझे अब किसी बात का डर नहीं था क्योंकि मानसी और मैं तो अब चुदाई करने लगे थे.मुझे देखकर सुमन उठने लगी मगर मैंने इशारे से उसे रोक दिया और वह मेरे सामने हरकेश के लंड पर कूदती रही.

हालांकि जीभ ज्यादह अंदर घुस नहीं पायी, पर जितनी भी घुसी उससे मेरे पूरे बदन में एक बिजली जैसी सरसरी सी दौड़ गयी. साले बीएफ उसे लेकर मैं तेजी से ऊपर वाले कमरे में गया, उनसे कहा- देखो मैं आपके लिए कुछ लाया हूँ।फिर लौकी उन्हें दिखाई.

मैंने मौसी की दोनों टांगों को थोड़ा और फैलाया और फिर से मौसी की चूत पर अपनी जीभ चलाने लगा.

साले बीएफ?

अब मेरी सास रोज़ ताने मारती कि मेरे पापा ने कोई दहेज़ नहीं दिया और सिर्फ थोड़े से पैसे लगाए शादी में. वैभव हैंडसम है और रोमांटिक भी, इसलिए मैंने भी उसे लिफ्ट देना शुरू कर दिया. इसके लिए आजकल वे मेरी चूत में लंड पेलने के समय अपनी उंगली को थूक से गीला करके मेरी गांड में चलाते रहते हैं.

फिर मैंने कहा- और अगर वैभव ने बता दिया तो?प्रतिभा ने कहा- मैंने पहले ही वैभव से ये बात किसी को ना बताने के लिए कह दिया है. अपना लंड बाहर निकाल के उसको भी नंगी कर दिया और उसको अपनी तरफ आने को बोला. फिर नम्रता खड़ी हुई और उसने अपनी उंगली को मेरे मुँह के अन्दर डाल दिया.

वह ब़ड़े प्यार से अंडों को सहला रही थी और तेज़ तेज़ सिर को आगे पीछे करती हुई लंड को अंदर बाहर कर रही थी. नहाने के बाद मैंने चाय नाश्ता किया उनके साथ और फिर मैं मोबाइल में गेम खेलने लगा और वो नहाने चली गई. लेकिन चाची की मदमस्त चूचियों को चूसने और दबाने से मेरा वो दर्द एक मतवाली लज्जत में बदल गया था.

अब टास्क देने की बारी राधिका की थी- राज, मैं चाहती हूँ कि तुम दिशा की चुत और उसके सुंदर चूतड़ों पर किस करो. मैंने कहा- वैसे मैं यहां बोर तो नहीं हुआ, पर मैं यहां किसी को जानता नहीं हूँ, तो ज्यादा व्यस्त रहने लायक भी कुछ नहीं है.

हम सब स्कूल की लड़कियां उस चपड़ासी से खूब बातें कर लेती हैं तो वो सबसे बहुत खुला हुआ था.

सरिता- क्या कहा अंकल … 100 रुपये?मैं- हां पूरे 100 रुपये, पर इस बार शर्त भी बहुत कठिन होगी.

मैं जब भी उनके घर जाती हूँ तो वो पीछे से मेरी गांड को देखते हैं क्योंकि मैं जब भी चलती हूँ तो मेरी गांड का उभार वो देखते हैं. मेरे भीगे हुए अंडरवियर में मेरे लंड ने आकार लेना शुरू कर दिया था लेकिन चाची ने अभी मेरे लंड पर ध्यान नहीं दिया था. कुछ देर चूत पर रगड़ने के बाद अनिता मेरे लन्ड को पकड़ कर खुद ही घुसेड़ने लगी.

मैंने ब्लाउज को बंद करने से पहले अच्छी तरीके से उसके स्तनों को देखा. रीना जो विक्रम की भाभी थी, वो राजवीर से पहले विक्रम की गर्लफ्रेंड रह चुकी थी. मैंने कुछ देर बाद अपनी पकड़ ढीली की और प्रतिभा से पूछा- तुम किसी निशा के साथ आने वाली थीं, वो कहां है?प्रतिभा को संभलने का थोड़ा मौका मिला, तो उसने पहले कहा- अरे … बाप रे … तुम तो बहुत बचैन हो.

जब मुझसे रहा न गया तो मैंने उसके सिर को नीचे दबाते हुए उसको नीचे बैठने का इशारा किया.

मेरी आह निकलना शुरू हो गई ‘आआअहह … आअहम्म्म …’उसके दोनों हाथ मेरे मम्मों को बहुत ज़ोर ज़ोर से दबा रहे थे … उसकी उंगलियां मेरी चुचियों को सहला रही थीं. मुझे पूरी रगड़ कर चोद … ये चूत की जलन मुझे बहुत तंग करती है अपना पेचकस मेरी गांड और चूत में घुसा घुसा कर मार दे मुझे!पवन अब और जोश में आकर मुझे चोद रहा था मैं तो अब खुद ही चाह रही थी कि पवन जोर जोर से धक्के लगा कर फाड़ डाले मेरी चूत को। सच में बहुत मस्त चुदाई हो रही थी मेरी। इतना सख्त लंड पहली बार मेरी चूत में था।लंड ने मेरी चूत को अपने हिसाब से खोल दिया था, अब मुझे चुदाई में तकलीफ नहीं हो रही थी. खैर दो मिनट बाद पानी गर्म हो गया और उस बर्तन को लेकर रसोई से बाहर आ गयी.

अनिल भैया ने अपने लंड को जब तक रगड़ा, जब तक उनके सुपारे को मेरी गांड पर लैंडिंग के लिए सही पोजीशन न मिल गयी. फिर क्यों यार मैं यहां आया?मैंने 5 मिनट तक गर्लफ्रेंड को समझाया और उसे वापस विश्वास दिलाया कि मैं उसे कभी नहीं छोडूंगा, हमेशा साथ रहूंगा. मैंने मेरी वाइफ को आईडिया दिया कि एक काम करो, तुम ये सैट अपनी भाभी को दे दो, शायद इसकी फिटिंग तुम्हारी भाभी की साइज की हो.

फिर सोचने लगा कि किस डॉक्टर को दिखाया जाये?तो सारा बोली- जिस लेडी डॉक्टर ने हमें देख कर दवा दी थी, वह काफी समझदार है, उसे दिखा दो.

मैंने कहा- आपने जवाब नहीं दिया?तो बोली- मैं क्या कहूँ?मैंने कहा- शरमाइये नहीं. जब मेरा लंड उसकी चूत से बार-बार छूता रहा तो मुझे खुद पर कंट्रोल करना भारी हो गया और मैं उसे बेड पर लेकर गिर गया.

साले बीएफ भार्गव ने पीछे जाते ही मुझे अपनी बांहों में ले लिया … और मेरे होंठों पर किस करने लगा. मेरे कहने पर खाली गिलास वापस रसोई में रख दिये उसने। उसके बाद मामी और शुभ्रा ने खाना सर्व कर दिया.

साले बीएफ इस दर्द में भी उसके चेहरे पर लंड लेने का मजा अलग से दिखाई दे रहा था. मैंने शिखा के होंठों पर अपने होंठों को रख दिया और लंड को और ज्यादा अंदर पेल दिया.

करीब 5 मिनट तक मैं उसके ऊपर ऐसे ही पड़ा रहा, लंड को जरा भी हरकत नहीं दी.

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वो जानबूझकर अब मेरे आसपास ही पौंछा लगाने लगी और बूब्स एकदम नजदीक से दिखाने लगी. यही मैं भी महसूस कर रही थी उस वक्त!मैं राज के साथ बिस्तर में पूरा आनंद उठा रही थी. मैंने उसकी चूची जोर से मसली, तो उसका मुँह खुल गया, तभी मैंने अपना लंड अपनी बहन के मुँह में ठूंस दिया.

मैं हंस कर बोली- क्या मैं पहले सुन्दर नहीं थी?वंश बोला- वो बात नहीं है मम्मी. नितिन ने आव देखा न ताव, घर में घुसते ही सीमा, जो कि क़यामत की हद तक खूबसूरत थीं … उनको कस कर आलिंगन में भर लिया. उसको झड़ता हुआ महसूस करके मेरे लंड में भी कड़कपन और ज्यादा तीव्र हो गया.

अगले दिन जब मैं स्कूल में पहुंची तो मुझे पता चला कि मेरी ड्यूटी अब और आगे 10 किलोमीटर की दूरी पर एक दूसरे स्कूल में लगा दी गयी है.

मैं मम्मी मौसी के पास बैठकर बात करने लगा, वो कमरे में अपने कपड़े रख रही थी. लंड तो मैंने पोर्न फिल्मों में भी बहुत देखे हैं लेकिन तुम्हारे औजार की बात ही कुछ अलग है. दीपिका के कहने पर मैंने संजना और बनर्जी को साथ वाला फ्लैट दिलवा दिया और उन्होंने शिफ्ट कर लिया था.

दीपिका- राज, आपके रूम में चलें, मुझे वहां और भी अच्छा लगेगा?मैंने कहा- ठीक है, आओ. उसकी एक लम्बी सी सिसकारी ‘सश्स… ससीईइ’ निकल गयी और मेरी बांहों में सिमटती गयी. तभी राधिका ने मेरे हाथ से सिगरेट लेकर अपने मम्मे को दबा कर मुझे इशारा किया.

मगर जीजा ने मेरी जांघों को और चौड़ी फैलाते हुए एक झटका फिर जोर से मारा और मेरी चूत में पूरा लंड घुसा दिया. मेरी बात सुनकर बोली- ओके मूत के आओ, तब तक मैं हम दोनों के लिए दूध बनाती हूं.

मैंने जैसे ही उनके लंड को आज़ाद किया … उन्होंने झटके से मेरे मुँह में लौड़ा घुसा दिया. फिर मैंने कहा- और अगर वैभव ने बता दिया तो?प्रतिभा ने कहा- मैंने पहले ही वैभव से ये बात किसी को ना बताने के लिए कह दिया है. ओह शिट! जल्दबाजी में मैंने बाथरूम का दरवाजा बन्द नहीं किया था और पता नहीं शुभ्रा कब से वहां खड़ी होकर मुझे मूतता हुआ देख रही थी। उसके चेहरे पर गुस्सा साफ दिखाई पड़ रहा था.

जो जो मैं तुझे इनाम दूँ उसको अच्छे से देखियो कमीने … तभी पूरा मज़ा मिलेगा.

और आने से पहले तुम्हें काल कर ले कि तुम घर में हो या नहीं!वो घर गयी और अपने भाई को पैसे दिए. मैंने अपने हाथ उसकी कमर पर ही घुमाने शुरू किए और धीरे-धीरे उसका शरीर मेरे हाथ की थिरकन पर नाचने लगा. हाय! मेरा नाम गौरव है। अन्तर्वासना पर बहुत सारी कहानियां पढ़ने के बाद मैं आपको अपनी पहली कहानी बताने जा रहा हूं। चूंकि मेरी यह पहली कहानी है इसलिए कहानी को लिखते समय अगर मुझसे कोई गलती हो जाये कृपया मुझे माफ करें.

जब वह रूकी तो उसने मुझे गुस्से से देखा और पूछने लगी- अब क्या हुआ आपको?तो मैं पहले हंसा और अपनी तरफ खींच कर उसके पूरे बदन पर कुत्ते की तरह चूमने और चाटने लगा जो कि उसे बहुत अच्छा लगा. मैं धीरे मानसी के नीचे किस करता चला गया और उसकी मरमरी जांघों पर किस करने लगा.

मैं सोचती थी कि यदि ये किसी को पता चल जाएगा, तो मेरी और मेरे परिवार की बदनामी भी हो सकती थी. इसके बाद हम लोग नहाए और नीचे रेस्टोरेंट में जाकर खाना खाया और फिर थोड़ा टहल कर रूम में वापिस आये तो मैं चुदने के लिए मरी जा रही थी. इसके बाद हम लोग नहाए और नीचे रेस्टोरेंट में जाकर खाना खाया और फिर थोड़ा टहल कर रूम में वापिस आये तो मैं चुदने के लिए मरी जा रही थी.

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मैंने उसकी चूची जोर से मसली, तो उसका मुँह खुल गया, तभी मैंने अपना लंड अपनी बहन के मुँह में ठूंस दिया.

भाभी के कोमल हाथों का स्पर्श मेरी छाती पर हुआ तो मेरे अंदर एक सरसरी सी दौड़ गई. मैं उठा, तो थोड़ा गुस्सा करते हुए नम्रता बोली- तुम्हारी गांड के अन्दर मूत तो गया ही नहीं. मैंने पूछा- तुम्हें कैसे पता!तब खुशी ने बताया कि वो संदीप से फेक आईडी बनाकर चैट करती है, संदीप उसे जेंटल लगता है और वो संदीप को दिल से पसंद करने लगी है.

पहले भाग में मैंने आपको बताया था कि कैसे मेरे साले श्लोक और मैंने महायाराना की प्लानिंग की और याराना के सभी जोड़ों को मालदीव में इकट्ठा कर लिया. मैं- ओके ठीक है चाची!चाची- ये क्या … पैर में कितनी मिट्टी लगी हुई है?मैं- ये. बेहोश सेक्सी पिक्चरसुर्रर्रर्र सुर्रर्रर्र सुर्रर्रर्र सुर्रर्रर्र सुर्रर्रर्र सुर्रर्रर्र सुर्रर्रर्र सुर्रर्रर्र सुर्रर्रर्र सुर्रर्रर्र सुर्रर्रर्र सुर्रर्रर्र सुर्रर्रर्र सुर्रर्रर्र सुर्रर्रर्र सुर्रर्रर्र सुर्रर्रर्र सुर्रर्रर्र … यह आवाज़ सुन के लौड़ा और भी ज़ोरों से अकड़ गया.

मैंने भाभी की चूत पर अपना मुँह लगाया और बहुत जोर से चूस दिया, तो भाभी की वासना से भरी हुई सिसकारी निकल पड़ी. उसने साड़ी ब्लाउज पहन रखा था और उसके ऊपर काले रंग की चादर ओढ़ रखी थी.

कभी अपनी गीली उंगलियों से मेरी चुत के दाने को छेड़ते, तो कभी अपनी बड़ी सी उंगलियां चुत के अन्दर लंड की तरह अन्दर बाहर करते. वैसे हम दोनों रात 11 बजे तक टीवी देखती हैं लेकिन आज पता नहीं सुमीना को क्या हुआ, अभी दस बजे ही कहने लगी- भाभी, मुझे तो बहुत नींद आ रही है, मैं सोने जा रही हूँ. दूसरे दिन मैं स्कूल चला गया और ये सब मैंने अपने खास दोस्त को बताया.

मैंने उस कामवाली बाई से कहा- आपा … इतनी रात को घर जा रही हो क्या?वह बोली- हां बशीर, अब मुझे निकलना चाहिए. मैं अपने दुर्भाग्य पर आंसू बहाती रहती थी और मैंने अंकल जी के पास जाना भी बंद कर दिया था क्योंकि मेरी सारी इच्छाएं मर सी गयीं थीं. तो मैंने झटपट पहले उसका मोबाइल नंबर अपने मोबाइल में सेव करके उसे मेसेज किया- हाय!उसने रिप्लाई किया- कौन है?तो मैंने थोड़ा चांस मारते हुए कहा- तुम्हारा दोस्त!फिर उसने सवाल किया- ये कौन सा दोस्त है जिसे मैं जानती नहीं और पहचानती नहीं हूं।मैंने झट से रिप्लाई किया- पहचान बना लेते हैं, इसमें हर्ज ही क्या है.

मेरा लण्ड जैसे ही पिचकारी छोड़ता दीपिका वैसे वैसे मुझे अपनी छाती से जकड़ लेती थी.

ऊँची आवाज़ में सी सी सी हाय हाय करते हुए कुतिया ने ज़ोर से अपने नितम्ब उचकाकर चरम आनंद का पूरा लुत्फ़ लेने की कोशिश की. कुछ देर में बॉस आये, आते ही मुझे देख कर उनके चेहरे पे एक मुस्कान आ गई, वो बोले- तुम गई नहीं, मतलब तुम तैयार हो?मैं उनकी तरफ देख कर बोली- हां! पर आपको पहले मेरी नौकरी पक्की करनी होगी.

मुझे मंजूर है सर!” मैं खुश होकर बोली क्यूंकि 15 हजार रूपये मेरे लिए सही थे. इस धक्के के कारण मेरा लंड एक चौथाई से भी ज्यादा अंदर तक उसकी चूत में चला गया था. पलंग की साइड में पड़े हुए हम दोनों एक दूसरे के होंठों को जोर से चूसने लगे.

मुझे उसकी चूत के दर्शन नहीं हुए क्योंकि उस लड़की का सिर मेरी तरफ था और टांगें दूसरी ओर. मैं अमित की बांहों से उतरी और अलमारी से अमित के लिए कपड़े और अपने लिए अपने सहेली का नाइट सूट लाई. मगर उसकी चूत की मदहोशी ऐसी थी कि पता नहीं कब मेरी जीभ उसकी चूत पर चलने लगी.

साले बीएफ उसका शौहर इस जन्नत के छेद को बीच में ही छोड़ कर इस दुनिया से चला गया था. कभी कभी तो भैया इतनी जोर से मुंह को धकेल देते थे कि उनका लंड मेरे गले में जाकर फंस जाता था.

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मैं ये सुन कर चौंका जरूर, पर बाद में खुद समझ गया कि ये नार्मल है, मैं खुद अपनी बहन चोद चुका था, उसे क्या कहता. मगर मेरे लौड़े की चुदाई से जूली जल्दी ही स्खलित होने के कगार पर पहुंच गई. मैंने हंसते हुए उसकी बात को टाल दिया, मैंने कहा- उनमें कोई भी लड़की आपके जैसी नहीं है.

बस मन कर रहा था कि लिंग को उसकी योनि में डाल कर उसकी योनि को चोद दूं. हां अगर आप ने मेरी बात मान ली होती तो शायद मैं आपके लिए कुछ कर भी सकता था. செஸ் ஆடியோमैं शिखा के साथ वैसे ही पोज में चुदाई करना चाहता था जैसा कि मैंने मूवी में देखा था जिसमें कि एक लड़की किचन में खड़ी होकर ही चुदाई करवा लेती है.

मैंने उनके पैरों को उनके पिंडलियों से दोनों हाथों से कसकर ऐसे पकड़ लिया, जैसे कि बाइक पर पकड़ा था.

उसके बाद मेरे पति काम पर चले जाते थे और 4-5 महीने मैं प्यासी ही रहती थी. वो बार बार अपने मुंह को आगे पीछे करके मेरा लंड चूस रही थी पर मैं 3-4 मिनट में झड़ गया उनके मुंह में बिना उन्हें बताए.

कई साइट्स पर सेक्स के लिए अड्वरटाइज़ भी पोस्ट किए, पर किसी का कोई फ़ायदा नहीं हुआ. आज मैं अपनी कार सेक्स पोर्न स्टोरी वहीं से शुरू करती हूँ जहां मैंने अपनी पिछली सेक्स कहानी ख़त्म की थी. उसने मुझे शादी की मुबारकबाद दी और पूछा- अब सारा को क्या कर दिया? थोड़ा आराम से सेक्स किया करो.

डॉली ने मेरे पापा से यह वादा भी लिया कि इस बात का जिक्र वे कभी किसी से नहीं करेंगे ताकि उसके घर पर किसी को कुछ पता न चले.

जब वो मेरे बदन के साथ चिपक कर लगी हुई थी तो मेरे अंदर की हवस और ज्यादा जागने लगी थी. मुझमें ज्यादा हिम्मत तो नहीं थी कि मैं बेझिझक होकर मोनी के बदन के साथ अपनी हसरतें पूरी कर सकूं मगर मेरी वासना मुझे बार-बार मुझे उसके बदन को छूने के लिए उकसा रही थी. थोड़ी देर बाद जब शीना को भी मजा आने लगा, तो वह भी मुझे उकसा रही थी और अपने हाथ पीछे ले जाकर मेरी गांड पर थपकीयां लगा रही थी ताकि मैं उसे और तकलीफ देकर तेज़ तेज़ चोद सकूं.

सेक्सी विडियो चूतनम्रता लंड चाटते हुए बोली- मेरे राजा, तुमने मुझे बिना चोदे ही इतना मजा दे दिया, जिसकी मैं कल्पना भी नहीं कर सकती. उंगली करते हुए पति देव बोले- नम्रता वहां पर दूसरों को अपनी बीवी के साथ एन्जॉय करते देख कर मुझे तुम्हारी याद बहुत आ रही थी.

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मेरी हालत ख़राब हो रही थी और दर्द ऐसा कि कोई यमदूत लेने ही आ गया हो. अगले दिन जब उन्होंने मेरे साथ छुपा-छिपी खेलने के लिए कहा तो मैंने ये कहकर मना कर दिया कि मेरे पैर में दर्द हो रहा है. दीपिका ज़ोर जोर से आवाजें निकाले जा रही थी और शराब के सुरूर में अपना सिर इधर उधर पटकती जा रही थी.

पति महोदय बोले- यार बताओ तो क्या हुआ है?नम्रता- कुछ नहीं मेरी जान, स्कूल जाने के लिए तैयार हो रही थी कि तभी चुल्ल उठने लगी. गुप्ताइन हाथ से टटोल कर साइज का अन्दाजा ले रही थी और मैंने उसकी चूची मसलना शुरू कर दिया. मैं मेडिकल स्टोर में गया और जाकर एक पैकेट कंडोम ले लिया और एक डायरी मिल्क चाकलेट भी ले लिया.

तुषार ने भी अपने सभी कपड़े उतार कर सीट के ऊपर जहां मेरा मुँह था, वहां आ गया और धीरे से अपना लंड मेरे मुँह में डाल दिया. डगशाई पहुँच कर वसुन्धरा मुझे रास्ता बताती गयी और हम लोग एक घुमावदार और सुनसान सी सड़क के सिरे पर स्थित वसुन्धरा के कॉटेज पहुँच गए. मैंने गिलास उठाया और बोतल में से एक पेग उसके लिए भी बनाया और उसको देने लगी.

सुबह जब आंख खुली तो मैंने शिखा की चूची को अपने मुंह में लेकर पीना शुरू कर दिया. मैंने अमित को फोन किया, तो उसने बोला- हां बस मैं 15 मिनट में पहुंच जाऊंगा.

बातों बातों में मैंने भाभी को बोला- भाभी बड़ा मन हो रहा है … क्या चाय मिल सकती है?वो बड़ी कामुक नज़रों से मुझे देख कर बोलीं कि सिर्फ चाय का मन है या कुछ और भी चाहिए.

योनिमार्ग के साथ मेरा दाना भी रगड़ खाने की वजह से मेरी चुत फुरफुराने लगी थी. सेक्सी वीडियो मराठी वीडियोमैंने लंड बाहर निकालकर नम्रता को बेड पर पटक दिया और खुद उसके सीने पर चढ़कर लंड को उसके मुँह के पास ले आ गया. बिहार के सेक्सी वीडियो ओपनफिर मैंने धीरे से अपना बरमूडा खोलकर अपनी जांघों तक कर दिया और अपने खड़े हुए लंड को बाहर ले आया. तब मैंने एक हाथ शलाका की चूचियों के अंदर डाल दिया और उसकी संतरे जैसी चूचियों को सहलाने लगा.

उसका शरीर मानो कह रहा था कि मुझे मसल दो … लेकिन मेरे हाथ बड़े ही प्यार से उसकी चूचियों पर कमर पर घूम रहे थे.

मैंने पूछा- घोष बाबू में से कैसी गंध आती है?दीपिका- सुबह आपके पास भेज दूंगी, सूंघ लेना. अब उसके चूचे पहले से भी बड़े हो गए हैं और उसकी गांड और भी बाहर को निकल आयी है. थॉमस मुझे कभी गर्दन के पीछे, कभी होंठों पर, कभी बालों में, कभी पेट पर चूम रहा था.

अंकल मेरी पैंटी को ध्यान से देख रहे थे उसके ऊपर मेरे चुत के रस का बहुत बड़ा गीला दाग था. कुछ ही देर में भैया ने एक जबरदस्त किस किया और मेरी गांड में पहली बार मुझे किसी गरम लावा के फूटने का पता पड़ा. एक बात और भी समझ आ गई थी कि शोना पहले भी लंड ले चुकी थी, अन्यथा मेरा लंड इस पोजीशन में तो घुसने वाला ही नहीं था.

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मैंने देखा कि कोई भूतनी सी छाया वहां खड़ी है, उसे देखकर मैं एकदम से डर गया. शलाका ने मेरी पैंट की चेन खोल कर मेरा तना हुआ लंड अपने हाथ में ले लिया और मेरे लौड़े के सुपारे को सहलाने लगी. अगली कहानी में मैं आपको बताऊंगा कि चांदनी भाभी की मदद से मैंने और भी तीन औरतों को बच्चे गिफ्ट किये.

उसने बर्फ से मेरी सूजी हुई चुत की सिकाई भी की व मेरे सर की भी मालिश की.

दीपिका कहने लगी- वैसे तो मेरी चूत दुःख रही है परंतु आपका साथ मुझे अच्छा लगा.

अंदर मैंने उसे जमीन पर बिठा दिया फिर बाहर आने लगा तो अनिता बोली- इतना सब कुछ कर ही चुके हो तो यह भी कर ही दो. मौसी वैसे ही मेरे लंड को ऊपर नीचे करती रहीं और बीच बीच में इधर उधर भी देख लेतीं कि कहीं कोई हमें देख तो नहीं रहा. सेक्सी प्लेक्सीआशीष भी जब पहली बार मुझे मिला था तो उसको भी मेरी नाक बहुत पसंद आयी थी.

उस दिन मेरी चूत पर बड़ी बड़ी झांटें उगी हुईं थीं क्योंकि पिछले काफी लम्बे समय से मैंने चूत को शेव करना भूल सी गयी थी, उस तरफ ध्यान ही नहीं जाता था. पर ये गलत था … सरासर गलत! जिंदगी में … हादसे हो जाते हैं लेकिन इस का ये मतलब तो हर्गिज़ नहीं है कि कोई जीना ही बंद कर दे? मेरे लिए … मेरे कारण वसुन्धरा ने खुद को फ़ना के धारे तक पहुंचा लिया था. मैंने बात शुरू करने और माहौल को हल्का करने के लिये बोला कि चाय या कॉफ़ी?वो बोली- कॉफ़ी.

रास्ते में मम्मी एक केमिस्ट की दुकान पर गई और एक लिफाफे में कुछ दवाइयां लेकर आईं. क्या बला की हसीनाएं थीं दोनों रानियां! एक से बढ़कर एक हसीन!! एक से बढ़ कर एक कामुक!!! दोनों रानियां देख कर लगता था कि उन्हें विधाता ने बहुत अच्छी मनोस्थिति में गढ़ा था.

”मुझे इतनी गंदी बातें सुनने की आदत नहीं थी, पर मन ही मन मुझे अच्छा लग रहा था.

ये कहानी बस दो साल पहले की है, जब मैं कॉलेज के लिए रोजाना मुज़फ़्फ़रपुर से सीतामढ़ी ट्रेन से आना जाना करता था. फिर उसने मेरी लोअर को खींच दिया और मेरे शॉर्ट्स में से मेरे लंड को अपने दांतों में पकड़ लिया. दो-तीन धक्कों के बाद ही मेरा लंड और लंड के साथ साथ पूरा शरीर जैसे अकड़ने लगा.

सेक्सी वीडियो गर्भवती उसने मेरे लंड को चूसा और मैंने उसकी बुर को अन्दर तक अपनी जीभ से चूसा. मैंने देखा, लड़की ने सामने से अपना टॉप उठाया और उसमें से अपने बड़े बड़े, गोल और दूधिया मम्मों को बाहर निकाला.

यही बात मैंने अंकल जी को कही तो वो तुरंत मेरे ऊपर से हट गए और दूर जा बैठे. आह ओह की आवाज के साथ वो थाप पर थाप मिलाये जा रही थी कि तभी उसके फोन की घंटी बजी. आज मैंने अपनी चूत में फ़ूड ग्रेड का डिओ लगाया था, जो चूसने पर बड़ा ही मीठा स्वाद देता था.

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”ओह … थैंक यू प्रेम जी!” अपनी तारीफ़ पर वह खिलखिला कर हंसने लगी पर बाद में कुछ संजीदा (सीरियस) होते हुए बोली- पर ऐसी फिगर का क्या फ़ायदा?क्यों … ऐसा क्या हुआ?”मैं तो बनर्जी साहब को बोल-बोल कर तक गई कि किसी ढंग के डॉक्टर से दवाई लें और एक्सरसाइज भी किया करें पर वो मानते ही नहीं. ”मेरी बात पर पहले तो वह खिलखिला कर हंसने लगी और फिर किसी नव-विवाहिता की तरह लजा गई।एक बात बोलूँ?”हाँ … श्योर?”मिसेज माथुर ने भी फिगर बहुत अच्छा मेन्टेन किया हुआ है?” उसने मेरी आँखों में झांकते हुए कहा।तेज साँसों के साथ उसकी आँखों में लाल डोरे से तैरने लगे थे और कानों की लोब और उसका ऊपरी हिस्सा तो जैसे रक्तिम हो चला था।ओह … हाँ … थैंक यू मिसेज बनर्जी. अंकल जी ने मेरी पूरी बात गंभीरता से सुनीबस इतनी सी बात पर तू खुद को सजा दे रही है? सोनम बेटा अब तू मेरी बात ध्यान से सुन और समझ!” अंकल जी बोले.

मेरी चूची पर से चॉकलेट को चूसने के बाद वो मेरी पेंटी को निकालने लगे. उसने अपने पैरों की कैंची बनाकर मेरी कमर में फंसा दी और अपने को एडजस्ट करते हुए लंड को अपनी चूत के अन्दर लेकर मेरे होंठों को चूसते हुए धक्के लगाने लगी.

मैंने दोबारा से लंड एक बार फिर से पूरा लंड बाहर निकाल कर निशाना लगाया.

मगर ये कहानी मैं अन्तर्वासना के पाठकों के लिए लिखना चाहता था इसलिए हिन्दी में ही लिख रहा हूं. तो वह बोली- क्या हुआ? बहुत देर लगा दी?मैंने कहा- तुम्हारे लिए इंतजाम करने गया था. राजेश ने अपनी उंगली को बाहर निकाला और फिर अपने मुँह में उंगली भरकर चटकारे लेते हुए बोले- वाह क्या स्वाद है तुम्हारी चूत के रस का.

वो बहुत जोर जोर से मेरे चुचे दबा रहा था मुझे दर्द भी हो रहा था और मजा भी आ रहा था. इस दर्द में भी उसके चेहरे पर लंड लेने का मजा अलग से दिखाई दे रहा था. मेरी चूची बहुत बड़ी हैं तो उनको मेरी चूची को दबाने में मजा आ रहा था.

क्यारा के मुँह से मादक सिसकारियां निकलने लगीं- आहह आहह ईइस … आस्स्स्सा… आहह!उसकी आवाज से लग रहा था, जैसे वो कई दिनों से लंड के लिए तरस रही थी.

साले बीएफ: संकोचवश मैंने कहा- जी ठीक है, आप जैसा कहेंगे मैं वैसा करने के लिए तैयार हूं. वो बोली- मेरे राजा, मुझे आज इस तरह चोदो कि आज की चुदाई में जिंदगी भर नहीं भूल पाऊँ.

मैंने अपनी पूरी जीभ उसके मुँह में डाल दी और जैसे मैं उसका लंड चूसती हूँ … वैसे ही वो मेरी जीभ चूस रहा था. जब वो थक जाती तो रुक कर मेरे चेहरे को चूमने लगती और चूत में लंड लिये हुए अपनी चूत को दायें बायें हिलाने लगती जिससे उनको बीच में कुछ आराम मिल जा रहा था. धीरे धीरे पापा डिप्रेशन में जाने लगे तो मैंने उन्हें डाक्टर को दिखाया तो उन्होंने माहौल बदलने की बात कही.

जिसका उपयोग हम दोनों अपने अपने मूत्र को एक दूसरे की गांड चूत में करने वाले थे.

मैं बहुत देर तक बड़ी भाभी की चूत में दोनों उंगलियां चलाता रहा और अपना लंड हिलाता रहा. मैंने अपनी पैंट से रुमाल निकाल कर उसकी बुर को अच्छी तरह से पौंछते हुए साफ किया और शलाका को अपनी गांड आगे-पीछे करते हुए घपा-घप धक्का देकर चोदने लगा. कुछ देर मैं उसकी नंगी पीठ पर लेटा रहा, साथ में गर्दन के पास बाइट करता रहा.