जानवर ने की बीएफ

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মেয়ের গুদ: जानवर ने की बीएफ, मैंने उसकी चूत को हल्के से फैला कर उस पर होंठ जमा दिए और उसे किस करने लगा.

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इसके ठीक बाद जैसे ही मैंने अपने पति की ओर देखा, तो पाया कि वो मेरी बहन प्रियंका के मम्मों को घूरे जा रहे थे. इधर सेक्सी वीडियोबस अब यही पल था कि मैंने शुभ्रा की पुतिया पर अपनी जीभ फिराना शुरू कर दिया था। हम्म! जैसे ही जीभ उसकी पुतिया में टच हुई कि एक कसैला सा स्वाद मेरी जीभ को लगा.

शायद वह मुझे अपनी नंगी टांगों कमर और चूत को घूरते हुए नहीं देख पा रही थी. बात करते हैं सेक्सीसीमा जी की बेटी भी समझदार थी, सो सीमा ने उसकी सहमति लेना उचित समझा.

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वैसे उसे बेड तो नहीं कह सकते थे क्योंकि वो चारपाई से तो बड़ा था मगर बेड से छोटा था, लगभग पाँच बाय छह फीट का लकड़ी का एक पलंग था जिस पर ऐसे ही कुछ कपड़े पड़े हुए थे। पँखा नहीं था, बस खिड़की‌ में एक‌ छोटा सा‌ कूल‌र लगा हुआ था। एक टेबल थी, जिस पर एक‌ पुराना छोटा सा ब्लैक एंड व्हाईट टीवी रखा हुआ था और एक‌ पुरानी लकड़ी की कुर्सी थी।वैसे मोनी के‌ पास कमरा तो एक ही था, मगर वो कमरा था काफी‌ बड़ा.पैंटी के घर्षण के कारण जल्दी मेरा लंड भी पानी छोड़ने के लिए तैयार हो गया.

लेकिन मुझे मजा नहीं आ रहा था, इसलिए मैंने कुप्पी को झटके से बाहर निकाला, तो पेशाब छलकते हुए बाहर आ निकली और थोड़ी बहुत पेशाब, जो उसकी बुर के अन्दर थी, वो भी बाहर आ गयी. जानवर ने की बीएफ लेकिन मैं अभी यह नहीं समझ पा रहा था कि मानसी की जगह हेतल कैसे आ गई.

रात में जब मैं भाभी की तरफ मुड़ा, तो उनकी सुडौल गांड मेरी ही तरफ थी.

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उसके चूचों को दबाते हुए मैं उसके ऊपर ही लेट गया और उसके होंठों को अपने होंठों में भर कर चूसने लगा. तो मैंने पूछा- फिर तेरा मन क्यूँ हुआ ये सब करने को?तो वो बोली- मैंने तुम्हें और मॉम को ये सब करते कई बार देखा तो …उसके बाद मैंने उसे पकड़ा. उसने मुझे अपनी बाँहों में लेकर बिस्तर पर पटक दिया और मेरे ऊपर आकर मेरी चूची को दबाने और मसलने लगा.

वो मुझे ठोकते हुए बीच बीच में मेरे होंठ चूसता, मेरे चुचे चूसता, दबाता … जिससे मुझे थोड़ा आराम मिलने लगा. अगर कोई उसको अपनी चूत दे रही है, तो उसकी चूत को खूब चोदे, लेकिन मेरी भी चूत की प्यास भी तो बुझाये. जब तक वंश खाना लेने गया, तब तक मैंने जल्दी से बैग से बोतल निकाल कर दो पैग स्मेललैस बोडका के लगा लिए और एक सिगरेट खींच कर मुँह में इलाइची दबा ली और उसके आने का इन्तजार करने लगी.

मैं भी चूत चाटे जाने से एकदम मस्त हो उठी और मादक सिसकारियां लेने लगी. पर यह सब सुनने के बाद शीना इतनी गुस्से में आ गई कि सीधे खड़ी होकर मेरा गला पकड़ कर बोलने लगी- साले कमीने … मैं तब से अपनी चूत और गांड की बारी का इंतजार कर रही हूँ … मेरी बारी कब आएगी. अनिल भैया ने पास ही के ड्रावर में से लिग्नोकान नाम की ट्यूब निकाली और मेरी गांड में उसकी पाइप को अन्दर तक डाल कर दवाई को अन्दर तक डाल दिया.

कहानी के पिछले भाग में आपने पढ़ा कि मेरी बड़ी दीदी हेतल ने मेरी छोटी बहन मानसी के सामने मेरी जवानी करतूतों की सारी पोथी खोल कर रख दी थी. वहाँ बस अड्डे पर अनिल की सास अपने बेटे के साथ हमारा इंतजार कर रही थी.

जिसका नाम अनिता है, से हुई।वाकया कुछ इस तरह हुआ कि मैं जब काल सेन्टर के दूसरे कम्पनी में ट्रेनिंग में था।मुझे एक डायरी दिखी.

घर वालों तक उनके प्रेम प्रसंग की बात पहुंची और उनकी शादी भी तय हो गई.

सेक्स के प्रति मेरा अधिक रुझान होने के बावजूद भी मैं नहीं चाहती कि किसी पड़ोसी के साथ मेरा चक्कर चले. फिर रात को मैं फिर से अपने कमरे में पढ़ रहा था और बाकी लोग टीवी देख रहे थे. गिलास भर कर उसे रिया के हाथ में दे दिया और बोला- ये ले रंडी, पी ले इस अमृत को सारा, तेरा सारा खाना हजम हो जायेगा.

उन लोगों को एक पार्टी में जाना था, तो मैं उन सबको छोड़ने के लिए रेलवे स्टेशन गयी. अचानक बाली रानी ने जीभ की नोक सुपारी के छेद में घुसाने की कोशिश की. लंड से चूत में मजे लेने वाली सारी ही गर्म चूत मेरी दीवानी हो गयी हैं.

जब मैं भार्गव का लंड अपने मुँह में लिए हिला रही थी, तभी अचानक रुमित और तुषार वहां आ गए … और उन्होंने हम दोनों को ये सब करते हुए देख लिया.

अब मेरी बारी थी उसके लंड पे उछाल मारने की … मैं उसके लंड के ऊपर कूदने लगी. मैंने लजाते हुए उससे कहा- चल भाग पागल सी … ना हो तो!वो मुझे आंख मारते हुए चली गयी. मैंने उसकी जांघों के अन्दर वाले हिस्से को चूमा, तो उसने अपनी जांघें ज़ोर से भींच ली.

उसके घर में फ्रेश होने के बाद तुषार मुझे अपने बाइक पर बिठाकर उधर ले आया, जहां मैंने एक्टिवा रख दी थी. मुझे तो बहुत मजा आ रहा था और उन्हें भी आनन्द आ रहा था ऐसा मुझे लगा. मैं- चल अब फटाफट कपड़े उतार और लेट जा … मेरा लंड देख तुझे देखते ही खड़ा हो गया.

पांच सात मिनट बाद बोली- आप का तो हुआ ही नहीं?मैं बोला- अब तेरा मुंह किस काम आएगा? आज से पहले किसी का पानी पिया है?मंजू बोली- मुझे इसका स्वाद अच्छा नहीं लगता.

और मेरी कलाई के बराबर मोटा होगा, लण्ड नहीं पूरा मूसल लग रहा था।मैं सोचने लगी कि इसके मारे तो मेरी चीख निकल जायेगी. अंकल ने मेरे पैर खोलने की कोशिश की पर खोल नहीं सके, पता नहीं मेरे अन्दर कौन सी ताकत आ गयी थी.

जानवर ने की बीएफ मेरी चूचियों पर लगे अपने वीर्य से मेरे मम्मों की अच्छे से मालिश करके मेरी गांड पे हाथ मार कर संतोष जी बोले- चूत के बाल छोटे छोटे कर लेना, एकदम साफ मत करना. मुस्कुराते हुए बोली- मैंने भी जिस दिन आपको देखा था यही कहा था कि काश मेरा पति ऐसा होता.

जानवर ने की बीएफ अब जब उस का पति दुकान चला जाता और मैं घर से बाजार जाने का बोल कर उसके पास आ जाता. लण्ड को वो बमुश्किल आधा इंच ही अंदर बाहर कर रहा था।धीरे धीरे उसने अपनी रफ्तार बढ़ानी शुरू की। उसे अपने लण्ड पर गाँड का कसाव मूंग के हलवे की तरह लग रहा था। लण्ड का अहसास रिया को भी बहुत आनन्ददायक लग रहा था।गाँड के अंदर जो नर्व एन्डिंग्स होती हैं वहां पर रिया को लंड का घर्षण बहुत मजा दे रहा था.

मैंने उसे पहले तो जी भर के चूमा और फिर अपनी एक उंगली चूत की दरार में डाल दी.

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मेरा बॉयफ्रेंड भी मुझसे कई बार बोल चुका है कि चलो होटल में चलते हैं. मैंने उसके सामने देखा … और हम दोनों एक दूसरे के सामने मुस्कुरा दिए. मैं उसे ऐसे जाने तो नहीं देना चाहता … मगर आगे की सोच कर बोला- ठीक है जाओ … मगर ये आग जो लगाई हो, उसे कब बुझाओगी.

फिर हमारे बॉयफ्रेंड हमें छोड़कर चले गए, खुशी ने उसको हद पार करने नहीं दिया था. मतलब वह हम दोनों के साथ चुदाई के लिए तैयार हो चुकी थी, अब हम दोनों सुमन को रात भर चोद सकते थे।देखते ही देखते हरकेश का हाथ सुमन के दूध पर चला गया और वह दूध को मसलने लगा. मेरे काम का समय दस से नौ का होने के कारण मैं यहां कोई गर्लफ्रेंड नहीं बना पाया था.

उसके बाद बोली- मस्त आइटम है!गिलास को लेकर एक बार में खाली कर गिलास रख कर मेरे लण्ड को चाटने लगी.

जब मुझे लगा कि मेरा माल निकल जाएगा, मैंने हल्के से नम्रता के गाल पर एक चपत लगायी. अरे बेटा, तेरी कोई पक्की सहेली होगी न तू उससे बात कर ले और वो तेरे घर पर बता देगी कि वो तुझे पढ़ाई के लिए उधार दे रही है और बाद में ले लेगी. जब इतनी सारी चुसाई के बाद और चुसाई के बाद मेरा लौड़ा 5 मिनट में खड़ा ना हो, तो मैं मर्द किस काम का.

मेरी ब्रो सिस सेक्स स्टोरी में अब तक आपने पढ़ा कि मैं अपनी बहन के चुदाई करके उसे अपने सीने से लिपटाए हुए सो गया था. अब रश्मि मेरे लंड को अपनी चूत में मनचाही जगह घुमाने लगी, जिससे उसको अलग मजा आने लगा. लेकिन जब मैंने घर पर बोला कि ऐसे मुझे बाहर जाना है काम से दो दिन के लिये … तो मेरी पत्नी भी मेरे साथ जाने के लिये तैयार हो गयी.

अंकल जी ने मुझे देखा और अपने होंठों से मुझे चूमने का इशारा कियामैंने भी वैसे ही अपने होंठों से हवा को चूमा और सिर झुका लिया. ऐसे ही दो दिन निकल गए, तीसरे दिन रात को ऑफिस से घर लौटा, तो देखा श्रीमती जी मुँह फुला कर बैठी हैं, वो कुछ बात भी नहीं कर रही थी.

उस दिन मैंने ध्यान दिया कि वह मुझे नीचे ही नीचे तिरछी नजर करके देख रही है. मुझे थोड़ा आराम मिला, तो मैंने इशारे से मुँह पर से हाथ हटाने को बोला. पर मैं तुम्हारे मुंह से सुनना चाहती हूँ।जब उन्होंने यह बात बोली तो मैंने भी बिना किसी हिचकिचाहट के कह दिया- आपके बूब्स बहुत मस्त हैं.

हम तीनों लड़के तीनों लड़कियों को चोद रहे थे।सतीश ने अब मुस्कान को गोद में से उठाया और घोड़ी बना कर पीछे से उसकी चूत में लंड डाल दिया.

दोस्तो, मैंने सारा को सीधा लिटाया और थोड़ी सी रूई सारा के दायें चूतड़ के नीचे, एक छोटा सा कपड़ा उसकी गांड के नीचे और एक फूल उसके बाएं चूतड़ के नीचे रख दिया. डॉली के जाने के बाद मुझे लगा कि गुप्ताइन को सेट करना पड़ेगा लेकिन कैसे? यही उधेड़बुन थी. 8-10 धक्के तेजी के साथ लगाकर कुत्ता पलट गया और उसका लंड कुतिया की चूत में ही फंस गया.

लेकिन उसके अलावा और कोई ख्वाहिश हो तो बताओ, जैसे बियर या दारू … वाईन. वो कूल्हे उठा कर चल रही थी। रिया गाण्ड को मटकाती हुई सीधी बाथरूम की तरफ़ चली गई।रमेश आराम से लेटा हुआ था.

रुमित बोला- अरे आशना अब किससे शर्मा रही हो … मुझसे या तुषार से?तब मैं शरम के मारे कुछ नहीं बोल सकी. दोस्तो, मेरा ऐसा मानना है कि सुबह के समय में सेक्स करने का मजा ही कुछ और है. उस वक्त तो मुझे बस उसकी चूत का स्वाद चखना था जो मेरा लंड उसकी चूत में जाकर मुझे उपलब्ध करवाने लगा था.

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एक दिन जब कुछ लड़कियां, मुझसे एक विषय में कुछ दिक्कत थी, उसको पूछने आयी थीं, तब अर्चना भी वहीं थी.

रमेश के लंड से वीर्य की 5-6 पिचकारियां निकलीं और बहुत सारा वीर्य उसने अपनी बेटी की गांड में भर दिया. जैसे ही उसकी जुबान मेरे सुपारे पर लगी, तो मेरे भी मुँह से आह निकली और मेरे लंड से पिचकारी निकल पड़ी. जब तक तेरी जीभ का रस अच्छे न पी लूंगी और अपनी जीभ का रस पिला न दूंगी.

अगले दिन जब उन्होंने मेरे साथ छुपा-छिपी खेलने के लिए कहा तो मैंने ये कहकर मना कर दिया कि मेरे पैर में दर्द हो रहा है. अंकल ने मुझे अपनी बांहों में जकड़ा और अपने होंठों से मेरे होंठ बंद कर दिए. बुआ की सेक्सी फिल्मवो मुझे हटाने की कोशिश कर रही थी लेकिन मैंने अपना मुंह जैसे चाची की चूत में चिपका ही लिया था.

सुबह सुबह मज़ा आ गया।दिन भर काम और बाद में शाम हो गयी।मैं तैयार होने लगी। ब्लाउज पेटीकोट में थी तब उपिंदर आया, मेरी एक चुम्मी ली और बोला- आज दुल्हन बन रही है, वो भी दो दो दूल्हों की। पर सुहागरात तेरी नहीं होगी. कुछ देर आराम करने के बाद हमने नाश्ता किया तो दिलिया बोली- आमिर, डॉक्टर को दिखा लो, कहीं कोई दिक्कत न हो गयी हो?मुझे भी उसकी बात जंची.

मेरी सिसकारी निकल गयी और मैंने एक तीखी सांस में ये जता दिया कि मुझे मजा आ रहा था. लेकिन जब मैंने घर पर बोला कि ऐसे मुझे बाहर जाना है काम से दो दिन के लिये … तो मेरी पत्नी भी मेरे साथ जाने के लिये तैयार हो गयी. उसके बाद उसने तौलिये को गीला किया और अपनी टांगें फैलाकर चूत अच्छे से साफ की.

लूट लो मुझे जी भर के!” साली जी ने मुझे चूमा और तूफानी स्पीड से अपनी कमर चलाई और …जीजू, लगता है धरती हिल रही है, भूकम्प सा आ रहा है आहाआआआ, मुझे कस के पकड़ लो आप!” वो मिसमिसा कर बोलीं और मुझसे जोंक की तरह लिपट गयी. हार कर वसुन्धरा ने ख़ुद को मेरे रहमो-करम पर छोड़ दिया और लम्बी-लम्बी सीत्कारें लेने लगी- आह … ह … ह! हाय … ऐ … ऐ …! सी … इ. दो तीन बार प्रयास करने के बाद अंकल ने मुझे गुदगुदी करनी शुरू कर दी, उसकी वजह से मेरी पकड़ ढीली पड़ गयी, तो अंकल झट से मेरे पैरों के बीच आ कर पैरों को अलग किया.

बाद में उन्हें उसी कम्पनी के मार्केटिंग विभाग में भेज दिया गया तो वे दूसरे शहरों में जाने लगे.

इसीलिए मैंने तुमसे बिना पूछे ही तुम्हारा पूरा बीज अपने अन्दर ले लिया. फिर मैं पलंग से नीचे उतरकर उसकी कमर तक के हिस्से को बेड के बाहर खींच लिया.

उसने बताया उसका पति एक अखाड़े का पहलवान है, उसका लंड बहुत बड़ा और मोटा है. उन्होंने मेरे दूधों को जोर से चूसना शुरू कर दिया और मैं तड़पने लगी. रानी तुम्हारी गांड बहुत रसीली है, मुझे लग रहा है, मैं मुठ नहीं तुम्हारी गांड ही मार रहा हूं.

मूवी खत्म होने से थोड़ी देर पहले मैंने अपने आपको ठीक किया और हम घर निकल गए. ऐसे ही कुछ मिनट लंड चूसने के बाद मैंने अपने लंड के ऊपर कंडोम चढ़ा लिया. फिर जैसे वो अपने मोटे लंड से मेरी चूत को चोदता है, वैसे ही वो मेरे मुँह को चोदने लगा.

जानवर ने की बीएफ फिर हम दोनों ने कपड़े पहन के थोड़ी देर आराम किया और शाम होते ही दीपाली अपने घर लौट गयी. इस पर मेरी जानू ने जवाब दिया- इसमें ख़ुशी किस बात की, मुझे अच्छा लगा तो तुम्हारे लिए ले लिया.

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जब भी मैं उसके आधे से ज्यादा स्तन को अपने मुँह में भर कर गांड उठाता था … तो वो मजे से और भी ज्यादा सिहर उठती थी. मैं तुम्हारे जिस्म के एक-एक हिस्से को अपनी जुबान में, अपने दिल में और अपने दिमाग में महसूस करना चाहता हूँ. जो तुम चाहते हो!”नताशा … वैसे तो मधुर मुझे प्रेम सम्बन्ध के समय पूरा सहयोग करती है पर उसे पता नहीं क्यों एक काम बिल्कुल अच्छा नहीं लगता.

डॉक्टर ने कहा- मैं शाम को आ जाऊंगी, फिर सब कर के दिखाना, तब तक आराम करो. मैं बोर हो रही थी तो सोचा कि बहुत दिन हो गये गेस्ट हाउस की सफाई नहीं हुई तो जरा उधर की बैडशीट वगैरा बदल दूँ. गोपी बहू सेक्सीमैंने कहा- भाभी, आपसे मैंने पहले ही पूछा था कि आप बुरा नहीं मानेंगी इसलिए मैंने आपसे ये सब कहा.

सेक्स के प्रति मेरा अधिक रुझान होने के बावजूद भी मैं नहीं चाहती कि किसी पड़ोसी के साथ मेरा चक्कर चले.

वैसे जब मैंने प्रतिभा को डांस सीखने दौरान छुआ था, तब भी मन मचल उठा था, पर उस समय मैं असहाय था और मन की कामाग्नि को दबा लेने के सिवाए मेरे पास कोई दूसरा उपाय नहीं था. रोजाना की तरह पेशाब के कारण मुझे नंगा ही सोना पड़ता था, तो मैं माँ के पास आकर सो गया.

अर्चना को धीरे धीरे चुदने में इतना मज़ा आने लगा कि उसकी मदभरी आवाजें ‘आह आह राहुल … और तेज चोदो उम्मह. बस ठीक उसी समय एक बार फिर नम्रता का फोन बजा और साथ ही मेरा फोन बजा. मुझे पापा की मजबूरी भी समझ आती थी; चपरासी की नौकरी में उन्हें तनख्वाह मिलती ही कितनी सी थी, ऊपर से पांच छः लोगों का परिवार, उन्हें खुद दारू पीने की लत थी और मेरी बड़ीबहन की शादी का कर्जा भी अभी चुकाया नहीं गया था.

मैंने हैरत से देखते हुए ऐसे इजहार किया जैसे उसका लंड को बड़ा लम्बा समझ आया था.

चुदी हुई भाभी मेरे बगल में आकर सो गईं, लेकिन मेरी आंखों से नींद कोसों दूर थी. वो बारी बारी से जीभ चलाती या फिर दांत से काट लेती। ऐसा करते-करते वो मेरे सीने, पेट और नाभि को चाटते-चाटते मेरे खड़े लंड पर अपनी जीभ फेरने लगी. सच में जब माणिक मेरी जांघों को हल्का हल्का मसल रहा था, तब मुझे ये सब बहुत अच्छा लग रहा था.

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उसके बाद थॉमस को मैंने बेड पर लेटा दिया और उसकी शर्ट के सारे बटन खोल दिए. मेरे हाथ जब उसकी चूचियों को सहलाते हुए उसकी बगल में गये तो वहां बिल्कुल भी बाल नहीं थे. अभी भी उनका एक हाथ मेरी चूत पर था और रह रह कर फांकों के बीच उंगली चला रहे थे.

मैंने भी पार्टी की तैयारी कर ली और कुछ सामान खाने के लिए ले आया और पीने के लिए ड्रिंक्स भी ले आया. उसने मेरी दोनों टांगों को अपने कंधों पर रखा और मेरी गांड के नीचे एक तकिया लगा दिया. सतीश से चुद रही मुस्कान भी सिसकारियाँ निकाल रही थी।तभी मैंने देखा मोनू और प्रियंका ने कुछ बात की और दोनों बैड से नीचे उतर कर मुस्कान के पास चले गये। प्रियंका ने सतीश से घोड़ी बन कर चुद रही मुस्कान की गांड को हाथों से खोला और उसे ध्यान से देखने लगी।मैंने और सीमा ने उसे ऐसा करते देख लिया.

मैंने भी उसके होंठों को अपने होंठों में ले लिया और उसकी जीभ पर अपनी जीभ रख कर उसे अपनी बांहों में लिपेट कर उसकी चूत से निकल रहे रस को महसूस करने लगा. उस नौजवान गबरु इस तरह से यह पहला नारी स्पर्श था और वह भी मेरे जैसी नारी का स्पर्श! उसका लंड पूरे शबाब पर था और मेरी पैन्टी के ऊपर से ही मेरी चूत पर बार बार ठोकर मार रहा था. फिर जब मेरी हिम्मत और बढ़ी, तो मैंने भाभी की चुत में अपनी दो उंगलियां अन्दर कर दीं और उनको अन्दर बाहर करने लगा.

उसने तुरंत ही मेरा लंड अपने हाथ में पकड़ा और मेरे लंड को देखकर बोली- बाप रे समीर. मेरे मुंह से भी उम्म्ह… अहह… हय… याह… कामुक सिसकारियाँ निकल रही थीं.

मेरे पति के प्रमोशन के बदले उसके बॉस की नजर मेरी जवानी पर थी, मुझे लगा कि वो मुझे चोदना चाह रहे हैं.

रमेश को पता नहीं क्या सूझा कि वो बोला- खाना हो गया हो तो अब पानी भी पी ले साली रंडी. ब्लू सेक्सी एचडी वीडियो फिल्मनम्रता ने मेरे दोनों कलाईयां पकड़ीं और मेरे हाथों को अपने मम्मों पर रख दिए. गुजराती एक्स एक्स सेक्सीथोड़ी देर बाद हम दोनों ने कपड़े पहने और मैं तुषार की बांहों में अपना सिर रखकर पड़ी रही. इसी बीच तुम्हारी स्टोरी आधी हकीकत आधा फसाना अन्तर्वासना पर प्रकाशित हुई.

मेरी दीदी की चुत में मेरे पति का लंड कैसे घुस सका, ये आपको मैं अपनी जीजा साली सेक्स कहानी के अगले भाग में लिखूंगी.

”नीतू इधर तुम अपनी जवानी के जलवे बिखेर कर मुझे सता रही हो और उल्टा मुझे ही कह रही हो कि मत सताओ. मेरी पलकें अपने आप एक-दूसरे से अलग होने लगीं। मूतने के बाद लंड को अन्दर करके बाहर की तरफ निकलने लगा तो बाथरूम के दरवाजे पर शुभ्रा खड़ी थी. मैं दोबारा दो तीन मिनट में दीदी की चुत के अंदर झड़ गया पर फिर भी उन्होंने कुछ नहीं कहा.

मुझे ऐसा लग रहा था कि मेरे लिये चादर ही किसी बुर से कम नहीं है और मैं शुभ्रा की चूत चाटने के साथ-साथ अपनी कमर उठा-उठाकर लंड को सेट कर रहा था. वो अन्दर पानी लेने गयी, तो अपनी गांड कुछ ज्यादा ही मटकाते हुए चल रही थीं. वो अक्सर टाइट टॉप और लैगी पहन आती थीं, जिससे उनका फिगर बिल्कुल साफ झलकता था.

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कुछ देर बाद मैंने अपनी स्पीड बढ़ा दी और पूरा रूम हम दोनों की धकमपेल चुदाई की आवाज़ों से गूंजने लगा. तो परसों तुम मेरे घर चलोगी, वहीं पर एक-दो राउन्ड चुदाई का चलेगा और फिर मैं तुम्हें मेरी बीवी की अलमारी दिखाउंगा. फिर मेरे माथे में किस करने की शुरुआत कर दी … इसके बाद मेरे होंठों में किस, फिर मेरी गर्दन में किस की.

अब मैं शीना की चूत के अन्दर झड़ रहा था और मेरी हर एक पिचकारी शीना अपनी चूत में महसूस कर रही थी.

वह बहुत हैरान हो गई थी, उसे उम्मीद नहीं थी कि मैं उसके चेहरे पर अपना वीर्य छोड़ दूंगा.

उसने रंडियों की तरह मेरे लंड को हाथ में लेकर हवस भरी नजर से देखा और फिर अपने गुलाबी होंठ खोल कर मेरे गुलाबी गर्म सुपाड़े को मुंह में भर कर मेरा लंड चूसने लगी. उसके इस खेल के आगे थोड़ी ही देर बाद मेरे लंड ने हार मान ली और मेरा वीर्य उसके मुँह में गिरने लगा. बिहारी हिंदी सेक्सी पिक्चरइस पोजीशन में मेरा पूरा लंड उसकी चूत में फंस गया और उसने मजे से मेरी गर्दन को अपने हाथों से जकड़ लिया.

मगर साथ ही इस बात का भी ध्यान था कि मोनी को भी तृप्त करना बहुत जरूरी है. तभी थॉमस ने अपना लंड मेरी चुत से बाहर निकाल लिया और मैं भी झट से थॉमस को बिस्तर पर लिटा कर उसके ऊपर आने लगी. इस तरह से काफी सहेलियों की चुदाई की बातें सुन कर मैं बहुत गरम हो जाती, पर मेरी चुत की प्यास बुझाने वाला कोई लंड नहीं था.

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इसके बाद मीरा ने फ्रिज से आइसक्रीम निकाल कर चार कटोरियों में सजाई, जिसमें से उसने दो कटोरियों में नींद की दबा मिला दी, जो उसने रितेश से मंगवाई थी.

मैंने दूसरे हाथ की मदद से उसकी बुर को खोल कर रखा और दूसरे हाथ की तीनों उंगली एक साथ डालने लगा. इस पोजीशन में मेरा पूरा लंड उसकी चूत में फंस गया और उसने मजे से मेरी गर्दन को अपने हाथों से जकड़ लिया. पूरा वीर्य मेरी चुत में निचोड़कर अंकल थक कर मेरे ऊपर लेट गए, मैं भी सेक्स की वजह से चूर हो गयी थी.

पुलिस वाली मैडम की सेक्सी इस नंगी कहानी के पहले भागप्यासी चूत और भूखे लंड की कहानी-1में अब तक आपने पढ़ा कि मुझे टेम्पो में जाते समय एक रश्मि नाम की प्यासी औरत मिल गई थी और उसकी चूत का भोसड़ा बनाने की नियत से मैं उसे अपने दोस्त के कमरे पर ले गया और उसके साथ चूमाचाटी में लग गया था. मेरी सहेली ने बताया कि उसका पति सुबह 8-8:30 के बीच निकल जाएगा और शाम को देर से ही वापस आएगा.

कहकर उसने मेरा हाथ पकड़ा और मामा के कमरे की तरफ मुझे लेकर चल दी और झरोखे से झांककर अन्दर का नजारा देखने लगी और फिर मुझसे इशारा करके देखने के लिये बोली।अन्दर का सीन देखकर मेरी आँखें फटी की फटी रह गयीं. सोच रही थी कि लंड बस अब घुसने ही वाला है मगर वो बार-बार इधर-उधर फिसल जा रहा था. फिर नम्रता ने खड़े होते हुए और कुछ कदम पीछे होकर अपने दोनों हाथ और पैरों को फैलाते हुए कहा- मेरी जान तुम्हें भी मेरी चूत देखने की तमन्ना थी, लो जी भर के देख लो.

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मैंने भाभी की चूत पर हाथ फेरना चालू किया और फिर धीरे से एक उंगली उनकी चूत में सरका दी. वह बर्दाश्त कर गई और इस बात का फायदा उठाते हुए मैंने थोड़ा और जोर से उसकी चूचियों को गूथने लगा. दोस्तो, यह थी मेरी और अदिति की प्रेमकहानी … इसके बाद हमारे बीच कई बार सेक्स हुआ, उसकी कहानी फिर कभी लिखूंगा.

उसकी चूत थोड़ा थोड़ा पानी छोड़ने लगी थी, फिर अचानक से वो कड़क सी हो गयी और ‘आह आह आह आह औह. मैंने रजाई हटाई तो उसका लंड पूरा अकड़ा हुआ था, मेरी भी नियत दुबारा से खराब हो गई और मैंने जैसे ही उसके लंड को टच किया तो पवन ने एकदम मुझे दबोच लिया और अपने नीचे ले लिया और सुबह सुबह एक बार और अपने लंड की सवारी मुझे करवा दी.

मेरे सीने पर अपनी बांहों को कसते हुए उसने कहा- सर जी, अब जब आग लगायी है तो इस आग पर पानी भी डाल दीजिये.

बस फिर क्या था, लंड महराज ने नम्रता की गांड की घिसाई करना शुरू कर दिया. निखिल साइन्स में ग्रॅजुयेशन का स्टूडेंट था और रीमा फिज़िक्स में मास्टर्स कर रही थी. मैंने गुस्से में जोर से कहा- राज ये क्या बदतमीजी है?तुम हो ही इतनी सुंदर कि बदतमीजी करने को दिल कर रहा है.

मेरी चूत को चोदते हुए भैया के मुंह से आह्ह् … ओह्ह जैसी आवाजें निकल रही थीं. जब मैंने संजना और शीना को अपनी आंखें खोल कर देखा कि वह क्या कर रही है, तब मुझे बहुत ही ज्यादा खुशी हुई कि 2 औरतें मुझसे इतना प्यार करती हैं. बस फिर क्या था, लंड महराज ने नम्रता की गांड की घिसाई करना शुरू कर दिया.

उस दिन मैंने एक पीले रंग की कुर्ती और उजले रंग की लेगिंग पहन रखी थी.

जानवर ने की बीएफ: मुझे अपनी गोद में बिठाकर रवि अपने दोनों हाथों से मेरी निप्पल्स को मरोड़ने लगा. फिर मैंने उसके तने हुए निप्पलों को अपने हाथ में लेकर कचोटते हुए जोर से मसल दिया और वो सिहर उठी.

फिर वो मुझे अलग करके अपने कपड़े पहनने लगी और अपनी सलवार का नाड़ा बांधने लगी. पांच मिनट तक किसिंग करने के बाद मनीषा ने उठने का इशारा किया और बोली- मनोज आ जायेगा, हमें उठ जाना चाहिए. वो एक टाईट शर्ट पहने हुए थी, जिसमें से उसके चूचे तने हुए और बड़े बड़े दिख रहे थे.

क्योंकि मैंने मेरे हाथ की बीच की उंगली को सीधा उसके क्लिट पर रगड़ना शुरू कर दिया था.

वंश ने मेरी पेंटी उतार दी और मेरी टांगें अपने कंधे पर रख कर मेरी चूत में अपना मुँह लगा दिया. भाभी मेरे लंड से खेलते हुए बोली- मुझे मां बना दो प्लीज …मेरा लंड अब दोबारा से खड़ा हो चुका था. फिर तो जैसे मुझे इसकी आदत ही लग लग गई और जब भी मुझे कोई सेक्स कहानी ज्यादा अच्छी लगती, तो उसकी लिंक मैं सुमन और खुशी को भी सेंड कर देती थी.