एक्स एक्स एक्स सेक्सी मूवी बीएफ हिंदी

छवि स्रोत,सेक्सी एचडी वीडियो हिंदी सेक्सी

तस्वीर का शीर्षक ,

पिक्चर सेक्सी बीपी: एक्स एक्स एक्स सेक्सी मूवी बीएफ हिंदी, अब उसकी चुत गीली होने के कारण लंड बड़ी आसानी से अन्दर बाहर हो रहा थाअब चुदाई में ‘धप … धप …’ आवाज आ रही थी.

किशन सेक्सी

उनका चेहरा अब टमाटर की तरह लाल हो गया था और होंठ थरथराने से लगे थे. सेक्सी पिक्चर नंगी देखने कीमुझे मालूम है कि आप यही जानना चाहते हो कि मेरी बहन मुझसे चुदी या नहीं.

भाभी बर्तन धो रही थी, मुझे देखते ही बोली- क्या बात है … तू तो बिना कहे ही किताबें लेकर आ गया?मैंने कहा- हाँ भाभी, मैंने सोचा आप बोलो, इससे अच्छा है खुद ही ले चलूँ।फिर बर्तन धोकर भाभी आई और मुझसे बोली- चल बता … मैथ पढ़ेगा या सोशल स्टडीज़?मैंने कहा- भाभी आज टी. फिल्में सेक्सी फिल्में सेक्सीउसकी चूत पहले से ही साफ थी, इसलिए उसने कहा- इस पर अपना मुँह मारो और चूत पर मुँह से धक्के मारो ताकि चूत के आस पास का सारा हिस्सा खुश हो जाए कि आज उसको कोई मिला है.

उसने कहा कि उसे तारा और बाकी विदेशी लड़कियों में देसी और बॉयलर मुर्गी जैसा फर्क महसूस हुआ.एक्स एक्स एक्स सेक्सी मूवी बीएफ हिंदी: तो वह एकदम से आहें भरने लगा और तभी जो दूसरा नीग्रो मैक था, वह सामने से मेरे ऊपर तरफ आ गया और मेरे सीने को और नाभि को चूमने लगा.

30 पे उसका कॉल आया पूछने के लिए मैं कब तक निकलूंगा फैक्ट्री से!मैंने ‘पांच मिनट’ बोल कर फ़ोन काट दिया.कोई परेशानी हो तो बताइए?रेवती की मां बोलीं- नहीं सरस, कुछ पूजा का सामान रह गया है, वहीं लाना है यहीं पास से.

മലയാളം sax - एक्स एक्स एक्स सेक्सी मूवी बीएफ हिंदी

उसने कहा कि उसे तारा और बाकी विदेशी लड़कियों में देसी और बॉयलर मुर्गी जैसा फर्क महसूस हुआ.अब तक की मेरी सेक्सी कहानी के पहले भागमेरे दोस्त ने मेरी भाभी को चोदा-1में आपने पढ़ा था कि मेरे दोस्त ने उनको चोदने का पूरा तय कर लिया था.

लेकिन जब भी फिल्म देखते तो बहन कहती कि फिल्म देखते हुए उसे नीचे खुजली होती है. एक्स एक्स एक्स सेक्सी मूवी बीएफ हिंदी इस बीच एक बार तो उनकी ज़ुबान की कामुक हरकतों से मेरी चूत पानी पानी हो गई.

लखनऊ के करीब आकर मैंने उससे उसका नम्बर मांगा तो उसने अपना मोबाइल देते हुए कहा- अपना नम्बर भी सेव कर दो.

एक्स एक्स एक्स सेक्सी मूवी बीएफ हिंदी?

ग्राउंड फ्लोर पर ताऊ जी रहते हैं, दूसरे फ्लोर पर मेरे माँ डैड और लास्ट फ्लोर पर दो रूम थे, जिसमें एक में मैं और दूसरे में मनीषा रहती थी. फिर उसके कंधों को चूमता हुआ उसके पेट तक आया मेरे हर किस पर पायल तड़प रही थी. तो मैंने उसका फोन उठा लिया और खोला देखा कि वो अपने फोन में पोर्न मूवी देख रही थी.

इतना दर्द महसूस हुआ कि जैसे मेरे नीचे कोई गहरी चोट या घाव लग गया हो. थोड़ी देर बाद ही वो मुझे हाथ में प्लास्टिक की थैली लेकर आती दिखी जिसमें बियर और एनर्जी ड्रिंक था. अभी तो 90% लिंग बाहर ही था, धीरे धीरे मुझे राहत मिली तो मैंने अपनी पकड़ थोड़ी ढीली की, टांगों को भी हल्का छोड़ दिया.

माइक ने भी जवाब में तारा के चूतड़ों को दबोच कर उसे अपनी ओर जोर से दबाया. फिर वो लंड निकाल कर बोली- आराम से मजा ले … मैं कहीं भाग नहीं रही हूँ … मेरी जान लोगे क्या … सांस तो ले लेने दो. मैंने सोचा कि यह उसके अन्दर की कामकुता की भावना और उसके औरतपन के साथ नाइन्साफ़ी है.

रोज रात को अपनी खिड़की खोल कर रखती और मेरी खिड़की के खुलने का इंतजार करती. पूजा जैसे जैसे मेरे लंड को चूस रही थी, उसके मुँह से घुटी घुटी आवाज़ निकल रही थी.

यह ग्रुप सेक्स की कहानी आपको अच्छी लगी या नहीं? आपके लंड या चुत से पानी निकलने में मज़ा आया या नहीं? मुझे ईमेल ज़रूर कीजियेगा.

फिर उसने मुझे छोड़कर वहीं से एक पेपर उठाया और अपना लंड पौंछ कर जल्दी से कपड़े पहन लिए.

मेरी जीभ जैसे ही पूजा की चूत के छेद के अन्दर गयी, तो पूजा ‘उम्म्ह… अहह… हय… याह…’ कर उठी और वो बोलने लगी- हाय मेरे राजा, चूसो चूसो मेरी चूत को. मेरी एक बड़ी प्रॉब्लम है कि मैं हर एक खूबसूरत स्त्री से प्रेम करने लगता हूँ, तो शायद उनसे भी करने लगा. सोनल- प्रकाश वहां वाल पे एक हुक है … तुम एक काम करो, ये रस्सी से मेरे हाथ बांध दो और वो हुक में रस्सी बाँध दो.

मेरी जवानी उफान मार रही थी तो मैंने खुद से केबिन की कुण्डी लगायी और शिवानी को कहा- बेटा, तुम्हारे भैया मुझे अब प्यार करेंगे. मैं तो सोच रहा था कि नेहा अपने आप ही मेरे लंड को अपने मुँह भर लेगी, मगर वो तो मेरे लंड को बस आंखें फाड़ फाड़ कर देखे जा रही थी. लेकिन लंड को चूत की जो गर्मी मिली, उस अहसास को मैं शब्दों में बयान नहीं कर सकता कि कितना मज़ा आया.

वो मुझे अपने बेडरूम में लेकर गयी और वो सीधे मेरे ऊपर आके मुझे पागलों की तरह किस करने लगी.

मैंने कहा- ठीक है यार, मुझको बतलाओ क्या करना है?तभी नीरू ने कहा- आप तो बहुत सीधे बन रहे हैं. शीतल कभी अपने बड़े बेटे का लंड चूसती तो कभी अपने छोटे बेटे का … क्योंकि दोनों का लंड बहुत मोटा था और एक साथ उसके मुँह जा नहीं सकता था. घर में पढ़ाई का माहौल ना होने के कारण मुझे शहर में किराए का कमरा लेना पड़ा.

मेरे पास अब लम्बा मोटा और ताक़तवर लंड था जो किसी भी औरत की चीख निकाल दे. प्रिया की इस अदा पर मैं मुस्कुराये बिना नहीं रह सका और उसके पीछे पीछे सुलेखा भाभी के पास चला गया. वो मेरे सुपारे को जीभ से चाट रही थी, आंडों को मुँह में लेकर चूसते हुए मुझे काम का पूरा सुख देने में लगी हुई थी.

मुनीर तो पागलों की तरह तारा के बालों को जोर से पकड़ सिसकारी भरी आवाजें निकालने लगी और थोड़ी देर में माइक को बुलाने लगी.

वो उत्तेजित हो उठी लेकिन नारी सुलभ लज्जा के कारण बोली- छोड़ दो मुझे मुनीम जी!मैं कहाँ छोड़ने वाला था … मैं उसके होंठों को चूम लिया, उसकी चूचियों को मसलने लगा. मैंने पिछले 4 महीने से संभोग नहीं किया था और ये सब देख मुझसे रहा नहीं गया.

एक्स एक्स एक्स सेक्सी मूवी बीएफ हिंदी मैं जाग रही थी, आते ही वह रजाई में घुस कर मुझसे चिपक गया। रजाई में घुसने पर उसको पता चल गया कि मैं नंगी हूँ, वह अपने हाथ मेरे ऊपर फिराने लगा। वह मेरे मम्मों को टटोल रहा था. मेरे कदम भी आगे बढ़ने लगे और मन में कभी हां कभी ना सोचते गेट पर चली गई.

एक्स एक्स एक्स सेक्सी मूवी बीएफ हिंदी आप अपने बारे में बताओ। आपकी कैसे गुजरती है? शादी तो आपकी भी नाकाम हुई लेकिन चूत तो आपको भी चाहिये ही होगी न?”मैं तो मर्द हूँ. मैं हमेशा ही कंडोम का इस्तेमाल करता हूँ जिस वजह से ‘कहीं कंडोम निकल ना जाए’ इस बात पर ध्यान जाता है और इस वजह से चुदाई भी थोड़ा ज़्यादा देर चलती है.

जिनका वो घर था, उन अंकल ने मेरी नाक को अपने मुँह में भर लिया और मेरी नाक चूसते हुए बोले- वन्द्या तुम्हारी नाक बहुत सेक्सी है, तुम बहुत बड़ी माल हो, तुम्हें आज बहुत मजा आएगा.

सेक्सी वीडियो एचडी कार्टून

उनकी उस बिल्डिंग में और भी मस्त पीस यानि औरतें थीं, जो शायद ये जासूसी करने लग गईं कि मैं कहाँ से और क्यों आता हूं. जब मैं पूरी तरह से चुद चुकी, तब उसने अपना लंड बाहर निकाल कर मुझे छोड़ा. लेकिन कुछ देर की चुदाई के बाद वो अपने चूतड़ों को उठा उठाकर मेरा लंड पूरा अन्दर लेने लगी.

जब उसने कोई आपत्ति नहीं जताई, तब मेरा हौसला बढ़ा और पीछे से ही मैंने उसके सूट में हाथ हाथ डाल कर उसकी चूची पकड़ ली. अब श्यामा जगेश के सामने अपनी ब्रा खोल कर बैठ गई और वो उसके मम्मों को दबा दबा कर मुँह में लेने लगा. उसने कुछ और दम लगाते हुए जोर के झटके लगाए और तारा को स्थिति बदलने को कहा.

उनका लंड मेरे मुँह की तरफ था और सर मेरी चूत को पागलों की तरह चाट रहे थे.

ये देख कर मैं तो चौंक गया … मुझे नहीं पता था कि मेरी मम्मी इस खेल की इतनी बड़ी खिलाड़िन होंगी. मैं पागल होने लगा था, मैंने कभी सोचा नहीं था कि सेक्स में इतना मजा आ सकता है. जब उनका पानी छूटा तो उन्होंने मेरा पेंट उतारकर मेरे लंड को मुँह में लेकर मेरा भी पानी निकाल दिया.

उसका बदन तो पहले से ही कामाग्नि से धधक रहा था, पर अब उसके दिलो दिमाग से भी सही दिशा मिलनी शुरू हो रही थी. पता नहीं मुझे क्या हुआ, मैंने अपने होंठ उसके होंठ से जोड़ दिए, उसने आंखें बंद कर लीं. वह पूरा डर में बदल गया, मेरे साथ यह पहली बार ऐसी स्थिति बनी मुझे कुछ समझ नहीं आया.

इसी लिए मैं आप से प्यार करती हूँ।मैं बोला- नीता, मैं भी तुमसे बहुत प्यार करता हूँ और आज तुम्हें बहुत प्यार करना चाहता हूँ।वो बोली- मैं तो आपकी ही हूँ जी! जो चाहे … करो … मैं तो तुम्हें दिल से अपना मान चुकी हूँ. मुझे इसी पल का इन्तजार था, मैं तुरन्त बस में गया और उसकी साथ वाली सीट पर बैठ गया.

उन्होंने मुझे मेरी गन्दी आदतों के बारे में पूछा, तो मैं भौंचक्का होकर उनकी तरफ देखने लगा. मैं सच बता रहा हूँ, उस दिन प्रिया की चुत ने इतना प्रेमरस उगला था कि मेरा लंड उसकी चुत‌ में घुसा हुआ होने के बावजूद भी किनारों से उसकी चुत ने प्रेमरस की इतनी पिचकारियां मारी थीं कि उससे मेरे पेट के साथ साथ मेरी दोनों जांघें भी भीग गयी थीं. अभी मैं पूरी तरह झड़ी भी नहीं थी कि अचानक एक झटके से माइक ने अपना बांया हाथ मेरे हाथ से छुड़ाया और मेरे चूतड़ को कस के पूरी ताकत से पकड़ लिया.

मैंने उसकी आँखों पे किस किया, तो वो आंखें खोल कर मेरी तरफ देखने लगी.

जब वो मुझे चाय देने झुकीं, तो मेरी आँखें फटी की फटी रह गईं, क्या बूब्स थे भाभी के. फिर वो मेरी चूचियों पर आ गया, फिर एक बार वो किसी बच्चे की तरह उनसे खेलने लगा. इतना बोल कर वो बेड पर लेट गयी और मैं अपने खड़े लंड को सहलाता ही रह गया, अब ज़ोर ज़बरदस्ती तो कर नहीं सकता था तो चुपचाप उन्हें देखता ही रह गया … बहुत ही मासूम लग रही थी वो उस समय …जब हमारी बात हुई थी मीटिंग के लिए … तब सिर्फ़ 3 घंटे के लिए ही तय हुई थी… मैंने घड़ी की तरफ देखा तो रात 11-30 बज रहे थे… और पूर्वी गहरी नींद में सो चुकी थी.

फिर यूं ही थोड़ी देर चूसते चूसते रुका और मुझसे बोला- क्या मैं आपकी ब्रा खोल दूँ?मैंने हां में बस अपना सर हिलाया, तो उसने मेरी ब्रा खोल दी और वहीं नीचे फेंक दी. इसलिए मैं अब जल्दी से प्रिया को अपनी गोद में लिए लिए ही आगे की तरफ गिर गया.

पर जितना सावधानी पूर्वक हम लोग मजा ले सकते थे वो तो लेते ही रहे और एक दूसरे के अंगों को छूते मसलते रहे. अच्छा तो बताओ आज कोई सपना आया क्या तुम्हें?उसने कहा- हां आया ना … रोज़ आता है. मैंने उठाया तो सामने से आवाज आई कि आपके बाजू में जागृति मेम रहती हैं उन्हें बुला दीजिए।तो मैंने कहा- आप फोन पर रहें, मैं बुलाता हूँ।मैं उसे बुलाने गया तो घर का दरवाजा खाली उड़का हुआ था.

चिल्ली के चुटकुले

शीतल- क्या बात कर रही है?मयूरी- और नहीं तो क्या? और तो और… वो दोनों… खैर छोड़ो.

मैंने दूसरी मसाजर से कहा कि तुम इसके पांव की मालिश करो और धीरे धीरे ऊपर की तरफ बढ़ो और कुछ मत बोलना, वो कुछ कसमसाए तो भी ध्यान नहीं देना. दोस्तो, मेरा नाम रोहित है। मैं एक छोटे से गांव में रहता हूं। कद-काठी, रंग जानने की आवश्यकता नहीं है, बस इतना जान लो कि लौड़ा 7 इंच का है।सीधे कहानी पे आता हूं। दोस्तो, मेरी सेक्स कहानी यूं ही कुछ 1-2 महीने पहले की है। मैं और मेरे भैया मवेशियों (पालतू जानवर) को लेकर जंगल की ओर चल दिए थे. उन पन्द्रह दिनों में मुझे पन्द्रह से ज्यादा मर्दों ने, उनमें दो विदेशी नीग्रो भी शामिल थे, सबने पूरे दम से मेरी चुदाई की.

मैंने हाथ को थोड़ा ऊपर उठाया पर तभी सुशीला झुक कर देखने लगी कि मैं क्या कर रहा हूँ। मैं झट से हाथ पीछे ले लिया. मैंने भाभी से सॉरी बोला तो भाभी पूछने लगीं- आज कल आते भी नहीं हो, कोई गर्लफ्रेंड पटा ली क्या?तो मैं बोला- भाभी, मेरी इतनी अच्छी किस्मत कहां कि मुझसे कोई लड़की पट सके. जिद्दी सेक्सीमैंने रेखा को हाथ मारा तो उसने मेरी तरफ देखा और इशारे में मुझसे पूछा- क्या है?मैंने थोड़ा उठकर देखा तो सभी लोग सो रहे थे.

इसलिए अब जैसे ही मेरा हाथ पेट पर से होते हुए नीचे की तरफ बढ़ा, मेरे हाथ में उनकी पेंटी में कसी गद्देदार बालों से भरी हुई‌ और फूली हुई चुत आ गई. मैंने हाथ को थोड़ा ऊपर उठाया पर तभी सुशीला झुक कर देखने लगी कि मैं क्या कर रहा हूँ। मैं झट से हाथ पीछे ले लिया.

हमने बातें शुरू कर दी, हंसी मजाक शुरू हो चुकी थी, मेरी पत्नी मेरे पास बैठी थी बातों बातों में फिर खुलकर बातें होने लगी. मैंने अपनी पत्नी की आज्ञा का पालन करते हुए अपने सुपारे को धीरे से अंदर धक्का लगाया. मैंने बोला कि अगर मैंने बताया तो हमारा ये भाई बहन का रिलेशन खत्म हो जाएगा.

थोड़ी देर मैं वैसे ही उसके ऊपर पड़ा रहा जब वो कुछ नॉर्मल हुई, तब मैंने एक और धक्का मारा, तो मेरा पूरा लंड अन्दर जा चुका था. तब उन्होंने लंड को थूक से गीला किया और उंगलियों से चूत की फांकों को फैला कर अपना सुपाड़ा सैट कर दिया, फिर मेरे दोनों कंधों पर हाथ टिकाए, मेरे होंठ मुँह में भर सर ने झटका दे मारा. अब कार जैसे ही चली जगत अंकल ने मेरी जांघ पर अपना हाथ रख दिया और दो मिनट बाद मेरी जांघों को सहलाने लगे.

दोपहर को कम्प्यूटर कोर्स से जब मैं वापस आया तो पूरे घर में शांति सी लग रही थी.

तभी मुझे महसूस हुआ कि सोनू ने मेरे लहंगे का नाड़ा भी खोल दिया और मेरा लहंगा एक झटके में नीचे आ गया. कितनी कमसिन और सुन्दर चूत थी मेरी मम्मी की। मैं सोचने लगा कि आख़िर मम्मी नंगी होकर किचन में कर क्या रही है?2-3 मिनट बाद मैंने देखा कि उन्होंने रैक से कुछ सब्जियाँ बाहर निकालते हुए उनमें से बड़े- बड़े बैंगन और मूली अलग कर लीं.

नहीं तो मैं किसी भी लड़की को अपने साथ ले जाऊं, उसे कोई आपत्ति नहीं है. तुम्हारा दिल नहीं करता उसको साथ रखने का?”वो पहले थोड़ा शरमाया, फिर बोला- पहले तो यहीं थी, वो क्या है ना मैडम जी कि वो पेट से है, तो मैं उसको कैसे अकेला रख पाता. अपनी चूत और गांड को पानी से डाल डाल कर अच्छे से साफ किया और फिर वह जो नई ड्रेस लाए थे.

पूर्वी- इट्स ओके … मुझे भी नहीं पता चला रात को!पूर्वी- अच्छा आप चाय लेंगे या कॉफी?मैं- कुछ भी चलेगा…पूर्वी- ओके…इतना बोलकर वो रसोई में चली गयी और मैं बाथरूम में फ्रेश होने चला गया. कॉफी खत्म होने के साथ ही मैंने उससे बोला- आओ मैं तुम्हें अपना बेडरूम दिखा दूँ. इस मासूम सी सेक्स कहानी में आगे जब आपको मजा आएगा जब आप मेरी बहन की चुदाई को मेरे लंड से होते पढ़ लोगे.

एक्स एक्स एक्स सेक्सी मूवी बीएफ हिंदी ये कहकर मैं अपने कमरे में आ गया और लगभग आधे घंटे बाद रेवती भी कोई बहाना बना कर मेरे कमरे में आ गई. उनकी आयु जरूर पैंतालीस साल की है, मगर वो दिखने में अभी 30-35 की ही लगती हैं.

सन्यासी आयुर्वेदा के फायदे

हम बेडरूम में पहुंच गए, मेरी पत्नी दूसरे रूम में थी, मैं नीरू और सविता एक रूम में!मैंने नीरू को पूछा- नीरू, क्या बात? इतनी रात कैसे आना हुआ? और मम्मी से क्या बोल कर आई हैं?नीरू बोली- मैंने मम्मी को बोल दिया है कि जीजी सुबह कहीं बाहर जा रही हैं, उनका हाथ बटाना है, फोन आया था जीजी जी का … तो मम्मी ने भेज दिया. और हम लोगों ने 6 दिन तक दारु और चोदने के अलावा और कोई काम नहीं किया. पूर्वी- उस टाइम तक तो आप मेरे साथ रहोगे, तो डिनर कब करोगे?मैं- यहाँ से फ्री होने के बाद किसी होटल या रेस्टोरेंट में खा लूँगा.

अब मैंने देर न करते हुए उसकी कमर के नीचे तकिया रखा और अपने ढीले लंड को उसकी चूत पर रगड़ने लगा. मगर जैसे ही सुलेखा भाभी के विशाल नितम्बों की गोलाई खत्म होने के बाद मेरी उंगलियां उनकी जांघों के जोड़ पर लगीं … वो हल्की सी नम हो गईं. हिंदी सेक्सी कहानियां मां बेटे कीअब मैं नंगा हो चुका था और मेरा 7 इंच का लंड पूरा तन तना कर खड़ा हुआ था.

हम दोनों बहनें अक्सर अपने कमरे में एक दूसरी की चूत से चूत रगड़ती थीं.

विक्रम अपनी माँ की चूत चाटने लगा तो शीतल बोली- आ… हह… आह… मेरे बेटो!रजत- माँ… आज तो हम दोनों भाई तुझे खूब चोदेंगे. आकर यहीं बैठ गयी क्या तुम?” सुलेखा भाभी ने पहले तो प्रिया से कहा और फिर मुझे भी डॉक्टर से दिखाने के लिये कहा, मगर मैंने मना कर दिया.

तुम्हें अच्छा नहीं लगेगा मगर फिर भी तुम्हें आज के लिए दिल से शुक्रिया. मैंने लंड बाहर निकाला तो दी झट से घोड़ी बन गईं और मैंने पीछे से लंड पेला और चोदना चालू कर दिया. तारा ने भी अपनी गर्दन नीचे की और मुनीर की योनि के दरार पे जीभ को फिरा कर उसे चूमा.

फिर पता नहीं क्या हुआ कि वे एकदम से बोलीं- ठीक है मेरे ही कपड़े उतारने में मदद कर दो, बाकी मैं कर लूँगी, मेरा ब्लाउज पीछे से हुक वाला है, बस आप इसे खोल दो.

शीतल कभी अपने बड़े बेटे का लंड चूसती तो कभी अपने छोटे बेटे का … क्योंकि दोनों का लंड बहुत मोटा था और एक साथ उसके मुँह जा नहीं सकता था. एक दिन मैं कहीं बाहर जा रहा था तो भाभी ने आवाज देकर मुझे अपने पास बुलाया और बोलीं कि उनको फोन रिचार्ज करवाना है. मेरी मम्मी के साथ 3 लोग लिपटे थे और मम्मी पूरी नंगी टांगें ऊपर किये हुए उन लोगों को ठीक वैसे ही गाली दे रही थीं.

गंदा बाजारतभी मैं उनके पास गया और पूछा तो उनकी गाड़ी की डिक्की लॉक नहीं हो पा रही थी. उसकी चूत पहले से ही साफ थी, इसलिए उसने कहा- इस पर अपना मुँह मारो और चूत पर मुँह से धक्के मारो ताकि चूत के आस पास का सारा हिस्सा खुश हो जाए कि आज उसको कोई मिला है.

सेकसी २०११ पंचायत वा

लेकिन कहते है न कि जिस चीज़ की चाह रखो और पाने की कोशिश करो तो वो मिल ही जाती है. डीजे के पास, जो स्टोर वाला खड़ा था, मैं उसके पास गई और बोली- यह मेरा दोस्त है और इसी की गारंटी में मम्मी ने मुझे भेजा है, तो यह भी साथ ही रहेगा. मेरी बात सुन कर सुशीला शर्मा कर जब वहां से जाने लगी तो मैंने उसको पकड़ के वहीं बेड के ऊपर बैठा दिया और खुद उसकी जांघों के बीच बैठकर उसकी चूत में मुँह घुसा दिया।वो सिसिया गयी … मैंने उसकी चूचियाँ ब्लॉउज के ऊपर से मसलनी आरम्भ कर दी तो वो और ज्यादा सिसकारने लगी।मैंने मानसी की मम्मी की चूत चाटना जारी रखा, साथ में चूचियों को मसलना भी … उसको मजा आने लगा था। वो आँखें बंद करके आनन्द लेने लगी थी.

मैंने अपनी जीभ को रेवती की चूत में अन्दर घुसा दिया और उसे अन्दर ही घुमाने लगा. सिसकारी सुन कर उसके साथ की सीट वाला पीछे देखने लगा, सुशीला भी।मेरा भी पानी छुट गया और मेरे मुँह से सिसकारी भी निकली मगर कोई कुछ समझ नहीं पाया. उसने मेरी नई पैंटी को नीचे करके उतार दिया और पीछे सीट की तरफ फेंक दी.

मैंने उसको बोला कि मैं हफ्ते में तीन दिन क्लास रहेगी, जो मैं आपके घर पे आकर सिखाऊंगा. कुछ रईस धनी लोगों को इसके पास भेजेंगे, जिससे इसका शापिंग और मेकअप ज्वेलरी आदि का पैसा इसको खर्चे के लिए मिलता रहेगा. बहुत ज़िंदा दिल औरत थी वो … हमेशा खिलखिलाती रहती और बहुत बोल्डली कुछ भी बोलती.

शाम को 6 बजे जब मैं उस जगह पर पहुंचा, वो वहां पर पहले से ही खड़ी थी. मैं उस टाइम एम बी बी एस की पढ़ाई भी कर रहा था और घर पर ही 11 वीं और 12 वीं क्लास के स्टूडेंट्स को टयूशन भी देता था.

उसके बाद मैंने नीरू की चुदाई की और सविता को भी और एक बार झाड़ कर संतुष्ट किया.

मैंने फिर उनको किस करके उनका मुँह चाट लिया और खुद का दही भी चख लिया. এডাল ছবি এডাল ছবিजैसे ही मैंने धक्का मारा, तो भाभी ने भी नीचे से उसी समय अपने कूल्हे उचका कर मेरा साथ दिया. తమిళ్ సెక్స్ పడంअब शीतल के दोनों बेटे एक साथ अपनी माँ की गांड और चूत की बहुत ही जोरदार चुदाई कर रहे थे. उसकी गांड थी ही इतनी सुंदर … मुझे चूत से ज्यादा उसकी गांड देखकर मजा आ रहा था.

इतने मैं मम्मी बोलीं- नहीं बेटा, हम मजबूर थे … तेरे पापा अब कुछ कर नहीं पाते और इनके पति नहीं हैं, इसलिये हम …ये कह कर वो चुप हो गईं.

मैं- अरे मादरचोद, अब मेरी चूत भी तो चोद साले भड़वे … तभी तो पक्का मादरचोद बनेगा तू, बस पति बनने से नहीं होता है अपनी बीवी को रांड की तरह कस के चोदना पड़ता है भोसड़ी के. मनीषा ने अपने रूम के अन्दर से ही आवाज लगाई- पंकज मैंने नहा लिया है. उसके पूरे जिस्म को चूमने के बाद उसकी चुत के पास आया और उसकी चुत को पैंटी के ऊपर से ही चूमा.

आगे का काम मेरी पत्नि का था, उसने अपने हाथों से द्विलंड उपकरण को सहलाते हुए नीचे झुक कर चाट लिया. मैंने ऐसी मीठी चीख भरी आवाज़ सुन कर अंकल बोले- अरे … मुन्नी चिंता मत कर तेरी बुर इससे ज्यादा नहीं फटेगी … जितनी फटनी थी, तेरी चूत फट चुकी है. भाभी क्या गजब लग रही थीं, उनके तने हुए चूचे, पिंक पैंटी, गोरा बदन सच मनीष की लॉटरी लग गई थी.

भारतीय सेक्सी वीडियो एचडी

नीरू ने सविता को बेड पर पीठ के बल लेटा दिया और मुझसे बोली- जीजू, मैं इसके बूब्स मुंह में लेकर चूसती हूं और आप इसकी चूत को चाटना शुरू करो!मैंने ठीक वैसा ही किया, मैं उसकी टांगों के बीच में जाकर उसकी टांगों को चौड़ा करके फैलाया, जैसे ही मैंने टांगों को चौड़ा किया, सविता की चूत खुल गई. वह नीचे फर्श पर लेट गई और मैंने उसके ऊपर आकर उसके दोनों पांवों को हवा में उठा कर अपना लौड़ा उसकी चुत में डाल दिया. वापस आते समय उन्होंने मेडिकल से एक कॉन्डोम का पैकेट लिया और बोली- फूल के बदले कुछ तो देना पड़ेगा … बस तेरी माचिस की तीली ठीक जले.

मैंने उनके दोनों हाथ कस के पकड़ लिए और उनके निचले होंठ को दांतों के बीच में पकड़ लिया.

मेरी सेक्स स्टोरी के अगले भाग में आपको सोनल की मस्त चुदाई का सीन देखने को मिलेगा.

सबसे पहले हम मॉल गए और वहां मूवी देखने लगे, फिर वहां से निकल कर हम लोगों ने थोड़ी शॉपिंग की. इधर मैंने उसकी चूत में लंड का प्रवेश कर दिया और लगा धमाधम धक्के लगाने. सेक्सी देसी औरततभी मुझे महसूस हुआ कि सोनू ने मेरे लहंगे का नाड़ा भी खोल दिया और मेरा लहंगा एक झटके में नीचे आ गया.

खाना खाने के बाद मैंने जग से कहा- देखो जग, अब हमारे बीच फूफी भतीजे वाला रिश्ता तो रहा नहीं, अब हम दोस्त हो गए हैं. मैं उसकी पैंट को पूरी तरह से उतारने की कोशिश कर रही थी लेकिन वह मुझसे हिलाया नहीं जा रहा था. मैंने अपने चूतड़ थोड़ा उठा दिए, जिससे मेरी पैंटी सटाक से बाहर हो कर तलवों तक चली गई.

जिसमें से माइक का गाढ़ा वीर्य रिस रिस कर उसकी जांघों तक बहने लगा था. मैं साफ देख सकती थी कि तारा की योनि के किनारों पे सफेद गोल झाग गोलाकार बन गया था.

वे दोनों नीग्रो भी नीचे उतरे और सब लोगों के साथ अंकित भी नीचे उतर आया.

धीरे धीरे मैंने उसका गाऊन ऊपर कर दिया और उसकी नंगी टांगों को चाटने लगा. उसके मुँह से आवाजें निकलने लगीं- आअह्य … अहह … हाहह्य …उसकी कमुक आवाजें सुनकर मैं और तेजी से उसकी चूत चाटते हुए उसके बड़े-बड़े मम्मों को जोर से दबाने लगा. ” मैंने उसके हसीन चेहरे को देखते हुए कहा और उसे पकड़ने के लिये धीरे धीरे अपने पैरों को बिस्तर से नीचे कर लिया.

मानसी नाईक सेक्सी फोटो उसी शाम को शायना भाभी ने कहा- आज कोई नहीं है, तो बाहर से खाना लाते हैं. मैं सोच रहा था कि अपना लंड हाथ में लेकर उनके सामने जाकर खड़ा हो जाऊं मगर फिर मैंने सोचा इतनी जल्दी क्या है, यहीं खड़ा रहकर देखता हूँ कि और क्या-क्या करती है मेरी चुदक्कड़ माँ!कुछ देर तक बैंगन को चूसने के बाद वह 3 बड़े-बड़े बैंगन और एक मूली लेकर अपने रूम की तरफ जाने लगी.

छोड़ … मुझे … मम्मी आ जाएंगी … छोओओड़ … मैंने बताया ना कि उस रात दीदी तुम्हारे साथ थीं, ये सब दीदी के साथ ही करना!” प्रिया ने अपने आप को छुड़ाने की कोशिश करते हुए कहा. कभी वो मेरे होंठों को चूमती, तो कभी मैं उसके होंठों को! कभी कभी तो वो मेरी जीभ को अपने अन्दर लेकर चूसने लगती, इससे मुझे भी बड़ा मजा आ रहा था. वह पीछे से मेरे ऊपर चढ़ कर मेरी गांड में अपनी हथेली रखकर कूल्हों को फैला कर अपनी जीभ से गांड को चाटने लगा.

தெலுகு செஸ் படம்

मेरे इशारे पर स्टीव ने झुक कर उसके एक पाँव को अपनी गोद में रखा और टांग पे हाथ फेरने लगा, पर बीवी एकदम से कुर्सी से उठने लगी. मेरा मन और मस्तिष्क आपस में ही लड़ रहे थे कि मुझे अच्छा लग रहा या नहीं. मेरा पूरे दिन किसी काम में मन नहीं लगा और बस यही सोचती रही कि यह कैसे संभव है.

अंकल ने होंठों को चूसना शुरू किया और एक चुची भी कस कस के दबाने लगे. नीरू के मुंह से हल्की सी आवाज निकली- जीजू, यार मार डालोगे क्या?मैंने कहा- क्या हुआ?नीरू बोली- अरे जीजू 7 इंच लंबा लौड़ा एक झटके में अंदर डालोगे तो थोड़ा दर्द तो होता है!मैंने कहा- अरे साली छिनाल … कितनी बार इस लोड़े को लेकर मजा ले चुकी है, अब भी दर्द होता है?नीरू बोली- हां जीजू, जब 7 इंच लंबा लंड एक झटके में डालोगे तो थोड़ा सा दर्द तो अभी भी होता है!मेरा पूरा लंड नीरू की चूत के अंदर समा चुका था.

मैं कभी माइक के सवालों का जवाब देती, तो कभी उसके पीछे का दृश्य देखती.

जैसे कि मैंने उसकी बात सुनी ही नहीं और मैंने प्रिया से पूछा- तत तुम … तो गांव चली गयी थीं ना?तुम्हें किसने कह दिया कि मैं गांव चली गयी?” प्रिया ने अब हंसते हुए कहा. ” प्रिया ने अब शरारत से मेरी तरफ देखते हुए कहा, जिससे मुझे भी हंसी आ गयी और मैं नेहा की तरफ देखने लगा. मैं- मुझे भी उनका स्वाद चखा यार!दीपक- जरूर … कल इसका पेट साफ करेंगे तो वहीं उनसे मिल लेना.

वो पागल हुए जा रही थीं, उन्होंने अपने दोनों पैरों से मेरे सर को जकड़ रखा था. मुनीर ने मेरे कान में कहा- तुम्हारी चमड़ी कितनी मुलायम है और तुम्हारे बदन की खुशबू मुझे मदहोश कर रही. मैंने पहले तो उसकी दूध सी सफेद गोरी चिकनी जांघों को चूमा और फिर धीरे से उसकी चुत के फूले हुए उभार पर आ गया.

मैं माम्न्सी की मम्मी की गांड में उंगली को आगे पीछे करने लगा और वो आँखें बंद करके सिसकारियां छोड़ने लगी.

एक्स एक्स एक्स सेक्सी मूवी बीएफ हिंदी: उसका ब्लाउज एक नूडल स्ट्रिप वाला ब्लाउज कम ब्रा ज्यादा लग रहा था जिसका गला लगभग पूरा खुला था जिससे उसके आधे से अधिक मम्मे साफ़ दिख रहे थे. फिर उन्होंने खुद ही रिया भाभी को कहा- रंडी साली … लगता है आज मेरी गांड फट ही जाएगी, इस चूतिये का लंड मेरे पति से कहीं ज्यादा मोटा है.

हम सेक्स में अलग अलग खेल खेलते, लेकिन सेक्स में ज्यादा से ज्यादा मैं अपना लंड उसकी चूत पर रख कर रगड़ता था, अन्दर नहीं डालता था. चाचा- और तुम्हारी चूत भी तो कमाल की है मेरी रानी … इसे जितना ज्यादा चोदता हूँ, ये उतनी ही कोरी होती जा रही है. मैंने मन ही मन कहा ‘बेटा नंदिनी, तुझे भाग्य से मौका मिला है चूकना मत!’काफी बहुत ही अच्छी थी.

वो बोला कि वन्द्या अब मेरे लंड से, तेरी गांड की गर्मी और ज्यादा बर्दाश्त नहीं हो रही है.

मुझे ये बात मेरी सहेली ने बताई थी कि घर में सेक्स करने से यही फायदा है और मुझे ये बात अच्छी भी लगी थी. मैं वैसे दिखने में बहुत सुन्दर हूँ लेकिन मैं लड़कों को ज्यादा भाव नहीं देती थी, इसलिए जो लड़के मुझे लाइन मारते थे उनको मैं अपना ब्वॉयफ्रेंड नहीं बनाती थी. अब डैड ने घर पर सब की क्लास लगा दी और कह दिया कि अपने अपने मन मुटाव अपने तक रखो, तुम्हारी भाभी तक घर की कोई भी टेंशन नहीं पहुंचनी चाहिए.