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मेरे लिंग का अपनी योनि के ऊपर होने का एहसास इशानी को मदमस्त कर रहा था और उसकी आँखें उत्तेजना से बोझिल हुए जा रही थी…हम दोनों एक दूसरे को बेतहाश चूमे जा रहे थे… उसके स्तन मेरे सीने से दबे हुए कराह रहे थे.वीडियो बीएफ सेक्सी चाहिए: राजू अब थोडा सम्भल चुका था और झट से मौके का फायदा उठाते हुऐ रीटा को उठाते हुए उस की कमर में हाथ डाल कर अपने लण्ड से रीटा की प्यारी की गाण्ड को गुदगुदा दिया.

कि आप हमेशा मेरे साथ रहोगे… मैं आपको बहुत प्यार करती हूँ…मैंने भी वादा किया और उसे खुशी से विदा किया… उसका भाई उसको लेने आया था… मेरा साला पता नहीं साला क्यों आ गया…मैं जाना चाहता था उसको घर छोड़ने….गोरे-गोरे और बड़े थे।मैंने थोड़ा तेल मम्मों पर डाला और मसलने लगा था।आंटी गर्म हो गई थीं। वो मेरे लंड को सहला रही थीं।मैं उनको चूम रहा था।आंटी ने कहा- ले चूस ले.

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तभी मेरा ध्यान कमरे के दरवाज़े की तरफ़ गया तो मेरी आँखें हैरानी से फ़टी रह गईं, मेरे सामने चौंका देने वाला नज़ारा था.!मुझे बहुत ही अच्छा लगा, लेकिन मर्यादा के कारण मैं जब अपना हाथ हटाने लगा तो उन्होंने मेरा हाथ पकड़ कर वापस अपने मम्मों पर रख दिया और बोली- प्लीज़ दबाओ मुझे अच्छा लगता है!मैं तो जैसे इसी इन्तज़ार में था और मेरा लण्ड टाइट हो गया।मैंने पूछा- आपका नाम क्या है?तो बोली- रिया!‘तो रिया, आपके पति आपके साथ सेक्स नहीं करते?’तो बोली- वो बहुत बड़ा बिजनेसमैन है, उसको वक्त ही नहीं मिलता।मैंने कहा- रिया.

वो बहुत ज्यादा थकी और परेशान थीं इसीलिए मैंने उनको सुला दिया था… फिर सोचा कि तू आ जाये तभी निकलूँगा। चल अब मैं भी चलता हूँ. वीडियो बीएफ सेक्सी चाहिए !’उसका तना हुआ लण्ड मेरी गांड पर चुभ रहा था। वो मुझे उकसा रहा था। मैं उसकी बाँहों से निकलना चाह रहा था, पर उसकी मजबूत बाँहों से नहीं छूट सका और घूम कर सीधा हो गया। उसने मेरे मम्मे दबाने शुरू कर दिए।‘क्या इरादा है.

सोनिया हँसने लगी और बोली- सायरा, तुझे रोका किसने है तू घर जाना चाहती है तू जा सकती लेकिन बिना जींस के!मैंने कहा- यह क्या कहे रही हो तुम?और कमरे में मौजूद मुझे छोड़ बाकी सभी लोग हंसने लगे.

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लड़के की तो जैसे बांछें खिल गई, उसने सलोनी के दोनों कंधे अपने दोनों हाथ से पकड़ लिए और मैं जल्दी से गाड़ी लेने अंदर चला गया पर सोचा कि एक बार देखूँ साला क्या कर रहा है।जरा सा बाहर आकर झांक कर देखा तो वो पीछे ही खड़ा था. बहुत बड़े और सेक्सी हैं।लगता है रूचि मैम अब मुझ में रूचि दिखा रही हैं, इन्हें पटा ही लूँगा और आज तो इन्हें चोद कर ही रहूँगा।मैम- चल पागल कहीं का. वो भी मेरा पूरा साथ दे रही थी और बेहताशा पागलों की तरह मुझे चूमे ही जा रही थी, हम दोनों एक दूसरे से इस कदर लिपट चुके थे कि हमारे बीच से हवा भी पार ना हो सके.

क्या हुआ थक गए क्या? तुम तो लखनऊ के नवाब हो।मैंने कहा- तुम ऊपर आओ तो फिर पता चलेगा कौन थका।वो मेरे ऊपर आई और मेरे लंड के ऊपर बैठ गई।मैंने लंड उसकी चूत में डाला और वो अपनी चूत हिलाने लगी।मैंने उसकी पिछाड़ी को दबाना शुरू किया. धक्कों से, झटकों से रीटा के रेशमी बाल हवा में उड़ उड़ जाते थे और चुच्चे ज़ंगली जानवरों की तरह ऊपर-नीचे, दायें बायें उछल जाते. मेरी चाची का फ़ीगर क्या बताऊँ दोस्तो, वो कद में मुझसे छोटी है पर दिखने में किसी कयामत से कम नहीं! मेरी और चाची की बहुत जमती थी और चाचा एक बिजनेसमैन हैं, चाचा मुझे बड़े बेटे की तरह कम और दोस्त ज्यादा रखते थे.

उम्मीद करता हूँ आपको कहानी पसंद आई होगी।मुझे मेल जरूर लिखें… आपकी प्रतिक्रिया के आधार पर ही मैं आगे की कहानी लिखूँगा।. लेकिन इसके लिए मौका मिलेगा कब?भाभी बोली- आपके भैया और पापा-मम्मी को दो दिन बाद एक रिश्तेदार के घर शादी में तीन दिन के लिए जाना है और घर पर मैं और प्रिया रहेंगे. कहानी का पहला भाग:एक दूसरे में समाये-1कहानी का दूसरा भाग:एक दूसरे में समाये-2मैंने चाट चाट कर उसका सारा योनि रस आत्मसात कर लिया था.

मैं समझ गया कि वो क्या चाहती है शायद वो मेरे माल को पीना चाहती थी और फ़िर कुछ देर में मैं उसके मुंह में ही झड़ गया वो झड़ने के कुछ देर बाद तक मेरे लंड को चूसती रही जब तक कि लंड की आखिरी बून्द तक वो अपने गले से नीचे ना उतार गई. !’‘बोलो ना मेरी जान, दो-तीन बार क्या?’‘अच्छा बाबा, बोलती हूँ; महीने में दो-तीन बार ही तो चोदते हो… बस.

मेरे द्वारा उसके भगांकुर पर जीभ से चाटने से बहुत ही गर्म हो गई थी इसलिए उसने कह दिया- तुम चुदाई शुरू तो करो, जो भी होगा मैं सह लूंगी!रिया ने मेरे लंड को लौलीपॉप की तरह चूस कर मुझे बहुत ही अधित उत्तेजित कर दिया था जिसके कारण मुझे बहुत मुश्किल हो रही थी.

? अगर जानबूझकर लिया था तो अधूरा क्यूँ छोड़ दिया था और अगर गलती से हो गया था तो गलती की सजा भी मिलने चाहिए ना !!” मैंने उनके चेहरे से बिल्कुल सटकर कहा।वो…वो.

तब पापाजी बोले- चिंता मत कर ज़रा सजा के लिए इसे तैयार तो कर लूँ!इसके बाद उन्होंने अपना लण्ड महाराज, जो इस समय अपने पूरे उफान पर था और पूरे आकार का हो चुका था, मेरी चूत के मुँह के पास रख दिया और हलके से धक्के मार कर उसे चूत के अंदर घुसेड़ने लगे. टेक कर रहा था, मैं शुरु से ही सेक्स का भूखा हूँ, जब भी कोई सुन्दर लड़की या सुन्दर भाभी को देखता था तो मन करता था कि इसे पकड़ कर चोद डालूँ!हमेशा से मैं किसी लड़की या भाभी की तलाश में रहता था जो मेरे साथ सेक्स करे लेकिन कोई मिलती नहीं थी. यह प्रोजेक्ट इस सोमवार को देना है।मैं- बाप रे… फिर मैं तो मर गई दो दिन में मैं कैसे प्रोजेक्ट पूरा कर पाऊँगी?निशा- चिन्ता मत कर.

बड़ी अदा से रीटा ने बहुत लाहपरवाही से अपनी सुडौल टांग को सुकौड़ कर मासूमीयत से पैर के नाखूनों पर नेलपालिश लगाने लगी. ’ की आवाज मेरे मुख से अनायास ही निकलने लगी।वो मेरी पीठ सहलाने लगी।मुझे बहुत बुरा लगा कि मैं इतनी जल्दी कैसे झड़ गया, मैं उदास होकर उसकी बगल में लेट गया।कहानी जारी रहेगी।. मैं तो जैसे मर ही गई, मैंने धीरे से दीपक के हाथ की सबसे बड़ी अंगुली पकड़ कर अपनी नाभि से नीचे लगाते हुए अपनी चिकनी चूत पर लगाई और फिर अपनी नंगी चूत में उसकी अंगुली डाल दी.

मज़ा आ जाएगा।मैंने अपनी जीभ उसकी चूत में डाल दी और जीभ से ही उसकी चूत को चोदने लगा।वो मस्ती में सिसियाए जा रही थी- चाट.

उनकी आँखों की चमक बता रही थी कि वह मेरे बिछाये जाल में फँस जायेंगे, मुझे सिर्फ कुछ इंतज़ार करना पड़ेगा. गूं… या… करने लगा था। मुझे लगा अब वो जाने वाला है। मैंने अपनी चूत का संकोचन किया तो उसके लण्ड ने भी अंदर एक ठुमका सा लगा दिया। अब उसने मेरी कमर कस कर पकड़ ली और जोर जोर से धक्के लगाने लगा।‘मेरी प्यारी भौजी… आह… मेरी जान… मेरी न. !उसने कम्बल को हटा दिया और मेरे स्तनों के ऊपर टूट पड़ा। वो उन्हें बारी-बारी से दबाने और चूसने लगा और साथ ही धक्के भी लगाने लगा।उसके धक्के अब धीमे पड़ने लगे। उसने मेरी योनि में रुक-रुक कर धक्के लगाने शुरू कर दिए, पर धक्के इतने जोरदार होते कि हर धक्के पर मैं कुहक जाती। मैं समझ गई कि वो थक गया है।मैंने उससे पूछा- अब क्या हुआ.

मैं क्या कर सकती हूँ।रणजीत- सीमा तुम जिस मकसद से आई थी, वो तो पूरी हो गई। पर जो कर रही थी, वो पूरी नहीं हुई. बहुत बड़े और सेक्सी हैं।लगता है रूचि मैम अब मुझ में रूचि दिखा रही हैं, इन्हें पटा ही लूँगा और आज तो इन्हें चोद कर ही रहूँगा।मैम- चल पागल कहीं का. मैंने अनजान बनते हुए पूछा- पापाजी और कैसी बड़ी सजा देंगे?तो उन्होंने अपनी बलिष्ठ बाजुओं से उठा कर मुझे मेरे कमरे में ले जाकर बेड पर पटक दिया और मेरे चूतड़ों के नीचे एक तकिया रख दिया.

चोद कुत्ता कमीना है…तू बड़ा तंग करता है अपनी शिखा रानी को…‘हाँ, यह तो कुछ बात हुई ना शिखा मेरी रानी… मैं तंग करता हूँ हराम की ज़नी चुदक्कड़ रांड को… बहन की लौडी.

रीटा बुदबुदा उठी- आह मम्मी! सीऽऽऽ! साली तू मुझे बहुत सताती है ऽऽऽऽ! चूत की फांकें दायें बायें फ़ैल गई. तू भी बड़ा खूबसूरत है।आमिर- खाला, मैं एक बात कहना चाहता हूँ।रूखसाना- हाँ बोल ना?आमिर- खाला, मुझे तेरी चूत चोदनी है।रूखसाना- हाय राम, यह तू क्या कह रहा है रे… मैं तेरी खाला हूँ।आमिर ने अपनी खाला के जांघ पर हाथ रख कर सहलाना चालू कर दिया और कहा- कल रात को मैंने तेरा नंगा बदन देखा तबसे मुझे चैन नहीं नहीं।रूखसाना- क्या? तूने मुझे कल रात को देख लिया था?आमिर- सिर्फ देखा ही नहीं था.

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आह्ह …बहुत मज़ा आ रहा है…।’रूबी अपने चूतड़ उछाल-उछाल कर मेरी मदद कर रही थी, हम दोनों मस्ती की बुलंदियों को छू रहे थे।तभी रूबी चिल्लाई- जानू…मुझे कुछ हो रहा है…आआहह जानू.

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!मैं उसके होंठों को चूसता रहा और साथ साथ उसके मम्मों को दबाता रहा। कुछ समय के बाद जब उसका दर्द कम हुआ तो उसने नीचे से चूतड़ों को उचकाना शुरू किया और कहने लगी- सर. अब सो जाओ!मैं जानती थी कि कृपा अपनी भूख को शांत कर चुका था, पर हेमा की प्यास बुझी नहीं थी, पर वो भी क्या करती कृपा सम्भोग के मामले में अभी नया था।तभी कृपा की आवाज आई- हेमा, एक बार और चोदना चाहता हूँ!हेमा ने कहा- नहीं. तुम्हारी सभी हो गई हैं।अमित- पुचच च च पुचच च च पुचच च च पुचच च च पुचच च च… जानेमन इच्छाओं का अंत कभी नहीं होता… और मेरी तो केवल 3-4 ही हैं।सलोनी- अह्हहाआआआ 3-4… अहा… कितनी सारी तो मैंने ही पूरी की… बस्स्स्स्स्स्स ना.

!रेहान उसकी हालत समझ जाता है और उसे लेटा कर दोनों पैर कंधे पर रख लेता है।रेहान- जान बस एक बार और दर्द सह लो अबकी बार चूत को पूरा लूज कर दूँगा, उसके बाद मज़े ही मज़े हैं।जूही- आ…हह. मैं दर्द से कराहती हुई उठी तो अपनी योनि को हाथ लगा कर देखा, उसमें से वीर्य में सना खून मुझे दिखाई दिया।मैं डर गई और एक तरफ हो कर देखा तो बिस्तर पर भी खून का दाग लगा था, वैसे तो पूरा बिस्तर गन्दा हो गया था, जहाँ-तहाँ वीर्य. सम्पादक – इमरानअमित इतना सीधा तो नहीं है कि एक नंगी खूबसूरत नारी को अपनी गाड़ी में लेकर आया जो हल्के नशे में भी थी.

फ़िर अचानक मैंने उससे पूछा- आपके पति क्या करते हैं?तो उसने मेरी बात बीच में ही काटते हुये कहा- चलो कोई फ़िल्म देखते हैं.

दोस्तो, यह कहानी उन सबकी कहानी है जिन्होंने अपने अपोज़िट सेक्स वालों से स्कूटी चलानी सीखी है या सिखाई है।स्कूटी सीखना कितना मज़े का काम है, यह मैं आप को बताता हूँ।बात उस समय की है जब एक्टिवा का जन्म होने को था और लोग स्कूटी पर मजा लेते थे। उस वक्त मैं बी. !मैं समझ गया कि यग कुछ नहीं करेगी, मैंने ही आगे की रासलीला चालू कर दी। मेरा हाथ उसकी चूत को मसल कर, सहला कर, उंगलियों से उसकी गहराई का अन्दाजा लगा रहा था।फ़िर मैंने उसकी मैंने टाँगें ऊपर उठाईं और चूत के ऊपर से पर्दा हटा दिया। अब उसके बदन के ऊपर एक कपड़े के नाम पर एक धागा भी नहीं था।उफ़. !मैंने उससे कुत्ते की तरह से चोदना शुरू किया, उनको बहुत मज़ा आ रहा था। वो हिल-हिल कर मज़ा ले रही थी और बोल रही थी ‘लण्ड को पूरा अन्दर पेल दो’ और बीच में ही वो झड़ भी गई, पर मेरा लण्ड अभी मस्त था। मैं भाभी को मस्त चोद रहा था। मेरा पानी नहीं निकल रहा था।वो कह रही थी ‘बस राज.

! कह कर पूरा लंड अपनी चूत में समा लेने की कोशिश करने लगी।अब वो घड़ी आ गई थी अब मैंने एक जोरदार प्रहार से पूरा लंड उसकी चूत में डाल कर पेलने लगा।वो कसमसा उठी और ‘आआहह. अब तुम्हारे जीजा में वो बात नहीं है की वो मेरी कोख भर सके… वो साला हिजड़ा बन गया, अब तो तुम ही मेरे भैया हो और तुम ही सैंया हो. मैं उसके होंठों का रसपान करने लगा। ऐसा लग रहा था कि दुनिया में उसके होंठों से मीठी कोई चीज़ हो ही नहीं सकती है…तभी माँ की आवाज़ सुन कर मैं होश में आया और वो अपने आप को मुझसे छुड़ा कर भाग गई.

थोड़ी दूर चलने के बाद मेरे सामने एक गाड़ी आई और अचानक रुक गई, मैं अपनी धुन मैं था, मुझको वो दिखाई नहीं दी और मेरी बाईक उस गाड़ी को हल्के से टकरा गई. ‘अभी तुम लोग अपने कमरे में जाकर सो जाओ… कल हम डैडी को कह कर उनका नया सीडी प्लेयर और पोर्टेबल टीवी अपने कमरे में मंगा लेंगें और फिर मेरे पास रखी पोर्न सीडी देखेंगे… सच में सीडी में गजब की क्लेअरिटी होती है।’ मैंने बात बदलते हुए कहा।‘ठीक है… कल दोपहर में हम ये वीडियो देखेंगे… जब घर में सब सो रहे होंगे… ओके.

करीब 10 मिनट बाद मैंने पूछा- कैसा लग रहा है?वो बोला- आज मेरे लंड फट जाएगा!उसका लंड लोहे की तरह सख्त और उसका टोपा लाल हो गया था. ?मनीषा- क्या बताऊँ जयेश… कितना मजा आया… तुमने मुझे आज वो सुख दिया है, जो शायद ही मुझे कहीं और से मिल पाता. उसने अगले कदम में मेरे वक्ष पर हाथ रखा तो मुझे मेरी अन्तर्वासना जागृत होने लगी और मैं उसकी गोदी में बैठ गई और उसको किस करने लगी.

उसकी बड़ी-बड़ी चूचियाँ मेरी आँखों के सामने झूल रही थी, मैंने अपने हाथ आगे बढ़ा कर उसकी दोनों चूचियों को थाम लिया और एक-एक करके चूसने लगा.

फिर वो मेरे पास आकर बैठ गई और अपनी भौंहे हिलाकर कहने लगी- क्या कर रहे हो समीर जी?मैं बुरी तरह घबरा गया था, पूजा को क्या पता था कि मैं किस हालत में लेटा हुआ था. हय!मैं पहली बार चूत देख रहा था, मैंने उसकी चूत में उंगली डाल कर जोर-जोर से चलाने लगा।उसकी तो चीख ही निकल गई, उसने मुझे कहा- गिरि प्लीज़. फिर दो ऊँगलियाँ डालीं, वो सिसकारियाँ लेने लगी थी।फ़िर मैंने अपना लन्ड उसके मुँह में डाल दिया।वो बोली- मुझे लन्ड पीना अच्छा नहीं लगता।फ़िर मैंने उसकी चूत चाटी और अपना लन्ड उसकी चूत में पेल दिया। उसकी चूत ज्यादा कसी तो नहीं थी, पर ठीक थी।मैं उसे धकाधक पेल रहा था और वो अपने चूतड़ उठा-उठा कर मेरा साथ दे रही थी।हमारी साँसें तेजी से चल रही थीं। मुझे डर लग रहा था कि उसके बच्चे न जग जाएँ.

उत्तेजना में हम दोनों की ही आँखें बंद हो गई थी… लिंग का योनि में प्रवेश नहीं हो रहा था तो मैंने एक हल्का सा झटका दिया, इशानी की आह निकल गई और लिंग छिटक कर ऊपर आ गया. !मुझे समझ नहीं आया आखिर हेमा ऐसा क्यों बोली।तभी फिर से आवाज आई- प्लीज बस एक बार और!हेमा ने कहा- इतनी जल्दी नहीं होगा तुमसे… काफी रात हो गई है.

अच्छा लग रहा है !दूध को मसलते हुए मैं लंड को हलके-हलके अन्दर-बाहर कर रहा था।अब गीता को भी मजा आ रहा था, उसने कहा- प्रेम. जैसे ही मैंने उंगली डाली, वो और जोर से मुँह में धक्के मारने लगा, उसको मजा आ रहा था, मैं अब और जोर से उंगली डाल रही थी. प्रेषक : नामालूमसम्पादक : जूजा जीमैं आप लोगों के लिए अपनी ज़िंदगी का और खूबसूरत लम्हा एक कहानी के माध्यम से साझा कर रहा हूँ। बात उस समय की है जब मैं ग्रेजुयेशन कर रहा था। मेरे घर के पास एक फैमिली रहती थी।पति और पत्नी, जो रिश्ते में मेरी बुआ के लड़के और उनकी पत्नी यानि मेरे भाई और भाभी लगते हैं।चूंकि.

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मैं नहा कर आ रही हूँ।मैं खुश हो गया और बैठ गया।वो नहा कर एक तौलिए से लिपट कर मेरे करीब से मुस्कुराते हुए गुज़री।उसने कहा- आती हूँ.

और इसी अवस्था में मैंने हाथ आगे बढ़ा कर गिलास पकड़ा और सहसा मेरी उंगलियाँ उनकी उँगलियों से टकरा गईं।एक नर्म और रेशमी एहसास… साथ ही साथ एक मचल जाने वाली फीलिंग. तब मोनिका ने अन्नू की चूची को दबा कर बोली- क्यों बहना, मजा आया ना?अन्नू ने कहा- हाँ दीदी! एक बार फिर करो ना जीजू?मोनिका ने कहा- नहीं, पहले मेरी चूत में भी रस डालिए तब अन्नू की बारी!मोनिका मेरे बगल में लेट कर अपने दोनों टांगो को आजु-बाजू फैला कर अपनी चूत मेरे सामने पेश कर मुझे न्योता देने लगी. तू भी आराम कर ले…मैं- तू पागल हो गया है क्या? अब इस समय कहाँ जायेगा… 3-4 घंटे यहीं आराम कर ले… सुबह चले जाना.

विनायक ने मेरा एक निप्पल मुंह में लेकर चूसना शुरू कर दिया और दूसरे को एक हाथ से दबाना शुरू कर दिया।मैं तो जैसे स्वर्ग में पहुँच गई थी और पूरी बेशर्मी से उसे उकसा रही थी. रोशनी भी बाथरूम से बाहर आ गई और हमारी चुदाई देखने के लिए हमारे पास आकर बैठ गई।मैंने कहा- देखो मत, अपनी बहन जैसी सहेली के बूब्स चूसो !उसने वही किया और मैंने अपने लंड की गति उसकी चूत में बढ़ा दी। 5 मिनट बाद मेरे लंड ने उसकी चूत में पानी छोड़ दिया और मैं उस पर निढाल होकर गिर पड़ा. कार्टून सेक्सी वीडियो बीपीस्कूल पास आ गया तो रीटा बोली- अच्छा बहादुर, कल सुबह जरा जल्दी आ जाना! सुबह मेरी चोदम-चुदाई की एक एकस्ट्रा क्लास है.

इसके पिता के देहांत के बाद घर की आर्थिक स्थिति बिगड़ गई और मेरे पिता जी ने इसकी जिम्मेदारी स्वयं पर ली है, इसकी पढ़ाई से लेकर विवाह तक अब वो हमारे ही घर में रहेगी।यह सुन कर मेरी आँखों में चमक सी आ गई. साथ ही झुकने से रीटा के चुच्चे कुछ पलों के लिये निप्पलों समेत शर्ट से बाहर आकर राजू को जीभ दिखा कर छका गये.

मैं कुंवारी से सुहागिन बन चुकी थी, मेरा नंगा बदन विनायक की मज़बूत गिरफ्त में मचल रहा था और मेरी चूत में आनन्द की हिलौरें उठ रही थी।. इत्तेफाक से एक ही सीट पर बैठे हुए थे, बातें शुरू हुई, वो इन 4 सालो में अपने परिवार के साथ अपने गाँव में थी. फ़च…’ की आवाज़ से पूरा कमरा गूँज़ रहा था।भाभी की चूत में से इतना रस निकला कि मेरे अमरूद तक गीले हो गए।मैंने भाभी के होंठ चूमते हुए कहा- भाभी मज़ा आ रहा है ना ? नहीं आ रहा तो निकाल लूँ।‘चुप बदमाश.

’उसने अपना लौड़ा खोल दिया।मेरी माँ खिलखिला कर हंसती हुई काउंटर पर पहुँची- ओए… चार रॉयल स्टैग की बोतल दे. सच-सच बताओ अब तक कितनी औरतों या लड़कियों को चोद चुके हो?रणजीत- गिनती करना मुश्किल है, फिर भी ग्यारह को तो चोद चुका हूँ।सीमा- 11 को. तुम्हारा बहुत बड़ा और मोटा है।तभी हेमा कसमसाते हुए कराह उठी, ऐसे जैसे वो चिल्लाना चाहती हो, पर मुँह से आवाज नहीं निकलने देना चाहती हो और बोली- ऊऊईईइ माँ…आराम से…डाल.

!’ कह कर घर आ गई, लेकिन मेरा मन वहीं रह गया था।मैंने जल्दी-जल्दी खाना तैयार किया और उसके घर पहुँच गई। मैंने प्लेट लगाई और उसे खुद ही खिलाने लगी, उसे पता नहीं क्या सूझा उसने एक बाईट तोड़ी और मुझे खिलाया।उसकी यह बात मेरे दिल को छू गई।खाना खा कर मैंने कहा- अमित अब मैं जा रही हूँ आप अपना प्लीज़ ख्याल रखना.

मैं उसे लेने वहाँ पहुँचा।‘खाना बहुत स्वादिष्ट था और तुम भी दिखने में बहुत टेस्टी लग रही हो।’मैं उसकी तारीफ़ करने लगा।मैंने अपने दोनों हाथ उसकी कमर पर रख दिए. बीच बीच में तीन-चार दिनों के लिए जब भी शिप्रा आती थी तब वह अपने वादा निभाती थी और उन तीन या चार दिन एवं रातों में अनेक बार मेरी वासना की संतुष्टि करती थी.

ढेर सी बातें की, उसने मुझे यहाँ तक बताया कि उसकी मम्मी उसे ब्रा नहीं पहनने देती हैं और इस बात पर वो अपनी मम्मी से बहुत नाराज है।मैंने उससे पूछा- तेरा साइज़ क्या है?उसने मेरी आँखों में देखा- पता नहीं. अब मैं बिल्कुल अकेला हो गया हूँ।दोस्तो आप लोलों को मेरी कहानी कैसी लगी। मुझे ज़रूर मेल करें, मेरी ईमेल आईडी है।[emailprotected]. फिर मोनू बच्चों की तरह ज़िद करने लगा- प्लीज भईया एक-एक मैच, मैं फ़ाइटिंग की डी-वी-डी लेकर आता हूँ, इतन कहकर वो नीचे चला गया.

मुझे समझ में नहीं आया कि वह कहाँ गए होंगे, इसलिए मैं इधर उधर देखने लगी और तभी मुझे उनके बाथरूम की लाइट जलती हुई नज़र आई, मैं जिज्ञासा वश उस तरफ चली गई. ये घर भी तो तुम्हारा है, बताओ कुछ काम था क्या ?निशा- हाँ, कॉलेज में प्रोजेक्ट दिया है सबने अपने-अपने टॉपिक ले लिए हैं अब बस तू ही बाकी है और हाँ. जाग गए तो मुसीबत हो जाएगी!कृपा ने कहा- घुस ही नहीं रहा है, जब धकेलने की कोशिश करता हूँ तो फिसल जाता है।तब हेमा ने कहा- रुको एक मिनट!और उसने तकिये के नीचे हाथ डाला और पैंटी निकाल कर अपनी योनि की चिकनाई को पौंछ लिया और बोली- अब घुसाओ.

वीडियो बीएफ सेक्सी चाहिए करीब 20 मिनट हो गए और मेरा लंड पानी छोड़ने का नाम नहीं ले रहा था, मैं बिल्कुल थक चुका था और पसीने से भी तरबतर हो चुका था।मैंने जल्दी जल्दी झटके लगाने चाहे पर खड़े खड़े थक गया था, मैंने कहा- यार, अब नहीं होगा मुझसे ! मैं थक चुका हूँ, मैं लेट जाता हूँ, आप दोनों आकर बारी-बारी से मेरे लंड पर बैठ कर झटके लगाओ, मेरी और हिम्मत नहीं रही अब. मैंने रोहित की जीन्स का बटन खोल दिया और उसने अपनी जीन्स उतार दी।उसने जॉकी का सफ़ेद रंग का वी शेप अंडरवियर पहन रखा था और वो उसमे बहुत हॉट लग रहा था, मैंने देखा अंडरवियर ऊँचा हो रहा है, रोहित का लण्ड पूरा खड़ा हो गया था और वो बाहर आने के लिए तड़प रहा था।मैंने अंडरवियर के ऊपर से ही रोहित का लण्ड छुआ.

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मैंने पूजा की टांगों को अच्छी तरह फ़ैलाया और अपना लंड पूजा की चूत पर रगड़ने लगा जिससे वो बिस्तर पर नागिन की तरह कसमसाने लगी. ’ की आवाज़ें आने लगीं।तो मैंने भी झटकों में ज़ोर लगाना शुरू कर दिया।थोड़ी देर में यह हालत थी कि जितनी ज़ोर से मैं झटका देता था, उतनी ही तेजी से वो नीचे से ताक़त लगाती थी।यह खेल तक़रीबन पाँच मिनट ही चला कि वो दोबारा झड़ गई।अब वो कहने लगी- अब बस करो. भाभी ने मुझे तैयार होने को कहा, मैं तैयार हो रही थी, आदिल मेरे कमरे में आ गया, मैं पेंटी ब्रा में थी, वो मुझे देखने लगा.

पारो का पल्लू सीने से सरक गया और पारो की दिलकश चालीस डी छातियों ने पारो की चुस्त अंगियाँ की माँ को चोद के रखा हुआ था. !’अब तो यह बिल्कुल साफ़ था कि चूत-चटाई की बात हो रही थी।उसने फिर मुझे गौर से देखा- भागोगे तो नहीं?‘क्यों क्या इतनी गंदी है कि मैं देख कर डर कर भाग जाऊँगा. सेक्सी बुआ जीप्रस्तुत कहानीमेरी पुत्रवधू की सहेली अनुष्का(संयोग से मेरी छोटी बेटी का नाम भी अनुष्का है), उसकी किशोरावस्था की है, इसे मैंने अपनी पुत्रवधू सोनम के आग्रह पर ही लिखा है.

तभी पापाजी का हाथ मेरे सिर पर पड़ा और वह उसे नीचे दबाने लगा और देखते ही देखते लण्ड महाराज मेरे मुँह से होते हुए मेरे गले तक पहुँच गया.

हैदराबाद वाली!फिर मैंने उसे अपना नाम बताया। फिर हमने अपने काम के बारे में एक-दूसरे को बताया।वो एक सॉफ्टवेयर कंपनी में काम करती थी और मैं भी, इससे हमारी बातचीत और बढ़ गई।हमने हमारा लंच समाप्त किया और जाते हुए उसने बोला- आप ड्रिंक करते हैं?तो मैंने कहा- कभी-कभी. वो भी मेरा पूरा साथ दे रही थी और बेहताशा पागलों की तरह मुझे चूमे ही जा रही थी, हम दोनों एक दूसरे से इस कदर लिपट चुके थे कि हमारे बीच से हवा भी पार ना हो सके.

पूजा मना करने लगी तो भाभी ने उसे समझाया कि लंड चूसने में बड़ा मजा आता है और बिना लंड चूसे तो चुदाई का मजा ही नहीं है. थोड़ी देर में ही उसकी चूत भी खुल गई, वो भी अपनी दीदी की तरह जोश में आ गई, उसने अपने दोनों हाथों से मेरी गर्दन को लपेट लिया और मेरे होठों को चूमने लगी. मालूम हो रही थीं कि कोई केले का तना हों।मैंने उसकी जाँघों पर हाथ फिराना शुरू किया और अपना हाथ उसकी पैन्टी में डाल दिया।उसके मुँह से एक सिसकारी निकल गई और वो ‘आ.

मोनू हम दोनों के बीच में बैठा हुआ था, मोनू और मैं खेल रहे थे लेकिन मेरा ध्यान गेम की तरफ़ कम और पूजा की तरफ़ ज्यादा था.

अपने हाथो में पानी लीजिए औए इसे बूंद बूंद करके गिराइए- टिप टिप टिप !बॉस- इससे क्या होगा?संता- टिप टिप बरसा पानी, पानी ने आग लगाई !इस आग से सिगरेट जला लीजिए !संता- आगे सुनिए!आप एक सिगरेट की तारीफ करनी शुरू कर दीजिए. फिर हेमन्त मेरा ब्लाउज़ खोल कर कर मेरे बूबे दबाने लगा, पीने लगा तो मेरी चूत की आग भड़क गई, मैं भूल गई कि पति रसोई में सोया है, और चुदने के लिए मतवाली हो गई. बहादुर ने जाते जाते कमरे में झाँक कर देखा तो तमन्ना और अलका आपस चिपटी हुई सीऽऽ सीऽऽ कर एक दूसरे को बुरी तरह से चूम चाट रहीं थी.

नरसी सेक्सी वीडियोऔर फ़िर मैं वहाँ से चल दिया, मेरे दिमाग में बस वो ही औरत आ रही थी,और फ़िर जैसे ही मैं कुछ आगे गया तो मुझे एक पंकचर की दुकान दिखाई दी. पूरा तना हुआ… काला ओर लण्ड का अगला भाग लाल सुर्ख हो रहा था।वो जल्दी से हमारे पास आया, और उसने ऋज़ू के चेहरे के पास अपना लण्ड कर दिया.

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मैं इस में भी खुश थी।ऐसे ही एक दिन कैंटीन में बैठे-बैठे रोहित ने मुझसे दोस्ती के लिए प्रपोज़ कर दिया। मैं जानती थी कि यह एक लव-प्रपोज़ल है, पर मैंने जानबूझ कर नाटक करते हुए उसे कह दिया- सोच कर बताऊँगी!‘अरे, इसमें सोचना कैसा… दोस्ती करनी है तो करनी है, नहीं करनी है तो नहीं करनी!’ वो बोला।‘वो तो ठीक है, पर मुझे सोचने के लिए समय चाहिए!’‘ओके. वैसा सुख उन्हें आज तक नहीं मिला था।लेकिन उनकी कहानी मैं आपको नहीं बता सकूँगा, क्योंकि ये राज की बातें हैं।इस कहानी को पढ़कर आपकी बुर में पानी आया कि नहीं. राहुल शर्माहैलो दोस्तो, मैं इस साईट का नियमित पाठक हूँ। आज मैं आप लोगों से अपना पहला सेक्स अनुभव शेयर करूँगा।अपने बारे में बता देता हूँ, मेरा नाम राहुल (बदला हुआ) है और मैं इंदौर का रहने वाला हूँ। मेरी उम्र 21वर्ष है और मैं स्मार्ट लुक वाला बन्दा हूँ। मेरा लंड 5.

दीदी की ज़ोर से आवाज़ निकली तो उसने पूछा- दर्द हो रहा है क्या?तो दीदी ने ‘हाँ’ बोला लेकिन बोली- तुम रुकना मत, पूरा लंड चूत में डालो. फिर बातें करते करते वो बोली- लाओ मेरा गिफ्ट !मैंने उससे कहा- बोलो क्या चाहिए तुम्हें?उसका जवाब था- तुम… !मैं तो हक्का बक्का रह गया, ये क्या बोला उसने. पर उसने तो मुझे धोखा दे दिया था, पता नहीं उसको क्या काम पड़ गया था।मैंने रोजी को ही अपने शीशे में उतारने की सोची।मैं- अरे रोजी, नीलू कहाँ है आज?रोजी- क्यों उसने बताया नहीं आपको? बोल तो रही थी कि वो फोन कर लेगी आपको।मैं- अरे तो क्या वो आई थी? फिर कहाँ चली गई, उसको तबियत तो सही है ना?रोजी- अर्र हाँ सर… वो बिलकुल ठीक है….

!यह सुनकर वो कुछ गुस्सा हुई। मैंने बोला- नाराज़ मत होना मुझे सेक्स के समय गाली देना अच्छा लगता है, मेरी रांड. !वो- हाँ हाँ… मत छोड़ना मेरी जान!और मैंने अपना लण्ड उसके मुँह में दे दिया और मैं उसके दाने को अपने दाँतों से काटने लगा. मोनिका ने जबरदस्ती तितली सी फड़फड़ाती रीटा के चूतड़ों को टेबल टेनिस के बैट से ताबड़तोड़ पीटा तो रीटा भी हिंसक चुदाई में विश्वास रखने लग पड़ी थी.

मोनिका ने बताया की उसे अकंल लोगों और अपने से छोटे लड़कों के साथ छुप छुप कर चौदम-चुदाई का खेल खेलने में बहुत मजा आता है. फिर उनके लण्ड महाराज को पकड़ कर हिलाती हुई बोली- पापाजी, अब तो आपका यह महाराज भी गर्म है और मेरी महारानी में भी आग लगी हुई है इसलिए मैं आपके पांव पड़ती हूँ और विनती करती हूँ कि कृपया सब कुछ भूल जाएँ और जो खेल शुरू किया था उसे आगे खेलते रहिए! प्लीज़ इस महारानी की जलन को बुझाने के लिए इसमें अपने महाराज से बौछार करा दीजिए.

!!!!!! यह मैं क्या सुन रही हूँ… मेरे मॉम-डैड मेरे साथ एक ही बेड पर हैं और मेरी ही उपस्थिति में चुदाई का प्रोग्राम चल रहा है और ये लोग यह सोच रहे हैं कि मैं सो रही हूँ… लेकिन एक बात माननी पड़ेगी मेरे मॉम-डैड की… कि अभी तक बड़े ही शालीन ढंग से काम चल रहा था… कोई गाली-वाली नहीं, कोई चूत लंड जैसा शब्द उनके मुंह से नहीं निकला था। सिर्फ मेरे डैड ने ‘चोद’ शब्द ही बोला था।मॉम- सुनो.

उसके कमरे में आते ही मैंने अपने होंठों को उसके होंठों से लगा दिया, वो भी मेरा पूरा साथ दे रही थी, उसके निचले होंठों को अपने होंठों में भरकर उनको पीने का जो अहसास था वो मैं शब्दों में नहीं बता सकता. फुल सेक्सी नईमैं उसकी तरफ़ देख कर मुस्कराया और उसका हाथ पकड़ कर टब में खींचते हुये कहा- तो शरमा क्यों रही हो फ़िर?वो भी मेरे ऊपर लेटते हुये बोली- हमें किस की शर्म!वो मेरे ऊपर लेट गई, उसके लेटते ही बहुत सारा पानी टब के बाहर गिरा और हम दोनों आपस में फ़िर से चिपक गये. देसी गांड वाली सेक्सी वीडियोमैंने पूछा- क्यों?तो वो बोले- सुपारी मुँह में रख लेने से ज्यादा देर सम्भोग किया जा सकता है और जब गीली हो जाएगी तो वो उसे अपने मुँह में भर लेंगे. वह कराहने लगी और बोली- रुको!फिर हम कम से कम दो मिनट तक रुके रहे, जब लगा कि दर्द कुछ कम हुआ तो आहिस्ता-आहिस्ता अपने लंड को अंदर-बाहर करने लगा और भाभी भी अब खूब मजे ले लेकर चुदने लगी.

4-5 झटकों में ही उसकी भी झिल्ली फट गई और उसकी चूत से खून निकलने लगा लेकिन मैंने लंड के धक्के से उसकी चुदाई जारी रखी.

पूजा ने उन फ़ाइलों को बड़ी ही चालाकी से छुपा रखा था, उसने उन फ़ाइलों को विंडोज वाली जगह पर डाल रखा था और उनके नाम की जगह गिनती (1,2,3,4…) डाल रखी थीं. आधी पैंटी उठाई और मुझे झुकने को कहा…तीन चार फोटो उठाई गई…मोहित- ब्रेक… इनको टावल दो… दो कॉफ़ी मंगवाओ…मैं चुपचाप टावल लपेट कर बैठ गई मोहित सर मेरे पास आये. और फिर जब देखा कि उसे भी मज़ा आ रहा है तो मैंने एक झटका और दिया और मेरा लण्ड उसकी चूत फाड़ते हुए अन्दर जाकर धंस गया…एक बार तो वो छटपटाई, फिर मैंने धीरे धीरे लण्ड ऊपर नीचे किया तो उसे अच्छा लगने लगा.

मैं सोचने लगी कि मैंने पुशअप करने से पहले अपना स्वेटर और जैकेट उतार दिए थे, मेरी टी शर्ट कमर तक ही मेरा बदन छुपा पाती है अगर मैं अपनी जींस उतारती हूँ तो ये सभी लोग मेरी कच्छी (चड्डी) देख लेंगे, हाँलाकि मुझे अपनी कच्छी दिखाने में ज्यादा शर्म महसूस नहीं होती अगर वहाँ पर सिर्फ लड़कियाँ ही होती, लेकिन वहाँ तो दो लड़के भी थे अंकुर और दीपक. सभी लड़कियों के नाम डिब्बे में डाल दिये! अब भाभी ने आदिल को एक पर्ची उस डिब्बे में से निकालने को कहा. थोड़ी दूर चलने के बाद मेरे सामने एक गाड़ी आई और अचानक रुक गई, मैं अपनी धुन मैं था, मुझको वो दिखाई नहीं दी और मेरी बाईक उस गाड़ी को हल्के से टकरा गई.

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!उसने अपने लंड को हाथ से हिलाया और कहा- अपनी टाँगें फैलाइए और मोड़ लीजिए।मैंने अपनी टाँगें फैला लीं और घुटनों से मोड़ लिया। मुर्तुजा मेरी टांगों के बीच आया उसने अपने लिंग को मेरी योनि के पास रखा और हाथ से लिंग को पकड़ कर मेरी योनि के बीच ऊपर-नीचे रगड़ने के बाद सुपाड़े को योनि की छेद में टिका दिया।मेरी अंतहीन प्यास की कहानी जारी रहेगी।आप मुझे ईमेल कर सकते हैं।[emailprotected]. !मैं भी तो यही चाहता था। हम दोनों ने 2-2 पैग पिए। मैं तो नॉर्मल था, पर उसे काफी चढ़ चुकी थी। मेरे मना करने पर भी उसने तीसरा पैग ले ही लिया।फिर उसने मुझे अपने पास बुलाया और कहा- एक बात बताओ. !मैं काँप गई।उन्होंने कहा- हिलना मत !!और एक उंगली मेरी गाण्ड में डाल दी, बोले- वाह बहू… तेरी गाण्ड तो बड़ी ही मस्त है.

! अब मैं तुम्हें कॉल करूँगी तो आओगे न?मैंने ‘हाँ’ बोला और मैंने रिया की चुदाई के बाद और दो औरतों को जो रिया की ही सहेलियाँ थीं, उनको चोदा!यह थी मेरी सच्ची कहानी आप मुझे जरूर ईमेल कीजिए।[emailprotected].

ओ ओ…उसने घबरा कर मुझे छोड़ दिया और चला गया।यह घटना मैंने माला को बताई, उसने रोहित को फोन किया, रोहित ने फोन पर मुझसे और माला दोनों से माफी मांगी। उसके बाद मैंने माला से कहा- रोहित को समझा देना ! साला बड़ा कमीना है।वो बोली- भाभी, जाने दो न, अब वो ऐसा नहीं करेगा। यार भाभी तुम न… चलो छोड़ो !कहानी जारी रहेगी।.

उम्मीद करता हूँ आपको कहानी पसंद आई होगी।मुझे मेल जरूर लिखें… आपकी प्रतिक्रिया के आधार पर ही मैं आगे की कहानी लिखूँगा।. मेरी दीदी शिप्रा और पड़ोसन सोनिया द्वारा मेरी वर्षगाँठ और उसके बाद के दस दिन तक तोहफे में मुझे बहुत सेक्स दिया. ब्लू फिल्म एकदम सेक्सीऐसा लग रहा था जैसे मैं जन्नत में पहुँच गया होऊँ।अब वो गपागप मेरा लण्ड चूस रही थीं और मैं उनकी चूत चचोर रहा था, बीच-बीच में मैं जीभ अन्दर-बाहर भी कर रहा था।तभी उन्होंने पानी छोड़ दिया और झड़ गईं।मेरा भी माल उनके मुँह में ही निकल गया और उसे वो पूरा चूस गईं और बोली- अहा.

जब मेरा हाथ उनकी मुलायम चूचियों पर गया, तब मेरे हाथ में उनका स्पंजी ब्रा थी, जो मुझे डिस्टर्ब कर रही थी. अच्छा बुलाता हूँ !’फिर उसने गले पर एक उंगली फेर कर मुझे इशारा किया कि यदि कुछ कहा तो… और मुझे फोन थमा दिया।मैंने मम्मी से इंग्लिश में बात तो क़ी, पर सारी घटना के बारे में कुछ भी नहीं बताया, फिर मैंने रामदीन को यह कहते हुए फोन थमा दिया कि मम्मी उससे कुछ बात करेंगी।कहानी जारी रहेगी।मुझे आप अपने विचार मेल करें।. नहीं तो बाबू जी को मुझ पे शक हो जाएगा कि मैंने आपके साथ कुछ किया होगा तो देर हो गई है।’‘अरे कुछ नहीं कहेगा तेरा ससुर.

राजू को पीठ के बल चित कर राजू की पैंट में फंसे हुऐ पप्पू को जब अपनी चूत से पीटती और रगड़ती तो राजू शदाई हो जाता था. मैं समझ गया यह मेरी जान स्नेहा है।जब उसने गेट खोला तो मैं उसे देखता यह गया… मेरे मुँह से निकल गया- क्या माल लग रही हो.

मास्टर एक किताब में से उसे कुछ पढ़ा रहा था पर लड़की का ध्यान किताब में नहीं था वो अपने मास्टर की तरफ़ कामुक नज़रों से देख रही थी.

कि आप हमेशा मेरे साथ रहोगे… मैं आपको बहुत प्यार करती हूँ…मैंने भी वादा किया और उसे खुशी से विदा किया… उसका भाई उसको लेने आया था… मेरा साला पता नहीं साला क्यों आ गया…मैं जाना चाहता था उसको घर छोड़ने…. मैंने झट से ब्रा और पेंटी सहित अपने सारे कपड़े उतारे और अपना गुलाबी रंग का पारदर्शी सा नाईट गाउन पहना. पर जल्दी आ जाना।और मैं जल्दी से तैयार होकर ऑफिस के लिए निकल गया यह सोचता हुआ कि बहुत मजा आने वाला था शादी में…!!!कहानी जारी रहेगी।.

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दोस्तो, मैं अन्तर्वासना का नियमित पाठक हूँ और आज मैं पहली बार आप लोगों के लिए कुछ अपनी हकीकत लेकर हाजिर हुआ हूँ।मेरा नाम कुणाल शर्मा है और दिखने में काफी सुन्दर और आकर्षक हूँ, मैंने एम. मेरी चूत तो उस समय लण्ड की इतनी भूखी थी कि उसका मुँह अपनेआप खुलने लगा और देखते ही देखते उसने पापाजी के महाराज के सुपारे को निगलना शुरू कर दिया. !इस पर उन लोगों ने शुक्रवार के दिन की कहा और सुबह ही आने को बोला और अपन घर का पता दिया।मैं बोला- ठीक है आ जाऊँगा.

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दिन में न जाने कितनी बार शरारती मोनिका अपने जूतों के फ़ीते बांधती और अलग अलग पोज़ बना बना कर लड़कों को अपनी नन्ही चूत से लिशकारे मार मार कर दीवाना करती रहती थी. सच मानो दोस्तो, इस समय मुझे वो आनन्द मिल रहा था कि मानो बस यह सारी दुनिया यहीं रुक जाये!इन पलों के सामने स्वर्ग का आनन्द भी कम था. हँसना मत, मैंने कई लौड़े देखे है अपने स्कूल के बाथरूम में बॉयज-टॉयलेट के ठीक पीछे गर्ल्स-टॉयलेट है, मैंने एक बाथरूम में छेद किया हुआ है, बहुत छोटा है.

जोर लगाओ और चोदो मुझे…!उसने मेरी बात सुनते ही एक हाथ मेरे चूतड़ के नीचे रख कर पकड़ा और अपना लिंग थोड़ा बाहर खींच कर फिर से धक्का दिया और फिर. कभी उसके कमरे में तो कभी मेरे कमरे में।दोस्तो, मुझे तो मोहिनी भाभी ने ही सिखाया कि असली चुदाई का मजा क्या होता है।मेरी शादी हो गई है.

’उसके बाद वो मेरी कैपरी की तरफ देखने लगी जो कि मेरे पैरों के बीच में टेंट बन चुका था। वो मुस्कुरा कर चलने लगी और चली गई। उस बात को दस दिन हो चुके थे।एक रात को मेरी मम्मी ने कहा- तुम्हारे पापा बाहर गए हैं और रात को नहीं आने वाले हैं, तो तुम खेत में सोने के लिए चले जाओ.

मैंने कहा- मोनू बहुत अच्छा खेल रहा है, इसलिए मैं हार रहा हूँ, उसे क्या पता था कि मैं उसी की वजह से हार रहा हूँ. !’ बोल रही थी, पर अपनी कमर हिला रही थी। उसको मज़ा आ रहा था।मैं 69 की स्थिति में उसकी चूत चाट रहा था। अचानक मुझे ऐसे लगा जैसे मेरा लण्ड उसके मुँह के पास था। मैंने अपने लण्ड को उसके मुँह में महसूस किया वो मेरा लवड़ा चूस रही थी।यह मेरा पहला अनुभव था बहुत मज़ा आ रहा था। फिर दस मिनट के बाद मैं अपने लंड को उसकी चूत के ऊपर रगड़ने लगा और साथ-साथ उसकी टी-शर्ट और ब्रा एक साथ निकाल दिए।अय हय. इतनी मदद तो कोई भी करता है!यह कह कर मैं उसके पास गई और उसके माथे पर हाथ रखा, बुरी तरह तप रहा था, मैंने पूछा- दवाई ली?तो बोला- मैंने अभी तक डॉक्टर को नहीं दिखाया है!फिर मैंने बोला- मैं अभी आती हूँ!कह कर मैं अपने घर आई और कुछ दवाइयाँ लाकर उसको दीं और पूछा- किस डॉक्टर को दिखाते हो?तो वो बोला- नहीं.

मुझे नहीं पता था कि खून निकल रहा है, मुझे भी दर्द हो रहा है और मैं चड्डी तक नहीं पहन पा रहा हूँ।मैं उससे शाम को सिर्फ झगड़ती ही रही।अगले कुछ दिनों तक मेरी योनि में दर्द रहा, साथ ही योनि के ऊपर और नाभि के नीचे का हिस्सा भी सूजा हुआ रहा, योनि 2 दिन तक खुली हुई दिखाई देती रही।मैं अगले 2 हफ्ते तक सम्भोग के नाम से ही डरती रही।अपने प्यारे ईमेल मुझे लिखें।. पहले तो लड़की ने लंड की टोपी पर अपनी जीभ फिराई और फिर लंड को पूरा मुँह में लेकर चूसने लगी, और मास्टर असीम आनन्द का मजा ले रहा था. !मैंने कहा- अगर तुम्हें मज़ा नहीं लेना है, तो बाथरूम में अपनी चूत में उंगली क्यूँ कर रही थी?उसने कहा- तुमने मुझे नहाते हुए भी देखा.

जैसा बोल रही हूँ वैसा जल्दी से कर।मैं- ठीक है पर मैं तेरे सामने नहीं उतारूँगी तू अपनी आँखें बन्द कर।निशा- अच्छा बाबा.

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मैं नहीं मानता।उसने अपनी जीन्स उतारी, फिर अपनी चड्डी नीचे की।मैंने देखा, उसकी चूत एकदम गोरी, चिकनी थी और थोड़ी गीली भी थी।मैं समझ गया कि उसको भी मज़ा आ रहा है।मैंने बोला- हाँ… सच में एकदम मस्त है!फिर जैसे ही मैंने उसकी चूत को छुआ, वो सिसकारियाँ लेने लगी।फिर मैं अचानक उसको चूसने लगा।वो ‘प्लीज़ मत करो. आह्ह …बहुत मज़ा आ रहा है…।’रूबी अपने चूतड़ उछाल-उछाल कर मेरी मदद कर रही थी, हम दोनों मस्ती की बुलंदियों को छू रहे थे।तभी रूबी चिल्लाई- जानू…मुझे कुछ हो रहा है…आआहह जानू. 5 या 7 इन्च का लग रहा है।’फ़िर स्नेहा ने बिना कुछ कहे झट से मेरा लण्ड सीधा मुँह में ले लिया और उसे लॉलीपॉप की तरह चाटने लगी।लगभग 5 मिनट तक चूसने के बाद स्नेहा ने कहा- अब मुझसे रहा नहीं जा रहा है.

सच सच बता दे नहीं तो मैं तुझे मारूँगी…मैं- नहीं मामी, सच में आज पहला ही दिन था…मामी- पहले ही दिन कोई भी लड़की चुदवाती नहीं है… मुझे सब कुछ सच सच बता…मामी की आवाज़ में रौब था और मैं डर गया… मैंने तो रोना ही चालू कर दिया…तब मामी भी थोड़ी सी घबरा गई और मेरे पास आकर बैठ गई.

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