बुड्ढी औरत का बीएफ

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खूब चाटो मेरे जानू… तुम बहुत अच्छे से चाटते हो और चाटो आह…मैं और जोर-जोर से चाटने लगा।थोड़ी देर बाद वो खुद बोली- अमित, अब तुम मुझे, मेरी बुर को चोदो !मैं- नहीं पगली, मेरा लण्ड बहुत बड़ा और लम्बा है. सेक्सी वीडियो क्यों नहींवो फिर बोली- घुसेड़ो ना जल्दी!अब मैंने उसको कमर से पकड़ा, उसकी आँखें बंद थी, चेहरा ऐसे बनाया था जैसे पता हो कि दर्द होगा, मैंने जोरदार झटका दिया, मेरे लंड का अगला गोल भाग चूत में पहुँच गया, वो दर्द सहन करती हुई बहुत हल्का सा चिल्लाई- आह ऊह आआ!मुझे उसके दर्द का अहसास था क्योंकि उसकी चूत बहुत कसी हुई थी.

!वो यह सुन कर मुस्कुरा दी और अपने बालों से रबड़ निकल के बाल खोल दिए और मेरे साथ ही मेरे अन्दर का जानवर भी खुल गया।मैंने उससे पूछा- तुम्हारी कमर का साइज़ क्या है?तो उसने कहा- पता नहीं।मैंने कहा- मैं बता सकता हूँ. राजस्थानी सेक्सी वीडियो 18 साल की!करीब 5 मिनट तक आरोही ऐसे ही चीखती रही, अब वो दोबारा अपने चरम पर आ गई थी अब उसको थोड़ा मज़ा आने लगा था।आरोही-.

दस अंगुल का विस्तार निरख, मैं तो हो गई निहाल सखीसाजन सोते हैं या जागते हैं, अब ये विचार मन से दूर कियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !.बुड्ढी औरत का बीएफ: साजन ने कितना समझाया, मैंने एक भी न मानी उसकीसाजन के चुम्बन ले लेने पर, होंठों को हथेली से साफ़ कियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !.

तभी दीपाली उनके प्यार में पागल हो गई है।विकास- आ रहा हूँ रूको…विकास ने दरवाजा खोला और दीपाली को देख कर उसको मुस्कान दी।विकास- अब आ रही हो.फिर मेरा भी निकलने वाला था, मैंने भाभी से पूछा- मेरा भी निकलने वाला है !तो भाभी बोलीं- अन्दर ही झड़ना !मैंने कहा- कुछ हो गया तो !भाभी बोलीं- कोई बात नहीं.

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!आरोही मान जाती है और अपने आप को अन्ना के हवाले कर देती है। अन्ना उसको नंगा कर देता है और खुद भी नंगा हो जाता है। कपड़े निकालने के बाद आरोही को अन्ना से घिन आने लगी। वो काला-कलूटा मोटे पेट का आदमी था। उसका काला लौड़ा एकदम तना हुआ आरोही को घूर रहा था।अन्ना- बेबी मेरे नाग को शान्त करो जी… तुम बहुत अच्छा चूसती आ.उस दिन को याद करके मुँह में पानी आ गया।उसके बाद मैं आराम से लौड़े को चूसने लगी।अब मैंने जड़ तक उसको चूसना शुरू कर दिया। बड़ा मज़ा आ रहा था जीभ से उसको पूरा चाट रही थी।मैंने उसकी गोटियाँ भी चूसीं.

!”आंटी ने अपना डर जाहिर किया।फिर मैंने कहा- किसी को कुछ भी पता नहीं चलेगा, हम घर के बाहर वैसे ही रहेंगे जैसे पहले थे, बस हम घर के अन्दर ही प्रेमी-प्रेमिका रहेंगे।फिर भी दीपक, मुझे ये सब गलत लग रहा है, मैं तुमसे प्यार कैसे कर सकती हूँ. बुड्ढी औरत का बीएफ !” कामिनी बोली।चमेली कहाँ चूकने वाली थी, बोली- हाँ दीदी, यह सब आप लोगों की बदौलत हुआ है।बात बिगड़ते देख मैं बोली- चमेली तू फालतू बहुत बोलती है। अब जा चुदक्कड़ जीजू को खाने की टेबल पर ले आ।उन्हें गोद में उठा कर लाना है क्या.

अगले दिन मैं लाइबरेरी में बैठा असैन्मेंट्स लिख रहा था तो झलक आई और मेरी जांघों पर हाथ रख कर पढ़ाई की बातें करने लगी। अब वो 2-3 दिनों से यही कर रही थी, रोज मेरी जांघों या गाल पर हाथ फेरती या कभी चुपके से अपने बूब्स मेरे कंधों से छुआ देती।मैंने बोला- बस करो यार, हम दोनों में दोस्ती से बढ़कर कुछ हो जायेगा !तो वह हंस दी और मैं भी समझ गया, आखिर जवानी कब तक काबू में रहती.

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मेरी… हाय चूत फट गयी रे…चोद रे चोद…मेरी माँ आ…’मेरे चूतड़ अपने आप ही तेजी से उछल उछल कर जवाब दे रहे थे. मैं मम्मी से बता दूंगी।लेकिन मैं उसकी चूचियाँ दबाता रहा और थोड़ी देर बाद वो चुपचाप लेट गई।अब मैंने उसका टॉप उठाकर चूचियां चूसनी शुरू कर दीं।उसकी चूचियों का साइज़ अभी बहुत छोटा था. तुम मुझे कब से यहाँ खड़े हो कर देख रहे थे।मैं तो ये सुन कर एकदम डर गया। मैंने सोचा आज तो मैं गया काम से.

पर इन्हें अभी मसाज की जरूरत है। कुछ बड़े हो जायें तो इनकी छटा ही देखने लायक होगी।वो बोली- जब मसलती तो हूँ. यह ट्रेन्ड पंजाब और दिल्ली में बहुत है लेकिन साउथ इंडिया के लोग अभी भी बहुत मासूम है जैसे कि यह लड़का जय!जय मेरे ऊपर लेटा था. आधे से ज़्यादा मम्मे दिख रहे थे और स्कर्ट भी ऐसा कि जरा सा हवा का झोंका आए तो उसकी चूत भी दिख जाए।आरोही- वाउ.

!यह बात सुन कर मैं उससे दूर हो गया। मुझे बहुत शर्म आ रही थी क्योंकि वो मेरी चाचा जी की लड़की है।मैंने उसे बोल दिया- मुझसे नहीं होगा यह डान्स. मेरी सिसकारियों की आवाज सुनकर मेरा दोस्त बाथरूम के दरवाजे के पास आ गया उसने बाथरूम का दरवाजा खुला हुआ देखा तो वो सीधा अन्दर ही आ गया. चल तैयार हो जा रेलवे से सील तुड़ाई का भत्ता लेने को।नीलू- मतलब ?अबे यार जब ट्रेन में कोई बच्चा पैदा होता है तो रेलवे उस बच्चे को आजीवन यात्रा पास देती है अब तू भी क्लेम कर देना कि तेरी सील ट्रेन में टूटी थी सो रेलवे तुमको भी आजीवन ट्रेन में चुदने का पास से देगी हा हा हा.

न’ करने लगी।वो सब कुछ समझ रही थी और इसमें उसकी भी सहमति थी।फिर मैंने उसका पजामा भी उतार फेंका, वो अन्दर एक ब्लैक पैन्टी पहनी हुई थी। वाऊ. यह तो है। तुम्हारे जीजा जी काम से ज्यादातर बाहर रहते हैं मैं भी अकेली बोर हो जाती हूँ। आखिर कब तक ऐसे अच्छा लगेगा मुझे? तुम्हें तो पता ही है, हम लोग जब साथ में रहते थे हमारी क्या ऐश थी? अब इतनी पुरानी आदत है.

मेरी चूत जल रही है ! ऊऊहह मर जाऊँगी मैं… बस अब नहीं रहा जाता… मुझे छोड़ बहनचोद ! मेरी चूत को लंड चाहिए…उफफफ्फ़… शीना मादरचोद मुझे छोड़ !!!मैंने उसके उरोजों को ज़ोर से मसलते हुए उसके चुचूक चूस लिए और फिर उसके होंठों पर अपने होंठ टिका कर चुम्बन लेना शुरू कर दिया। वो मुझ से लिपटने लगी और मेरे होंठ चूसने लगी। मैंने अपनी ज़ुबान उसके मुख में घुसेड़ दी.

! मैं तेरी चूत को क़रीब से देखना चाहता हूँ।मैं अब तक बिल्कुल बेशर्म हो चुकी थी। मैं उसके सामने बेड पर अपनी टाँगें फ़ैला कर बैठ गई।वो मेरी गुलाबी चूत को देख कर बोला- बहुत प्यासी लग रही है ! लगता है काफी दिनों से नहीं चुदी है, इसकी प्यास और बढ़ाओ तो मज़ा आएगा.

आग दोनों और भयंकर लगी हुई थी !मैंने आगे झुक कर सोने के बहाने उसके घुटनों को छूने की कोशिश की और अपने हाथ वहीं टिका दिए, मेरे हाथ को पीछे हटाने आये उसके हाथों की उँगलियों को भी मैंने पकड़ लिया। अब वो डर चुकी थी और मुझसे हाथ अलग करने को कसमसा रही थी। अचानक पता चला कि गाड़ी की गति धीमी हो रही थी. !”करते ही जोर से झड़ गई।मैंने पूरा रस पी लिया और मस्त हो गई। दोनों को भी इसमे बहुत मजा आया और ढेर होकर दोनों हम एक-दूसरे से नंगी ही लिपटकर सो गईं।आज भी हम वक्त मिलने पर एक-दूसरे के साथ लेस्बीयन सेक्स करते हैं।यह मेरा पहला लेस्बीयन सेक्स का अनुभव था, आपको कैसा लगा,[emailprotected]पर जरुर बताइए।[emailprotected]. मैंने कस कर उसकी चूत को मसल दिया तो ऋज़ू- अह्ह्हा…आआआ… मेरी चूत भी तेरे लौड़े को पूरा खा जाएगी।उसकी भाषा हर तरह की लगाम छोड़ती दिख रही थी.

बच्चा है ये, इसे क्या पता!”बस देविन थोड़ी देर और, मैं नहा लूँ फिर तुम चले जाना!” और ये कह कर वो मेरी तरफ ऐसे देखने लगीं, जैसे कह रही है कि तुम रोज छ्त से देखते हो. पूजा अरोड़ासुबह तक तो आँख ही नहीं खुली, बड़ी गजब की नींद आई थी उस रात।उठ कर देखा तो पाया कि हम दोनों ही नंगे थे और ननदोई जी का लंड अभी भी खड़ा था।मन किया कि बैठ जाऊँ उस पर !पर रात बात याद आ गई तो हिम्मत ही नहीं हुई, कहीं सुबह सुबह हालत ख़राब न कर दें. !थोड़ी देर बाद जब जूही ढीली पड़ी तो रेहान ने अपने होंठ हटाए।जूही- अया ह आह आ रोनू प्लीज़ मेरी जान निकल जाएगी आह.

मेरा नाम अक्षय है और अभी मैं सर्विस करता हूँ। ये तब की बात है जब मैं 19 साल का था और पढ़ाई कर रहा था था। हमारे पड़ोस में एक भैया रहते थे, जिन्हें मेरे पापा ने नौकरी पर लगाया था.

प्रेषक : विजयमेरा नाम विजय है। मैं अहमदाबाद में रहता हूँ, मैं एक सादा और सामान्य लड़का हूँ। मैं गोरा तो नहीं हूँ, लेकिन स्मार्ट लड़का हूँ, मेरी हाईट 5’9” फ़ुट है, और मेरा लन्ड 5. ”मैंने इस मेल को एक बार पढ़ा फिर दोबारा पढ़ा, फिर कम से कम सात बात पढ़ा और मैं सोच में पड़ गया कि क्या जवाब दूँ इसका. ! चलो हम सब कम से कम कपड़े ही पहन लेते हैं।” जीजाजी चुहल करते हुए बोले- चलो पहले कपड़े ही बदल लेते हैं।सब लोग ड्रेसिंग रूम में आ गए।कामिनी बोली- सब लोग अपने-अपने ड्रेस उतार कर ठीक से हैंगर करेंगे, फिर मैं शाही कपड़े पहनूँगी.

!मैं चुप हो गया और दीदी को देखा, दीदी मुस्कुरा रही थीं और मेरे निक्कर की तरफ ही नज़र किये थीं। मैंने निक्कर नीचे कर दिया और अपना लंड निकाल दिया।मेरा लंड देख कर दीदी की आँख फट गई और बोलीं- उई भगवान इतना मोटा. वैसे मुझे तो बड़े बड़े लण्डों का तजुर्बा था, उनके सामने तो यह बस कटोरे में चम्मच था पर मैं भी कसमसाई और दर्द की झूठी नौटंकी करने लगी. ! अब कॉपरेट करना जी हम वादा करता सारा सबूत मिटा देगा। बस हमको मज़ादे दो बेबी…!आरोही- ठीक है अन्ना मैं रेडी हूँ… पर तुम धोखा मत देना मुझे…!अन्ना- नहीं जी.

थोड़ी देर में वो भी गांड हिला कर मजे लेने लगी और कुतिया की तरह हो गई फिर उसकी पतले लिप्स वाली चूत दिखने लगी, मैंने उसकी चूत में उंगली करनी शुरू की, वो ऊऊहह आआह्ह करने लगी, मैंने सोचा अब समय आ गया, मैंने अपना लंड उसकी चूत पर रखा और रगड़ना शुरू किया.

!”रेहान- अभी लो जान मैं सब ठीक कर दूँगा।इतना बोलकर रेहान वो कपड़ा पूरा हटा देता ही आरोही एकदम नंगी रेहान की नज़रों के सामने थी। उसके 32″ के गोल-गोल मम्मों और एकदम डबल-रोटी जैसी फूली हुई चूत और वो गोरा बदन जिसे छूते ही बदन में करंट दौड़ जाए। रेहान का लौड़ा पैन्ट को फाड़कर बाहर आने को बेताब था।आरोही- सी सी आह. बहुत प्यासी है ये आह…!रेहान नीचे लेट गया और आरोही को लौड़े पर बैठा कर पूरा लौड़ा चूत में ठेल दिया और आरोही को अपने सीने से चिपका लिया।अब रेहान नीचे से झटके मार रहा था। बाहर राहुल ने अपना लौड़ा निकाल कर उसको मुठ्ठी मारना शुरू कर दिया था।रेहान शातिर था, उसने ऐसे पोज़ बनाया कि राहुल को बाहर से लंड और चूत साफ दिखे। अब रेहान शुरू हो गया था धक्के पे धक्का लगा रहा था।आरोही- आआ आआ आह उफ़फ्फ़ चोदो आ.

बुड्ढी औरत का बीएफ !मैं फिर भाभी की चुदाई करने लगा। भाभी भी ‘अह्ह्ह्ह आह्ह्हह्ह्ह्ह सीईई’ की आवाज निकाल कर मेरा साथ दे रही थीं। उनकी आवाजों से मेरा जोश और बढ़ रहा था। हर झटके के साथ भाभी आह्ह्ह्हह्ह आह्ह्हह्ह” कर रही थीं। फिर मैं भाभी के ऊपर लेट गया और झटके लगाना चालू कर दिए, उनके होंठों को चूसते हुए, तो कभी बोबे दबाते हुए।भाभी अकड़ने लगीं, मुझे अपनी बांहों में दबा लिया और एकदम से बहुत सारा पानी छोड़ दिया।आहहह. लेकिन मैं चूसता रहा।मुझे लगा जैसे उसे मज़ा आ रहा है।मैंने चूचियाँ चूसते-चूसते अपना हाथ उसकी जाँघों पर फेर दिया।उसने थोड़ी देर विरोध किया और फिर अपने को ढीला छोड़ दिया।अब मैं हाथ पैन्टी में ले गया और उसकी कोरी चूत सहलाने लगा।कुछ ही देर में वो बिलकुल गीली हो गई.

बुड्ढी औरत का बीएफ ऊपर से मैं इतना डर भी गई थी कि मुझे कुछ समझ ही नहीं आया।‘फिर क्या हुआ?’ मैंने पूछा।रूचि एक कौर मेरे मुँह में मुस्कराते हुए डालते हुए बोली।रूचि- फिर अंकिता ने मेरे बाल खींचे और मुझे उठा कर अपने करीब लाई और मेरे होंठों को अपने होंठों से सी कर मेरे होंठ काटने लगी. दरवाज़े खुले फिर बंद हुए, कुण्डी उन पर सरकाई गईमैं जान-बूझकर सुन री सखी, निद्रा-मुद्रा में लेट गईसाजन की सुगंध को मैंने तो, हर साँस में था महसूस कियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !.

मगर मुझे तो बड़ा मज़ा आ रहा था।कसम से मेरी चूत पूरी गीली हो गई थी। जब कोई 25 मिनट हो गए होंगे मुझे चूसते हुए तो मैंने रफ़्तार से मुँह को ऊपर-नीचे करना शुरू कर दिया.

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मेरे अंग से उसके अंग का, रस रिस-रिस कर बह जाता थावह और नहीं कुछ था री सखी, मेरा सुख छलका जाता थाआह्लादित साजन को मैंने, पुनः मस्ती का एक ठौर दियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !. फ्रेंच बोला- मैंने तो अपनी पत्नी की मालिश एक खास तरह के खसखस के तेल से की और उसे बाद मैंने उसके साथ सेक्स किया…और वो पूरे बीस मिनट तक चीखती रही. आज तुझे पूरा मज़ा दूँगी !मैं- आह… तेरी तो सारी उम्र चोदूंगा मेरी रंडो !आधा घंटा चोदने के बाद मैं झड़ने वाला था।अनु- अहह… नहीं.

ऐसे ही करती है न ?”मुझे समझ आ गया था कि यह रितिका भाभी की ही चाल थी। वो मुझे बैठा कर रचना को बुलाने ही गई थीं।बस फिर क्या था मैंने भी रितिका को अपनी बांहों में भर लिया और रचना के सामने ही भाभी की चूचियों को मसक दिया, भाभी चुम्मी तो छोड़िये मैं तो उसके संतरे भी दबाता हूँ देखो ऐसे. !मैं अब तक चुदवाने के लिए पागला चुकी थी। मैंने उनको पूरी तरह नंगा कर दिया और अपने सारे कपड़े उतार कर उनके ऊपर आ गई। बुर को उनके लौड़े के सीध में करके अपने यौवन-द्वार पर लगा कर नीचे धक्का लगा बैठी लेकिन चीख मेरे मुँह से निकली- ओह माँ. ’ की आवाजों से कमरा गूंज रहा था।अब उसका दर्द जाता रहा और वो भी मेरा साथ देने लगी, वो अपने चूतड़ उठा-उठा कर मेरा साथ देने लगी।साथ ही वो सेक्सी आवाजें भी निकाल रही थी, आअह हिस्स हम्म आह हाहा.

इरफ़ान की बीवी सलमा ने फोन देखा तोमालूम है कि क्या हुआ?अरे कुछ नहीं हुआबस सलमा ने ‘LOW BATTERY’ पढ़ कर उसे चार्जिंग पे लगा दिया.

भाभी भी अपने चूतड़ उठा-उठा कर मेरा साथ देने लगीं और बोलीं- और जोर से करो… और जोर से करो… बहुत मजा आ रहा है. साजन ने नितम्ब सहलाये सखी, पूरा अंग मुट्ठी ले दबा दियाख़ुशी से झूमे मेरे अंग ने, द्रव के द्वारों को खोल दियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !. !”चमेली चाय लेकर नंगी ही अन्दर आ गई। इस बार चाय केतली में थी।चाय मेज पर रख कर अपनी चूचियों और चूतड़ों को एक अदा से हिलाया मानो कह रही हो ‘मंगता है तो राजा ले ले… नहीं तो.

!अन्ना- मैं ठीक हूँ जी कहाँ है वो लड़की जरा जल्दी दिखाओ न, मेरे को काम है, ज़्यादा समय नहीं रुक सकता जी. !वो चली गई, थोड़ी देर बाद मुझे पता नहीं क्या हुआ मैं भी उसके पीछे हो लिया। मैंने दरवाजे के छेद से देखा, वो अपनी स्कर्ट उतार रही थी। अब वो सिर्फ़ ब्रा और पैन्टी में थी।क्या लग रही थी… वो सफ़ेद ब्रा और पैन्टी में. !मैं तो हक्का-बक्का रह गया था, मैंने कहा- यार यहाँ तो सारे जहाँ की खूबसूरती मेरा इंतजार कर रही है और मैं बाँटने की सोच रहा था।तो रुबीना ने कहा- बाँटना है तो बाँट लो तुम्हारी फट जाएगी.

! सच बताओ माजरा क्या है…!आरोही- ओह्ह कहा है तो हम कल से रेहान रेहान कर रहे हैं इसलिए गलती से उनका नाम ज़बान पर आ गया यार ! और रेहान कैसे सील तोड़ेगा हा मेरे बॉय-फ्रेंड के बाद आपने मुझे चोदा और आपके कहने पर मैंने रेहान के लिए ‘हाँ’ की उसका नम्बर तो बहुत बाद में आया था, लेकिन मज़ा बहुत दिया रेहान ने, यह मैं जरूर बोलूँगी…!राहुल- हाँ ये तो है. एक बड़े अनोखे अनुभव ने, जीवन में मेरे किलकार कियामैं चिहुंकी मेरे अंग फड़के, मैंने उल्लास मय चीत्कार कियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !.

कोई अंतर नहीं आया… अभी भी पहले जैसी ही है… और अब यह किसी की अमानत है ! समझे…? जब मौका था तब तो तुमने चखा नहीं… तो अब तो तुमको देखने को भी नहीं मिलेगी…मनोज- और अगर जब विनोद आएगा तो उसको भी मना करोगी?सलोनी- और नहीं तो क्या…?? उसकी भी शादी हो गई. ! मैं चुदाने के लिए बेकरार रहती।एक दिन मैं रात में जिद कर के पूछने लगी, तो बोले- मुझे घाटा हो गया है !तो मैं बोली- सब ठीक हो जाएगा !तो वो बोले- कुछ ठीक नहीं होगा… मेरे पास पूंजी नहीं है. वो बोली- मधुरेखा जी, अगला करतब आप मेरे सामने करना, मैं देखना चाहती हूँ।तभी मैंने कहा- तो चलो, आज हम दोनों करते हैं, वही जो मैंने अकेली ने रात में किया.

!’तो हिमानी इस बात के लिए सहमत हो गई। मैंने जैसे ही उसकी चूत पर हाथ फ़िराया तो वो गीली-गीली सी लगी और हल्का सा पानी उसकी झांटों पर भी लगा हुआ था। पहले तो मैंने अपनी ऊँगली उसकी चूत में अन्दर डाल कर अन्दर-बाहर करनी चालू की, तो वो तेजी के साथ ‘आह आह ऊओह्ह ऊऊई स्सस्ससीईईई.

वो भी नीचे से गांड हिला कर मेरा साथ दे रही थी और बोल रही थी- य्य्य्याआ आआआअ आया तेज और तेज करो बेबी! मुझे चोदते रहो…आआ आआऊऊऊ मम्म म्मन्न न्न्न्न स्सस्स्म्म म्मम् म्मम्म!फिर मैंने उसके दोनों टॅंग को अपने कंधे पर रख कर फिर से अपना लंड को उसकी चूत में दल दी और तेज तेज धक्के लगाने शुरू कर दिए. बारिशस होने के पहले ही, सखी मेरा बांध था टूट गयामेरी जांघों ने जैसे कि नितम्बों का साथ था छोड़ दियाअंग का महल ढह गया सखी, दीर्घ आह ने सुख अभिव्यक्त कियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !. मेरी जीन्स क्यों खींच रहे हो…मनोज- अरे अह्ह्हाआआ… ओह यार ये इतनी टाइट क्यों है… नीचे क्यों नहीं हो रही… प्लीज जरा देर के लिए उतार दो ना…सलोनी- बिलकुल नहीं… देखो मेरी जीन्स भी मना कर रही है… हमको और आगे नहीं बढ़ना है, समझे…मनोज- यार, मैं तो मर जाऊँगा… अह्ह्हाआ…सलोनी- हाँ जैसे अब तक कुछ नहीं किया तो जैसे मर ही गए…मनोज- यार, जरा सी तो नीचे कर दो.

बाकी होर कोई ते सोन ई नी देंदा!***सन्ता बेचारा सेक्स से अनजान था, उसकी शादी किस्मत की मारी प्रीतो से हो गई, अपनी सुहाग रात को बिस्तर पर गया, जाकर लेट गया, कुछ करने का पता ही नहीं था।यह देख उसकी नवविवाहिता पत्नी प्रीतो ने खुद ही अपने कपड़े उतारे और सन्ता से पूछा- क्या तुम नहीं जानते कि मुझे क्या चाहिए?इस पर सन्ता ने कहा- नहीं!लड़की ने आपसे लिफ्ट मांगी,रास्ते में उसकी तबीयत ख़राब हो गई।आपको टेंशन!. मुझे जी भर कर प्यार करो और प्लीज़ मुझे भी हिरोइन बनना है…!रेहान बुदबुदाता हुआ- हाँ जान आता हूँ… कैमरा तो चैक कर लूँ सालों ने बराबर लगाए हैं या नहीं.

कोई दमदार गुस्से वाले सीन याद करना, मैं देखना चाहता हूँ तुम गुस्से में कैसी दिखती हो। कल सुबह दस बजे तैयार रहना ओके. साले तुम जैसे कमजोर इंसानों को कैसे ऐसे हसीन औरतें मिल जाती हैं। बेचारी जिंदगी भर असली मर्द के लंड के लिए तड़पती रहती हैं…सलीम ने इस बार सिर्फ़ स्माइल दी और चुप रहा।कुछ देर में खाना आ गया. बड़े ही प्यार से चूमते हुए शोना के अधरों ने लिंग तक का सफ़र तय कर लिया, मेरे समस्त निचले वस्त्रों को अलग करके मेरे लिंग को अपने मुख में भर लिया। बड़े ही प्यार से अपनी जिह्वा का वार मेरे लिंग के अगले भाग पर करने लगी.

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!और मैंने और नीचे से पकड़ कर उठाया तो उसके चूचे बिल्कुल मेरे मुँह के सामने थे।मैं उनकी खुशबू महसूस कर सकता था।तभी उसने मुझे कोहनी मारी- बस उठा कर भागेगा क्या… नीचे उतार दे अब तो.

!आरोही- भाई आपने बताया नहीं कि कौन सा खेल खेलेंगे?तभी जूही भी कमरे में आ गई।जूही- हाँ भाई मैं भी आ गई हूँ, अब बताओ क्या खेलें?राहुल- हम कुश्ती करेंगे. !कमरे में सब की हँसी गूँजने लगी। साहिल नीचे आ गया, जहाँ सब बैठे थे। उसने भी अन्ना और रेहान की आवाज़ सुन ली थी।रेहान- अरे क्या हुआ उन दोनों के बीच, ऐसी कुछ बात हुई क्या जिस पर शक किया जा सके. जिससे चूत और खुल गई और मैं और ज्यादा चाटने लगा।फिर मैं धीरे-धीरे उसे चाटता हुआ उसके ऊपर आया और उसकी टांगों को खोल लिया।अब मैं फिर से उसके कान खाने लगा और वो फिर से बहुत पागल होने लगी।अब मैंने मौका देखकर लंड उसके छेद पर लगाया.

मैं- फिर डॉक्टर ने कहाँ इंजेक्शन लगाया?सलोनी- अरे उस दिन मैंने पीला वाला लॉन्ग गाउन पहना था ना… बस… उसी कारण…मैं- अरे तो क्या हुआ जान… डॉक्टर जब चूतड़ों पर इंजेक्शन ठोंकता है… तो उसके सामने तो सभी को नंगा होना ही पड़ता है…मधु- हाँ भैया… मगर भाभी ने तो उस दिन. सुमित बोला- ‘अलीशा, देखो आखरी बार कह रहा हूँ, निधि की दिलवा दो पहले, वरना मैं तुम्हे छोड़ के कहीं दूर चला जाऊँगा, फिर बैठी रहना उंगली डाल कर!यह सब सुन कर मुझे हैरानी भी हो रही थी, डर भी लग रहा था और अच्छा भी लग रहा था. मारवाड़ी सेक्सी एचडी फोटोफिर तो और भी मजा आएगा।कविता- ओके, 2 मिनट इन्तजार करो।कविता ने अपना फोन निकाला और कॉल करने लगी।कविता- (फोन पर) हैलो डार्लिंग.

मेरा लिंग अब अपने पूर्ण स्वरूप में था जो उसके मुख में समा पाना मुश्किल था तो वह उसे बाहर ही और अपने हथेलियों के प्रयोग से उसका मर्दन करने लगी, मेरे अन्डकोषों पर भी उसके अधर अपनी छाप छोड़ने लगे. ! जीजाजी जैसा चाहेंगे, वैसा प्रोग्राम बना कर तुम्हें बता दूँगी।हम तीनों को तो जैसे मन की मुराद मिल गई। जीजाजी हम लोगों को छोड़ कर यहाँ क्या करेंगे !चलो.

!और मैं फिर से पागलों की तरह चूमने लगा और मैं इतनी तेज़ उसे पकड़े हुए था कि उसके पूरे खरबूजों का मज़ा आ रहा था।वो बोली- ठीक है रात को आऊँगी लेकिन अभी जाने दो. मुझे सच में मजा आने लगा और मेरे मुँह से निकल ही गया- शाहनवाज! आह… अब मजा आ रहा है… जरा जोर से चोदो ना…मेरा मन खुशी के मारे उछल रहा था… उसके धक्के बढ़ते ही गए… मेरे चूतड़ अब अपने आप उछल उछल कर चुदवा रहे थे… मेरे मुँह से अपने आप ही निकलने लगा-. प्रेषक : अमरीश पुरीप्यारे दोस्तो, नमस्कार। मेरा नाम अमरीश पुरी (बदला हुआ) है। अन्तर्वासना पर यह मेरी पहली कहानी है। आशा करता हूँ कि आप लोगों को जरूर पसंद आएगी। किसी प्रकार की गलती या त्रुटि हो तो क्षमा प्रार्थी हूँ।यह कहानी दो वर्ष पहले की है। जब मेरे भैया की शादी पटना शहर में ही तय हो गई थी। मैं उस समय बी.

लड़के का मुँह देख लग रहा था जैसे उसके हाथ से ना जाने कितनी कीमती चीज छीन ली गई हो…सलोनी- ओह ज़मील, आज मुझे जल्दी जाना है… फिर कभी तुम घर आकर आराम से चेक कर लेना…और सलोनी ने झुककर उस लड़के के मुँह पर चूम लिया…बस अब तो कबीर की प्रसन्नता का गुब्बारा फट पड़ा. चूत के मुकुट (क्लाइटॉरिस) को दोनों होंठों में दबा कर चूसने लगा तो भाभी मस्त होकर अपने कूल्हे उठा रही थीं, वो बोलीं- अभय, तुम्हें औरत की चुदाई करना बहुत अच्छी आती है. मेरी उम्र 26 साल है, शादीशुदा लड़की हूँ !हमारी शादी को चार साल हो गये हैं ।मेरे पति यों तो मेरा बहुत ख्याल रखते हैं लेकिन एक दो बार संभोग के बाद वह गुदा मैथुन की मांग करने लगते हैं।हालांकि मुझे खुद गुदा मैथुन से कोई परहेज नहीं लेकिन मैं जानना चाहती हूं कि क्या गुदा मैथुन सही है?साथ ही मैंने सुना है कि गाण्ड मरवाने में बहुत दर्द होता है?.

और अब तो उसने बिना कच्छी के पहनी है…उसकी जीन्स का बटन उसकी चूत की लकीर से एक इंच ऊपर ही था और फिर २ इंच की चेन है.

!रेहान ने आरोही को इशारा करके बैठने को कहा तो वो अन्ना के पास जाकर बैठ गई।यह देखकर अन्ना खुश हो गया।अन्ना- लड़की तो अच्छी है, लेकिन थोड़ा छोटा होना जी. आपका प्यारा सा सनी गांडूप्रणाम दोस्तो, कैसे हो सब…!पिछले भाग से आगे-मुझे लग रहा था कि वो मेरे नंगे जिस्म की तारीफ करते ही मुझ पर सवार हो जाएगा लेकिन वो झिझक रहा था।फिर क्या था उससे हिम्मत ही हुई नहीं और मैं अपने इरादे पर अटल था।मुझे पहल नहीं करनी थी, मैं नहीं चाहता था कि वो सोचे कि कितना चालू गांडू निकला, उसका रूम पार्टनर.

मादरचोद खड़ा हुआ या चूस कर खड़ा करूँ?मैं- रुक जा लंड की मालिश तो कर लूँअनु खुद ही मालिश करने लगी और मेरे ऊपर बैठ कर लंड अंदर लेकर उछलने लगी।अनु- कम ऑन माय मैन. अब क्या करूँ?रेहान ने टेबल की दराज में से कुछ दवाई की गोलियाँ और एक क्रीम आरोही को दी और उसको कहा- अभी एक गोली खाकर यह क्रीम अच्छे से चूत पर लगा लो और एक घंटा सो जाओ, आराम मिल जाएगा, तब तक मैं नहा कर आता हूँ. फिर से मेरी चूत का पानी निकलने लगा और उसी वक़्त आनन्द ने ज़ोर से फटके मारने शुरू कर दिया और फिर उसके लंड से मलाई के फुव्वारे निकलने शुरू हो गए।मुझे महसूस होने लगा आनन्द का गरम पानी मेरी चूत में निकलने लगा है… मैंने आनन्द को कस कर पकड़ लिया.

और जोर से चूसो… ओह ओह ओह ओह ओह… हाँ हाँ हाँ ऐसे ही… चूसो इन्हें…उसका ऐसा कहने से जैसे मुझमें और जोश आ गया था और मैं बस उसके मम्मों में घुसा जा रहा था. तो वो अपने कमरे में जाकर सो गई।उधर खाना ख़त्म करके दीपक और प्रिया कमरे में चले गए।प्रिया- भाई किताबें निकाल लो. बड़ा मज़ा आता है मैंने भी…दीपाली जोश-जोश में बोल तो गई मगर जल्दी ही उसको ग़लती का अहसास हो गया और वो एकदम चुप हो गई।प्रिया- अच्छा तो ये बात है… हाँ बड़े मज़े ले चुकी है तू.

बुड्ढी औरत का बीएफ रेहान ये क्या है इतना बड़ा और मोटा ओफ…!रेहान- हाँ जान यही तुम्हारी चूत की प्यास बुझाएगा अब…!आरोही- नहीं. मैंने तो चूस डाला उसको !उसकी चूत को अपने मुँह में लेकर जितना अन्दर डाल सकता था, डाला और चूसने लगा…उससे रहा नहीं जा रहा था, उसने बोला- भोसड़ी के, जल्दी चोद ! रहा नहीं जा रहा है.

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दुबारा ज़ोर से धक्का मारा तो पूरा लंड उसकी गाण्ड में घुस गया और फिर ज़ोर-ज़ोर से शॉट लगाना शुरू कर दिया।पाँच मिनट बाद वो भी पूरा साथ देने लगी बोली- मार अपनी चाची की गाण्ड, फाड़ दे. मेरा दिल रखने के लिए दो घूँट खींच डालो।”उनके जोर देने पर मैंने वो पैग खींचा। तब तक मैंने पूरा खाना गर्म कर दिया था, टेबल पर लगाने लगी मेरा सर घूमने लगा था। मस्त दुनिया दिख रही थी, मानो पाँव ज़मीन पर नहीं लग रहे थे।कहानी जारी रहेगी।मुझे आप अपने विचार यहाँ मेल करें।[emailprotected]कहानी का अगला भाग:कड़क मर्द देखते ही चूत मचलने लगती है-2. अलीशा बोली- सुमित कई दिन से ज़िद किए हुए है कि मेरी किसी फ़्रेंड के घर पर मिला जाए, तो मैंने तुमसे पूछा है.

थैंक्स यार ऐसी कच्ची कली को तोड़ने का मौका देकर तूने मुझे अपना कायल बना लिया है।राहुल- यार इसे हुआ क्या है. !और मैं ‘आआहह’ की आवाज़ के साथ झड़ गया। और हाँफने लगा, थोड़ी देर तक हम दोनों ऐसे ही पड़े रहे।वो कहने लगी, राहुल मुझे आज तक ऐसा मज़ा मेरे पति ने नहीं दिया. हिंदी में सेक्सी स्केनजी माँ, अभी लाया!” और मैं रसोई से बिस्कुट ले आया और उसके बेटे को अपनी गोद में ले लिया और उसके साथ खेलने लगा.

छोरी पट जाए…खैर साहब लौंडा पट गया था, अब मुझे अपनी ‘कंटो’ की खुजली का इलाज कराना था।कोचिंग खत्म हुई पीयूष और मैं बाहर निकले, पीयूष ने मुझसे कहा- चल कॉफ़ी पीने चलते हैं।मैंने कहा- आज नहीं कल चलेंगे.

मैंने चूत को थोड़ा सहलाया, फिर उसके सलवार को उतार दिया और वो मेरे सामने केवल ब्रा और पेंटी में खड़ी थी. !”पहले हम साथ-साथ थोड़ी रहते थे अब जब तीन दिन से तुझे देख रहा हूँ तो महसूस किया, इसलिए तारीफ कर दी। तेरे गोरे बदन पर एक बाल तक नहीं दिख रहा।तुम्हारी बॉडी पर तो घने बाल हैं ना.

करीब 5 मिनट बाद उन्होंने लंड पूरा अंदर घुसा कर रोक लिया और पूरा वीर्य मेरी गांड में भर दिया और हम ऐसे ही पड़े रहे।काफ़ी देर बाद मैं उठ कर फिर नहा कर तैयार होकर आई और हम लोग शादी के लिए निकले. दोनों एक-दूसरे के पास लेटे हुए मुस्कुरा रहे थे जैसे कोई किला फतह करके आए हों।आरोही- क्या देख रहे हो भाई…!राहुल- तुम्हें देख रहा हूँ न… कल तक तो में खेल-खेल में तुम्हारे मम्मों को टच करता था। लौड़ा चूत पर रगड़ता था और आज देखो तुम मेरे सामने नंगी पड़ी हो, जब चाहूँ मम्मों को दबा दूँ. बल्कि वो हैवान जिस तरह मेरी इशरत को चोद रहा था… उसे देख कर ही मेरा लंड फटने को हो रहा था।फ़च… फ़च… की आवाज़ गूँज रही थी पूरे कमरे में !इशरत की दर्द भारी आहें किसी को झाड़ने के लिए काफ़ी थी.

पर मैंने खुद को संभाल लिया… तभी झट से नीचे लेट कर फिर मोमबत्ती जला कर दो मिनट उसकी लपट बढ़ने तक इन्तजार किया.

फिर मुझे कहने लगी- तुम्हें जब भी गोलू से मिलना हो, घर आकर मिल लेना…”हाँ बेटा कभी जाना हो चले जाना और उसे यहाँ ले आना, यहीं पर खेलता रहेगा. क्या गर्मी है तेरे होंठों में…! आह… चूस जानेमन आह…! मेरे लौड़े के नसीब में इतने मखमली होंठ लिखे थे, ये मैं सोच भी नहीं सकता था. बात करते-करते मैंने पूछा- क्यों, कल रात जैसा आज भी कुछ खेलें?‘क्या? आज तो सिर्फ हम दोनों ही हैं?’ वो बोली.

नेपाली सेक्सी वीडियो प्लेवो अब भी बेसुध लेटा हुआ था मैंने हिम्मत करके उसकी पैन्ट का हुक खोला और लौड़ा बाहर निकाला।अरे यार तुझे क्या बताऊँ. उसकी आइ ओओओईईइ वाली आहें आअह्ह ओओह्ह में बदल चुकी थी, वो अब खुद भी हिल हिल कर मजे ले रही थी और अब बोलती रही- चोदो! चोदो! तुम बहुत मजा दे रहे हो! आआह्ह चोदो मेरे राजा! पूरे साल कुछ नहीं गया मेरी चूत में, आज तुम्हारा लंड अंदर लेकर बहुत ख़ुशी हुई! आह ओह राआजाआअ लव आआह्ह्ह्ह मैं गई! आह्ह!मैं अभी शुरू ही हुआ था और वो बिखर गई.

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भैया ने कहा- उनको बस-स्टैंड जाना है, तुम्हारी भाभी को डर लगता है इसलिए हो सके तो तुम आज रात को हमारे घर पर ही सो जाओ. !और मैंने धीरे-धीरे करते हुए अपनी रफ्तार बढ़ा दी। उसे भी मजा आ रहा था और मुझे भी करीब 20-25 मिनट हमारा चुदाई का कार्यक्रम चला और मैं उसकी चूत में ही झड़ गया।वो बोली- अरे यह क्या कर दिया, जल्दी निकाल… कर दी ना गलती. !मैं खुश हो गया और दीदी को ज़ोर से अपने गले से लगा लिया और बोला- प्रॉमिस, पक्का अब नहीं करूँगा। फिर हमने खाना खाया और टीवी देखने लगे।फिर एकदम से दीदी बोलीं- राज तेरी कोई गर्ल-फ्रेंड नहीं है क्या.

दिल बाग़-बाग हो गया। मैंने भी तुरन्त जबाब दे दिया, आई लव यू टू”।अब हमारे प्यार की कहानी आगे बढ़ने लगी रोज ही आँखों में मस्ती होती थी। मैं अपने सजने-संवरने पर विशेष ध्यान देने लगी थी। अपने मम्मों को उठा कर चलने लगी थी और पीयूष को मम्मों की झलक आराम से मिले ऐसी कोशिश करने लगी थी।एक दिन पीयूष ने मुझे मैसेज भेजा, अब रहा नहीं जाता है मुझे सब कुछ करना है. देखने लगे।तो दोस्तो, अगली कहानी में बताऊँगा कि पूजा बेटी को कैसे चोदा और चोदने के बाद क्या हुआ।मेरी यह कहानी आपको कैसी लगी मुझे इसके बारे में मुझे मेल करें![emailprotected]. !मैं उसके चूचियों को ब्रा के ऊपर से ही मसलने लगा। उसकी चूची सन्तरे की तरह कड़क हो चुकी थीं। मैंने फिर उसकी ब्रा उतार दी.

!मैंने एक पैग खींचा। उसने काफी दारु खींच डाली। उसको काफी नशा हो गया। वो पक्का पियक्कड़ निकला।वो खाना खाने जाने तक लायक नहीं रहा, सोचा था आज शायद नशे में मुझ पर हाथ फेरेगा. जुबैदा ने उसे हाथ में लिया और उसे सहलाने लगी, जैसे उसे चुदाई की जल्दी हो !बिरजू ने फिर उसके घाघरे का इजारबन्द खींच दिया दी और उसे पूरी नंगी किया !जुबैदा को नंगी देख कर, गोरी गोरी जांघें, मांसल शरीर देख कर मेरा तो अंग अंग मचल उठा… मेरा सिर गर्म हो गया… चड्डी में लंड फड़फड़ाने लगा !बिरजू का हाथ जुबैदा की जान्घों में फिरने लगा. !आरोही समझ गई कि अन्ना क्या चाहता है पर वो इसके लिए रेडी नहीं थी और उसको मना भी नहीं कर सकती थी, वो बड़ी दुविधा में आ गई कि क्या करे अब.

कहानी का पिछला भाग :चूत चाटने का मजा-1उसके बुर में छेद पर से उंगली से झाग हटाया, नहीं तो रेज़र से उसकी बुर कट जाती. तो दीपाली की काली पैन्टी में उसकी फूली हुई चूत दिखने लगी। दीपाली के होंठों पर क़ातिल मुस्कान थी।अब बस ब्रा-पैन्टी में खड़ी वो.

सिर्फ इंतज़ार था।देवर जी कमरे में आए, मुझे देखते ही उनकी लार टपक पड़ी।मैंने कहा- कल यही देखना चाहते थे न… आप.

मैंने वैसे तो कीर्ति दीदी और बबिता आंटी की नंगी गांड का बहुत मजा लिया था पर फिर भी मधु दीदी की गांड बहुत अच्छी लगने लगी थी. मारवाड़ी सेक्सी वीडियो इंडियाभाभी बहुत ही गर्म हो चुकी थीं, उनकी सांसें बहुत गरम और तेज़ निकल रही थीं और मैं भी पूरे जोश में आ चुका था. भाभी की सेक्सी वीडियो न्यूनिक्की साली मुझे नंगा कर दिया और खुद साली कपड़े पहने हुए है।निक्की मेरे स्तनों को मसलने लगी। मैं तो पहले ही उतेज़ित थी, निक्की के हाथों के स्पर्श से मेरे चुचूक कड़े हो गये। वो झुकी और उसने अपने तपते होंठ मेरे चुचूकों पर रख दिए, साथ ही बोली-. वैसे मुझे तो बड़े बड़े लण्डों का तजुर्बा था, उनके सामने तो यह बस कटोरे में चम्मच था पर मैं भी कसमसाई और दर्द की झूठी नौटंकी करने लगी.

! क्या लण्ड है… ओह हाईई … चोदो राजा… बहुत अच्छा लग रहा है… ओह हह हाऐईयइ मेरा निकलने वाला है… ओह मैं गईईई.

जय- ओह वाओ! ब्यूटीफुल! तुम्हारे निप्पल तो पिंक हैं, आई लव यू!मैंने देखा जय भी एक हाथ अपनी पैंट में घुसाया हुआ था. पर अंकल जींस की चेन को अपने अंगूठे और उँगलियों से पकड़ बड़े रुक रुक कर खोल रहे थे…चेन ठीक सलोनी की फूली हुई चूत के ऊपर थी. फिर मैंने अपना लंड मीनू के मुँह में दे डाला और उसे लंड को चूसने के लिए कहा। मीनू ज़ोरों से मेरा लंड चूसने लगी और बोली- अब से यह लंड मेरा.

सखी साजन ने जल के अन्दर, मुझे पूर्णतया निर्वस्त्र किया,हाथों से जलमग्न उभारों को, कई भांति दबाकर छोड़ दिया,जल में तर मेरे नितम्बों को, कई तरह से उसने निचोड़ दियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !. नीलू… उसने बहुत काम संभाल लिया है…सलोनी- ओह… तो यह बात है, लगता है उसने मेरे बुद्धू राजा को रोमांटिक भी बना दिया है…उसने आँखे घूमाते हुए बोला- …केवल ऑफिस का काम ही ना… फिर लण्ड को पकड़ते हुए… कुछ और तो नहीं ना…??अचानक मेरे दिमाग में विचार आया और बोला- …क्या यार सलोनी. !मैं हतप्रभ था।मामी ने कहा- अब तो मत शर्माओ !मैंने कहा- ठीक है मामी जी !मेरे तो दिल फिल्म का वो गाना चलने लगा:तूने मारी एंट्रियां रे.

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5 मोटा ही है। उसमें मुझे मज़ा नहीं आता है। सैंडी मुझे आपका लंड बहुत पसंद आया। प्लीज़ जल्दी करो, मैं और अब नहीं रुक सकती. वो हमेशा ऐसी ब्रा पहनती थी कि उसके चूचे मिसाईल की तरह लंड पर वार करते थे।मैं हमेशा से ही उसके चूचों को देखने की ताक में रहता था और जब कभी उसकी ब्रा के थोड़े से भी दर्शन हो जाते. !और मैंने धीरे-धीरे करते हुए अपनी रफ्तार बढ़ा दी। उसे भी मजा आ रहा था और मुझे भी करीब 20-25 मिनट हमारा चुदाई का कार्यक्रम चला और मैं उसकी चूत में ही झड़ गया।वो बोली- अरे यह क्या कर दिया, जल्दी निकाल… कर दी ना गलती.

!”जीजाजी कामिनी की बुर की टीट चूसने लगे कामिनी मुझसे बोली- सुधा आ तू, मुझे अपनी बड़ी-बड़ी चूची पिला दे.

उसके बाद ही तेरी गाण्ड मारूँगा।दीपक और प्रिया अब एक-दूसरे के होंठों का रस पीने लगे थे।बस दोस्तों आज के लिए इतना काफ़ी है। अब आप जल्दी से मेल करके बताओ कि मज़ा आ रहा है या नहीं.

!रेहान- हाँ अन्ना ये बात तो है, ऐसा करो आज की शूटिंग कर ही लो। सचिन को मज़ा दिला कर साहिल को बुला लेंगे। उसके बाद तुम कर लेना और तुम्हारे ये सब आदमी को भी उस पर छोड़ देंगे, नोच खाएँगे सब मिलकर उस रंडी को और उसकी बहन को हा हा हा हा …. !गिरिजा- मेरे पति मुझे बच्चा नहीं दे पा रहे हैं।मैं- क्या?गिरिजा- हाँ बाबा…मैं- तुमने किसी डॉक्टर से सलाह ली. सेक्सी पिक्चर ब्लू पिक्चर चुदाईमैं अमित शर्मा एक बार फिर लेकर आया हूँ अपनी सच्ची दास्तान !बात उन दिनों की है जब मैं इंजिनियरिंग के फाइनल ईयर में था, मेरी गर्लफ्रेंड थी नेहा !नेहा के बारे में मैं आपको बताता हूँ, उसकी उम्र 23 थी, हाइट 5’6″.

! कितनी ही बार झड़ाओगे मुझे लेकिन मैं मैदान छोड़ कर हटूँगी नहीं… चोदो राजा और चोदो …बड़ा मज़ा आ रहा है… चोदू. सब शांत हुआ लेकिन री सखी, मैं साजन से लिपटी ही रहीमेरे अंग में उसके अंग की सखी, गहन ऊष्मा घुलती रहीमुझे पता नहीं कब साजन ने, मुझे तट पर लाकर लिटा दियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !. प्रीतो मायके जा रही थी।सन्ता ने देखा कि प्रीतो ने अलमारी से कुछ निकाल कर अपने बैग में रख लिया।यह देख कर सन्ता ने सोचा- वेखां ते की पाया ऐन्ने बैग विच!प्रीतो इधर उधर हुई तो सनता ने बैग में देखा और बोला-किन्नी भोली ऐ! मैं नाल वी नी जा रया,फ़ेर वी….

मेरा अपना खाद्य सामग्री निर्माण बड़ा कारखाना है मेरे कारोबार में जरूरतमंद अविवाहित, तलाकशुदा और विधवा को काम देने में मैंने शुरू से प्राथमिकता दी है. ‘हाय! मजा आ रहा है… लगा… जोर से लगा… ओई उ उईई…’‘हाँ…मेरी रानी… ये ले… येस… येस… पूरा ले ले… सी…सी…’‘शाहनवाज… मेरे शाहनवाज… हाय… फाड़ दे… मेरी चूत को… चोद दे…चोद.

क्यों तुम दोनों मज़े नहीं लोगी क्या?दीपाली हँसने लगती है और उसके साथ दोनों भी मुस्कुरा देते हैं।दीपाली- दीदी वो वाली मूवी लगाओ ना.

गोग जैसी आवाजें निकाल रहा था। थोड़़ी देर में मुझे भी लंड चूसने में मजा आने लगा, ऐसे लग रहा था कि चोकलेट वाली आइसक्रीम खा रही थी।जीजा ने अब मेरे मुँह से लौड़ा बाहर निकाला और मेरी टाँगें फैला कर मुझे सोफे में लिटा दिया, उसके होंठ मेरी चूत के होंठों से लग गए और वो मुझे सीधा स्वर्ग भेजने लगे- आह इह्ह ओह्ह ओह जीजा जी! आह. मैं हिल भी नहीं पा रही हूँ…!रेहान उसे गोद में उठा कर बाथरूम तक लेकर गया, बाथटब के पास बैठा कर गर्म पानी से उसकी चूत का खून साफ करने लगा।जूही- आआईइ ससस्स बहुत दु:खता है. नीचे बिस्तर पर एक बड़ा हिस्सा गीला हो चुका था…तभी उस आदमी के जोरदार गुर्राहट के साथ उसने दीदी के चूत में अपना वीर्य भरना शुरू किया और यहाँ दीदी की चूत से उनका चूत रस और वीर्य मिलकर बाहर बहने लगा।उसने अपना लंड दीदी की चूत से बाहर निकाला.

सेक्सी कार्टून वाली सेक्सी !रेहान- अच्छा किया तूने, आरोही की गाण्ड बहुत मस्त है, मेरा बहुत मन था मारने का आज सोचा मारूँगा, पर तूने पहले ही इसको खोल दिया। कोई बात नहीं, अब मुझे ज़्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ेगी, आ…हह. उसकी मुँह से घुटी सी आवाज निकली, उई,” मैं थोड़ा रुका और नीलू की नारंगियों को अपने हाथ से सहला कर उसे बड़े प्यार से देखा और इशारे से पूछा तो उसने भी मूक स्वीकृति दी मैंने उसकी सहमति से एक ठाप और लगाई।उई ईईई.

क्या कर रही हो जान…?मेरा लण्ड फिर खड़ा हो उसकी गांड में दस्तक देने लगा…सलोनी- क्या बात है जानू, कल से कुछ ज्यादा ही रोमांटिक हो रहे हो… क्या बात है… आज तक तो कभी रसोई में भी नहीं आये और अब हर समय यहीं… जरूर कुछ तो बात है…मैं- हाँ जान… मैंने अब अपने काम को बहुत हल्का कर लिया है… और अपनी जो सेक्ट्रेरी रखी थी ना. प्रेषक : आशीष सिंह राजपूतअंतर वासना डॉट कॉम के सभी पाठकों को इलाहाबाद के आशीष का राम राम ! वैसे तो मैं व्यस्त रहता हूँ मगर जब कभी समय मिलता है तो अंतरवासना की कहानियाँ ज़रूर पढ़ता हूँ. अब तो बाजा बजवा कर ही उठना।मैं समझ गया कि लौंडिया सिर्फ बकचोदू ही है इनके बस की चुदाई नहीं है, मुझे ही कुछ करना पड़ेगा और फिर मैंने नीचे से ही धक्के मारने चालू कर दिए।सीमा के मुँह से दर्द भरी आवाजें निकलने लगी, आए ….

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अब मैं जॉब करती हूँ और मैं जॉब के कारण ही कनाडा जा रही हूँ, कल सुबह ही मैं कनाडा चली जाऊँगी हमेशा के लिए. वो मंगवा लो। आज तुम्हारे मन का ही खाऊँगा।तो माया ने वेटर को बुलाया और उसे आर्डर दिया और स्टार्टर में पनीर टिक्का मंगवाया।सभी पाठकों के संदेशों के लिए धन्यवाद. !मैंने उसे उठाया और उसको भी नंगी कर दिया, उसको लिटाया और उसकी योनि में ऊँगली करने लगा।उसे थोड़ा दर्द भी हो रहा होगा, पर उसने कुछ कहा नहीं और मैं अपनी ऊँगली से उसकी बुर को सहलाता रहा।थोड़ी देर बाद वो बोली- यार, अब डाल दो अपने लन्ड को मेरी इस बुर में… तड़पाओ मत.

अब ज़रा सोच राजे… अगले बीस दिन तो खुल के हम तीनों चुदाई करेंगे… तेरी बीवी के आने के बाद भी कुछ ना कुछ रास्ता निकल लेंगे चोदने का… क्यों ठीक है ना… खुश मेरा राजा. ???मैं- हाँ यार दोनों खूब चुदाई भी करते हैं…किशोरी- छीइइ इइइ… ये कैसी भाषा का प्रयोग कर रहे हो??मैं- कमाल है यार… जो कर रहे हैं उसे बोलने में क्या हर्ज है.

शहजादा सलीम- हमारी अम्मी, अब्बू हमसे इतना प्यार करती थी कि हमें सुलाने के लिए वो सारी रात जागते रहते थे और फिर भी हम नहीं सोते थे….

खैर आपने भगवान को धन्यवाद दिया और घर के लिए निकल लिए।फिर रास्ते में ख्याल आया कि जो दो बेटे आपके घर पर हैं !!वे किसके हैं. आह ज़ोर से उ आह मज़ा आ रहा है…!साहिल दे दनादन झटके मारने लगा। उसका लौड़ा चूत की गहराई तक जाता और पूरा बाहर आ जाता, फिर ज़ोर से अन्दर जाता। जूही की नन्ही चूत इतना कहाँ बर्दाश्त कर पाती, उसका बाँध टूट गया।जूही- आआआ एयाया फास्ट प्लीज़ आह फास्ट मैं झड़ने वाली हूँ उईईइ मेरी चूत आआ. तुम मेरा मतलब समझ रहे हो न?राहुल कुछ बोलता, इससे पहले आरोही बोल पड़ी- रेहान जी डांस मुझे बहुत अच्छा आता है, रही बात एक्टिंग की, आप अभी आजमा लो और जो आप कह रहे हो न.

इरफ़ान बोलने लगा- हाँ तो मैं कह रहा था कि एक पुरुष और एक महिला…लेकिन पप्पू ने फिर से बेताबी से हाथ हिलाना शुरू कर दिया. करने लगी। मैंने उसकी ब्रा भी उतार दी और उसको बेड पर लेटा कर उसकी चूचियों को मुँह में लेकर चूसने लगा। सीमा की सिसकारियाँ गूंजने लगी थी। मैं कभी उसकी दायीं चूची को चूसता तो कभी बायीं चूची को।सीमा मस्ती के मारे सिसिया रही थी- चूस लव चूस जोर से चूस मेरी चुचियाँ…. तू है ही इतना प्यारा कि तुझ पर तो सो चूत और गांड कुर्बान… हय्यई… क्या लोड़ा है तेरा मेरे कबीर!…आह्ह! आज तो मैं अपनी प्यास बुझा क़र रहूंगी…मैं भी चाची, आपके घर के कितने चक्कर लगता था कि आप पट ही जाओ!चाची- मैं भी तो तुझे कितनी हिंट देती थी, तुझे झुक झुक क़र अपने चुच्चे दिखाती थी.

साजन ने समझी दशा मेरी, मुझको नीचे फिर किया सखीमैंने अपनी दोई टांगों को, उसके कन्धों पर ढलकाय दियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !.

बुड्ढी औरत का बीएफ: क्या है बताओ न…!आरोही- इस चादर को खींचो पता चल जाएगा…!राहुल चादर पकड़ कर खींच देता है। आरोही को देख कर उसकी ख़ुशी का ठिकाना नहीं था। क्योंकि आरोही एकदम नंगी सीधी लेटी हुई थी।आरोही- भाई इसी रूप में आप मुझे देखना चाहते थे ना. मैं पूरे दिन यही सोचता रहा कि आज तो चाची की गांड भी मारनी है क्योंकि चूत में तो उन्हें कोई दर्द नहीं होने वाला, वो तो फटी पड़ी है…मैंने दिन में ही चाची को सोने के लिए बोल दिया था, कहा- आज रात मैं तुम्हे सोने नहीं दूंगा!वो हंस क़र चली गई.

नहीं तो मैं तुमसे बात भी नहीं करूँगी।”और वो जाने लगी मैंने उसको फिर से पकड़ कर चुम्बन करने लगा और वो छूटने के लिए छटपटा रही थी, लेकिन मैंने उसे नहीं छोड़ा।वो बोली- मम्मी मार्किट से आने वाली होंगी छोड़ दो. आह देखेंगे आ…!राहुल लगातार झटके देकर थक गया था, तब उसने लौड़ा बाहर निकाल लिया और आरोही को ऊपर ले लिया। अब आरोही ऊपर से उछल-उछल कर चुद रही थी। उसकी चूत में फिर से खुजली हो गई थी। अब वो गाण्ड उछाल-उछाल कर लौड़े पर कूद रही थी।राहुल- आ आ. !मैं बेड पर लुढ़क गया और दीदी को मेरे निक्कर का उभरा हुआ हिस्सा दिखाई दे गया।मैं बोला- नहीं दीदी, अन्दर में बहुत काला हूँ.

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मेरी पत्नी कामक्रिया में महारत रखती है और वो सब क्रियायें करती है जो कामसूत्र की कहानियों में भी नहीं लिखी हैं. !आरोही खड़ी हो गई और अन्ना ने मोबाइल में गाना लगा दिया। आरोही मटक-मटक कर नाचने लगी।उसकी हिलती गाण्ड देख कर अन्ना अपने लौड़े पर हाथ ले गया। करीब 5 मिनट के बाद अन्ना ने ताली बजाई और खड़ा होकर आरोही के पास आ गया।अन्ना- वेरी गुड डांस जी… हमको अच्छा लगा. तो हाथ भी नहीं लगाने देती उसको… हा…हा… उस सबको सोचकर अभी भी रोमांच आ रहा है…पारस- ओके भाभी… ठीक है… चलो उतरो.