हिंदी बीएफ 2010 के

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बफ वीडियोस: हिंदी बीएफ 2010 के, वो बोला- बीयर पीते हो?मैं- नहीं।अतुल- ओह्ह … तो बिल्कुल बच्चे ही हो.

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पर लंड निकालते ही उसने फिर अपना लंड पूरी ताकत से अंदर डाल दिया।अब मेरी हालत और बुरी हो गई। मेरी आँखों से आँसू आ गए।उसने फिर तीन-चार बार ऐसा किया. न्यू सेक्सी पिक्चर वीडियोतो इनकी पहली चुदाई यादगार बनाने की ज़िम्मेदारी मेरी हुई न!मैं फिर सीधे होकर लेट गई और बोली- चलो, फिर से खेल शुरु करते हैं।सब मुस्कुराए और उठकर बैठ गए।मैं भी उठी तो मनोहर मेरे सिरहाने जाकर घुटने पर बैठ गया।उसने कहा- अबकी बार ऊपर से लंड चूस।मेरे अगल बगल में सनी और विश्वजीत था। रोहन और पूरन, दोनों नीचे की ओर थे।मैं मुँह ऊपर करके मनोहर का लंड चूसने लगी.

आंटी ये देख कर हंसने लगीं और बोलीं- क्या हुआ?मैंने अपना लंड छुपाते हुए बोला- कुछ नहीं … मैं तो ये पूछने आया था कि बाजार से कोई सामान तो नहीं लाना है?वो बोलीं- नहीं … अभी तो सब है. योगा करने वाली सेक्सी वीडियोफिर वरमाला का प्रोग्राम हुआ, तो सभी लोग उसमें मजा लेने में लगे हुए थे.

मैंने उनके दोनों हाथों को ऊपर कर दिया और चूतड़ों के नीचे तकिया रख कर भाभी की दोनों टांगों को फैलाकर अपने लंड को भाभी की चूत पर सैट कर दिया.हिंदी बीएफ 2010 के: फिर धीरे से बोलीं- अपने चूतड़ों को ढीला रखना और गांड भी ढीली छोड़ दे … राजा.

उन दोनों के साथ मैंने अपने ससुराल में कैसे मस्ती की और उसके बाद क्या क्या हुआ वो सब मैं कहानी के अगले भाग में लिखूंगा.उनके होंठों में सिगरेट दबी थी और वो उंगलियों से मेरे लौड़े को सहलाते हुए पेन्ट निकाल रही थीं.

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पति ने पूछा- क्या हुआ?मैं बोली- कुछ नहीं, रात में पैर में थोड़ी मोच आ गयी.उनकी चूचियाँ जी भरकर चूसने के बाद मैंने दीदी के कंधों, गर्दन, उनकी कमर और पेट को चूमना शुरू कर दिया.

शाम को दादी (फरहान भाई की अम्मी) की तबीयत थोड़ी खराब थी, तो भाई उन्हें डाक्टर के पास ले गए थे. हिंदी बीएफ 2010 के जीजा जी- देख राज, अब तुम्हें शर्माने की कोई जरूरत नहीं है … और ना ही तुम कोई गलत काम कर रहे हो.

सोते ही सपनों के सागर में खो गई, मेरा राजकुमार आया और हमेशा की तरह मेरे जिस्म से खेलने लगा.

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पर सेकंड पीरियड के बाद कॉलेज में बंक कर सकती हूं। बताओ क्या काम है?नीरव- अगर तुम चाहो तो कल मैं तुम्हारा पार्लर से अपॉइंटमेंट ले लेता हूं। तुम्हारी वैक्सिंग थ्रेडिंग और सारी तैयारियां वे लोग कर देंगे।मैं- यार, मुझे पार्लर में जाकर यह सब करवाने में बहुत शर्म आती है. मैंने फिर से कहा- सॉरी पापा।वो बोले- कोई बात नहीं डियर, इट्स ओके।मैंने कहा- ओके।फिर डिनर के बाद मैं अपने रूम में चला गया. धीरे धीरे मैं हाथ को उसके दूधों तक ले गया और फिर आहिस्ता से हाथ उसके बूब्स पर रख दिया.

उनको ऐसा लगे कि तुम नींद में हो और गलती से तुम्हारा हाथ उनके लंड पर रखा गया है. आंटी सिसकारियां मारने लगी- आह्ह … आईई … हाए … ओह्ह … आह्ह … और जोर से चूसो।5 मिनट आंटी की चूचियों का रसपान करने के बाद मैंने उनकी चूत पर मुंह लगा दिया. मुझे बताने के बाद उसने चिल्ला कर कहा- अबे तिवारी धीरे पेल … साली की चूत इतनी टाईट है, तो गांड कितनी टाईट होगी … और तू साले उसकी गांड पर पिल पड़ा.

आज तुम पूरी की पूरी मेरी होने जा रही हो, मैं तुम्हें कुछ नहीं होने दूंगा. करीब 5 मिनट के बाद मैंने अंजना के गेट पर दो बार दस्तक दी, तो वो खुद ब खुद खुल गया. मैंने पीछे मुड़ कर देख कर बोला- ये क्या कर रही हैं?तो भाभी ने कहा- वही … जो तुम सोनम और रीना के साथ उस दिन करने जा रहे थे.

इंडियन आंटी सेक्स स्टोरी मुझे आप लोगों की प्रतिक्रियाओं का बेसब्री से इंतजार रहेगा. मुंह में लंड देकर उसने मां के बालों को पकड़ा और अपनी गांड चलाते हुए मेरी मां के मुंह को चोदने लगा.

कुछ देर यूं ही चोदने के बाद मैंने दीदी को घोड़ी बना दिया और दीदी की मस्त गांड पर चपत लगाकर पीछे से उनकी गांड में लंड घुसा कर जोरों से कमर पकड़कर धक्के मारने लगा.

मैं चुत चाटते हुए बुआ की चुत के कड़क हो चुके भगनासे को भी चाट रहा था और उससे छेड़छाड़ कर रहा था.

मामी ने जल्दी में अपने कपड़े सही किए … मगर उनका पेटीकोट अभी भी कुछ ऊपर को ही था. उनका कभी सेक्स करने का मन करे तो सीधा मेरी साड़ी ऊपर करके मेरी चूत में लंड डाल देते थे. रेखा का निचला होंठ अपने होंठों से पकड़ कर मैंने अपनी जीभ रेखा के मुंह में डाल दी, रेखा भी मेरे होंठों का रसपान करने लगी.

बताइये क्या हाल चाल हैं आपके?भाभी बोली- मैं तो अच्छी हूं, तुम बताओ?मैंने सीधा बोला- नंगा लेटा हुआ हूं मैं तो, आपको याद करके मुठ मार रहा हूं. मैंने पूछा- वो कैसे?तो उन्होंने बताया कि सास ने मुझसे फोन पर बात करते हुए देख लिया था लेकिन वो तब कुछ नहीं बोली थीं. फिर वो मेरे ऊपर आ गया और मेरे होंठों पर लिप लॉक करके मुझे चूसने लगा.

मैंने झुक कर एक बार उसके होंठों को जोर से चूमा और फिर उसके मुंह को हाथ से दबा कर खोलते हुए उसके मुंह में लंड दे दिया.

मेरे मुँह से गांड शब्द सुनकर वो एकदम से चुप हो गईं और हम एक दूसरे को देखकर कोल्ड ड्रिंक्स पीने लगे. उसकी नज़र मेरे हब्शी लंड पर पड़ी, तो उसकी आंखें फटी की फटी रह गयी थीं. मेरा ध्यान मेरी चूत से हट गया और मैं चूचियां पिलाने के आनंद में खो गयी.

दीदी- ओहो … नसीब वाला तो तू है साले … जो तुझे मेरे साथ सेक्स करने का मौका मिला. मेरी बेटी आरज़ू चिल्लाने लगी- अब्बू, बहुत दर्द हो रहा है … आंह अपना लंड बाहर निकालो … प्लीज बाहर निकालो. मैंने कहा कि ये आपने ही लिखा हुआ है कि औरत और पुरूष के बीच में रिश्ता सिर्फ चुदाई का ही होता है.

इसी वजह से 5 मिनट की लंड चुसाई के बाद में अकड़ गया और भाभी के मुँह में ही अपना सारा वीर्य डाल दिया.

तभी मैंने मौके को भांप कर फिर से अपने लंड को उसकी चूत से बिना बाहर निकाले पूरा बाहर खींचा और फिर डबल ताकत से तीसरा जोरदार धक्का लगा. मैं भी मजा लेकर देख रहा था कि किस तरह मेरा बापू अपनी बहू की चूत को मजा लेकर चाट रहा है.

हिंदी बीएफ 2010 के वैसे तो वो आती जाती रहती है, लेकिन क्या मुझे वो मिल सकेगी, इसका पता तो बाद में चलेगा. मुझे पक्का यकीन हो गया कि मेरी पत्नी की चुदाई शादी से पहले जमकर हुई है.

हिंदी बीएफ 2010 के मैंने भी सब के सामने बिना हिचकिचाहट के मेरे शिबु का पेन्ट निकाला और चड्डी में हाथ डाल कर उसके 6 इंच का लंड पकड़ कर हिलाने लगी. कुछ ही देर में मामी मेरे लंड को बहुत तेजी से अपने मुँह में लेकर आगे पीछे करते हुए लंड चूस रही थीं.

मैं ऊपर बढ़ कर पैर फिर जांघ और उसके बाद सीधे ऊपर फेस पर चला गया और होंठ चूसने लगा.

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तभी मुझे लगने लगा कि अब मेरा लंड पिचकारी छोड़ेगा, तो मैंने मंजू के सिर को अपने दोनों हाथों से पकड़ लिया और धीरे-धीरे शॉट मारने लगा. मुझे ये करने में बड़ा मजा आया और मेरा लंड अब खुद ही ऐसे हिलने लगा था, जैसे वो खुद ही चुत में घुस जाएगा. जिससे कि टोपा पूरा चिकना हो गया और झाग बनने से पचर-पचर की हल्की आवाज हो रही थी.

तो मैंने चाची को टेबल पर सीधा लिटा दिया और चूत पर लंड को सैट करके एक धक्का दे मारा. थोड़ी देर बाद मैं उठा और अपने लन्ड को निकाल कर सीमा के छेद को देखने लगा। अभी भी खुला हुआ था उसकी चूत का छेद। मगर फिर उसने अपने हाथ से चूत को ढक लिया और शरमाने लगी. मैं भी कभी भाभी के मम्मों का मर्दन कर रहा था, तो कभी भाभी की चुत में अपनी 2 उंगलियां डाल देता, तो कभी भाभी की गांड को सहलाते हुए एक झापड़ रसीद कर देता.

आंटी ने भी मेरा लंड अभी ही देखा था तो आंटी के मुँह में भी पानी आ गया.

मैं अब उनके काफी करीब था और अंदर से आने वाली मुझे उनकी बातें भी सुनाई दे रही थी. पहली बार चूत का स्वाद लंड ने चखा था इसलिए लौड़ा भी ज्यादा देर नहीं टिक सका. आँख खुली तो मैं चौंक गई क्योंकि मैं जो सपना देख रही थी, वो महज सपना नहीं था बल्कि हकीकत था, मामा मेरे बगल में लेटे हुए थे, उनका एक हाथ मेरी चूची पर था और दूसरा मेरी पैन्टी के अन्दर था.

पर आज भी जब उसका कानपुर आना होता है तब हम मिलते हैं और चुदाई भी करते हैं।तो दोस्तो, यह थी मेरी सच्ची इंडियन हिंदी सेक्स स्टोरी।आपको कैसी लगी, ज़रूर बताइयेगा।[emailprotected]. उसके मुंह से अह्हह्ह … हुम्म … अम्म … आहा … करके सिसकारियां निकलने लगीं. उसकी गीली हो चुकी चूत को मैंने ठोक ठोक कर चोदना शुरू कर दिया और वो भी पूरी रंडी बन कर मेरे लंड से चुदने लगी.

अब तक तो मैं अपने ही हाथ से लंड को रगड़ा करता था मगर औरत के हाथ में तो जैसे जादू होता है. मगर तभी उसने मेरी चूचियों को जोर जोर से भींच कर मेरी गांड की चुदाई करना शुरू कर दिया.

अम्मी ने अपने दोनों चूतड़ों को हाथों से फैला रखा था और उनकी आंखों से आंसू आ रहे थे. मैं भी जोर जोर से हाँफने लगा और मेरे लंड से झटके के साथ ही वीर्य निकलने लगा. अन्दर उसने अमिता को एक कमरा दिखाया और बोला- ये मेरा कमरा है और तुम दोनों आज यहीं सो सकते हो.

माँ बेटे की चुदाई की कहानी में पढ़ें कि मैं मां के साथ बेड पर सोता था क्योंकि पापा आर्मी में थे.

भाभी का जिस्म जहां जहां से भरा होना चाहिए मतलब चुचियों और गांड से एकदम भरा पूरा था. मैंने जब अन्दर देखा तो मौसी स्टूल पर बैठी हुईं थी और अपनी पैंटी के ऊपर से ही अपनी चूत रगड़ रही थीं और धीरे धीरे बुदबुदा रही थीं- आह पायल चाट ले मेरी चूत को … आंह और जोर से चूस ले … अपनी जीभ मेरी चूत में और अन्दर डाल … आ. मैंने एक ही झटके में अपना 7 इंच का लंड उसकी चूत में पेल दिया और तेजी से धक्के लगाने लगा.

देखने से स्पष्ट पता लग रहा था कि मां उसके साथ यौन क्रिया का मजा लेने में लगी हुई थी. मैंने उसकी पैंटी उतारी और दरिंदों की तरह उसकी चूत पर जीभ मारने लगा, चाटने लगा.

मगर मेरी खुशी का ठिकाना न रहा जब दस मिनट के बाद भाभी का मैसेज दोबारा मिला. इस तरह मैंने उन दोनों को खूब लूटा और मेरी बेटी भी चुदाई में माहिर हो गयी. अचानक से उन्होंने मेरे मुँह को अपने हाथों से दबाते हुए खोला और उन्होंने मेरे मुँह में कपड़ा घुसेड़ दिया.

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इससे पहले मैं कुछ समझ पाता, उसने मेरे कंधों को नीचे धकेला और नीचे से मेरी गांड पर लंड का दबाव बनाते हुए मेरी गांड में लंड को धकेलने लगा.

इससे पहले कि हम दोनों के बीच में उसकी चूत से पैंटी को नीचे उतारने को लेकर कोई समझौता होता. जब उसे मेरे तलाक के बारे में पता चला तो उसे बहुत दुख हुआ। उसने बताया कि वो रशिया में रहने लगा है और काम के चलते इंडिया में भी कम ही आता है. अपने पति के कहने पर मैं ये कहानी लिख रही हूं क्योंकि मेरे पति भी अन्तर्वासना की कहानियां पढ़ते हैं और मैं भी अन्तर्वासना की फैन हूं.

फिर वो उठा और लंड को चूत के छेद पर लगा कर बोला- तैयार हो जाओ डार्लिंग, तुम्हारी चूत का उद्घाटन होने वाला है. मैं नाराज नहीं होऊंगा।फिर कुछ सोच कर बोली- अभी नहीं, रात को बताऊंगी. सेक्सी वीडियो गर्ल सेक्सी वीडियोमैं चूतिया सा अपनी पलकें झपकाते हुए खड़े लंड पर हुए इस धोखे को समझ ही नहीं पा रहा था.

मैं आशा करता हूँ कि आप सभी अन्तर्वासना की मस्त सेक्स कहानी मजा ले रहे होंगे. उसका लंड एकदम लॉलीपॉप की तरह रसीला था और उसेक लंड से निकलते प्रीकम कोई चाटने में मुझे भी बहुत मजा रहा था.

लवली ने पीछे का दरवाजा खुला रखा हुआ था और मैं भी अपने बाप और अपनी रंडी बीवी की चुदाई के खेल को अपनी आंखों से लाइव देख रहा था. वो बोलीं- राजा अब सुबह मेरी गांड मार लेना … अभी सोना है, मैं बहुत थक गयी हूँ. क्यों न मौसी के जिस्म को नजदीक से देख लूं?मैं उठ कर दूसरी ओर चला गया और मौसी के बगल में जाकर लेट गया.

थोड़ी देर बाद भाभी भी कहने लगीं- मुझे भी अपने चादर में ले लो, मुझे भी ठंड लग रही है. मैंने वहीं पर नीचे झुककर बैठते हुए आंटी की चूत पर अपनी जीभ को रख दिया और आंटी के चुत की फांकों को चौड़ा करके अपनी जीभ अन्दर डाल दी. थोड़ी देर के बाद मैंने देखा कि मेरे व्हाट्स पर एक मैसेज रिसीव हुआ है.

इस पोज में कमर को उठाते हुए पेट को ऊपर करते हुए शरीर को पुल के आकार में करना होता है.

लवली ने पीछे का दरवाजा खुला रखा हुआ था और मैं भी अपने बाप और अपनी रंडी बीवी की चुदाई के खेल को अपनी आंखों से लाइव देख रहा था. नजर नीचे किए हुए मैं उसके पास से गुजरने लगी तो उसने मेरा हाथ पकड़ लिया और मुझे एक तरफ खींच कर दीवार के साथ लगा दिया.

मुझे पूरा यकीन था कि सबके सोने के बाद कुछ न कुछ कांड जरूर होने वाला है. बोले- मैडम आपके पति से तलाक हुए कितना समय हो गया है आपको?वो बोली- अभी 8 महीने हो गये हैं. हम दोनों में फोन सेक्स के माध्यम से चुदाई होने लगी थी और हम दोनों ही अपनी मुठ मारकर एक दूसरे को ठंडा करने लगे थे.

फिर पापा ने मुझे बुलाया और कहने लगे- तुम्हारी मां की शिकायत है कि तुम उनकी चूचियों को घूरते रहते हो. पांच मिनट चली इस मालिश और मर्दन के उपरांत मेरा शरीर अकड़ सी खाने लगा और लगा कि जैसे सारी ऊर्जा बाहर फूटने वाली हो. मैं बोला- अंडरवियर पहन लो, या ऐसे ही नंगा रहने का इरादा है?वो बोले- हां, इरादा तो ऐसे ही रहने का है.

हिंदी बीएफ 2010 के मैं जैसे लंड को अन्दर बाहर करता था, वैसे ही आंटी ‘अह्ह्ह्ह अह्ह्ह उईईई. मेरे बेटे की शादी में पड़ोस के घर से चार लोग आये और 101 का शगुन दे गये.

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मामी हंस कर बोलीं- अरे ये तो पुराने कपड़े हैं … रंग से खराब न हो जाएं इसलिए मैं ये पहन लिए हैं. मैंने उसे उठा कर अपने सीने से लगाया और कहा- उदास क्यों होती हो … मैं तुम्हारे साथ हूँ. रिश्तदारों को जाते जाते दो दिन और निकल गए और उसके अगले दिन दो बजे पिताजी ने मुझे ससुराल जाने की आज्ञा दे दी.

मौसी कसमसाई और मैंने उसके होंठों को जोर जोर से चूसना और काटना शुरू कर दिया. इसके अलावा मेरी पीठ पर यहाँ वहाँ काटने के मारने के निशान बना दिये।मेरे सर के बाल खींचे, मेरे बदन पर थूका, मेरी माँ बहन बेटियों तक को गालियां दी।करीब आधे घंटे तक राजेश मुझे पोज बदल बदल कर चोदता रहा, मैं तीन बार और स्खलित हो गई।औरत को कितना जलील किया जा सकता है, ये उसको पता था. सेक्सी विडीयो ओपनमुश्किल से मैंने 5 मिनट ही ऐसा किया होगा तभी साधना का दर्द थोड़ा कम हुआ और मजा आना शुरू हुआ.

दो मिनट के बाद उसने फिर से एक धक्का मारा और मेरी चूत में उसका लंड आधे से ज्यादा प्रवेश कर गया.

उसने कहा- तेरा लंड मुझे और चाहिए!मैंने कहा- मुझे भी तुझे और चोदने की तड़प है. नीचे से मैंने काले रंग की ब्रा पहनी हुई थी जिसमें मेरी गोरी चूचियां बहुत मस्त लग रही थी.

मैंने लवली से कहा- अगर मैं तुम्हारी मां को चोदना चाहूं तो वो मुझे करने देगी?लवली बोली- उसके लिये थोड़ा नाटक करना पड़ेगा. तो वो मेरा हाथ पकड़कर बोला- भाभी, मैं रूका आपके लिये और आप मुझसे दूर-दूर हो रही हो।मेरे लिये?”हाँ आपके ही लिये। आपको चुदाई का मजा देने के लिये!”अच्छा!!! तो मेरा देवर मुझे चोदना चाहता है?”क्या भाभी, सब जानती हो तब भी?”जानती हूँ. मैं सोचने लगा कि दीदी इसी तरह से ज्यादा देर तक लंड चूसेंगी, तो शायद मेरे लंड का सारा वीर्य दीदी के मुँह में ही निकल जाएगा.

‘आहा आहा ऊह ओह आउच … धीरे … आह जोर से … ओह आउच जान प्लीज़ फक हार्ड … आह ओह …’आंटी की आवाजें और लंड की चोटों से फट फट की मधुर आवाजे कमरे में गूंजने लगी थीं.

पूछने पर मां ने बताया कि उनको शक है कि बहन का चक्कर किसी लड़के के साथ चल रहा है. इससे मेरा खुला लंड राधिका के कंधे को छूता हुआ आया और वो एकदम से लंड देखने लगी. होटल वाले को पहले ही बता दिया गया था इसलिए उसने पहले से ही रूम को सजा कर रखा हुआ था.

चोरी चोरी सेक्सबलविंदर ने मुझे कहा- अपने गंदे वस्त्र उस टोकरी में रख देना व पहनने के लिए घर पर तो जांघिया ही पर्याप्त है. फिर मैंने पूरी ताकत से आखिरी धक्का मारा और माँ की आवाज आनी बंद हो गई।इस बार मेरी ताकत इतनी ज्यादा थी कि मैंने अपने दोनों आंड उसकी गांड पर टच करा दिए थे.

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उस आदमी ने भी शायद ये देख लिया था, सो वो सुभाष से बोला- माफ करना सुभाष भाई आपसे बिना पूछे हमने मेहमान बढ़ा दिया, आपको बुरा तो नहीं लगा. उनके गहरे गले के ब्लाउज से झांकती उनकी 36 साइज की कड़क चूचियां बहुत खूबसूरत लग रही थीं. कभी मैं उन्हें अपने घर पर बुलाकर चुदाई कर लेता हूँ, तो कभी वो मुझे अपने घर पर बुलाकर चुदाई करवा लेती हैं.

दोतरफा धक्कमधक्का चुदाई से रेखा की चूत ने पानी छोड़ दिया, अब मेरा लण्ड फच्च फच्च की आवाज के साथ चोदने लगा. [emailprotected]आंटी की चुदाई की कहानी का अगला भाग:दो आंटियों को चुदाई और औलाद का सुख दिया-2. ”अब मैं समझ गया कि रेखा चुदासी हो चुकी है लेकिन मैं अभी भट्ठी पूरी तरह से तपाना चाहता था इसलिए मैंने रेखा की ब्रा खोल दी.

यहां तक कि मेरे पिताजी मेरी ही बीवी के साथ भाग जाने की बात करने लगे थे. फिर उन्होंने मेरी बीवी के जिस्म से हर एक कपड़ा अलग करके उसको नंगी कर दिया और खुद भी नंगे हो गये. मगर मुझे अभी भी हल्का हल्का दर्द हो रहा था … लेकिन मुझे पता चल चुका था कि आज पूरी रात मेरी गांड चुदाई होगी, तो अब ये ही सोच रहा था कि न जाने क्या होगा.

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जब वो औरत चली गयी तो वो जमीन पर लेट गया और मुझे उसने अपने ऊपर खींच लिया.

तभी एक मस्ती के साथ मुझे झुरझुरी सी आई और मेरे लंड से वीर्य निकल गया. मैंने अपना लंड निकाला और बाथरूम में भागा और मैंने हांफते हुए शॉवर ऑन कर दिया. लड़की दूर से ही दिख गई थी, पर जिस एंगल पर मैं बैठा था, वहां से उसका चेहरा नहीं दिख रहा था.

उसके बाद वो मेरा हथियार अपनी चूत में लगा कर अंदर ले लेती और चुदवाती थी. अलीज़ा लंड गांड में लेते ही चीख उठी- आह मर गई … रोशन लाल जी आपका लौड़ा है या लोहा की रॉड है. सासू मां मेरे सामने रोने लगी और बोली- हमसे गलती हो गयी है बेटा, एक बार माफ कर दे हमें.

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पीछे से आकर विक्रांत ने मुझे हग कर लिया और मेरे बूब्स को दबाने लगा. मैंने उसकी पैन्ट की जिप खोली और हुक खोल कर उसकी पैन्ट नीचे सरका दी. कुछ पल बाद जब उसने गर्म लावा की धार छोड़ी, तो उसकी गर्मी को मेरा लंड सह न सका और अपने आप ही मेरे लंड ने उसकी चूत में अपने गरम लावा की धार छोड़ने लगा.

अहह … जैसे ही मेरे मुँह से दर्द भरी आवाज़ निकली … और मेरा मुँह खुल गया.

बस में पहुंचने से पहले मैंने एक होटल में खाना खाया और फिर बस के ऑफिस में गया.

तो मैं दीवार के पास खड़ा हो गया और कुछ देर सुनने के बाद मैंने परदे को जरा सा हटाया, तो मैं अन्दर का नजारा देखकर शॉक्ड हो गया. मैं इस चुस्त पेटीकोट में से झलकती उनकी मोटी गांड और बड़े बड़े चूचे देख कर बौरा गया और मेरा लंड खड़ा हो गया. पेठा बनाने की विधि बताइएमैं दरवाजा खुला रखूंगी उस वक्त।सारी बातें फाइनल होने के बाद मैं रात होने का इंतज़ार करने लगा.

मैं सोच रहा था कि जो मैं कल जिया के साथ नहीं कर पाया था वो मैं आज कर लूंगा. कुछ ही देर में वो इतनी गर्म हो गयी कि उसने मेरे लंड को हाथ में लेकर तोड़ना शुरू कर दिया और मैं खुद को रोक नहीं पाया. अपनी रंडी बहू की चूत को चाटने के बाद पापा ने उसको नीचे कर लिया और उसकी चूचियों को जोर जोर से मसलने लगे.

हैलो फ्रेंड्स, मेरा नाम जीशान है और मुझे सेक्स स्टोरी पढ़ना बहुत अच्छा लगता है. मार्केट आने के बाद उन्होंने शॉपिंग की और मैं भी उनके साथ ही बाजार घूमता रहा.

मैं मोबाइल में उसकी फोटो देख उसके बारे में सोच रहा था कि …दोस्तो, मैं आपका साथी एक बार फिर हाज़िर हूँफाइव स्टार होटल की स्टाफ लड़कियों की चुदाईसे आगे की कहानी लेकर!दरअसल शिफ्ट की वजह से टाइम नहीं मिल रहा था और तो और मुझे लगता है कि मेरा लंड अब वी आई पी हो गया है क्योंकि मैंने कभी नहीं सोचा था कि किसी एक्ट्रेस को चोदने का मौका मिलेगा.

पीछे से उसकी गांड ऐसे ठुमकती थी, जैसे चुदवाने की चाह में कोई लौंडिया गांड मटका रही हो. मैंने खोला, तो वो अपनी जीभ से ढेर सारा थूक मेरे मुँह में डालने लगा. इसी प्रकार जब उनकी तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं हुई, तो मैंने एक हाथ उनके ब्लाउज में घुसा दिया और दूसरे हाथ से उनकी चुत को साड़ी के ऊपर से ही सहलाने लगा.

छत्तीसगढ़ी मूवीस मंजू हमेशा साड़ी पहनती थी, लेकिन उसने अब तक मुझे अपने मम्मों से ज्यादा कुछ भी शो नहीं किया. किसी अनजान औरत का संपर्क पाकर मेरा लंड अपने पैन्ट में ही फुंफकार मारने लगा था.

दोस्तो, मैं आशीष एक बार फिर से आपके समक्ष हूं अपनी कहानी का पांचवा भाग लेकर!कहते हैं कि अगर घर में औरत ठीक मिल जाए तो घर सोना बन जाता है. कुछ देर यूं ही चोदने के बाद मैंने दीदी को घोड़ी बना दिया और दीदी की मस्त गांड पर चपत लगाकर पीछे से उनकी गांड में लंड घुसा कर जोरों से कमर पकड़कर धक्के मारने लगा. अलीज़ा मस्ती में ‘सीई … अहह … सीई … ऊ उह्ह … रोशन लाल जी … आज आप खूब एंजॉय कर लो … मगर मुझे पोस्टिंग हर हाल में चाहिए.

पुरानी से पुरानी खांसी की दवा

मेरी बात सुनकर तुम कहीं नाराज न हो जाओ इसलिये मैं आज तक ये बात अपनी जबान पर नहीं लाया. दीदी मेरा लंड देख कर मुस्कुरा दीं और मेरे पास आकर मेरे लंड को पकड़ लिया. ताकत मिलेगी।मैं समझ गई कि कि वो इस पेय में ताकत वाली दवा मिलाकर लाया है। मैं उसे पीने लगी। उसका टेस्ट मुझे थोड़ा कड़वा लगा। खैर, मैं पूरी बोतल गटक गई।आगे मेरे साथ क्या होता है, सात लोग मेरी चुदाई कैसे करते हैं.

निशा आहिस्ता आहिस्ता से आवाजें करने लगी- अम्म … स्स … अम्म … कर रही थी वो. यदि मुझे जिया मेम की गांड चुदाई का मौका मिला तो सर के लिए भी रास्ता खुल जायेगा.

मुझे नहीं पता था कि मेरे जैसी सेक्सी लड़की की चुदाई की तैयारी कर रहा है मेरा ट्रेनर.

मौसा जिस तरह का सेक्स करना चाहते थे उसमें मौसी बराबरी का सहयोग नहीं दे पा रही थी. हम ने एक दूसरे को कुछ नहीं कहा किन्तु बलविंदर ने टेढ़ा होते हुए अपने मूत्र की धार से मेरे लिंग को भिगोना शुरू कर दिया और बोला- नंदन … पेंचे लगाएगा? जिसकी धार का पहले अंत होगा समझो उसकी पतंग कट गई. 28 या 30 नम्बर की छोटी छोटी सांवली सलोनी चूचियां मैंने अपनी मुठ्ठी में समेट लीं.

मुझे ऐसा इसलिए लग रहा था कि मेरी चादर में लंड खड़ा था और चादर तनी हुई थी. मेरी मम्मी ने उठ कर दरवाज़ा खोला, तो मैंने देखा कि बाहर वही मस्त माल करिश्मा खड़ी थी. माँ ने मेरे हाथों के नीचे से अपनी कोमल बांहें डाल कर मुझे अपनी बाँहों में जकड़ लिया.

उन्होंने मौसा का लंड अपने मुँह में लिया और लॉलीपॉप की तरह चूसने लगीं.

हिंदी बीएफ 2010 के: मैंने कहा- मगर तुमको मेरे बारे में किसने बताया?शायना बोली- मेरी एक सहेली ने ये सलाह दी थी कि अगर मैं किसी शादीशुदा उम्रदराज मर्द को पटा लूं तो किसी को मालूम भी नहीं चलेगा और चुदाई का मज़ा भी मिलता रहेगा. मनोज ने खुशी के मारे अम्मी की जांघों पर हाथ रखते हुए कहा- जाकिरा चलो ना … मान जाओ यार.

दीदी की चूची बहुत ही नर्म नर्म थी जैसे बड़ी बॉल में रूई ठसाठस भरी हो. चलिये अब कहानी को वहीं से आगे बढ़ाता हूं जहां मैंने इसे पिछले भागमेरी चालू बीवी लंड की प्यासी-7में छोड़ा था. तो उसने पूछा- तुम्हें कौन सा फ्लेवर पसंद है?मैंने भाभी को अपनी तरफ खींचा और साड़ी के ऊपर से ही उनकी चूत सहला कर बोला- ये वाला फ्लेवर.

मैं अच्छी तरह जानती हूं कि जब मर्द और औरत के जिस्मों के बीच में इतना कम फासला हो तो इस तरह की भावनाएं आना स्वाभाविक है.

मेरे पति मुझसे बहुत प्यार करते हैं और मैं भी उनसे बहुत प्यार करती हूं. मौसा का सफेद अंडरवियर जो जांघों तक को ढके था, उसमें उनका 9 इंची लौड़ा इतना भयानक रूप ले चुका था कि मेरे बदन से पसीना छूटने लगा था. ब्रदर सिस्टर सेक्स स्टोरी में पढ़ें कि कैसे मैंने अपनी सेक्सी ममेरी बहन की चुदाई की.