आम्रपाली बीएफ

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सत्येन्द्र कपूर: आम्रपाली बीएफ, जब तक मैं गर्म थी, मुझे कुछ एहसास नहीं हो रहा था … मगर ठंडी पड़ते ही कमर, चूतड़ों, स्तनों और पेट में हल्का हल्का दर्द उठने लगा.

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मैंने अपना लंड पकड़ा और उसकी चूत के मुँह पर ठीक से रखा और धीरे से एक धक्का लगाया तो मेरा लंड सिर्फ थोड़ा सा अन्दर गया और श्वेता जोरों से चीख पड़ी।तुरंत मैंने अपना मुँह उसकी मुँह पर रख दिया और जोरों से पांच-छ धक्के लगाए तो मेरा लंड पूरा अन्दर घुस गया।मैंने धीरे-धीरे धक्के लगाना शुरू रखा. भाई बहन की सेक्सी स्टोरी ऑडियोउसने मेरी पैंटी को खींचने की कोशिश की लेकिन मेरी पैंटी मेरी जांघों में फंसी हुई थी.

इस तरह एक सप्ताह तक मैंने मामी की प्यासी चूत को अपने लंड से चोदा और अच्छी तरह शांत किया. सेक्सी पिक्चर हिंदी वीडियो चुदाईआज उसका काम हुआ, तब वो बोली वरना उसे जिम में आते चार महीने हो गए … मैंने तो उसको किसी के साथ बात करते हुए कभी नहीं देखा.

वैसे सच कहूँ तो झांट होने से अच्छा लगता है मुझे, मन में ये बात रहती है कि एक जवान औरत को चोद रहा हूँ.आम्रपाली बीएफ: फिर मैम ने पीछे मुड़ कर अपने चूतड़ों को हाथों से हिलाकर कर कहा कि ये सब मिला कर बनता है माल, जिस लड़की के चुचे, कमर और गांड को देख कर चोदने का मन करे … तो समझ जाओ कि वो लड़की माल है.

उसने मुझे टाइट पकड़ रखा था, तो मैंने भी उसके चूतड़ों को दबा कर मजे लिए.उसके बैठने के बाद मैंने देखा कि उसके चूचे एकदम से टाइट होकर नुकीले हो चुके थे.

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फिर उसने मेरी जीभ को चूसना शुरू कर दिया और उसने मुझे दीवार की तरफ मुख करके खड़ा किया और मेरी गर्दन, पीठ सब जगह जोर जोर से किस करने लगा.बुआ की चूत पर छोटे छोटे बाल थे, ऐसा लगता था कि उन्होंने थोड़े दिन पहले ही अपनी झांटों को साफ किया था.

मैं उसके लंड को मजे से सहला रही थी और मेरे चूचों को पीने में लगा हुआ था. आम्रपाली बीएफ एक दिन फेसबुक पर मैंने उसे फ्रेंड रिक्वेस्ट की तो …दोस्तो, मेरा नाम रोहित है.

मैंने भी अब उठ कर उसकी टांगों को ऊपर उठा लिया और उसकी चूत में लंड को पेलने लगा.

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उनकी बात पर मैंने पूछा- अब कौन सा काम रह गया है?वो बोली- मेरी भट्टी पर थोड़ी सी घास रह गई है. वो भी मेरी नजर पर नजर रखे हुए थी और शायद कुछ जानबूझकर नीचे झुक रही थी ताकि मैं उसके चूचों के उभारों को देख कर उत्तेजित हो सकूं. इसी बेड पर कुछ दिन पहले सुनील ने मेरी वासना को जगाया था और आज इसी बेड पर मेरी चूत की चुदाई करके उसी वासना को शांत भी करने वाला था.

तभी रीता मेरे सामने जाकर खड़ी हो गयी और एक एक करके अपने कपड़े उतारने लगी और अपना नंगा बदन मुझे दिखाने लगी. थोड़ी देर में उसका लंड आराम से अंदर जाने लगा और मुझे भी मज़ा आने लगा।कुछ देर बाद ही वो गांड से फिर चुत पर आ गया और बोला- नीरू रानी, आज से तू मेरी रंडी बन जा।मैंने उसको कुछ नहीं बोला क्योंकि मुझे एक ही लंड से बार बार नहीं चुदना था. चाची ने अपनी टांगें घुटने से उठा ली जिससे उनकी नाइटी से कुछ अन्दर का झांकी दिखने की पोजीशन बन गई थी, लेकिन तब भी अभी कुछ दिख नहीं रहा था.

रात को तो दीदी नशे में थीं, तो उनको पठान के लंड का अहसास नहीं हुआ था. वो चाहतीं तो खुद मुझसे कह सकती थी लेकिन फिर भी उन्होंने सर से कहलवाया. मैंने कहा- तो फिर क्या चाहते हो?वो बोला- चलो एक दोस्त के फ्लैट में चलते हैं.

अब मैं धक्के लगा रहा था, साथ ही सौम्या को कभी किस, तो कभी उसके मम्मों को चूसता. हम लोग गर्म हो जाते थे सेक्स के लिए लेकिन हम सेक्स नहीं कर पाते थे.

उसके 34 इंच के उन्नत चूचे, पतली कमर, दूध जैसी गोरी चमड़ी … दिलकश आंखें … लम्बे काले लहराते हुए बाल.

फिर कुछ दिन बाद भाभी शाम को बच्चों को लेने मेरे घर पर आई थीं, तो मैंने भाभी से पूछा- आपने मुझे कुछ देने का वादा किया था ना … क्या हुआ उसका?भाभी ने हंस कर पूछा- हां बोलो न … क्या चाहिये?मैंने बोला कि मुझे आपको चोदना है.

जब बस किसी गड्डे में उछलती थी, तो मैं अपना हाथ मॉम के चुत की ओर ले जाता. मेरे पति को भी जब लगा कि उसकी इस सरकारी नौकरी की वजह से उसका काम निकल सकता है, तो उन्होंने फ़ौरन उसे हमारे घर बुला लिया और चाय नाश्ता करवाया. मैं तो जानता था कि मामी फोन के बारे में बात कर रही है लेकिन मेरा मकसद उसकी चुदाई करने से था क्योंकि मामी की बातों से मुझे पूरा यकीन हो चला था कि मामी की चूत की प्यास बार-बार उनको मुझे उनके पास बुलाने के लिए कह रही है.

मैं बहुत ही ज्यादा सीधा था, तो मैं हमेशा यही कोशिश करता कि कोई भी टीचर मुझसे नाराज़ न हो. उसने मेरी दोनों चूचियों को मन भर चूसा और मेरा हाथ अपने लंड पर रखवा दिया. आंटी ने अपने पति को टिफ़िन बनाकर ऑफिस भेजा और बच्चे को स्कूल चले जाने दिया.

वे बोलीं- हां हां आप मेरे बेस्ट फ्रेंड हो … मैं आपकी किसी बात का बुरा नहीं मानूँगी.

उसने जैसे ही दरवाजा बंद किया, मैं उसको पीछे से कसके पकड़ कर उसके स्तन दबाने लगा. मैंने वहीं उसको घोड़ी बना दिया क्योंकि सरसों के खेत में लेट कर चुदाई नहीं हो सकती थी. दो दिनों के बाद भाभी जब सो रही थीं, तभी इनवर्टर की बैटरी डिस्चार्ज हो गई.

दस्तूर- कैसे हो हर्ष?मैंने बोला- हैलो … मैं एकदम बढ़िया हूँ … तुम बताओ कैसी हो. मेरी आंखों के सामने जो नजारा था उसे देख कर मेरी आंखें फटी की फटी रह गयी. वो कपड़े लेने के बहाने बाहर आयी, तो मैं उसको देख कर एकदम से पागल हो गया.

उसकी ब्रा को उतार कर उसके चूचों को नंगे कर दिया और उनको मुंह में लेकर पीने लगा.

मैं अब कुछ नहीं कर सकती थी, उसने जबरदस्ती खींच कर मेरी ब्रा भी मुझसे अलग कर दी थी. लोलिपोप की तरह उसने चूसते हुए, मुठ मारते हुए उसने मेरा पानी निकाल कर पी लिया।और वो मसाज के पैसे दे कर चली तो गई.

आम्रपाली बीएफ इस तरह हमारा रोमांस चलता रहा लेकिन चुत मिलने की कहानी हमेशा दूर लगती रही थी. उसके बाद मैंने भाभी की चूत में अपनी जीभ को डाल दिया और उसकी चूत में जीभ को देकर उसे जोर जोर से चूसने लगा.

आम्रपाली बीएफ फिर उसने मेरी पैंटी भी निकाल कर मुझे पूरी नंगी कर दिया।मैं कामवासना के ज्वर से तड़पती हुई बिस्तर के चादर को हाथों में लपेट कर दबा रही थी।उसने मेरी टांगों को फैलाकर मेरी अनचुदी चूत के दर्शन किये। मेरी कुंवारी चिकनी चूत को देखते ही उसकी जीभ लपलपाने लगी।वो मेरी चूत के ऊपर झुका और उसने मेरी चूत पर अपने होंठ लगा दिए. मेरी नजर भाभी के सुन्दर चेहरे से फिसल कर उसके गले के नीचे उसकी चूचियों को टटोल रही थी.

मामा ने अपनी धोती को खोलना शुरू किया और उसको अपनी टांगों से अलग कर दिया.

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वो अपनी चूत खोल कर उंगली से रगड़ते हुए बोली- जलते क्यों हो यार … लो तुम भी मेरे मज़े ले लो. फिर कुछ देर बाद मैंने लंड को चूत से बाहर निकाला जिससे हमारा सारा पानी बहने लगा. पीछे से कोई मेरी गांड रगड़ रहा था था तो आगे से मेरे बूब्स भी दब रहे थे.

सबसे पहले निर्मला और राजशेखर बिस्तर पर गए और जैसा कि प्रतिदिन की एक तरह की कामक्रीड़ा से ऊब चुके लोग केवल औपचारिक रूप से संभोग करते हैं, वैसा दर्शाने लगे. मैंने तौलिया खींच कर निकाल दीMom Ki Kamukta Sex Storyमैं घर पर होता हूँ, तो कैप्री पहनता हूँ. मैंने कई मिनट तक उसके लंड को चूसा तो उसने मुझे हटा दिया और फिर नीचे फर्श पर गिरा लिया.

मैंने किसी तरह पेशाब की, तो अंत में एक छोटी सी थैली की आकर में वीर्य भी टपक गया.

भाभी के हाथ मेरी कमर पे थे जो मुझे अपनी तरफ खींचने की कोशिश कर रहे थे।10 मिनट चोदने के बाद मैंने भाभी को घोड़ी बना कर चोदना शुरु कर दिया. साहब को तो पहले से ही पता था कि मैंने नीचे से ब्रा नहीं पहनी हुई है. उस दिन शाम को मैं गुमसुम बैठा लंड सहला रहा था कि तभी मेरे फोन पर एक अनजान नंबर से फोन आया.

कुछ ही पलों में मेरी हालत अब इतनी बुरी हो गई थी कि मैंने राजशेखर के बांहों को जोर से पकड़ रखा था और बीच बीच में खुद से अपने चूतड़ों को उठा कर उसे चोदने का न्यौता दे रही थी. इंशा बोली- फूफाजी आप!मैंने थोड़ा ओवरएक्टिंग करते हुए कहा- कौन फूफा, किसका फूफा …वो दोनों शर्मिंदा सी भी थीं, मगर हंस भी रही थीं. दोस्तो, मेरा नाम अनुज है और ये मेरी रियल माँ बेटे की चुदाई की कहानी है.

मैंने दिन में ही मोनिषा आंटी की दुल्हन की तरह तैयार होने को कह दिया था कि ऐसे सेक्सी तरीके से तैयार होना कि संजय आपको देखता ही रहे. आशा करता हूँ कि सभी लड़कियों भाभियों और आंटियों को मेरी सेक्स की कहानी जरूर पसंद आयी होगी.

मेरी मामी सेक्स स्टोरी के इस भाग में पढ़ें कि कैसे मैंने मामी को चोदा. अपने बेटे प्रकाश की छाती को नंगी कर दिया मैंने और फिर उसके जिस्म को चूमने लगी. मैं उससे बोली- ये तुम क्या कर रहे हो सुरेश, मैं शादीशुदा हूँ और तुम मेरे दोस्त हो.

मुझे ऐसा लगता था कि उसके चूचे उसकी शर्ट फाड़ कर बाहर आ जाएंगे, बड़ी कदर माल लगती थी.

ज़्यादा कुछ नहीं बोलते हुए उसने मुझे कुछ पीने को पूछा, तो मैंने ना कह दिया. कुछ देर इसी पोजीशन में चोदने के बाद मैंने उसको सीधी किया और स्लैब पर बैठा दिया. लेकिन आंटी की वासना बढ़ रही थी तो मैंने अपने एक दोस्त से उन इंडियन सेक्सी आंटी को चुदवाया.

मैं उनके मम्मों को चूसने लगा और चाची के एक दूध के निप्पल को अपने होंठों के बीच दबा कर कुछ मिनट तक चूसता रहा. अब इस समय ब्लाउज के गहरे गले से मैंने ब्लाउज़ के अन्दर सफ़ेद रंग की ब्रा को भी देखा, जो भाभी के आमों को पूरी ताकत से जकड़े हुए थी.

मैंने संजय से कहा- मैं तुझे मोनिषा आंटी को चोदने का एक मौका दे सकता हूं … मगर मैं पहले पैसे लूंगा. पर सुरेश धक्कों के साथ साथ बातें बहुत कर रहा था, जिससे संभोग में उतना मजा नहीं आ रहा था. साथ ही मैं उसकी चुत में अपनी दो उंगलियां डाल कर ज़ोर ज़ोर से हिलाने लगा.

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वो हंस दी और चाय बनाने के अन्दर जाते हुए बोली- मैं तुम्हारे लिए चाय लाती हूँ … और हां तुम मुझे भाभी बुलाओगे, तो मैं तुमको देवर जी बुलाऊं क्या?मैंने बोला- आप मुझे सूरज बुलाइए.

मैंने कहा- भाभी अगर आप बुरा न मानो, तो मैं आपकी समस्या को दूर कर सकता हूँ. मैडम बोली कि बहुत देर से मुझे कुछ सूझ नहीं रहा है कि कौन सी साड़ी लूं. चूत से हल्की सी महक आ रही थी … क्योंकि उसने आज ही चूत को शेव किया था.

आंटी अपने कपड़े गहरे गले के पहनती थीं, इसलिए उनके मम्मों की दरार हमेशा साफ़ दिखती थी. अभी मुझे सौम्या की चुत चाटते हुए एक मिनट ही हुआ होगा कि अचानक उसने मुझे धक्का मारा और मेरे अंडरवियर को उतारने को कहा. इंडियन सेक्सी बीपी इंडियन सेक्सीपर वो काफी डर गई थी कि अब कैसे बात करूंगी उन लोगों से … वे मुझे क्या समझेंगे वगैरह वगैरह।लेकिन मैंने कहा- आप टेंशन मत लो, सब ठीक हो जायेगा।इतने में मैंने उसको बेड पे लिटाया और उसकी आंखों में देखते हुए उसे चूमना शुरु कर दिया.

मैंने उन दोनों की हरकतें देखी, मम्मी तो घर में अपनी वासना का इलाज करती थी. जॉयश जोकि सबकी लीडर बनी हुई थी, बोली- तो दोस्तो, तुम लोगों में से किसी की सेक्स फेंटेसी पूरी हुई या नहीं?सब ने कहा- हमारी ऐसी किस्मत कहां है?तो फिर जॉयश ने बोला- फिकर नॉट … यह किटी पार्टी इसीलिए तो कर रही हूँ कि यहां हम सब अपनी मनमानी करेंगी.

इसलिए हम दोनों रोज रात को फोन पर गन्दी बातें करते हुए एक दूसरे को मजा देते थे. मामी ने पलट कर मुझे देखा लेकिन फिर मुझे केवल तौलिया में देख कर दोबारा से नजर घुमा ली. फिर वह पीछे पड़ गई- मुझे चोद अभी चोद बहन के लोड़े! नहीं तो मैं तेरी जान ले लूंगी! अभी चोद मुझे … मैं तुझे छोडूंगी नहीं!और सच में उसने मंगल को कस के पकड़ लिया और पागलों की तरह उसे यहां-वहां काटने लगी.

मैंने उससे कहा- अब आगे क्या?मेरी गर्लफ्रेंड सेक्स की प्यासी थी तो हंस कर बोली- आज पूरी रात तुम्हारी है … जो तुम चाहो वो करो. घर आ कर मेरा मन बिल्कुल भी शांत नहीं था क्योंकि मैंने उनके जिस्म का वो हिस्सा देख लिया था, जो नहीं देखना चाहिए था. मेरी सेक्स स्टोरी हिंदी में आपको मजा आ रहा है ना? तो अपने कमेंट करें और मुझे मेल करें.

वहाँ से मम्मी ने कुछ निरोध कंडोम ख़रीदे। मनोज से चुदवाना जो था।मैं और मम्मी नानी के घर 15 दिन रहे.

मैं बोला- ये क्या कर रही हो भाभी?भाभी ने कुछ नहीं कहा, बस मुझे बेड पर धक्का दे कर मेरे ऊपर चढ़ गयी और मेरे होंठों को चूमने लगी. मेरे दोनों चूतड़ों को फैला कर जांघों के बीच आकर तेज़ी से लिंग मेरी योनि में घुसाने लगा.

योनि पर चुम्बन से उर्वशी छुई-मुई के जैसे इकट्ठा हो गई और उसने नीचे झुक कर मिहिर के माथे पर एक प्यार भरा चुम्बन दे दिया. इसलिए आज मैंने सोचा कि आप सभी से मुझे अपनी सेक्स कहानी जरूर शेयर करनी चाहिए. भाभी ने कहा- मैं भी बहुत खुश हूँ कि तुम जैसा साथी मुझे मिला, जिसने मुझे इतनी खुशी दी है.

दोस्तो, आप सबको मेरी चुदाई हिंदी स्टोरी कैसी लगी, कोई सुझाव हो, तो प्लीज मुझे मेल पर जरूर बताना. उसकी ब्रा से उसके गोल-गोल स्तनों के नुकीले दूध साफ़ दिखाई दे रहे थे. मैंने उसे ऊपर नीचे हिलाया, तो उसका सुपारा खुल गया और ऐसा दिखने लगा जैसे अंगार उगलने को है.

आम्रपाली बीएफ फिर एक दिन भाभी की फैमिली किसी निजी कारणों से हमारे फ्लैट से एक दूर के मकान में शिफ्ट हो गए. बस इतना सुनना था कि मैंने गिलास टेबल पर रखा और उसका हाथ पकड़ कर उसको अपनी तरफ खींचते हुए उसे अपनी गोद में बैठा लिया.

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फिर वो बोली- क्या बोला तुमने?मैंने बात को टालते हुए कहा कि कुछ नहीं … कुछ नहीं. मैंने उसकी छाती से चिपकते हुए कहा- हां ले चल … मुझे कोई चिंता नहीं है. फिर मैंने अपना लंड उसके मुंह में दे दिया तो उसको उल्टी आने को हुई और उसने मेरा लंड बाहर निकाल दिया.

उसने कहा- भैया हम एक काम करते हैं … हम दोनों अपनी आंखें बंद कर लेते हैं. मेरी पत्नी के नग्न वक्ष अब मेरे दोस्त की चौड़ी मर्दाना छाती पर सटे हुए उसकी छाती की गर्मी को महसूस करके और ज्यादा रसीले होने लगे. सेक्सी बातें सुनने वालीइसके कुछ देर बाद 69 का खेल हुआ और इस तरह हमने उस दिन 3 बार जबरदस्त चुदाई की.

जब उसकी तरफ विरोध होना बंद हो गया तो मैंने उसके होंठों को किस करते हुए एक और धक्का लगाया और पूरा लंड जड़ तक उसकी चूत में घुसा दिया.

मेरे मामू अपने काम पर गए हुए थे तो मैं उसको बैठक में ले गया।मैं अपने साथ कॉन्डोम ले कर गया था. उसने मोनिषा आंटी को बेड पर लिटा दिया और उनके ऊपर जाकर किस करने लगा.

अब संजय और मैंने एक साथ अपना लंड मोनिषा आंटी की चूत और गांड में पेल दिया. भाभी मुझे ऐसे किस कर रही थी कि मुझे लगा कि मुझे खा ही जायेंगी।तब मैं उनको किस करते हुए वापिस नीचे ले गया, लिटाते हुए उनके कान की लौ को चूमने लगा, उनकी गर्दन को चूमने चाटने लगा, नीचे सरकते हुए मैं उनके चूचों को मुख में भरकर चूसने लगा. मैंने कहा- क्या कर रही हो भाभी?भाभी बोलीं- कुछ नहीं … गेम खेल रही थी, वैसे आप कुछ बताने वाले थे ना!मैं- हां भाभी मैं आपको इस तरह से उदास नहीं देख सकता … भाभी मुझे पता है कि आप पर क्या बीत रही है.

आपने अब तक की मेरी इस सेक्स कहानी के पहले भागपुराने साथी के साथ सेक्स-1में पढ़ा कि मेरे बचपन के साथी सुरेश ने मुझसे अपने दिल की बात साझा करते हुए बताया था कि वो मुझसे प्यार करता था.

भाभी सेक्स स्टोरी, चाची सेक्स कहानी पढ़ने के कारण मैंने भी सोचा कि अब मैं भी परिवार में किसी न किसी को चोद दूँ. उसकीनंगी जवानीदेख कर मेरे मन में फिर से चुदाई का ख्याल आने लगा मगर उसने मना कर दिया. वो अभी भी दीवार से लगी हुई थी, तो मैं भी पीछे से जाकर उससे चिपक कर उसकी गर्दन और कंधे पर किस करने लगा.

छोट्या मुलीची सेक्सी व्हिडीओकभी उसे होटल के वाशरूम में कुतिया बना कर चोद देता, कभी किसी कमरे में पकड़ कर उसकी चुदाई कर देता … या कभी पार्क में मज़ा कर लेता. दस मिनट तक चुदाई का मजा लेने के बाद संजय झड़ गया और हम दोनों एक दूसरे से चिपक कर लेट गए.

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उसको हाथ में भींच कर उसका माप लेते हुए बोली- तुम्हारा बेलन तो वाकई कड़क है. रीता की चुत की माँ चुद गई वो बहुत जोर से गाली देते हुए चीख पड़ी- आह … मादरचोद … चुत चुदवाने के लिए बुलाया था भैन के लौड़े … फाड़ना नहीं है. बहन के गीले बालों को हटा कर मेरा दोस्त मेरी ही आंखों के सामने मेरी बहन को किस कर रहा था.

ब्वॉय फ्रेंड तो दूर की बात थी, उसका तो कोई साधारण फ्रेंड भी नहीं था. मेरी हालत खराब होते देख कर साहब ने सारी प्रक्रिया रोक दी और मेरे ऊपर लेट गये. मैंने मामी से बिना पूछे ही तीन-चार जोर के झटके लगाये उसकी पानी छोड़ रही चूत में अपना माल गिरा दिया.

मैंने उससे पूछा- क्या बात है फुलवा भौजी … बहुत हंसी ठट्ठा हो रहा है?भौजी बोली- कजरी को उसके पति की याद आई है … इसलिये सब मज़ाक कर रहे हैं. फिर जैसे ही मैंने अपनी जीभ दस्तूर की गांड के छेद पर रख कर अपनी उंगली दस्तूर की चूत में डाली, दस्तूर ने बहुत सारा पानी छोड़ दिया … जो कि बहुत ही स्वादिष्ट और शानदार था. मैंने सोच लिया था कि मैं आज मोनिषा आंटी को चोद कर ही उनके घर से बाहर निकलूंगा, चाहे कुछ भी हो जाए.

कुछ देर बाद क्या दिमाग में आया कि मैंने उसे एक संदेश भेज दिया और लिखा- तुम बहुत बदमाश हो. इस बार 15 मिनट बाद मेरा काम हो गया और मैं सीधे अपने कपड़े उठा कर आगे वाले रूम में चला गया.

मैं मन ही मन सोचने लगा कि साली रंडी तूने भी तो खुद को चुदवाने के लिए मुझे बुलाया है … बल्कि तू तो अपनी चुत की खाज शांत करवाने के लिए मुझे पैसे भी देगी.

मैं तो दर्द को सह ले रहा था, लेकिन उसे देखा, तो लग रहा था कि साली हमेशा लंड याद रखेगी. लिखित सेक्सीमेरा बेटा प्रकाश तैयार होकर कहीं जाने की फिराक में था तो मैंने उसे टोक दिया. पिक्चर ब्लू सेक्सी वीडियोमेरी पिछली कहानी में पढ़कर आपको मेरे बारे में जानकारी है कि मैं भी दिखने में सेक्सी हूँ, अच्छी बॉडी और बड़ा स्मार्ट हूँ. इस बीच भाभी 2 बार झड़ गयी और मैंने भी अपना माल भाभी भी की चूत में ही गिरा दिया.

मुझे चुदाई से ज़्यादा मज़ा चूत चाटने और होंठों को चूसने में आता है, मैंने उसको ख़ूब समूच किया।बीस मिनट तक मैंने उसकी चूत को ख़ूब चोदा.

संध्या को क्या समझ आया था, उसने मेरे साथ चुदाई का सपना कैसे पूरा किया. हुआ यूं कि मैं जिम खत्म करके बाहर निकला, तो मेरे जिम में ही वर्क आउट करने वाली एक लड़की अपनी कार के पास खड़ी होकर फोन पर बात कर रही थी. चूंकि तुम मेरे ब्वॉयफ्रेंड के दोस्त हो, तो मेरे भी दोस्त हुए ना!मैंने कहा- चलो अच्छी बात है कि तुम मिलने आ गयी … मेरा तो रात भर से तुम्हारे बिना मन ही नहीं लग रहा था.

विभोर को तो जब भी मौका मिलता था तो वो मुझे किस करता था और मेरी चूची दबाता था जिससे मैं भी उसके पैंट के ऊपर से उसका लंड सहलाने लगती थी. चूंकि हमारी दोस्ती बचपन से ही थी तो हम दोनों एक दूसरे के घर पर आते जाते रहते थे. इधर मैंने उसकी बुर में उंगली डालना शुरू कर दिया था, तो उसने लंड को और दबा कर पकड़ लिया.

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अब उसे मेरे लंड की सख़्त ज़रूरत थी, मैंने उसकी चूत पर अपना लंड लगाया और धीरे धीरे उसकी चूत की दीवारों को चीरता हुआ अंदर पेल दिया. एक दिन मैं ऑफिस नहीं गई थी और रूम पर अकेली ही थी। और वहां पर दोपहर को साफ सफाई के लिए एक लड़का अचानक से आ गया. बेडरूम में, किचन में, बाथरूम में, मतलब आंटी की चुदाई घर के हर कोने में की, हर जगह बहुत सारे आसनों में उनको चोदा.

फिर जब वो नहाने के बाद सलवार पहनने अन्दर रूम में जाती, तो कभी मौक़ा पाते ही मैं भी उसके पीछे पीछे चला जाता.

उनकी उम्र क़रीब 35 साल थी पर लगती 25 की थी। मैं और मेरी बीवी 32 और 30 साल के हैं।डोर बेल बजी तो मैंने दरवाज़ा खोला तो वो सीधे अंदर घुस गई और आवाज लगने लगी- रूबी … ओ रूबी!मैंने उनसे कहा- रूबी आज ही भोपाल से बाहर गई है। वो तीन दिन में आएगी।तो उन्होंने कहा- सॉरी … मुझे इस तरह आपके घर में नहीं आना चाहिए था.

कुछ देर तक उसकी चूत में उंगली करने के बाद उसकी चूत को चोदने का समय आ गया था. ऊपर से शावर का पानी गिर रहा था और नीचे से वो अपनी गर्म जीभ मेरी चूत में चला रहा था. लुधियाना की सेक्सी पिक्चरउसका रुझान ज्यादातर सरस्वती पर ही रहता, इस वजह से विमला मुझसे कहा करती कि इन दोनों का चक्कर है.

उसकी चूत से निकलते पानी से मेरे लंड की ठोकर लगतीं, तो एक मधुर आवाज़ आने लगती ‘फ़च्छफ़च फ़चफच. टी-शर्ट के अंदर उसके चूचों का उभार ऐसे लग रहा था जैसे किसी पहाड़ की चोटी को तिरछा कर दिया गया हो. वो भी मेरा लंड को आइसक्रीम समझ कर पूरा मुँह के अंदर तक लेकर चूस रही थी.

वो मामी की चूत में लंड डाल कर हिलाते रहे मगर मामी को जैसे कुछ फर्क ही नहीं पड़ रहा था. उसके पैंट के ऊपर से ही उसका लंड सहलाते हुए मैंने पैंट की हुक और फिर जिप खोल दी.

उनकी इन कामुक आवाजों को सुन कर मेरे लंड का हाल और बुरा होने लगा था.

फिर मैंने पीछे से उसकी मैक्सी को उठा दिया और उसके चूतड़ों को दबाने लगा. विद्या- आई लव यू यश … मैं तुमसे बहुत प्यार करने लगी हूँ … प्लीज़ मुझसे दूर न जाना … मैं आपको एक बात बताना चाहती थी, तुमसे मिलने से पहले मेरा एक ब्वॉयफ्रेंड था, उसकी गंदी हरकतों से तंग आकर मैं उससे दूर हो गई. अब जाकर उसका पूरा लिंग घुसा था और मेरी बच्चेदानी मानो सुपारे से दब गई हो, मुझे ऐसा महसूस हुआ.

14 साल लड़की का सेक्सी कार सेक्स कहानी पर अपनी राय देने के लिए नीचे दी गई मेल आईडी का प्रयोग करें. मैं निरंतर उससे खुद से दूर करने का प्रयास करती रही, पर वो पीछे हटने का नाम नहीं ले रहा था.

मेरे लंड में पहले से ही कामरस निकल आया था इसलिए मुठ मारने अलग ही आनंद आ रहा था. कुछ देर वहीं रुकने के बाद वह स्पर्श मेरे सलवार के नाड़े की तरफ बढ़ा और अगले ही पल मेरा नाड़ा खोल कर वह स्पर्श और नीचे मेरी चूत के पास महसूस होने लगा. इंदौर में मेरे चाचा का घर हमारे घर के पास ही है और उनके घर में तीन बेटी और एक लड़का है.

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उनकी भी नजर मेरे पर पड़ी और वे मुझे देख कर न जाने क्यों मुस्कुरा दीं. कोई दो तीन दिन हो गए थे, सुनील हमारे घर नहीं आया था, तो मैंने उसके घर जाकर दरवाजा खटखटाया. मुझे उन्होंने एक नंबर दिया और कहा कि जब भी लड़की चाहिए हो, इस नंबर पर कॉल करके मंगा लेना, पैसे मैं भर दूंगा.

वो बार बार बोल रही थी कि समीर प्लीज … बाहर निकालो … मुझे बहुत दर्द हो रहा है. मेरे बदन की गर्मी पाकर अब वह भी पिघल गया और मुझे अपनी बांहों में भर कर मेरी पीठ को सहलाने लगा.

मैं- क्या बात भाभी?भाभी बोलीं- मैं तुमसे पहले ही क्यों नहीं चुद गई.

आप मुझे मेरी ईमेल आईडी पर मुझे मेल करके जरूर बताएं कि मेरी फ्री हिंदी चुदाई कहानिया कैसी लगी. मैं साथ ही उसके होंठों को काट लेता था, कभी उसके गांड को अपने हाथों से दबाए जा रहा था. फिर दोबारा थूक हाथ में लिया और मेरी योनि पर मल कर, एक उंगली से भीतर भी मल दिया.

मैं अंदर से एकदम खुश हो गई और हमारी मीटिंग फिक्स हो गई और संडे का इन्तजार करने लगी. वो लंड इतना अच्छे से चूस रही थी कि मैं जल्दी ही उसके मुँह में झड़ गया. सुरेश- तुम अपनी ये झांटें साफ नहीं करतीं क्या?मैं- मैं इतना ध्यान नहीं देती, कभी मन होता है तो कर लेती हूं.

मेरे खेतों में जो मजदूर काम कर रहे थे, मैंने उनके लिए खाना भी ले लिया.

आम्रपाली बीएफ: थोड़ी देर बाद मैंने महसूस किया कि मेरी बहन की सांस तेज़ हो रही है और उसके बूब्स उपर-नीचे हो रहे हैं. मैं समझ गई और मैंने भी उसे बिस्तर में आने के लिए अपनी बांहें फैला दीं.

आप पसन्द कर लेना, बस हुकुम करो, वे लौंडे ही अपना कोई दोस्त या साथी ले आएंगे. अब पूरा लंड गीला हो चुका था और चुदाई में पच-पच की आवाज होने लगी थी. जब वो पूरे कपड़े पहन कर तैयार हो गई, तो मैंने भाभी को अपनी बांहों में भर लिया और कहा- रेनू भाभी आप ही पहली हो, जिसके साथ मैंने पहली बार चुदाई की है.

इतना कहकर उसने मेरे कपड़े उतारने शुरू कर दिए और मुझे पूरा नंगा कर दिया.

मैंने भी ‘हां’ कह दी और अगले दिन दोपहर में भोपाल के लिए बस से निकल गया. फिर मैम ने पीछे मुड़ कर अपने चूतड़ों को हाथों से हिलाकर कर कहा कि ये सब मिला कर बनता है माल, जिस लड़की के चुचे, कमर और गांड को देख कर चोदने का मन करे … तो समझ जाओ कि वो लड़की माल है. सरस्वती- सच बता न … कुछ हुआ या नहीं सुरेश के साथ?तभी सुरेश बोल पड़ा- अरे सरस्वती रखो यार फ़ोन … कल बात कर लेना.