बीएफ सेकसि

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हिंदी में बोलो बीएफ: बीएफ सेकसि, अब मुझसे रहा ना गया और मैंने उनको वैसी ही मुद्रा में जकड़ लिया और मुँह चूत पर लगा कर सूंघने लगा.

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धारा की नाभि और चूत के बीच का भाग जिसे आम भाषा में पेड‌‍़ू भी कहते हैं, शेखर की उंगलियों का अहसास पाते ही काँपने से लगे. लड़की नंगीयानि शाम 6 बजे से सुबह 3 बजे तक गांड और चूत की दमदार चुदाई हो गई थी.

धारा बस ठंडी-ठंडी आहें भरे जा रही थी और शेखर के मर्दन का मज़ा ले रही थी. होली के धमालफिर मैंने अपना मुँह मां की पीठ के पीछे की तरफ से उनकी मैक्सी के खुले हिस्से पर रखा और एक गहरी सांस ली.

तेरी मां की चूत कुतिया … भैन की लौड़ी साली … जब से आया हूँ, तब से मेरी गांड मारे जा रही है.बीएफ सेकसि: शीना- तो फिर मम्मी आपके पास ही क्यों आयी, वो पापा का इलाज भी तो करवा सकती थी.

सेक्स और यौन वासना से परिपूर्ण पाॅर्न कॉमिक्स के माध्यम से कामुक भाभी 2009 से लेकर अब तक हम सभी के दिलों पर राज कर रही हैं.उन्होंने बोला- अगर ये खाली ही रहती हो … तो इसको मेरे यहां रोज़ भेज दिया कीजिए.

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उस वक्त उसको लन्ड चूत के अंदर चाहिये था चाहे वो मेरा हो या राहुल का!मैंने एक बार फिर कमर की मदद से लन्ड चूत के बाहर हिलाते हुए जरा सा अंदर किया और नेहा की सिसकारी निकल गयी।मैंने फिर से पूछा- राहुल से चुद रही हो न जान?लंड की भूखी नेहा सिर हिलाकर हामी भरने लगी.मैं सच कह रही हूँ, ये कोई पाप नहीं होगा … बल्कि तुम्हारा धर्म होगा.

ये सुनकर भाभी ने अपना एक पैर स्टूल पर रखा और दूसरा सामान रखने वाले खांचे पर रखा. बीएफ सेकसि तभी रोहन ने नेहा को अपनी गोद में बैठा लिया और उसके स्तनों को दबाने लगा.

क्योंकि उस समय कोरोना कर्फ्यू चल रहा था तो दुकानें चोरी छिपे खुल रही थीं.

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फिर एकाएक शिवम के धक्के तेज हो गये और फिर वो भी मेरी चूत में झड़ता चला गया. पूरा लंड पेल कर वो अपनी पूरी रफ्तार से मुझे चोदने लगा और मैं भी उसके सुर में सुर मिलाते हुए ‘उफ़ हहहह यस आई लाइक इट … ओह्ह फ़क आह आह आह हहहहह … उफ़ उफ़ उई मम्मी … आह और तेज़ और तेज़. फिर एक दिन मुझे धोबी से चुदने का मन हुआ तो मैं उस शाम उसके घर कुछ कपड़े धुलने को देने के बहाने गयी.

एकदम तनी हुई कड़क पहाड़ की चोटियों की भांति मेरी दोनों चूचियां उन दोनों के सामने आ गईं. इस तरह की औरतों में से लगभग 80% औरतें बाहरी लंड से ही चुदाई करवाती हैं. दोस्तो … क्या नज़ारा था वो!मामी की गांड बिलकुल गोरी और चिकनी थी। जिसकी दरार के बीच एक छोटा सा गुलाबी छेद … मन तो कर रहा था कि उसी छेद मे अपना लंड डाल दूँ!पर सोचा इतनी प्यारी सी गांड है … इसे फिर कभी बड़ी तसल्ली से चोदूंगा.

तभी विजय का बाप नामदेव उन दोनों के नजदीक आ गया और दोनों को एक साथ किस करने लगा. मैंने उसको रिप्लाई किया- ठीक है, मैं आपके पास आ तो सकता हूँ, लेकिन ये लॉकडॉउन खुलने के बाद ही सम्भव हो सकेगा. मुझे ऊपर लेकर लंड को चूत पर रख लिया मैं ऊपर-ऊपर ही लंड फिराने लगा तो उसने ऊपर की तरफ कमर उछाली लेकिन मैं उचक गया.

धारा ने शेखर की उंगली को बड़े ही प्यार से अपने होंठों के बीच ले लिया और क़ुल्फ़ी की तरह चूसते हुए पूरी उंगलियों को मुंह के भीतर लेकर चुभलाने लगी. कुछ मिनट किस के बाद हम दोनों अलग हुए और मैंने उसकी चूचियों को देख कर अपने होंठों पर जुबान फिराई.

हर वक्त मुझे चाची के गुदाज़, गर्म शरीर का स्पर्श याद आ रहा था, चाची के मस्त बूब्स, चाची की फूली हुई चूत का स्पर्श… इन सबकी याद दिमाग से निकल ही नहीं रही थी.

अब उनके दोस्त ने मुझे फिर से बेड पर पटक लिया और फिर से मेरी गांड में अपना लौड़ा डाल दिया.

लेकिन उन्होंने मुझे रोक दिया और मुझसे कहने लगे- प्लीज भाभी, अभी नहीं. मैंने कहा- पहले तू अपनी मर्दानगी दिखा मुझे!यह सुनकर उसका तो शायद जैसे अंदर को मर्द ही जाग गया. ये पंजाबी आंटी सेक्स कहानी मेरे दोस्त की दूसरी मां मतलब सौतेली मम्मी की है.

भाभी ने थैंक्यू कहा और मैंने बात को आगे बढ़ाते हुए बोल दिया कि भैया बहुत लकी हैं, जो आप जैसी पत्नी मिली. उसके बाद भाभी ने ब्रा को खिसका कर मेरे मुँह में अपना एक दूध लगा दिया और वो निप्पल चूसने के लिए बोलीं. कसम से दोस्तो, ब्रा के ऊपर से उभरते हुए चूचियां और हल्का सा गोरा बदन और टाइट सी मखमली पर्पल कलर की ब्रा में कसे हुए स्तन देख कर मैं गनगना गया.

अब उसने धीरे-धीरे धक्के देने शुरू कर दिए मुझे ऐसा लग रहा था कि वह मेरा मुंह नहीं मेरी चूत चोद रहा है.

फिर रात को खाना खाने के बाद मां ने मेरा और खुद का बिस्तर हॉल में ही लगा लिया. तभी मुझे लगा कि वो झड़ने वाली हैं; मैंने अपनी स्पीड बढ़ा दी और ‘उम आह. वह बिस्तर पर बिना कपड़ों के पसरी थी; अपनी मस्त चूचियों को अपने ही हाथों मसल रही थी.

सेक्सी भाबी हिंदी कहानी में पढ़ें कि मेरे पड़ोस में एक तलाकशुदा लेडी रहती थी. नमस्कार दोस्तो, सेक्स कहानी के पिछले भागजवान लड़के को जिस्म दिखा के पटा लियामें अब तक आपने पढ़ा था कि रीमा और निखिल के बीच भी चुदाई का खेल शुरू हो गया था. इसी बीच वो गंदी बातें करने लगी- नीरज मेरी चुत फाड़ दो … जल्दी से लंड पेल दो.

ये सब देख कर उन सभी ने मेरा चेहरा भी देखा, जिस पर हर वक्त कामुकता साफ़ दिखाई देती थी.

अचानक हुए इस हरकत से मैं घबरा गया लेकिन मेरा भी मन करने लगा था कि उसको किस करूं. मेरे पैरों में बहुत दर्द होने लगा तो मैंने भाभी से कहा- अब आप लंड के ऊपर आ जाओ.

बीएफ सेकसि कुछ ही देर में उसका लंड फिर से खड़ा हो गया तो उसने अपना लंड चमेली की चुत में डाल दिया. भाभी- ठीक है … पर किसी को बताना मत!मैं- ठीक है भाभी … अब आपका एक का दूध निकलना बंद हो गया है.

बीएफ सेकसि वो अपनी बहन की चुदाई में इतना खो गया था कि हमारी तरफ मुड़कर भी नहीं देख रहा था. कुछ देर बाद मैंने उसे उठाकर जमीन में लिटा दिया और उसके ऊपर चढ़ गया.

फिर मैंने ना चाहते हुए भी उसके एक गाल पर किस कर दी और बोली- अब खुश … मिल गयी न तुम्हें गिफ्ट!मेरी चुम्मी से तो मानो जैसे वो पागल से गया था.

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फिर हम दोनों ऐसे ही पड़े रहे और लम्बी लम्बी सांसें लेते हुए अपनी आंखें मूंद लीं. मैं आपको अगले भाग में लिखूंगा कि मेरी जीजू की सैटिंग की कुंवारी चुत को मैंने कैसे चोद दिया. लेकिन दूसरों की वजह से तुम अपनी इच्छाओं को क्यों और कब तक मारती रहोगी। मुझे अपना दोस्त समझो और जिंदगी मजा लो.

मेरा भी मन तो कर रहा था कि उसके कपड़े फाड़ कर उसे चोद दूँ और बता दूं कि इतनी सेक्सी लगी।वहीं दूसरी ओर शराफत कह रही थी कि जो काम प्यार से हो उसमें जबरदस्ती की जरूरत ही क्या है. जब तक टोकन लेकर अंदर आ जाओ।मैंने बाई को पहले को बोल दिया था कि मेहमान आएंगे तो कुछ नाश्ता बना देना।फिर मैं 35 मिनट में वहां पहुँच गया और स्मृति को फोन किया।फ़ोन उठाकर उसने बोला कि वो कस्टमर केयर कैबिन के पास खड़ी है।मैं नीचे गया और उसके पास जाकर उसे हैलो बोल कर विश किया।उसके पास ज्यादा कुछ सामान नहीं था।हम ऊपर प्लेटफॉर्म पर आ गये. चाची उसे देखकर मुस्कराई और मेरी तरफ देखकर बोली- क्या मस्त चुदाई की है! चलो अब खाना खा लो.

अब वो उन उभारों को बिना किसी दीवार के अपने हाथों में महसूस करना चाहता था।उसने अपनी उंगलियों से ब्लाउज़ का बटन ढूँढने की कोशिश की.

प्रिया जब वो उठाने उठी, तो गगन ने कहा कि तू तो कह रही थी कि तुझे नकली लंड से मुहब्बत नहीं है. एक तो मेरे लंड की मोटाई ज्यादा थी, दूसरा ये कि बहुत दिन से मां की चुदाई नहीं हुई थी. इसकी जगह मैंने उसकी गांड के छेद में एक उंगली डाली और अन्दर बाहर करने लगा.

नेहा- हां तो? क्या अभय भैया ने तुझे नंगी देख लिया था … जो उसने तुम्हें वहीं पटक चोद दिया?ये कहती हुई नेहा मुस्कुरा दी. एक बार फिर धारा ने शेखर का लंड हाथों में थामा और फिर मुँह में डाल कर चूसने लगी।मगर इस बार उसने हाथों से लंड का पिछला हिस्सा पकड़ रखा था ताकि शेखर चाहे भी तो दुबारा पूरा लंड अंदर डालने की कोशिश ना करे. दो मिनट में ही उसने अपनी चूत से पानी छोड़ दिया जो कुछ मेरे मुँह में भी आ गया.

जबकि उस टाइम सर्दियों का मौसम था तो मुझे उम्मीद ही नहीं थी कि भाभी इस तरह की पोजीशन में लेटी होंगी. कहानी के पिछले भागसहेली को पति से अपनी चूत चुदवा लीमें आपने पढ़ा कि दो सहेलियाँ अपने अपने पति के साथ मौज मस्ती करने एक बीच रिसोर्ट में आये हुए थे.

मैंने पूछा- हम लोगों के पास दो तीन घंटे का समय है ना?मैं अपनी किसी सहेली के यहाँ जा रही हूँ, यह कहकर आई हूँ. मैंने भी भाभी के मुँह से ये सुनकर अपना लंड भाभी की चुत पर रख दिया और जोर का झटका दे मारा. गगन प्रिया के मुँह में लंड रख कर उसके मुँह को चोदता रहा और उसके मुँह में ही पेशाब करता रहा.

जैसे ही मैं एकदम से तड़पने लगी तो मैं बोल उठी- मुझे चोदा जोर से!उसने एकाएक एक ही बार में अपना पूरा लंड मेरी चूत में घुसा दिया.

वो तुरंत बोली- पम्प पर देख लो डिजिटल मोड से पेमेंट हो सकता हो, तो मैं ऑनलाइन कर दूंगी. मुझे हचक कर चोदने के बाद इसने अपने लंड का गाढ़ा माल मेरी गांड के अन्दर छोड़ दिया. मैंने उसको बताया कि जिस आदमी से तुम पहले बात करती थी, वो आदमी शादीशुदा है.

मेरी पिछली कहानी थी:ममेरी बहन की जबरदस्त चुदाईमुझे शुरू में सिर्फ लड़कियों में दिलचस्पी रही थी मगर अब आंटी, भाभी में कहीं ज्यादा दिलचस्पी हो गई. मैंने अपना लौड़ा कोमल की गांड के छेद पर रखा और एक झटके के अन्दर कर दिया.

फिर अचानक से दीदी मुझे अपने ऊपर खींचने लगीं और मेरा लंड अपनी चूत में खुद सैट करने लगीं. मेरे लंड को उर्वशी पहले तो देखती रही … क्योंकि लंड अच्छा खासा मोटा और लम्बा है. मुझे अपनी चूत चुसवाना, चूचियां दबवाना, निप्पलों को दांतों से कटवाना और कठोरतम चुदाई करवाना बहुत पसंद है.

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उसने लिखा- कोई बात नहीं … लेकिन आपको मेरे यहां पर कम से कम 3 दिन 4 रातें रुकना होगा.

ज्योति ने आश्चर्य से पूछा- क्या बात कर रही है … उसने किस किया और वो भी समीर के सामने?स्नेहा- यस मेरी जान, तू जब भाई के साथ पेड़ के पीछे अपनी मां चुउऊऊऊ …. मां मेरा हाथ छोड़कर लेट गईं और उन्होंने अपने दोनों पैर थोड़े से खोल दिए. वो अपने भाई की चुदाई से इतनी ज्यादा बार झड़ गई थी कि उसकी चुत गांड सूज गई थी.

मैं- पता नहीं अंकल, किसी ने मुझे पसंद क्यों नहीं किया, मैं क्या कह सकता हूँ. शीना बोली- मम्मी के फ़ोन पर सिक्योरिटी कोड लगा होता है जो मुझे नहीं पता है, न मैं उनसे पूछ सकती हूं. पोर्न फिल्म वीडियोमैंने सोचा कि यह सही समय है शीना पर हाथ साफ करने का!तो मैं चुपके से उसके पास आया.

आशारा ने लंड चूस कर अंतिम बूंद भी निचोड़ी और चेहरे पर बिखरे वीर्य को उंगलियों में लगाकर चाटने लगी. तेरे जाने के बाद मैंने तेरी बीवी को लंड की कोई कमी नहीं होने दी है.

मैंने भी मौका देख कर उसको बोल दिया- बेटा मुझे भी बहुत प्यास लगी है; मुझे भी पिला दो. उसने ऑफ़िस में फ़ोन करके अपनी तबियत का हवाला देकर ऑफ़िस से छुट्टी ले ली।आज शेखर का मन कल से ज़्यादा बेचैन था, कल रात धारा का अचानक ऑफ़लाईन हो जाना उसे पच नहीं रहा था. चुदाई के बाद मैंने भाभी से पूछा- अम्मा का क्या किया?भाभी बोलीं- अम्मा नींद की गोली खाकर सोती हैं, बस आज डबल डोज दे दिया था.

धारा के दोनों हाथ शायद कीबोर्ड पर थे इसलिए उसकी गोरी-गोरी बांहें बिल्कुल नज़दीक से चमक रहे थे. दीदू आपने ममता की सिर्फ भोसड़ी ही देखी है … या उसकी चुदाई होते भी देखी है?नेहा- तुझे पता है, ममता एक नंबर की पक्की छिनाल है, साली एक बार तो उस कुतिया ने तो मुझे पकड़ लिया और मेरे दूध दबाने लगी थी … निप्पल चूमने चाटने लगी थी. कुछ दिनों के बाद मेरे हस्बैंड ने मुझसे कहा- मैं मां को साथ ले जाकर अपनी बहन के यहां हो आता हूं.

हम दोनों ने खाने का सारा सामान खोला और मीठी मीठी बात करते हुए खाया.

फिर तो चिराग एकदम से आगे बढ़ गया और वो अपनी एक उंगली ज्योति की चूत में घुसेड़ने लगा. इससे पहले आप सभी ने मेरी सेक्स कहानी के चार भागमैं बनी स्कूल की नंबर वन रंडीको पढ़ा और मुझे हजारों की तादाद में मेल मिले.

चुसाई भी ऐसी कि क्या कहूं?बदला ले रही थी कि मुझे झाड़े बिना चुदे ही!थोड़ी ही देर में लंड छोड़कर बिस्तर पर घुटनों के बल खड़ी हुयी और अपने सारे कपड़े उतार दिये सिवाय ब्रा-पेंटी के!जैसे ही मैं नजदीक गया उठकर फिर से सोफे पर जा लेटी. आपको ये हसबेंड वाइफ़ सेक्स कहानी कैसी लगी मुझे अपने कमेंट्स और मैसेज में लिखना न भूलें. जाते हुए वे मुझे बोलकर गए हैं कि पीछे से उनका डॉगी अकेला रहेगा और वैसे भी उस एरिया में चोरियां होती हैं तो रश्मि को वहाँ दो तीन दिन के लिए भेज दिया जाए.

स्थिति यह थी कि नेहा रोहन की गोद में उसकी तरफ मुंह करके ही उस से चिपकी हुई थी. वो बोली- पहले नाश्ता खत्म कर लो, ठंडा हो जाएगा … फिर मुझे चोद लेना. फिर मैंने उन चारों के हाथ, पैर को अपने बेड से बांध दिया और मैं धीरे-धीरे उनके शरीर के हर कोने पर बेल्ट से मारने लगी.

बीएफ सेकसि उस दिन मेरे दिलो-दिमाग पर भाभी की खूबसूरती का ऐसा जुनून चढ़ा कि मैंने बाथरूम में जाकर भाभी को याद करके मुठ मार ली थी. मौसी- फिर?मैं- फिर, दोनों हाथ से तुम्हारी गांड को छू कर हल्के हाथों से दबाऊंगा.

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मैंने अपने फ़ोन में वो वीडियो प्ले कर दिया, जिसे देख कर वो चुप हो गईं और बोलीं कि इसे डिलीट कर दो. थोड़ी देर के बाद उसे मजा आने लगा और वो अपनी गांड उठा कर मेरा साथ देने लगी. टॉयलेट सेक्स के बाद हम दोनों एक दूसरे को जकड़ कर थोड़ी देर खड़े रहे, अपनी सांसों को संभालने के बाद हमने एक दूसरे को अलग किया और हांफने लगे.

भाभी सोफे पर मुझसे सट कर बैठी थीं और मैं एक हाथ से उनकी जांघ को सहला रहा था. मुझे बहुत गर्म लग रहा था, मैं कह नहीं सकता कि मुझे कितना मज़ा आ रहा था … बहुत उत्तेजित था. सेक्सी में क्या होता हैसाथ ही ये भी कहा कि गगन अपनी बहन प्रियंका को लगातार तीन दिन तक इसी स्टेज पर जब तक मन होगा, तब तक चोदेगा.

भाभी मेरी आंखों में नशीले अंदाज से देखती हुई धीमे स्वर में बोलीं- आज चोद ले मुझे … आज के लिए मैं तेरी हूँ … आज मेरी चूत तेरे नाम है राजा.

धारा शेखर की मनोदशा समझ चुकी थी, उसने शेखर का हाथ अपने दोनों हाथों से थाम लिया और धीरे से उसकी हथेलियों को थाम कर अपने कंधों पर रख दिया. सिम्मी भाभी चुटकी बजा कर बोलीं- दीपक कहां खो गए?मैंने हड़बड़ाते हुए बोला- क.

जब ये बात मैंने शहज़ाद को बोली, तो उसने मेरे कमर से हाथ ले जाते हुए मेरे पेट को पकड़ लिया और वो मुझे पीछे से एकदम जकड़ कर खड़ा हो गया. उसके मुँह से आह आहआह आःह्ह हम्म्म महाह आह की कामुक आवाजें फिर से तेज हो रही थीं. थोड़ी देर बाद वो लंड से मलाई खा गई और मेरा लौड़ा लॉलीपॉप समझकर गपागप गपागप चूसने लगी.

चाची मेरे सामने खड़े हो कर मुझे रोकने लगी, उन्होंने अपनी बाँहें फैला कर मेरे सामने अपनी चूचियाँ अड़ा दी.

काफी देर तक उनकी चूत चोदने के बाद मैं झड़ने को आया, तब तक भाभी 2 बार झड़ चुकी थीं. इस मदहोश कर देने वाली सेक्स कहानी में आगे मैं अपनी मां की चुदाई की कहानी को विस्तार से लिखूंगा. पहले पहल तो आंटी मेरे किस का जवाब नहीं दे रही थीं, फिर अपने आप ही उन्होंने मुझको किस करना शुरू कर दिया.

नई नाम बॉय हिन्दूबारिश की वो हल्की सी फुहार और वो ठंडी हवा मेरी स्कर्ट से होती हुई मेरी चूत में घुस रही थी, जो बिना पैंटी के थी. तभी उसने आव देखा ना ताव … उसने मेरे होंठों को अपने होंठों से मिला लिया और उसने मेरे होंठ चूसने शुरू कर दिए.

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ताबड़तोड़ चुदाई के बाद मैंने भाभी से बोला- भाभी में झड़ने वाला हूँ, मलाई कहां निकालूं?भाभी बोलीं- मेरे मुँह में छोड़ दो … मुझे आपका माल पीना है … बहुत टेस्टी है. नेहा- तू सच में चुदवा चुकी है क्या?ममता- हां यार, मैं सच कह रही हूं. मैं घर पर अकेला बोर हो जाता था … तो मैंने सोचा कि आपसे थोड़ी सी बात करने आ जाऊं.

नगर की रीति रिवाज के अनुसार प्रिया के सामने ही नगर के सब लोग चुदाई करेंगे और उसकी चुत की आग को भड़काएंगे. मेरे दोस्त का घर पास के ही शहर में था तो वो अक्सर अपने घर चला जाया करता था. दोस्तो, मैंने सेक्स कहानी की शुरुआत में नगर में चुदाई के रीतिरिवाज लिखे थे, उसमें ये नहीं लिख सका था कि नियम तोड़ने वालों को क्या सजा मिलेगी.

मैं पूरी ताकत से आंटी की चुत चोद रहा था और पूरे रूम में बस छप छप की आवाज़ आ रही थी. लेबर सेक्स कहानी में पढ़ें कि कैसे मेरी जॉब लगी और मुझे चूत चुदवानी पड़ गयी। मैंने किराए का घर लिया और पहली रात को ही एक घटना घट गयी, मेरी चुदाई हो गयी. शेखर मानो एकदम से मंत्रमुग्ध होकर स्क्रीन में ही खो गया; उसका हलक सूखने लगा.

वो मेरी छाती पर उभरे यौवन को स्पंज की तरह धीरे धीरे दबाने लगे।मैं सिसकारियां लेने लगी- आह आह … ओह छोड़ दो … न न ना … जेठ जी … आह्ह प्लीज … दर्द हो रहा है जेठ जी।उन्होंने मुझे बिस्तर पर गिरा दिया और मेरे ऊपर चढ़ गए और मेरे होंठों को चूमने-चाटने लगे।वो मेरे पेट को सहलाते हुए बोले- शबनम, क्या चिकना बदन है मादरचोद!वो मेरी पैंटी में हाथ डालकर मेरी चूत सहलाने लगे।मेरी चूत ने पानी छोड़ना शुरू कर दिया. चाची बोली- तुम तो किसी नए नए जवान हुए साँड की तरह बे-सब्रे होकर मेरे पीछे पीछे चल रहे हो.

मगर उन्होंने मुझसे पूछा- तुम्हें कैसा काम है?मैंने बिना कोई जवाब दिए भाभी के दोनों बाजुओं को पकड़ लिया.

भाभी की चूत चोद चोद कर पता ही नहीं कब मेरा लंड बढ़ कर 6 इंच का हो गया. अंग्रेजों की ब्लू फिल्मइतना सा कह कर दीदी ने कॉल काट दी और मुझे एक फ्लैट का पता बताया, जहां उन्होंने चलने के लिए बोला. अमृता सेक्सीमैं अब बस में अंदर आ चुकी थी और इंतजार कर रही थी कि कोई जवान मर्द आये और मेरे बूब्स और मेरी चूत चूतड़ों को ढंग से मसले. मुझे अपनी चूत चुसवाना, चूचियां दबवाना, निप्पलों को दांतों से कटवाना और कठोरतम चुदाई करवाना बहुत पसंद है.

मैंने उन्हें अपने ऊपर से हटाने का असफल प्रयास किया पर उन्होंने मुझे दोहरा कर दिया और मेरे ऊपर चढ़ गए.

उसने पहले मेरी चुचियों को बड़ी बुरी तरह से चूसा और फिर मेरी चूत चाट कर मुझे अपना बदबूदार लंड चुसाया. मैंने भाभी के होंठों को चूसना शुरू कर दिया और धीरे धीरे झटके मारने लगा. मैंने मां से खड़े होने को कहा लेकिन वो खड़ी नहीं हुईं क्योंकि उसका मन लंड से अभी तक भरा नहीं था.

मैं जानता हूँ कि तुम भी रूपाली की तरह परिवार की इज्जत की वजह से कुछ कह नहीं सकती. ये कहते हुए भाभी ने अपना हाथ मेरी पैंट पर दोनों टांगों के जोड़ पर रख दिया और मेरा लंड सहलाने लगीं. थोड़ी देर बाद निखिल की ओर से कोई हरकत ना देखते हुआ मीरा ने अपना एक हाथ निखिल के पेट पर रख दिया और धीरे धीरे नीचे को खिसकाने लगी.

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राजेश बोला- क्यों यार?मैं बोली- जब दोस्त के प्लाट पर घर बना ही लिया है … तो उस घर में खेलने के लिए बच्चे भी तो चाहिए. अगली सेक्स कहानी में आप देखोगे कि कैसे मैंने अपने शुक्राणु से एक औरत को गर्भवती किया और आज उसके पास मेरा दिया हुआ बेटा है. मेरी चाची लौड़े को सहलाती रही, मैंने भी चाची के पेटिकोट को पीछे से उठा दिया और उनके चूतड़ों और जांघों को मसलने लगा.

आधी बोतल रेड वाइन मीनू के जिस्म को छूकर उनके स्तनों को नहलाने लगी थी.

कुछ देर बाद मैंने फिर धक्का मारा, जिससे मेरा आधा लंड चूत के अन्दर पहुँच गया.

इससे पहले तो वो बहुत गुस्सा हुए और मुझे भला बुरा बोलने लगे, पर मैंने उन्हें शांति से समझाया कि मुझे भी शारीरिक सुख की कमी महसूस होती है. मुझे ऐसे दर्द से चिल्लाता देख कर न जाने क्यों … मेरे देवर जी के लंड का पानी निकल गया. मिया खलीफा हॉटमेरी गांड और चुत को गर्म करके वो खड़ा हो गया और उसने अपना पजामा और कच्छा उतार फेंका.

मुझे अचानक से न जाने क्या आया कि मैं ठिठक कर बाहर बरामदे में ही रुक कर मां और सैम की बातों को सुनने लगा. अचानक से उर्वशी के दिमाग में पता नहीं क्या आया, उसने मेरे गाल पर किस किया और एकदम से हंसने लगी. तभी भाभी ने अपना बदन अकड़ाना शुरू कर दिया और वो मुझे जकड़ती हुई झड़ गईं.

दिल कह रहा था कि एक बार चैट रूम में जाकर देखे कि कहीं धारा ऑनलाइन तो नहीं?मगर दिमाग़ कह रहा था कि उसने तो कहा है कि वो बाहर जा रही है फिर शायद अभी बाहर ही हो!यही सब सोचते सोचते शेखर ने धीरे-धीरे लगभग 3 पैग पी लिए थे।रात भी गहरी होने लगी थी; लगभग साढ़े दस बज चुके थे।शेखर एक बार उठा और बाथरूम में जाकर हल्का हो आया. मैं भी उनके जैसा ही था, अपनी पत्नी से अलग होने के बाद मैं भी अकेला ही रहता था.

वो सिसकारियां भरने लगी और बोली- राज चोदो … चोदो मुझे … और चोदो!मैंने उसकी चूचियों को मसलना चालू कर दिया और झटकों पे झटके लगाने लगा।अब उसे मैंने लंड पर बैठा दिया और उसकी क़मर पकड़कर चोदने लगा.

प्रभा मुझसे दोस्ती की बात तो अलग, किसी भी तरह की बात भी नहीं करना चाह रही थी. अंदर से भाभी और उनके दोस्त कुणाल की बातों की आवाज आ रही थी।मैंने सोचा शायद नींद नहीं आ रही होगी भाभी को इसलिए इधर आई होंगी. दूसरी बार दिन में भाभी को चोदने का मौक़ा मिला तो मैंने भाभी की गांड मारी.

चोदा चोदी वीडियो देखना है मैंने अपने बैग से अपने और शहज़ाद के कपड़े निकाले और उसी के साथ ऊपर चली गयी. अनायास ही शेखर के हाथ उठने लगे और उसने सामने खड़ी धारा के शरीर का स्पर्श पाने की लालसा में धारा की तरफ़ हाथ बढ़ाया.

यह सुन कर शीना कुछ देर चुप हो गयी, फिर बोली- मैंने मम्मी पापा वाला वीडियो देखना है. मैंने उसको वहीं सीट पर धक्का देकर लिटा दिया और लंड को चूत पर सैट कर दिया. धीरे से मैंने उसकी जींस नीचे की ओर सरकायी … और मैं उसे दूर करके उसे जी भर देखने लगा.

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मैंने उससे बोला कि अगर तुम इधर होते, तो तुम्हारे साथ चल चलती, लेकिन अब मैं जा नहीं सकती. खैर उसने अपना काम जारी रखा और अब थोड़ा हल्के हाथों से धारा के विशाल उभारों का मज़ा लेने लगा. खाना खाने के बाद वो अन्दर से एक रजाई ले आई और हम दोनों एक ही रजाई में घुस कर लेट गए.

आप मेरी पिछली रचनामेरे दोस्त की पत्नी और हम तीनपर जाकर पढ़ सकते हैं. अब उसने मुझे सोफे पर बिठाया और मेरी चूत में ग्लिसरीन लगाकर एक जोर का झटका दे मारा.

जैसे ही अपनी जीभ उनके गीली चूत पर रखी, तभी भाभी ने एक लंबी आह भरी और मचल गईं.

दोस्तो, यह थी मेरी टॉयलेट सेक्स कहानी!शायद आप में से बहुत से पाठकों को यह काल्पनिक लगेगी या बहुत लोग इस पर विश्वास नहीं कर पाएंगे … लेकिन आप सभी जानते हैं कि मैं केवल वास्तविक कहानियां ही आपको पढ़ने के लिए अंतर्वासना पर अपनी लेखनी के माध्यम से रुचिकर बनाकर आपके समक्ष प्रस्तुत करता हूं. शेखर को समझ में आ चुका था कि ये वही बटन है जिसके दबने या फिर सहलाये जाने के बाद बड़ी से बड़ी ज़िद्दी औरत भी अपनी चूत खोलकर विशाल से विशाल लंड अंदर ले लेती है. पर एक बात तो पक्की थी कि मेरी गर्ल फ्रेंड और अब उसकी मौसी दोनों को मैं ही चोदूंगा.

बहुत सोचने के बाद वो मान गईं और पूछने लगीं- तुम्हारा दोस्त किधर है?मैंने कहा- वो मेरे किसी काम से गया है, आने से पहले मुझे फोन करेगा. मीरा ने लंड को अपनी चुत में ले लिया और लंड चुत में लेते ही उसने मादक सीत्कार निकाल दी. इस बार लंड कुंवारी लड़की की सेक्सी चुत की फांकों में सैट हो गया था और उसके हाथ मुझे रोकते हुए कोशिश कर रहे थे.

भैया से बातों के बीच मैंने गौर किया था कि सिम्मी भाभी मुझे बार बार देख रही थीं.

बीएफ सेकसि: मैं उस लड़की को देखे जा रहा था तथा अब वो लड़की भी मुझे कभी कभार देख लेती थी. सिम्मी भाभी चुटकी बजा कर बोलीं- दीपक कहां खो गए?मैंने हड़बड़ाते हुए बोला- क.

रात में मन नहीं भरा … लगता है।अब दोनों की चुदाई की थप थप थप बढ़ने लगी।रोमिल बोला- मेरी बीवी मेरे सामने मेरे दोस्त का लन्ड लेकर कितनी खुश है।मैंने कहा- भाभी देवर का प्यार है भाई!और मैं जोर जोर से झटके लगाने लगा और उसकी गान्ड में फिर से लावा निकाल दिया।लंड निकाल कर मुंह में डाल दिया वो गपागप गपागप चूसने लगी और साफ कर दिया।हम एक-दूसरे से लिपटकर किस करने लगे. मेरी गर्लफ्रेंड से मेरी क्या बात हुई और चुदाई कैसे हुई, वो अब मैं इस सेक्स कहानी के अगले भाग में लिखूंगा. एकदम तनी हुई कड़क पहाड़ की चोटियों की भांति मेरी दोनों चूचियां उन दोनों के सामने आ गईं.

मैंने फ़लक को बांहों में भर लिया, फ़लक मेरे आगोश में समा गई और मुझसे चिपक गई.

घर में सब रहे, तो आपको मुझे मां कहना होगा और मैं आपको नाम से पुकारूंगी. मैंने जब अपनी नज़र हल्की सी ऊपर उठाई तो देखा कि उसकी पैंट में हल्का सा उभार आ चुका था. आपको इंडियन देसी सेक्स गर्ल सेक्स कहानी कैसी लगी, बताने के लिए मुझे मेरी मेल आईडी पर मेल करें.