मामा भांजी की बीएफ सेक्सी

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अब उसकी काली ब्रा में कैद उसके चूचे तीनों के सामने थे।दीपक तो नॉर्मल था मगर उन दोनों ने आज तक ऐसा नजारा नहीं देखा था। उनकी हालत खराब हो गई लौड़े में तनाव बढ़ने लगा. বাংলা সেক্স স্টরিथानेदार- तो तुमने अपनेजेवर कहाँ रखे थे?सलमा-जेवर तो मैंने पहने हुए थे थानेदार साब !थानेदार- तो फिर कैसे चोरी हो गए जेवर?सलमा- वो चोर मेरे सारे जेवर मेरे बदन पर से उतार कर ले गया.

मैं मौके का फायदा उठाते हुए एकदम उसके पीछे आ गया, और पीछे से उसकी कमर में हाथ डालकर उसके पेट पर उंगलियाँ फिराने लगा।उसने खुद को कसकर दबा लिया। अब उसकी आँखें बंद, बाजू तनी हुई, होंठ फड़फड़ाते हुए, ऊ… ऊ… आहह.मामा भांजी की बीएफ सेक्सी: मैं अब झड़ने वाला था, मैंने उसे बताया कि मैं झड़ने वाला हूँ तो उसने कहा- मेरे मुँह में अपना वीर्य दो!मैंने उसकी चूत में से अपना लण्ड निकाल कर उसके मुँह में दिया और उसने सारा वीर्य अपने मुँह में ले लिया और फिर उसने अपनी चूत मेरे मुँह में रख कर मेरे मुँह में अपनी चूत का सारा पानी छोड़ा.

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सी सिआह सी …निकाल लो प्लीज आ आह सिआअह।धीरे धीरे वो भी साथ देने लगी थी, फिर मैंने उसका अलग अलग आसनों में गांड और फिर उसका चूत भी मारी.और जोर से चूसो… ओह ओह ओह ओह ओह… हाँ हाँ हाँ ऐसे ही… चूसो इन्हें…उसका ऐसा कहने से जैसे मुझमें और जोश आ गया था और मैं बस उसके मम्मों में घुसा जा रहा था.

पिंकी सेनअब तक आपने पढ़ा…जूही आरोही को उल्लू बना कर खुद साहिल के पास आ जाती है और उसे बताती है कि उसको सब पता है कि यहाँ क्या हो रहा है। वो अपनी बहन के खिलाफ उनका साथ देने को तैयार हो जाती है और बातों-बातों में वो साहिल का लौड़ा चूस कर उसको शान्त कर देती है। साहिल उसको माफ़ कर देता है। जूही ये सुनकर ख़ुशी से साहिल से लिपट जाती है और उसके होंठों पे चुम्बन कर के वहाँ से चली जाती है।अब आगे. मामा भांजी की बीएफ सेक्सी कल आप इसको लाना जी वहाँ हम टेस्ट लेगा। हम तुमको फ़ोन पर टाइम का बताना जी… ये बेबी का लाइफ बना दूँगा जी.

मैं बोला- ठीक है, चाची बंद क़र देता हूँ!मैंने टीवी बंद क़र दिया पर मुझे नींद नहीं आ रही थी, कमरे में छोटा बल्ब जल रहा था.

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यह कहानी आप अन्तर्वासना डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं।और मैंने वक़्त ना ज़ाया करते उसके चूत पर अपने लण्ड का सुपारा रगड़ते हुए लंड अंदर घुसा दिया। पहले भी वो चुद चुकी थी तो लंड अंदर तक घुसता गया…‘हाय आआआहह… आआआअहह आहह आआआअहह’ की आवाज हुई और चूत लंड के मिलाप की आवाज़ सारे कमरे में गूंजने लगी. !फिर वो भी मेरे ऊपर लेट गई, अब मैं उसके होंठ चूसने लगा और उसके कपड़े भी उतारने लगा।मैं उसके चूचे जो काफ़ी बड़े थे, उनको हाथ में लेकर खेलने लगा।मुझे बड़ा मज़ा आ रहा था।आज पता चला कि दुनिया में अगर कहीं मज़ा है, तो बस इसी चीज़ में है।तभी तो लोग इस के लिए अपनी पूरी जिंदगी नरक बना देते हैं।उसने कहा- मादरचोद… क्या कर रहा है चूउस्स्स इन्हें…!फिर मैंने एक-एक उन्हें चूसने लगा. दीपाली को फिर से विकास की बात याद आ गई कि बूढ़े का लौड़ा खड़ा नहीं होता है और हो भी जाए तो कुछ कर नहीं सकता।बस दीपाली में थोड़ा हौसला आ गया।दीपाली- मैं डर नहीं रही हूँ और आपसे किस बात का डर.

शायद इस मौक़े में बातों से कम और आँखों से ज़्यादा काम लिया जाना था तो ताबड़तोड़ चुराई का दौर चल पड़ा. !” नीति ने आग्रह किया।मैंने उसको और कसके भींच लिया। अब नीति बड़े प्यार से मेरे बालों से खेलने लगी।साहब ये क्या. पर मैंने उसको मना लिया और बाजू में पड़ी तेल की बोतल से ढेर सारा तेल मैंने अपने लंड पर लगा दिया और ढेर सारा उसकी गाण्ड पर लगा दिया, अच्छे तरह से उसकी गान्ड में ऊँगली से अंदर तक लगा दिया.

!मैंने भी अपने पूरे कपड़े उतार कर एक साइड में रख दिए और बुआ मेरा लौड़ा अपने मुँह में लेकर अन्दर बाहर करने लगी। उसकी आँखों में एक अजीब सा एहसास दिख रहा था।फिर बुआ ने कहा- ले अब ये मूसल तैयार है… पेल दे मेरी जान और न तड़पा. हमको बेबी से बात करना जी।रेहान आरोही को ‘थंब’ दिखा कर ऑल दि बेस्ट बोल देता है और बाहर चला जाता है।अन्ना- बेबी, रेहान बोला तो हम तुमको चाँस देना जी. सॉरी दोस्तो, रिकॉर्डिंग ने धोखा दे दिया… लगता है यहाँ तक बैटरी थी…उसके बाद बैटरी खत्म !मगर इतना कुछ सुनकर मुझे यह तो लग गया था कि सलोनी को अब रोकना मुश्किल है.

!”अब जीजाजी मेरे ऊपर थे और मेरी बुर में लण्ड डालकर भरपूर चुदाई करने लगे अब मेरी बुर में लौड़ा पूरा का पूरा अन्दर-बाहर हो रहा था और मैं नीचे से सहयोग करते हुए बड़बड़ा रही थी, आह. !”वो भी उम्म्मम्म” करके लॉलीपॉप की तरह चूसे जा रही थी। उसने अपनी जीभ से मेरा पूरा लंड साफ कर दिया और उसे वापस ‘फ्रेश-बनाना’ की तरह कर दिया और चूस-चूस कर अब उसने मेरा लंड गरम लोहे की तरह बना दिया। मैं उसके और उसके स्तनों से खेल रहा था। वो भी अब कड़क हो गई थी।अब तुमको फिर मज़ा देता हूँ.

और शायद वो इस बात को समझ भी गया…उसने मेरे तरफ देखते देखते अपना लंड इशरत की फ़ुद्दी पर टिकाया और एक ज़ोरदार धक्का दिया.

मैं इसे कड़क करके ही तुम्हारी चूत की खुजली मिटाऊँगा।आरोही सेक्स की आग में जलती रही, पर राहुल का लौड़ा कड़क नहीं हो रहा था।आरोही की बर्दाश्त के बाहर हो गया तो उसने फिर से लौड़ा मुँह में ले लिया और उसको चूसने लगी दो मिनट में उसको फिर से कड़क कर दिया।आरोही- आ आ.

जब मैं माधुरी को चोदने लगा, तो उसने मेरे हाथ पकड़कर अपने दूधों पर रख दिए और ज़ोर ज़ोर से दबाने के लिए कहने लगी, फिर सर पकड़कर पीछे किया और बोली, ऐ नौसिखिए, मेरा दुद्दू क्या तेरा बाप पीयेगा?माधुरी के दोनों पैर मेरी गांड के पीछे जाकर एकदम ऐसे दबोचे थी, जैसे मेरे लवड़े को बुर के भीतर ठेलने के लिए बनें हों. !लेकिन मैंने पूरा जोर लगा कर एक जोर का धक्का दिया। मेरे लण्ड का सुपारा ही घुसा था कि वो रोने लगी और मुझको अपने ऊपर से हटाने लगी, लेकिन मैं कहाँ मानने वाला था, मैंने फिर एक जोर का धक्का मारा. यह कहानी आप अन्तर्वासना डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं!लेकिन बीस मिनट बाद ही शाहनवाज ने फ़िर से अपना लण्ड मेरी चूत में डाल दिया और हौले हौले धक्के मारने लगा.

सम्पादक – इमरानमेरी कुछ समझ नहीं आ रहा था कि आखिर यह मेरी सलोनी क्या चाहती है?अच्छा खासा मजा आ रहा था और भाग कर आ गई !!??जब तुझको चुदवाना ही नहीं था तो ये सब क्यों कर रही है?मैं भागता हुआ उसके पीछे आया, वो दूसरी गैलरी में एक साइड में खड़ी हो हाँफ़ रही थी. चुदाने के लिए प्यासी लड़की मैंने पहली बार देखी थी।मैं पागल हो रहा था।उसके मम्मे उससे भी ज्यादा हिल रहे थे। मैंने फिर उसे अपने नीचे कर उसके पैर अपने कन्धों पर रख कर जबरदस्त चुदाई करने लगा।वो बोली- ले ले… मैं जा रही हूँ…आह. इस तरह 30 मिनट में वो 4 बार झड़ चुकी थी।मैंने उससे पूछा- कैसा लग रहा है?तो उसने कहा- बहुत मज़ा आ रहा है.

ऊफ़्फ़ ऊफ़्फ़…हाय मर गई… मर गई…झड़ गई…अह अह अह… उउउ हाय रे माला… मेरे बूबे दबा दे… कमीनी, ये क्या कर दिया… मजा आ गया…मैं बुरी तरह चुद गई थी।इसके बाद माला चित होकर लेट गई, मैंने उसे उसी तरह डिल्डो से चोद दिया जैसे मैं खुद चुदी थी।इसके बाद मेरे और माला के बीच में समलैंगिक सम्बन्ध हो गए थे।कहानी जारी रहेगी।.

दीपाली को सलामी दे रहा था। जो कोई करीब 7″ लंबा और काफ़ी मोटा था। दीपाली बस उसको देख कर मुस्कुरा दी…दीपाली- अरे वाह. उसकी मौत के बाद साहिल भी एकदम टूट गया था। जब तुम आए और तुमने कहा कि सिमी के साथ कुछ गलत हुआ तो तब हम दोनों का दिमाग़ घूम गया, पर यार अभी भी तुमने बताया नहीं कि तुमको पता कैसे चला और ऐसा क्या हुआ जो तुम ये सब कर रहे हो?रेहान- बता दूँगा. सर्वप्रथम अन्तर्वासना के पाठकों को मेरा कोटि-कोटि प्रणाम।मैं आप सबको अपनी पहली प्रेम गाथा बताना चाहता हूँ। मेरा नाम जगेश है, बात उन दिनों की है जब मैं 12वीं पास करके नए स्कूल में अपनी आगे की पढ़ाई के लिए गया था। मैं आप लोगों को बताना चाहता हूँ कि मैं एक शर्मीला लड़का था, जो हमेशा लड़कियों से बात करने से डरता था। उन दिनों मेरी मुलाकात चारू से हुई।क्या गजब की काया की स्वामिनी थी वो.

लेकिन यह बहुत दिनों तक नहीं चला क्योंकि चूसा-चासी बहुत हो गई थी उससे मेरा कुछ नहीं होता था इसलिए मैंने दीपक को सेक्स करने के लिए बोला तो वो तैयार हो गया. उसका लौड़ा था ही ऐसा कि बस मेरी चूत फड़फड़ाने लगी और हिम्मत अपने आप आ गई।दीपाली- यार तेरी बातें सुनकर चूत की हालत पतली हो गई. तो मुझे कुछ ग़लतफहमी हो गई थी।मैं बाहर के दरवाजे के पास आया ही था कि वो पीछे से आई और मेरा हाथ पकड़ कर बोली- इधर आओ।और फिर वो मुझे पीछे दूसरे कमरे में ले गई। यह कहानी आप अन्तर्वासना डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं।अन्दर जाते ही उसने दरवाजा बंद कर दिया और उसके चेहरे पर मुस्कान आ गई।मैं हैरान हो गया और उसकी तरफ बेचैन निगाहों से देखने लगा।फिर वो बोली- तुमको कोई ग़लतफहमी नहीं हुई थी।मैंने कहा- सच.

!कहानी जारी रहेगी।अब जल्दी आप मुझे[emailprotected]पर मेल करके बताओ कि आपको मेरी कहानी का यह भाग कैसा लगा और आरोही के बारे में आपकी क्या राय है।.

जब मेरी मम्मी ने मुझसे कहा कि वे मेरी चूत में लंड पेलवा देंगी, तो मैं बहुत खुश हुई। मैं इस बात पर बहुत आह्लादित हुई कि मैंने मम्मी को मजबूर कर दिया था।उसी दिन जब मैं नहाने जा रही थी, तो मम्मी बाथरूम में आ गईं और दरवाजा बंद कर लिया और बोलीं- अपने कपड़े उतारो. !मैंने फ़ोन काट कर दिया। थोड़ी देर बाद मेरे मन में भी हलचल होने लगी।दोस्तो, बता दूँ कि मेरी मीनू भाभी कमाल की दिखती हैं। रंग गोरा, शरीर भरा-भरा.

मामा भांजी की बीएफ सेक्सी मैं नहीं करुंगी।मैंने कहा- फिर कब ऐसा मौका मिलेगा, तुम्हें तो मुझसे आधा ही करना है…असल में वो मोमबत्ती से चूचियों पर मोम टपकाने से डर गई. ऐसे ही करती है न ?”मुझे समझ आ गया था कि यह रितिका भाभी की ही चाल थी। वो मुझे बैठा कर रचना को बुलाने ही गई थीं।बस फिर क्या था मैंने भी रितिका को अपनी बांहों में भर लिया और रचना के सामने ही भाभी की चूचियों को मसक दिया, भाभी चुम्मी तो छोड़िये मैं तो उसके संतरे भी दबाता हूँ देखो ऐसे.

मामा भांजी की बीएफ सेक्सी 30 बजे सुबह दिल्ली पहुँचने का समय था। ट्रेन से उतरकर जैसे ही मैंने माया दीदी को देखा तो देखता ही रह गया। 5. मैं इसे कड़क करके ही तुम्हारी चूत की खुजली मिटाऊँगा।आरोही सेक्स की आग में जलती रही, पर राहुल का लौड़ा कड़क नहीं हो रहा था।आरोही की बर्दाश्त के बाहर हो गया तो उसने फिर से लौड़ा मुँह में ले लिया और उसको चूसने लगी दो मिनट में उसको फिर से कड़क कर दिया।आरोही- आ आ.

मैंने दोनों को उठा एक बार अपने हाथ से सहलाया और वैसे ही रख दिया… और भाभी की चूत और चूची के बारे में सोचने लगा…तभी मुझे अपने रिकॉर्डर का ध्यान आया… सलोनी तो बाथरूम में थी…मैंने जल्दी से उसके पर्स से रिकॉर्डर निकाल उसको अपने फोन से जोड़ लिया…और सुनते हुए… अपना काम करने लगा…मैंने रिकॉर्डिंग सुनते हुए ही अपने सभी कपड़े निकाल दिए… कच्छा भी…और तौलिया ले इन्तजार करने लगा… गर्मी बहुत थी.

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!तो मैंने दुकान बंद करके आया और उसकी ब्रा-पैन्टी निकाल दी। उसने भी मेरे पैन्ट और बाकी के कपड़े निकाल दिए।अब हम दोनों पूरे नंगे थे एक-दूसरे से लिपट गए और मैंने उसके होंठों को चूमना शुरू किया और उसके मम्मे दबाने लगा।उस को भी मजा आ रहा था और वो मेरा लंड छोड़ ही नहीं रही थी।वो बोली- आज के दिन मैं तेरी हूँ. वाओ यार… और तेरी ये लो वेस्ट जीन्स… कितनी नीची है यार…गजब्ब्ब यार ! तूने तो कच्छी भी नहीं पहनी… क्या बात है यार ???? सच में सेक्स की देवी लग रही है…सलोनी- ओह क्या कर रहे हो… नहीं ना बटन मत खोलो ओह… अह्ह्ह्ह्ह् ह्ह्हाआआ आआ…कहानी जारी रहेगी।[emailprotected]hmamail. सलोनी- बाय जानू…मैं अब यह सोचने लगा कि यार यह सलोनी, मेरी चालू बीवी शाम के छः बजे तक बाजार में कर क्या रही थी?और टेलर से क्या सिलवाने गई थी?है कौन यह टेलर?कहानी जारी रहेगी।[emailprotected].

उन्न्नन्ही …री ! और ज़ोर से चोद ! तूने तो लगता है अपने सरप्राइज का भी भुरता बना दिया। इतना ज़ोर से चोद रहा है हायय री. छोड़ता है… और वाकयी बहुत प्यारी लग रही थी…रोज़ी के चेहरे से लग रहा था कि उसको मेरी बात अच्छी लग रही है. करते हुए ढीली हो गई।पर उसने मेरी कमर पकड़े रखी और अब उसने ज़ोर-जोर से झटके मारने शुरु किए, उसका लंड मेरे पानी में फिसलने लगा जिससे पच…पच…की आवाज़ आने लगी।मुझे बहुत सालों बाद इतना आनन्द मिला होगा। मैं चरमोत्कर्ष के नशे में डूब गई थी और एकदम ढीली पड़ गई पर प्रथम मेरी कमर को पकड़ के झटके मारता रहा.

जांघों के सहारे उठे नितम्ब, अब स्पंदन का सुख भोग रहेस्पंदन की झकझोर से फिर, स्तन दोलन से डोल रहेसीत्कार, सिसकी, उई, आह, ओह, सब वातावरण में घोल दियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !.

मैंने भी नाटक करते हुए थोड़ा हड़बड़ते हुए चाची की नंगी कमर को दोनों हाथों से पकड़ लिया और बोला- आहह चाची…चाची तेल लेकर वापिस बैठी और बोली- क्या हुआ लल्ला, मैं तेल ले रही थी. मैं आश्चर्य से प्रीति को देखने लगा कि वो मेरी गोद में बैठ कर मुझे चूमने लगी।मैंने भी अब सोनम से ध्यान हटा कर प्रीति के होंठों को अपने होंठों में लिया और कमर से पकड़ कर अपने लण्ड पर बिठा दिया।इस समय मैंरे पैर मेरे घुटनों के नीचे थे और मेरा लण्ड फनफना रहा था। उस पर प्रीति की गीली चूत फिसल रही थी।मैंने प्रीति की कमर पकड़ी और उसके होंठ चूसते हुए उसे ऊपर-नीचे करने लगा. वो मुझसे दूर होकर मुँह फेर कर बैठ गई। कुछ देर तक कुछ नहीं बोली। मैंने सोचा कि शायद चुपचाप बैठना ही ठीक है.

जिनका जवाब उसी कमरे में मिलेगा !तो आइए वहाँ भी देख लेते हैं कि वहाँ क्या हो रहा है।राहुल और आरोही के जाने के बाद रेहान ने कमरा लॉक कर लिया।रेहान- ओह माय डार्लिंग यू आर सो स्वीट… अच्छा किया जो उनको जल्दी भगा दिया…!जूही- आ. क्या गर्मी है तेरे होंठों में…! आह… चूस जानेमन आह…! मेरे लौड़े के नसीब में इतने मखमली होंठ लिखे थे, ये मैं सोच भी नहीं सकता था. मैं तुझे अपने पास नहीं रखूँगा।इतना कह कर वो बाहर चला गया… उसकी बात सुन कर मेरी आँखों के सामने अंधेरा छाने लगा।उसने मुझे इतनी ज़ोर से डांटा था.

पाँच मिनट के बाद चाची झड़ गई, मैं चाची का सारा रस पी गया, वो उठी और बोली- बस कबीर अब सो जाते हैं सुबह जल्दी उठना है. मैं आता और देखना मैं कैसे करता तुम डायलोग बोला अच्छा था, पर इस सीन में ज़ुबान नहीं हाथ का इस्तेमाल करो.

’ एक बार फिर से कमरे में चुदाई की आवाजें गूँजने लगी थीं।मैं अब ज़ोरदार धक्के मार रहा था और हर धक्के के साथ उसकी आवाज़ तेज़ होती जा रही थी।‘आआह्ह्ह्ह आआह्ह्ह्ह आअह्ह. ! आधी रात के बाद वाली बात तो गाने की तुक भिड़ा कर कहा था।” मैंने अपने को छुडाते हुए चमेली से कहा- पूछ ली ना बुर-चोदी. क्या मैं तेरा लैपटॉप प्रयोग कर सकती हूँ?मैंने कहा- हाँ हाँ! क्यों नहीं!मैंने कहा- दीदी, आप बैठिये, मैं लैपटॉप देता हूँ!मैंने ऐसे ही लैपटॉप पकड़ा दिया.

रुमाल से सब साफ़ करके दोनों एक दूसरे से लिपट कर सो गए…सुबह साढ़े पाँच के करीब हम देहरादून पहुँचे। ठंडी हवाएँ चल रही थी जो बदन में सिहरन ला रही थी। मैंने शोना के हाथ को अपने हाथ में लिया और कुली को सामान दे स्टेशन से बाहर आया.

उसके नितम्ब यूँ उठे-गिरे, जैसे लौहार कोई चोट करे,तपता लोहा मेरा अंग बना उसका था सख्त हथौड़े साउसके मुख से हुन्कन के स्वर, मैंने आह ओह सीत्कार कियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !. आनन्द फिर उसने लंड थोड़ा बाहर निकाला और एक ज़ोर का झटका मारा और 5 इंच तक लंड अन्दर घुसा दिया।मेरी आँखों के सामने अंधेरा छा गया।मैं फफक कर रो पड़ी- आनन्द बाहर निकालो. तुम्हारी बहुत याद आ रही है !इशरत की कामुक आवाज़ सुनते ही मेरे लंड में हलचल होने लगी- इशरत क्या कर रही तो तुम, सच सच बताओ?इशरत- आह.

?? चलो ना…किशोरी का बच्चा भी जाग गया था… तो मैं नलिनी भाभी के साथ बाहर आ गया।मैं- और सुनाओ भाभीजी, क्या चल रहा है?नलिनी- कुछ नहीं… मैं तो वहाँ ऋतु और रिया के साथ थी. वैसे ही मेरी चूत में से दोनों की मिक्स मलाई बाहर आकर मेरी टाँगों पर बहने लगी और आनन्द ने लंड निकाल कर सीधे मेरे मुँह में चूसने को दे दिया।आनन्द के लंड पर भी दोनों की मिक्स मलाई लगी थी.

अगला भाग जल्दी पोस्ट किया करो।तो मैं उन दोस्तों को बहुत ‘थैंक्स’ कहती हूँ।आज का भाग नए ट्विस्ट के साथ. रेहान ने दोबारा लौड़ा बाह्र निकाल कर ज़ोर से झटका मारा तो फिर लौड़ा वहीं जाकर टकराया, पर उसको बर्दाश्त नहीं हुआ और वो बार-बार झटके मारने लगा।पाँच बार के प्रयास के बाद आख़िर लौड़े ने अपनी जगह बना ही ली और पूरा का पूरा चूत में समा गया।जूही का मुँह बन्द था, वरना पूरा फार्म सर पर उठा लेती वो. मैं उनको देखकर दंग रह गया कि मेरी सासु हमारी कामरस में डूबे अंतर्वस्त्रों को चाट रही थी और हमारी रतिक्रिया के ख्वाब देख रही थी.

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क्योंकि वो मुझे अपना दोस्त समझ रहा था।मैंने उसका हाथ पकड़ा और बाथरूम तक ले गई।दीपाली- यार क्या बोल रही है.

अब तो बाजा बजवा कर ही उठना।मैं समझ गया कि लौंडिया सिर्फ बकचोदू ही है इनके बस की चुदाई नहीं है, मुझे ही कुछ करना पड़ेगा और फिर मैंने नीचे से ही धक्के मारने चालू कर दिए।सीमा के मुँह से दर्द भरी आवाजें निकलने लगी, आए …. प्रणाम पाठको, मैं सब की तरह अन्तर्वासना की बहुत बड़ी फैन हूँ। मेरी उम्र छबीस साल है। एक शादीशुदा चुदक्कड़ औरत हूँ और शादी से पहले स्कूल और फिर कॉलेज की एक चुदक्कड़ ‘माल’ रही हूँ।मुझे चुदाई बेहद पसन्द है। मैं चुदाई बिना जीवन की कल्पना भी नहीं कर सकती। मैंने कई तरीके के लंड डलवाए, चूसे और चाटे हैं, लेकिन जब बारी आई मुझे लाईसेंस प्राप्त लंड मिलने की. अंगों का परस्पर मिलन हुआ, तो आवाजें भी मुखरित हुईंसुड़क-सुड़क, चप-चप,लप-लप, अंगों ने रस में किलोल कियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !.

मैं चोरी-छुपे मन्जू को देखा करता था और मन में बड़ी तमन्ना थी कि बस एक बार वो मेरे लौड़े की सवारी कर ले, पर कामयाबी नहीं मिल रही थी. !सो वो भी नंगा ही अन्दर बाथरूम में आ गया और हम दोनों साबुन लगा कर खूब नहाए।नहाते-नहाते शिशिर का लंड फिर जवान होने लगा था। मैंने शिशिर का लंड पकड़ कर अपने चूत में ले लिया और हम खड़े-खड़े बाथरूम में ही चुदाई करने लगे।ऊपर शावर से पानी की धार. ಕನ್ನಡ ಸೆಕ್ಸ್ ವಿಡಿಯೋ ಕಮ್!अन्ना आरोही के चेहरे पर हाथ फेरने लगता है फिर धीरे-धीरे वो हाथ को उसकी कमर से लाता हुआ उसके मम्मों पर ले आता है। आरोही जानती थी कि ये गलत हो रहा है, पर रेहान उसको इशारे से समझा देता है कि करने दो, इसलिए वो चुप रही और इतना तो उसको पता था हीरोइन बनना इतना आसान नहीं है। वो चुपचाप बैठी रही।अन्ना- रेहान अन्ना.

तो पूरे दिन मैं दीदी और जीजा जी बात करता रहा, शाम होते ही जीजाजी अपनी जॉब पर चले गए।हजारों कहानियाँ हैं अन्तर्वासना डॉट कॉम पर !फिर मैं छत पर अपने भान्जे से साथ खेलने लगा, तभी वहाँ बाजू की छत से एक आदमी हमारी छत पर आ गया, उसकी छत हमसे एक मंज़िल नीची थी, फिर भी वो सीढ़ी लगा कर हमारी छत पर आया. ! तब जूही ने तुमको आइडिया दिया था कि कमरे में बन्द कर दो सिमरन को और मैंने उसकी बात काट कर दूसरा आइडिया दिया था।आरोही- हाँ याद है.

मेरा दिल रखने के लिए दो घूँट खींच डालो।”उनके जोर देने पर मैंने वो पैग खींचा। तब तक मैंने पूरा खाना गर्म कर दिया था, टेबल पर लगाने लगी मेरा सर घूमने लगा था। मस्त दुनिया दिख रही थी, मानो पाँव ज़मीन पर नहीं लग रहे थे।कहानी जारी रहेगी।मुझे आप अपने विचार यहाँ मेल करें।[emailprotected]कहानी का अगला भाग:कड़क मर्द देखते ही चूत मचलने लगती है-2. !”अरे वाह जीजाजी आप की याददाश्त तो बहुत तेज है।”जीजाजी बोले- ऐसी साली को कैसे भुलाया जा सकता है, कल जश्न मनाने का इरादा है क्या. भाभी बोलीं- साले, बहनचोद और ज़ोर से चोद, मेरी चूत फाड़ डाल!मैंने भाभी को कहा- हरामजादी, साली, कुतिया, तेरी चूत का तो मैं आज फालूदा बना ही डालूँगा.

अब भी मारे हया के उसका चेहरा लाल हो उठा था… मैंने वेबकैम से उसे किस किया उसने भी मेरा साथ दिया और हम दोनों अक्सर ऐसा ही अनुभव जीने लगे. com पर आप मेल करके अपनी राय भी दे सकते हैं और कहानी के मुताल्लिक बात भी कर सकते हैं।पर मैं आपसे निवेदन करती हूँ कि कोई व्यक्तिगत सवाल या बात नहीं कीजिए, ऐसे सवालों का मैं उत्तर नहीं दूँगी।बाय !. हम स्कूल में हैं… भाभी की जॉब लग गई है… वो अंदर हैं…मैं- क्यों? तू बाहर क्यों है?मधु- अरे अंदर उनका इंटरव्यू चल रहा है… वो कुछ समझा रहे थे !मैं- ओह… मगर तू उसका ध्यान रख… देख वो क्या कर रही है?मधु- हाँ भइया… पर क्यों?मैं- तुझसे जो कहा, वो कर ना…मधु- पर वो अपने कोई पुराने दोस्त के साथ हैं.

इमरानसलोनी- मैंने मना किया न… मैं केवल ब्रा चेक करुँगी… बस… पैंटी घर जाकर चेक करके बता दूँगी… यहाँ नहीं.

इसे जितना ज़्यादा करेंगे, चुदास उतनी ही बढ़ेगी… इसका पूरा मज़ा लेने के लिये एक दूसरे के मुंह में अपनी जीभ घुसा दी जाती है और फिर बारी बारी से मर्द और औरत एक दूसरे की जीभ चूसते हैं। इससे दोनों के मुंह का रस दूसरे के मुंह में चला जाता है जिस से प्यार में वृद्धि उतनी ही अधिक होती है।कहानी जारी रहेगी।[emailprotected]. मैंने कहा- रुक जा मेरी चूत की रानी, तुझे चोदन का मज़ा मैं दिलाता हूँ !फिर मैंने लंड पूरे जोर से उसकी हसीन चूत में धकेल दिया…पूरा लंड खा गई रण्डी साली की चूत !फिर मैंने उसे धक्के देने चालू कर दिए.

सन्ता की शादी हो रही थी, फेरों पर बैठने के लिए जब प्रीतो आई तो उसने पंडित से पूछा- पंडित जी, मैं इनकी दाईं तरफ बैठूं या बायीं तरफ?इससे पहले कि पंडित कुछ बोले, सन्ता का एक दोस्त बोला- अरे कहीं भी बैठ जाओ अभी तो… शादी के बाद तो तुम सन्ता के सर पर ही बैठोगी. मैंने हल्के से उसे निकाला… सब कपड़े उतार दिये… सब सामान जगह पर रख दिया… अपने गाढ़े पानी को थोड़ा सा लेकर रेखा के ब्रा के अंदर बराबर लगा दिया… रेखा के निप्पल जहा आयेंगे, वहाँ वहाँ अपना रस लगा कर पंखे के नीचे सुखाने को रख दी, सब कपड़े वापस जाकर छत पर रख दिये।अभी भी मेरे निप्पल में दर्द हो रहा था. !मैं उठा और उसके नीचे तकिया लगाया। उसकी टाँगें फैला दीं और उसकी चूत पर लौड़ा लगा दिया।वो चिल्लाने लगी।गिरिजा- बाबा, मार ही दोगे क्या.

एक आदमी अपने गुनाह कबूलने के लिए चर्च में गया…आदमी- फादर, मैं अपने गुनाह कबूल करना चाहता हूँ…फादर- उस कन्फेशन बॉक्स में जाकर सब कह दो…आदमी कन्फेशन बॉक्स में जाकर बोलना शुरू करता है. ! अब कल उसके पास जाना है, आओ मैं तुमको समझा देता हूँ कि क्या करना होगा। वहाँ आ जाओ रूम में, आराम से समझाता हूँ।दोनों रूम में चले गए।आरोही- हाँ मैं तैयार हूँ. आह…!दोस्तों चाहे कुछ भी हो एक जवान लड़की और खास कर जूही जैसी सेक्सी आइटम लौड़ा चूसे तो उसे मना करना मुमकिन नहीं है। यही हाल साहिल का था, वो बस बोल रहा था कि हट जाओ ये ठीक नहीं है, मगर मज़ा पूरा ले रहा था और जूही भी शातिर थी। होंठों को भींच कर लौड़े को ऐसे अन्दर-बाहर कर रही थी, जैसे लौड़ा चूत में जा रहा हो।साहिल- आ.

मामा भांजी की बीएफ सेक्सी जिससे माया ने अपने हाथों को मेरे सर पर रख कर अपने चूचों पर दबाने लगी।‘आआह्ह्ह उउम्म्म श्ह्ह्ह्ह्ह्ह…’ की आवाज़ के साथ बोलने लगी- मेरी जान. तुम्हारा चुदाई का ख्वाव भी पूरा कर देता हूँ।वो बोली, पहले शब्बो को तो निपटा दो।”मैंने कहा- दोनों को साथ साथ चोदूँगा.

सनी लियोन के नंगे फोटो

रोज़ एक बार तो पक्का और अंदाज़न हफ़्ते में तीन दफे दो बार और एक आध बारी तीन दफे भी !’‘हाय…मेरे चोदू राजा… कितना चुदक्कड़ है तू… तो उसके मेंसेस में क्या करता है?. मेरा भी काम पूरा हो चुका था।मैंने उससे कहा- मैं अब चलता हूँ।उसने कहा- ठीक है।मुझसे मेरी फीस देते हुए कहा- क्या मैं तुम्हें फोन कर सकती हूँ. रंडी साली और उछल और उछल मादरचोदी…अब सुनील भी जोश में आकर अपनी गाण्ड उठा-उठा कर सोनम की चूत घायल करने में जुटा था।सोनम भी सुनील की बातों से खुश दिख रही थी.

बस कैदी को जेल के अंदर बाहर करना है!सलमा- बस इतनी सी बात… चलो शुरू करते हैं…इरफ़ान सलमा पर चढ़ जाता है और तसल्ली से सलमा को चोदता है और बाद में थक कर एक तरफ लेट जाता है. अक्सर लोग मुझे नेट पर मिल जाते हैं, कभी ईमेल कर कर के बोर कर देते हैं, कभी फेसबुक में फ्रेंड रिक्वेस्ट भेज भेज कर!कोई कहता है मेरा लंड सात इंच का है, कोई कहता है बहुत चोदूँगा!पर जय सबसे अलग था, उसके सभी ईमेल में दोस्ती के लिए पैगाम था और साथ ही हमेशा गिफ्ट करने की बात करता था. वाणी सेक्सी व्हिडिओफिर उसमें से उसने कुछ बैंड दिए जिनको अपने लिंग पर चढ़ा लेना होता है, जिससे उनका आकार भिन्न हो जाता है.

ऊफ़्फ़ ऊफ़्फ़…हाय मर गई… मर गई…झड़ गई…अह अह अह… उउउ हाय रे माला… मेरे बूबे दबा दे… कमीनी, ये क्या कर दिया… मजा आ गया…मैं बुरी तरह चुद गई थी।इसके बाद माला चित होकर लेट गई, मैंने उसे उसी तरह डिल्डो से चोद दिया जैसे मैं खुद चुदी थी।इसके बाद मेरे और माला के बीच में समलैंगिक सम्बन्ध हो गए थे।कहानी जारी रहेगी।.

अब सब ठीक है लौड़ा पूरा अन्दर जा चुका है… अब तुम मज़ा लेने के लिए तैयार हो जाओ… पर एक-दो बार और दर्द होगा. !और इसी के साथ मैंने उसे एक लम्बा चुम्बन किया और फ़िर हम दोनों अपने-अपने घर के लिए चल दिए।उस दिन के बाद आज तक मैंने उसे कई बार चोदा।वो कैसे.

और खुद नीचे की तरफ सरका और चूमने लगा।मैं बहुत मस्त होकर उसके प्यार का आनन्द उठाने लगा। उसने हिम्मत की, आगे बढ़ कर मेरे छेद पर लंड घिसा। मेरे तन-बदन में मानो आग सी लगा दी हो। उसने मुझे पलटा और सीधा किया और मुझ पर सवार हो गया। उसने टी-शर्ट उठाई और मेरी निप्पल को चूसा।यह आप क्या करने लगे सर…!”देख सनी. कि कहीं मैं उसको ऐसे कपड़ों के लिए डाँटूगा… अब उसको क्या पता था कि मैं बहुत बदल गया हूँ…मैंने सब विचारों का परित्याग कर केवल अब यह सोचा कि सलोनी को अपने लिए बहुत खोलूंगा. !तो वो हँसने लगी।तभी परी बोली- तुम्हें हमारी चूत फाड़ने के बाद ही यहाँ से जाने का मौका मिलेगा।परी एक नंबर की रंडी थी.

!!! फक मी हार्ड… !! ओह येस, राइट दयर, फक मी!!! राइट दयर ऑन माइ जी-स्पॉट… ओह येस… !!! फक मी, आई अम ऑल यौर्स.

!अन्ना पास आकर आरोही के पीछे खड़ा हो जाता है और अपना लौड़ा उसकी गाण्ड पर सटा कर उसकी गर्दन पर होंठ रख देता है।अन्ना- अब बेबी हम क्या बोलेगा जी तुम समझती ना हमको क्या होना जी. थोड़ी देर में वो भी गांड हिला कर मजे लेने लगी और कुतिया की तरह हो गई फिर उसकी पतले लिप्स वाली चूत दिखने लगी, मैंने उसकी चूत में उंगली करनी शुरू की, वो ऊऊहह आआह्ह करने लगी, मैंने सोचा अब समय आ गया, मैंने अपना लंड उसकी चूत पर रखा और रगड़ना शुरू किया. और मैं अपनी इच्छा से तो कुछ भी कर सकती थी… पर श्रेया को कैसे कहूंगी?मैंने उनसे कहा- श्रेया को मैं जबरदस्ती तो नहीं कर सकती ना !वो बोले- सजा तो सिर्फ़ तुम्हारी है, श्रेया अपनी इच्छा से इस खेल में शामिल होने चाहे तो ठीक है। लेकिन अगर दोनों मिल कर यह कारनामा करेंगी तो मज़ा दस गुना हो जायेगा।श्रेया नहा कर तैयार थी, मैंने उसकी पसंद की पनीर की सब्जी बनाई.

सेक्सी धाकड़ सेक्सी!भारती बहुत ही चालू थी। मैं एक घंटे में दो बार झड़ चुका था, इसलिए इस बार मेरा पानी जल्दी कहाँ निकलने वाला था. आपका प्यारा सा सनी गांडूप्रणाम दोस्तो, कैसे हो सब…!पिछले भाग से आगे-मुझे लग रहा था कि वो मेरे नंगे जिस्म की तारीफ करते ही मुझ पर सवार हो जाएगा लेकिन वो झिझक रहा था।फिर क्या था उससे हिम्मत ही हुई नहीं और मैं अपने इरादे पर अटल था।मुझे पहल नहीं करनी थी, मैं नहीं चाहता था कि वो सोचे कि कितना चालू गांडू निकला, उसका रूम पार्टनर.

लखनऊ चारबाग रेलवे स्टेशन

मैंने फ़ूफ़ी की टांगें फैला दीं और अपना लंड उनकी चूत पर सैट करके धीरे से धक्का मारा पर अंदर नहीं गया और फ़ूफ़ी की सिसकारी निकल गई ‘सस्सस्स…’ फिर मैंने झट से वैसलीन की क्रीम अपने लंड पर लगा दी और फ़ूफ़ी की चूत में अंदर तक लगा दी और वापस लंड को सैट कर के धीरे से अंदर धक्का लगाया. जूही अब बस भी कर आ चल, अब तेरी चूत का स्वाद चखने दे, मेरे लौड़े को।जूही को लेटा कर राहुल अपना लौड़ा चूत पर टिका देता है, वो भी एकदम गर्म थी एक ही झटके में राहुल पूरा लौड़ा चूत में घुसा देता है।जूही- एयाया आआआ… मर गई उ. फिर हम दोनों अलग हुए और चाची मेरे खाने और सोने का इंतजाम करने लगी। मैं हर वक़्त चाची के साथ रहने की कोशिश करने लगा।रात हुई तो चाची ने मुझसे पूछा- तू कहाँ सोएगा?मैं तुरंत ही दोहरे अंदाज में थोड़ा आशिकाना अंदाज में बोला- आपके साथ ही सोऊँगा चाची जान.

अपने एक साथ क्यों डाल दिया आ आह…!रेहान अगर आरोही को बोलता कि अभी उसका आधा लौड़ा भी नहीं गया तो वो फिर से चिल्लाने लगती, इसलिए उसने झूट कहा।रेहान- जान, सॉरी लेकिन पूरा नहीं गया है बस थोड़ा सा और है पर तुम फिकर मत करो मैं बस इतने से ही तुमको आराम-आराम से चोदूँगा…!आरोही- आअ. !आरोही उसको आगे-पीछे करने लगी, पर वो जानती थी, ऐसे कुछ नहीं होगा तो उसने आँख बन्द करके लौड़ा मुँह में डाल लिया और उसको चूसने लगी।अन्ना तो स्वर्ग की सैर पर चला गया था। आरोही ने होंठ टाइट करके अन्ना को इशारा किया कि अब वो आगे-पीछे करे।अन्ना- आ मज़ा आ रहा है बेबी उफ्फ. पापा का फ़ोन आए तो आवाज़ देना…!आरोही- अच्छा ठीक है जाओ…!राहुल बाथरूम चला जाता है और आरोही वहीं बेड पर बैठी सुसताने लगती है।ओके फ्रेंड आज के लिए इतना काफ़ी है। अब अगले पार्ट में बताऊँगी कि क्या हुआ? आज दोबारा जूही की चुदाई में मज़ा आया न…! अब जल्दी से मेरी आईडी[emailprotected]पर मेल करो और बताओ अब तो आप का दिल खुश है ना… ओके बाय…!.

देखने लगे।तो दोस्तो, अगली कहानी में बताऊँगा कि पूजा बेटी को कैसे चोदा और चोदने के बाद क्या हुआ।मेरी यह कहानी आपको कैसी लगी मुझे इसके बारे में मुझे मेल करें![emailprotected]. !मैंने उस मुसम्मी को मुलायम करना शुरू कर दिया। मैं जोर-जोर से दबाने लगा।उसने प्यार से कहा- जानू सिर्फ तुम्हारी हूँ. उंह ह्ह्ह… गूंजने लगी। मेरा लंड फूल गया और चाची की चूत सिकुड़ गई और हम दोनों एक दूसरे की रगड़ से बहुत उत्तेजित हो गए।मैं पूरे जोर और तेज़ी से चाची को चोदने लगा।तभी चाची एकदम अकड़ गई तथा जोर से चिल्लाई ‘उंहह… उंह्ह्ह… ओह्ह… मैं गईईई.

!फ़िर उसने अपनी जुबान मेरे योनि पर रख दी। मैं थरथराई और स्नेहल मेरी योनि चाटने लगी।मैंने ऐसा अनुभव पहले कभी नहीं किया था।मुझे बहुत मजा आ रहा था, इसी बीच मैं झड़ गई, स्नेहल ने पूरा मेरा योनि-रस पी लिया।उसने कहा- अकेली ही मजे लेगी क्या? मुझे भी जरा मजे दिला. ओओहओ! क्या मस्त लग रही थी वो!वैसे मैंने सीमा के दूध ऐसे ब्रा में कई बार देखे पर ये नुकीले दूध ब्रा के ऊपर से बहुत बढ़िया दिख रहे थे जैसे दो नुकीले पहाड़ियाँ!मैंने तो एक को दबाना शुरू कर दिया.

!आरोही की बात पूरी होती, इससे पहले रेहान बोल पड़ा।रेहान- यार मैंने पहले ही सब समझा दिया था अब बार-बार नहीं समझाऊँगा मैं.

दोनों जंघाएँ पकड़ सखी, अंग को अन्दर का लक्ष्य दियानितम्बों से ठोकर दे देकर, मुझे चरम-सुख की तरफ धकिय़ाय दियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !. జంగిల్ సెక్స్बस इसी सोच में उसकी आँख लग गई और वो भी सो गया।दोपहर दो बजे नौकरानी ने राहुल को जगाया कि लंच तैयार है, आप कर लेना।दोस्तो, मैंने आपको बताया था न. क्सक्सक्स सेक्सी बीफवरना बहुत भारी पड़ेगा…अब माहौल चाची-भतीजे के मज़ाक से, एक औरत आदमी के बीच जलती हुई आग का रूप ले रहा था।चाची ने मेरी चुनौती का मज़ाक उड़ते हुए मेरी दूसरी निपल को ज़ोर से दबा दिया. उसकी ब्रा फाड़कर मैंने फेंक दी और एक प्यासे की तरह मैं दोनों दूधों पर झपट पड़ा और बारी बारी से कभी बाईं चूची को, तो कभी दाईं चूची को पीने और मसलने लगा.

अंगों से जो रस बह निकले, अन्तरंग ताल के जल में मिलेसांसों में उठे तूफानों के, अब जाके धीमे पड़े सिलेतरण ताल में उठी लहरों ने, अब जाकर के विश्राम कियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !.

मैं तो जैसे बेसुध थी सखी, कुछ सोच रही न सूझ रहाउसके उस अंग को मैंने तो, अमवा की भांति चूस लियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !. चाची बोली- बहन के लोड़े, इतनी देर से मेरे मुँह के सामने मुठ मार रहा था और अब तुझे डर मार रहा है?फ़िर चाची हंसने लगी- डर गया? अरे मेरे प्यारे पहलवान, तुझे मैं अपनी देकर धन्य हो जाऊँगी. स्तनों से अब थोड़ा नीचे आया, उसके समतल पेट को चूमा और अब उसकी नाभि की ओर बढ़ा, अपनी जीभ को घुमाया उसकी नाभि में और चाटना शुरू किया! हौले-हौले नाभि के आस पास जीभ को गोल गोल घुमाते हुए उसे चाट रहा था… उसके बदन में गर्मी बढ़ रही थी… वो दबे मुँह सिसकारियाँ ले रही थी और उसका गोरा सा बदन मचल रहा था.

और उसकी जीभ सीधे मेरे लण्ड के सुपारे को चाट गई…लण्ड इस छुअन को बर्दाश्त नहीं कर पाया और उसमें से एक दो बून्द पानी की बाहर चमकने लगी…रोज़ी को भी शायद नमकीन सा स्वाद आया होगा… उसने एक चटकारा सा लिया कि यह कैसा स्वाद है. रेनू खुश थी।अब हम 3 माह तक रहे, मैं रोज़ रेनू को चोदता था, रेनू भी खुल गई थी। खूब मजे से चुदवाती, लंड चूसती।एक माह के बाद बच्चा गर्भ में था, मेरी मेहनत रंग लाई, साले को खबर दी. ना जाने कहाँ कहाँ मुत्ती करते हैं… मेरे कपड़े तक गीले कर देते हैं…मैंने मधु के हाथ को लण्ड से हटाने की कोई जल्दी नहीं की… लेकिन कुछ प्रतिवाद का दिखावा तो करना ही था इसलिए.

मुंबई ऑंटी सेक्स

उसने पचास दफा मुझे फ़ोन ट्राई किया था, मैंने सोचा कि ऐसा मौका बार बार नहीं मिलता, क्यूँ न इस बेवकूफ से कुछ और पैसा बनाये जाये! फिर यह मुझे कभी ट्रेस भी नहीं कर पायेगा. हम दोनों का यह नियम था कि एक बार में सिर्फ एक छेद की चुदाई करते थे, पर आज मैंने कहा- चाचू दोनों छेदों को अपने लौड़े की दुआ दो. दुबारा ज़ोर से धक्का मारा तो पूरा लंड उसकी गाण्ड में घुस गया और फिर ज़ोर-ज़ोर से शॉट लगाना शुरू कर दिया।पाँच मिनट बाद वो भी पूरा साथ देने लगी बोली- मार अपनी चाची की गाण्ड, फाड़ दे.

तभी मेरे अंदर का शैतान जागा और मैंने चाची के पेट पर हाथ फेरते हुए फिर से आशिकाना अंदाज में कहा- हाय चाची जान, आप तो बिल्कुल ठंडी हो गई हैं.

‘आह मेरी… रानी… मैं गया… मैं गया… हाऽऽऽ स्स निकला आ आ आह म्म्म हय रए…’मेरी गाण्ड में उसका गर्म गर्म लावा भरने लगा.

सुनते हैं कि ओ प्यारी सखी, तूफ़ान कष्टकर होते हैंपर इस तूफ़ान ने तो जैसे, लाखों सुख मुझ में उड़ेल दियाउस रात की बात न पूछ सखी, जब साजन ने खोली मोरी अंगिया !. !”और वो झड गई। कुछ देर बाद करीब मैं परेशान हो गया था कि मैं झड़ क्यूँ नहीं रहा था। भाभी को फिर तो मैंने अलग-अलग आसनों में अलग-अलग तरीके से खूब चोदा। उन्होंने भी खूब मजे से चुदवाया। मुझे भी खूब मजा आ रहा था। दस मिनट बाद मैंने उनकी चूत में गरम-गरम रस डाल दिया और इस दौरान वो भी दोबारा झड गई थीं। मेरा लंड अभी तक उनकी चूत के अन्दर था, थोड़ी देर बाद हम अलग हुए।मैंने कहा- भाभी मन नहीं भरा है. ತಮಿಳ್ ಸೆಕ್ಸ್ ಸೆಕ್ಸ್जब भी वे आते हैं तो अपने काम में ही बिजी रहते हैं। जब मैं कुछ कहती हूँ, तो मुझसे झगड़ पड़ते हैं। आजकल तो फोन भी नहीं करते हैं।इतना कहकर वो रोने लगीं।मैं उनके करीब गया और उनके कंधे पर अपना हाथ रखकर उन्हें चुप करने लगा और उनके आंसुओं को पोंछने लगा। कुछ देर बाद वो चुप हो गईं और अपने कमरे में चली गईं।अगले दिन जब मैं उनके कमरे में गया, तब वे टी.

मैं भी उसका साथ देता जा रहा था।मैंने कुर्ते के ऊपर से ही उसके मम्मों को दबाना शुरू किया और वो मेरे होंठ चूसती जा रही थी. चाची तो बहुत सेक्सी है यारो, पूरे मजे देती है…आपको मेरी कहानी कैसी लगी, मुझे मेल क़रके बतायें![emailprotected]. चोदो !उसने कहा- ठीक है, पर कोई परेशानी हो तो कह देना !कहानी जारी रहेगी।मुझे आप अपने विचार यहाँ मेल करें।[emailprotected].

मम्मी ने कहा- ठीक है तुम चले जाओ, पर तुम्हारे पास ट्रेन का रिजर्वेशन भी नहीं है और तुम मन्जू को कैसे ले जाओगे? उसको यहीं रहने दो, वैसे भी घर का खाना आदि का काम भी कैसे हो पायेगा?वह मान गया और मन्जू को छोड़ कर चला गया. फिर हम दोनों अलग हुए और चाची मेरे खाने और सोने का इंतजाम करने लगी। मैं हर वक़्त चाची के साथ रहने की कोशिश करने लगा।रात हुई तो चाची ने मुझसे पूछा- तू कहाँ सोएगा?मैं तुरंत ही दोहरे अंदाज में थोड़ा आशिकाना अंदाज में बोला- आपके साथ ही सोऊँगा चाची जान.

यह कहानी किसी और ने मुझे भेजी है, आप उसी के शब्दों में इस कहानी का आनन्द लें।मेरा नाम विभा है, मेरे पति नरेन एक इंजीनियरिंग कंपनी में अच्छे पद पर हैं।हम लोग वैसे तो पश्चिमी उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं, पर पिछले 15 सालों से नई दिल्ली में रह रहे हैं।नरेन 40 साल के हैं, पर 35 से ज़्यादा नहीं दिखते, 5’8″ कद है, हल्के से मोटे हैं, गोरे और सुंदर हैं.

भैया ने कहा- उनको बस-स्टैंड जाना है, तुम्हारी भाभी को डर लगता है इसलिए हो सके तो तुम आज रात को हमारे घर पर ही सो जाओ. !फ़िर उसके बाद मैंने उसे ख़ड़ा किया और उसे मेज पर बैठा दिया और उसकी चूत चाटने लगा। मैंने भी लगभग दस मिनट उसकी चूत को चूसा।उसके बाद मैं खड़ा हुआ और उसकी जाँघों के बीच आकर अपना लंड उसकी चूत पर रगड़ने लगा।रीना की आवाज निकलने लगी- उफ्फ, ओह्ह !जब उससे रहा ना गया तो उसने कहा- जान अब डाल भी दो अन्दर. अब तो मज़ा आ जाएगा, चलो जल्दी से घोड़ी बन जाओ आज तुमको घोड़ी बना कर बड़े प्यार से तेरी गाण्ड मारूँगा।आरोही घोड़ी बन कर राहुल को आराम से करने के लिए बोली।राहुल- फिकर मत कर बहना, बड़े आराम से थूक लगा कर तेरी गाण्ड मारूँगा, जैसे सिमरन की मारी थी।यह बात सुनते ही आरोही सन्न रह गई और जल्दी से सीधी होकर राहुल के पास बैठ गई।आरोही- भाई अपने भी सिमरन के साथ किया था.

रक्षा बंधन की डेट मैं- ब्रा खोलो…रूपा- खोलती हूँ…क्या करोगे?मैं- प्यास बुझाऊँगा…रूपा- किसकी?मैं- तुम्हारी चूची और चूत की. अब मैं और शाहनवाज नीचे से नंगे हो गए थे, उसने एक बार फिर अपने लंड को मेरे चूतड़ों पर दबाया, मैंने भी चूतड़ों को ढीला छोड़ दिया… और उसका लंड मेरी गांड के छेद से टकरा गया.

फिर वो ऑफलाइन हो गई। रात को 11 बजे वो फिर ऑनलाइन आई।बातों-बातों में वह पूछने लगी- क्या आपकी कोई गर्ल-फ्रेंड है?मैंने ‘नहीं’ बोल दिया, मैंने भी उस से पूछा- तुम्हारी कोई गर्ल-फ्रेंड है?वो हँसने लगी और कहने लगी- सर लड़कियों का बॉय-फ्रेंड होता है, गर्ल-फ्रेंड थोड़े होती है।मैंने कहा- अच्छा. कुछ… भी तो नहीं!लेकिन शिप्रा आज कुछ और मूड में थी तो उसने कहा- नहीं कुछ देख रहे थे!उसके कहने के अंदाज़ ने मुझे और डरा दिया।उसने कहा- बोलो… क्या देख रहे थे?मैंने बड़ी हिम्मत करके उसके दोनों मम्मों की तरफ़ इशारा करते हुए कहा- वो. आदमी- फादर…! मैं अपनी चार साल पुरानी गर्ल फ्रेंड से मिलने गया पर वो घर पर नहीं थी पर उसकी बहन घर में अकेली थी… मैंने उसके साथ सेक्स कर लिया…फादर- गनीमत है कि तुम्हें अपनी गलती का एहसास हो गया है…आदमी- यही नहीं… मैं कुछ दिन पहले अपनी गर्ल फ्रेंड से मिलने शाम को उसके ऑफिस में गया तो सभी जा चुके थे… सिर्फ उसकी सहेली अकेली थी ऑफिस में और मैंने उसके साथ भी सेक्स कर लिया.

लेडी डॉक्टर

!’और इस तरह चोदते-चोदते मैंने अपना पानी उसकी चूत में ही डाल दिया।फिर कुछ देर बाद जब वो रसोई में कुछ बनाने गई तो मैंने उसे नंगा कर दिया फिर रसोई के प्लेटफॉर्म पर बैठा कर उसके दोनों पैर अपने कंधे पर रखे और उसकी चूत में पूरा लंड डाल दिया।30-40 मिनट तक चोदने के बाद हमने एक ब्लू-फिल्म देखी और फिर हम ने दिन भर में 6-7 बार चुदाई की।वो बोली- आज तुमने मुझे वो मज़ा दिया है, जिसके सपने मैंने बचपन से देखे थे. !रेहान- मेरी जान… तुम्हारे निप्पल और चूत को देख कर लगता है सेक्स नहीं किया है, पर कोई इनके मज़े ले चुका है मेरे पहले ये अनछुए नहीं हैं समझी. !”प्रिय पाठकों आपकी मदमस्त सुधा की रसभरी कहानी जारी है। आपके ईमेल की प्रतीक्षा में आपकी सुधा बैठी है।[emailprotected].

मगर इसको तो सब याद है, कहीं कोई पंगा ना हो जाए वो सोचने लगा कि इसको क्या जवाब दूँ।जूही- रोनू बताओ ना. आदमी- फादर…! मैं अपनी चार साल पुरानी गर्ल फ्रेंड से मिलने गया पर वो घर पर नहीं थी पर उसकी बहन घर में अकेली थी… मैंने उसके साथ सेक्स कर लिया…फादर- गनीमत है कि तुम्हें अपनी गलती का एहसास हो गया है…आदमी- यही नहीं… मैं कुछ दिन पहले अपनी गर्ल फ्रेंड से मिलने शाम को उसके ऑफिस में गया तो सभी जा चुके थे… सिर्फ उसकी सहेली अकेली थी ऑफिस में और मैंने उसके साथ भी सेक्स कर लिया.

!रीना झड़ गई और नंगी ही सो गई।सुबह सात बजे राधा ने उसको उठाया और कहा- तेरे स्कूल की फ्रेंड को मैंने तेरी तीन दिन की छुट्टी की अर्जी दे दी है, अब चल जल्दी से रेडी हो जा, वहाँ जाना भी है, देर मत कर !रीना नहाने बाथरूम चली गई और बॉडी पर हेयर-रिमूवर क्रीम लगा लिया ताकि एकदम चिकनी हो जाए.

ऐसा मार्गदर्शन तो कभी किसी ने नहीं किया।”परन्तु एक समस्या और थी, नीति अपनी घरेलू समस्याओं को भी मुझ से बताना चाहती थी। पर ऑफिस में समय देने में मैंने असमर्थता जताई।फिर तय हुआ कि ऑफिस से बाहर कहीं और जगह पर मिला जाए, परन्तु कहाँ यह प्रश्न गंभीर था।खैर अब नीति और मेरे बीच दूरियाँ बहुत कम हो गई थीं और हम लोग अन्तरंग बात भी करने लगे।एक दिन मैंने नीति से पूछा- क्या वो दिलचस्प फोटो देखना चाहेगी?दिखाइए. वो अपने बदन पर क्रीम लगा रही थी, अपने चूचों को बड़े प्यार से मसल रही थी और सिसकारियाँ भर रही थी- आहह आहह. आअह्ह्ह्ह्ह…!”मुझे इतना दर्द हुआ कि मेरे मुँह से चीख निकल गई। यह कहानी आप अन्तर्वासना डॉट कॉम पर पढ़ रहे हैं।चाची हंसने लगी और बोली- और परेशान कर अपनी चाची को !मैं बोला- चाची, अब मैं बच्चा तो रहा नहीं कि आप मुझसे जीत जाओ.

मैं उससे कह रही थी- चोद… चोद… आहा… हाहह… हहाह… ययय… हहाहा… और तेज चोद…आज तो संजीव ने मेरी चूत फाड़ ही डाली क्योंकि उसका 8 इंच का लंड था और मैंने भी पहली बार इतना बड़ा लंड अपनी चूत के अन्दर लिया था. मैं- कितना दर्द हो रहा है, तुम्हें पता भी है? तुम तो लड़के हो तुम्हें क्या पता? देखो देखो फाड़ दी तुमने मेरी चूत को! कुंवारी चूत फाड़ने का मतलब भी पता है?जय- अब हो गया! मुझे माफ़ कर दो, अब मैं क्या करूँ?मैं- अब क्या करूँ बोलते हो. और एक सिगरेट और जला दे।चुदाई रोक कर उससे रम का गिलास लिया और बड़ा सा घूँट खींचा तब तक सीमा ने सिगरेट जला कर मुझे थमा दी चखना की जगह सिगरेट भी खूब मजा देती है.

!पहले मैं उसके माथे को चूमते हुए नीचे आता रहा फिर उसकी आँखों को धीरे-धीरे नीचे आता रहा और उसके मम्मों को चूमने लगा।गिरिजा- आआअहहाहह.

मामा भांजी की बीएफ सेक्सी: मनोज- हाइईन्न्न हैं…कक्क क्या बोला तुमने…सलोनी- अरे यार इसको आगे वाले को सुपारा ही कहते हो ना…मनोज- हे हे व्व्वो हाँ बिलकुल. ?? घर वाले पैसे भेजते, उसमें मैं मस्ती मारता। खैर वो तो बचपना था।मैंने तैयार होकर उसको मेसेज किया- आई एम रेडी.

!राहुल अपने कमरे में तैयार होने गया और आरोही भी जल्दी से बाथरूम में घुस गई।ठीक 8 बजे रेहान ने हॉर्न मारा तो राहुल बाहर आया।राहुल- हाय ब्रो… गुड मॉर्निंग कैसे हो?रेहान- मैं तो अच्छा हूँ. एक बार मुझे पलट कर देखा… मुस्कुराई…और एक झटके में दरवाजा खोल दिया…दरवाजा अंदर की ओर खुलता था…अंदर सफ़ेद लाइट झमाझम चमक रही थी…उसमे एक तरफ ही वेस्टर्न सीट लगी थी…मैं जहाँ खड़ा था, वहाँ से वो जगह साफ़ दिख रही थी. साली ने मुँ में लेकर काटना-खाना शुरू कर दिया।मेरे लंड को मुँह में लेकर चूसे जा रही थी कुतिया रंडी साली ! पूरे लंड को मुख में लेकर खा रही थी साली, चूस चूस के लंड का पानी निकाल दिया और मैंने अपना पानी उसके मुँह में छोड़ दिया.

फ्रेंच बोला- मैंने तो अपनी पत्नी की मालिश एक खास तरह के खसखस के तेल से की और उसे बाद मैंने उसके साथ सेक्स किया…और वो पूरे बीस मिनट तक चीखती रही.

जरा टटोलकर ही देखने दे…सलोनी- जी बिल्कुल नहीं… ये सब अब उनकी अमानत है… तुमने गोद में बैठने को बोला तो प्यार में मैं बैठ गई… बस इससे ज्यादा कुछ नहीं… समझे बुद्धू… वरना मैं तुम्हारे यहाँ जॉब नहीं करुँगी…मनोज- क्या यार?? तुम भी न…ऐसे ही हमेशा के एल पी डी कर देती हो. !मैं साथ ही साथ नीति की चूचियों से भी जीभ से छेड़-छाड़ करता जा रहा था। उत्तेजना में नीति ने मुझे एक झटके से बेड पर धकेल दिया और मैं पीठ के बल हो गया। जबकि नीति ने मेरे लंड को चूत में रखकर घुड़सवारी शुरू कर दी।धक् धक् करने लगा. और जोर्ररर सेई…… ओह माआ! हाईईईईई मेरी बुररर झड़ने वाली है……मेरी बुर्र्र्र्ररर के चिथड़े उड़ा दोऊऊऊऊ… हाईईईईई मैं गइईईई.