बीएफ बुर चोदने वाला

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प्रत्यर्पण: बीएफ बुर चोदने वाला, ममता ने उससे कहा भी ‘डिनर भी साथ ही बना दूँगी’ पर राजन ने मन कर दिया.

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उसने गुर्राते हुए कहा- बेड में लेट जाओ और अपने दोनों हाथ ऊपर कर लो. हिंदी बीएफ वीडियो सेक्सी इंडियनमैंने उसके बच्चे का नाम लेकर पूछा- बेबी कैसा है?मोनिका- वो भी अच्छा है … वैसे तुमको उसका नाम कैसे पता चला.

मैं उसके बगल मैं बैठ गया और पीठ पर हाथ फेरते हुए बोला- ज़ेबा क्या तुम्हें यह शादी पसंद नहीं है. सेक्स मूवीस बीएफमैं अभी सांसें ही भर रही थी कि तभी मेरी नज़र मेरे रूम के आईने पर गई.

मैंने कहा- इसमें नया क्या है?उन्होंने कहा कि इसके आगे मैं तुम्हें नहीं बता सकती.बीएफ बुर चोदने वाला: संदीप आंखें बंद करके ‘उम्म्ह… अहह… हय… याह…’ की आवाजें निकालने लगा था.

‘नहीं … नहीं’ कहती क़ामयानी को अभिसार के लिए मनाने के लिए उस से थोड़ी सी जबरदस्ती करने में उसे अपनी जीत का अहसास होता है और जिस-जिस आसन या जिस-जिस मुद्रा को स्त्री ‘न’ कहती है, बारबार वही आसन या मुद्रा अपनाता है या उसी क्रीड़ा में लिप्त होना चाहता है जिस में स्त्री को कुछ कष्ट होता हो.जब वो उठने लगी तो उसकी चूत में जबरदस्त दर्द हुआ और वो उठते-उठते बैठ गयी.

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लौट के वो आई तो मेरा लन्ड पकड़ के बोली- एक बार और हो जाये?मैंने उसे कहा- तो देर किस बात की?तो उसने हिला के, चूस के मेरा लंड खड़ा किया.फिर मैंने हिम्मत करके उसको बांहों में भर लिया और स्नेहा भी जैसे सब कुछ पहले से ही तय करके आई थी.

उससे संबंधित और भी वीडियो नीचे अपने आप ही सूचीबद्ध तरीके से दिखाई दे रहे थे. बीएफ बुर चोदने वाला मैं बड़ी सोच विचार के बाद आज अन्तर्वासना के जरिए अपनी सेक्स कहानी आप तक पहुंचा रहा हूं.

अब हम दोनों फिर से गर्म हो गये थे तो सर मेरे ऊपर आये और मेरी दोनों टाँगें उठा कर अपने लन्ड का सुपारा मेरी चूत पर लगा कर रगड़ने लगे.

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अब दीदी एकदम नंगी हालत में बिना कुछ कहे अपनी पीठ को अंकल की तरफ़ करके लेटी हुई थीं. कुछ देर के बाद उसने एक जोर से झटका मारा, तो दीदी के मुँह से आआह्ह्हह की तेज आवाज निकल गई. उसने भी जोश में आकर मेरे बालों को सहलाया, मेरी छाती पर अपना मुँह लगाकर मेरे छोटे छोटे दानों को जोर जोर से चाटने और काटने लगी.

मगर अगली दो बार वो बिना कंडोम के चुदीं और माल झड़ने के समय मेरे लंड का सारा माल पी गईं. जाड़े के दिन थे, मैंने संगीता से कहा- भैया भाभी मूवी देखने जायें तो मुझे कॉल कर देना और पीछे का दरवाजा खोल देना. आप को देखकर मेरे मन में भी आया था कि हम दोनों एक दूसरे की जरूरतें पूरी कर सकते हैं लेकिन मैं दो बातें सोचकर रह गई.

मुझे बहुत तेज़ पेशाब लग रही थी, मैं उनको बोली- पेशाब लगी है!तो उन्होंने मुझे बिस्तर से नीचे किया और पास रखे टेबल पर बैठा दिया और मेरे दोनों पैरों को फैला कर मेरी नाजुक फुद्दी चाटने लगे और कहा- अब यहीं करो पेशाब … मैं देखना चाहता हूँ. मैं उसकी इस बात का अर्थ समझने की कोशिश में उसकी आंखों में आंखें डाल दीं. मैं राजवीर, वसुंधरा के इस कॉटेज को जैसे चाहे यूज़ कर सकता था, चाहे तो किराए पर दे सकता था या बेच सकता था.

फिर वन्दना ने अपने बेटे को नौकरानी के साथ पार्क में भेज दिया और 8 बजे वापिस आने का बोल दिया. भाभी की चुत देख कर ऐसा लग रहा था, जैसे अभी तक भाभी की चुत ने लंड का स्वाद ही नहीं चखा हो.

अब मैंने केले के अग्र भाग को चूत में हल्का प्रवेशित करना शुरू किया.

तना हुआ मस्त भूरे रंग का लाल सुपारे वाला विशाल लंड मेरी आंखों के सामने था.

गीली चूत होने के करण उसको दर्द कम हुआ, बस एक हल्की सी चीख निकली ‘आह’और उसने पैर ऊपर किये. जिया- आहह राज ओह याह उम्म्ह… अहह… हय… याह… राज सो हार्ड! प्लीज धीरे चोदो. उन दिनों फसल कटाई का काम चल रहा था तो सब लोग दिन भर खेतों में रहते थे.

दीदी आज दारू के नशे में फुल मूड में आ गई थीं … जिस तरह से वो बात कर रही थीं … उससे मुझे समझ आ गया था कि आज मुझे अपनी बहन का छिनालों वाला रंग देखने मिलने वाला है. फिर एक जोर का धक्का लगा कर अपना 8 इंच लम्बा और 3 इंच लम्बा लन्ड एक ही झटके में मेरी चूत में उतार दिया. मेरी पिछली कहानी थी:सेक्सी किरायेदार भाभी की चालाकीलड़कियों को बताना चाहता हूँ कि मेरे लंड का साइज एकदम मस्त है, ये 6 इंच लम्बा और ढाई इंच मोटा है.

मैं फ़िलहाल स्पर्धा परीक्षा की तैयारी कर रहा हूँ और साथ ही साथ फ्रीलांसर भी हूँ.

दीदी की फ्रेंड- क्यों? एग्जाम खत्म हो गया क्या?मैं- हां आज हमारा एक ही शिफ्ट में एग्जाम था. दीदी- तुम्हारे पास इतने पैसे आए कहां से?मैं- थे मेरे पास … मम्मी ने दिए थे और पापा ने दिए थे … वो सारे पैसे रखे थे. उसकी एक उंगली चूत में अंदर जा जा के मुझे बहुत उत्तेजित कर रही थी और मैं उसे चूमते हुए बस ‘आहह … आ … आहह … सचिन … आहह … ‘ कर रही थी।लगभग 5 मिनट तक यही सिलसिला चला.

वो मेरे इस हमले हड़बड़ा गईं और जोर जोर से ‘आहह … ओह्ह!’ की आवाज़ें करने लगीं. उस जवान लड़की की चूत को लैंड मिल जता है और मुझे एक गर्म चूत!मजा ही मजा है. इतने में मैंने बोला- कब आऊं तो खाना खाने?वो बोली- वहीं आ जाओ!मैं बोला- कहाँ आना है?तो उसने बिना कुछ सोचे पता बता दिया.

जीजा जी- नीरज, चल तू बता … सबसे पहले जिया के अलावा तू किसके साथ मजा करना चाहेगा?नीरज हिचकिचाने लगा, वो जिया की तरफ देख रहा था.

जब मैं तीसरी बार होने को आयी, तो मैं उससे बोली- बस करो अब … मैं फिर से झड़ रही हूँ. सोमवार को मैं ट्रेन में चढ़ा और 09:30 बजे ईदगाह बस स्टैंड पहुंच गया.

बीएफ बुर चोदने वाला फिर वो भाभी से लिपट कर बोली- आह मजा आ गया … भाभी इसका लंड एक बार और मिलेगा क्या?भाभी बोली- साली कुतिया … लोभी मत बन. तभी मैंने दीदी की एक सहेली का कमेंट्स पढ़ा- हां यार, शिवम तो तेरा ही है.

बीएफ बुर चोदने वाला उसने बताया कि उसका पति साहिल और सास अमृतसर किसी रिश्तेदार के यहां 5 दिन लिए गए हैं. अब उसका एक हाथ मेरी फुदी पर खेल रहा था और मैंने भी अपनी टाँग को पूरा खोल रखा था ताकि वो मेरी फुदी को आराम से मसल सके.

मैं देर न करते हुए जल्दी से नीचे हो गया और भाभी की चूत पर अपना मुँह रख कर जोर जोर से चुत चूसने और चाटने लगा.

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”क्या बताऊँ बेटा, ममता आती है, पूरा घर सम्भालती है, खाना बना देती है और मेरा दिन अच्छे से कट जाता है लेकिन जब रात होती है तो तेरी दादी की कमी महसूस होती है, तुम समझ रही हो ना?”शैली खामोश रही तो मैंने अपना बोलना जारी रखा- जैसे भोजन इन्सान के लिए जरूरी है उसी तरह अपोजिट सेक्स का एक साथी भी बहुत जरूरी होता है. कानपुर में शादी में मेरे और शिखा मामी के बीच क्या क्या हुआ, वो मैं आपको मिशन चुदाई के अगले भाग में जरूर बताऊंगा. वो बोली- हां सच्ची यार, जब भी मेरे मामा विदेश से आते हैं तो वो दोनों मुझे किसी न किसी बहाने से घर के बाहर भेज देते हैं.

चुत चुदाई के साथ मैंने उनकी मम्मों को भी बहुत ज़ोर ज़ोर से चूसना और दबाना जारी रखा था. इतने में ही रेशमा मुझ पर भड़क गयी और बोली- बेडशीट देने की क्या जरूरत थी? वो क्या सोचेगी मेरे बारे में?मैंने कहा- अरे इतनी टेंशन क्यों ले रही हो? वो भी जवान है. साले ये सारे अंकल मेरे बाप की उम्र के थे, पता नहीं क्या खाकर आये थे, सब के सब देर तक चोद रहे थे.

उन्होंने अपने दांत भींचते हुए अपनी मुट्ठियां बंद कर लीं और ‘सीसीईईई … मर गई … इऊऊ … बहुत मोटा है … आआह्ह्ह … रुक जा.

जीजा जी ने एक ही सांस में पैग हलक के नीचे उतारा और दोबारा पैग बनाने लगे. मुझे उसका ये व्यवहार समझ नहीं आया, लेकिन परमीत जान गई कि मनु ऐसा क्यों कर रही है. लेकिन निधि इठला कर बोली- मेरे पति देव, मैं आपके दिल में ही हूँ और कहां रहूंगी.

मैंने अपनी आंखें बंद कर ली क्योंकि यह प्यार मुझे मेरे हस्बैंड से नहीं मिलता था. सच में अब मैं उससे चुदवाना चाहती थी मगर पानी निकलने के बाद मैं शांत हो गई।रात को फिर मुझे आफताब की बहुत याद आई। मेरे शौहर तो अपने बिजनेस के सिलसिले में बाहर गए थे. मैं चुप-चाप छोटे-छोटे डग भरता हुआ वसुंधरा के दायें बाज़ू की पहली कुर्सी पर आ बैठा.

मैंने कामिनी से पूछा- तैयार हो मेरी जान?उसने कहा कि मैं तो कब से तैयार हूँ … अब जल्दी पेल दो राजा मेरी चूत की प्यास बुझा दो … तुमने बहुत तड़पा लिया अब जल्दी से लंड पेलो … आह. अब उन्होंने थोड़ा तेल अपने लंड पर भी लगा लिया और फिर से अपने लंड को मेरी गांड के छेद में लगा के जोर लगाया.

अब तक मोना के भाई के आने का टाइम हो गया था और वो जाने की कह रही थी. उस रात की कहानी आप को पढ़नी हो तो कमेंट करना मैं जरूर बताऊंगा।धन्यवाद।चाची की चुदाई की सेक्स स्टोरी जारी रहेगी. ऐसा लग रहा था जैसे वो मेरे लंड को खा जाएगी।उधर मैं सोच रहा था कि छाया बेड के नीचे है.

कुर्सी से उठते हुए जब उसके पेट से नीचे वाला हिस्सा ऊपर आया तो बैठने के कारण उसकी लाइट ग्रे जीन्स, जो कि जांघों के पास इकट्ठा हो रही थी, उसकी जिप को उसके लौड़े ने बीच में से उठा रखा था.

इससे पहले मैंने अपनी छाती के निप्पलों में ऐसी झनझनाहट कभी महसूस नहीं की थी. सपना के मुँह से खुद के लिए पति सुनकर एक पल के लिए तो मैं अकबका गया. मुझे अन्दाजा हो गया था कि मेरी बहन के अन्दर कुछ ज्यादा ही सेक्स भरा हुआ है.

फिर शाम को भैया का फोन आया कि उस दिन वो अपने दोस्त के साथ काम के सिलसिले में उसके घर पर ही रुकेंगे. होंठों को दांतों ने फिर काट लिया और निप्पल को उंगलियों ने फंसा कर जोरों से खींच लिया.

मेरा अनुमान एकदम ठीक था, जेठजी का लंड मेरे पति के लंड से करीब आधा पौना इंच ज्यादा लंबा और मोटा था. मेरे कमरे में आकर उसने मुझसे कहा- मेरे कॉलेज में मुझे एक प्रेजेंटेशन बनाने के लिए बोला गया है और मुझे बनाना नहीं आता … तो क्या आप मेरी हेल्प कर दोगे?मैंने उससे बोला- हां कर दूंगा. मेरा मन तो कर रहा था कि ड्राइवर का हाथ फिर से मेरी फुदी पर टकरा जाए और वो अपने मजबूत हाथ से मेरी फुदी को मसल दे.

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इसके बाद उसने मुझे अश्लीलता से देखते हुए पहले अपनी साड़ी निकाली … और ब्लाऊज़ और पेटीकोट में ही मेरे ऊपर चढ़ गई.

सिल्क पागल हो रही थी, वो मेरे चूतड़ों को जोर से मसल रही थी, मेरी गांड के छेद में उंगली लगा रही थी. भाभी ने खुद अपनी सलवार निकाल दी और मुझे सीधा लिटा कर मेरे ऊपर आ गईं. फिर उन्होंने उसे पूरी तरह से अपने मुंह में ले लिया और अपने मुंह को आगे पीछे करने लगी.

वो मैम की चूत को चूसने लगे।मैम की सिसकारी निकल रही थी, बोली- लण्ड बहुत तगड़ा है।मैंने उनके मुँह से लण्ड निकाला और उनको गोद में लेकर बेड पे लिटाया। मैं सर को बोला कि वो अपना लण्ड मैम के मुँह में डालें।अपना लंड मैंने मैम की चूत के मुँह पर लगाया और जोर से धक्का लगाया. मेरे धक्के लगाने से पिंकी भी अब अब जोर से कराहें लेने लगी, उसकी चूत भी कामरस से भरी थी और उसने‌ भी मेरा पूरा साथ देना‌ शुरु कर दिया।उसकी कराहें भी अब आनन्द भरी सिसकारियों में बदल गयी और वो भी मेरे साथ साथ अब नीचे से जल्दी अपने‌ कूल्हों को‌‌ उचकाने लगी जिससे मेरा जोश अब और भी बढ़ गया।मेरे धक्के धीरे-धीरे बढ़ते गए और हम दोनों के बदन गर्म होने लगे. बीएफ वाला एप्सरोहित आह भरते हुए- अह अहा … हम्म्म हम्म!मेरा मंगलसूत्र उसके सीने पर लग रहा था.

मेरी सेक्सी कहानी के पहले भागदोस्ती, सच्चा प्यार व प्यार भरी चुदाई-1में आपने पढ़ा कि कैसे अपनी एक क्लासमेट से मेरा सम्पर्क हुआ, आपस में दोस्ती और प्यार का अहसास हुआ. तो दोस्तो, मेरी कहानी कैसी लगी, आप सभी के मेल के इंतजार में आपका अपना शरद सक्सेना।[emailprotected].

मैं जिस शहर में जॉब करता हूँ … वहां हम लोगों के आग्रह पर मेरी वाईफ संजू के बड़े भाई नीरज और भाभी प्रियंका का आने के प्रोग्राम तय हो गया. अब हम दोनों फिर से गर्म हो गये थे तो सर मेरे ऊपर आये और मेरी दोनों टाँगें उठा कर अपने लन्ड का सुपारा मेरी चूत पर लगा कर रगड़ने लगे. भाभी- मैं माल हूं?मैं- नहीं … आइटम नंबर वन हो आप!भाभी- जा मैं तुझसे बात नहीं करती.

जब हाथ अलग किया, तो मकड़े की जाल जैसी एक तार ने उंगली और चूत को अलग नहीं होने दिया. सच कहूं, तो मैं उसके लिए खुश था … क्योंकि वो बच्चों से बहुत प्यार करती थी. ‘आहाआ आआ …’अपने भाई से अपनी चुत चटवा कर मुझे बेहद उत्तेजना हो रही थी.

जैसे ही मैंने अपना लंड उनकी गांड में डाला, तो मैं कुछ ही देर में चाची की गांड में ही झड़ गया.

इससे भाभी को और मजा आने लगा था और भाभी ने अपनी दोनों टांगें पूरी तरह से फैला कर मेरे मुँह पर लगा दी थीं. इसके बाद मैंने चाची को लंड चूसने के अलावा और भी बहुत कुछ सिखा दिया है.

संदीप ने मेरे पैरों के नाखूनों से लेकर मुझे छूना शुरू किया और मेरे बदन के हर हिस्से को छूकर देखा. मेरी चूत ने एक बार रस बहा दिया था, इसलिए दीदी की हरकतें मुझे धीरे-धीरे आगे बढ़ा रही थीं. मुझे उसकी बात बहुत पसंद आई और मैंने डिल्डो को अपनी जिंदगी का अहम हिस्सा बना लिया.

स्नेहा भाभी की आवाज पूरे रूम में गूंज रही थी- ऊऊहह … उम् … ऊओह्ह … आह चोदो और जोर जोर से!कुछ ही देर ऐसे चुदाई करने के बाद मैंने भाभी को बेड पर वापस पेट के बल लेटा दिया और मैं भी पेट के बल ही भाभी के ऊपर चढ़ गया. एक दिन जब मैं कॉलेज से घर आई तो मैंने चाची को एक स्लीवलेस नाइटी पहने हुए देखा. दीदी- आहह राज फक मी हार्ड, कब से तुम्हारा लंड लेने के लिए तड़प रही थी.

बीएफ बुर चोदने वाला दीदी- क्या?मैंने अपने पॉकेट से चॉकलेट निकाल कर दीदी के तरफ बढ़ाई … तो दीदी ने मुझसे पूछा- कहां से लाए?मैं- मैं तुम्हारे लिए खरीद कर लाया हूं. आपने मेरी शैदाई बन चुकी गीत की कलम से इस सेक्स कहानी के पिछले भाग में पढ़ रहे थे.

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प्रीति को जैसे परम सुख का आनंद मिल रहा हो!दोस्तो, इससे पहले कभी भी प्रीति ने ऐसा काम नहीं किया था. ऐसे करते-करते मैं उसकी नाभि पर अपनी जीभ चलाता जा रहा था और उसकी पनिया चुकी चूत को हाथ से मसले जा रहा था. मैंने कहा- सर आप यहां?तो सुधीर सर बोले- ये मेरे किसी रिश्तेदारी में है और मेरे बचपन के मित्र भी!फिर सर ने कहा- रजनी, बहुत दिन हो गये तेरी चूत और गांड में अपना लन्ड दिये हुए! आज तुझे पूरी रात जमकर चोदूँगा.

मैंने लंड की गर्मी पाते ही अपनी चुत खोल दी और उसने धीरे से लंड अन्दर डाल दिया. मैंने जैसे ही स्नेहा भाभी के कुरते को निकाला, तो देखा कि स्नेहा ने नीले रंग की ही ब्रा पहन रखी थी. कैटरीना कैफ की बीएफ पिक्चरफिर मैंने उससे कहा- तुम मुझे अपने काम से खुश रखोगी तो सैलरी में कमी भी नहीं होगी.

दोस्तो, एक बार फिर से आप सब के सामने एक मजेदार कहानी लेकर हाजिर हूं उम्मीद करता हूं कि आप सब को मेरी ये कहानी पसंद आएगी.

घंटी ख़त्म होने के बाद विभा मुझे बोली- थोड़ा मुझे पानी लाकर देना!और अपनी बोतल मुझे दे दी।मैं भी बोतल में पानी भरकर देने गया तो सब टीचर बैठे हुए थे। मैंने बोतल दी और चल दिया. सर अपने लन्ड को पूरा बाहर निकाल लेते और फिर पूरा लन्ड एक झटके में ही मेरी चूत में डाल देते.

कुछ देर बाद चाची झड़ गईं, तो मैंने अपना लंड निकाल कर उनके मुँह में दे दिया और वो लंड चूसने लगीं. मेरे चूतड़ या गांड खुद ही उछलने लगी वो जिस अंदाज़ में में मेरा लण्ड चूस रही थी मैं ज्यादा देर नहीं रुक सकता था. मैं रुक तो गया, लेकिन मेरा हुआ नहीं था, तो मैं दो पल बाद फिर से झटके मारता हुआ उसकी चुत में ही झड़ गया.

वसुंधरा काम-शिखर की ओर तेज़ी से बढ़ती चली जा रही थी और मेरा मंतव्य भी यही था कि वसुंधरा अपनी योनि में लिंग-प्रवेश से पहले एक बार ऐसे ही स्खलित हो जाए जिस से हमारी प्रणय-लीला क़दरतन लम्बी चले.

वो बोली- शादी तू किसी से भी कर लेकिन जब तक इस घर में है तुझे ये सब करने की आदत डालनी होगी. वो बोला- अच्छा … ये लो बाकी के कंडोम तुम लेती जाओ, रात में मिलते नहीं हैं. वैसे तो गाउन दीदी के खूबसूरत जिस्म को ढंकने के लिए नाकाफी था, पर कुछ अंग अब पर्दे के पीछे चले गए थे और कुछ अन्दर से बाहर झांक रहे थे.

वीडियो हॉट सेक्सी बीएफउन दोनों बीच में यही तय हुआ था कि शान्ति भाभी उसकी मेरे लंड से जबरदस्त चुदवायी करवा देंगी. जब वो कुछ दिन बाद भी नहीं आई तो मैंने उससे फोन करके पूछा- क्या हुआ? तुम आयी नहीं?तो उसने बताया- मैंने 7000 में जॉब कर लिया है.

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मैंने पूछा- तुमने आंख क्यों मारी?वो बोली- तुमने क्यों मारी?मैंने कहा- पहले तुम बताओ. उसे ऐसे देख कर मुझे अच्छा नहीं लग रहा थामैं बोली- क्या हुआ … उदास क्यों हो?वो कुछ बोल पाता, उससे पहले मैं बोल उठी- डरो मत, सब बातें बताओ … तुम अपनी दीदी से सब छुपाते हो. अब आगे:जीजा जी ने मेरी आंखों की वासना को पढ़ते हुए कहा- मेरी बहन तो बाथरूम में है, लेकिन तुम अपनी दीदी के साथ दूसरा राउंड शुरू कर सकते हो.

मगर अभी मैं अपनी प्यारी भाभी के नग्न जिस्म को अपनी मनोस्मृति में बसा लेना चाहता था. तभी उसने लंड का सुपारा चूत में फंसा दिया और फिर एक लय में लंड चूत में समाता चला गया. ऐसा अक्सर जब ही होता था, जब चाचा घर पर नहीं होते थे, कहीं काम से गए होते थे.

मैंने लिंक के माध्यम से कहानी शेयर करना चाही मगर कुछ दिक्कत हो रही थी. बाद में मैं मामी जी के पास से उठ कर बाहर पड़े दीवान पर लेट कर सो गया. मैंने अपने दोनों हाथों से आंटी के दोनों मम्मों को भरा और जोरों से मसलने लगा.

उसने अब स्कूटी की रफ्तार धीमी कर दी थी और वह चूत पर मेरी उंगलियों की छुअन को महसूस कर मजा लेने लगी थी. मैं भी चाची को गाली देते हुए चोदने में लगा था- ले मेरी जान चाची … साली न जाने कबसे मेरे लंड में तेरी चुत का भोसड़ा बनाने की तमन्ना थी … आह … ले.

फिर एक जोर का धक्का लगा कर अपना 8 इंच लम्बा और 3 इंच लम्बा लन्ड एक ही झटके में मेरी चूत में उतार दिया.

मैंने उनकी ब्रा पकड़ ली और बोला- जान, आज हम दोनों एक साथ नंगे ही सारे घर में घूमेंगे. सेक्सी बीएफ वीडियो देहात कीमेरी दीदी से साकेत भैया का चक्कर कैसे फिट हुआ और मेरी दीदी की कैसे बुर चोदी उसने! इस सबको मैं पूरे विस्तार से लिखता रहूँगा. करीना कपूर की हिंदी बीएफमैं बोला- अच्छा!उसके बाद सुषमा ने पूछा- कहाँ से हो आप?मैं- बिलासपुर … और आप कहाँ से हो?सुषमा- प्रोफाइल में पढ़ लो. मैं बोली- तो मैं ये ले जाऊं या फिर पहनोगे?उसने अपनी नज़र नीचे कर ली और कुछ नहीं बोला.

स्वीटी आंटी की पीठ मेरी तरफ थी, इसलिए मैं उनके लाजबाव मम्मे उछलते हुए नहीं देख पाया.

मैंने पूछा- कैसा रस चाहिए आपको?वो बोले- मुझे तुम जैसी लड़की के बदन का रस पीना है. वो बोला- साली झूठ मत बोल … ऐसे ही तेरे चूतड़ नहीं निकले हैं, सच बोल और बता कि पति के अलावा और किसका ले रही है. ये बात भले ही मजाक के तौर पर हो रही थी, पर सच में अब मुझे किसी की जरूरत महसूस होने लगी थी.

मैंने भी जल्दी से अपना नाश्ता ख़त्म किया और हॉल में सोफे पर बैठ कर पढ़ाई करने लगा. उसके जिस्म के ऊपर अच्छे से चढ़ गया और मुँह में मुँह डाल कर चाटने लगा … ताकि दर्द से चीखने की आवाज बाहर न जाए. तभी विक्की ने मुझे सीधा करके मेरे गले पर किस करना चालू कर दिया और वो एक हाथ से मेरे मम्मों दबाने लगा.

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मैंने फिर अपने हाथ से उसके पैर और हाथ को हटाया।लेकिन अब मुझे नींद नहीं आ रही थी और मेरे मन में गलत ख्याल चलने लगे थे। अब मैंने सोच लिया कि कुछ भी हो जाए अब इसे चोदना है।तो मैंने धीरे धीरे अपनी हरकत शुरू कर दी सबसे पहले मैंने अपना हाथ उसके पेट पर रख दिया और उससे सट कर सोने लगा. वो भी चुदवाती है रोज अपने भाई से!हैरानी से मैंने कहा- चल झूठी, ऐसा केवल कहानियों में होता है. फिर आलिया भी दीदी को देखकर हाथ में लंड पकड़कर मुँह में डालने लगी, लेकिन उसने एक बार चूस कर लंड बाहर निकाल दिया.

संगीता की कमर पकड़कर चोदना शुरू ही किया था कि सीढ़ियां चढ़ती मीना की आवाज सुनाई दी.

दीदी का हाथ मेरे पूरे बदन को सहलाते हुए अब खींचने और नोंचने भी लगा था.

वो पजामा भी ज्यादा देर मेरे शरीर पर रह न सका क्योंकि जेठजी ने पजामे को खींच कर मेरे टांगों से अलग कर दिया. उसके पास मेरी सैकड़ों फोटो हैं जो उसने खींची हैं, दो चार सेल्फी भी हैं जिनमें वो मेरे साथ है लेकिन अश्लीलता जैसी कोई बात नहीं है. गाने वाले बीएफमैंने एक हाथ से उनके एक निप्पल को उमेठने लगी और दूसरे निप्पल को मुँह में भर लिया.

शायद मुझे ऐसा लगा कि वो भी जग गयी है क्यूंकि जैसे ही मेरा लण्ड उसके चूतड़ से सट गए थे उसने थोड़े आगे खिसकने का प्रयास किया था।अब मैं कहाँ मानने वाला था … मैं थोड़ी देर ऐसे ही लेटा रहा फिर कुछ समय पश्चात मैंने पुनः उसके पेट के ऊपर अपनी हाथ रख दिया. उसकेबाद श्वेता दीदी दीदी के कमरे में आई और चादर देख कर श्वेता दीदी मजाक के अंदाज में बोली- क्या हुआ भाभी … चादर नीचे क्यों फेंक दी. करीब 20 मिनट बाद मेरा निकलने को हुआ तो मैं पूरा माल उसकी चूत में भर कर बर्थ में उसके ऊपर लेट गया।उस रात हम लोगों ने 2 बार और चुदाई की और हर बार मैं उसकी चूत भरता रहा।सुबह करीब 7 बजे रायपुर आने वाला था, हम दोनों कपड़े पहन कर सलीके से हुए, फिर दोनों ने मोबाइल नम्बर बदली किए और एक दूसरे को गले लगा कर बैठ गए.

मेरे सामने वो ब्रा और पैंटी में थी, वो भी काले रंग की जो मेरी पसंद का रंग है. हम दोनों अंदर रूम में चले गये, अंदर जाते ही सर मुझ पर टूट पड़े और मेरी जीन्स का बटन खोल दिया.

इससे पहले मैंने कोई हिन्दी सेक्स कहानी नहीं लिखी है, आप समझ सकते हैं कि यहां अन्तर्वासना पर हिन्दी कहानी संग्रह एक सागर के समान है.

मैं- अरे तुम क्यों दे रहे हो, मैं दे देती हूं न … मेरे ही तो सारे कपड़े थे. सच कहूं, तो मैं उसके लिए खुश था … क्योंकि वो बच्चों से बहुत प्यार करती थी. फिर मैंने सोचा कि चूत चुदाई में तो मुझे बहुत मजा आया लेकिन गांड मरवाने में बहुत तकलीफ हुई.

डॉग लड़की बीएफ वीडियो तुम दूसरे कमरे में क्या करने के लिए गये थे?मैंने अन्जान बनते हुए कहा- अरे हां, मैं तो इसी को ढूंढ रहा था. मैं इधर एक बात बताना भूल गया कि भाभी और मेरी मम्मी की भी उसी समय से दोस्ती थी … जब से वो लोग हमारे बगल में रहने आए थे.

और वो मेरे लन्ड पर बैठ के मुझे चोदने लगी और आह आह आह आह की आवाज निकाल रही थी. संगीता चली गई तो मैंने मीना को बाहों में भर लिया, उसकी साड़ी और पेटीकोट ऊपर उठा दिया. स्नेहा भाभी और मेरी, हम दोनों की आवाजों से रूम में मदहोश कर देने वाली आवाजें गूंज रही थीं.

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वो बोलीं- यह क्या कर रहे हो?मैं कुछ नहीं बोल पाया और चुपचाप अपनी जगह पर लेट गया. फिर मैंने गुरूजी की मदद ली और उन्होंने बताया कि अन्तर्वासना पर कहानी कैसे शेयर की जा सकती है. मोटी मोटी उंगलियों को आपस में मिलाकर उसने हाथों के बीच में फोन पकड़ा हुआ था.

मेरी बारी जल्दी आ जाए, इसी चक्कर में मैंने डिल्डो को बहुत तेजी से अन्दर बाहर करना शुरू कर दिया. अपनी गोल गोल गांड को मटकाते हुए वो ऐसे चल रहा था जैसे तेंदुआ मस्ती में झूमता हुआ जा रहा हो.

उसकी मोटाई भी 3 इंच हो चुकी है जो चूत को फाड़ कर रखने के लिए काफी है.

अगर कहानी में आपको मजा आ रहा हो तो मुझे अपने मेल और कमेंट्स के जरिये प्यार दें. हालांकि मुझे नहीं मालूम था कि मालकिन मुझसे कहां तक मजा लेती या देती हैं. उस दिन मैं घर वालों को नींद की गोली खिला देती थी और अपनी चुत की खुजली शांत करवा लेती थी.

इस सेक्स कहानी के अगले भाग में मैं आपको मिताली भाभी की चुत चुदाई की कहानी लिखूँगा. रेखा के चूतड़ के नीचे दो मोटे मोटे तकिये रखे तो उसकी चूत आसमान में टंग गई, उसकी दोनों टांगें हवा में तैर रही थीं. मैंने अंजान बनकर पूछा- तो … तुमने क्या किया?वो बोली- वो बहुत मिन्नतें कर रहा था तो मैं मान गई.

मैंने ड्रावर से कंडोम लेकर लंड पर लगा लिया और उसके बाद जिया के ऊपर चढ़कर उसके बदन को चूमने लगा.

बीएफ बुर चोदने वाला: तभी साकेत भैया एक जोर के झटके के साथ रुक गए और अपना लंड दीदी के चूत में डाले हुए ही दीदी के ऊपर लेट गए. करीब 30-31 साल की सिल्क एक आकर्षक महिला थी जो किसी भी मर्द को दीवाना बना दे.

मेरे मामा की शादी की शादी के दूसरे दिन से ही मेरे एक्जाम थे, जिसके कारण मुझे विदाई के तुरंत बाद निकलना पड़ा. जोर जबरदस्ती करके थैली खुलवाई तो वोडका की बोतल निकली- अच्छा तो बच्चे फिर शुरू कर दी तूने समझेगा नहीं कभी. उनकी बातों के जवाब में मेरा चेहरा भाव शून्य था, एक हिसाब से ये मेरी मौन स्वीकृति ही थी.

मैं धीरे धीरे अपने लंड को उसकी चूचियों के बीच में हिलाते हुए रगड़ रहा था.

मैंने कहा- आपको पसंद आ रहा हो, तो आप ही ये रख लो, आपके काम आ जाएंगे. दीदी के अनुभव ने मेरी हालत को भाँप कर उंगलियों की हरकत और भी बेहतरीन अंदाज में तेज कर दीं. उसने पूछा- क्या आज घर में कोई नहीं है?मैंने उसको बताया- हां मम्मी पापा नानी के यहां गए हैं, शाम को आएंगे.