बीएफ दरवाजा

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ब्लू फिल्म फुल एचडी: बीएफ दरवाजा, भाभी के गर्म मुंह में लंड गया तो मुझे भी चैन सा मिला और मेरी आह्ह … निकल गई.

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प्रेम रोग बोलते हैं इसको, कौन वो लड़की जिसकी याद में रोज आज़ादी का जश्न मनाया जा रहा है?रोहित गुस्सा होते हुए- आप क्या समझोगी? आपको क्या पता?मैं- मेरी भी तेरे भैया से लव मैरिज हुई थी आज से 3 साल पहले!पाठको आप यह कहानीऑफिस की लड़की की जबरदस्त चुदाई के बादयहां पे पढ़ सकते हैं. बीएफ वीडियो hdमेरा आधा लंड पक्क की आवाज के साथ आंटी की चुत के अन्दर घुसता चला गया.

रोहित आह भरते हुए- अह अहा … हम्म्म हम्म!मेरा मंगलसूत्र उसके सीने पर लग रहा था. सेक्सी बीएफ कुमारी लड़की काइस मंच पर लेखक लेखिकाएँ अपनी कहानियों को अपने अनुभव को आपके समक्ष प्रस्तुत करते हैं लेकिन इसका यह मतलब नहीं होना चाहिए हम किसी की भी निजी जानकारी को आपके समक्ष रख दें.

मैं उसको तुम्हारा लंड समझ कर रोज चूसती हूं और उससे चूत की खुजली भी शांत करती हूं.बीएफ दरवाजा: तो वो पास में रखी एक जैतून के तेल की शीशी ले आये और मेरी गांड छेद में टपका कर उंगली से उसे मेरी गांड में भरने लगे.

उसे तो मरियल से प्रकाश की आदत थी जिससे कुछ होता जाता नहीं था, बस वो जबरदस्ती करके कभी अंदर कभी बाहर अपना माल गिरा देता था.मेकअप के बाद उन्होंने एक बार मुझसे फिर चुदाई करवाई और फिर हम दोनों पति पत्नी की तरह रहने लगे.

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मैंने कहा- तो तू मेरी बात मानेगा?उसने कहा- तेरी बात नहीं मानूंगा तो किसकी बात मानूंगा?इतना कह कर उसने मुझे अपनी तरफ खींच लिया और मेरे बूब्स को जोर से दबाते हुए मेरे गालों को किस करने लगा.मैं पिंकी के टाईट दूध को जीभ से चारों तरफ सहलाते हुए धीरे धीरे चूस भी रहा था.

दीदी की आवाज से मेरी तंद्रा टूटी- तेरा इरादा क्या है … वैसे तो बड़ी भोली बनती है और देख ऐसे रही है, जैसे मुझे खा ही जाएगी. बीएफ दरवाजा सास बच्चे की जिद में लगी है, अब उनको कैसे समझाऊं? अगर आज तुम ठीक से करे तो शायद मेरी जिंदगी संवर जाएगी।अब मेरी विचार धारा बिल्कुल बदल गयी थी, 12:30 बज रहे थे और मुझे कम से कम 3 गेम करना था।मैंने लन्ड को थोड़ा गीला किया औऱ आराम से डालने लगा.

वो दोनों खिलखिलाती हुई कमरे में चली गईं और हम दोनों बर्तन साफ करने में लग गए.

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मैंने कहा- मुझे घर में इजाजत नहीं है कि मैं किसी लड़के की बर्थडे पार्टी में जाऊं. झड़ने के बाद हम दोनों ऐसे ही एक दूसरे की बांहों में शावर के नीचे खड़े हांफने लगे. मैंने कहा- भाभी, ये क्या?भाभी ने आंख दबाते हुए कहा- क्या क्या … सामने की भी मालिश कर ना … तेरा हाथ बहुत सही है.

यहां मेरे से रहा नहीं जा रहा है … जल्दी से मेरी चुत में अपना लंड घुसेड़ दो. ”उससे क्या होगा?”मेरे भाग्य में होगा तो एक कुंवारी लड़की को छूने चोदने का मेरा सपना पूरा हो जायेगा. चाची ने एक जोर की सांस ली और मैंने धीरे धीरे करके अपना पूरा लंड चाची की चुत में घुसा दिया.

उसने अंधेरे में ही मेरा हाथ पकड़ लिया और मुझे चारपाई पर खींच लिया और साथ ही बोला- आ गयी जानेमन! कब से तेरा इंतजार कर रहा था. लेकिन उन्होंने मुझे पलट दिया, मुझे पेट के बल लेटा कर फिर से मेरी गांड में अपना लंड डाल दिया।हमने फिर से गांड चुदाई का मजा लिया और ऐसे ही तेज धक्के मारते हुए वे मेरी गांड में ही झड़ गए।फिर मैं उठी और नहाने चली गई. दीदी ने मुस्कुराते हुए कहा- किसी और दिन क्यों? मुझे तो तुम लोगों से आज ही बात करनी है … और रही घर जाने की बात, तो चलो मैं तुम दोनों के घर पर फोन लगा देती हूँ, फिर तो कोई दिक्कत नहीं होगी.

कुछ ही देर में मैं भी काम से फ्री हो गयी … स्लैब के सहारे खड़ी होकर जेठजी की तरफ देखा, तो वो मुझे ऐसे देख रहे थे, जैसे पूछना चाह रहे हों कि और कौन सा काम बाकी है?जेठजी का चेहरा देख कर मेरे चेहरे पर अपने आप ही मुस्कुराहट आ गयी, जिसे जेठजी ने अपने लिए ग्रीन सिग्नल समझ लिया. तो ऐसा क्या हुआ कि सिर्फ दो साल के शादीशुदा जीवन में ही गुज्जू को शादी से बाहर किसी जिगोलो की ज़रूरत पड़ गई।मैंने फिर पूछा- तू यहाँ कैसे?वो बोली- जिस काम के लिए आप यहाँ आए हैं।मैं उसे लेकर बेड पर बैठ गया.

मुझे मैसेज करने के लिए नीचे दी गई मेल आईडी का प्रयोग करें और मेरी जीजा साली सेक्स स्टोरी पर अपने कमेंट्स के जरिये अपनी प्रतिक्रिया भी दें.

मैं मन ही मन खुश हो रहा था कि मैं अपनी कोशिश में कामयाब हो रहा हूं.

अब आगे:मैं फ्रेश होकर रूम से बाहर आ गया और जीजा जी के साथ सोफे पर बैठकर टीवी देखने लगा. कुछ देर बाद मैंने नीतू को शावर के नीचे ही झुका कर घोड़ी बना दिया और उसकी चूत में लंड पेल दिया. मुझे उम्मीद है कि आपको लेस्बियन सेक्स की यह कहानी पढ़ कर मजा आया होगा.

वो मुझे पीछे धकेलने लगी लेकिन मेरे अंदर ऐसी मस्ती भर गयी थी कि लंड को वापस निकालने का मन ही नहीं कर रहा था. सच कह तो मैं भी इसी बात का इंतजार कर रही थी और अब जब मौका बन गया, तो मैं भी जेठजी का साथ देने लगी. जेठजी का लंड शॉर्ट्स के अन्दर बेचैन हुआ जा रहा था और बार बार झटके पर झटके खाये जा रहा था.

पहली कि आपका और मेरा रिश्ता ससुर बहू का है और दूसरी यह कि 60-62 साल की उम्र में आपके शरीर में वो क्षमता कहाँ बची होगी.

मैं अपनी दोनों टांगें उसकी कमर से लिपटा कर उसके धक्कों का जवाब धक्कों से ही दे रही थी. वो जब बुलाता, तो मैं बोल देती कि हॉस्टल में हूँ, नहीं आ सकती … वॉर्डन नहीं आने देती. दरवाजा खुलते ही दोनों अर्थात संजू के भैया और भाभी का ध्यान भंग हुआ.

थोड़ी देर में वो किताबें लेकर आ गई और बोली- दादू, आज मेरा आने का मन था नहीं लेकिन आपने बुलाया तो मैं आ गई. फिर उन्होंने धीरे से अपना लंड मेरी चूत से निकाला और मेरे मुंह के सामने ले आए और मुझे चूसने के लिए कहा. मैंने मामी जी को भी नमस्ते बोली और मैं वहीं आलिया के साथ सोफे पर बैठ गया.

दोस्तो, एक बार फिर से आप सब के सामने एक मजेदार कहानी लेकर हाजिर हूं उम्मीद करता हूं कि आप सब को मेरी ये कहानी पसंद आएगी.

अब आगे:जेठजी- दो प्लेट में क्यों? एक में ही खा लेते ना!मैं समझ गयी कि जेठजी रोमांटिक हो रहे हैं. फिर मैं बोला- आज रात हम तुम्हारे घर नहीं, यहां स्टूडियो में गुजारेंगे.

बीएफ दरवाजा फिर मैंने चाची को अपने ऊपर लिया और मेरा लंड उनकी चूत में डाला और चोदता रहा। फिर मैं उनके पीछे से गया और एक पैर ऊपर किया और चुदाई करता रहा।इस तरह हमने बहुत सारी स्टाइल और पोजीशन में चुदाई की और करीब 20 मिनट तक हम चुदाई करते रहे।चाची को बहुत मजा आ रहा था और मुझे भी चाची की चूत चुदाई करने में बहुत मजा आ रहा था. साहब लोग को अच्छे से खुश करना!और वो चला गया।वहाँ के मालिक वहाँ से उठ कर आये और हम दोनों के पीछे खड़े होकर अपना एक एक हाथ हम दोनों के कन्धे पर रखा और बोला- देखो ये दोनों साहब मेरे बहुत अच्छे मित्र हैं.

बीएफ दरवाजा स्वीटी आंटी- वाह रॉकी … मेरे कपड़े खोल कर मुझे ब्रा और पैन्टी में कर दिया और खुद अब तक कपड़े पहने हो … चलो तुम्हारे कपड़े मैं खोलती हूं. अब उसने मेरी एक टाँग अपने कंधे पर रख ली और मेरी दूसरी टाँग अपनी दोनों टाँगों के बीच लेकर उस पर बैठ गया.

मैं- हा हा हा … कॉलेज की बाकी लड़कियां भी यही सोचती हैं, मेरे से उसका नम्बर मांगती हैं.

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राज! इस कॉटेज में … इस बिस्तर में … यहां की दीवारों में, मेरी सालों की तन्हाई का बसेरा है और यहां के चप्पे-चप्पे में मेरी अकेलेपन में अपने खोये प्यार को याद कर के भरी असंख्य सिसकियाँ वाबस्ता हैं. इसके बाद मुझे अपने पूरे गहने पहनने को दिए और पहनने में सहायता भी की. उसकी रेशम सी मुलायम त्वचा को छूने का मजा ही कुछ और था, हाथ जैसे रुई पर घूम रहे थे.

मनु मुझे संदीप से बातचीत या पास आने के लिए ज्यादा मौका देना चाहती थी. वो तो उषा ने प्रीति को चुदाई के बारे में बता बता कर उसको चुदाई के लिए इतना प्रेरित कर दिया कि प्रीति को लंड की चाहत होने लगी थी. उसने 2-4 काजू खाये और बोली- बस अब और नहीं … अब मैं नहाने जा रही हूं.

साथ ही मैं एक हाथ से उसकी चिकनी बुर को सहलाने लगा, इससे वो और भी पागल हो गई और चिल्लाने लगी … हाथ जोड़कर गिड़गिड़ाने लगी- अब चोद दो राज … पेल कर गांड भी फाड़ दो राज … अब मत तड़पाओ प्लीज़ आह मां मार डाला … आह … आह जल्दी पेलो!पर मैं उसे तड़पाता रहा.

वो पूरे जोश में आकर चिल्लाने लगी- आंह जल्दी चोदो … फाड़ दो मेरी बुर को. मैंने बोला- तो फिर तुम सबके सोने के बाद चुपके से मेरे कमरे में आ जाना. मैंने उसकी अंडरवियर उतार दी और मैं उसका लंड देख कर थोड़ा थोड़ा डर गई.

लेकिन अभी मेरी बेटी की तबियत खराब थी और मुझे उसका इलाज करवाना जरूरी लग रहा था. मेरे मन में भी डिल्डो चूत में लेने का कीड़ा काटने लगा, तो बदन में सिरहन बढ़ने लगी. इस समय मैं सोच रहा था कि अभी आलिया के रूम में जाकर उसके बाथरूम में घुस जाऊं और आलिया को चोद डालूं.

संदीप आदमजात नग्नावस्था में था और मैं अभी भी ब्रा पैंटी की कैद में बंधी हुई थी. अगर मैं ऐसे ही एकदम से चूत में लौड़े को घुसा देता तो वो दर्द के मारे मना कर देती.

अब मुझे और भी मज़ा आने लगा और मैं बस ‘उफ फफ्फ़ एहह अहह फक मी हार्ड …’ बोलने लगी. धीरे-धीरे लंड ने अपना आकार ले लिया और वह जोर से मेरे मुंह को चोदने लगा. उनके अनुसार चाचा जी ने उनको चोदना छोड़ दिया था और वो अपनी शारीरिक प्यास न बुझ पाने के कारण परेशान थीं.

लेकिन अभी मेरी बेटी की तबियत खराब थी और मुझे उसका इलाज करवाना जरूरी लग रहा था.

मेरा लंड जोर जोर से अन्दर बाहर हो रहा था और मेरी धक्के देने की गति और भी तेज हो रही थी. फिर मैंने उसको बातों से इस तरीके से पटाया कि भाभी रात को मेरे पास रहें और किसी के पता भी ना चले. उसके कहते ही मैंने कहा- अभी ग्यारह बजने वाले हैं, जबकि मैंने तुझे दस बजे बुलाया था.

मैंने कार रोक कर पूछा तो पता चला कि वो मुंबई से आई थी और उसका पर्स और कपड़े एक का बैग कोई लेकर भाग गया है. ’ करते रहने के बावजूद मैंने उसका लहंगा और पैंटी को भी उतार कर ही दम लिया.

मैंने उनको खूब मजा दिया उनके लंड को खा जाने की कोशिश करने लगी जिससे मजा जल्दी आने लगे. मन तो कर रहा था इसकी जीन्स को खोल कर अभी नीचे से नंगा करके इसके चूतड़ों में मुंह दे दूं. वो बोली- ऐसी कोई बात नहीं है सर!तो मैंने कहा- मैंने तुमसे पहले ही कहा था तुम मेरा ध्यान रखोगी, मुझे खुश करोगी.

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आज मैं आपके सामने अपनी उसी सहेली सुमन के मन की बात यानि उसके दिल की फिलिंग्स के बारे में बता रही हूं कि उसके मन में सेक्स को लेकर क्या क्या भावनाएं आती हैं.

उन्हें कामक्रीड़ा में मग्न देखकर लग रहा था कि इन्हें दीन-दुनिया की कोई खबर ही नहीं होगी. वो बार बार मुझसे विनती कर रही थी … रो-रो कर दुहाई देती रही … लेकिन आज मैंने भी ज़िद पकड़ ली थी. हम दोनों साथ में नहाए और नहाकर मै वापिस अपने घर आने के लिए तैयार हो गई.

लंड को उसकी चूत से बाहर निकाला तो उसकी चूत के खून से लंड लाल हो गया था. अगले कुछ ही पलों में उसको मोटे, गोरे और बड़े स्तन जिनमें दूध भरा हुआ था, मेरे सामने उछल कर आ गये थे. एचडी बीएफ फोटोमैं नंगी उठ कर बाथरूम में चली गई, पर जब मैं बाथरूम से लौटी, तो दीदी गहरी नींद में सो चुकी थीं.

बस बीच में एक कॉन्डम वाली मजबूरी आ जाती है वरना मुझे बिना कॉन्डम के ही सेक्स में असली मजा मिलता है. मुझे भी उसकी कुंवारी चूत को लंड से छेड़ने में गजब का मजा मिल रहा था.

मैं उसे आराम से तड़पा कर चोदना चाहता था … क्योंकि वो 19 साल की नई कली और पूरी तरह से सीलपैक माल थी. मैंने उसकी जांघों के इर्द-गिर्द ही अपना ध्यान केंद्रित कर लिया और उसकी टांगें अब खुद ही फैल गयीं. तुम्हारी दीदी मुझसे बोल कर गई है कि वो बाजार से दो घंटे के बाद लौटेगी.

मैंने अपने दूसरे हाथ पर से वसुंधरा की पेंटी को फ़ौरन वापिस वाशिंग-मशीन में फिसल जाने दिया और खुद मैंने पल भर में अपने कपड़ों को तिलांजलि दे दी और ख़ुद शॉवर के नीचे खड़ा हो कर ‘अपना हाथ … जगन्नाथ’ करने लगा. उसने अचानक आँखों में आंसू लाकर कहा कि प्रकाश तो उसकी क़द्र ही नहीं करता. नमस्कार दोस्तो, मैं बैड मैन!आप सभी ने मेरी पिछली कहानियों की सराहना की, धन्यवाद.

शायद हॉस्टल वाली लड़कियों के लिए सब कुछ आम हो, पर हमारे लिए सब कुछ खास और उत्तेजक था.

थोड़ी देर की चूमा चाटी के बाद राजन को होश आया कि ये सब ठीक नहीं हो रहा. आख़िर 15 – 20 धक्के लगाने के बाद मैं भी 10-12 झटकों के साथ झड़ गया.

उस दिन मैं खेतों पर जाने के लिए तैयार हो रहा था कि पायल आ गई और बोली- नानू, हमको घुड़सवारी सिखा दीजिये. … शायद ये पहले से प्लान था … हम लोग एक होटल में गए और टेबल पर बैठ गए … एक तरफ मैं और श्वेता दीदी और दूसरी तरफ दीदी और साकेत भैया …वेटर ऑडर लेने आया- सर क्या लाएं?साकेत भैया ने मेरी दीदी से पूछा- क्या लोगी?दीदी कुछ नहीं बोली. जीजा जी- साले साहब अपनी बहन को चोदने में मजा आ रहा है न?मैं- बहुत ज्यादा … और आपको?जीजा जी- हां बड़ी मक्खन माल है आलिया.

चूंकि मुझे भाभी के घर पर भैया और उनका बेटा नहीं दिखे, तो मैंने उनसे पूछा- भैया तो हैं नहीं, तो फिर आप मेकअप क्यों कर रही हो?उन्होंने कहा- बस ऐसे ही. लंड जैसे ही आधा गया तो भाभी की चूत से खून आने लगा तो वो बोली- सही मायनों में आज मेरी चुदाई हुई है. मोनिका- अच्छा है … मैं डर रही थी कैसे बताऊंगी, तुम मुझे वादा याद दिलाओगे बेबी हमारे होने का … जो मैंने तुमसे किया था.

बीएफ दरवाजा एक बार मैंने उनसे कहा- आप दूसरा बच्चा पैदा कर लो … मुझको आपका दूध पीना है. मैं उठकर बैठ गई और कहा- आप दोनो यहाँ क्या कर रहे हो?बॉस बोले- डरो नहीं, बस प्यार ही तो कर रहे हैं जान तुम्हें!मैं बोली- नहीं नहीं … आप दोनों एक साथ मेरे साथ क्या करना चाहते हैं?कुछ नहीं … बस एक साथ प्यार करेंगे तुमको! डरो नहीं … बस मजा लेती रहो तुम आज!”मैं कुछ बोल पाती कि उन्होंने मुझे गोद में उठा लिया और सोफे में बैठा दिया और दोनों लोग मेरे बगल में बैठ गए.

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ऐसा लगता था जैसे वो मेरे सामने जानबूझकर अपने हिप्स मटकाकर चल रही है. फिर उसने आगे बताया कि उसकी रूममेट के बॉयफ्रेंड ने उसके मम्मों को दबा दबा कर बड़े किए है. दीदी की फ्रेंड- क्यों? एग्जाम खत्म हो गया क्या?मैं- हां आज हमारा एक ही शिफ्ट में एग्जाम था.

बता साली, क्या तू तैयार है?मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था कि मुझे क्या बोलना है. वैसे भी मैं भीगा नहीं हूं, मुझे जरूरत नहीं है”चूंकि छोटे कपड़े तो मैं घर में भी पहनती थी। वैसे भी नंगी तो वो मुझे देख ही चुका था। उसे रिझाने का ये मौका मैं कैसे गंवा देती।मैं कपड़े बदलने गयी तब तक उसने होटल वालों से कह कर अलाव का इंतजाम करवा लिया था। कुछ देर आग के सामने बैठे हुए हम बातें करते रहे। आग की गर्मी से हमें कुछ राहत मिली. एचडी बीएफ चाहिए बीएफमेरे तो जैसे होश ही उड़ने लगे लेकिन पुरुष का अभिसार के आरंभिक क्षणों में ही अपने होशो-हवास खो देने का अंतिम परिणाम तो प्रणय-शैय्या पर अपनी ही प्राणप्रिया के साथ हो रहा काम-संग्राम हार जाना होता है.

मेरा पूरा लंड भाभी के मुँह में ही था, तो आवाज उनके मुँह में ही दब कर रह जाती थीं.

लंड के सुपारे की मोटाई से मेरी कोमल गांड का फूल चिर सा गया और मैं चीख पड़ी. वो भी मस्त हो चुकी थी और पूरे लंड को आराम से चूत में अंदर तक ले रही थी.

तो सर ने अपने होंठ मेरे होंठों से लगा दिये जिससे मेरी कामुक आवाज दब गई. मैं ये सब बातें मम्मी से नहीं पूछ पाती थी, क्योंकि वो सब ब्रा पैंटी मुझे मेरे ब्वॉयफ्रेंडस लाकर देते थे. उन्होंने रूम में ले जाकर मुझे पलंग के पास खड़ा कर दिया और अपने कपड़े उतारने लगे.

मैंने लण्ड का सुपारा मीना की चूत के द्वार पर रखा और मीना से कहा- मीना, मेरा लण्ड तुम्हारी चूत में जाने को बेताब है, अगर इजाजत हो तो डाल दूं?डाल दो फूफू … अब तुम्हारी पनाह में हूँ.

बस इतना ही बोली थी कि मैंने जल्दी से तेल में मेरी उंगलियां डुबो कर उनके गोरी गोरी जांघों पर हाथ रख दिया. पहले गले पर, फिर सीने और फिर पेट पर सब जगह उसने अपने दांतों से निशान बना दिए. मैंने उनके दूधिया गोरे बदन को छूते हुए कहा कि वाह क्या मस्त माल लग रही हो आप … मैं आपको कैसे बताऊं.

ब्लू फिल्म सेक्सी नंगी बीएफफिर जैसे ही दरवाजा बंद करने के लिए दरवाजे का पल्ला सटाया, उतने में राज आ गया और सारा प्लान चौपट हो गया. वो बोला- अब बातें नहीं, जल्दी से इसका इलाज कर … तू ही इसकी सबसे बड़ी डॉक्टर है.

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मैं मन ही मन खुश हो रहा था कि मैं अपनी कोशिश में कामयाब हो रहा हूं. मैंने उसके लंड को पकड़ा और संजय की आंखों में देखा और चूत पर लंड को रख दिया और नीचे से अपने चूतड़ उठा कर एक हल्का सा झटका मारा. मैंने उसकी चूचियों पर हाथ रखा हुआ था और उससे बातें भी किये जा रहा था.

काफ़ी देर तक मैंने उसका लंड चूसा और फिर मैं उसके ऊपर आकर लेट गयी और उसके लंड को अपनी फुदी पर सैट करने लगी. शैली की टांगें फैलाकर मैं बीच में आ गया और अपने लण्ड पर क्रीम मलकर लण्ड का सुपारा उसकी बुर पर फेरने लगा. मैंने उसको अनसुना करते हुए, अपना ध्यान उसके खूबसूरत पाँवों को चूमने में लगाया.

अगले बीस मिनट तक कमल ने मुझे घोड़ी बना कर चोदा और मैं इस दौरान दो बार और झड़ गयी. वैसे भी अकेला चना भाड़ तो नहीं फोड़ सकता!रवि के मेरी जिन्दगी में आने से पहले मैं भी आम गांडुओं की तरह जगह-जगह मुंह मारता रहता था. इधर मैं अब तक अपनी सलहज प्रियंका की ब्रा और पेन्टी को अलग कर चुका था.

आज भी मेरी यही आदत है और अधिकतर लेडी मेरे लंड को मुंह में लिये बिना नहीं रह पाती हैं. उसके मुँह से ‘सीयी आआह … ह्म्म्म उफ्फ़ उम्म्ह… अहह… हय… याह… आआ … उफ़ सीईई.

उसने कहा- तो फिर ये आग लगाई ही क्यों आपने?मैंने कहा- बस वो तो ऐसे ही हो गया.

हाय फ्रेंड्स, मेरा नाम सविता है। मेरी उम्र 30 साल की है और मेरा फिगर 38-28-40 का है. बीएफ मूवी देसी बीएफराजन बाहर आंगन में घूमते हुए सिगरेट पी रहा था इसलिए राजन को सब सुनाई दिया. बीएफ पिक्चर सीवो दबी आवाज में कराहने लगी- उम्म्ह… अहह… हय… याह… आराम से यार … दर्द हो रहा है. स्नेहा भाभी और मेरी, हम दोनों की आवाजों से रूम में मदहोश कर देने वाली आवाजें गूंज रही थीं.

कल और आज में फर्क यह था कि आज टेबल पर रखी मैगजीन्स में दो मैगजीन अश्लील कहानियों और चित्रों से सुसज्जित थीं.

जब मेरे बॉस ने एक नई फैक्ट्री दमन में डालने का फैसला किया तो मैं दमन आ गया. मैं उसकी एक चुची को अपने मुँह में लेकर चूसने लगा और उससे बोला- क्यों मेरी छोटी बहना … आज अपना भाई का लंड बहुत लेने का मन कर रहा है क्या?संजू ने जो कहा, उससे मुझे इतनी जल्दी ये उम्मीद नहीं थी. जेठजी मेरे पास आकर मुझे अपनी तरफ खींच लिया और मेरे होंठों पर अपने होंठ रख दिए.

सपना- वो तो उसको डराने के लिए बोला था … तुम लगते ही साउथ इंडियन हीरो जैसे हो, तो क्यों ना बोलूं. फिर मैंने शॉर्ट्स भी उतार दिया और पैंटी को भी उतार कर मैं पूरी नंगी हो गई. फिर उन्होंने मेरा टॉप उतार दिया और मेरी जींस को भी!मैं अब उनके सामने केवल ब्रा और पेंटी में थी, मेरा गोरा बदन उनके सामने नंगा पड़ा था.

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पता नहीं राजन की बात का ममता पर क्या असर हुआ, वो मुस्कुरा दी और खाना ख़त्म कर लिया. उसने भी जोश में आकर मेरे बालों को सहलाया, मेरी छाती पर अपना मुँह लगाकर मेरे छोटे छोटे दानों को जोर जोर से चाटने और काटने लगी. संगीता की कमर पकड़कर चोदना शुरू ही किया था कि सीढ़ियां चढ़ती मीना की आवाज सुनाई दी.

भाभी मुझे ऐसे नाम से पुकार रही थी जैसे मैं ही उनका पति हूं, मैं ही उनका बॉयफ्रेंड हूं.

जब मैंने उससे तुम्हारे फार्म हाउस के लिए कहा, तो उसने मुझसे कहा कि हां तेरे बीएफ का फार्महाउस ठीक रहेगा, वहीं पर चलते हैं.

कामोत्तेजना के कारण चूत से निकलता रस उसकी चुत में चमक पैदा कर रहा था. यह कहते हुए विवेक ने अपनी हथेली मेरी चूत में रख कर मुट्ठी में बंद करके मेरी चूत को जोर से मसल दिया तो मेरे मुंह से चीख निकल गई। मेरी नाईटी को विवेक ने पकड़ कर कमर के ऊपर जैसे ही खींचा तो मेरी कमर तक का जिस्म उन दोनों के सामने नंगा हो गया. बीएफ सेक्स वीडियो ब्लू फिल्मअब शाम को जल्दी आ जाना, मैं कंट्रोल नहीं कर पा रही हूँ बहुत दिन हो गए हैं.

वो लंड के टच से और भी पागल सी हो रही थीं और बार बार बोले जा रही थीं- आह मत सताओ … प्लीज़ अब डाल भी दो अपना लंड. इसके बाद मैंने उसे नीचे लिटा दिया और उसकी चुत को चाटने लगा, जिससे वो एकदम से गरमा गई. उनकी बिना बालों वाली चिकनी सी आर्मपिट देख कर मेरा मन उनको चाटने के लिए करने लग गया.

कुछ देर तक जेठजी के लंड को पकड़ कर मैं ऊपर नीचे करती रही, पर मैं ज्यादा देर खुद को रोक नहीं पायी और गप्प से उनके लंड को अपने मुँह में भर लिया. वो थोड़ी देर बाद बाहर आया, मैंने उसे खाना खिलाया और वो खेलने बाहर चला गया.

मैंने कहा- तुम जो भी फील करना मुझे बताना, मैं समझ जाऊंगा कि तुम कितना सीख गई हो.

पलंग पर आते ही मैं 69 की पोजीशन में आ गया और पैन्टी के ऊपर से ही उसकी बुर सहलाने लगा, मनीषा ने मेरा लण्ड मुंह में ले लिया तो मैंने भी उसकी पैन्टी उतार दी और उसकी बुर पर जीभ फेरने लगा. तो उन्होंने मुझे कहा- सलवार उतार और बेड पकड़ कर झुक जा!मैं झुक गयी और उन्होंने लंड डाल कर चुदायी शुरू बस एक मिनट में ही ढीले हो गये और बोले- चल भाग यहाँ से!चुपचाप सलवार उठा के मैं बाथरूम में गयी और अपनी चूत में उगंली करने लगी और फिर नहा धोकर आगे वाले कमरे में आकर लेट गयी।अब मैं अकेली थी तो मुझे संजय का ख्याल आने लगा. बहुत देर ऐसा करने पर मुझे लगा कि एक लड़का है, जो काफ़ी भद्दे किस्म के कमेंट्स कर रहा है.

बीएफ फिल्में बीएफ फिल्म लण्ड पर तेल लगाकर उसकी बुर में पेला तो अन्दर चला गया, उसको दर्द तो हुआ लेकिन झेल गई. कभी दीवार से लग कर वो मेरी पूरी जीभ अपने मुँह में ले जाती, कभी मैं उसकी जीभ को चूसने लगता.

लॉंग ड्राइव पर जाते थे तो कहीं सन्नाटे में गाड़ी खड़ी करके दो तीन बार उसने मेरी चूचियां चूसी थीं और एक बार अपना लण्ड मुझसे चुसवाया था. आई लव यू डियर!फिर हम दोनों साथ में नहाए और फ्रेश होकर हमने खाना मंगवाया. नीतू उठी और मुझसे बोली- जब मैं सिर्फ पेंटी में हूं, तो आप भी अपने कपड़े उतारो.

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ई … स … अनिकेत करो ना … जल्दी करो!चाची तड़प रही थी और मैं वो तड़प बुझने नहीं देना चाहता था।फिर मैंने चाची के ब्लाउज़ के हुक्स खोले तो उनकी अंदर सफेद ब्रा दिखने लगी. तो मैंने फेसबुक पर अपनी एक आईडी बनाई, और यहाँ से मेरे मोहित से मोहिनी क्रॉसी में बदलने की कहानी शुरू होती है।कहानी जारी रहेगी. एक मिनट से भी कम समय में चाची ने दरवाजा खोल दिया और मुझे देख कर मुस्कुराते हुए बैठने को बोला.

मैं भी कामिनी की चुत में अपना लंड घुसाकर अपनी बेचैनी खत्म करना चाह रहा रहा. तब हम दोनों करीब 5 मिनट तक किस करते रहे और एक दूसरे को प्यार से सहलाते रहे.

जब तक चूत की रानी खुद अपनी गांड को चोदने के लिए न कहे तो मजा नहीं आता है.

कुछ ही देर में वसुंधरा के जिस्म में उठ रही काम-हिलोर कम होते-होते बिल्कुल बंद हो गयी. दरअसल मैं एक मर्द के जिस्म के हर अंग को छूकर उसकी प्रतिक्रिया को देखना चाह रही थी कि एक पुरुष के किस अंग पर क्या प्रतिक्रिया होती है. ये बात भले ही मजाक के तौर पर हो रही थी, पर सच में अब मुझे किसी की जरूरत महसूस होने लगी थी.

’ करते रहने के बावजूद मैंने उसका लहंगा और पैंटी को भी उतार कर ही दम लिया. जैसे ही उसने जोर लगा कर मेरी ब्रा को खींचा तो उसकी इलास्टिक टूट गई. तो मैं फोन पर मामी से बात कर रहा था कि तभी उनकी बहन कामिनी उनके पास आ गई और पूछने लगी कि वो किस के साथ बात कर रही है.

कुछ ही देर में मैं भी काम से फ्री हो गयी … स्लैब के सहारे खड़ी होकर जेठजी की तरफ देखा, तो वो मुझे ऐसे देख रहे थे, जैसे पूछना चाह रहे हों कि और कौन सा काम बाकी है?जेठजी का चेहरा देख कर मेरे चेहरे पर अपने आप ही मुस्कुराहट आ गयी, जिसे जेठजी ने अपने लिए ग्रीन सिग्नल समझ लिया.

बीएफ दरवाजा: फिर लंड चुत के अन्दर डलवाने से पहले भाभी मेरा लंड मुँह में लेकर चूसने लगीं, जिससे मुझे बहुत अच्छा लग रहा था. मोमबत्तियों की लहराती लौ की नाक़ाफी सी झिलमिलाती रोशनी और बाहर हो रही बारिश का शोर क़रीब-क़रीब उसी जादुई माहौल का अहसास जगा रहा था जिस का रसस्वान हम दोनों पहले भी एक बार कर चुके थे.

बोली- चोद दे ना हरामी, अब किसका इंतजार कर रहा है!मैंने भाभी की चूत में लंड को घुसाना शुरू किया मगर लंड अंदर नहीं घुस रहा था. कुछ ही देर मैं फिर से गर्म हो गया और आलिया के ऊपर चढ़कर उसको चोदने लगा. एक मिनट बाद आलिया को दर्द से मुक्ति मिल गई और अब मैं उतने ही लंड को चुत में अन्दर-बाहर करने लगा.

जब मेरे डिस्चार्ज का समय करीब आया तो मैंने पूछा- कॉण्डोम लगा लूँ?तो बोली- क्यों पैसा खर्च करते हो साहब, हमारा ऑपरेशन हो चुका है, आप अपनी मस्ती पर ध्यान दो.

’मगर मैंने भाभी की बात को अनसुना कर दिया और उनकी चूत के दाने को मींजने लगा. इधर मुझे खुद को पता नहीं चला कि मैं भोली भाली गीत, कब इतनी बेरहम बन गई. तभी दीदी ने मुझे किस करने का इशारा कर दिया और मैं आलिया के होंठों को चूमने लगा.