लंदन वाली बीएफ

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सेक्सी विडोज देसी: लंदन वाली बीएफ, वह ‘ऊऊह आआह्ह …’ करने लगी, उसे फिंगर सेक्स का मजा देने के बाद मैंने सोचा कि अब उसकी चूत में लंड डालने का सही टाइम हो गया है.

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वो बोली- क्या कर रहे हो प्रवीण?मैंने कहा- कुछ नहीं … बस किसी बात पर ध्यान लगा रहा था. बीएफ सेक्स डॉट कॉममैंने अपने पैरों को कैंची की तरह बनाकर उसके कमर से लिपटा दिया और आशीष से लिपट गई.

अचानक उसका एक हाथ उसकी एक चूची पर आ गया और दूसरे हाथ से वो अपनी सलवार के ऊपर से चूत को मसलने लगी. ब्लू पिक्चर दो सेक्सीमैंने फ़ौरन अपना हाथ वसुन्धरा के मुंह से निकाल लिया और उसी हाथ से वसुन्धरा के दोनों उरोजों से खिलवाड़ करने लगा.

पर जैसे ही मेरा हाथ मेरी साड़ी के अन्दर घुसा, चुत पर उगे हुए हल्के हल्के बालों ने मेरा रास्ता रोक दिया.लंदन वाली बीएफ: भाभी ने एक पारदर्शी नाइटी पहन रखी थी जिसमें अंदर गुलाबी रंग की ब्रा थी और लाल रंग की पैंटी जो साफ-साफ नजर आ रही थी.

आज तक मेरी गांड में लंड नहीं गया था, मेरी गांड अभी तक कुंवारी ही थी इसलिए मेरा दर्द और ज्यादा हो गया.तभी बीच में एक स्टेशन आ गया और ट्रेन से बहुत सारी सवारियां उतर गईं.

गुर्जर की बीएफ - लंदन वाली बीएफ

मेरा नाम रेहाना है, दोस्तो! मैं एक गोरी चिट्टी, बड़े बड़े बूब्स वाली खूबसूरत और हॉट लड़की हूँ।मैं पढ़ी लिखी हूँ सेक्सी हूँ, और एक बड़े पद पर काम करती हूँ।मैं आपको एक अंकल Xxx कहानी बता रही हूँ.इतनी बात हम दोनों के बीच हो पायी थी कि तभी दो-चार बच्चे कुछ सवाल लेकर नम्रता के पास आ गए.

मैं पंजाब पहुँचा जहाँ अजय मेरा पहले से ही इंतजार कर रहा था!अजय अपनी कार से मुझे अपने घर ले गया. लंदन वाली बीएफ तभी भाभी ने धीरे से कहा- रोहन अपना बॉक्सर उतार दो, ये गंदा हो जाएगा.

मैं सब कुछ भूल के बस उसकी चूत में लंड के धक्के पे धक्के दिए जा रहा था.

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क्या तुम मुझसे दोस्ती करोगी?उसने भी थोड़ी ना नुकर के बाद हां बोल दी. पहले थोड़ी देर मैंने उसके शरीर के साथ खेला, होंठ चूसे, निप्पल चूसे व सहलाये. इसी तरह गाहे बगाहे मेरी उनसे बातचीत होने लगी और उनसे मेरी अच्छी दोस्ती हो गयी.

जैसे ही वो अपने सूट को उतारने को हुई, वैसे ही दरवाजा खटखटाने की आवाज़ आयी. मेरी पिछली चुदाई की कहानीमौसी की चूत की मजेदार चुदाईमें आपने पढ़ा था कि कैसे मैंने अपनी मौसी की चुदाई की थी. दिशा गनगना उठी और उसके मुँह से एक किलकारी सी निकल गई- उफ्फ्फ … जीजू.

उसे देख आर मेरा दिल धड़कने लगता था और अन्दर से एक अजीब सी बेचैनी सी होने लगती थी. तभी स्नेहा ने अपना पैर मेरे ऊपर किया और मेरे लंड को स्पर्श करते हुए रगड़ने लगी. अपना साढ़े छह इंच के लंड को मैंने एक ही झटके में पूजा की चूत में जड़ तक घुसा दिया.

उम्म्ह… अहह… हय… याह… ये देख कर दीपक अंकल ने अपनी चुदाई की स्पीड बढ़ा दी. जब मैं रोहन के साथ बैठी थी तो एलेक्स और जॉन मेरे बूब्स को ही देख रहे थे क्योंकि मेरी नाईटी के ऊपर के दो बटन खुले थे। फिर थोड़ी देर बाद एलेक्स और जॉन चले गए.

इस बार वो मुझे अपनी बांहों में भरके हल्की हल्की आवाजें निकाल रही थीं और बीच बीच में बोल रही थीं कि पेट में नाभि के पास दर्द कर रहा है थोड़ा आराम से पेलो.

मैंने पूजा से पूछा- अपना वीर्य तुम्हारी गांड में डाल दूँ या चुत में लोगी?पूजा इठला कर बोली- इतनी अच्छी गांड चोद कर तुम अपना वीर्य मेरी चुत में क्यों डालोगे.

प्रिया- आआह … आआहह … और तेज भैया … और तेजज … और कस के भैया … और कसके चोदिए … बहुत मज़ा आ रहा है. ‘दोनों को? तुम तो कह रहे थे कि डैडी बर्थडे गिफ्ट में मम्मी की लेंगे. मैंने तुरंत उसकी टी-शर्ट ऊपर करके उसकी ब्रा को खोल दिया और उसके मोटे मोटे मम्मों को मसलना शुरू कर दिया.

ओके स्वीटहार्ट … शाम को नहाकर फ्रेश ही रहना!”इस सबको लिखने का आशय ये कि हमारी लाइफ भी अच्छी चल रही थी. फिर एक दिन उन्होंने मुझे ऐसा कुछ ऐसा बताया कि मेरे पैरों तले से जमीन निकल गयी. हर बार मेरा लिंग-मुण्ड वसुन्धरा की योनि में गर्भाशय के मुंह पर हल्की सी चोट करता और उधर वसुन्धरा के मुंह से ‘आह … ह … उफ़्फ़्फ़ … उम्म्ह… अहह… हय… याह… हाय … सी … इ … ई … ई’ की ऊँची-ऊँची सीत्कारें निकल रही थी.

फिर मैंने झटके से भाभी को पीठ के सहारे दीवार से चिपका दिया और उनके दोनों हाथों को अपने हाथों से पकड़ कर दीवार से लगा दिए.

तीन-चार बार ऐसा होने के बाद परी ने मुझे बेड पर लिटा दिया और खुद मेरे ऊपर आ गई. मैं बेड पर लेटा हुआ था लेकिन मुझे नींद नहीं आ रही थी और सोचने लगा कि कैसे शुरुआत की जाए. उस पर एक बार कोई लौंडा उन्हें जम जाए, तो यो बिना उसे निपटाए छोड़ते नहीं.

मैंने धीरे से अपनी पैंट की चेन के ऊपर से अपने खड़े लंड को सहला दिया. वह एक बार तो कसमसा कर छूटने की कोशिश करने लगी मगर कुछ पल के बाद फिर से अपने काम में लग गई. मैं ये सुन कर दंग रह गया- तुम्हारा भाई?दोस्तो, आगे क्या हुआ? अगले भाग में पढ़ें.

राजे, कुछ देर गहरी गहरी सांसे ले कुत्ते … नहीं तो झड़ जायगा … हाँ ऐसे ही … और ले इसी तरह गहरी सांस.

और रोहित की तरफ देख कर बोली- रोहित, देखने से तो तू बहुत कमजोर लगता है पर बहुत ताकत है तुझमें भी।अब सन्जू काफी खुल गई थी और मुझसे संकोच भी खत्म हो गया था। मैंने उससे पूछा- कैसा लगा?वो बोली- बहुत मजा आया।वो मेरे पास आई और मेरे होंठों को हल्का सा किस करते हुए बहुत प्यार से मुझे ‘आई लव यू …’ बोली।संजना बोली- अब मैं फ्रेश होकर आती हूँ. मैंने कहा- आंटी अगर सरसों का तेल हो तो ले आइए, मालिश अच्छे से हो जाएगी.

लंदन वाली बीएफ इस कमरे में विक्रम और रीना को युद्ध स्तर पर चुदाई करने के लिए अकेले छोड़ दिया।चुदाई का महासंग्राम शुरू हो गया है दोस्तो, अपनो लौड़ों और चूतों को संभाल कर रखें. बड़ी देर तक अन्दर घुमाते रहे, फिर तेल से लसड़ा लंड मेरी गांड पर रखा और धक्का दे दिया.

लंदन वाली बीएफ करीब एक घंटा मैं उसके चूचों को मसलता रहा और जब मैंने उनको छोड़कर उसके होंठों को किस किया तो उसने मुझे धक्का दिया और उकडू बैठकर मेरा लंड मुंह में ले लिया. चाय पीते वक्त मैंने अजय से पूछ लिया कि उसने मुझे घर पर क्यों बुलाया वो होटल भी कर सकता था.

उसने मुझे अपने दोनों पैरों से लॉक कर लिया और ऊपर नीचे होकर मेरा साथ देने लगी.

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मगर साथ ही इस बात का दुख भी था कि आज मेरा पहला सेक्स होते-होते रह गया. मैं नीचे और दिलिया मेरे ऊपर थी। मैं उसका निचला ओंठ चूस कर अपना लण्ड हल्का से पीछे करता था फिर कस कर धक्का लगा कर उसका ऊपरी ओंठ चूसने लगता था जिससे चूत लण्ड को जकड़ लेती थी. ये कुछ ज्यादा ही हो रहा था- सर, आप यह क्या कर रहे हो?निकाली नहीं अभी तक?” उन्होंने शांति से पूछा.

उसकी हाइट करीब 5’4″, बिल्कुल सोने जैसा रंग और फिगर भरीपूरी यही कोई 32-30-36 का होगा। अब ऋजु को देख मैं अपने आप पर कंट्रोल नहीं कर पा रहा था और मैंने आगे बढ़कर अपना हाथ ऋजु के हाथ पर रख दिया। वो नीचे नजर करके मन्द मन्द मुस्कुराने लगी. मैं उसको अपना लन्ड चुसवाना चाहता था, मैंने उसके लंबे बालों को पकड़ के उनके मुंह में मेरा 7 इंच लम्बा लन्ड ठूस दिया. सभी मचलती चूतों और खड़े लण्डों को विशू तिवारी का नमस्कार! दोस्तो, मैं अन्तर्वासना की कहानियाँ विगत 4 वर्षों से पढ़ रहा हूँ.

बदले में मोनी ने भी अपनी जीभ की हरकत दिखाई और उसने भी मेरा साथ देना शुरू कर ही दिया.

मैंने उसे पहचान लिया और उससे पूछा- हां बताओ … क्या काम है!उसने कहा- मैं खाना बाहर खाती हूँ तो बहुत महंगा पड़ रहा है और मुझसे बाहर का खाना खाया भी नहीं जा रहा है. एक रात मैंने सपना देखा कि मैं निक के रूम पे बिल्कुल नंगी हूँ और उसका बड़ा लंड चूस रही हूँ. मैंने उनको फर्श पर लिटा कर अपनी जीभ चाची की चूत में लगा दी और जैसे कोई बच्चा कुल्फी खाता है, वैसे चाटने लगा.

फिर इस रात भी मुझे नींद नहीं आई क्योंकि मुझे तो उसकी चूत को छेड़ने का चस्का लग चुका था. मैंने भी उसके साथ ज्यादा कुछ जोर-जबरदस्ती करने की कोशिश नहीं की क्योंकि वह इस खामोशी को बरकरार रखना चाहती थी. जब मैंने अपनी सहेली पिंकी से बात की तो पता चला कि उसका पेपर भी अच्छा नहीं हुआ.

दो-एक मिनट बाद अचानक मेरा लिंग वसुन्धरा की योनि के अंदर फूलने लगा और मैंने अपना लिंग अपने लिंग-मुंड तक वसुन्धरा की योनि से बाहर खींच कर पूरी शक्ति से वापिस वसुन्धरा की योनि में धकेलना शुरू कर दिया. सुरभि ने एक दिन बताया कि उसके जीजा जी उसके ऊपर काफी शक करते हैं कि उसका किसी लड़के के साथ चक्कर है, इसलिए वो उसके साथ और उसकी दीदी के साथ काफी सख्त रहते हैं.

उसने मेरी तरफ देखा और धीरे से अपनी जीभ मेरे गुलाबी नुकीले टोपे पर फेरी. मम्मा चाहतीं तो कपड़े ठीक कर सकती थीं लेकिन अपनी मम्मा सौम्या ऐसे ही अधनंगी पड़ी रहीं और मुझसे बहस करने लगीं. उसने फट से मेरा लंड मुंह में ले लिया और ऐसे चूस रही थी जैसे कोई पोर्न स्टार प्रोफेशनल तरीके से लंड को चूस रही हो। मुझे इतना मजा आ रहा था कि मैं शब्दों में बयान नहीं कर सकता। मेरा रस निकलने से पहले मैंने उसके मुंह से अपना लंड निकाल दिया।मैं उसकी चूत पर लंड को सेट करने लगा तो उसने पहले लंड पर कंडोम चढ़ाने को बोल दिया.

कभी उसके कान, गाल और होंठों को काटने लगा, तो सरिता और मदहोश हो गयी.

मैं दर्द से फिर चीख पड़ी- रुक जाओ जल्लादो! मेरी चूत और गांड फट जायेगी. आशीष ने मेरे हाथों को जैसे ही अपने हाथ से पकड़ा और उसमें घड़ी पहनाने लगा, मुझे उस पल से अच्छा कुछ नहीं लगा. बहुत देर तक हम एक दूसरे के होंठों को चूसते, एक दूसरे की जीभ को चाटते रहे.

तो कभी अपने बालों को खींचती, मानो उसके बर्दाश्त के बाहर हो रहा था!वो ना चाहते हुए भी सब कुछ चाह रही थी कि उसकी चूत में जल रही वासना की भट्टी में मैं अपने लंड को डाल कर वीर्य की बौछार से उसकी जलती हुई भट्टी को शांत कर दूं. एक दिन उसने बोला- विकास, कल विज्ञान का पेपर है और मुझे बायोलॉजी में कुछ ख़ास नहीं आता है.

मैं जब गई तब शायद भाभी को लंड चूसते हुए काफी वक़्त हो गया था, तभी मेरे पहुँचने के कुछ मिनट बाद ही बड़े भैया ने अपना सारा वीर्य आशा भाभी के मुंह में छोड़ दिया और भाभी ने भी पूरा वीर्य पी लिया और लंड साफ़ करके भैया का मुंह अपनी चूचियों में घुसा दिया. मेरा नाम रेहाना है, दोस्तो! मैं एक गोरी चिट्टी, बड़े बड़े बूब्स वाली खूबसूरत और हॉट लड़की हूँ।मैं पढ़ी लिखी हूँ सेक्सी हूँ, और एक बड़े पद पर काम करती हूँ।मैं आपको एक अंकल Xxx कहानी बता रही हूँ. मैंने कहा- हां आशीष … जल्दी से आजा, मुझे अपना बना ले, मैं तेरे बिन पागल हुई जा रही हूं.

सब चंगा सी

पूजा के मुँह से हल्की मदमस्त सी चीख निकली और वो मोबाइल छोड़ कर बेड पर गिर गई.

मैंने भाभी को याद करते हुए मुठ मार ली … लेकिन थोड़ी देर बाद फिर वही सब दिमाग में घूमने लगा. रस से लबालब भरी हुई बुर में लंड फिसलता हुआ पूरा घुस गया, केवल अंडे बाहर रह गए. वो बोली- बस यही बोलने के लिए मुझे बुलाया था?मैंने मन ही मन सोचा कि बेटा काम बन रहा है.

दोस्तो, ये मैंने अपनी ममेरी बहन के साथ चुदाई की कहानी आपके सामने रखी. मम्मी-पापा, एक भाई, जो कि मुझसे एक साल छोटा है और एक बहन है, वो मुझसे दो साल छोटी है. सेक्सी वीडियो आदिवासी देसीगरम भाभी बस सेक्स कहानी में पढ़ें कि कैसे चलती बस में एक देसी भाभी और एक गोरे टूरिस्ट की आपस में सेटिंग हुई.

वह सब भले ही मुझे अच्छा लग रहा था, पर उन्हें रोकना जरूरी था- अंकल … रुको, ऐसा मत करो. भावना बार-बार मेरे लंड को हाथ में लेने की कोशिश कर रही थी लेकिन अंडरवियर टाइट होने की वजह मेरा लंड अच्छी तरह से उसके हाथ में नहीं जा पा रहा था.

मैंने उनकी तरफ सवालिया निगाहों से देखा तो वो मुझे रुकने का इशारा करके चली गईं. लेकिन उसने जानबूझ कर दर्द में होने का नाटक किया क्योंकि वो ये मौका खोना नहीं चाहती थी. इसके लिए एकांत की जरूरत थी, जिसके लिए मकान मालिक का घर पर नहीं रहना जरूरी था.

तो मैं उसे और इधर उधर से मम्मे दिखाया करती हूँ।ऐसा करते करते मेरी भी इच्छा हुई कि मैं एक दिन उसका लण्ड देखूं।आज जब हम दोनों थोड़ी देर से ऑफिस से निकले तो उसने कहा- रेहाना रुको मैं तुम्हे तेरे घर छोड़ दूंगा।फिर मैं उसकी कार में बैठ गयी।उसने जब गेयर पर हाथ रखा तो मेरे मन में एक जबरदस्त ख्याल आया कि इसके लण्ड का टोपा भी ऐसा ही कुछ होगा. वो बोली- तुम मेरे लिए क्या गिफ्ट लाए?मैंने अपने बैग से एक ब्लैक कलर की बिकिनी निकाल कर उसे दी. गुलाबो की योनि मेरे लिंग के सम्पूर्ण स्पर्श को पाकर व्याकुलता से पगला गयी थी.

तो दोस्तो, कमेंट्स में बताइये कि आपको कैसी लगी हमारी ये वर्जिन साली की बुर की कहानी?लेखक के आग्रह पर इमेल आईडी नहीं दिया जा रहा है.

दो मिनट किस करने के बाद जागृति मेम ने मेरी जींस का बटन खोला और लंड को हिलाने लगीं. मगर बहुत कोशिश करने के बाद भी दस मिनट में लगने लगा कि अब ज्यादा देर टिक नहीँ पाऊंगा.

जब अंडकोषों का थैला एक बार के लिए खाली हो गया तब जाकर कहीं मन को शांति मिली. फिर सुपारे को चूत की फांकों में दबा कर मैंने एक हल्का सा धक्का मारा. मैंने अपने बाएं हाथ से वसुन्धरा का दायां हाथ वसुन्धरा की कमर के ख़म के पास बिस्तर पर दबा लिया और ख़ुद वसुन्धरा की दोनों टांगों के बीच में घुटनों के बल उकडू बैठ कर दायें हाथ से अपना लिंग-मुण्ड वसुन्धरा की योनि पर रगड़ने लगा.

मेरी पिछली कहानी थी:एक कुंवारा, एक कुंवारी और चुदाई का मजामैं आज पुन: एक नई सेक्स कहानी लेकर हाजिर हूँ. तो वह बोली- क्यों?मैं बोला- मैं आपको एक बार जी भर कर देखना चाहता हूं. मैंने उसे पूछा- अभी नहा कर आई हो?तो उसने कहा- हाँ अंकल, बस नहा कर सीधे आपके पास आई हूँ.

लंदन वाली बीएफ मम्मा ने थोड़ी देर बाद थोड़ी हरकत की और थोड़ा सा आगे खिसक कर लेट गईं लेकिन वो मुझसे कुछ नहीं बोलीं. भाभी ने कमरे में जाते ही अपनी साड़ी उतार कर एक ओर फैंक दी और बाथरूम में घुस गईं.

अपनी चाची को चोदा

जिन दोस्तों को नहीं पता हो, उन्हें मैं बता दूं कि ज्यादातर कैफे एक ऐसी जगह होती है … जहां पर छोटे-छोटे केबिन बने होते हैं, जैसे कि हमारे साइबर कैफे में केबिन बने होते हैं. भाभी ने अपने मम्मे खोल दिए और मैंने एक मम्मे को अपने मुँह में भर कर चूसने लगा. वो भी गुर्राते और हाँफते हुए तेजी से चूत की झांटों पे झटके मारता हुआ एक के बाद एक पिचकारी मारने लगा, उसके लिंग से 4 बार तेज़ वीर्य की पिचकारी मैंने मेरी बच्चेदानी में महसूस की जो कि आग की तरह गर्म थी.

मैं उछल कर बेड पर उसके ऊपर कूद पड़ा और मेरा आज कुछ स्पेशल करने का मन हुआ … क्योंकि इतनी फ्रीडम मुझको आज तक नहीं मिली थी. चाची वो तेल मेरे लंड पर लगाने वाली थीं, जिससे मैं बहुत देर तक नहीं झड़ने वाला था. मां बेटे के बीएफमैं भाविका चंद्रवाडिया उर्फ भाव (मेरे प्रेमी द्वारा दिया गया नाम) गुजरात के एज्यूकेशन हब आणंद की रहने वाली हूँ.

आरती ने कहा- हां यह बात तो है … मगर कैसे मिले? मैं तो अब चुदवाना चाहती हूँ मगर कोई ऐसे लंड मिले जो किसी से कुछ ना कहे! वरना बहुत बुरा हो जाएगा मेरे साथ.

मेरी प्यारी बीवी पूजा को मेरे लंड से अपनी चुत चुदवाना बहुत ज्यादा पसंद है. दोस्तो! लड़कियों, भाभियों और आंटियों को मेरे लंड का प्रणाम और भाईयों को हाथ जोड़ कर नमस्कार.

जागृति मेम देखने में बीस साल की लड़की सी लगती थीं और देखने में बहुत खूबसूरत और हॉट माल लगती थीं. मैंने अपनी मम्मा की चूत की फांक पर अपना लंड रखा और एक झटके से लंड को अन्दर दबा दिया. वो पहले जैसे ही मेरे पास खड़ी रही, लेकिन इस बार वो अपनी टांगें फैलाकर ऐसी खड़ी थी कि मेरा हाथ सीधा चुत पर रगड़ जाए.

फिर मैंने बातों ही बातों में सुषी से पूछा तो उसने बताया कि जिस लड़के से उसकी शादी होने वाली है वह उसको पसंद नहीं है.

मायरा ने कहा- क्या हुआ चाची … क्या हाल हैं?चाची ने आंख मारते हुए कहा- पता चलेगा तुमको भी … एक बार तो ससुराल जाओ. अब आगे जाकर ये रोमांस घमासान चुदाई और कामुक आवाजों में बदलने वाला है. उसका आधा लण्ड मेरी चूत में उतर गया और मेरा मुँह पहले के मुकाबले और ज्यादा और पूरा खुल गया.

इंग्लिश वीडियो एक्स एक्स एक्स वीडियोफिर मैंने उसकी पतली कमर से पकड़ कर उसे बेसिन पर बिठाया और सामने से उसकी चुत चोदने लगा. सुबह करीब आठ बजे नींद खुली तो देखा कि राशि और मैं सांपों की तरह एक दूसरे में समाये हुए फर्श पर सो रहे हैं और बाहर सूरज सिर पर चढ़ आया था.

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अपनी मम्मा सौम्या की ये बात सुनकर मेरा मन और लंड दोनों हिलोरें मारने लगे, लेकिन मैंने मना कर दिया. बीच बीच में मैं अपनी जीभ को नुकीला करके उनकी फांकों में भी ऊपर नीचे फिरा देता. तभी राधिका आगे बोली- अब हम चारों को पता ही चल गया है कि आगे क्या होने वाला है, तो क्यों ना हम डायरेक्टर फ़ाइनल टास्क वाला गेम खेलते हैं.

उसने टांगें हवा में उठा दीं और मैंने भी सही मौका देख कर उसके छेद पर मेरा लंड सैट करके एक जोरदार झटका मारने को रेडी हो गया. मैंने मीठी सीत्कार भरी तो उन्होंने मुझे देखा और लंड गांड के अन्दर डालने लगे. कुछ सेकंड ही बीते होंगे कि मौसी ने झटके से मेरा हाथ और पैर दोनों हटा दिया.

धीरे-धीरे नीचे जाकर मैंने सरनी की सलवार का नाड़ा अपने दांतों से खोल दिया. यदि कोई 45 प्लस अंकल मेरे मोटे और लम्बे लंड से चुदवाते हैं, तो मुझे जन्नत का सुख मिलता है. मैंने रानी के चूतड़ भींच के एक ज़ोरदार धक्का लगाया तो बचा हुआ माल भी झड़ गया.

मैंने ये कहते हुए उसे अपना गैस चूल्हा और सिलेंडर दे दिया कि मैं बाद में दूसरे सिलेंडर और चूल्हे का इंतजाम कर लूंगा. अगर इस कहानी में कोई गलती हुई हो तो माफ कीजियेगा क्योंकि मैंने हिंदी में लिखना अभी-अभी सीखा है.

जैसे ही हाथ नीचे चुत पर गया, तो मैंने महसूस किया कि भाभी की चुत का इलाका नीचे से पूरा गीला हो रखा है.

मुझे और तेरे भैया आशीष को बात करना है, तो जब तेरी मम्मी घर में ना रहें, या वो कहीं जाएं, तो ऐसा कोई जुगाड़ कर दे. बीपी नंगी सेक्सी पिक्चरउन्होंने अपने दोनों हाथ मेरे कंधों के नीचे से निकाले और कमर से एक जोरदार झटका दिया. इंडियन बीएफ सेक्सी हिंदीतीन-चार बार चोदने के बाद चूत की शेप बदल गई थी, अब उसके बाहर का हिस्सा फूल कर ज्यादा मोटा हो गया था. पहले ही झटके में मैं बहुत जोर से चिल्लाई उम्म्ह… अहह… हय… याह… और लगा कि मर जाऊंगी, मैं इतना दर्द हुआ कि बेहोश होने की हालत में हो गई.

उनके इस व्यवहार से मुझे बड़ी राहत सी मिली और मेरे मन से एक अपराध बोध उतर गया.

अन्दर आकर मैंने खिड़की भी बन्द कर दी और फिर से अपनी महबूबा को बांहों में लेकर उसको चूमने लगा. प्रिया- उम्म्म्म आह भैया … मैं तो आपकी दीवानी हो गई हूँ … कितने अच्छे से प्यार करते हैं आप … आआ अहह … और कीजिए. कुछ मिनट के बाद दोबारा से मैंने उसको बांहों में भर लिया और फिर से किस करने लगा.

वापिस रखने से पहले सोच क्यों ना तुम्हें भी दिखला दूं … फिर मौक़ा मिले या ना मिले. शर्ट के बटन खोले और बाजुओं से कमीज को उतारते हुए पीछे दरवाजे पर टांग दिया. हम दोनों ने एक ही कप में चाय पी और उसके बाद मेरा लंड काबू से बाहर हो गया.

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अब मुझे देर हो रही थी तो मैं तैयार होकर वहाँ से अपने घर को निकल गया।बहुत मज़ा आया दोस्तो … बहुत अच्छा सफर रहा ये चुदाई का भाभी के साथ।घर आके रात को जब मैंने आईडी ओपन किया और उससे बात की और पूछा कि भाभी को कैसा लगा. मैंने उसकी चूत पर लंड रखा और एक जोर के धक्के में आधे से ज्यादा लंड उसकी चूत में पेल दिया था. छोटे चाचा और चाची गांव में अपने खेतों में काम करवाते थे तो छोटी चाची अपने बेटे को लेकर चाचा के साथ खेतों में चली जाती थीं.

मेरे हाथ … मेहँदी … मैं … कैसे नाड़ा … ” कुछ टूटे-फूटे लफ़्ज़ मुझे सुनाई दिए लेकिन मैं उन का मतलब समझ गया.

मैंने धीरे धीरे उसकी चूत पर अपने दूसरी उंगली से उसके क्लाइटोरिस तो सहलाना शुरू कर दिया.

मैंने उससे कहा- एक बात कहूँ डाक्टर!उसने कहा- हां बोलो हर्षद?तो मैंने कहा- आप बहुत खूबसूरत हैं. मेरे सपनों की रानी के होंठ इतने मस्त हैं कि बस ऐसा लगता है कि उनको चूसता ही रहूं … चूसता ही रहूं. पुरानी सेक्सी ब्लूजब मैं उससे बहुत ज्यादा क्लोज हो गई, तो मालूम हुआ कि उसके भी बहुत ब्वॉयफ्रेंड थे.

कभी उसकी चूत में उंगली कर देता और कभी मैं अपनी सुन्दर बहन के ऊपर के बूब्स को चूस रहा था. मेरा लंड झिल्ली तक पहुँच चुका था मेरा लण्ड हायमन से टकरा रहा था और जब उसने उसे भेदकर आगे बढ़ना चाहा तो गुलाबो चिल्लाने लगी- दर्द हो रहा है … मैं मर जाऊँगी. मेरे पति न जाने आज किस मूड में थे कि वे मेरी चुत लगातार हचक कर चोदे जा रहे थे.

”मेरे हां बोलने से पहले ही अंकल ने अपना मुँह मेरे पेट पर रखा, उनकी मूंछें मेरे पेट पर गुदगुदी करने लगी थी; तो मैं हिलने लगी. वो पूरा मेरे ऊपर झुक गया था, एक हाथ मेरी कमर में डाल के मुझे सम्हाला हुआ था.

मैंने फिर हल्के से अपने लिंग को वसुन्धरा की योनि में वापिस आगे उसकी पुरानी जग़ह तक पहुँचाया.

एक शराब का जो उसे अजय ने पिला रहा था, दूसरा वासना का जो अजय उसे उसके कोमल अंगों पर किस कर कर के जगा रहा था!तभी अजय ने मुझे आवाज दी- राज आओ, तुम भी डांस करो न!मैं उठ खड़ा हुआ और मीना का हाथ पकड़ते हुए बोला- भाभी, क्या आप मेरे साथ डांस करोगी?मीना हिचकिचाई, वो मेरे साथ में असहज हो रही थी!तभी अजय ने बोला- हाँ हाँ क्यों नहीं!और उसने मीना को मुझे सौंप दिया. तभी बाहर से सोनू हंसते हुए बोली- धीरे भैया … झंडा गाड़ना है … कोई पिलर नहीं … ही ही ही. प्लीज आप भी मुझे समाज की तरह गलत मत समझना या गलत नजरों से मत देखना.

पंजाबी सेक्स बीएफ सेक्सी मैंने उनसे पूछा कि क्यों झड़ गईं … औरत तो इतनी जल्दी नहीं झड़ती है?उन्होंने कहा- अगर तेरे जैसा कोई चूत चाटने वाला मिले तो मैं क्या कर सकती हूँ. आप अकेले कब तक झेलोगे हम सबको?उसकी बात का मैं कोई उत्तर नहीं देना चाहता था.

वो तो मैं अपने अंडरगारमेंट्स पर तेरे स्पर्म के निशानों से ही समझ गई थी … और बाकी तूने दो तीन बार मुझसे शादी की बात खुद बोल भी दी थी. वेलम्मा नीचे अपने घुटनों पर बैठ गई और मेरे लौड़े को अपने मुँह में ले लिया. मैंने उठ कर उसको फिर से पकड़ लिया और होंठों को चूस कर बोला- डार्लिंग हफ़्ता नहीं … कल तुझे फिर से चुदना है.

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उसे उठाने के लिये मैंने उसकी साड़ी को पकड़ा तो वह भी खुल गयी और वह सिर्फ पेटीकोट में ही रह गयी. मैंने अपने दोनों हाथों से उसकी कमर को पकड़ रखा था ताकि लंड गांड में ही रहे बाहर ना आए. पूरे रूम में चूत चटाई की चपर-चपर के साथ-साथ चूत चुदाई की चट्ट-चट्ट फैल गई थी.

रिया- तुम अभी क्या कर रहे हो?मैं- मैं अभी पढ़ाई के लिए यहां रहता हूं. वह कभी आधी कभी पूरी उठा कर अपनी गांड पर हाथ फेरती और जीभ निकाल कर होंठों पर फेरने लगती.

हमारी बात ऐसे ही चलती रही और वो अपने हस्बैंड से ज्यादा टाइम मुझे देने लगी.

अन्तर्वासना पर चुदाई की कहानी के शैदाई सभी पाठक दोस्तो, मेरा नाम निशा है. इस पर पिंकी ने अपनी आंखें बंद कर लीं और वो अमर की गर्दन को अपनी चूचियों पर दबाने लगी. मैंने शरमाते हुए उसे डार्क ब्लू और ब्लैक कलर के लिए बोला, तो उसने वही ले ली साथ में मैचिंग पैंटी भी खरीद ली.

थोड़ी देर चुप रहने के बाद और मेरे द्वारा दो तीन बार हाथ दबाने के बाद उसने बोलना शुरू किया. काफी देर सन्नाटा सा रहा; फिर सलोनी बोली- राहुल जो तुम कह रहे हो वो सच है या सिर्फ मेरा दिल रखने को बोल रहे हो?”मैं बोला- मैंने जो भी बोला वो बिल्कुल सत्य है. प्लीज़ दोस्तो, मेरी इन्सेस्ट सेक्स स्टोरी पढ़ने के बाद अपना फीडबैक देना मत भूलिएगा.

सहलाते समय उसका सेक्सी बदन भी हिल रहा था तो मेरा हाथ अब सीधे उसकी चुत पर लग रहा था, जिसे मैं हटा नहीं रहा था और वो भी मना नहीं कर रही थी.

लंदन वाली बीएफ: मैंने ना में मुंडी हिलाई, तो बोला- साली नाटक करती है, खोल मुँह और चूस मेरा लौड़ा!वो जबरदस्ती मेरा मुँह खुलवाने लगा, पर मैंने नहीं खोला, कसकर दांत पीस कर बन्द कर लिया. मैं उसे देख कर यही सोच रही थी कि आज तो पहला दिन है, अभी तो पूरी रात बाकी है और कल का पूरा दिन … और रात पता नहीं! तब तक ये मुझे कितना चोदने वाला था.

मैंने कहा- तुम चोट लगी है और मुझके देख कर मुस्कुरा क्यों रही हो? मैं क्या जोकर लग रहा हूँ. फिर उन्होंने जब मेरी सुपारे को बाहर निकालने के लिए खाल नीचे की, तो मुझसे बर्दाश्त नहीं हुआ और मेरे लंड ने अपना लावा उगल दिया … जो उनके पूरे चेहरे पर जा लगा और थोड़ा सा उनके मुँह में भी चला गया. चाची ने बनावटी गुस्से में कहा।मैं- जाते हैं चाची।सभी दोस्त धर्मशाला की ओर प्रस्थान कर गये.

इस तरह से उन्होंने मुझे चौंकाते हुए पांच छह बार अपना लंड पूरा बाहर निकालकर फिर से मेरी चुत में पेल डाला.

उससे पहले मैं अपने उन पाठकों को दिल से शुक्रिया कहना चाहूंगा, जिन्होंने मेरी पिछली कहानियांतन्हा औरत को परम आनन्द दियाऔरशादीशुदा भाभी की कुंवारी चूतको पढ़ा और अपने विचार एवं सुझाव मुझसे साझा किए. प्रिया- आआ आहह!वो मेरे होंठों को अच्छे से पीने लगी और मैं उसकी चुदाई कर रहा था. जल्दी ही मेरा माल निकलने को हो गया तो मैंने अपना लंड चूत से बाहर निकाल लिया और उसकी गांड के छेद पर अपना वीर्य छोड़ दिया.