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पारो जैसे आँखों ही आँखों में घोल कर पी जाने वाली नजरो से देखती बोली- तो फिर हो जाये प्यार मुहब्बत का सिलसिला?बहादुर ने पारो के इकहरे बदन को बाहों में दबोच लिया और पारो की अंगिया के धागे खोलने लगा.मैं बाइक से छोड़ देती हूँ।’दोनों पैसा दे करके निकल गईं और रश्मि जो डॉक्टर नेहा से कहना चाहती थी वो नहीं कह पाई।वो सोचने लगी कि कोई बात नहीं.

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जब रीटा टायलट से वापिस बाहर आई तो राजू को कमरे में न पाकर ढूंढती हुई बगल वाले कमरे में जाकर देखा तो ठिठक गई. प्रेषक : नामालूमसम्पादक : जूजा जीमैं आप लोगों के लिए अपनी ज़िंदगी का और खूबसूरत लम्हा एक कहानी के माध्यम से साझा कर रहा हूँ। बात उस समय की है जब मैं ग्रेजुयेशन कर रहा था। मेरे घर के पास एक फैमिली रहती थी।पति और पत्नी, जो रिश्ते में मेरी बुआ के लड़के और उनकी पत्नी यानि मेरे भाई और भाभी लगते हैं।चूंकि. बस मेरे लिए यही काफ़ी है।मैंने पूरा लौड़ा मुँह में भर लिया और उसको चूसने लगी, मुझे बड़ा मज़ा आह रहा था…पापा- आह उफ़फ्फ़ चूस साली.

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कविता ने थोड़ी देर बाद दरवाजा खोला तो आशा का मुँह खुला का खुला रहा गया, उसने बोल ही दिया- कविता, तू और राजवीर एक साथ बाथरूम में?अब कविता कहती भी क्या कहती, थोड़ी देर चुप रह कर बोली- नहीं, वो गलती से आ गई थी मैं. तभी मेरा ध्यान कमरे के दरवाज़े की तरफ़ गया तो मेरी आँखें हैरानी से फ़टी रह गईं, मेरे सामने चौंका देने वाला नज़ारा था.

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सम्पादक – इमरानमैंने तुरंत अपनी गर्दन वहाँ मेज पर रखी महंगी व्हिस्की की ओर कर ली और अंकल से पूछा- अंकल, क्या दो घूंट पी लूँ, गला सूख रहा है?अंकल- अरे हाँ बेटा, कैसी बात करते हो… और इसको भी थोड़ी सी पिला दो. घुस जाएगा!उसने मेरा लंड पकड़ कर अपनी बुर में लगा दिया और मुझसे बोली- अब लगाओ धक्का।मैंने धक्का मार दिया, मेरा लवड़ा उसकी चूत में घुस गया और वो अपने मुँह से आवाज़ निकालने लगी।‘आहह हहाह्वोव अहहहाआआआहा. मैं भी बोर हो रही हूँ!वो आई मेरे घर में, आकर मेरे पास बात गईं, बोलीं- मैं तो अकेली पड़ गई हूँ, तू भी होली के मुझसे बाद बात नहीं करता।मैंने कहा- ऐसा कुछ नहीं है!फिर बोलीं- तेरा तो समय पास हो जाता होगा।मैंने बोला- कहाँ यार.

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मैं करवा लूँगी, तू बस मेरा साथ रहना।मैं- वो सब तो ठीक है, पर करना क्या है और क्या नाम है प्रोजेक्ट का ?निशा- प्रोजेक्ट का नाम है… डर और मजा. पहले मैं जाऊँगा!पर वो नहीं मान रही थी और झगड़ा करने लगी।झगड़ा देखकर मेरी मौसी बोलीं- अरे सीमा, मनु को जाने दे. उन्होंने भी वासना भरी आवाज में कहा- चलो कमरे में इसका जादू भी बिस्तर पर देखती हूँ।वो अपने कमरे में जाने लगी और मैं पीछे-पीछे उनके साथ कमरे में पहुँच गया।मैंने कहा- भाभी अगर आप बुरा न मानो तो एक बात पूछूँ?भाभी- हाँ.

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दीपक मुझसे कई बार अपने प्यार का इज़हार कर चुका है, पर हर बार मैंने उसे मना कर दिया, क्योकि वो पढ़ने में अच्छा नहीं है, सिर्फ लड़कीबाज़ी में लगा रहता है. ??क्या वो खुद मस्ती के मूड में नहीं थी? या मुझे अभी भी अपनी शराफत दिखा रही थी?मैं तो यह सोच रहा था कि वो खुद रोमांच से मरी जा रही होगी कि कैसे अपनी साड़ी, ब्लाउज और पेटीकोट खुद चलती गाड़ी में निकालेगी और दूसरी ड्रेस पहनेगी. मैंने 20 मिनट चुदाई करके चाची की चूत में ही झड़ गया क्योंकि मुझे पता था कि चाची की नसबंदी का ओपरेशन हो चुका है.

ना… मेरा निकल जाएगा…’वो सिसक उठा।‘तो फिर चोदो ना… रुक क्यूँ गए…?’‘पहले मेरा लंड तो छोड़… हाय… …निकल जाएगा.

इतना कहते ही सोनिया ने सबके सामने मेरे गाल पर एक जोरदार थप्पड़ मारा, मेरे तो शर्म से बस आँसू ही निकल गए, आज तक मुझे स्कूल में भी कभी किसी टीचर तक ने भी थप्पड़ नहीं मारा था और आज!तभी मुझे याद आया कि मुझे अपना दूसरा गाल भी आगे करना है, एकदम से सोनिया बोली- साली कुतिया! कुछ भूल रही है तू!और उसने मेरे दूसरे गाल पर भी थप्पड़ मार दिया. फिर उसने अपने घर का पता मुझे मेसेज किया…मैं भी इस पते पर जाने के लिए तैयार हो गया… मैं अच्छे से तैयार होकर उसके घर जाने को निकल गया. यह सोचकर मैं वहाँ से निकल आई।अब अपने घर जा ही रही थी कि मुझे भी एक ख्याल आया कि ये क्या हो रहा है मुझे जानना तो चाहिए।आजकल किसी पर सीधे-सीधे तो भरोसा नहीं कर सकते।मैंने सोचा कि वापिस जाकर चुपके से देखती हूँ कि आख़िर मुझे बाहर निकल कर ये दोनों कर क्या रहे हैं?मैं गीता के घर के अन्दर नहीं गई, क्योंकि मुझे लगा शायद मैं पकड़ी जाऊँ.

मैं सर हिला कर सोफे पर डॉगी स्टाइल में चढ़ गया, मैं अंदर से तेल की बोतल लाई और खूब सारा तेल उसकी गाण्ड की छेद पर लगाने लगी. नीचे पहुँच कर मैंने देखा कि भात की रस्म की तैयारी चल रही थी, काफ़ी सारी औरतें इकटठी हैं, मेरी गाँव वाली बुआ भी आई हुई थीं.

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फिर मूवी देखने गए, मैं बीच में और वो दोनों आजू-बाजू में बैठी थी, ज्यादा लोग नहीं थे और आने की उम्मीद भी नहीं थी क्योंकि शो शुरू हो गया था. भाभी फोन पर बात करने लगी और फिर फोन बंद करते हुए मुझे कहा- नीरव, जल्दी से कपड़े पहन लो।मैंने कहा- भाभी, बताओ तो सही क्या हुआ. या चोदने की कुछ ज्यादा ही जल्दी थी मुझे…मैंने भी अपने सारे कपड़े उतार दिए और अब बारी थी मेरी चड्डी उतरने की…मैंने अपनी चड्डी जैसे उतारी ज्योति ने आँखें बंद कर ली…मैं- क्या हुआ ज्योति… आँखें खोल और इसे चूस…ज्योति ने आँखें तो नहीं खोली पर लंड चूसने लगी…मैं- अहह अह और चूस.

सुबह जब मैं उठा तो चाची ने मुझे चाय के लिए बुलाया तो मैं चला तो गया चाची के पास पर दोस्तो, रात के कारनामे से मैं चाची के साथ आँख नहीं मिला पा रहा था. भूली नहीं जाता? कई गाड़ी थी, केवू, केटला वगे आवशो?’ (वो सब ठीक है पर आप कब आओगे? आने से पहले मुझे बता देना. हिंदी बीएफ वीडियो सेक्स बीएफ5 इंच है। मैं उसे लिटाते हुए उसकी योनि को देखने लगा क्योंकि वो मेरा पहला अनुभव था।उसकी योनि बिल्कुल चिकनी थी।मेरे मन में उसे चूमने की इच्छा हुई, जैसे ही मैंने उसे चूमा वो एकदम से ‘उहह.

वो दिन था और आज का दिन है, हर दूसरे तीसरे दिन मैं उसकी चुदाई करता हूँ और बदले में मैं कभी कभार कुछ पैसे उसे दे देता हूँ. !मैं- पर तूने कभी इशारा भी किया होता तो आज का इन्तजार नहीं करना पड़ता…साली को कब का चोद देता!वो- तो अब बची-खुची कसर पूरी कर ले ना!मैं- आज तो अपनी सारी कसर निकाल दूँगा तेरी चूत में.

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!!!लण्ड देखा नहीं चूत को चुदाई का मन हो चला।यही बात मेरे लौड़े की कि चूत देखी और मचल गया, मैंने भाभी को हाँ में मस्तक हिला के जवाब दिया।भाभी ने फोन किया और वो जो बोली उससे मेरा लण्ड और भी उठ गया.

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रिया तो मुझे डुबकी लगवाने के लिए पहले से ही बहुत आतुर थी इसलिए जब मैंने उसे बताया कि चार दिनों के लिए मेरे घर में कोई भी नहीं होगा तो वह ख़ुशी के मारे नाचने लगी. मुझे एहसास हो गया कि मेरे द्वारा उसके चुचूक चूसने से उसकी शर्मगाह के अन्दर खलबली होनी शुरू हो गई थी और वह उसे दबाने की कोशिश कर रही थी. आज तुम इन चार घंटों के लिए मेरी रानी बन जाओ।मैं राज से बोली- जो हुकुम मेरे आका।राज हँस दिए और उसने मेरा हाथ पकड़ कर मुझे अपनी तरफ खींचा। मैं कटी पतंग की तरह राज की गोद में जा गिरी।राज मेरी तरफ एकटक देखने लगे और मैंने कातिल अदा से कहा- कभी आपने लौंडिया नहीं देखी।वो मुस्कुराने लगे और बोले- बहुत देखी हैं लेकिन आपके जैसी मस्त परी नहीं देखी.

तुम दोनों भी कपड़े निकाल दो, तब इसको शर्म नहीं आएगी, सही है ना जूही…!जूही ने मुस्कुराते हुए ‘हाँ’ कही।फिर क्या था वो दोनों भी नंगे होकर बेड पर आ गए। आरोही सीधे रेहान के पास जाकर लेट गई और राहुल जूही के पास लेट गया।रेहान- अरे आरोही क्या बात है. रीटा की कमर सहलाते सहलाते राजू ने झटके से रीटा की कच्छी को केले के तनों सी रानों से नीचे सरका कर घुटनों तक खींच दी और फड़फड़ाती रीटा को जबरदस्ती स्कर्ट के नीचे से जन्मजात नन्गी कर दिया. कभी कभी उसे देख कर मन में लालच आ जाता था, कसे हुए चूतड़, मस्त चूचियाँ, जब झुकती थी तो बस आह निकल जाती थी.

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कुछ देर के मस्ती के बाद उन्होंने चॉकलेट निकाली और अपने मुँह में भर कर मेरे मुँह के सामने रख मुझे खाने का इशारा किया. फिर मैंने भाभी की मालिश करनी चालू की, पहले तो उनकी चूचियों को खूब मसला, फिर उनके सारे जिस्म की मालिशकरने लगा तो वह तड़पने लगी और सिसकारी भरने लगी. मैं उससे बात करती हूँ!और वे टीवी देखने लगीं।मेरी नज़र उनके मम्मों पर थी, मैंने उनसे कहा- भाभी आपने किसी से लव किया है।वो बोली- हाँ तेरे भाईसाहब से!मैंने कहा- गुड.

सलोनी- हाँ हाँ रहने दो… आपको तो हर ड्रेस देखकर यही कहते हो… आपको पता है न मेरी जॉब लग गई है…मैंने तुरंत आगे बढ़कर सलोनी को सीने से लगा एक चुम्मा उसके होंठों पर किया. ‘यहाँ!’ रीटा अपने उठते-गिरते चुच्चों की तरफ इशारा कर बुरी तरह शरमा कर हाँफती हुई झटके से राजू से लिपटती हुई बोली. एचडी बीएफ चाहिएअब मेरा खड़ा लंड आपकी चूत को मस्त कर रहा है देखा आआह्ह्ह… कितनी मस्ती से अन्दर-बाहर हो रहा है।मेघा- यार तुम मेरे लिए तो चुदाई के उस्ताद हो… बस चोदते रहो.

!यह कहते हुए मैंने उसके माथे को चूम लिया और मेरी आँखों से खुशी के आँसू निकल आए।बोला- हिम्मत नहीं हुई.

मैंने अपने लंड को उसके चूत से निकाला और अभी उसके मुँह में भी नहीं डाला था कि मेरे लंड ने माल छोड़ना चालू कर दिया. रीटा ने मस्ती में आकर राजू को अपनी सुडौल चिकनी टांगों और गोरी गोरी बाहों में दबोच लिया और अपने कोमल अंगों को जोर खरोश से राजू के जिस्म से रगड़ने लगी.

तो मैंने मेघा को बिस्तर के ऊपर किया और अब उनके ऊपर चढ़ कर चुदाई करने लगा।उनकी आँखें बंद थीं वो चुदाई का मजा ले रही थी।फिर मैंने इसी देसी तरीके से उसकी चुदाई शुरू कर दी, मेरा लंड अभी अन्दर ही था जिसके कारण मेघा फिर से तैयार हो गई।अब उनकी चूत में चिकनाई भी आ गई थी तो अब मैं लंड को तेजी से अन्दर-बाहर करने लगा।इसी कारण दोनों की सिसकारियाँ निकलने लगीं।‘लव ऊह. अमर जब थोड़े नरम हुए तो कहा- तो सुहागरात कैसी लगी?मैंने उनसे कहा- बहुत अच्छा लगा, ये सुहागरात मैं कभी नहीं भूलूँगी, आपने मेरी सील दुबारा तोड़ दी. मैं- जी हाँ, मगर तुम इतनी घबराई हुई क्यों लग रही हो, क्या तुम्हारा भी गला सूख गया है क्या…?पूजा ने शरमाकर अपना मुँह नीचे कर लिया.

मैं कभी एक चूचि को अपने मुँह में लेता और दूसरी को अपने हाथ से दबाता, और कभी दूसरी को मुँह में लेता और पहली को हाथ से दबाता.

!तो दोस्तो, बहन की गाण्ड मारने की कहानी फिर कभी लिखूँगा। मेरी कहानी कैसी लगी, जरूर मेल करना।[emailprotected]. !तो मैंने कहा- फ़्लर्ट करने का कुछ फायदा मिले, तो काम का है!वो शायद मेरे इरादे समझ रही थी और वो भी सबके लिए तैयार थी तो बोली- मैं आ तो जाऊँगी, पर मेरा क्या फायदा होगा और अकेले तुम्हारे साथ एक कमरे में. उसे बहुत अच्छा लग रहा था, वो मेरे सर को पकड़ कर जोर से अपने वक्ष पर दबाने लगी। अब मैं धीरे धीरे नीचे आने लगा, पर भाभी ने एकदम से करवट बदल ली और भाभी मेरे ऊपर चढ़ गई, मुझे चूमने लगी।हम दोनों एक दूसरे की जीभ चाट रहे थे.

बीएफ सेक्सी कुत्ता वालीसभी लड़कियों के नाम डिब्बे में डाल दिये! अब भाभी ने आदिल को एक पर्ची उस डिब्बे में से निकालने को कहा. राजा जल्दी से अपना लंड मेरी चूत में घुसा कर फाड़ दो उसे !और मैं ज़ोर से शॉट मारा तो मेरा पूरा लंड एक ही झटके में अंदर चला गया और उसकी चूत में से खून की धार बहने लगी, वो ज़ोर ज़ोर से चीखने लगी- मर गई….

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5 इंच का मोटा है। मुझे चुदाई की कहानियाँ पढ़ना बहुत अच्छा लगता है और मैं अन्तर्वासना का नियमित पाठक हूँ।मैं मुरादाबाद उ. लेकिन मुझे पास जरूर करवा देना !सर की पत्नी घर पर नहीं थी।सर- मेरे पास आओ !मैं सर के पास चली गई।सर– गोपी, मुझे खुश करना शुरू करो…मैं तो पास होने के लिए कुछ भी कर सकती थी इसलिए मैंने सबसे पहले सर के सामने अपने मम्मों को दबाया. मैं फिर शुरू हो गया मगर अब वो मुझसे खुल चुकीथी। उसने मेरा लंड अपने मुँह में लिया और चूसने लगी।क्या बात थी यारों.

कुछ ही देर बाद का नजारा यह था कि मेरा पूरा का पूरा लंड उसकी चूत की गहराइयों में उतर चुका था, अब उसने अपनी आँखें खोली, मेरी तरफ़ देखकर मुस्कुराई और मेरे ऊपर झुक कर मेरे माथे को चूम लिया. तो उसने मुझे रोक लिया और रात उसके साथ ही बिताने को कहा।कुछ देर की बातचीत और प्लानिंग के बाद मैं रात वहीं रुक गया।रात को सोते वक्त दो बार हमने चुदाई की और फ़िर रात को मुझे नींद से जगा कर एक और बार चुदाई करवाई।उसके बाद शनि-रविवार को या जब भी हमारा वक्त सैट होता. क्या मस्त गांड थी दोस्तों उस लड़की की, मेरा लंड जो कि काफ़ी देर से झटके मार रहा था अपने पूरे रंग में आ गया.

तब रीटा के हाथ अपने आप मोनिका की खोपड़ी पर कस गये और अब तो रीटा का दिल कर रहा था कि वह मोनिका को पूरा का पूरा अन्दर सटक ले. !तब मैं तौलिया लेकर कमरे में गया तो गुसलखाने के बाहर दरवाजे से उनका नंगा हाथ बाहर आया हुआ था। मैंने तौलिया पकड़ाया और साथ में उनके हाथ तो फिर छू कर वहीं खड़ा हो गया और उन्होंने थोड़ी देर बाद जैसे ही अपना हाथ पीछे खींचा, मैंने दरवाज़े को धक्का दिया और गुसलखाने में अन्दर घुस गया।मामी बोलीं- यह तुम क्या कर रहे हो. ये ले…’ चचाजी बोले और फ़िर हचक हचक कर काशीरा को चोदने लगे।काशीरा अब नीचे से ऐसे चूतड़ उचका रही थी कि जैसे उनके लंड को पेट में लेने की कोशिश कर रही हो।‘इमरान देख तेरी बीवी को तेरे सामने चोद रहा हूँ। क्या छिनाल रंडी है साली, देखो कैसे चूतड़ उचका कर मेरा लंड पिलवा रही है अपनी चूत में ! मुझे लगा था कि टें बोल जायेगी, तेरी चाची भी बेहोश हो गई थी सुहागरात में.

वह बार बार लंड को चूत में डालने के लिए कहने लगी तब मैंने देर न करते हुए पहले से ही लाये हुए कंडोम को अपने लंड पर चढ़ा लिया, फिर अपने लंड को उसकी चूत के होंठों के बीच में रख कर उसे अन्दर घुसाने की कोशिश करने लगा लेकिन उसकी चूत बहुत कसी हुई थी. यह तो दस साल से सीख रहा था।फिर मैंने कामसूत्र की तरह उसकी आँखों पर पट्टी बांधी और उसके दोनों हाथ बिस्तर से बाँध दिए।उसने कहा- यह क्या कर रहे हो.

परेशान नहीं कर रहा है बल्कि प्यार कर रहा है। तुम हो ही ऐसी मस्त कि तुम्हारी गाण्ड में ये घुसने का मन बना रहा है।रानी- मुझे नहीं मरवानी अपनी गाण्ड। अगर चोद सको तो मेरी चूत हाज़िर है।रणजीत ने उसे अपने आगोश में ले लिया मेरी जान मैं तो पहले तेरी चूत ही चोदूँगा आज.

अब भी कभी-कभी उसका फ़ोन आता है और मैं फ़ोन पर ही उसको चोद देता हूँ।यह थी मेरी जीवन की पहली और अभी तक की अंतिम कहानी !आपको मेरी कहानी कैसी लगी मुझे जरूर मेल करिएगा।. तेलुगु सेक्सी बीएफऔर उसने भी फोन रख दिया।मैं काफी थक गया था इसलिए जल्दी से घर पहुँचा।वहाँ सलोनी और मधु रसोई में काम करने में व्यस्त थे…कहानी जारी रहेगी !. देसी गांव की औरत की चुदाईइतने में पूजा वहाँ आ गई- ओ… तो देवर-भाभी की रास लीला शुरु हो गई, मेरी प्यारी सी चूत का भौंसड़ा बना दिया और अब दोनों मिल कर ऐश कर रहे हो. लगता है मैं 2-3 दिन ठीक से चल भी नहीं सकूंगी।”मेरी जान तुम तो मुझे रात को ही कहोगी… एक बार आ जाओ !” वो हँसने लगा। मेरी भी हंसी निकल गई।रात की बात रात को देखेंगे….

मेरे लण्ड को बहुत अच्छी तरह से चारों ओर से चूस रही थी…मगर मुझे यकीन था कि इतनी जल्दी लण्ड में ताकत उसके चूसने से नहीं, बल्कि सामने चल रहे नजारे ओर सलोनी की मस्ती देख ही आ रही थी…मेरे लण्ड को ना जाने क्यों?? ये सब बहुत भा रहा था.

!और फिर एक सीडी निकाल कर टीवी चला दिया, पहले थोड़ी देर जो देखा तो मुझे यकीन ही नहीं हुआ कि क्या ये सच है।मेरे सामने ब्लू-फिल्म लगी थी। मैंने तब उनसे पूछा- क्या ये सच में हो रहा है. दोनों तरफ से एक साथ धक्का लगने के कारण एक ही बार में लंड मेरी कुंवारी चूत को चीरता हुआ लगभग आधा अंदर चला गया और मेरी चीख निकल गई, आई माँ मर गई ऊऊफ़ आह मा माँ अ आ आअ आह बहुत दर्द हो रहा है, विक्की प्लीज अ आह आ नि. !तो मैंने कहा- चलो मेरे कमरे पर चलते हैं। तो उसने तुरंत ‘हाँ’ कर दी और बोली- सर मैं तो कब से इस दिन का इंतजार कर रही थी।फिर हम लोग मूवी को बीच में ही छोड़ दी और कमरे पर आ गए।कमरे पर आते ही मैंने उसको कसके पकड़ लिया और धीरे-धीरे करके उसके सारे कपड़े निकाल कर उसको पूरा नंगा कर दिया। क्या बदन था उसका… बहुत ही सेक्सी लग रही थी.

मैंने अन्नू की चूची को दबाते हुए कहा- मोनिका, तूने तो अपनी चूत पर वैसलिन नहीं लगाई थी?मोनिका ने कहा- मुझे तो मोटे बैंगन अपने चूत में डालने की आदत है ना! यह अन्नू की बच्ची तो सिर्फ मोमबत्ती ही डालती है अपनी प्यारी सी चूत में. उसके बाद मज़ा ही मज़ा है।मैं मुँह से कुछ नहीं बोली बस ‘हाँ’ में सर हिला दिया। अब पापा अपने लौड़े को आगे-पीछे करने लगे मुझे दर्द हो रहा था, पर मैं दाँत भींचे पड़ी रही।कुछ देर बाद मेरी चूत का दर्द मज़े में बदल गया। अब मेरी चूत में वही खुजली फिर से होने लगी थी, ऐसा लग रहा था पापा का लौड़ा आगे तक क्यों नहीं जा रहा।रानी- आहह. फिर अम्बिका बोली- यश, इसकी दादी तो उसी कमरे में सो गई जिस कमरे में हमें सोना था, अब यह इसके मम्मी पापा का कमरा है और हमें रात यहीं गुजारनी पड़ेगी, पर बेड एक ही हैं इसलिए हम तीनों को उसी पर सोना पड़ेगा.

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!अताउल्ला- क्या कर रही थी?अब मैं उन्हें कैसे बताती कि मैं एकदम नंगी उनके बाप के साथ अपने बेड पर हूँ और ससुर जी मेरी चूत में उंगली डाल रहे थे। मैंने उन्हें बड़ी मुश्किल से रोका हुआ था।मैंने कहा- मैं रसोई में काम कर रही थी. ’इस यात्रा ने मेरा निश्चय पक्का कर दिया क्योंकि उसके बेइंतहा सौंदर्य ने, उसके साथ की मदहोशी ने, उसके मांसल सीने को. और’ चिल्लाती रही और मैं भी लगातार धक्के मारता रहा।पहले कुछ 5 मिनट में मैं पहली बार झड़ गया।फिर दूसरी बार वो मेरा लंड चूस रही थी उस वक़्त मैं दूसरी बार झड़ गया। हम दोनों अब धीरे-धीरे थकने लगे थे।तो कुछ देर आराम करने के बाद मैंने उसकी चूत को चोदना चालू किया। सारा वक़्त वो ‘आ… आ.

पहले बता देते तो छत पे ही अपने हाथों से खिला देती।” प्रिया ने बड़े प्यार से एक तोतली आवाज़ में मेरे सर पे हाथ फेरते हुए मुझे अपने पास खींच कर अपने गले से लगा लिया।ह्म्म्म….

वी देख रही थी।फिर मैंने अपना हाथ उसकी जांघों पर रख दिया और सहलाने लगा। उसकी तरफ देखा तो वो लगातार मुस्कराते हुए टी.

मैं कहीं भागी थोड़े जा रही हूँ, तुम्हारे लिए ही तो हूँ।मेरी बातों का उस पर कुछ असर सा दिखने लगा और उसने मेरे कूल्हों को दबाते हुआ पूछा- ये बड़े और मोटे चूतड़ किसके लिए हैं?मैं समझ गई कि ये दवा का असर है, सो मौके को समझते हुए कहा- आपके लिए जानू।उसने कहा- अगर मेरे लिए हैं, तो मैं इन्हें खा जाना चाहता हूँ।मैंने कहा- ठीक है. ठीक है पर एक शर्त है और ये सिर्फ़ तुम पर निर्भर करता है अगर तुम मना करो तो कोई बात नहीं तुम घर जा सकती हो।सीमा कुछ कुछ इशारा तो समझ गई थी पर फिर भी उसने पूछा- जी सर बोलिए. 2021 का बीएफ सेक्सी वीडियोआप आइए।’‘वो घर पर कुछ अधिक काम था और बाबू जी भी अकेले थे तो उनको दूध देके फिर अब आई हूँ।’‘अच्छा चलो मेरे कमरे में यहाँ बैठिए।”घर पर कोई दिख नहीं रहा, बीना किधर गई है?’बीना सुरेश जी की पत्नी है।‘रत्ना भाभी जी.

दीदी ने बोला- ठीक है लेकिन ध्यान से आना-जाना !मैं बोला- ठीक है दीदी ! और आपको अगर जाना हो तो आप भी किराया दे आना उनके घर जाकर !दीदी ने अचानक से मेरी तरफ घूर कर देखा… मैंने बड़ा मासूम सा चेहरा बनाया…फिर वो भी बोली- वो भाई साहब खुद आ जाएँगे लेने जब लेना होगा उन्हें किराया !मैंने मन में बोला- मेरी बहना, मैंने तो तेरे दिमाग़ में अपना प्लान डाल दिया. मुझे माँ बना अपने बेटे की।फिर मैंने अपना सारा माल उसकी चूत में निकाला।हमारी चुदाई का सिलसिला जारी रहा। मैंने उसकी गांड भी मारी. काश मेरे रसभरे होंठों में किसी बहनचोद का मोटा फौलादी लन हो गले तक सटक के, आँखों में आँखे डाल कर चुसड़ चुसड़ कर मैं उसके लण्ड की झड़न के साथ, चूस कर ट्टटे भी पी जाऊँ.

मेरी इस हरकत का उसने कोई विरोध नहीं किया जिससे मेरी हिम्मत और बढ़ गई, उसने मेरा कोई विरोध तो नहीं किया पर मेरा साथ भी नहीं दिया बस ऐसे ही बैठी रही. अजमेर जाने से पहले वह मुझे अपन पता भी दे गई थी और कह गई थी कि जब भी उसके पति शहर से बाहर जायेंगे वह मुझे फ़ोन कर के बुला लेगी लेकिन अफ़सोस आज तक उसका फोन नहीं आया है.

लेकिन आपका तो बड़ा और मोटा है लेकिन जैसा मैंने कंप्यूटर में देखा है वैसा आज रियल में देख रही हूँ !मैं बोला- कंप्यूटर में कहाँ देखा है?तो गीता ने बताया- स्कूल में अकाउंट डिपार्टमेंट में हम 3 लड़कियाँ हैं.

जो अपनी भाभी को द्रौपदी की तरह नंगी करना चाहता है?’ भाभी मुस्कुराते हुए बोलीं।मैं भाभी की कच्छी में हाथ डाल कर उनके चूतड़ों को मसलते हुए बोला- नहीं भाभी. एक बार इनको तो दिखा दो वरना सपने में आते रहेंगे।रिया- ओह… तभी क्यों नहीं कहा? अब देर हो जाएगी… फिर देख लेना…मैं- फिर कब? पता नहीं मौका मिले या नहीं?रिया- क्यों अब नहीं आओगे? अरे सात दिन बाद शादी है और कई फंक्शन यहाँ भी हैं, आपको सभी में आना है, ओके… और हाँ शादी में जरूर साथ चलना, वहाँ बहुत मजा आएगा।मैं- क्यों? कहाँ जाना है? क्या बरात यहाँ नहीं आएगी?रिया- नहीं. पर मैं तुम्हें बताने से डरता था… पर तुम ये सब क्यों पूछ रही हो?मनीषा- असल में मैं भी तुमसे बहुत प्यार करती हूँ, पर मैं भी तुम्हें बताने से डरती थी। कहीं तुम बुरा न मान जाओ!मैं- अरे उसमें डरने की क्या बात है… चलो जो हुआ सो हुआ, अब तो हम एक हुए ना!मनीषा- हाँ.

बीएफ हिंदी ब्लू फिल्म सेक्सी मैंने झट से कहा- नहीं पापाजी, मुझे तो बिल्कुल भूख नहीं है, मेरा पेट तो आप की मलाई और सजा के आनन्द से भर गया है. सलोनी ने भी तो गाली दी थी… वो भूल गई… अगर तू देगी तो मैं भी दूंगा।शिखा रानी धीमी आवाज़ में बोली- तू राजे बड़ा कमीना है.

? हाँ वो मेमसाहब… वो तो वहाँ उसको 2-3 जने मिलकर… हा… हो… हो… हो…और मुँह दबाकर हंसने लगा…मैं उसकी ओर ध्यान ना देकर सीधे उस ओर बढ़ गया जिधर उसने इशारा किया था. पहली बार में ही चुदवाने में इतनी कुशल हो गई थी।मेरे अंडकोष के बार-बार ठोकने से उसकी चूत का निचला हिस्सा लाल हो चला था।जब-जब मेरा लंड पूरा अन्दर घुसता था और मेरी जांघ उसकी जांघों से टकराती थी. ??’ मैंने एक दिन शरारत करते हुए पूछा।वो कुछ नहीं बोली, मैं समझ गया कि मादरचोदी अभी भी पुराना लंड खाना चाहती है।‘शनिवार की रात को उसे फोन करके बुला लेना, दोनों साथ में होंगे तो तुझे रंडी बना देंगे। ऐसा चोदेंगे कि कभी नहीं भूलेगी।’निभा को तो जैसा मन की मुराद पूरी करने वाला मिल गया था, उसका चेहरा खिल उठा।मैं जो कर रहा था.

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फिर वो बोली- मेरे राजा, अब नहीं रहा जा रहा, तीन महीनों से नहीं चुदी हूँ, मेरी इस चूत की प्यास मिटा दो ना !मैं बोला- तो अभी लो आयशा जान !वो लेट गई, मैंने अपना लोड़ा उसकी चूत में थोड़ा सा ही डाला तो उसके मुँह से सिसकारियाँ निकलने लगी- आ… उ… आ. अब इतनी देर की चुदाई के बाद मेरा शरीर अकड़ने लगा था, मुझे लग रहा था शायद अब मैं छुट जाऊँगा, पर अभी मैं ये नहीं चाहता था, मैंने उसको अपने ऊपर से हटाया और बैड के किनारे पर बैठ कर लम्बी-लम्बी सांस लेने लगा. रीना तेरा ये जिस्म तो किसी का भी घायल कर दे मगर मेरी जवानी बस मेरे राजकुमार को ही दूँगी… हाय-हाय कब आएगा मेरा राजकुमार… कब मेरे चूचों को दबाएगा… कब मेरी बुर को चाटेगा… उफ्फ.

आंटी ने कहा- चाबी समीर ले गया है वो हमारे ही घर पे सो रहा है, तुम भाभी के साथ जाओ और मोनू को भी ले जाना उसको कल स्कूल भी तो जाना है. ’ हंसते हंसते हम दोनों बाथरूम में गये और एक दूसरे के अंगों को अच्छी तरह धोकर साफ किया, तौलिये से पौंछने के बाद कामना बाथरूम से बाहर निकली, मैं भी कामना के पीछे पीछे बाहर निकला।तभी मेरी निगाह कामना के नितंबों के बीच के संकरी खाई पर गई मैंने चलते चलते ही उसमें उंगली करनी शुरू कर दी।कामना कूद कर आगे हो गई और बोली- अब जरा एक बार टाइम देख लो।’मैंने घड़ी देखी, 3.

30 बजे सीमा और रानी शिवाजी पार्क पर आ गई थीं जहाँ दोनों रणजीत का इन्तजार कर रही थीं।सीमा आज साड़ी में थी। वहीं रानी जीन्स और टॉप में थी।रानी आज चुस्त जीन्स और टॉप में कयामत लग रही थी। उसकी चूचियाँ काफ़ी उठी हुई थीं और गाण्ड की तो पूछो मत.

करो, आज मैं सिर्फ आप की हूँ।’उसने मेरे चूतड़ों को थपकी देते हुए फैलाया, छेद पर थूका और पकड़ कर मुझे घोड़ी बना दिया।उसका लौड़ा फिर से खड़ा था।उसने जोर से लौड़ा गाण्ड में घुसा दिया और पेलने लगा।‘हाय फट गई मेरी. उसके कामरस में इतना उबाल था कि मैं भी पिंघल गया और पूरी तेज़ी के साथ चोदते हुए उसकी चूत में ही झड़ने लगा. वो झूमती हुई उठी, उसका पल्ला भी गिर गया था सो उसने साड़ी उतार दी और अन्दर स्केल लाने जाने लगी, उसको ब्लाउज-पेटीकोट में देखा तो मेरा नशा फटने लगा, वो स्केल से मेरा लंड नापने लगी तो वो 4 इंच का निकला।आंटी बोली- बस इतना छोटा.

थप’ की बड़ी जोर-जोर की आवाज़ें आती थीं।इस बीच रिंकी का बदन और दो बार झटके खा चुका था।अब मैंने लंड अन्दर ही रखते हुए उसे फिर उठा कर बिस्तर पर पटक दिया।पूरे शरीर का भार उसके नाजुक बदन पर डाल कर मैंने उसे अब रौंदना शुरू किया।लंड प्रचंड गति ले चुका था और पूरे 8-9 इंच लम्बा झटका ले रहा था।एक-दो बार तो लंड पूरा बाहर आकर फिर घुस गया. !तभी मैंने पैन्टी के ऊपर से ही उसकी चूत पर हाथ रखा और सहलाने लगा। उसने मेरा लण्ड पकड़ लिया और अचानक छोड़ दिया।मैं बोला- क्या हुआ जान?तो बोली- यह तो बहुत मोटा और बड़ा है. !मैंने धीरे से अपनी एक उंगली उसकी चूत में डाल दी, वो ज़ोर से चिल्लाई, मैंने फिर अपने कपड़े भी उतार दिए और अपना लण्ड उसके मुँह में डाल दिया।वो मेरे लण्ड के सुपारे को मुँह में लेकर ज़ोर-ज़ोर से चूस रही थी। वो इन सब मामलों में बड़ी खिलाड़ी लग रही थी। फिर मैंने उसकी चूत पर मुँह रखा और उसकी चूत चाटने लगा।वो ज़ोर-ज़ोर से सिसकारियाँ ले रही थी- आआह हहा हाआहा चोदो मुझे ज़ोर से चोदो मुझे.

मालिश करनी है !रीना- बाबा, यह पोजीशन सबसे अच्छी है, ऐसे ही कर दो !बाबा इसके आगे कुछ ना बोला और उसकी पीठ पर तेल डाल कर मालिश करने लगा। रीना सिसकारियाँ लेने लगी।रीना- आ उ उफ़फ्फ़ आह !बाबा- बेटी तेरे दिमाग़ के लिए तू यहाँ आई है.

भाई-बहन का बीएफ वीडियो: ! भैया दुकान पर चले जाते हैं और दोनों बच्चे स्कूल चले जाते हैं। मतलब उनके घर में दोपहर से पहले कोई नहीं आता है। भैया तो शाम को ही आते हैं। भाभी सारे दिन घर में अकेली ही रहती हैं। तो अकेले में मेरी उनसे मेरी काफ़ी बात होती है।उनकी उम्र 32 साल है और उनका फिगर 38-30-40 है। वे गोरी इतनी है कि हाथ लगाने से मैली हो जायें और उस समुदाय की महिलाएँ और लड़कियाँ तो होती ही है गाण्ड फाड़. अंदर चेक करने के लिए तो हैलमेट पहना पड़ेगा… हा हा हा… हो हो हो…दोनों पागलों की तरह हँसते हुए सलोनी को रगड़ रहे थे.

इसी तरह सारा दिन बीत गया, मैं उन सभी लोगों के सामने सारा दिन सरेआम नंगी होकर अपनी जवानी करते हुए खुद को ज़लील करती रही. उस रात जब सब लोग सो गए, मैं उसी तरह सुनीता भाभी के पास जाकर सो गया और मैंने तो फ़ैसला कर लिया था कि आज कुछ तो करके ही रहूँगा. ????? बस चाटी ही थी ना… चोदा तो नहीं था… अभी तो चलती गाड़ी में चोदने का भी मन है…सलोनी- हाँ फिर कहीं भिड़ा देना… अह्ह्हाआआ.

तुम ऐसा नहीं कर सकते।मैंने देर न करते हुए अपना एक हाथ उसके स्तन से हटा कर उसके लोअर के अन्दर डाल दिया। उसने लोअर के ऊपर से मेरा हाथ पकड़ लिया, पर मैं नहीं रुका। मैंने अपनी एक उंगली उसकी गीली चूत में डाल दी।वो एकदम से चिल्ला पड़ी- आआ…ई ईई.

मैंने सोचा कि पूजा एक कामुक लड़की है, अभी-अभी उसने जवानी में कदम रखा है, अपना लैपटोप सबसे छुपा कर रखती है तो पक्का उसके लैपटोप में रेलगाड़ी होगी. मुझे लगा कि वो चाहती है कि मैं अंकुर और दीपक को अपनी अधनंगी चुच्चियों पर हाथ लगाने दूँ इसलिए मैंने अपने दिल पर पत्थर रखकर खुद को और ज्यादा ज़लील करने का फ़ैसला किया, और दीपक का हाथ पकड़ कर अपनी चुच्ची के पास लाने लगी. अब तो राजू ने अपनी हथेली रज़ामंद रीटा की पानी पानी हुई चूत से चिपका दी और ऊपर से रीटा का एक चुच्चे की टौंटी को होंठों में ले जोर से पीने लगा.