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एक्स वाला वीडियो: बीएफ सेक्स किन्नर, देवर भाभी की चुदाई की यह कहानी बात उस समय की है, जब मेरी शादी तय ही हुई थी.

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मुझे दीदी ने बताया था कि तुम सेक्स के टाईम कभी कभी गांड भी मारते हो. कॉल गर्ल्सकविता का शरीर काफ़ी भरा पूरा है, चूचे बड़े बड़े लगभग 34 इंच के बिल्कुल पर्फेक्ट शेप के हैं। उनकी गांड चौड़ी और कमर पतली, जांघें मोटी गोल गोल, गाल गोरे गोरे, होंठ गुलाबी रंग के, बाल उसके घुंघराले हैं.

क्या करते हैं आप?मैंने फिल्मी स्टाइल में जवाब दिया- मैं एक बेरोजगार इंजीनियर हूँ, लोगों के टायर चेंज करता हूँ. नेपाली लड़की की सेक्सी34-26-36 की फिगर वाला कमाल का बदन जिस पर उसने सफ़ेद कमीज पहनी थी और अंदर का हल्के सफ़ेद रंग की ब्रा दिख रही थी और घुटनों के थोड़ा नीचे तक की स्कर्ट पहनी थी काले रंग की… उम्र तक़रीबन 31-32 के बीच की होगी लेकिन दिखने में 27-28 साल की लग रही थी.

आप तो जानते हैं कि दिसंबर में दिल्ली की सर्दियां कैसी रहती हैं? ऐसे ही एक शाम को हम दोनों सहेलियां घर पे बैठी बैठी उकता गयी थी.बीएफ सेक्स किन्नर: ताऊ के घर में इकलौता पुत्र होने के कारण उसकी शादी भी धूमधाम से की गई, जो कि समय से 6 महीने पहले ही कर दी गई थी.

वो बोले- रंजना तुम नहीं जानती, मैं तुम्हे कब से चोदने के सपने देख रहा हूँ.मैं कामुकता वश चुत में उंगली करती, लेकिन लंड का स्वाद जिस चुत ने चख लिया हो, उसे उंगली से क्या मजा मिलता!इसी दौरान मेरी मां की सहेली अपने पति के साथ हमारे शहर में घूमने आयी.

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कुछ देर में ही मेरी चुत से फ़व्वारा चलने लगा और मेरे साथ ही सुनील के लंड की पिचकारी भी चल गई.अगले दिन रक्षाबंधन था, उसने राखी बांधी और सभी अपना अपना काम करने लग गए.

एक दिन मैं घर पर अकेला ही था, तब भाभी आईं और मेरे मम्मी को आवाज देने लगीं. बीएफ सेक्स किन्नर हम दोनों बेडरूम में बैठ कर वोड्का पीने लगे और भाभी ने डिनर भी यहीं पर लगा लिया था.

वो इस वक्त इतनी अधिक हॉट माल लग रही थीं कि वहां के सब बुड्ढे और लड़के मेरी मॉम को ही देख कर आँखें सेंक रहे थे और ऊपर से कुछ को ये लग रहा था कि इतना हॉट आइटम विडो है, इस पर चान्स मार लो.

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ये तो मैंने खुद अपनी आँखों से देखा तुझे, कोई कहता तो मैं यकीन नहीं करती, तभी तो सब मोहल्ले की औरतें और लड़कियां सब अन्दर ही अन्दर कहती हैं कि तू चालू है. कुछ देर बाद मैं दीदी के ऊपर से उतर गया लेकिन दीदी नहीं चाहती थी मैं ऊपर से हट जाऊँ, दीदी ने मुझे मेरी पीठ से कस के पकड़ लिया और ऊपर से हटने नहीं दिया. फिर क्या था दोस्तो, मैंने उनके एक एक करके सारे कपड़े उतार दिए और मम्मों को मुँह में ले कर चूसने लगा.

अंधेरे में ही मेरी गांड टटोली और गांड के छेद पर लंड रख कर अन्दर कर दिया. जैसे ही मेडिकल स्टोर वाली भाभी गईं, तो वो अपना सामान उठा कर निकलने लगीं और उनका नोट नीचे गिर गया. मेरी बहन की चुदाई की रियल सेक्स स्टोरी पढ़ कर आपको मजा आया या नहीं, मुझे मेल करके बताएं!आपका आकाश सिंघानिया[emailprotected].

और अब इस तरह का कोई भी काम हो तो सीधे उसी से कहा करो बस थोड़ा घुमा कर कह दिया करो. अब तो रोज का यही काम हो गया था कि मैं अमित को 10-12 एसएमएस करके सोती थी. नमस्कार दोस्तो, मैं मयंक, आपके लिए एक मजेदार हिंदी में देसी सेक्स स्टोरी लेकर हाज़िर हूँ.

उसने कंडोम हटा कर मेरा लंड अपने मुँह में ले लिया और मैंने भी दो-चार धक्कों में ही सारा अमृत उसके मुँह में छोड़ दिया. काजल ने इठलाते हुए अपनी चूत पसारी और कहा- भाभी, मुझे भी बताओ ना प्लीज…सुरेश- और भाभी मुझे भी…मयूरी- हाँ, हाँ… तुम सब को बताऊँगी.

जब वो पूरी तरह गर्म हो गयी तो मैं अपना एक हाथ उसके बूब्स पे रख कर सहलाने लग गया.

मुझे अपने पुरूषत्व पर शक हो रहा था और भाभी मुस्कराते हुए अपने कपड़े ठीक करके चली गईं.

अब आंटी ड्राइवर वाली दिशा में मुँह करके खड़ी हो गईं और कंडक्टर वाली दिशा में गांड कर ली. भाभी मेरी तरफ देख कर हंसने लगीं और उनका चेहरा शर्म के मारे लाल हो गया. चचा जान ने दोनों हाथों से मेरे मम्मों को मसलना शुरू कर दिया और अपनी गरम जीभ मेरे निप्पल पे रख दी.

मैंने अपने लंड की टोपी को उसकी चूत के मुँह पर रखा और धीरे से अन्दर डालने लगा. तब मुझसे रहा नहीं गया और मैं दौड़ कर उनके पास पहुंच गया, ऐसे भी मैंने दो बजे तक इंतजार कैसे किया था वो मैं ही समझ सकता हूं।उनके घर पहुँचा तो आंटी ने मुझे बैठने को कहा, वो थोड़ी निराश सी लग रही थी, मैं भी नाराज था तो बातें कम ही हुई, और मैं जहां रोज बैठता हूं वहीं जाकर बैठ गया. विक्रांत कुछ और सोच नहीं पाया उसका हाथ अपने आप लन्ड पर चला गया और वो पूरी रफ्तार से मुठ मारने लग पड़ा.

जैसे ही मैं उसे किस करते नीचे पहुँचा, उसने मेरा सिर पकड़ कर अपनी चूत पर लगा दिया और बोली- चूस इसे.

मैंने उसकी चूत को किस किया और फिर उसे घोड़ी बना कर वहीं पर बहुत बुरी तरह चोदने लगा, मैंने उसके दोनों हाथ मामी वाली सीट पर लगवा दिए और फिर पीछे से उसे चोदने लगा. मेरे एक निप्पल को वो चूम रहा था तो दूसरे निप्पल को हाथों से मसल रहा था. मेरा एक इंच लंड अन्दर घुस गया, उन्हें थोड़ा दर्द हुआ लेकिन वो सहन कर गए.

लौंडों की भी मारी, लौंडियां भी चोदीं और का बताऊं अपन से बड़ी उम्र की भाभियन की चूत भी खूबई चोदीं और जो आपकी मारके गऔ ऊकी गांड भी मारी. थोड़ी देर तक उसकी पूरी चूत चाटने के बाद मैं खड़ा हुआ और मैंने उसको लंड चाटने को कहा लेकिन उसने मना कर दिया. वो नीचे से मेरा साथ दे रही थी और ज़ोर ज़ोर से करने को कहे जा रही थी.

तो मैंने उसकी चूचियों को कस कर दोनों हाथों से पकड़ा और एक ही झटके में जड़ तक लंड उतार दिया.

फिर हमने दिन भर चुदाई की, मैंने रात में भाभी मां को नंगी करके छत पर भी चोदा. फिर एक लम्बी सी सांस लेते हुए वो जल्दी से मुझे अपने से दूर धकेलते हुए बिस्तर से उठने का प्रयास करने लगी.

बीएफ सेक्स किन्नर मैं उससे बोला- मेरा लंड तो बार बार कहीं और जा रहा है, क्या करा जाए?तो वो बोली- अब जहाँ जा रहा है, इसे वहीं जाने दो. मैंने क्रीम लेकर उसकी गांड में भर दी और अपना लंड उसकी गांड में डालने लगा.

बीएफ सेक्स किन्नर भीड़ की वजह से लोग धक्का मारने लगे, तो आंटी भीड़ के कारण साइड में नहीं हो पा रही थीं. सुरेश भी नीचे से अपनी गांड उठा उठा कर चुदाई के इस खेल में मयूरी का पूरा साथ देने लगा.

मैंने एक हाथ से अपना लंड पकड़ा अपने दूसरे हाथ की उंगली से उसकी चूत का छेद ढूँढ कर लंड छेद पर लगाया, अन्दर डालने की कोशिश की, पर अन्दर नहीं गया.

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वो लौंडा यह बात सुन कर बोला- चाचा जैसा जबरदस्त लंड असफेर में कितऊं नईंया, केवल झांसी से एक नईम ड्राइवर है, ऊको भी ऐसई भयंकर लंड है. अब आगे की सेक्स कहानी अगले पार्ट में सुनाऊंगी, तब तक आप जल्दी से अच्छे अच्छे कमेंट्स मेरी आईडी पर करो. मैं भी डर गया पर उनकी ननद को देख मेरा लंड खड़ा हो गया और खड़ा लंड पैन्ट के ऊपर साफ़ दिख रहा था.

इस पर वो थोड़ा मुस्कुराए, उनकी मुस्कराहट इतनी प्यारी थी कि मुझसे रहा नहीं गया. फिर मेरी सास ने मेरे मुँह में अपना मुँह दे दिया और हम दोनों ने रिया का रस पी लिया. जब मैं ही अपनी नयी माँ के मम्में घूर रहा था तो फिर वो दर्जी कैसा रुकता.

बहुत से तो नहाते हुए भी बाथरूम में कहीं ना कहीं छेद करके देखते हैं और मुठ मारते हैं.

वहां कोई लाईट तो नहीं थी मगर इधर उधर सजावट की लाइटें लगी थी तो देख सकने लायक पर्याप्त रोशनी बगीचे में थी. पति ने चोदना छोड़ दिया तो अपनी वासना की पूर्ति के लिए और धन अर्जन के लिए मैंने अपने तन का सौदा करने का फैसला किया. मैंने अंदर चड्डी नहीं पहनी थी तो पैंट उतार कर मेरी चूत यानी भाई अपनी बहन की चूत में अपनी जीभ लगा कर चूसने लगा.

इतने में उन्होंने मुझे झिड़क दिया और मैं हट गया, मगर वो फिर से हंसते हुए बाहर चली गईं. चूंकि अब तक हम लोग व्यस्क चुटकुले सुना कर एक दूसरे के सामने लंड चूत भी खुल कर बोलने लगे थे. उसके लिए जो भी करना पड़े, मैं कर जाती और इसमें तो मज़ा मुझे भी आ रहा था.

फिर मम्मी शाम 3 बजे दूसरे घर गयी जहाँ हम हमारी गाय रखते हैं, वहाँ से मम्मी पूरा काम करके ही आती हैं तो हमारे पास डेढ़ दो घंटे का समय था. शिखा- गलती… हो… गई… प्लीज… छोड़… दे!सन्नी- बस दीदी, जितना दर्द होना था हो चुका, अब तो मज़ा ही मज़ा है.

उसके जिस्म पर पड़ती हल्की सी सूरज की रोशनी में वो और भी क़यामत लग रही थी. पर मैं रुका नहीं; मैं धीरे धीरे आगे पीछे होने लगा और और वो भी उस दर्द के मज़े ले रही थीं. पर अखबारों में घटनाएं पढ़ कर तथा कुछ और जानकारी होने पर मुझे भी यकीन हो गया कि वाकयी ये सब सच है.

अब तक की मेरी इस इंडियन सेक्स कहानी में आपने जाना था कि अमित ने मेरे साथ चिपक कर खूब किस किये मेरे मम्मों को मींजा और अपने लंड का माल मेरी टांगों में निकाल कर अपनी उंगली से मुझे वीर्य का स्वाद चखा गया, मैं सोने का नाटक करती रही.

हालांकि उस समय मैं सेक्स के बारे में कुछ ज्यादा नहीं जानता था और न ही मेरे मन में काया भाभी के लिए कुछ गलत था, पर मेरा लंड जब कभी खड़ा जरूर हो जाता था. वो भी बोल रही थी कि वो पूरी नंगी वॉशरूम में कमोड पर बैठ कर फिंगरिंग कर रही है. ये सब मैं जानता था क्योंकि मोनिका को मैं अब अपनी इज्जत समझने लगा था और उसके बारे में उसके भाइयों से सब जानने लगा.

दूसरी ड्रेस थोड़ा ज्यादा नीचे तक थी, घुटनों से थोड़ा ऊपर और इसकी खासियत यह थी कि इसमें बाईं तरफ वाला हाथ पूरी तरह से कपड़े दे ढका हुआ था. वो घुटने मोड़ कर जांघें खोल कर अपने दोनों हाथों से अपनी चूत खोल कर लेट गई और मैंने अपना लंड उसकी चूत पर सैट किया और एक झटका दे दिया तो उसकी गीली हुई पड़ी चूत में मेरा पूरा का पूरा लंड जड़ तक समां गया.

तभी वो मेरे ज़्यादा ही पास आई और मेरे कंधे पर सिर रख कर शांति से चुपचाप बैठी रही. फिर रिया ने ब्रा और पैन्टी भी खोल दी, अब मेरी सास बिल्कुल नंगी थी और फिर मैंने रिया का शर्ट और फिर सलवार उतार दी, अब रिया ब्रा पैन्टी में थी, रिया की ब्रा पैन्टी गुलाबी कलर की थी. और हम रेडी हो गए।मैंने आज ऑरेंज रंग की साड़ी और डीप नैक ब्लाउज पहना था.

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तो आरजू उससे बोली- मादरचोद, तुझसे तो कुछ होता ही नहीं है!अब विनीत चुप हो गया और आरजू ऐसे ही चुदती रही और विनीत से बोली- मुझे कपड़े पहना दो, जब तक मेरा ट्रेन में एक भी पैर है, मेरी चूत में राज का लंड रहेगा।विनीत ने उसे कपड़े पहनाए लेकिन मेरा लंड उसकी चूत में ही रहा.

मैंने कहा- अन्नू मेरी जान, तेरी चूत के चक्कर में मेरा लंड फूल कर कुप्पा हो गया है. मैंने बोला- क्या देख रहा है आकाश?तो आकाश बोला- विशाखा तुम इन कपड़ों में बहुत ही अच्छी लग रही हो. मेरी बहन ने अपने भाई के लंड को हाथ में ले लिया और कहने लगी- क्या लंड है भैया जैसा कि ब्लू फिल्म में होता है.

अमित- अरे यार तुम मेरी गर्लफ्रेंड नहीं होती तो उसे ही बनाता, वो तुमसे बहुत ज्यादा सेक्सी है. फिर वो तैयार हो कर चली गई और बताया कि मैं कल सुबह आउंगी, तुम पढ़ने के बाद सो जाना. होल मार्का सोनादोस्तो, अन्तर्वासना पर ये मेरी पहली कहानी है, बीवी की सहेली की इन्दिना चुत की चुदाई की…मेरा नाम समीर है, उम्र 27 साल, लंड की साइज़ 7.

वो मेरे अचानक हमले को समझ पाती, तब तक मेरा लंड चूत की गहराई में उतर गया। उसकी आवाज मेरे होंठों में दब गई मैं उनके चुचों को मसलते हुए लंड अंदर बाहर करने लगा. मैं पहली बार लिख रहा हूँ तो कोई ग़लती हो जाए या बोरिंग लगे तो भी पूरी घटना पढ़ना ज़रूर.

अमित- ठीक है पर होगी कैसे?मैं- दो दिन बाद मैं (मतलब दिव्या) एक पार्टी में जाऊँगी और मिनी नहीं जाएगी. हमारे पड़ोस में एक परिवार रहता था, अंकल आंटी के साथ उनकी दो जवान लड़कियां थीं. मैं पहले ही इतना उत्तेजित हो चुका था कि उसके मुँह में दो तीन बार आगे-पीछे करते ही मेरे लंड ने अपना सारा रस उगल दिया.

यदि उसे ऊपर बढ़ाते तो पैंटी दिख जाती, अगर नीचे खींचती तो चूचियां ज्यादा दिखने लगतीं. मैंने उसे कहा- सॉरी यार, गलती से बोल दिया… लेकिन सच में मैं पसंद करता हूँ तुम्हें और अगर तुम चाहो तो हम…मुझे बीच में रोक कर उसने कहा- हम साथ होंगे या नहीं, ये तो मैं नहीं जानती लेकिन मैं आपके साथ जब तक हूँ आपकी ही रहूँगी. मेरा नाम सनी है, ये कहानी उस टाइम की है, जब मैं अपने इस फ्रेंड राकेश के पढ़ाई करता था.

ये सुनकर वो चिल्लाने लगी- मैं तेरी बहन हूँ, ऐसी बातें तू सोच भी कैसे सकता है.

एक दिन भाभी अपने कमरे में आराम कर थीं तो मैं भी उन के पास चला गया और हँसी मजाक करने लगा. मुझे अब पता चल गया था कि विक्की मेरे किस रूप को देखना चाहता था और मुझे भैया का भी डर नहीं था, तो मैंने तुरंत पहन ली.

ये सब शुरू हुआ मेरी तबियत ख़राब होने के दौरान! पापा ने मुझे एक सफ़ेद रंग की दवाई दी और बोला- इसे सटक जाओ, इससे तुरंत ठीक हो जाओगी. मैं हंसा- मेरी जान मुझसे क्या शरमाना… अभी तो बड़ी उछल उछल कर चुत की चुदाई करवा रही थीं… अब कैसी शर्म!भाभी मेरी तरफ गुस्से से आईं और बोलीं- बदमाश… कितना बेशरम हो गया है तू?मैं बोला- अरे जान… मुझे भी ज़ोर की लगी है… क्यों ना साथ में ही मूत लें. पर ड्रेस अच्छी थी और मुझे पसंद भी थी क्योंकि मुझे इस तरह के कपड़े पसंद थे, जिसमें जिस्म दिखे.

मुझे पता था कि वो ड्रेस मेरी है तो मुझे किसी से पूछना तो था नहीं इसलिए मैंने तय किया कि वही ड्रेस पहन कर पार्टी में जाऊँगी. फिर मैंने धीरे से लंड का टोपा उसकी चूत के छेद पर टिकाया और एक धक्का लगा कर अंदर पेल दिया, उसकी एकदम से चीख निकल गई. इधर सिराज ने मेरे चहरे पे चुम्बनों की झड़ी लगा दी, इतनी कि उसके थूक से मेरा पूरा चेहरा गीला हो गया.

बीएफ सेक्स किन्नर अब मैं भी छूटने वाला था, मैंने रश्मि को बोला- लंड मुँह से निकाल दो, मेरा छूटने वाला है. पूरे ज़ोर से वो अपना लंड मंजरी की चूत के अंदर मारता, मंजरी को लगता जैसे पुलकित का लंड उसके पेट तक पहुँच जाता हो.

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तो दोस्तो, कैसे लगी मेरी मॉम की चुदाई की आँखों देखी कहानी, अपने रिप्लाई मुझे मेल जरूर करें. गले से लगने के बाद उससे सॉरी बोल देना कि मुझे लगा कि दिव्या आ गई है, वही इस ड्रेस को पहने है. चुदाई स्टोरी का पिछला भाग :शादी से पहले सुहागरात-1मेरी बीवी शादी से पहले मुझ से कैसे चुदी थी.

मुझे मेरे भाभी के साथ पूरे शहर में घूमना है, शॉपिंग के लिए, होटल में खाना खाने के लिए, फिल्म देखने के लिए… और ये सब करते हुए सार्वजानिक जगह पर भाभी की चूची को, भाभी की गांड को और भाभी की चूत को किसी के नज़र से बचा कर छूना चाहता हूँ. वह मेरी और देख कर बोली- ओह शिशिर देखो ना सुनील और सबीहा को कैसे मज़े से चोद रहा है. देहाती देवी सेक्सी वीडियोवो मेरे छाती के बालों से खेलती रही और बोली- आज तुमने मुझे बहुत मजा दिया है.

अभी तक इस कहानी के पिछले भाग में आपने पढ़ा कि मैं तनु की मम्मी से सेक्स की बात कर रहा था.

इन दो अंडर गारमेंट्स में उनके मोटे मोटे चूचे और बड़े बड़े चूतड़ देख के लंड खड़ा होने लगा. पर मेरे दिमाग़ में तो कुछ और ही चल रहा था, इसीलिए मैं बोला- अरे तुमने इतनी मेहनत की है, तुम थक गई हो मैं लगा दूँगा.

फिर तुम संतुष्ट कैसे होती हो?मीना- कहाँ होती हूँ भैया, ऐसे ही तड़पती रहती हूँ. कॉफी खत्म हुई तो सिमरन ने कहा- लाइए मैं आपका फॉर्म फिल अप कर देती हूँ, बस आपसे मैं जो जो पूछती जाऊँ, आप मुझे वो बताते जाना! ओ. मैंने वैसा ही किया और इधर मैं लगातार भाभी के दूध चूस रहा था, जिससे भाभी को दर्द में थोड़ी सी राहत मिली.

फिर वो मेरे पैरों के पास गया, चादर हटा दी और पैर पर हाथ रखके ऊपर की तरफ खिसकाने लगा.

मैंने उसकी ब्रा को भी खोल दिया फिर उसके चूची को जोर जोर से चूसने लगा. मुझे पता था महेश क्या कहना चाहता है मगर मैं अनजान बन कर उसके मज़े लेने लगी और जब बहुत हो गया तो महेश ने मुझे ‘आई लव यू. फिर मैंने बरमुडा पहना और बाहर आ गया, उसके बाद तो मैंने उसे पूरे दिन अपनी गोद में उठा उठा कर चूमा और बूब्ज दबाये और चूसे पर उसने चूत को टच नहीं करने दिया.

किलर का जींसमैंने पूछा- क्यों क्या हुआ?भाभी जी बोलीं- मैंने जो गारमेंट्स लिए हैं उसमें एक पीस छोटे साइज़ का निकल आया है, उसे चेंज करना है. मैं अपनी बहन से बोला- अब कैसे होगा? ये तो जा ही नहीं रहा?वो भी बहुत उतावली हो रही थी, तो मैं उससे बोला- अब जिस छेद में जाता है, तो जाने दो उसी में!और मैंने उसे घोड़ी बना कर उसकी चूत के छेद में ट्राई किया लेकिन मेरा लंड बार बार फिसल कर उसकी गांड पर ही लग रहा था.

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मैं जन्नत का मजा लेने लगा और कोई 5 मिनट बाद मैं उसके मुँह में झड़ गया. मैं वापस लौट कर उसे अपने साथ फिर से बाइक पर बैठा कर अपने घर की तरफ चल दिया. मैंने पूछा- आज तुम अपनी फ्रेंड के साथ नहीं जाओगी क्या?उसने बताया कि उसकी फ्रेंड की माँ की तबियत ख़राब के कारण वो अपने घर चली गई है.

मैं अपने दोनों हाथों में उसकी एक एक चुची पकड़ कर सहलाने लगा, मसलने लगा. मेरी बीवी रानी को झांटों वाला लंड ज्यादा पसन्द है क्योंकि वो कभी इसे मुंह में नहीं लेती बस चुदवाते टाइम उसे अपनी कमर उठा उठा के अपनी चूत का दाना मेरी झांटों से रगड़ने में बहुत मज़ा आता है और वो ऐसे करते हुए अच्छे से झड़ जाती है. उसने भी अपनी पेन्ट उतार दी, वो बोला- माया, मेरे लंड को थोड़ा थूक से गीला तो करो.

वैसे भी इतनी टाइट स्कर्ट थी और इतनी छोटी थी कि शायद उसमें एक दो उंगली भी सही से ना जाएं. पहले तो मॉम ने मना कर दिया लेकिन ज्यादा जोर देने पर लंड चूसने को राजी हो गईं, मेरी मॉम वहीं नीचे अपने पंजों पर बैठ गई और उस लड़के के लंड को अपने मुंह में ले लिया. मैंने कुछ और टुनयाया तो बाद में भाभी मान गईं और बोलीं- पहली बार में उस दिन बहुत दर्द हुआ था.

अब अमित चूचियां इतने तेज दबा रहा रहा कि गांव में उस लड़के ने भी ना दबाई थीं. मैं सोच में पड़ गया कि खाना खाने बुलाने में पड़ोसियों को क्या प्रॉब्लम हो सकती है.

कर…रहा…है…!!?” कहते हुए ममता जी धीरे से फिर से फुसफुसाई मगर तब तक मैंने ममता जी को अपनी बाँहों में भर लिया, मेरी इस हरकत से ममता जी एक बार तो जैसे सहम सी गई, ममता जी को मुझसे इतनी जल्दी इस तरह की हरकत की बिल्कुल भी उम्मीद नहीं थी इसलिये वो‌ बुरी तरह से घबरा गयी थी। डर व घबराहट के कारण कुछ देर तक तो उनके मुँह से आवाज भी नहीं निकल सकी और वो गुमसुम सी हो गयी.

तभी मैंने दीदी के हाथ छोड़ दिए और दीदी की पीठ पर अपने हाथ रख के दीदी को नीचे दबा लिया ताकि वो उठ ना सके और साथ ही अपने जिस्म को थोड़ा हवा में भी उठा लिया ताकि स्पीड तेज कर सकूँ. मूवी फिल्म सेक्सी वीडियोमैं अपना पूरा मुँह में उसकी चूत लेकर चूसने लगा वो बहुत ज़ोर ज़ोर से सिसकारियाँ लेने लगी, उसने ऐसे ही अपना सारा पानी मेरे मुँह पर छोड़ दिया. काजल टिक टॉकमैंने घर पहुँचते ही वर्षा से पूछा- हमारे घर का काम कहां तक पहुँचा?वर्षा बोली- दीदी पुराना मकान तोड़ दिया गया है और नए मकान की अभी दीवारें बन गई हैं, अब छत बनेगी. तब मैंने उसे आगे पढ़ने का सुझाव दिया जिससे मन लगा रहे और इधर उधर की बात में ध्यान ना लगे.

मॉम ने अपनी चुदास के चलते मुझे कुछ नहीं कहा और वो मुझसे कुछ डर भी गई थीं.

उस दिन के बाद मैं बहुत खुश हुआ और इस तरह से मैंने प्यासी मकान मालकिन भाभी की प्यास बुझा दी. वैसे मैंने उसे एक बार मेरे मामा की लड़की के साथ रात में हरकत करते हुए देखा था लेकिन मैं उस टाइम कुछ नहीं बोली थी. मैंने कारण पूछा तो बहुत जोर देने पर उसने बताया:उसके भाई का एक दोस्त पड़ोसी गांव का है, वो उनके घर आता जाता था.

अंकित भी माया की चुत की गर्मी सहन नहीं कर पाया और माया की चुत में झड़ते हुए माया के ऊपर गिर गया. फिर मैंने धीरे धीरे धक्के लगाने चालू किए और फिर एक जोर के धक्का दिया, जिससे मेरा पूरा लंड उसके अन्दर चला गया. मैं अपने दोनों हाथ चचा जान के सर में डाल कर अपनी चुत में जोर से दबा रही थी.

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मैंने उसकी गांड को पीछे से पकड़ा और जबरदस्त झटके लगाने शुरू कर दिए. 15 मिनट में वापस उसका कॉल आया, मैंने विंडो से देखा तो नीचे ऑटो में एक लड़की थी पर वहां से वह लड़की सही से नहीं दिख पा रही थी. हम दोनों की चुदाई की वासना इतनी अधिक बढ़ चुकी थी कि जब कभी बच्चे थोड़ी देर के लिए खेलने जाते, मैं उतने ही वक्त में मामी को चोद लेता.

दीदी ने अपने हाथ की फिंगर्स को मेरे बालों में बड़े प्यार से सहलाना शुरू कर दिया था.

मेरी सेक्स कहानी लिखने में मुझसे कोई गलती हुई हो तो माफ़ करना, दोस्तो, मुझे आपके मेल्स का इंतज़ार रहेगा.

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कॉलेज में हम दोस्त थे, फिर प्यार हुआ और मेरे पेरेन्टस ने मना कर दिया तो हमने कोर्ट मैरिज कर ली. मैंने मोनिका को धीरे से सीढ़ी पर लिटाया, उसके सर के नीचे अपना एक हाथ लगाया. और हम ड्राइंग रूम में आकर बैठ गए, बातें करने लगे!कुछ देर बाद मेरा दोबारा चुदाई का मन किया पर उसको ज़्यादा दर्द था तो अपनी जान को दर्द में मैं नहीं देख सकता था तो उसे मैंने बाइक से घर के पास छोड़ दिया।यह मेरी पहली स्टोरी थी बिना मिर्च मसाले के साथ… जो लिखा है, वही हुआ था, यही सत्य था.

अब सुनील अपनी उंगली को मेरी चिपकी जांघों पर लाकर मेरी चुत सहलाने लगा था. दोस्तो, मैं आगरा से 25 वर्षीय वीशु कपूर नाम का एक सजीला नौजवान हूँ लेकिन पिछले कुछ महीनों से अपनी मौसी के साथ अहमदाबाद में रह रहा हूँ और वहीं एक रेणुका लेडीज मसाज पार्लर में एक मसाज बॉय की हैसियत से काम कर रहा हूँ.

बस मुझे और मेरी मॉम को पता था, लेकिन मॉम को ये नहीं पता था कि वो मैं हूँ, उसको लगा कज़िन है.

कुछ देर के बाद मैंने सोचा कि बस अब बह्बुत हो गया ये चूसना चाटना… अब असली काम पर आते हैं… मैंने आंटी को बिस्तर पर चित लिटाया और लण्ड उनकी चूत पर रगड़ने लगा. इतना कह कर मैंने लेटे लेटे ही उनकी टाँग उठाकर धीरे धीरे लंड भाभी की चूत के अन्दर घुसा दिया क्योंकि ज़्यादा ताक़त तो मुझमें भी नहीं बची थी. पेल दो अपना लंड इसमें…मैंने भी ज्यादा देर ना करते हुए उसे अपने दोनों हाथों से चूत के पट खोलने को कहा.

अन्तर्वासना मस्तराम मैंने पूरा वीर्य उसके गांड में डाल कर वहीं रखी एक कुर्सी पर बैठ गया. उसकी ड्रेस इतनी छोटी थी और ऊपर से उसके बड़े-बड़े चूचे… मैं तो बस उन्हें ही निहारता रहा.

”क्यों तुम्हारा नाम विकी हो सकता है तो मेरा उषा क्यों नहीं?”क्योंकि मेरा नाम विकी नहीं, विक्रांत है… विक्रांत राठौर!”बड़े खराब हो राठौड़ जी…”अकीरा, प्लीज जी मत बोलो. मैंने कहा- चलो, अच्छी बात है, ऐसी सुन्दर महिला के घर जाने का मौका क्यों छोडूँ!रास्ते में थोड़ा और बातचीत करते करते हम उनके घर पहुंच गये… उनका घर अच्छा खासा बंगला था. अब मैं अपने काम में लग गया, मैंने डिग्गी से स्टेपनी, जैक पाना वगैरा निकाले और जैक चढ़ाने में लग गया.

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मैंने गांड में लंड अंदर बाहर करना शुरू कर दिया और मामी को दर्द से भरा मजा आने लगा. मम्मी का हाथ ब्रायन के हाथ में देते हुए अंकल ने कहा- नहीं बिल्कुल नहीं. मेरे मामा दिल्ली में रह कर अपना बिजनेस देखते हैं और मामी एक प्राइवेट स्कूल में टीचर हैं.

हम लोग अब ज्यादा बात चीत करने और मिलने लगे थे, मुझे आकांक्षा के साथ रहना अच्छा लगता था और शायद उसे भी मैं पसंद था. उन्होंने कहा- अब और कितनी गीली करोगे मेरी चूत तो पहले ही रसीली हुई पड़ी है.

उसी दिन रात को साढ़े नौ बजे के करीब मेरे फ़ोन पर कॉल आई तो मैंने फोन उठाया, उधर से एक लड़की बोली- हैलो.

तभी मेरे घर की डोरबेल बजी, हम दोनों डर गए, मैंने उसे जल्दी से बाथरूम में भेजा और खुद देखने गया कि कौन है. अब मेरी जीभ उसकी चूत को लपलप करके चाटने लगी और जितनी गहराई तक भीतर जा सकती थी जाकर चूत में तहलका मचाने लगी. मेरा एक इंच लंड अन्दर घुस गया, उन्हें थोड़ा दर्द हुआ लेकिन वो सहन कर गए.

मैं काफी देर बाद ऊपर जाने लगी तभी कपड़ों के बीच मौसी किसी से बातें कर रही थी. यही मिश्रण उसकी चूत से निकला, जिसे देख कर वो डर गई तो कभी वो मेरे लंड को देखे तो कभी अपनी चूत को… तो कभी बैड की उस चादर को जिस पर खून का एक लाल घेरा बन गया था. उसके पति का लंड मोटा मगर ज़्यादा सख़्त ना होने की वजह से अन्दर डाल नहीं सका था.

आकाश ने कहा- देख विशाखा, तेरे साथ मैं ज़िंदगी गुजारने को तैयार हूँ, तुझे घबराने की ज़रूरत नहीं है.

बीएफ सेक्स किन्नर: करीब एक महीने बाद हम एक दूसरे के बहुत करीब आ गए और फिर हम दोनों ने ही फिर से लोनावाला जाने का प्लान बनाया. साथ में मैं अपने लेब्रा कुत्ते को भी ले जाने लगा, उसका नाम मैंने मैक्स रखा हुआ है.

जब वो पूरी तरह से गर्म हो गई तब मैंने उसकी जींस के ऊपर से ही उसकी चूत पर हाथ रखा. फिर रमेश ने मयूरी को खड़ा करके उसकी एक टांग सोफे पर रखा और खड़े-खड़े ही उसकी गांड में अपना लंड घुसा दिया. जैसे ही मेरी और बॉबी भैया की नज़र मुझ पर पड़ी, तो वो खाना छोड़कर मुझे गले मिले और उन दोनों ने मेरा खूब स्वागत सत्कार किया.

मैं भी अब नशे में जैसे रहने लगी थी मुझे खुद की तारीफें अच्छी लगने लगी थीं तो मैंने ऐसा कह दिया.

मैंने गीतांजलि से कहा- गीतांजलि, सिर्फ और सिर्फ तुम्हारी वजह से ऐसा जिस्म भोगने को मिला है, इस काम के लिये मैं तुम्हे इनाम देना चाहता हूँ और वो इनाम यह है कि मैं आज की तुम्हारी चुदाई फ्री में करूँगा. कुछ यों ही इधर उधर की बातें हमने की और हम अपने गन्तव्य पर पहुँच गए. मैंने व्हिस्की की दो बोतलें गाड़ी में रख ली और हम अपने अनजान सफर पे निकल पड़ी.