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अब मैंने अपनी बनियान भी उतार दी और दीदी को पलंग पे लेटा कर उनसे चिपक गया. हिंदी ब्लू फिल्म वीडियो में दिखाएंऔर उसकी एडजस्टमेंट देख समर ने बाकायदा दोनों उंगलियां पूरी उतार दीं।फिर पहले कुछ देर तो मुझे भी लगा कि छेद सख्त है और उंगलिया पूरे कसाव में अंदर जा रही हैं लेकिन धीरे-धीरे वह भी आसानी से अंदर बाहर होने लगीं।अहाना फिर सी… सी…” करने लगी थी।जब उसकी दोनों उंगलियां तेजी और सुगमता से चलने लगीं तो उसने अहाना को हटा दिया।अब तू आ.

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मेरा मन भी भजिया पकोड़े खाने का हुआ तो मैंने हंस कर हां कर दिया, लेकिन ये नहीं कहा कि मैं भी खाऊंगा.बापू आहिस्ते आहिस्ते अपनी बेटी पद्मिनी की जवान कुंवारी चुत की पंखुड़ियों को अपनी उंगलियों से आराम से खोलते हुए अपनी जीभ को चूत के उन मुलायम हिस्सों पर फेर रहा था.

उसने अन्दर स्काइ ब्लू कलर की ब्रा और पेंटी पहन रखी थी और गजब की माल लग रही थी. हिंदी बीएफ धकाधक तभी मनोहर बोला- ओह मेरी रंडी वन्द्या, मेरे लंड का काम तमाम होने वाला है.

ऐसे ही 14 फरवरी आ गई और मैंने उससे काफी शॉप में मिलने का प्रोग्राम बनाया.

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और वह बहुत मस्त हॉट सेक्सी लड़का है, अंकित का लंड तो मेरे से भी मस्त है, तुझे उससे चुदना हो तो बता, मैं बुला लूंगा. दोस्तो, मैं आपका दोस्त हर्ष दिल्ली से आपके लिए अपनी एक आपबीती ले कर आया हूँ. मेरी माँ इन्कम टेक्स डेपार्टमेन्ट में अफसर हैं और पापा का अपना बिज़नेस है.

मैं- तो क्या तुम्हें भी चाहिए मज़ा तो खुल के बोलो न?निक्की- अब चाय पिलाओ, यह गर्म हो गया है. मेरी चाची की चूत चुदाई की कहानी के पहले भागकामुकता के घोड़े पर सवार चाची को चोदा-1में आपने पढ़ा कि कैसे मैंने अपनी चाची को उसके बॉयफ्रेंड के साथ रेस्तराँ में देखा. तब तक इस कहानी की आपकी प्रतिक्रियाएं हमें[emailprotected]पर जरूर भेजिएगा.

मैं उनके लिए एकदम देसी घी का ड्राइ फ्रूट डाल कर गर्म गर्म दूध बना के तैयार थी. मैंने भी देर न करते हुए कैमरा को कुछ ऐसे सैट किया कि फिल्म बनती रहे. तेरा लौड़ा बहुत मस्त है, लगता है बस तू मुझे चोदता ही रहे उंहहह ऊंहहह उंहहह दिनेश आहहहह.

करीब 12 बजे बुआ जी का फोन आया, उन्होंने गुस्से में कहा- गाड़ी निकालो, मुझे कुछ मार्केट में काम है. हमने फिल्म देखना स्टार्ट किया, कुछ ही देर में फिल्म में हॉट सीन स्टार्ट हो गए.

उसने मुझे बिठाया और बताने लगी कि उसकी सासू माँ अमरनाथ यात्रा पे गयी हैं… और उसके हजबेंड का अपना व्यापार है, जिस वजह से उसके पति भी कुछ काम से दिल्ली गए हुए हैं.

शर्म या अपनी इज़्ज़त को ध्यान में रखते हुए शायद बुआ जी ने उस समय कुछ नहीं कहा.

वे दिलचस्प व्यक्ति लगे, बातें की, उनको देखा, जांच करवाई, उन्हें क्षय रोग निकला. बिना कुछ सोचे-समझे मैं बोली- चाचा मैं जिंदगी भर आप जो कहेंगे सब करूंगी, आपका पूरा साथ दूंगी गॉड प्रामिस, मम्मी की कसम चाचा, बस मुझे आज बचा लो और किसी को मत बताना बस. इधर मेरी चूत में मनोहर काफी देर से अपना लंड डाले जमके मेरी चुदाई कर रहा था.

मैंने तुरंत कंडोम लगाया और उसकी चुत में लंड डाल कर हचक कर चोदने लगा. उसने कुछ देर चूमने के बाद मेरी ब्रा और पेंटी को निकाल दिया और मैं उसके सामने के एकदम मादरजात नंगी हो गयी. लेकिन मैं थोड़ा असहज महसूस कर रहा था क्योंकि उस डिब्बे में और भी लोग थे.

मैं जोर जोर से सांसें ले रहा था और अपने दोनों हाथों से अपने बदन को सहला रहा था.

अब ना तो मुझसे रहा जा रहा था और ना तो निक्की से, तो मैंने उसे डॉगी स्टाइल में रख के एक झटके में अपना पूरा लंड निक्की की चुत में डाल दिया. ’ मैं पूरा ऊपर चढ़ गया और उनको किस करते हुए दूसरे झटके में ही पूरा लंड उनकी चुत में अन्दर तक पेल दिया. फिर उसने बस के कंडक्टर से अपना टिकेट चैक कराया तो पता चला वो तो मेरे ही बगल वाली डबल सीटर पर थी.

या तेरा पहले से प्लान था?मैंने भाभी से कहा- ऐसा कुछ करने का नहीं सोचा था, वो तो पता नहीं कब हो गया. इससे मेरी सांसें तेज हो गई, मुझे काफी डर लगा रहा था कि ये लड़की यहाँ खुले में क्या कर रही है, कुछ समझ नहीं आ रहा था मुझे, लेकिन मुझे बहुत मज़ा आ रहा था. इसे मैंने बहुत मेहनत से लिखा है और इस कहानी को लिखते समय मैंने उसकी याद में दो बार मुठ भी मारी है.

अब चूंकि पिता ने खुद सुना था कि पद्मिनी को एक टीचर चोदता है, तो खुद पिता भी अपनी बेटी से सवाल करते वक़्त उसके यौवन को देखने लगा.

दूसरी बार की चुदाई में तो वे दोनों एक साथ बारी बारी से मेरे लंड का मजा लेती रही थीं. मेरे हाथों ने उनके स्तनों को अपनी हथेलियों में भरा और उन्हें किस करने लगा.

हिंदी बीएफ धकाधक उसके बाद जब तक मैं वहाँ रही, वो रोज़ ही किसी ना किसी टाइम मेरी चूत में अपना लंड डालता रहा. मैंने लंड निकालने की कोशिश की लेकिन वो मेरे ऊपर था, तो कुछ नहीं कर सकती थी.

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इस धकापेल चुदाई में वो 5 मिनट में ही झड़ गयी, लेकिन मैं सेक्स करने से पहले ही दो बार अपना माल निकाल चुका था तो मैं आधा घंटे तक धकापेल उसे चोदता रहा.

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तो मैं बोला- बोलिए ना अंकल, क्या काम है?वे बोले- देख विकी, मैं घर पर पूरा दिन रहता नहीं हूँ, और मेरे पास कार है. तो वो झेंप गयी लेकिन मन ही मन वो भी यही चाहती थी तो एक तरह से वो खुश भी बहुत थी. अचानक उन्होंने मुझसे पूछा- क्या तुम्हारी कोई गर्लफ्रेंड है?तो मैं चौक गया पर उत्तर दिया- मैं हॉस्टल में पढ़ा था और वहाँ लड़कियां नहीं थीं, इसीलिये कोई बनी नहीं.

वो अपनी गर्लफ्रेंड के बारे में बताने लगा कि आज उसको अपनी गर्लफ्रेंड की याद आ रही है. उसने पूछा- आपको ये सब किसने बताया है?मनोरमा ने कहा- तुम्हारी बहन और माँ ने. उधर मेरी बीवी को मेरा लंड इतना पसंद है कि वो कभी भी मेरे लंड को अपनी चुत में घुसा लेने के लिए अपनी चुत खोलकर तैयार रहती है.

राहुल का 6 इंच का मोटा लंड में अच्छे से अपने मुँह में लेकर उसको लंड चुसाई का सुख दे रही थी और राहुल अपनी जीभ और उंगलियो को मेरी चूत में डाल कर मुझे रगड़ सुख दे रहा था.

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जिससे चादर का एक फीट का हिस्सा पूरी तरह ख़राब हो गया था, उसमें दाग लग चुका था. मैं उनके पास गया और पूछा- क्या हुआ?तो सारिका ने कहा- गाड़ी पंचर हो गई और मैं लेट भी बहुत हो गई हूँ. मैं अब अपना मुँह मामी की पैंटी के पास ले गया और मामी की चूत को ऊपर से ही चूसने लगा.

फिर एक दिन मेरे व्हाट्सैप पर मैसेज आया, मैंने देखा कोई नया नंबर है, तो मैंने उत्तर दिया और पूछा- आप कौन हैं?तो भाभी ने अपना नाम बोला, तो मैंने भाभी से बात करना शुरू किया. यह कह कर मैंने अपना मुँह दूसरी तरफ कर लिया ताकि वो यह ना समझे कि मैं उसके लंड को देख रही हूँ.

तो उन्होंने मुझे खटिया पे लिटाया और बन्दर सी फुर्ती दिखाते हुए वो मेरे ऊपर चढ़ गए. मैंने तीनों के लिये एक एक और पेग बनाया और हम धीरे धीरे सिप लेने लगे. उसकी चुत सहलाते हुए मैंने एक उंगली को उसकी गरम चुत में डाला तो चुत पूरी गीली हो गई थी.

वल्लिका ने कहा- बाबा आपके बताए गए प्रत्येक नियम का पालन मैंने पूरी निष्ठा से किया.

रास्ते पर आने जाने वाली गाड़ियों का खयाल रखते हुए ही मैं ये सब कर रही थी. जिसे सोनू समझ गया और मेरी यह हालत देख कर जोश में सोनू का भी गिर गया. इस तरह चूत के दर्शन करने के साथ मैंने अपनी जीभ उनकी चूत में घुसा दी मामी जी एकदम से तिलमिला उठीं.

मेरी बुआ का हमारे घर आना जाना लगा रहता है और वो जब भी मेरे घर आती हैं, तो मुझे भी अपने साथ अपने घर लेकर जाती हैं. चाचा बोले- देखो वन्द्या तुम्हारा फिगर एक नंबर का है, भले ही उम्र कम है तो क्या हुआ, एज से कुछ नहीं होता अभी तुमने एक साथ तीन तीन वो भी बड़े बड़े लंड अपने तीनों होल में डलवाये और पूरी संतुष्ट भी हुईं.

मेरे लंड से पिचकारी की भांति मेरे सफेद माल की धार बह निकली और सामने की दीवार को वीर्य ने सराबोर कर दिया. तब मुझे समझ में आया कि ये आंटी का प्लान था, मैं बहुत खुश हुआ, जिसे वो समझ गईं. अब उसकी चूत थोड़ी ढीली हुई, मैं भी अब अपनी चरमसीमा पर आने को था, और मैं कस कस के धक्के मारने लगा.

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बापू पूरे जिस्म को ढीला करते हुए लेट गया और ज़ोर से चुदासी आवाजें निकालने लगा- आहहहह.

फिर मैंने लंड बाहर खींचा, तब उसकी आँखों से ऐसा लगा जैसे मैंने उसकी पसंद का खिलौना छीन लिया हो. रोज रात को सोने से पहले एक दूसरे को फोन पर ही किस करना वगैरह करना चालू हो गया था. मेरी आँखों से बस पानी ही बह रहा था और वो बोल रहा था- अब इन आँसुओं को बचा कर रखो.

मैंने जैसे ही अपने लंड को ऊपर खींचा, तो मेरा लंड खून से लाल हुआ पड़ा था. सफर काफी लम्बा था हम बातें करती रही, तभी हम सेक्स की बातें करने लगी. अंग्रेजी सेक्सी चोदा चोदीमैं उसे ज्ञान देती थी मगर ज्ञान किस काम का था, मुझे आज समझ में आ रहा था.

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उन्होंने लाल रंग की बेबी डॉल वाली मैक्सी पहनी हुई थी, जो घुटनों तक ही आती थी. मैंने सैमी की तरफ गुस्से से देखा और आँखों से पूछा कि लंड क्यों निकाल लिया?तभी सैमी ने मुझे आँख मारते हुए मुझे डॉगी स्टाइल में कर दिया और पीछे से मेरी चुत में लंड पेल कर पूरी तेज़ी से मुझे चोदने लगा. उसको विक्रम के लंड का स्वाद शुरू में थोड़ा नमकीन लगा पर वो उसको ये स्वाद इतना अच्छा लग रहा था कि जैसे उसको नशा-सा हो गया हो.

जब थोड़ी देर बाद उसका दर्द कम हुआ तो मैंने लंड को अंदर बाहर करना चालू किया और अपने धक्कों की गति बढ़ा दी और वो भी सिसकारियां भरने लगी और चुत चुदाई के पूरे मज़े ले रही थी, आहें भर रही थी. उससे कहना कि आने से पहले फोन कर लेगा तो मैं पिंकी तो बता दूँगी और वो उसको जिस चीज़ की भी ज़रूरत होगी, पिंकी दे देगी. मैं उसकी चूत में उंगली कर ही रहा था कि अचानक मुझे अपने लिंग पे कुछ महसूस हुआ.

मैंने अपनी सास के दूध चुसकते हुए धीरे धीरे अपने लंड को अन्दर बाहर करना शुरू कर दिया.

वह अपनी जीभ उसकी चूत में अन्दर तक डाल कर चूस रहा था और रितु उसको और चूसने के लिए कहा रही थी- माय डार्लिंग प्लीज सक मी एंड डीप, मोर डीप. बेड पर सबसे पहले मैं, फिर मौसी, फिर दोनों बच्चे लेटे, बच्चे जल्दी ही सो गये, मैं और मौसी ऐसे बातें करने लगे जैसे एक रात पहले हमारे बीच कुछ हुआ ही नहीं था.

थोड़ी देर बाद जब बर्दाश्त करना मुश्किल हो गया, तो मैंने इधर उधर देखा कि कहीं करने की जगह मिल जाए. कमलेश सर ने मेरे सर के बाल पकड़ लिए और अब वे अपना लंड मेरे मुँह में जोर जोर से अन्दर बाहर करने लगे. थोड़ी देर बाद उन्होंने पोज़िशन बदल ली और अब भूरे मेरे ऊपर चढ़ गया था और लल्लन का मेरे हाथ में था.

मेरी गांड को यूं ही रगड़ कर हर पल अपने लंड से तू चोदते रहना दिनेश मुझे बहुत मजा आ रहा है. रजत मयूरी के चूचियों से बहुत ही ज्यादा आकर्षित हो जाता था, शायद वो उनको बहुत ही ज्यादा पसंद थी, और उसका ये आकर्षण एकदम जायज था, मयूरी की जैसी चूचियाँ थी, उनकी तरफ किसी का भी तेज़ आकर्षण बहुत ही सामान्य था. पम्मी ने कहा- स्टार्ट तुमसे करें?मैंने भी निक्की से कहा कि अगर पहले हम नंगे हुए तो उसे शर्म थोड़ी कम आएगी.

हिंदी बीएफ धकाधक थोड़ी देर चूत चुदवाने के बाद उसने अपने दोनों पैर बिस्तर से नीचे छोड़ दिए. यह बात मेरे उस दोस्त को लग गयी और वो बोला- लव बोल, तुझे कैसी लड़की चाहिए.

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मेट्रो में बैठे और वो अपने स्टेशन पर बिना कुछ कहे ही उतर कर चली गई. करीब 15 मिनट वो बहुत ज्यादा गर्म हो गई और वह चिल्लाने लगी- डालो प्लीज… कुछ डालो मेरी चूत में!मैं और जोर से चाटने लगी और उसने मेरे सर को पकड़ लिया और अपनी चूत में धक्का मारने लगी और बहुत तेजी के साथ वह मेरे मुँह में अपनी चूत को ऊपर नीचे करते हुये झड़ गई और उसकी चूत का सारा पानी मेरे मुँह में चला गया. उन्होंने अपने हाथ की एक उंगली मेरी चूत में डाल दी और मेरी चूत को सहलाने लगे.

हुआ यूं कि मेरी एक दूर की बहन है उसने एक व्हाट्सअप ग्रुप बनाया, उसमें एक लड़की ऐड थी, उसका नाम जूही था, ये नाम बदला हुआ है. कुछ देर बाद वो नार्मल हुई और अपने मुँह से कपड़ा निकल कर मादक सिस्कारियां निकालने लगी. एक्स एक्स एक्स बीएफ साउथ इंडियनवह पहले से ही गांड ढीली किए लेटा था, मैं पूरा पेल कर थोड़ा रुका फिर धक्के शुरु किए.

मेरा तो मन कर रहा था कि पकड़ के मसल दूँ उनकी चूचियों को…रजत- क्या बात है भाई… आज तो माँ मुझे भी ऐसे ही कुछ प्यार दिखा रही थी.

अब सुरेश जी ने अपना लंड मेरी गांड के छेद पे रख दिया और दबाव देकर अन्दर डालने लगे. अपनी चूत चुसाई से मेरी सास बुरी तरह मदहोश होकर सिसकारियां लेने लगीं.

मैं चरम तक आधा भी नहीं पहुंचा था कि उनकी चूत ने अपना रस एक जोरदार सिसकारी के साथ छोड़ दिया और कांपने लगी. फिर मैंने आंटी के मैक्सी को धीरे धीरे खोला, अब वो केवल ब्रा और पैंटी में थीं. इसी बीच उसने मेरी टांगें उठाईं और अपना लंड मेरी फटी हुई चूत में डाल दिया.

फिर कुछ देर बाद वो कार मेरे सामने से ग़ुज़री, पर उसमें उस मोटे आदमी के अलावा कोई नहीं था.

मेरा नाम सनी है, मैं पंजाब के एक छोटे कस्बे का रहने वाला हूँ। मेरी उम्र 28 साल, रंग नार्मल, हाइट 5 फुट 8 इंच है. उसके लौड़े के साईज से मुझे ये मालूम हुआ कि आज के बाद सारी भूख मिटने वाली है. उनको इससे मजा आना शुरू हुआ, तो भाभी मेरे लंड पर हल्का हल्का जर्क देने लगी.

देसी बीएफ भाई बहन कीलेकिन मेरा मन तो स्वाति को चोदने लिए कर रहा था तो मैं उसके पास चला गया और उससे बोला कि तुमको कोई प्रॉब्लम है. रात में रवि का डॉक्टर इलाज कर रहे थे इसलिए मैं और स्वाति हम दोनों बाहर ही कुर्सी पर बैठ गए.

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बस उसने लेटी हुई गीता की चूत में अपना वो मूसल पेल दिया और बोला- तुम्हें कोई फीस देने की ज़रूरत नहीं है बस तुम रोज़ शाम को एक बार आ कर मुझसे यही इलाज़ करवा जाया करो. मैंने भी उन्हें जाने दिया क्योंकि कम से कम इन डेढ़ सालों में तो मुझे उनकी वजह से खुशी तो मिल पाई. रात होने लगी तो मैंने सोचा कि आज रात मौसी मुझे अपने पास नहीं लिटायेगी.

पम्मी ने थोड़ा सोचकर बोला- मान ली आप लोगों की बात कि सिर्फ़ पूरे कपड़े पहने, बैठ कर नहीं देखूँगी. हमारा मुँह आमने सामने होने से हमारी सांसें एक दूसरे को महसूस होने लगी. तो अंकित बोला- क्या हुआ?मैं बिल्कुल पागल हो गई थी, मुझे कुछ होश नहीं था.

इसके बाद तो जैसा ब्लू-फिल्मों में होता है, हम दोनों ने कई बार वैसे भी किया. वो बोलीं- मैं जानती हूँ कि तुम मेरी चुचियों और बुर को चोरी चोरी निहारते हो. बात आज से 10 साल पहले की है जब मैं 12वीं में पढ़ता था। मेरे घर के पास ही में 2 घर छोड़ के मेरे से एक साल छोटी मेरी जूनियर रहती थी जिसका नाम नैना था। पहले मेरी उसमें कोई रूचि नहीं थी, मेरा ध्यान सिर्फ फुटबॉल खेलने में रहता था.

बाकी फिर कभी फ़ुर्सत में लिखूंगी कि आगे मेरी और राहुल को कितनी बार चुदाई की कोशिश हुई या चुदाई हो भी पाई या नहीं हो सकी. भाभी बोलीं कि विहान मेरे मोबाइल में कुछ प्रॉब्लम हो गई, तुम एक बार देख लोगे??मैंने बोला- ठीक है.

!और इतने में मेरे पड़ोस में रहने वाले अंकल आवाज़ लगाते उधर ही आते जा रहे थे, जहां मैं उस समय नंगी बिल्कुल बिस्तर में लेटी लालजी का लंड चूस रही थी और लालजी मेरे बूब्स को चूसने में लगा था.

जूली की चूत में लंड फंसाते हुए मुझे ऐसा लगा जैसे चूत के अन्दर दो दरवाजे और थे. ब्लू पिक्चर हिंदी में सेक्सी पिक्चरमेरे लंड ने जोर से रितु की गांड में पानी भर दिया और मेरा लंड फिसल कर उसकी गांड से बाहर आ गया, मेरा वीर्य रिस कर उसकी चूत में जा रहा था. बीएफ नेपाली चुदाईमैं- ठीक है बड़ी दीदी, आज के बाद बड़ी दीदी कहूँगा, नाम तो नहीं ले सकता. ” करके उसको यह बता रही थी। पर उसको समझ नहीं आ रहा था, तो मैंने लंड चुसाई चालू रखी और उसके सिर को अपनी जांघों में भींच लिया। उसका दम घुटने से उसने अपना सिर मेरी जांघों से छुड़ा लिया और अपना लंड मेरे मुँह से निकाल लिया।मेमसाब अब ठीक से लेट जाओ… हम तोहार ऊपर आवत हैं.

जब बहन उतर गई तब उसने पूछा- आजकल क्या कर रहे हो?तो मैंने बताया- मैंने मोबाइल और कंप्यूटर की एक शॉप खोली है.

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चाचा ने होंठ के बाद सीधे मेरे मम्मों को पकड़ कर तेजी से दबाया और बोले- वन्द्या, ये तो बहुत कड़क हैं, पर क्या गजब के हैं. और ऐसा लगा, जैसे मेरी चूत में एक लोहे का गरम सरिया अन्दर तक पेल दिया गया हो. ऐसा ही चलता रहा, एक दिन रवि की रात को तबियत खराब हो गई तो भाभी ने तुरंत मुझे फ़ोन लगाया.

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मधु का मखमली स्पर्श, उसकी गरम सांसें, सीने पर घूमते उसके हाथ, कानों में पड़ने वाली उसकी मादक आवाज, शरीर को छूकर जाने वाली उसके स्पर्श मुझे मदहोश किये जा रहे थे. इसके बाद मैंने उनको चित लिटाया और अपना मूसल उनकी चूत में एक झटके में ही अन्दर तक पेल दिया. मामी जी- मेरी क्या चीज कुंवारी बची है, जो कुछ मैं अपने चोदू पति को दे सकती हूं?मैं- मामी जी आपके पास आपकी कुंवारी मख़मली गांड है, मैं आपके साथ सुहागरात में आपकी गांड मारना चाहता हूँ.

नाश्ते के बाद मैंने जूसी रानी से कहा कि मेरठ में मेरा एक दोस्त रहता है प्रदीप, मैं उससे मिलने जा रहा हूँ.

उन्होंने मुझे बेड पर अपने नीचे लेटाया और मेरा लंड हाथ में लिए सहलाते हुए मेरे ऊपर आकर उल्टी बैठ गईं.

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मैंने पूछा- उसके बाद कभी किया?उसने बताया- उसके बाद मैंने उसे कभी नहीं करने दिया. मैंने सोनू को पूछा- वहां सब आपका इंतजार नहीं कर रहे होंगे क्या?सोनू ने कहा- वो सब शालू संभाल लेगी और मैं ये वक़्त सिर्फ आप के साथ बिताना चाहती हूं। शालू को सब पता है और उसने सारी सेटिंग कर दी है।आसमान में चांद की हल्की हल्की रोशनी थी,और नीचे सोनू की आंखों मेंउस की आंखों में एक दर्द भी थाएक ऐसा दर्द जो इंसान को जीने के काबिल नहीं रहने देता लेकिन मरने भी नहीं देता.

घंटी बजते ही वो ग्रामीण बाला झट से उठी और हॉल के मेरी तरफ वाले कोने की ओर बढ़ने लगी; जरूर ये उसी का फोन बजा था.

हम दोनों पति पत्नी को थ्रीसम चुदाई किये बहुत दिन हो गए थे और रितु को नए लंड का मजा नहीं मिला था, मैं भी उसको चुदते हुए देखना चाहता था, उसे मेरे सामने टाँगें उठा कर और जोर जोर से चुदने में और उसे मुझे सताने और जलाने में मजा आता है. धकापेल चुदाई के बीच में वो दो बार झड़ चुकी थी लेकिन मैं अभी तक नहीं झड़ा था इसलिए मैं उसको चोदता रहा. और ये मेरा दूसरा अनुभव था, पर पहले अनुभव में मैं ज्यादा कुछ नहीं कर पाया था.

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इधर उत्तेजना से मेरा हाल बुरा हो रहा था, लग रहा था कि मैं ऐसे ही झड़ जाऊँगा. मैं उसे रोज़ कॉल करके बात करता इस तरह हमारी दोस्ती काफी गहरी हो गयी, उसकी बातों से मुझे लगने लगा कि वो अब मुझे पसंद करने लगी है क्योंकि जब मैं कभी कभी बिजी रहता हूँ तो वो मुझे खुद कॉल करके मुझसे बहुत प्यार से बात करती थी और मैं भी उससे प्यार से बात करने लगा. मैंने कहा- तू आज ऐसा क्या करेगी?उसने कहा कि तुम्हारे फोटो आज मैं दादा जी को दिखाऊँगी.

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अब मैंने भी देर ना करते हुए अपना 7 इंच का लंड दीदी की चूत पर रख कर एक जोरदार धक्का दे मारा. रात को बुलाने का मतलब था कि उसके लंड की सेवा करना और मैं इसके लिए तैयार ही थी. वो तो बिल्कुल तैयार थी, ताजी ताजी नहायी हुई, उसकी गंध, होंठों पे लाईट शेड की लिपस्टिक, सफेद टी-शर्ट और प्लाझो पहन कर वो मेरा ही इंतजार कर रही थी.

उसका एक स्तन ब्रा के बंधन से मुक्त हुआ और मेरे चेहरे के सामने आनन्द से डोलने लगा. मैंने कहा- यह क्या बात हुई? अगर कोई आ गया तो क्या दरवाजा नहीं खोलोगे?बड़ी मुश्किल से मैंने उसे मनाया कि कम से कम एक गाउन तो डालने दो, जो जल्दी से उतर भी सकता है.

फिर मैंने एक हाथ से अपनी बहन का दूध पकड़ा और दूसरा दूध मुंह में डाल लिया.

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सब जगह तो किस कर रहा हूँ?तो भाभी बोलीं- अमित यार प्लीज़ अब ऐसे मत कर ना. तुम वहाँ पर एक मासूम सी लड़की बन कर रहना और अगर कोई अच्छा लड़का तुम्हारी नज़र में हो, तो पहले मुझे बताना. यह कहकर उसने मुझे वापस लिटा दिया और साड़ी उठाकर मेरी पैंटी निकाल दी.

पद्मिनी ने बापू के लंड अपने हाथों पर महसूस करते हुए अपने जिस्म में एक कंपकंपी सी महसूस की और उसकी रूह भी काँप उठी.

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आंटी बोली- तो चल अब बेडरूम में दिखा रेस्पेक्ट!फिर मैं और आंटी दोनों उनके बेडरूम में चले गए. नमस्कार दोस्तो, मैं राहुल एक बार फिर से अपनी नई कहानी लेकर आया हूँ. अब मैंने उठकर अपना लंड उसके मुँह के सामने रख दिया और उसे चूसने के लिए कहा.

जिस दिन हमने वाघा बॉर्डर पर जाना था, उस दिन मेरी छोटी बहन अमनदीप कौर को बुखार आ गया और उसने अमृतसर जाने से मना कर दिया.

ट्रेन इतनी स्पीड में जा रही थी कि मैं थोड़ा सा ही अंदर-बाहर करता तो ट्रेन की कम्पन की वजह से उंगली और तेजी से अंदर जाती. थोड़ी देर तक मैंने खाला को धीरे धीरे चोदा, फिर हम दोनों झड़ गये और मैं खाला के ऊपर गिर गया. भाभी बोलीं कि विहान मेरे मोबाइल में कुछ प्रॉब्लम हो गई, तुम एक बार देख लोगे??मैंने बोला- ठीक है.