चुदाती हुई बीएफ

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संजू एकाएक कांपते हुए आवाज में बोली- आह … मेरी पेशाब निकलने वाली है … छोड़ो.रोहित ने मेरी बीवी की गांड पर हाथ फेरा और दोनों चूतड़ों पर एक एक चपत लगा दी.

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साथ ही मैंने उसकी योनि से खून निकलता हुआ देखा और अपने लिंग पर लगा हुआ खून देखा, तो मैं एकदम डर गया. मैंने उसे फील करने के लिए कहा- सोचो ये लन्ड तुम्हारी चूत में जा रहा है. ज्ञान ने अपने दोनों हाथों में एक एक चूची को पकड़ लिया और जोर जोर से दबाने लगे.

आप चिंता ना करें।मैंने उसे सॉरी कहा और कहा- यार खुशी के रूम तक छोड़ दो फिर तुम फ्री होके लंच करना।उसने बड़ी विनम्रतापूर्वक ‘ओके सर आइये’ कहा और मुझे अपने पीछे पीछे ले गई।हम खुशी के रूम में पहुंचे. अंदर ही अंदर उसके मन में वासना जा गयी मगर मेरे सामने नाटक करते हुए कहने लगी- नहीं, ये सही नहीं है. मैं सांस नहीं ले पा रहा था, तो मैंने उसका लंड बाहर निकाला और उसको डांटने लगा कि साले ऐसे न कर.

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भाभी की उठी हुई गांड देखकर मन तो हुआ कि अभी ही भाभी को किसी कमरे में ले जाकर इनकी जोरदार चुदाई कर दूँ.

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दोस्तो, मैं राकेश अपनी नयी सेक्स कहानी आप सबके साथ शेयर करने जा रहा हूँ. वो रमेश को लेकर कहे जा रही थी … मगर मेरा ध्यान तो उसके चूचों पर ही टिका हुआ था. ”मैं बोला- हाँ मैं चाट के साफ कर दूंगा नहीं तो यह भी तेरी तरह गुस्सा करेगी कि मेरी चूत को जीभ से क्यों नहीं चाट के साफ किया.

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घर में मौसी के अकेले रहने के कारण मौसा जी ने मुझे अपने पास बुला लिया था. सीमा- क्या करें … वीना है ही बजाने की चीज़। अच्छा हुआ। क्या बताऊँ, मेरे लिए तो रोज की बात है।रकुल- मैं भी तुम्हारा दर्द समझ सकती हूं वीना। जो हेवी डाइट तुम्हें रात में मिली उसी का नाश्ता मैंने सुबह किया है. मैंने कहा- भाभी, अब आप बुरा मानो या अच्छा, आप के हुस्न का मैं दीवाना हो गया हूं। अब तो लगता है कि अभी के अभी इसी जगह सीढ़ी पर खड़े खड़े आपके इस मदमस्त हुस्न के सागर में डुबकी लगा दूं। कसम से आप भी कहोगे कि किस मर्द से पाला पड़ गया!मेरी बातों से अब तक बसंती भाभी को ये अहसास हो गया था कि मेरे अंदर उसके हुस्न की आग भभक रही है.

लेकिन अभी भी तुझे बहुत कुछ सीखना बाकी रह गया है।मैं बोला- वह तो मैं सीख लूंगा धीरे-धीरे सब सीख जाऊँगा।भाभी बोली- जितनी जल्दी सीख जाएगा, उतना ज्यादा मजा लड़की को और औरत को भी दे पाएगा. अब उसने शीला को नीचे लिटाया और उसकी टांगें ऊपर कर के चौड़ी करी और पेल दिया अपना मूसल उसकी चूत में. यह मेरे और संगीता के बीच सेक्स की कहानी की शुरुआत भर है, आगे आगे देखिए और भी गर्म कहानियां पेश करूंगा.

ये देख कर लगता था कि बहू का मन और चुदाई का था … पर वक्त देख कर अभी मुनासिब नहीं समझा.

क्यों क्या हुआ?मैंने कहा- तो आगे बनाने की सोची है?उसने मेरी आंखों में झांकते हुए कहा- पहले कोई मिले तो सही!मैंने कहा- अगर मैं कहूँ कि मेरी गर्लफ्रेंड बन जाओ … तब क्या कहोगी तुम?उसने एकदम से नजरें झुका कर धीमी सी आवाज में कहा- हां बना लो. आप लोगों के पॉजिटिव रेस्पोन्स पर मैं जल्दी ही आगे की कहानियों पर काम करना शुरू कर दूंगा.

चुदाती हुई बीएफ तीन महीने के बाद भाभी ने मुझे बताया कि उनके पीरियड्स बंद हो गये हैं. मैंने भाभी का एक हाथ हाथ में लिया और बोलने लगा- भाभी जी आप मेरी बात का बुरा मत मानना, मैंने जब से आप को देखा है, तब से ही मैं आपका दीवाना हो गया हूँ.

चुदाती हुई बीएफ फिर किस करते करते उसकी गर्दन, फिर सीने पे और फिर उसके बूब्स को चूसने लगा. मैंने लंड को चूत के मुंह पर सटाया हल्के से धक्का मारा जिससे सिर्फ टोपा चूत में घुस गया और रानी की बुर में भरे रस में सराबोर हो गया.

मैंने गुड्डी रानी की संगमरमर जैसी सफ़ेद और गुलाबी सी घुंडी वाली चूची से खेलते हुए पूछा- आये क्या खुसुर पुसुर चल रही है … बोलो क्या प्रॉब्लम है हरामज़ादी रंडियों?”गुड्डी रानी ने बेबी रानी को कोहनी मारी- बोल दे न डिअर … क्यों सताती है.

सूरत वाली सेक्सी

कहानी के पहले भागमकान मालकिन की रण्डी बनने की चाहत-1में मैंने आपको बताया था कि मेरे मकान मालिक की दूसरी बीवी अपने पति की बेरुखी से खुश नहीं थी. फिर वह पीछे से हटा, मेरे बालों को पकड़कर मुझे ऊपर की तरफ उठाया और अपना लंड मेरे मुंह में दे डाला।मैं गपागप करके लंड को चूसने लगी क्योंकि मुझे भी चुदाई में आनंद आ रहा था। मैं उसके लंड को चूसे जा रही थी. और उसे उसने अपने बिस्तर के पीछे लगी हुई कांच की अलमारी में किताबों के बीच रख दिया.

मैंने शीना की तरफ ऐसी निगाहों से देखा कि जैसे मैं उसको अब काट ही डालूंगा. वो शख्स मुझे देख मुस्कुरा कर बोला- नमस्ते नीरा जी, कैसी हैं आप?मैंने भी जवाब में नमस्ते की. ये क्या जुल्म कर रही हो? जिसे तुम पौंछने जा रही हो उसी अमृत की बूँद के लिए तो मर्द बेचैन रहता है।आपको ये सेक्स कहानी कैसे लग रही है, आप अपनी राय इस पते पर दे सकते हैं।[emailprotected].

मैं- क्या हुआ?दीदी- कल रात हम आप तीनों का लाइव शो देख रहे थे, वहां हमने हिडन कैमरा लगाया था.

उसके मुंह से निकलने वाली कामुक सिसकारियां और तेज होती जा रही थीं- आह्ह राज … ओह्ह … और चोदो… और तेज करो … फाड़ दो यार मेरी चूत को… आह्ह… और तेज जान।मैं भी पूरे जोश में उसकी चूत में धक्के पर धक्का लगा रहा था. उनका सेक्सी गोरा रंग मुझे उनकी स्किन को दांतों तले दबाने पर मजबूर कर देती थी. मैंने उसे कहा- डियर मुझे जाना होगा!तो उसने कोई फोर्स नहीं किया, कहा- भाभी जी, अब आप जाओ.

मैंने उसकी शर्ट जींस उतारी, तो भाई बोला- मेरा अंडरवियर अपने मुँह से उतार. वो कुछ बोलने के बदले दर्द से चिल्ला उठी ‘उम्म्ह… अहह… हय… याह…’क्योंकि मेरा लंड आकाश के लंड से बड़ा था. चित्रा- राज दिखने में सुंदर और हैंडसम है और साथ में बहुत फिट भी है.

बसंती ये बोल भी नहीं पाई थी पूरी तरह से और मैंने बिना कुछ सोचे समझे उसका हाथ पकड़ कर अपनी तरफ खींचा जिसके कारण उसके स्तन मेरे सीने से आकर चिपक गए और बसंती ने अपने हाथ मेरी कमर पर रखकर उसे जकड़ लिया।मैंने कहा- भाभी, मैं कौन सा ब्रह्मचारी हूं जो आपके मदभरे हुस्न के सामने ना पिघलूं। हालत तो मेरी भी ऐसी ही है कि आपके सामने आते ही बदन में जैसे आग जलने लगती है. वो सब छोड़ो … अब बोलो कैसे मिलना होगा?वो- होगा … जब सब कुछ पता हो ही गया तो बस अब तुम्हारे आने की देरी है.

मैंने मौसी की कमर पकड़ी और एक ही बार में लंड मौसी की चूत में पेल दिया. लेकिन जब मैं बॉस के साथ रोमांटिक हुई तो उन्होंने सब कुछ किया पर मेरी चूत में लंड नहीं डाला. अभी वो सम्भलती, उससे पहले मैंने उसके ऊपर चढ़कर उसकी चुत पर लंड सैट कर दिया.

उन्होंने जैसे तैसे करके मेरी जींस और पेंटी उतार दी … और खड़े होकर मेरी चुत निहारने लगे.

मैंने संजना को बेड पर पटक दिया और उसकी चूत के ऊपर आकर अपना लौड़ा उसकी चुत में घुसाने लगा. कुछ देर बाद उसने मेरे सिर को छोड़ा और मुझसे एक बार के लिए अलग हो गई. सुधा को अपने लंड पर लटकाए धीरे धीरे मैं उसे रूम में ले गया और बेड पर बैठ गया.

इस सेक्स कहानी के पिछले भाग में अब तक आपने पढ़ा कि मैंने शान्ति भाभी की बेटी पिंकी के सामने अपने आपको बेबस पाया था. मुझे यकीन नहीं हो रहा था कि मेरा भाई मेरी गांड को बेरहमी से चोद रहा था.

आआहह … आज बहुत दिनों बाद मैं एक ही दिन में दो बार अपनी चरम सीमा तक पहुंच गयी थी. फिर उसने मुझे धक्का देकर अपने से दूर किया और भागकर वाशरूम गया वहां कुल्ला करके वापस आकर बोला- साली ये क्या किया तूने?तो मैंने उसका लन्ड पकड़ते हुए बोला- बहन के लोड़े, अगर आज के बाद मुझे किसी के सामने कुछ भी बोला न तो तेरे ये टट्टे तेरे मुँह से बाहर निकाल दूंगी।वो उस बात पर हंसते हुए बोला- साली, तुझे चोदने में बहुत मज़ा आएगा. दोनों चूचियों की शेप, रंग और उन पर खड़े छोटे छोटे गुलाबी निप्पल कयामत ढहा रहे थे.

तेरी जिगर का छल्ला

तब मैंने फिर दोहराया- तुमने उसके साथ सेक्स किया था या नहीं?इस बार उसने झुके हुए ही सर हाँ मे हिलाया.

मैं बोली- मैं यहां से तेरी मॉम को तेरे लिए पटाती हूँ … वहां तू भी थोड़ा उनको इंप्रेस कर और तुझसे जैसा मैं बोलूं, वैसा किया कर. समझ नहीं आ रहा था कि ऐसे जिस्म को पूरा का पूरा चाट जाऊं या काट खाऊँ. तो हीना ने अपने एक हाथ से मेरे सिर को सहारा देकर उठाया और दूसरे हाथ से अपने स्तन पकड़ कर मुझे चुसवाने लगी.

खुशी ने और कहा- क्या तुम लोगों को इतना भी नहीं पता कि खास मेहमान क्या होता है?मैंने खुशी को फिर शांत होने को कहा तो उसने नेहा को आखिरी चेतावनी दी- दुबारा कोई भी शिकायत मिली तो अच्छा नहीं होगा, चलो जाओ यहाँ से!नेहा ‘सॉरी मैम … अब कोई गलती नहीं होगी. जेठजी पर कामवासना सवार हो चुकी थी और उन्होंने मुझे और कसकर अपने से चिपका लिया. घोड़ी बनाकर चुदाईमैंने दोनों टांगों से उसकी पीठ को जकड़ा हुआ था और अपने शरीर से चिपकाया हुआ था.

मैंने मार्केट से उपकरण लाकर दिया तो पता चला कि भाभी के पेट में बच्चा है. सुनील ने उसे रात को अपने पास ही सुलाया और सुबह उठते ही एक बार फिर उसकी चूत मारी.

बेबी रानी ने मुझे बिस्तर पर अपनी कमर दो मोटे मोटे तकियों से टिका कर लेट जाने का हुक्म सुनाया. जब उसने मेरा लौड़ा अपने मुँह से निकाला, तब देख कर ऐसा लगा कि उसको भी मेरा मूत पीना अच्छा लग रहा हो. इसी दौरान जीजू ने मेरी चूत में उंगली कर दी, जिससे मैं चिहुंक उठी और बड़बड़ाने लगी- ऐसे मत तड़पाओ यार … जल्दी से इस चूत को फाड़ दो.

नाश्ता कर के सुनील और विशाल तो साईट पर चले गए पर शीला रुक गयी कि आज बाजार से सामान लाकर सब ठीक कर दूँगी. जब वो मेरे सामने बैठकर मूतने लगी तो …मुझे लगा इस कबूतरी को अगर मोरनी बना कर ठोका जाए तो यह इस चुदाई को अगले कई दिनों तक याद करके रोमांच में डूबी रहेगी।जान … आओ आज एक नया प्रयोग करते हैं. मैं भी गर्म हो गया था क्योंकि काफी दिन से मैंने भी सेक्स नहीं किया था.

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भाई बहन की चुदाई की कहानी

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कुछ देर मेरे नीचे चुदने के बाद वो मेरे ऊपर चढ़ गई और अपने मम्मों को हिलाते हुए मेरे लंड पर कूदने लगी. मुझसे रहा ना गया और मैं भाभी के दोनों पैरों के बीच में आकर भाभी की चूत को चाटने लगा. पर बता तुझे कब पता लगा और तूने क्या देखा?मैंने उसे सब कुछ बता दिया.

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एक बांका हैंडसम मर्द जो एक कसरती मजबूत बदन का मालिक हो, उसके सामने अपने नंगे जिस्म का प्रदर्शन करके उसको तड़पाने का भी अलग ही रोमांच मैंने उस दिन अनुभव किया.

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शुरू-शुरू में तो उसे बहुत शर्म आती थी पर बाद में तो वह बहुत ही चुलबुली हो जाया कराती थी। और फिर कई बार तो मैं किचन में ही उसे घोड़ी बनाकर पीछे से उसकी चुदाई कर दिया करता था।मैं तो सोचने लगा था क्यों ना उन्हीं पलों को एक बार फिर से दोहरा लिया जाए।ओके … ठीक है चलो आज का खाना हम दोनों मिलकर ही बनायेंगे. मैंने बेड पर कम्बल के अन्दर जाते हुए पूछा- दूसरे पार्ट में क्या करने वाले है ये लोग … और उसका प्रैक्टिकल क्या हम लोग भी करेंगे?अनिल भैया ने वाइन की बोतल को साइड टेबल पर रखा और खुद बेड की सिरहाने का सहारा लेकर बैठ गए. फिर बातों ही बातों में उसने अपना लंड का सुपारा, जो मेरी चुत के मुहाने पर रखा था … धीरे से मेरी चुत के अन्दर धकेल दिया.

भाभी की हंसने की देर थी कि मैंने समय न गंवाते हुए भाभी के होंठों पर होंठ रख दिए और उनको चूमने लगा. उसने मेरे लिंग को देखा और अपने हाथों से मेरे लिंग को पकड़ कर आगे पीछे करने लगी.

श्यामली पूरी नंगी पड़ी हुई थी और मैं भी अपना कुर्ता उतार कर आधा नंगा हो गया था.

उधर विशाल बेड पर खड़ा हो गया और रिंकी ने उसका लंड अपने मुँह में ले लिया. मैंने मौसी को घर आते हुए देखा … तो मेरी चिंता और भी बढ़ती जा रही थी. कोमल- अरे यार … मेरा मतलब कॉलेज खत्म हो गया?मैं- यह आखिरी साल है … वैसे तुम्हारा घर बड़ा शानदार है.

विद्या बालन का सेक्सी असल में मेरी पत्नी को मेरा सिगरेट पीना पसन्द नहीं है, इसलिये मुझे जब सिगरेट की तलब लगती है तो मैं घर के बाहर सड़क पर टहलने आ जाता हूँ. लंड साफ़ होने के बाद मैं दीदी के पास लेट गया और वो खड़ी होकर बाथरूम चली गईं.

कुछ दिन बाद बाबू ने चुदायी से संन्यास ले लिया और मुझे बुलाकर अपने और माई के बीच में सुलाने लगे. संजू किलकारी भरते हुए बोली- अरे वाह बहुत ताकत है तुममें?रोहित बोला- भाभी असली ताकत तो मैं अब दिखाऊंगा. मैं- माई बाबू ने कबसे दारू पीना शुरू किया … किस घटना के बाद? मैं भी लड़की हूँ, सब समझती हूँ.

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आइंदा वसुंधरा और राजवीर सिर्फ़ और सिर्फ़ सपनों में ही एक-दूसरे को छू पायेंगे … ऐसी सोच आते ही एक गुबार सा मेरे गले में आ कर अटक गया. मैं भी अपनी जाँघों के बीच रोहित के कड़क लण्ड को रगड़ खाते महसूस कर उत्तेजित हो रही थी।रोहित ने अपने दूसरे हाथ को भी मेरी कमर पर लपेट लिया और मेरी पीठ गर्दन और कानों को चूमते हुए अपनी उंगलियो को मेरी चूत पर फिरा रहा था.

जिसे सुनकर मेरे भाई बहन जो पढ़ रहे थे वो मेरे पास आ गए और बोले- आपी क्या हुआ आपको?मैंने चादर से बाहर मुंह निकाला और उन्हें कुछ बहाना बना दिया तो वो बेचारे चले गए.

वहां पहुंचते ही मेरी नजर सजावट और पंडाल के अलावा लाल रेग्जीन के सोफे पर बैठी खुशी पर पड़ी. हमने वहां स्कूबा डाइविंग, बोट राइडिंग और वहां के सुंदर लोकेशन घूमे. मैंने पायल की बताई सारी बातों को स्टेज पर करने की पूरी कोशिश की, युगल नृत्य होने के कारण मुझे पायल को बार बार छूना पड़ रहा था और पायल को भी मुझसे बार-बार लिपटना पड़ रहा था.

उसके मुंह से अहह सुनकर मैंने पूछा- अच्छा लगा क्या?सीमांशी बोल पड़ी- हाँ मारो … और मारो. ये मेरा पहला अवसर था जब कोई लड़की मुझे इस तरह से अपने करीब लेकर बिस्तर पर थी. हां डार्लिंग हां और घुसाओ अपना लौड़ा … उफ़ … पूरा घुसा दो … इसीलिए तो मैं तुम्हारे बच्चे की मां बनना चाहती हूं मेरे राजा.

इसके बाद उसने अपने लंड का टोपा मेरी गांड की छेद पर रखा और धीरे धीरे अन्दर डालने लगा.

चुदाती हुई बीएफ: वह झड़ने वाले थे तो उन्होंने लंड निकालकर मम्मी के मुंह में डाल दिया जिसे मम्मी बहुत जोर जोर से चूस रही थी. मैंने शाम को जल्दी खाना खाया और मेरी मम्मी को बोल दिया कि आज मुझे सहेली नज़मा के घर जाना है सोने के लिए.

फिर मैंने पाइप का एक सिरा थोड़ा गीला किया और भाभी की गांड में धीरे धीरे डालना चालू कर दिया लगभग 3 इंच अंदर चला गया होगा और और दूसरा सिरा नल की टोटी में लगा दिया।भाभी बोली- सचिन, क्या कर रहे हो? कुछ तो बताओ?मैंने भाभी की बात का कुछ जवाब नहीं दिया और नल चालू कर दिया. वो बोले कि रात में तीन बार हो चुका है और कितना बार चुदवाओगी … क्या पक्की चुदक्कड़ हो गयी हो … हटो कमजोरी हो जाएगी. मेरी पोजीशन कुछ ऐसी बनी हुई थी कि मैं चूतड़ों तक मुंह नहीं ले जा सकता था वर्ना तो अब तब चाट चाट के घिस डाला होता.

चूसने से उनका लण्ड टाइट हो गया और उस समय उनका लण्ड तुम्हारे लण्ड से करीब आधा था और पतला भी था.

ससुर जी- बेहया औरत ये सब क्या है?मैं भी गुस्से से बोली- पता नहीं किस खानदान में मेरी शादी हो गयी, पति निकम्मा निकला. धीरे से मैंने उसकी पैंट को नीचे किया तो उसके कच्छे में उसका लंड अलग ही चमक रहा था. इससे रिया की गांड से रमेश के लंड का वीर्य धीरे धीरे बहता हुआ नीचे आने लगा और बाहर गिरने लगा.