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मैंने उसकी और गुस्से से देखा और अपना मुँह फेर कर अपनी कार में बैठ गया. क्सक्सक्स नेपालीकरीब पन्द्रह मिनट के बाद चाचाजी का कन्ट्रोल छूटा और चाचाजी ने मेरे मुँह में गर्म गर्म लावा छोड़ दिया.

उसने मुझे उठने को कहा, आलू से भारी एक बोरी को उसने बीच में सरकाया और मुझे उसके ऊपर चूत रख कर उलटी लेटने को कहा.हिंदी देहाती वीडियो बीएफ: अब संजय का खुद पे काबू नहीं था उसकी नसें फूलने लगी थीं और एक के बाद एक पिचकारी उसके लंड से छूटने लगीं, जो पूजा की गांड में मलहम का काम कर रही थीं.

वो सब दवा के दम पर टिके हुए थे, लेकिन फिर एक दौर ऐसा भी आया कि सभी एकदम से चरम पे आ गए थे.अचानक से मुझे देख कर बुआजी चौंक गईं और मुझसे घर के समाचार पूछने लगीं.

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फिर एक-एक करके तीनों ने मेरे मुँह में मूता, मैंने बड़ी सावधानी से एक-एक ड्रॉप पी लिया.वो तड़फ कर कह रही थी- जान करो न, प्लीज, चाहे आप मेरी जान ले लो पर मेरी इसमें.

पर मेरी माँ नहीं मानी, शायद वो मामा मामी के बारे में कुछ नहीं बहुत कुछ जानती थीं कि कुछ भी कर लो मामा को रात में कम से कम एक बारमामी की चूत चुदाईचाहिए ही चाहिए. हिंदी देहाती वीडियो बीएफ मैं कपड़ों के ऊपर से ही उसके चूचे दबाने लगा, वो मजे लेने लगी… मादक सिसकारियां लेने लगी, बोली- मुझे कुछ हो रहा है… प्लीज़ कुछ करो.

उन्होंने चूत से रस छोड़ने के बाद एक पल की देर नहीं की और तुरंत अगले पल मेरे लंड को अपने मुँह में भर लिया.

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पिछले महीने भी यही हुआ, उसके स्कूल में छुट्टियां हुई और सभी लड़कियाँ अपने अपने घर चली गई लेकिन वो अपने घर ना जा कर जयपुर के लिए निकल गई अपने बॉयफ्रेंड के साथ मौज मस्ती करने!जब वो बस से जयपुर जा रही थी तब भी उसकी चूत चुदाई के लिए मचल रही थी, पानी बहा रही थी, वो चाह रही थी कि उसकी चुदाई अभी शुरू हो जाए. मैं बचपन से ही पढ़ाई में बहुत होशियार था इस वजह से मैं अपनी क्लास में फेमस था. वो उठ खड़ी हुईं और चारों ओर नज़र मार कर उन्होंने ये देख लिया कि कोई आस-पास है तो नहीं… और फिर से बैठ गईं.

मैंने उसके होंठ पर अपने होंठ रखे और अपना 6 इंच का पूरा लंड उसकी चुत की सील तोड़ते हुए अन्दर पेल दिया. नीलिमा बोली- मैं बच्चे को दूध पिला देती हूँ, तो वो अच्छी तरह सो जाएगा. पप्पू को देखते हुए उसने कहा- हम्म छोड़ो उसे, जहाँ जितना करना है उतना ही करना.

मेरी इस रियल सेक्स स्टोरी पर आपके विचारों भरी आपकी ईमेल का इन्तजार रहेगा. और दोनों हंसने लगे।मैंने गौर किया कि उनकी बीवियाँ… मंजू और शशि भी उनकी बातें सुनकर मुस्कुरा रही है. उसकी मेरे मुँह पर एकदम से हाथ रखा और कहा- ऐसा दुबारा मत बोलना, आपको मेरी कसम.

थोड़ी ही देर में मामी का फौव्वारा छूटा जो मेरे मुँह में पूरा भर गया. अपनी विजय पर फूलता हुआ मैं उसे उठा कर उसके बेडरूम में ले गया और कुछ ऊपर से उसके बेड पर छोड़ दिया.

एक दिन वैशाली ने फ़ोन पर बताया कि आज सायम् को उन्होंने शिवानी और उस के हस्बैंड को खाने पर बुलाया है, मैंने मेरे पति से बात कर ली है कि हम लोग आज राज को भी बुला लेते हैं.

मैंने उसको सीधा लिटा दिया और उसकी दायीं चूची का निप्पल मुँह में भरकर चूसने लगा और मेरे मुँह में अमृत जैसा दूध आने लगा, जिसके आगे आबे-ज़न्नत भी बेकार था.

मैं उस को उठा कर बेडरूम में लाया और पलंग पर पटक कर झट से भाभी के ऊपर टूट पड़ा. उसमें मैं आप सब पाठकों से एक प्रश्न पूछना चाह रहा था कि सब लड़कों को कोई कुंवारी लड़की चुदाई के लिए मिल जाती है, तो वो खुशी से पागल हो जाते हैं. फिर बड़ी मुश्किल से एक क्लीनिक मिला जो ये बच्चे गिराने का काम करता था.

अब मैंने मेरे हाथ जांघों के बीच वाली जगह से अपनी पत्नी की चड्डी के अंदर सरका दिए और जम के मसलना, दबाना शुरू किया, वो अपने पैरों को पटकने लगी और उस की आहें निकलने लगी थी. वो मुझसे लंड बाहर निकालने को कहने लगी, पर मैंने उसकी ना सुनते हुए एक और झटका दे मारा. मैं काफी समय से अन्तर्वासना सेक्स स्टोरीज का पाठक रहा हूँ और बहुत सारी हिन्दी कहानियां भी पढ़ी हैं.

उसने जाते समय अपने पापा के लंड लिए फ्लॉरा की चुत के बारे में टीना से बोला.

फिर मैं उसे किस करने लगा और धीरे से दूसरा झटका मारा, मेरा पूरा लंड अब उसकी चूत में था. फिर पूरी तरह से आपकी!”ओके डार्लिंग बेबी, ट्रीट योरसेल्फ वेल!”बस अभी आती हूँ. ये सुन कर मैंने एक और तेज़ झटका लगा दिया और मेरा पूरा 7 इंच का लंड उसकी चूत के अन्दर समां गया.

टाइम निकलता गया और मैं बस भाभी के नाम की मुठ मारता रहता, सोचता कब इनके नग्न बदन के दर्शन होंगे. बाद में रीना ने मुझे बताया था कि उस पल उसके जिस्म में करंट सा लगा था, क्योंकि पहली बार किसी ने उसके होंठों को चूमा था. इधर एक बात बताता हूँ दोस्तो मुझे भी पहले दिन से ही सुरैया भाभी पसन्द थी.

ठीक है आधे घंटे बाद मेरे लिखे पते पर पहुँच जाना, मैं भी घर पहुंच कर तैयारी करती हूँ.

इस वक्त मेरी बेटी एक रंडी कुतिया की तरह मेरे लंड के रस को आइसक्रीम के साथ चाट रही थी, जिसे देख कर मेरा लंड फिर खड़ा होने लगा था. मेरा लंड फिर खड़ा होने लगा, ये देखकर वो आँख मारते हुए बोली कि अब इसे अगली बार तक के लिए काबू में रखो और हम दोनों हंसने लगे.

हिंदी देहाती वीडियो बीएफ मैं किचन में जो कुछ मेरे साथ हुआ, वह सोच कर मन ही मन अपने आपको कोस रही थी कि ये मैंने क्या कर दिया!! जान से ज्यादा प्यार करने वाले शौहर को धोखा दे दिया!! मेरी आँखों से पछ्तावे के आंसू निकलने लगे. अरे उसकी शादी नहीं हुई होती तो मैं भगा कर ले जाता उसे और उस माल को तेरे बाप से भी ज्यादा चोदता रहता.

हिंदी देहाती वीडियो बीएफ हमने साथ में रावण देखा, जहाँ मैं रावण को कम और उसे ज्यादा देख रहा था और बेझिझक होकर उसकेजिस्म की खुशबूभी ले रहा था. तभी उस आदमी ने उठ कर भाभी के पैरों को फैलाकर अपना फंफनाता लंड भाभी की चूत में पेल दिया.

फिर जीजू ने कहा- देखो न रोमा, मौसम कितना सुहाना हो रहा है, बारिश के भी हल्के हल्के छींटे आ रहे हैं क्या इस मौसम में तुम्हारा चुदाई करने का मन नहीं कर रहा?मैंने कहा- जीजू, कर तो बहुत रहा है पर करेंगे कहाँ?तो जीजू ने कहा- यहीं छत पर मैं तेरी चूत चोदूंगा… रोमा आ जाओ न मेरी बाँहों में!कह कर जीजू ने मुझे अपनी बाँहों में ले लिया और मुझे चूमने लगे.

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तो हमारी बातें सुन कर मनोज ने भी अपना एक हाथ नेहा के मम्मे पर रख दिया और उसे सहलाने लगा और बोला- लो, हम भी आ गए आपके एरिया में. तो देखा रूम पूरी तरह से सजाया हुआ था और बेड भी फूलों से सज़ाया हुआ था. धीरे धीरे आराम से घुसाते तो क्या शान घट जाती आपके लंड की? पराई चीज पे दया थोड़ी ही न आती है किसी को!”बहू रानी की बात सुन के मुझे हंसी आ गई- अदिति बेटा, तेरी चूत पराई नहीं है मेरे लिए; पर मेरा लंड इसी स्टाइल में घुसता है चूत में!मैंने कहा.

लंड के आजू बाजू में घनी झाँटें देख कर उसमें अपनी उंगलियाँ घुमाती हुई वो बोली- ओहह वाओ! क्या मस्त लंड है तेरा पप्पू. अभी तक आपने पढ़ा कि रूपा को एक युवक बस में मिला, दोनों की आपस में सेटिंग हुई और रूपा उस युवक से चुद गई. शाम को जब चाचा आए तो मैं थोड़ा बाहर की तरफ जाने चला गया और फिर उनकी बातें सुनने लगा.

अब लगभग सुबह के 7 बज रहे थे, तीनों ने मेरे मुँह में अपना चुत रस छोड़ा.

पापा- अब बचा ही क्या… जो डालूँगा तेरी चुत ने मेरा पूरा लंड निगल लिया है मेरी जान. अब वे मेरा लंड सहलाने लगीं और मेरे मुँह को अपनी चूचियों में दबाने लगीं. ”यह कहकर मैं उसके सामने बैठ गया और उसकी छोटी सी बुर से निकलती हुई पेशाब की धार को देखने लगा.

’ करने लगामैंने देखा कि मम्मी जितनी गोरे रंग की हैं उतनी चूत गोरी नहीं थी. वैसे मयूरी से वो अपने लंड रोज़ ही चुसवाता था, पर अपनी ही छोटी बहन के मुँह से लंड चुसवाने की ख़ुशी का एक अलग मजा ही था. कहानी का पहला भाग :मामी की चुदाई के बाद उनकी बेटी को चोदा-1नमस्कार खड़े लंडों को और गीली चुतों को दंडवत प्रणाम, मैं भगवानदास अन्तर्वासना का 4 साल पुराना पाठक हूँ.

उसने कहा- मिस्टर संदेश, मेरी ड्रेसिंग टेबल के पास कुछ मसाज आयल पड़े हैं. रूपा उस आदमी की साँसों से और उसके तने हुए लंड का स्पर्श अपनी गांड पे महसूस करके मचली ज़रूर, पर पीछे मुड़ के उसकी और नाराज़गी से देखते हुए अपनी अप्रसन्नता जताई कि उसकी हरकतें उसे पसंद नहीं.

अगली कहानी में मैं आपको बताऊंगा कि कैसे अंजलि ने अपनी शादीशुदा ननद को मुझसे चुदवाया. मैं कुछ बहाना बना कर अपने रूम में चली आई और आँखें बंद करके अपने आपको शान्त करने लगी. और चाची ने हाथ बढाकर मेरे लंड को थाम लिया और दूसरे हाथ से अपनी चूत मसलने लगी।मम्मी चिल्लाई- आरती… बंद करो ये सब!चाचू आगे आये और मम्मी का हाथ पकड़ कर बेड पर बिठा दिया और कहा- अरे भाभी, आप यहाँ आओ और थोड़ा आराम करो.

अब मामी ने हम लोगों को सीता मैया कि कहानी सुनाना शुरू कर दी कि कैसे जटायु ने रावण से लड़ाई की थी.

मैंने लिखा- नहीं … ये एक ही बात नहीं है … मैं तो जब भी चाहूँ, अपना कौमार्य किसी बाजारू महिला के साथ खत्म कर सकता हूँ. इसके बाद सुमन ने गुलशन से अपने बाथरूम के लॉक को बदलवाने के लिए बोला तो गुलशन ने उस लॉक को निकाल कर दूसरा लॉक लगवाने की बात कह दी. मैं अपने अनुभव से उसके चेहरे पर सन्तुष्टि के भाव आसानी से पढ़ रहा था लेकिन इसके साथ ही उसके चेहरे पर झेंप के भी भाव थे.

कमरे में अँधेरा था तो मैंने मोबाइल की लाइट को जला कर देखा तो वहां सभी मेरे ननिहाल से आये लोग सोये हुए थे. अन्दर उन्होंने बहुत ही शानदार लाइट ग्रीन कलर की नेट वाली ब्रा पहनी थी.

ससुर जी ने मम्मी से बोला- तुम बहुत मस्त हो, बिल्कुल रंडियों की तरह से चुदवाती हो. मैं उठी और भाग कर जीजू के पास पहुंची और गुस्से में पूछने लगी- ये क्या है जीजू… कौन है ये आदमी और ये यहाँ क्या कर रहा है?जीजू मुस्कुराते हुए बोले- यही तो है सरप्राइज!तभी वो आदमी उठ कर मेरी तरफ आया. इस बार गुलशन जी ने सुमन को गोद में उठा लिया और हवा में उसकी चुदाई की.

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इधर मुझे भी ऐसा ही लग रहा था कि मैं उसकी चूत का उद्घाटन कर रहा हूँ.

मैंने जींस के ऊपर से ही जोर जोर से उसके लंड को चाटना शुरू कर दिया और अपना चेहरा उसके लंड पर रगड़ने लगा. जैसे ही उसका हाथ अपनी गर्दन से हटाया वो जाग गयी- ऊंऊं… कहाँ जा रहे हो पापा?उसने मुझे फिर से लिपटा लिया. मैं बोला- रागिनी जी रात के साढ़े ग्यारह हो गए हैं, अब मैं सोने जा रहा हूँ.

तो जरूर करवाती थी। लेकिन उसने मुझे चुदाई नहीं करने दी। इसी बीच मैंने अपनी दीदी की गाण्ड देखनी शुरू कर दी।मैंने रात में एक बार उसको चूत में उंगली डालते देखा था. ”माया रानी गांड को सिर्फ लंड से मतलब होता है, उसको नहीं मालूम होता है कि किसका लंड है. ব্লু ফিল্ম বিএফ ব্লু ফিল্ম বিএফतुम संजय के बारे में क्या बात कर रही थीं?फ्लॉरा ने संजय की करतूत के बारे में उनको बताया तो दोनों हैरान हो गईं.

मासूम कली मेघा दिल कर रहा तुझे पट्टा डालकर अपने पास ही पालतू कुतिया बनाकर रखूँ. पर एक काल करने के बाद बिना बात किये उस ने मेरा मोबाइल लौटाते हुए कहा कि मेरी सहेली ने कॉल रिसीव नहीं की.

तो ससुर जी ने मम्मी का पल्लू हटा दिया और उनकी बड़ी-बड़ी चूचियां ब्लाउज के ऊपर से दबाने लगे. मैंने अब आंटी को बेड पर लिटा लिया और के पैर अपने कंधे के ऊपर रख लिए और लंड को चूत के मुँह पर रख कर झटका लगाया. जब वो दूसरे दिन खाना बनाने आई तो मैं सुबह उठकर तैयार हो चुका था और भैया उसके आने से पहले ही जॉब पर चले जाते थे क्योंकि उनको ऑफिस में लंच मिलता था.

भाभी को गर्दन से किस करते हुए मैं उनके मम्मों पे आया और उनके मम्मों पर किस करने लगा. उनकी सांस उखड़ने लगी थी, तभी मामी ने 69 की स्थिति में आकर खेल का रुख बदल दिया. एक दिन दीदी और माँ मार्केट चली गईं तो मैं कमरे में लंड को निकाल कर मुठ मार रहा था.

इसलिए अब कोई शर्म लिहाज न करते हुए मेरे हाथ मामी के शर्ट में ऊपर की तरफ बढ़ने लगे.

इतने में मम्मी ने यश का अंडरवियर नीचे कर के लंड हाथ में लेकर सीधा अपने मुंह में देकर चूसने लगी. दो मिनट तक ऐसे ही लगा रहा, फिर दाईं चूची को भी उतने ही समय तक चूसता रहा, जब तक मेरा मन नहीं भरा.

वो साथ वाले कमरे में जाकर दो मिनट में लोअर पहनकर वापस हुक्के वाले कमरे में आ गया. फिर हाथ से भैया के आंड को छुए, भैया को दर्द हुआ तो भैया ने अचानक आँखें खोल दीं और मुझे देखा तो मेरे हाथ मेरी पेन्ट में थे. आगे मेरे शौहर और पूरी फैमिली बैठी थी और पीछे में मेरे चाचा ससुर का लंड अपने मुँह से चोद रही थी.

मैंने कहा- कुछ नहीं होगा… इसको प्यार कर…उसने लंड के सुपारे पर एक चुम्मी ली और हट गई. क्योंकि मैं रोज उसे घूरता रहता था। एक दो बार तो मैंने उसे स्माइल भी दी. मैं उनकी तरफ़ ही देख रहा था और सोच रहा था कि मौसी मेरा ही फार्मूला मुझ पर आजमा रही हैं.

हिंदी देहाती वीडियो बीएफ थोड़ी देर इधर उधर की बात करने के बाद मामी बोलीं- हमें भी तो उसकी फोटो दिखा दे. तभी बगल वाले अंकल बोले- क्या हुआ आरती?मैं बोली- कुछ नहीं!इतने में चाचा अब पैंटी के अन्दर हाथ डाल के मेरे चूत के बाल सहलाने लगे, इधर मैं अपना होश खोने लगी कि तभी चाचा अपने हाथ से मेरी चूत खोल कर उसमें अपनी उंगली चलाने लगे मैं एकदम से मदहोश सी होने लगी.

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आप भी कहते हो कि प्यार में पहले दर्द तो होता ही है और बाद में मजा आता है. ऐसा भेदभाव क्यों?इसी सवाल को लेकर मैं काफी दिनों तक ऊहापोह की स्थिति में रहा. मेरा माल भी उसी समय निकला और उसी लावा के साथ मिल कर मेरे ऊपर फैल चुका था.

इस साईट पर मैं हिंदी में देसी सेक्स स्टोरी तो बहुत दिनों से पढ़ रहा हूँ. अब मैं खिड़की के पास गया और पर्दा काफी सारा खिसका दिया, वो खिड़की के शीशे के एक दम बाहर ही खड़ा था, बाहर घुप्प अँधेरा था, रूम में रोशनी थी तो इस लिए वो अँधेरे में रह कर भी अंदर के सभी नज़ारे साफ़ साफ़ देख सकता था. देसी बीएफ ओपनमैं उसको सहयोग देने के लिए थोड़ा रुक गया, अब मनोज ने एक ही झटके में अपना लंड सोनिया की चूत के अन्दर उतार दिया.

तभी उस के मचलने से एक दम से हमारा संतुलन बिगड़ गया और हम दोनों सोफ़े पर जा गिरे.

आंटी चुदते हुए बहुत मादक आवाज निकाल रही थीं और गाली भी दे रही थीं ‘आआवउ ऊहीईईहह. मॉंटी ने लंड को चुत पे रखा और आगे धक्का मारा तो पूरा लंड एक ही बार में चुत में घुस गया.

लगभग बीस मिनट में मामी की गति तेज हो गई और हर धक्के के साथ वे चीखकर गरम लावा छोड़ने लगीं. उसने मोहन से कुछ कहा तो उसने आकर मम्मी की टांगों को कस कर पकड़ लिया. अंधेरे कमरे में नंगे फर्श पर चूत मारने का वो मेरा पहला अनुभव था; मेरे घुटने और कोहनी फर्श पर रगड़ने से दर्द करने लगे थे लेकिन चुदाई में भरपूर मज़ा भी आ रहा था.

मैंने भी देर न करते हुए अपनी पोजीशन ले ली, मुझे भी निपटने की जल्दी थी, आधी रात कब की गुजर चुकी थी मेरे पास बस यही रात थी.

फिर मैंने दीदी को अपनी गोद में उठा कर बिस्तर पर लेटा दिया और जानवरों की तरह दीदी को चाटने चूमने लगा. कुछ देर बाद जब पानी से वह पूरा भीग चुकी, तब मैंने उसकी छोटी छोटी चुचियों को चूसना चालू कर दिया. अब मुझे तो ले लेने दे अपने बाप के लंड का स्वाद!मैं बोला- तुम दोनों लड़ो मत, तुम दोनों को मज़े दूंगा.

हिंदी बीएफ गाना मेंलेकिन कर्म तो मेरे ही थे जिन्होंने मुझे इस सिचुएशन तक पहुंचाया… इसमें भगवान का क्या दोष!ये सब सोच कर मैं रोता हुआ उससे बोला- यार प्लीज… मैं दूसरा फोन दे दूंगा. इधर मैंने गोली खाई हुई थी, तो मैं तो लगातार दीदी को चोदने में लगा रहा.

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अब अपने को रोक पाना मुझसे मुश्किल हो गया और मैं अनाड़ी की तरह इधर उधर हाथ मारने लगा. क्या आप मुझसे शादी करोगी?तो मम्मी बोलीं- ये कैसे हो सकता है?ससुर बोले- क्यों नहीं हो सकता? मैं भी अकेला हूँ. अब नेहा के मुंह से जोरदार चीख निकली, परन्तु मैंने झटके लगाने जारी रखे और साथ में उसके मम्मे मसलने शुरू कर दिए.

अचानक उसने कहा- क्या देख रहे हो?मैंने कहा- यही सोच रहा था कि तुमने मेरा हाथ क्यों दबाया था. आंटी भी अब उत्तेजित होकर सिसकियां लेने लगीं और मेरा सर कसके अपने मम्मों पे दबाने लगीं. मैंने धीरे से ज़िप खोली, अंडरवियर नीचे की और अपना लंड बाहर निकाल लिया.

यह सुन कर मम्मी गिड़गिड़ाईं और बोलीं- प्लीज अन्दर मत डालना, कल ही मेरा पीरियड खत्म हुआ है. अब तक इस देसी ग्रुप सेक्स स्टोरी में आपने पढ़ा कि टीना और फ्लॉरा के साथ ग्रुप सेक्स में बरखा और अतुल भी शामिल हो गए थे. मैं तो खुद मस्त थी, इसलिए मैंने शिशिर की गर्दन में हाथ डाल कर उसे अपने चेहरे पर झुका लिया.

मैं विनीता के पीछे आ गया और उसे अपनी जांघों को खोल कर उसके बीच में लगभग अपनी गोद खींच लिया. उधर यह अहसास मेरी वाइफ को भी हो गया कि हम दोनों अंदर आ गए हैं तो उसका जिस्म अकड़ सा गया, तेज़ तेज़ साँसों से उसके वक्ष के उभार ज़ोर ज़ोर से ऊपर नीचे होने लगे, पसीना भी चमकने लगा.

उसको इतना तड़पाऊंगा कि वो खुद कहेगी कि पापा मुझे आपका लंड चाहिए, तब मैं उसे चोदूँगा.

फिर उन्होने एक लंबा बैंगन निकाला और अपने मस्तायी चूत में घुसाने लगी. सेक्सी ब्लू फिल्म नंगी फिल्ममुझे मालूम था कि उसने बस में मेरे लंड को टच किया था तो उसे पता था कि मेरा लंड कितना टाइट है। हम लोगों ने कामसूत्र सेक्स पोजीशन्स और सेक्स के बारे में बहुत बातें की।ऐसे ही बात करते करते मैंने उसे उसका मोबाइल नम्बर पूछा. ब्लू फिल्म बीएफ वीडियो सेक्सीपता नहीं उसे ऐसा क्या लगा कि दरवाजे से वापस आकर उसने मुझे किस किया और बिना कुछ बोले ही चली गई. पूरे रूम में हम दोनों की ‘अह्ह्ह… ओह्ह्ह…’ की कामुक आवाजें गूंजने लगीं.

इस समय उसको ये सब बहुत ही अनुचित लग रहा था और ऐसा दृश्य देख के एकदम से रमेश को बहुत गुस्सा आया, पर वो इतने गुस्से की वजह से कुछ कह नहीं पाया.

उस टाइम भाभी के अन्दर की रांड जाग गई थी और वो गांड उठा उठा कर चुदाई का आनन्द ले रही थी. या मैं कौन हूँ और मेरा नाम क्या है? आप सिर्फ़ इतना ही जानिए कि आपको मैंने अपने मज़े के लिए बुलाया है और इसके लिए आप मेरे से फीस लेंगे. वो फोन बकायदा मैंने उसको गिफ्ट पैक में पैक करवा कर दिया…और कहा- अभी मेरे पास इतने ही पैसे थे भाई… इसी से काम चला ले.

उसने लंड बाहर निकालने को कहा, पर मैंने कुछ नहीं सुनी और धीरे-धीरे धक्के देने चालू रखे. कुछ देर बाद उसने मुझे कन्फर्म करने के लिये मुझे फोन किया और पूछा कि आप कहाँ हो तो मैंने उसे वो लोकेशन बता दी जहाँ मैं खड़ी थी. तभी मान मुझे देखते ही बोली- तू बुआ को पहुँचाने नहीं गया? कोमल का घर दूर है और बारिश होने वाली है, जल्दी से उनके पीछे जा.

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बस फिर क्या था चाचाजी मेरे कम्बल में लेटते हुए अन्दर आ गए और मेरी सलवार और पेंटी को घुटनों के नीचे तक सरका दिया. लेकिन अर्चना को दर्द नहीं हुआ तो मैंने पूछा- दर्द क्यों नहीं हुआ?तो उसने मुस्कुराते हुए कहा- मेरी चूत की झिल्ली फाड़ चुके हो भाई, अब दर्द नहीं होगा. इसके बाद गर्मी के मौसम के कारण मैं रोज छत पे ही सोता था और मेरा बिस्तर आंटी के बिस्तर के साथ ही बिछता था, जिससे मुझे रोज बेबी को आंटी के चूचे पकड़ के दूध पिलाने का मौका मिलने लगा.

अन्तर्वासना सेक्स स्टोरीज पढ़ने वाले मेरे बहुत से मित्र मुझे चोदने की इच्छा प्रकट कर चुके हैं मगर मेरे प्यारे दोस्तो, अब सब से चुदना संभव भी नहीं… अगर आप सच में सेक्स का ज्यादा आनन्द लेना चाहते हैं तो घर पर ही सेक्स कीजिये… जैसे भाभी, चाची, बहन और मम्मी…इन सब में मम्मी या बहन को चोदने में सबसे ज्यादा मजा आता है.

लेकिन इस तरह से हम दोनों को ही मजा नहीं आ रहा था तो मैंने उसकी टीशर्ट ऊपर करके निकाल दी.

अगर ये रियल सेक्स स्टोरी आप सबको पसंद आएगी, तो अगली बार में एक नई कहानी आपको बताऊंगी क्योंकि उस दिन के बाद मेरे जीवन में और भी बहुत घटनाएं हुई थीं, जो अपनी नई कहानी में मैं आपको बताऊंगी. मैं वादा करता हूँ कि आज के बाद इस तरह की गल्ती कभी नहीं होगी और हम पहले जैसे थे. बीएफ एचडी में हिंदी मेंरागिनी की चुत की दुबार चुदाई के साथ ही मुझे अब उसकी गांड का छेद भी मस्त लग रहा था.

मैंने सोचा कि अति उत्तेजना में कहीं इसने सच में मूत दिया तो गड़बड़ हो जाएगी. जीजू के पहले धक्के में उनका लंड आधा ही मेरी चूत में गया था कि मुझे दर्द होने लगा और मैं चिल्लाने लगी. उसके लंड के टोपे से निकले प्रीकम को मैंने अपने हाथ में लिया और अपनी नाक से लगाया, जिसमें से वीर्य और लंड की भीनी भीनी खुशबू ने मुझे पागल कर दिया और मैं लंड को चखने के लिए तड़प उठा.

जब मैंने इशारे से उससे पूछा तो उसने बाद में बताने की बात कहकर बात को टाल दिया. अप्रैल में रीना की शादी एक रईस से तय हुई है और उसकी बड़ी ख्वाहिश है कि वो अपनी कोख में मेरा बच्चा लेकर जाए.

पिंकी ने रेखा को उस तरफ देखते हुए देखा तो वो भी मुड़ कर देखने लगी और फिर मुस्कुरा कर रेखा से बोली- क्यों रेखा? क्या देख रही हो?कुछ नहीं.

मैंने वहीं किचन में स्लैब के सहारे आंटी की एक टांग उठाकर अपना लंड सैट किया. बहूरानी मेरे लंड से लय ताल मिलाती हुई चुदाई में दक्ष, पारंगत कामिनी की तरह अपनी चूत उठा उठा के मुझे देने लगी. अब प्लीज़ यार, जल्दी से मेरी चूत में लंड घुसा के इसे शांत करो ना!बरखा ने ये बात बड़े ही सेक्सी अंदाज में कही थी, जिससे सबकी नज़र उस पर पड़ गई.

राजस्थानी वीडियो बीएफ दोनों की मुलाकात एक शादी समारोह में हुई थी, दोनों की जान पहचान बढ़ी और इस कदर बढ़ी कि रजत के बिस्तर तक जा पहुँची और अभी तक चुदाई जारी है. मामी ने मेरे कान में बोला- इनका मजा लेना है तो अपनी बड़ी मामी के पास जा.

मैंने पूछा- शीतल, क्या ये अच्छी बात है?उस ने मुझ से कहा- इसमें कोई बुरी बात नहीं है. फिर एक एक करके सभी लड़कों ने अपना पानी हमारे अंदर भर दिया।अब जाकर हमें थोड़ा आराम मिला। हम दोनों वहां पे पड़ी कुर्सियों पे बैठकर आराम करने लगी. मुझे तो ऐसा लगा जैसे रेगिस्तान में प्यास से मरने वाले को झरना दिखा हो.

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उसको लगा कि शायद अपनी माँ के सुहाग के साथ ऐसा करने से भगवान नाराज़ हो गए, तभी उसकी माँ को उठा लिया. उस दिन तो कुछ नहीं हुआ लेकिन अब हम फोन पर रेग्युलर बात करते और एक साथ ही मेट्रो में आया जाया भी करते हैं. उनको तो बस सुमन की गांड का गुलाबी छेद दिख रहा था और उनकी नियत उस पर पूरी तरह बिगड़ चुकी थी.

वह बोला- जब तुम भीड़ में मेरे पास खड़े मुझे छू रहे थे, तभी मुझे कुछ गड़बड़ लग रही थी और फिर ये साला लंड भी मानता नहीं है यार. नीलिमा बोली- थैंक्स प्रकाश, मैं बहुत दिन से इस प्रकार का सेक्स करना चाहती थी.

मेरा मन तो जय से चुदवाने को कर रहा था लेकिन ये बात मैंने जाहिर नहीं होने दी.

शिवानी अपनी गर्दन को मजे में इधर उधर मार रही थी और अनाप शनाप बोले जा रही थी- चोदो… हां ऐसे ही… फ़क मी हार्ड… ओह माई गॉड… फ़क मी… फाड़ दो सब कुछ… फ़क मी. बात 4 महीने पुरानी है, हमारे पड़ोस में एक नेपाली फैमिली रहती है, जिसमें वेरषा, उसका पति और दो बच्चे हैं. पूजा- आपको उससे मतलब में अपने प्यारे लंड को दिखाऊंगी… आप चुप रहो बस.

अब तो फ्लॉरा को चूसने में और मजा आने लगा था… लंड जो पूरा तन गया था. मैं अन्दर जाकर बैठ गया और वहीं मेरी प्यारी रीना बैठी हुई थी, पर दीदी भी वहीं थीं. अब मामी ने मुझे सीधा बैठाया और आकर मेरे लंड पे अपनी चूत को सैट करने लगीं.

मैंने उसकी तरफ देखा तो वो मासूमियत से बोली- मुझे भी जोर से सू सू आई है.

हिंदी देहाती वीडियो बीएफ: अगले दिन जब सुबह सो कर उठा और छत पर गया तो देखा कि भाभी गीले कपड़े सुखा रही थीं. शाम को सागर वापस आया, सबने एक साथ खाना खाया और कल की तरह सोने चले गए.

सर पर पड़ा हुआ पसीने से सना शर्ट सरकते हुए नाक तक आने लगा था, जिससे उस जवान मर्द के बदन की मस्त महक आ रही थी. गुलशन जी ने लंड को बाहर निकाला और सुमन के ऊपर दोनों तरफ़ अपने पैर निकाल कर बैठ गए और लंड को चुत पे सैट करके ऊपर-नीचे रगड़ने लगे. अब मुझे रेखा की चूत हर हालत में दुबारा से चोदनी थी क्योंकि मेरा लंड अब अपनी औकात पर आ गया था और रेखा की गांड की दरार में घुसा जा रहा था.

जिसकी वजह से मैं ठरकी हो गया और अब मेरा मन सिर्फ चूत व गाण्ड चाटने को करता है।बात उस समय की है.

मैंने फिर से लंड चूत में डाला और झटका लगा दिया और हम एक दूसरे की बाँहों में झूल रहे थे, वो मेरी पीठ पर अपने नाख़ून गड़ा रही थी. उसकी चूत तो इतनी टाइट लग रही थी कि देख कर कोई भी बता देगा कि इससे पहले वो चुदी ही नहीं थी. अब मेरे शरीर में थोड़ी सी भी हिलने की ताकत नहीं रह गई थी, इसलिए दो बार चुत और तीन बार गांड मारकर हम एक दूसरे को पकड़े पता नहीं कब सो गए.