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सोनिया की मम्मी-2से आगे की कहानीप्रेषक : राज कार्तिकदोस्तो,आपने मेरी कहानीबुआ हो तो ऐसी-1औरसोनिया की मम्मी-1पढ़ी और पसंद की, धन्यवाद. मेरा जोश पूरे यौवन में आ गया था ……………फिर से वो झड़ गई पर मुझमें अभी भी जोश बचा था……… आप लोग सोच रहे होंगे कि अब तक जोश क्यों बचा कर रखा था ?अब मैंने यह जोश उसकी गाण्ड मारने में लगाया ……. यह क्या हुआ अभी कुछ देर पहले मेरे साथ…?फिर अचानक उसके शब्द मेरे कानों में गूंजने लगे,”अन्दर नहीं बुलाओगी… अन्दर नहीं बुलाओगी क्या.

हमारे स्कूल में तीन मुख्य हाल हैं… एक है प्रार्थना हाल, दूसरा साक्षात्कार हाल और तीसरा क्रियाकलाप हाल. ”मेरा इशारा शायद उसने समझ लिया था। उसने अब मेरी योनि के बालों से खेलना शुरू कर दिया था।जोरों की खुजली हो रही है इन बालों में ! बेटा जरा कड़े हाथ से खुजा दे इनको…। ”चाची !”क्या है?” मैंने पूछा।तो वह बोला,”कहो तो इन बालों को मैं साफ़ कर दूं ?”इतनी रात गए? ठन्डे पास ही सो रहा है. कि तभी अचानक राजा ने लण्ड निकाल कर मेरी गाण्ड में पेल दिया…राजा अब झड़ने वाला था… राजा ने एक झटके से अपना लण्ड फिर मेरी चूत में पेला और झड़ने लगा … आगे बढ़ कर मेरे होंठ चूसने लगा.

राहुल ने आते ही पूछा – कामिनी चली गयी क्या… ”कामिनी की बड़ी चिंता है… कुछ गड़बड़ है क्या ?”नहीं है तो नही… पर तुम गड़बड़ करा दो न… ”तुम्ही डरते हो… वो तो बेचारी तुम पर मरती है… ”फिर उसे आने दो… इस बार तो पटा ही लूँगा उसे. उसके स्कूल जाने के बाद 8 बजे मैं ज्योति के कमरे में उसको जगाने के लिए गया तो उसके कपडे अस्त-व्यस्त थे. इस चूमा चाटी से वासना की आग भड़क उठी थी और ना जाने कब मेरी जीभ उसके मुंह में चली गई और वो मेरी जीभ को बड़े प्यार से चूसने लगा.

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प्रेम गुरु और नीरू बेन को प्राप्त संदेशों पर आधारितप्रेषिका : स्लिम सीमामुझे आते देख कर वह जल्दी से खड़ा हो गया और मुझे बाहों में भर कर नीचे पटकने लगा।ओह.

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फिर मैंने चित्रा को अपनी बाहों में समेटा और उसे बिस्तर पर लिटा दिया और जीभ से उसकी चूत चाटने लगा वो तो जैसे पागल हो उठी. पर मैं सिर्फ और एक हफ्ता रुकूँगी, फिर तुम्हें यहाँ रहना है तो रहो मुझे ट्रेन में बिठा देना।यह सुनकर मुझे शांति हुई।पढ़ते रहिए ! कहानी जारी रहेगी ![emailprotected]2010. बेचारी को शायद यह पसंद नहीं था…फिर उसकी मचलती हुई बुर में अपना लौड़ा रखा और एक ही हचके में… फुस्स अन्दर घुस गया बिडू.

यहाँ तो दो दो है… पर दो क्यूँ…? राजेश अंकल आ गये थे, उनका मोटा सा लटका हुआ लण्ड देख कर तो मैं भी हैरत में पड़ गया. फिर आंटी ने मेरा सर पकड़ा और दबाने लगी मैं भी पूरे जोश के साथ आंटी की चूत को चोद रहा था. देखो तो मेरा पजामा फ़ाड कर चूत में घुस गया !” आभा ने शरमाते हुये कहा।नहीं आभाजी, मुझे तो आप को चोदना था इसलिये मैंने कल आपके पजामे के तीन-चार टांके ब्लेड से काट दिये थे !”क्याऽऽऽऽऽऽऽ? शरारती कहीं के….

मैं अपनी टांगों को बार बार फ़ैला कर अपने आप को व्यवस्थित कर रही थी, पर दर्द कम नहीं हो रहा था. और वोह सिसकारने लगी- डाल दे बेटा अपनी आंटी की चूत में अपना लंड !अभी लो आंटी ! यह कह कर मैंने अपना लंड घुसा दिया और घुच घुच करके चोदने लगा।और जोर से चोद.

हाय हाय करती रीटा अपनी प्यासी चूत से राजू के लौड़े को पूरा जोर लगा लगा कर चूस रही थी. फिर मैंने दीदी की नाइटी उतार दी और ब्रा के ऊपर से ही उनके चूचे मसलने लगा जिससे दीदी मचल उठी. उसके बाद शीतल ने मुझे कंडोम पहना दिया और फिर मैं उसे दनादन चोदने लगा। मेरा चिक बहुत जल्दी निकल गया था। मगर थोड़ी ही देर में मैं अच्छे से चोदने लगा। उसे मैं बहुत जबरदस्त शारीरिक सुख दे रहा था और वो उससे आनंदित हो रही थी।सच में जब लंड चूत में जाता है तब जो आनंद मिलता है उससे कोई आनंद बड़ा नहीं।हाए ओह ओह ओह….

हेल्लो ! मुझे ठण्ड लग रही है…”मैंने उसे घर के भीतर लिया उसने भी अपनी चप्पल हाथ में ले ली ताकि कोई आवाज़ ना हो.

” चोट तो नहीं लगी…? पागल है क्या तू… ज्यादा सुपरमैन बनने का शौक चढ़ा है… जा छत से भी कूद ले. जाने का मन उसका भी नहीं था और ना मेरा उसको जाने देने का ! लेकिन जाना भी ज़रूरी था क्योंकि अगली दिन भी मिलना था।वो चली गई अगले दिन आने का कह कर !दोस्तो, अभी एक और दिन था घर वालो के आने में और उसमें मुझे सारा काम करना था, मतलब पूरा सेक्स !तो मैं उसके लिये नई शरारत सोचने में लग गया।तो यह था मेरा और मेरी प्यारी शिष्या के प्रेम-मिलन का दूसरा दिन. नीचे मेरा लण्ड उसकी चूत का बाजा बजाने में लगा हुआ था। मैंने अपनी कमर उठा उठा कर पूरा लंड बाहर निकालते हुए धक्के मारना चालू कर दिया। वो कसमसाने लगी- उओं.

और इतना भीतर तक आज तक कुछ नहीं घुसा’मैंने पूछा- मोहन (उसका पति) का छोटा है क्या’?उसने कहा- तुम्हारे लंड का आधा भी नहीं होगा. और उसे चूमते हुए उसके वक्ष को ब्रा से आजाद कर दिया। फिर मैंने उसके चुचूकों को मुँह में लेकर चूसना शुरू किया।वो मुँह से आह निकलने लगी.

मोना कहने लगी- हैरी, मुझे मालूम है कि तू उस समय भी जग रहा था जब मैं तेरा लण्ड चूस रही थी, फिर यह नखरा क्यों?मैंने कहा- पर आंटी!मोना ने कहा- पर-वर कुछ नहीं! मजे कर! मैंने भी बहुत दिनों से चुदवाया नहीं है, तुझे तो मालूम है तेरे अंकल इंडिया आते हैं, तभी वो चोदते हैं. फ़िर कुछ देर बाद मैंने सोनम की पेंटी उतार दी और उसकी चूत के दाने पर अपनी जीभ फिराने लगा. इधर जीजू का काम चालू था, वो सिसकारियाँ भरते हुए कह रहे थे- चूस! मेरी जान चूस! और एक हाथ से मेरे गालों को मसल रहे थे, दूसरे हाथ से बोबों को!बोबे तन चुके थे, चुचूक सख्त हो गए थे, गाल लाल हो चुके थे.

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वेदांत : जी मैं और पापा दादी के साथ रहते हैं…!!बातों का रुख मुड़ते देख उसने कहा : अब मैं चलता हूँ देर हो रही है…मम्मी : ओह, ठीक है बेटा, आना ! हैं…?उसके जाते ही… मैंने खीजते हुए कहा : क्या मम्मी. वो एकदम उछल पड़ी और बोली- आज तक मेरे पति ने कभी अपनी जीभ अन्दर नहीं डाली और मैं ऐसा मजा पहली बार ले रही हूँ, प्लीज पूरी जीभ को अन्दर तक डालो।मैं धीरे धीरे अपनी जीभ को उसके चूत में अन्दर तक डालने लगा. खैर उस हसीना के ब्लाऊज में झांकते हुए मेरे दिन कट रहे थे कि इतने में 15 अगस्त आ गया, स्कूल में रंगारंग कार्यक्रम था, स्कूल की बिल्डिंग के बाहर मैदान में पंडाल और स्टेज लगा था, स्कूल की बिल्डिंग सूनी थी, मैंने राऊँड लगाने की सोची कि शायद हसीना दिख जाये.

। सोरी मैम… ‘मैंने उसे गले लगा लिया। उसकी चुदाई से मैं गहराई तक सन्तुष्ट हो गई। महिमा भी मुझ से लिपट गई,’रोहित… तू तो ही-मैन है रे… मज़ा आ गया. मेरे लंड की लम्बाई और दीदी की बुर का तापमान एक समान बढ़ता जा रहा था। मैंने भी सोचा- अभी नहीं तो कभी नहीं ! लौड़ा गरम है डाल दूँ चूत में !अंकिता का हाथ बार बार मेरे लंड की ओर जा रहा था। मुझे तो यकीन नहीं हो रहा था अपनी किस्मत पर ! ऐसा लग रहा था कि मैं सपना देख रहा हूँ ! और दिल कर रहा था कि यह सपना यूँ ही जारी रहे…मेरा लौड़ा अब मानने को तैयार नहीं था…. राम रहीम बाबा का सेक्सी वीडियोवो मुझे आज तक पता नहीं चला कि जब लड़के युवा होते हैं तो उनके साथ क्या विचित्र होता है…???खैर.

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‘विपिन, चुप हो जा, बड़ा आया गुड मॉर्निंग करने वाला!’‘इतनी प्यारी और सलोनी गाण्ड का उदघाटन तो करना ही पड़ेगा, भाभी, कर दूँ उदघाटन?’मैं शरमा उठी. फिर मैं मीनाक्षी को चूमने लगा और भाभी मेरा लंड मुँह में लेने लगी … मैंने मीनाक्षी के पूरे कपड़े उतार दिए। अब हम तीनों नंगे थे, मैं मीनाक्षी की चूत चाट रहा था, मीनाक्षी भाभी की चूत चाट रही थी और भाभी के मुँह में मेरा लंड था …बड़ा मजा आ रहा था इस तरह करने में !फिर हमने जगह बदल ली ! मैं भाभी की चूत चाटने लगा ! भाभी मीनाक्षी की चूत और … मीनाक्षी ने मेरा लौड़ा मुँह में ले लिया. कि अचानक फिर वो ही सवाल मेरे कानो में गूंजने लगा…क्या तुम कभी अपनी मम्मी-डैडी से दूर हुई हो.

और जोर से करो…मैं अपनी स्पीड बढ़ाने लगा और वो आह अह्ह चिल्लाने लगी।और फिर उसने दोनों हाथ मेरी पीठ पर लगा दिए और अपने नाखून मेरी पीठ पर चुभा दिए…मुझे पता चल गया वो झड़ गई है. मैंने उन्हें बाहों में उठाकर बिस्तर पर लिटा दिया और वो मेरा लंड चूसने लगी फिर मैंने उनको घोड़ी बनने के लिए कहा. हर धक्के के साथ मेरी चूत से हवा भी बाहर निकलने के कारण पर र र र र र की आवाज भी निकलने लगी.

कमल ने मेरे पैरों को फैला के अपना मुँह मेरी चूत में लगा दिया और जीभ निकाल के फिराने लगा। मेरी चूत तो सोमा की चुदाई देख कर ही पनिया गई थी।रांड पूरी गर्मी में है…… कमल ने सोमा को देख कर कहा जो मेरे होठों को चूसे ही जा रही थी।चल पेल दे अपना लौड़ा इसकी चूत में……….

मैं जीजू से बोली- जीजू, मजा आ गया!जीजू बोले- मजा तो तब आएगा जब तू रंडी की तरह गालियाँ देने लगे!मैंने कहा- मुझे तो गालियाँ आती नहीं हैं. ” चोट तो नहीं लगी…? पागल है क्या तू… ज्यादा सुपरमैन बनने का शौक चढ़ा है… जा छत से भी कूद ले.

अमिता ने कमीज-पजामा पहना था, शालू ने उसके कपड़े उतार दिए और ब्रा और पेंटी ही छोड़ी उसके बदन पर!अमिता ने शालू को नंगी कर दिया!तब शालू ने मुझ से कहा- मेरे शेर, खड़ा हो! देख तेरा शिकार पानी छोड़ रहा है. मैंने उनकी ब्रा का हुक खोल कर उनको चूमना शुरू कर दिया और फिर उनके चुचूक को मुँह में लेकर चूसना शुरू कर दिया. बस यही सोच थी जो मुझे बाहर किसी लड़के से अपनी ख्वाहिश पूरी ना करने देती थी। मैं क्या करूँ? किस तरह अपनी बदनकी आग सर्द करूँ? समझ नहीं आता था.

रानी बार-बार अपने चूतड़ उछाल कर मेरे मुँह पर धकेलती और मैं अपनी जीभ उसकी चूत में और अन्दर तक डालता।मजा आ गया उसकी चूत का स्वाद ले कर. तो दोस्तो, यह थी मेरी कहानी !वैसे तो मेरी बहुत सी कहनियाँ है पर वो सब फिर कभी …आपको मेरी कहानी कैसी लगी, यह जरूर बताएँ ![emailprotected]. भयंकर ऐतिहासिक चुदाई के बाद रीटा की प्यासी जवानी तरोतर हो उठी और वह कली फूल बन गई.

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नहीं कहूँगा…”अच्छा बताओ तुम्हारी बहन है?”हाँ मैम… है ! एक बड़ी बहन है !तुम उसे भी ऐसे ही देखते हो? उसकी चुंचियां भी ऐसी हैं…मेरे जैसी?”नहीं मैम… वोऽऽ उसकी तो आप आपकी आपसे छोटी हैं… ” रोहित शरमाते हुए बोला।तुम्हें कैसे पता. नहीं, यह एक बहुत हसीन, बहुत रंगीन और जज़बातों से महकती दास्तान है। बस इसके जो किरदार हैं काश वो. जाते ही उसने शावर के नीचे अपना नंगा बदन नहाने के लिए कर दिया … इस वक़्त एकदम कमाल लग रही थी वो!अब्बास मोना के लिए अब तक का सबसे घातक क़ैदी साबित हुआ था … उसकी एकदम कुत्ती जैसी हालत कर दी थी, बस आखरी मौके में उसका ढोल नहीं बजा पाया बल्कि खुद ही अपनी मर्दानगी खो बैठा मोना के हाथों और अभी भी अधमरी और बेहोशी की हालत में वहीं टॉर्चर-रूम में पड़ा हुआ था.

करीब 10 मिनट तक मैं आंटी की चूत को चूसता रहा, फिर आंटी बोली- हट जाओ, मैं झरने वाली हूँ. मैंने कहा- अमित अब मेरे अन्दर समा जाओ!अमित उठे, मेरी टांगों के बीच आकर अपने लंड का सुपारा मेरी चूत के होठों पर रखा, हल्के से दबाया और सुपारा चूत के अन्दर!एक झटके में आधा लंड और दूसरे झटके में हल्के दर्द के साथ पूरा लंड मेरी मेरी मुनिया रानी के अन्दर जा चुका था. बीएफ हिंदी पिक्चर चुदाईउसके बाद धीरे धीरे मैंने अपना पूरा लण्ड उसकी गाण्ड में घुसा दिया और हम दोनों फिर से बिस्तर पर लेट गए.

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फिर प्यार से देखो… और अपने होंठ लगा कर इसे मदहोश कर दो…यह तुमको प्यार करने के लिए है…तुमको तकलीफ देने के लिए नहीं…मुझे भी इतना बड़ा लौड़ा देखने की इच्छा हो रही थी… मैंने उसके कच्छे को उतार दिया… उसका फनफनाता हुआ काले सांप जैसे लौड़ा मेरे मुँह के सामने खड़ा हो गया…ऐसे लौडा मैंने कभी नहीं देखा था. मैंने उसे कहा- प्रिंसिपल ने मुझे कहा है शिकायत करने को! मैं उसे दबा सकता हूँ पर मेरी शर्त है.

अगर कोई एम एम एस ‘वाट दा फ़क’ के नाम से मिले समझना कि वो आपकी श्रेया की है …मैंने फिर जोजो का फ़ोन नहीं उठाया … आपका फोन ज़रूर रिसीव करुँगी पर आप तो ऐसा धोखा नहीं दोगे ना?. मुझसे गौरी का सेक्सी रूप नहीं देखा गया तो मैंने उसे राधा के पास लेटा दिया और राधा की चूत से लण्ड निकाल कर गौरी की चूत में डाल दिया. मन तो कह रहा था प्यारी सी कोमल को चोद डालूँ…ना पापा… ऐसा क्यों सोच रहे हैं आप? नहीं… अब मैं एक सम्पूर्ण औरत हूँ और आप एक सम्पूर्ण मर्द… हम वही कर रहे हैं जो एक मर्द और औरत के बीच में होता है.

मैं अपनी टांगों को बार बार फ़ैला कर अपने आप को व्यवस्थित कर रही थी, पर दर्द कम नहीं हो रहा था.

मकान-मालिक बोला- देख रे, मज़ा आ रहा है साली को !और उसने मेरा सर पकड़ कर वापस मेरे मुँह में अपना लंड घुसा दिया।मैं सिसकारी भर रही थी …. हरामी रीटा मासूमीयत से बोली- बहादुर, मुझे अकेले जाते तो बहुत डर लगता है, तुम साथ आ जाओ नाऽऽऽ!यह सुन कर ठरकी बहादुर के लण्ड की बांछें खिल गई और वह रीटा के पीछे कुते सा दुम हिलाता चल पड़ा. अब मुझ से रहा नहीं जा रहा था… मैं बोला- यार, अब चुचियों को भी मुँह में लेने दो…बोली- जानू ! मैंने कब मना किया ! मेरा पूरा शरीर अब तुम्हारा ही तो है ! जैसा चाहो, वैसा करो ! मैं नहीं रोकूँगी…मैंने कहा- अच्छी बात है.

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??”वेदांत : कभी पूछते हैं… बात आगे कहाँ तक बढ़ी… अरे… तू किसी और लड़की से बात मत करना वरना वो जल-भुन जाएगी. वहाँ एक नीग्रो एक गोरी लड़की के चूचे बेरहमी से खा रहा था और उसकी गाण्ड में लण्ड घुसाने की कोशिश कर रहा था. !मैं यंत्रचालित सा उनके चूत की ओर झुकता चला गया। पहली बार चूत की मादक खुशबू मुझे मदहोश कर दे रही थी।मैं कस कर उनकी चूत को चूसते हुए उनकी गाण्ड को सहलाने लगा और जाने कब मेरा हाथ उनकी गांड के बीच की घाटी में घुस गया।वो सिसकने लगी और मुझ पर झुकती हुई मेरे गांड को सहलाने लगी। उनके हाथ लगाने से मेरी हिम्मत बढ़ गई। मैंने एक उंगली उनकी गांड के छेद में घुसा दी और अन्दर बाहर करने लगा।वो सी.

वो शायद मेरे लौड़े को देखने को बेताब हो रही थी और जब मैंने लौड़ा छुपाए रखा तो उसने इशारे से हाथ हटाने का आग्रह किया. कुछ कहानियाँ तो अच्छी होती हैं पर कुछ तो बिल्कुल ही बकवास होती हैं जिन्हें सिर्फ और सिर्फ समय की बर्बादी ही कहा जा सकता है. वो रोने लगी, मैंने आगे बढ़कर उसके आँसू पौंछे और कहा,”पगली… मैं भी तुमको बहुत चाहता हूँ….

हाय हाय! क्या मस्त बड़ी बड़ी चूचियाँ थी! पूरी रस से भरी हुई लगती थी!राज ने एक चूची को मुँह में भर लिया और दूसरी को जोर जोर से दबाने लगा. बहुत ही शानदार कमरा था, बड़ा सा पलंग, मेज-कुर्सी, अलमारी, अटेच्ड लेट-बाथ !मैं सीधे फ्रेश होने बाथरूम में घुस गई। मैं बाथरूम से वापिस आई तो…कहानी तो अब चलती ही रहेगी !. जो जन्नत से उतरी हो…हम प्यार से छोटी मेम कहते थे।छोटी मेम हमेशा टीवी काम्पुटरवा में लगी रहती थी….

आंटी जोर से बोली- सागर, निकालो इसको! दर्द हो रहा है!मैंने कहा- अब मजा भी आएगा!और मैं जोर-जोर से लंड को उसकी गांड में ठोके जा रहा था. उसकी चूत चूसने के बाद मैंने भी अपनी अंडरवियर हटा दिया और अपना लण्ड आयशा के मुँह में डालने लगा मगर उसने चूसने से मना कर दिया.

उसे देख मैं भी रुक गया, मगर थोड़ी देर बाद मैं आगे बढ़ा और उसके पास चला गया और उसे बात की.

उसके पूछने पर मैंने भी बताया कि मेरे पति सेक्स के मामले में हर तरह से सक्षम हैं… पूरी तरह सन्तुष्ट करते हैं लेकिन देवर की तरह चूत चाट कर, घोड़ी बनाकर अलग अलग तरह से नहीं करते हैं. सेक्सी सेक्सी फिल्म ब्लू फिल्मवो भी क्या करता? बड़े दिनों से सेक्स का भूखा था और इस प्रसंग का पूरी तरह से रस लेना चाहता था… और बेचारी मोना अब्बास क नीचे दबी हुई अभी भी हिम्मत कर रही थी निकलने की… इस बार मोना ने महसूस किया कि अब्बास ने अपनी टांगों की मदद से मोना की दोनों टांगें खोल दी थी…. बीएफ हिंदी न्यूपर मेरा तैराकी में खूब मन लग रहा था… हमारा तैराकी का शिक्षक बहुत गठीला और स्मार्ट था…. एक रात शालू को चोदते समय मैंने शालू से कहा- मुझे अमिता की चूत मारनी है!तो वो नाराज हो गई और बोली- उस रण्डी की चूत क्या मेरी से ज्यादा अच्छी है?मैंने कहा- नहीं यार! चल उसे नंगी तो दिखवा दे!तो वो बोली- नहीं!मैं बोला- मैं तेरा पति नहीं हूँ, न ही हो सकता हूँ, यह तू भी जानती है.

मैंने फिर एक जोरदार झटका मारा और अपना 7 इंच का लौड़ा अपनी प्यारी बहन की चूत में डाल दिया.

फिर भाभी ने पूछा- दूसरी शर्त क्या है?तो मैंने बोला कि मैं एक लड़की से प्यार करता हूँ और उससे शादी करना चाहता हूँ. धीरे-धीरे हम दोनों की अच्छी दोस्ती हो गई। हम इधर-उधर की बातें भी करने लगे पढाई के साथ साथ। कभी कभी मैं उसके गालों को खींच देता जब वो कोई गलती करती पढ़ाई में. मेरा कोई विरोध ना देख कर उसने अपनी चप्पल उतार कर नंगे पैर को मेरे पांव पर रख दिया.

धीरे से मैंने अपनी उंगली उसकी चूत के छेद में डाली मगर वो अन्दर नहीं गई क्योंकि चूत एकदम कसी हुई थी और सीलबंद थी।मैंने उसके चूत के रस को उंगली पर लिया और फिर से डालने लगा, इस बार उंगली अन्दर चली गई बुर में …रीना कराह उठी- ऊई माँ … थोड़ा धीरे करो!!अब मैं उंगली अन्दर-बाहर करने लगा. ‘क्या तुम रोज़ एंजोय करते हो…?’‘अरे कहाँ विनोद… सप्ताह में एक बार या फिर दो सप्ताह में…’‘इच्छा तो रोज होती होगी ना…’‘बहुत होती है… हाय राम… तुम भी ना…’ अचानक वो शर्म से लाल हो उठी. मैंने कहा की अगर यह लैटर मैंने प्रिंसिपल को दे दिया तो क्या होगा? वो तुम्हे स्कूल से निकाल देंगे और तुम्हे कहीं भी अड्मिशन नही मिलेगा.

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तो बोली- दस मिनट में मेरे घर आ जाना !मैं बोला- ठीक है ! आ जाउगा…फिर दस मिनट बाद मैं भाभी के घर पंहुचा और खूब चुदाई की …काफी दिन बाद सेक्स कर रहा था ना इसलिए बहुत शक्ति के साथ चोदा … मुस्कान (भाभी) ने भी अच्छा साथ दिया … मजा आ गया दोस्तो …भाभी ने फ़ोन करके अपनी बहन को बुला लिया …मैं बहुत खुश हुआ…मैंने आते ही उसे गले लगा लिया …. इस बार मैंने उसकी गांड मारने की इच्छा रखी तो वो बोली- इस बार नहीं! अगली बार मार लेना. मैंने सोनम से बोला कि हम दिल्ली पहुँचते ही शादी कर लेंगे तो किसी को भी पता नहीं चलेगा कि तुम पहले से ही गर्भवती हो.

कामिनी ने अपना चेहरा निकट लाते हुए कहा राहुल ये अचानक कैसे हो गया… मुझे जल्दी से प्यार कर लो… कहीं साहिल या रीता ने इनकार कर दिया तो.

अब मोना के पास ज्यादा कुछ छुपाने को बचा नहीं था… तो वो अपना हाथ छुड़ाने की बहुत कोशिश कर रही थी अब्बास से.

तो दिमाग इस ओर गया ही नहीं कि वह अपनी चूत का स्वाद बदलने के चक्कर में भी हो सकती है. मैंने उसे उठा कर उसकी चूचियों को मुँह में लेना चाहा तो उसने पहले चूत की तरफ इशारा किया. सेक्सी बीएफ बंगालीउसका आकार तो मैं ऊपर बता चुकी हूँ, पर उनके टट्टे भी तो कमाल के थे, लगभग तीन इंच साइज़ के गेंदों के बराबर होंगे.

बस आँखें बंद किये मैं इन्तज़ार कर रही थी कि कब उसका प्यारा लण्ड मेरी गाण्ड का उद्धार कर दे. की स्टुडेंट थी डॉक्टर साहब से प्रेम हो गया था। उन दिनों डॉक्टर साहब मुझे मिक्की माउस कह कर बुलाते थे। डॉक्टर साहब मुझ से 12 साल बड़े हैं ना। और फिर एम. मेरे होठों से एक सेक्सी सिसकारी निकली आर मैंने दरवाज़े पर ही अपना सारा माल गिरा दिया…मेरे मुँह से निकली सिसकारी थोड़ी तेज़ थी, शायद उन लोगों ने सुन ली थी, मैं जल्दी से आकर अपने कमरे में लेट गया और सोने का नाटक करने लगा.

यह सुन कर मैं भी पागल हो गया और अपना लंड उनकी चूत पर रख दिया और हिलना चालू किया।वो तो मानो स्वर्ग के मज़े ले रही थी, अपनी गाण्ड उछाल-उछाल के मेरा लंड डलवा रही थी और बोल भी रही थी- चोदो ! ज़ोर ज़ोर से चोदो. शालू बोली- अभी तो बहुत उछल उछल कर लण्ड मांग रही थी और अब छिप रही है?अमिता बोली- तुझे अपने भाई के सामने नंगी होने में शर्म नहीं आ रही क्या?तो शालू बोली- मैं तो इससे चुद भी चुकी हूँ और इसकी इच्छा तुझे चोदने की है तो इसलिए आज की रात तुझे अपने साथ सुलाया है.

राजू अपनी खुरदरी जीभ से मेरी चिकनी चूत चाट रहा था और मैंने अपने मुंह में दीपू का लंड ले रखा था.

पाँच मिनट में जब मैंने क्रीम उतने हिस्से में से हटाई तो मेरी टाँगें एकदम लड़कियों जैसी चमक रही थी पर उतनी क्रीम से मैं सिर्फ अपनी एक टांग का कुछ हिस्सा ही पूरा कर पाया था. ” राहुल ने कहाहाय रे… यानि रीता साहिल के पास और मैं राहुल के पास… ” कामिनी ने आह भरते हुए कहा. अब मैंने कहा- मामी, अब आप उल्टी हो जाओ, मैं आपको डौगी स्टाइल में चोदूँगा।मामी पेट के बल लेट गई, मैंने उनकी चूत में डाल कर ऐसा झटका मारा कि उनकी चीख निकल गई, वो बोली- कुत्ते ! कुतिया स्टाइल में चोद रहा है तो क्या कुत्ता बन कर चोदेगा क्या ? आराम से कर राजा ! अब तो मैं सिर्फ तेरी हूँ !थोड़ी देर करने के बाद मामी ने कहा- वासु, अब मैं झड़ने वाली हूँ ! बस आआअ….

रात को चुदाई बहुत मोटा है…मैंने उसके स्तन को दबाते हुए उसे प्यार किया और लंड को अन्दर धकेलता रहा. उसके इज़हार के बाद उसका इतना रूखापन मुझसे बर्दाश्त नहीं हो रहा था… आँखों में आंसू भरे मैंने उसे एस.

आखिरी बार क्यों! हमेशा मानने को तैयार हूँ!फिर मैं पूछता रह गया, मगर उसने कुछ बताया नहीं कि क्या बात है…खैर मैं उसे छोड़ने उसके घर तक गया, उसने कहा- चलो! अन्दर चलो! चाय पीकर चले जाना…मैंने भी सोचा- इसी बहाने कुछ और वक़्त मिल जायेगा. अब वो फ़ायरिंग करने को बेताब था…… मेरा लंड गीला होता जा रहा था और दीदी की चूत की प्यास बढ़ती जा रही थी। अब उसे रोकना नामुमकिन सा लग रहा था………. मैं तो बस मजे से लेटे लेटे मजे ले रहा था, कि वो एकदम से बैठ गई और अपनी चूत को मेरे लन्ड पर कस लिया.

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माँ की बातें सुनकर मुझे थोड़ा डर भी लगा और कहीं थोड़ी खुशी भी हो रही थी, खुशी इस बात की कि अगर माँ ने वो वीडियो देख ली है और मुझ से नाराज़ नहीं हैं तो मेरा उन्हें चोदने का सपना सच हो सकता है. तुमने तो ए सी और डी सी दोनो ही सही कर दिए… पर हवा-पानी बदलने के लिए कल फिर आना पड़ेगा !”कोई गल नई जी, मैं कल फेर आ के ठीक कर जावाँगा जी !”जस्सी अगले दिन फ़िर आने का वादा करके चला गया और मैं एक बार फिर से बाथरूम में चली गई।आपको मेरी यह गाण्ड चुदाई कैसी लगी?मुझे और प्रेम गुरु को ज़रूर बताना !आपकी नीरू बेन (प्रेम गुरु की मैना). दस बारह मिनट चूसने के बाद मेरा लण्ड फिर से तैयार हो गया।वो बोली- अब नहीं रहा जा रहा है, प्लीज़ अपना लण्ड मेरी चूत में डाल कर मेरी छम्मो की प्यास बुझा दो।मैंने अपने लण्ड उसकी चूत के मुँह पर रखा और हल्का सा उस पर रगड़ने के बाद उसकी मुनिया में दबा दिया.

मैंने उसके बाद सिर्फ़ सेक्सी साइट्स और कहानी ढूंढनी शुरु कर दी और मेरे सामने तो दरवाज़े खुलते चले गये. मेरा गर्म माल आंटी की चूत में जाते ही आंटी का भी चूत ने पानी छोड़ दिया और आंटी वहीं पर ही थक कर झुक कर आराम करने लगी.

और तिरछी आँख से उसे देखा!वो भी एक दम मस्त हो गई थी।मैंने कहा- फिर शुरू करें?उसने भी हाँ में हाँ मिला दी और मैं उसका हाथ पकड़ के उसे रेडरूम में ले गया।रेडरूम में घुसते ही मैंने रूम लाक कर दिया और अपनी जींस उतार दी.

बीस पच्चीस मिनट एक दूसरे की बाहों में लेटे रहने के बाद मैं किचन में दोपहर का खाना बनाने चली आई और देवर गेस्ट-रूम ठीक ठाक कर नहाने के बाद जाने के लिये तैयार हो गया. कर उठोगी मेरी जान !” मैंने उसे समझाया।और मैंने चूत में से लंड निकाल कर उसकी गांड के छल्ले पर रख दिया। अब मैंने दोनों हाथों से कसकर उसकी कमर पकड़ी और अपने लंड को धीरे से आगे पुश किया । क्या मस्त टाइट गांड थी साली की । पहली बार में केवल टोपा ही अंदर गया और चिल्लाने लगी उईई … मा…आ … मर गई …. अमित के मन एक ज़माने से ही चाह थी क़ि काश उसे नीना की चूत मिल जाती तो उसकी जिन्दगी संवर जाती.

’जो आखरी बचा हुआ था वो मेरी गाली सुनकर भड़क गया और जल्दी से अपना खड़ा लंड ले कर मेरी चूत के पास आया और मेरी चूत पर लंड टिकाते हुए बोला ‘ ले. मैं साधारण कद काठी का हूँ पर बचपन से ही जिम जाता हूं इसलिए अभी भी मेरी बॉडी अच्छे आकार में है. कोमल… चल टांगें और खोल दे… अब चूत का मजा लें…” कोमल ने आंसू भरे चहरे से मुझे देखा और हंस पड़ी.

मैं और वो सुबह सोकर उठे, मैंने सोचा कि चिंकी मम्मी से मेरी शिकायत करे, उससे अच्छा है कि मैं इससे माफ़ी मांग लूँ.

पिक्चर का बीएफ: मैंने मालिक को आवाज़ लगाई तो परदे के पीछे कुछ हड़बड़ाने जैसी आवाजें आई और थोड़ी ही देर में दुकानदार लुंगी पहने आया. लेखिका : श्रेया अहूजामैं आपकी चहेती लेखिका इस बार एक लड़की की आपबीती लेकर आपके सामने आई हूँ ! आजकल मैं एक ऍन.

मैंने एक झटके में अपनी मैक्सी ऊपर उठाकर नीचे कर कहा- देख क्या रहे हो? गांड में दम है तो आओ. हो चुका था, मैंने गाँव में स्कूल ज्वाइन कर लिया, टीचर बन गई वहाँ भी और टीचर मुझ पर लाईन मारते, पर मैंने किसी को घास नहीं डाली।फिर मेरे पति को वापिस चेन्नई बुला लिया तो चले गए तो मैंने भी स्कूल छोड़ दिया और पीहर आ गई !पर मेरी असली कहानी तो बाकी है।[emailprotected]. अनिल जब भी अपनी जीभ मेरी चूत में घुसता तो मैं मचल उठती और आगे होने से सुनील का लौड़ा मेरे गले तक उतर जाता.

तुने मेरे ऊपर पेशाब किया है ना…’रोहित ने अपना लण्ड तुरंत बाहर निकाला और जोर लगाया… फ़िए एक झटके से लण्ड को मेरी गाण्ड में पेल दिया।‘कुत्ते… हरामी.

सोनम हमारे कॉलेज की मिस फ्रेशर भी रह चुकी थी, उसमें आत्मविशवास तो कूट-कूट कर भरा था और देखने में भी बहुत सुन्दर थी. दीदी मेरे ऊपर टूट पड़ी और मेरी टी-शर्ट और बनियान उतार दी और मेरी छाती पर जीभ फेरने लगी. सारी धमकियाँ धुंआ हो गई? पहली बार किसी असली मर्द से पाला पड़ा है तुम्हारा?सोनिया खुद पर काबू पाती हुई- सलीम… कुत्ते की औलाद… मैं तुझको जिन्दा नहीं छोडूंगी… तूने मुझे चूमा… तूने मेरी योनि में….